भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति देने के लिए पूर्व Kae Capital पार्टनर नताशा मालपानी ने अपना नया वेंचर कैपिटल फंड Boundless Ventures लॉन्च किया है। यह शुरुआती चरण (early-stage) पर केंद्रित 200 करोड़ रुपये का फंड है, जिसका मुख्य फोकस AI-native स्टार्टअप्स को सपोर्ट करना होगा।
💡 Boundless Ventures का फोकस
Boundless Ventures मुख्य रूप से pre-seed और seed stage के स्टार्टअप्स में निवेश करेगा। इसका लक्ष्य उन कंपनियों को फंडिंग देना है जो—
- Consumer AI applications बना रही हैं
- AI infrastructure और agent tooling पर काम कर रही हैं
- Vertical use cases जैसे हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स आदि में AI लागू कर रही हैं
- Make-in-India AI hardware विकसित कर रही हैं
💰 पहले से हो चुके 6 निवेश
Boundless Ventures ने अभी तक 6 स्टार्टअप्स में निवेश किया है। इनमें शामिल हैं:
- SuperHealth (हेल्थकेयर स्टार्टअप)
- Armatrix (रोबोटिक्स)
- Piersight (स्पेसटेक वेंचर)
- Knot (क्विक फैशन डिलीवरी)
- दो स्टेल्थ मोड कंपनियां, जो AI इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर AI पर काम कर रही हैं।
🗣️ नताशा मालपानी का विज़न
Boundless Ventures लॉन्च करने के मौके पर नताशा मालपानी ने कहा:
“जो फाउंडर्स तकनीकी गहराई (technical depth) और सांस्कृतिक समझ (cultural fluency) को मिलाकर काम करेंगे, वही आने वाले समय की शर्तें तय करेंगे। Boundless ऐसे फाउंडर्स को सपोर्ट करने के लिए है—तेज़, भरोसेमंद और प्रभावशाली तरीके से।”
🌐 सिर्फ कैपिटल नहीं, पूरा सपोर्ट
Boundless Ventures का मकसद सिर्फ निवेश करना नहीं है, बल्कि फाउंडर्स को—
- स्टोरीटेलिंग
- मार्केट एक्सेस
- नेटवर्क बिल्डिंग
में भी मदद करना है।
इस तरह यह फंड शुरुआती चरण में मौजूद स्टार्टअप्स को तेजी से आगे बढ़ने में मदद करेगा।
👩💼 नताशा मालपानी का अनुभव
नताशा मालपानी इससे पहले Kae Capital की पार्टनर रह चुकी हैं।
- उन्होंने Boundless Media की स्थापना की थी।
- साथ ही Dice Media को सफलतापूर्वक स्केल किया है।
उनका यह अनुभव उन्हें फाउंडर्स के साथ न सिर्फ निवेशक बल्कि ऑपरेशनल और क्रिएटिव पार्टनर के रूप में भी मजबूत बनाता है।
📈 भारत में AI स्टार्टअप्स का बढ़ता बाजार
भारत में AI सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। हेल्थकेयर से लेकर लॉजिस्टिक्स, फिनटेक और मैन्युफैक्चरिंग तक, हर जगह AI का उपयोग बढ़ रहा है। ऐसे माहौल में Boundless Ventures जैसे फंड का लॉन्च होना शुरुआती स्टार्टअप्स के लिए बड़ा अवसर है।
🏁 निष्कर्ष
Boundless Ventures की शुरुआत भारत के AI स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा देने के लिए की गई है। नताशा मालपानी का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI-native स्टार्टअप्स भारत की तकनीकी क्रांति के केंद्र में होंगे। इस फंड के जरिए न सिर्फ कैपिटल बल्कि स्ट्रैटेजिक और क्रिएटिव सपोर्ट भी उपलब्ध होगा, जो स्टार्टअप्स की ग्रोथ को और तेज करेगा।
👉 देखा जाए तो यह कदम भारत को AI innovation hub बनाने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित हो सकता है।
Read more : Bluestone ज्वेलरी IPO को कमजोर रिस्पॉन्स, निवेशकों की ठंडी प्रतिक्रिया


