भारत की तेज़ी से बढ़ती सीफूड स्टार्टअप Captain Fresh ने वित्त वर्ष 2025 (FY25) में शानदार प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ़ अपनी ग्रोथ दोगुनी की है, बल्कि कंपनी ने अपनी स्थापना के सिर्फ़ 5 साल के भीतर पहली बार मुनाफ़ा (Profit) भी दर्ज किया है।
यह उपलब्धि कंपनी को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली seafood-tech कंपनियों की सूची में लाकर खड़ा करती है।
🌍 अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में धमाकेदार प्रदर्शन
कंपनी के कंसोलिडेटेड वित्तीय आँकड़ों के अनुसार, Captain Fresh का GMV 2.5X बढ़कर FY24 के ₹1,395 करोड़ से FY25 में ₹3,421 करोड़ हो गया।
कंपनी की ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान अमेरिकी बाज़ार (USA) का रहा, जहाँ राजस्व में भारी उछाल देखने को मिला।
📌 USA मार्केट का योगदान
- FY24: ₹362 करोड़
- FY25: ₹2,416 करोड़
👉 यानी 5.6X से ज़्यादा की वृद्धि
USA ने कंपनी के कुल ग्रॉस रेवेन्यू में 71% से अधिक योगदान दिया।
🌎 अन्य देशों से भी मज़बूत कमाई
- पोलैंड: ₹239 करोड़
- फ्रांस: ₹181 करोड़
- इटली: ₹50 करोड़
- UAE: ₹48 करोड़
- स्पेन: ₹31 करोड़
इसके मुकाबले, भारत में कंपनी की कमाई 49% गिरकर ₹340 करोड़ रह गई। अंतरराष्ट्रीय विस्तार और अधिग्रहण (acquisitions) ने कंपनी को नए बाज़ारों में मज़बूत आधार दिया।
🧬 टेक-ड्रिवन सीफूड कंपनी का अनोखा मॉडल
Captain Fresh, जिसकी स्थापना 2020 में हुई थी, एक tech-enabled, vertically integrated प्लेटफ़ॉर्म है। कंपनी seafood value chain को डिजिटल तरीके से मैनेज करती है, लेकिन किसी भी तरह की asset-heavy फैक्ट्री या मछली पकड़ने का खुद का इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बनाती।
यह मॉडल तेज़ी से स्केलिंग और lean ऑपरेशंस के लिए आदर्श माना जाता है।
🛒 अधिग्रहणों ने बढ़ाई ताकत
FY24 और FY25 में कंपनी की ग्रोथ को तेज़ करने में उसकी acquisition strategy सबसे महत्वपूर्ण साबित हुई।
📌 प्रमुख अधिग्रहण
- CenSea → फरवरी 2024
- Ocean Garden → फरवरी 2025
आज Captain Fresh के पास 10 Subsidiaries और कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों—USA, Norway, France, Spain, Indonesia, Poland, Netherlands—में एक संयुक्त उद्यम (JV) है।
💸 खर्चों में तेज़ उछाल लेकिन यूनिट इकॉनॉमिक्स बेहतर
FY25 में Captain Fresh के कुल खर्च 2X बढ़े, लेकिन अच्छी बात यह रही कि कंपनी ने यूनिट इकॉनॉमिक्स को बेहतर करते हुए अपनी लागत कंट्रोल की।
🧾 प्रमुख खर्चे
- Cost of Materials: ₹2,846 करोड़ (82% खर्च)
- Employee Benefits: ₹195 करोड़ (FY24 की तुलना में दोगुने)
- Freight & Forwarding: ₹102 करोड़ (2.7X वृद्धि)
- Finance Costs: ₹94 करोड़
- Legal & Professional Fees: ₹44 करोड़
- Other Expenses: ₹173 करोड़
कुल खर्च FY24 के ₹1,648 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹3,454 करोड़ हो गए।
💰 FY25 में कंपनी हुई मुनाफ़े में
तेज़ी से बढ़ते खर्चों के बावजूद Captain Fresh ने FY25 में पहली बार ₹42 करोड़ का शुद्ध मुनाफ़ा कमाया, जबकि FY24 में कंपनी को ₹229 करोड़ का घाटा हुआ था।
महत्वपूर्ण बात यह है कि FY25 में कंपनी को ₹68 करोड़ का deferred tax credit भी मिला, जिससे नेट प्रॉफिट पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
📌 प्रमुख वित्तीय सूचकांक
- ROCE: 4.05%
- EBITDA Margin: 2.12%
- कुल पूंजी (Capital Employed): ₹1,358 करोड़
- Current Assets: ₹1,858 करोड़
- Cash & Bank Balance: ₹88 करोड़
यूनिट लेवल पर सुधार
FY24: ₹1.18 खर्च → ₹1 कमाई
FY25: ₹1.01 खर्च → ₹1 कमाई
👉 कंपनी अब काफी leaner और efficient हो चुकी है।
🏦 अब तक कंपनी ने जुटाए $200M+, IPO की तैयारी जारी
TheKredible के आंकड़ों के अनुसार Captain Fresh अब तक $200 मिलियन से अधिक फंडिंग जुटा चुकी है।
जनवरी 2025 में कंपनी ने Prosus, Accel, Tiger Global और अन्य निवेशकों से $30M Pre-IPO round भी हासिल किया था।
👇 प्रमुख निवेशक
- Prosus
- Tiger Global
- Accel
- Matrix Partners
- Ankur Capital
अब कंपनी अपने आगामी IPO के लिए भी तैयारी कर रही है।
📌 IPO प्लान
- Fresh Issue: ₹1,700 करोड़ (~$200M)
- कुल Issue Size: $350–400M
- Offer for Sale (OFS) शामिल होगा
Captain Fresh को उम्मीद है कि IPO के बाद वह अपनी सप्लाई चेन, टेक्नोलॉजी, और ग्लोबल ऑपरेशंस को और मजबूत कर सकेगी।
🚀 निष्कर्ष
Captain Fresh अपने टेक-ड्रिवन मॉडल, मजबूत अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति, और अधिग्रहण रणनीति के दम पर global seafood supply chain में एक बड़ा खिलाड़ी बनकर उभर रहा है।
FY25 में दोगुनी ग्रोथ, पहली बार मुनाफ़ा, और IPO की तैयारी—ये सब दिखाता है कि कंपनी आने वाले वर्षों में और तेज़ी से आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
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