भारत के ऑनलाइन ऑटो-क्लासिफाइड सेक्टर में इस समय सबसे बड़ा हलचल पैदा करने वाली ख़बर सामने आई है। CarTrade Tech ने अपने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में पुष्टि की है कि कंपनी अपने प्रमुख प्रतिस्पर्धी CarDekho के अधिग्रहण पर बातचीत कर रही है।
अगर यह मर्जर पूरा होता है, तो यह 2025 के सबसे बड़े स्टार्टअप डील्स में से एक होगा और देश के डिजिटल ऑटो मार्केट को पूरी तरह नया आकार दे सकता है।
✅ बातचीत सिर्फ ऑटो-क्लासिफाइड बिज़नेस तक सीमित
CarTrade Tech ने स्पष्ट कहा है कि चर्चा सिर्फ ऑटोमोटिव क्लासिफाइड्स बिज़नेस पर केंद्रित है।
इसमें CarDekho के —
❌ फाइनेंसिंग
❌ इंश्योरेंस
❌ नॉन-ऑटो बिज़नेस
शामिल नहीं हैं।
साथ ही CarTrade ने यह भी कहा कि
➡️ “अभी तक कोई अंतिम या बाध्यकारी एग्रीमेंट साइन नहीं हुआ है।”
💰 CarDekho का संभावित वैल्यूएशन $1.2 बिलियन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CarDekho के ऑटो-क्लासिफाइड बिज़नेस का वैल्यूएशन करीब $1.2 बिलियन लगाया जा सकता है।
यह—
- 15 साल पुराने जयपुर-आधारित स्टार्टअप के लिए
- और IPO की असफल कोशिशों के बीच
एक महत्वपूर्ण सौदा माना जा रहा है।
ग़ौरतलब है कि CarDekho 2021 से IPO की तैयारी कर रहा है, लेकिन बाज़ार और बैंकरों की ठंडी प्रतिक्रिया के चलते यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई।
📊 CarTrade का Market Cap लगभग $1.6 बिलियन
दिलचस्प यह है कि CarTrade Tech स्वयं का मार्केट कैप भी
➡️ करीब ₹15,000 करोड़ (लगभग $1.6 बिलियन) है।
इसलिए एक सूचीबद्ध कंपनी द्वारा अपने जैसी ही आकार की एक प्राइवेट प्रतिद्वंद्वी को खरीदने की चर्चा उद्योग में काफी ध्यान खींच रही है।
एक सेक्टर विश्लेषक का कहना है:
“ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि एक लिस्टेड कंपनी अपने ही स्केल की प्राइवेट प्रतिद्वंद्वी को अधिग्रहण करने की स्थिति में हो। यह इंडस्ट्री को पूरी तरह री-शेप कर सकता है।”
🔄 CarTrade पहले ही OLX Auto खरीद चुका है
CarTrade पिछले कुछ वर्षों में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।
2023 में कंपनी ने—
✅ OLX India का ऑटो बिज़नेस ₹537 करोड़ में खरीदा था
अगर CarDekho का अधिग्रहण सफल होता है, तो CarTrade भारत के ऑनलाइन ऑटो-क्लासिफाइड सेक्टर में निर्विवाद नेतृत्व वाली कंपनी बन सकती है।
📉 CarDekho का वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी ने FY25 के नतीजे अभी जारी नहीं किए हैं, लेकिन FY24 में—
- Revenue में 3.5% की गिरावट हुई
- राजस्व: ₹2,250 करोड़
- Net Loss: ₹340 करोड़
कंपनी के कई वर्टिकल्स में अभी भी लाभप्रदता चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
📈 CarTrade Tech का मजबूत Q2 प्रदर्शन
दूसरी ओर CarTrade शानदार गति से आगे बढ़ रहा है।
Q2 FY26 में—
- PAT: ₹64.08 करोड़
(109% YoY वृद्धि) - Highest-ever Quarterly Revenue: ₹222.14 करोड़
(29% YoY वृद्धि)
कंपनी के मैनेजमेंट ने पोस्ट-रिज़ल्ट कॉल में यह भी संकेत दिया कि
➡️ मौजूदा मॉमेंटम आगे भी जारी रहेगा।
CarTrade के पास
✅ ₹1,080 करोड़ (लगभग $122 मिलियन) की नकद राशि
भी मौजूद है, जिससे कंपनी debt + equity के मिश्रित ढांचे में बड़े अधिग्रहण को आसानी से फंड कर सकती है।
🔍 सौदा आसान नहीं — CarDekho की कीमत होगी असली चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि CarTrade के मजबूत स्टॉक प्रदर्शन और स्वस्थ नकद स्थिति के चलते बाजार में कंपनी के प्रति काफी विश्वास है।
लेकिन CarDekho की अपेक्षित वैल्यूएशन ($1.2B)
➡️ बातचीत को लंबा और जटिल बना सकती है।
एक उद्योग विशेषज्ञ के मुताबिक:
“CarTrade बहुत मजबूत मौमेंटम पर चल रही है। ऐसे में CarDekho की उच्च मांग कीमत पर सहमत होना आसान नहीं होगा।”
🏁 निष्कर्ष: अगर डील हुई—इंडस्ट्री रीसैट हो जाएगी
CarTrade Tech और CarDekho के बीच यह संभावित अधिग्रहण—
✅ भारत के ऑटो-क्लासिफाइड बाजार में सबसे बड़ा एकीकरण होगा
✅ OLX Auto + CarDekho + CarTrade को एक प्लेटफॉर्म पर ला सकता है
✅ प्रतिस्पर्धा, कीमतों और मार्केट शेयर को पूरी तरह बदल देगा
लेकिन अभी तक—
➡️ बातचीत शुरुआती चरण में है
➡️ कोई binding agreement नहीं हुआ है
अधिग्रहण हुआ तो यह भारत के डिजिटल ऑटो सेक्टर में साल की सबसे प्रभावशाली डील होगी।
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