Enterprise software startup CoreOps.AI ने अपने pre-Series A राउंड में $3.5 मिलियन (लगभग ₹29 करोड़) जुटाए हैं। यह राउंड Siana Capital Management के नेतृत्व में पूरा हुआ, जिसमें Kettlebrough, Aroa Venture Partners और कई एंजेल निवेशकों ने भी हिस्सा लिया।
यह नई फंडिंग कंपनी को एंटरप्राइज-लेवल ऑटोमेशन, डेटा इंटीग्रेशन और लेगेसी सिस्टम मॉडर्नाइजेशन के क्षेत्र में तेज़ी से विस्तार करने में मदद करेगी।
🏢 CoreOps.AI क्या करता है?
2024 में Rajesh Janey, Ankur Sharma, Rajnish Gupta और Rajiv Srivastava द्वारा स्थापित CoreOps.AI एक AI-पावर्ड एंटरप्राइज ऑटोमेशन प्लेटफ़ॉर्म विकसित करता है।
स्टार्टअप का फोकस बड़ी कंपनियों की इन चुनौतियों को आसान बनाने पर हैः
- लेगेसी सिस्टम अपग्रेड
- अलग-अलग डेटा स्रोतों को एक जगह लाना
- रोज़ाना के ऑपरेशंस को ऑटोमेट करना
- डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को तेज़ और किफायती बनाना
कंपनी कहती है कि उसका प्लेटफ़ॉर्म 20 से अधिक एंटरप्राइज यूज़ केसेज़ को सपोर्ट करता है, जिनमें शामिल हैं:
- मैन्युफैक्चरिंग
- फिनटेक और BFSI
- रिटेल
- हेल्थकेयर
🔧 पारंपरिक कंसल्टिंग मॉडल का विकल्प
CoreOps.AI खुद को traditional consulting-led digital transformation का platform-first alternative बताता है।
👉 पारंपरिक मॉडल में:
- प्रोजेक्ट लंबे चलते हैं
- कंसल्टिंग लागत बहुत ज़्यादा होती है
- इंटीग्रेशन और डेवलपमेंट में महीनों लग जाते हैं
👉 CoreOps.AI के मॉडल में:
- AI-driven automation
- No-code/low-code इंटीग्रेशन
- तेज़ डिप्लॉयमेंट
- रियल-टाइम डेटा कंसॉलिडेशन
इससे कंपनियों को कुशलता (efficiency) बढ़ाने, बॉटलनेक्स खत्म करने और ऑपरेशनल कॉस्ट कम करने में मदद मिलती है।
💰 फंडिंग का उपयोग कहां होगा?
कंपनी ने कहा कि नई पूंजी का उपयोग इन प्रमुख क्षेत्रों में किया जाएगा:
1️⃣ इंजीनियरिंग टीम का विस्तार
CoreOps.AI अपनी तकनीकी और AI इंजीनियरिंग टीम को तेज़ी से बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, ताकि अधिक एंटरप्राइज सॉल्यूशंस को स्केल किया जा सके।
2️⃣ प्रोडक्ट डेवलपमेंट में तेजी
कंपनी उन्नत AI सेल्फ-सर्विस टूल्स, डेटा इंटीग्रेशन इंजन और ऑप्स-ऑटोमेशन फीचर्स पर काम कर रही है।
3️⃣ एंटरप्राइज कस्टमर डिप्लॉयमेंट्स को स्केल करना
CoreOps.AI ने पहले ही कई बड़े भारतीय और वैश्विक ग्राहकों के साथ पायलट और डिप्लॉयमेंट शुरू कर दिए हैं।
🌐 क्यों बढ़ रही है एंटरप्राइज AI और ऑटोमेशन की मांग?
भारत समेत दुनिया भर में बड़ी कंपनियाँ इन समस्याओं से जूझ रही हैं:
- पुरानी तकनीक पर काम करने वाली सिस्टम
- मैनुअल और धीमी प्रक्रियाएँ
- डेटा का अलग-अलग जगह बिखराव
- डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का महंगा और लंबा प्रोसेस
AI-powered platforms जैसे CoreOps.AI इन चुनौतियों को आसान बनाते हैं, जिससे कंपनियाँ:
- प्रक्रिया तेज़ कर सकती हैं
- सही बिज़नेस इनसाइट्स पा सकती हैं
- ऑटोमेशन से लागत कम कर सकती हैं
- रियल-टाइम डेटा से बेहतर फैसले ले सकती हैं
🧠 CoreOps.AI के प्लेटफ़ॉर्म के मुख्य फीचर्स
स्टार्टअप बताता है कि उसका प्लेटफ़ॉर्म एंटरप्राइजेज को end-to-end support देता है, जिसमें शामिल है:
✔️ AI-driven डेटा इंजीनियरिंग
विभिन्न सिस्टम और ऐप्स से डेटा को एकीकृत कर एक कॉमन लेयर में लाया जाता है।
✔️ ऑटोमेशन-ड्रिवेन ऑपरेशंस
मैनुअल कार्यों को AI और RPA से ऑटोमेट किया जाता है, जिससे गति कई गुना बढ़ती है।
✔️ लिगेसी सिस्टम मॉडर्नाइजेशन
पुराने सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक AI-आधारित मॉड्यूल में बदलना।
✔️ प्लग-एंड-प्ले मॉडल
कस्टमर्स को किसी बड़े कोडिंग ओवरहॉल की ज़रूरत नहीं होती।
💼 मार्केट साइज और अवसर
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मार्केट भारत में तेजी से बढ़ रहा है।
- 2025 तक यह मार्केट $85–90 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान
- AI ऑपरेशंस और डेटा मॉडर्नाइजेशन की मांग में 30–40% वार्षिक वृद्धि
- BFSI, रिटेल और हेल्थकेयर में AI इंटीग्रेशन सबसे तेज
CoreOps.AI इस तेजी से बढ़ते सेगमेंट में खुद को एक scalable, cost-efficient AI modernization solution के रूप में स्थापित कर रहा है।
🏁 निष्कर्ष: CoreOps.AI की तेज़ रफ्तार शुरू
इस फंडिंग राउंड के बाद CoreOps.AI अब अपनी क्षमता बढ़ाने, प्रोडक्ट को और सशक्त बनाने और बड़े एंटरप्राइज कॉन्ट्रैक्ट्स को स्केल करने में सक्षम होगा।
भारत और वैश्विक स्तर पर AI-led modernization की बढ़ती जरूरत के बीच CoreOps.AI अपने आप को एक मजबूत AI transformation partner के रूप में स्थापित कर रहा है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले महीनों में कंपनी कैसे नए बड़े ग्राहकों को जोड़ती है और भारत के AI-ऑटोमेशन इकोसिस्टम में अपनी जगह मजबूत करती है।
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