📦 Delhivery ने कर्मचारियों को दिए 4.36 लाख ESOPs,

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भारत की प्रमुख लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery ने अपने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने अपने ESOP (Employee Stock Ownership Plan) स्कीम के तहत कुल 4,36,800 स्टॉक ऑप्शंस ग्रांट किए हैं। यह कदम कंपनी की ग्रोथ और कर्मचारियों को लंबी अवधि के लिए जोड़कर रखने की रणनीति को दिखाता है।


📑 डील की डिटेल्स

  • 4 सितंबर 2025 को कंपनी की ओर से यह मंजूरी दी गई।
  • इसमें शामिल हैं:
    • 85,700 ऑप्शंस – ESOP 2012 स्कीम के तहत
    • 3,51,100 ऑप्शंस – ESOP 2021 स्कीम के तहत

👉 मौजूदा शेयर प्राइस ₹467 के हिसाब से इन ऑप्शंस की कुल वैल्यू करीब ₹20.4 करोड़ बैठती है।


💹 कैसे काम करता है ESOP?

डिस्क्लोज़र के मुताबिक, हर एक ऑप्शन को एक फुली पेड-अप इक्विटी शेयर में बदला जा सकता है।

  • फेस वैल्यू: ₹1 प्रति शेयर
  • एक्सरसाइज प्राइस: ₹1 प्रति शेयर

यानि कर्मचारियों को यह ऑप्शंस लगभग नाम मात्र कीमत पर मिलेंगे, जबकि उनका मार्केट वैल्यू बहुत ज्यादा है।


⏳ वेस्टिंग शेड्यूल

कंपनी के अनुसार, यह ESOPs अगले चार सालों में धीरे-धीरे वेस्ट होंगे

  • शर्त: कर्मचारी की लगातार नौकरी और कंपनी की ओर से तय किए गए अन्य कंडीशन्स।
  • फायदा: लंबे समय तक कर्मचारियों को कंपनी के साथ जोड़े रखने में मदद।

📊 Delhivery की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

Delhivery ने हाल ही में अपने Q1 FY26 के रिजल्ट जारी किए:

  • रेवेन्यू: ₹2,294 करोड़ (साल-दर-साल 5.6% की वृद्धि, Q1 FY25 में ₹2,172 करोड़)
  • प्रॉफिट: ₹91 करोड़

👉 यह बताता है कि कंपनी लगातार रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी दोनों में सुधार कर रही है।


💰 मार्केट कैप और शेयर प्राइस

  • मौजूदा समय (1 सितंबर 2025 को सुबह 10:27 बजे) पर Delhivery का शेयर प्राइस ₹467 था।
  • कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹34,886 करोड़ (लगभग $4 बिलियन) है।

🎯 क्यों अहम है यह कदम?

Delhivery का यह ESOP ग्रांट कई मायनों में महत्वपूर्ण है:

  1. कर्मचारियों को प्रोत्साहन – ESOPs कर्मचारियों को कंपनी की सफलता से जोड़ते हैं।
  2. लंबी अवधि की स्थिरता – वेस्टिंग शेड्यूल कर्मचारियों को कंपनी के साथ लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करेगा।
  3. टैलेंट रिटेंशन – लॉजिस्टिक्स जैसे हाई-ग्रॉथ सेक्टर में टैलेंट को रोककर रखना बहुत जरूरी है।

🚚 Delhivery का बिजनेस मॉडल

  • Delhivery भारत की सबसे बड़ी थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन कंपनी है।
  • इसकी सर्विसेज में शामिल हैं:
    • पार्सल डिलीवरी
    • वेयरहाउसिंग
    • फ्रेट मैनेजमेंट
    • क्रॉस-बॉर्डर लॉजिस्टिक्स

👉 ई-कॉमर्स के बढ़ते विस्तार ने Delhivery को तेजी से आगे बढ़ाया है।


📈 ग्रोथ और चैलेंजेज

Delhivery पिछले कुछ सालों से लगातार ग्रोथ ट्रैक पर है, लेकिन साथ ही इसे कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है:

  • फ्यूल कॉस्ट और ऑपरेशनल एक्सपेंस
  • ई-कॉमर्स कंपनियों की बढ़ती मांग
  • अन्य लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप्स और पारंपरिक कंपनियों से प्रतिस्पर्धा

फिर भी, ESOP जैसे कदम कंपनी को बेहतर वर्कफोर्स बनाए रखने और आगे बढ़ने में मदद करेंगे।


🌐 IPO और निवेशकों की नजर

Delhivery का IPO मई 2022 में आया था और तब से कंपनी पर लगातार निवेशकों की नजर बनी हुई है।

  • ESOP ग्रांट्स निवेशकों को यह संदेश देते हैं कि कंपनी एम्प्लॉयी-फर्स्ट पॉलिसी अपनाती है।
  • इससे ब्रांड वैल्यू और ट्रस्ट दोनों मजबूत होते हैं।

📌 निष्कर्ष

Delhivery का अपने कर्मचारियों को ₹20.4 करोड़ वैल्यू के ESOP देना इस बात का सबूत है कि कंपनी सिर्फ बिजनेस ग्रोथ पर ही नहीं, बल्कि अपनी टीम पर भी जोर देती है।

  • यह कदम कंपनी को लॉन्ग-टर्म टैलेंट बनाए रखने में मदद करेगा।
  • साथ ही, आने वाले सालों में Delhivery भारत की लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री की रीढ़ बनने की ओर और तेजी से बढ़ेगी।

👉 कुल मिलाकर, यह ESOP ग्रांट Delhivery की ग्रोथ स्टोरी का एक और अहम पड़ाव है।

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📦 Delhivery का शानदार तिमाही प्रदर्शन: Q1 FY26 में ₹91 करोड़ का मुनाफा,

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🚚 परिचय: लॉजिस्टिक्स सेक्टर में मजबूती से आगे बढ़ती Delhivery

भारत की अग्रणी लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1 FY26) के वित्तीय नतीजे घोषित किए। कंपनी ने इस तिमाही में ₹91 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 67% अधिक है। इसके साथ ही कंपनी का कुल राजस्व ₹2,423.8 करोड़ तक पहुंच गया।


📈 राजस्व में मामूली लेकिन स्थिर वृद्धि

Gurugram स्थित Delhivery ने Q1 FY26 में ₹2,294 करोड़ का परिचालन राजस्व कमाया, जो Q1 FY25 के ₹2,172.3 करोड़ की तुलना में 5.6% अधिक है।

  • कंपनी की मुख्य आय लॉजिस्टिक्स सेवाओं से हुई है जिसमें वेयरहाउसिंग, लास्ट-माइल डिलीवरी, और लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट सिस्टम की सेवाएं शामिल हैं।
  • इसके अलावा, Delhivery ने ₹129.8 करोड़ की आय गैर-परिचालन स्रोतों से अर्जित की।

💰 खर्चों पर नियंत्रण, लेकिन चुनौती बनी हुई

कंपनी ने Q1 FY26 में ₹2,326.6 करोड़ का कुल खर्च किया, जो साल-दर-साल 4.7% की मामूली वृद्धि को दर्शाता है।

  • Freight handling और servicing खर्च कंपनी के कुल खर्च का 70.4% हिस्सा (₹1,566 करोड़) रहा।
  • Employee benefit खर्च 6% बढ़कर ₹352.65 करोड़ हो गया।
  • इसके अलावा, लीगल फीस, डिप्रीसिएशन, और अन्य ऑपरेशनल खर्चों ने कुल खर्च में योगदान दिया।

📊 शुद्ध लाभ में जबरदस्त उछाल

इस तिमाही में Delhivery ने ₹91 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹54 करोड़ था। यानी कंपनी ने 67% की बढ़त के साथ मुनाफा कमाया है। यह लाभ कंपनी के संतुलित खर्च प्रबंधन और स्थिर राजस्व वृद्धि का परिणाम है।


📉 शेयर बाजार में प्रदर्शन

आज के शेयर बाजार के क्लोजिंग सेशन में Delhivery का शेयर ₹429.05 प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ। इससे कंपनी का कुल मार्केट कैप ₹32,032.5 करोड़ (लगभग $3.76 बिलियन) हो गया।

  • निवेशकों ने कंपनी के मजबूत नतीजों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
  • कंपनी का स्टॉक पिछले कुछ महीनों से धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है, और अब मिडकैप सेगमेंट में एक स्थिर खिलाड़ी बन चुका है।

📦 Delhivery की सेवाओं का दायरा

Delhivery केवल एक कोरियर कंपनी नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बन चुकी है। इसके प्रमुख सर्विस सेगमेंट हैं:

  • Express Parcel Delivery
  • Heavy Goods Transportation
  • Warehousing & Fulfilment
  • Supply Chain SaaS Solutions
  • Cross-border Logistics

इस तकनीकी-आधारित दृष्टिकोण के कारण Delhivery को विशेष रूप से ई-कॉमर्स कंपनियों और D2C ब्रांड्स से भारी मांग मिलती है।


🛠️ भविष्य की रणनीति

Delhivery अब अपने संचालन को और अधिक कुशल बनाने और मुनाफा बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है:

  • AI और मशीन लर्निंग आधारित लॉजिस्टिक्स समाधान।
  • छोटे शहरों और टियर-2, टियर-3 मार्केट्स में विस्तार।
  • मल्टी-मोडल नेटवर्क के माध्यम से समय और लागत में कटौती।
  • B2B सेगमेंट में गहराई से प्रवेश।

📌 निष्कर्ष: टिकाऊ ग्रोथ की ओर Delhivery का बढ़ता कदम

Delhivery ने Q1 FY26 में अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया है कि कंपनी लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सिर्फ विस्तार ही नहीं, बल्कि लाभदायक संचालन के लिए भी प्रतिबद्ध है।

  • 5.6% की राजस्व वृद्धि भले ही छोटी लगे, लेकिन ₹91 करोड़ का मुनाफा दर्शाता है कि कंपनी ने लागत नियंत्रण और प्रभावी रणनीति के बल पर स्थिरता हासिल की है।
  • लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद, Delhivery का प्रदर्शन निवेशकों और ग्राहकों दोनों के लिए विश्वसनीयता और स्थायित्व का संकेत है।

🔎 बाजार और निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह प्रदर्शन?

  • कंपनी का EBITDA और मुनाफा लगातार बढ़ रहा है।
  • खर्चों को नियंत्रित करने की क्षमता इसे प्रतिस्पर्धियों से आगे रखती है।
  • मार्केट में Delhivery की स्थिति और मजबूत होगी यदि यही ट्रेंड अगले कुछ तिमाहियों तक बना रहा।

📢 निष्कर्ष में एक बात साफ है — Delhivery अब केवल डिलीवरी तक सीमित नहीं, यह भारत के लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम का मजबूत स्तंभ बनती जा रही है।


📰 यह विशेष रिपोर्ट FundingRaised.in द्वारा तैयार की गई है।

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🛋️ Delhivery के CEO Sahil Barua ने Nestasia के बोर्ड में दी एंट्री,

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भारतीय लॉजिस्टिक्स सेक्टर के प्रमुख नामों में शुमार Delhivery के संस्थापक और CEO साहिल बरुआ (Sahil Barua) ने अब होम डेकोर और लाइफस्टाइल ब्रांड Nestasia के बोर्ड में सदस्य के रूप में शामिल होकर एक नया अध्याय शुरू किया है।

यह कदम Swiggy के स्वतंत्र निदेशक पद से उनके हालिया इस्तीफे के तुरंत बाद आया है, जिसे उन्होंने “प्रोफेशनल कमिटमेंट्स” का हवाला देते हुए छोड़ा था।


🧑‍💼 क्या होगा साहिल बरुआ की भूमिका?

साहिल बरुआ की विशेषज्ञता खास तौर पर स्केलेबल ऑपरेशंस, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, और ओम्नीचैनल डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रेटेजी में मानी जाती है। Nestasia की योजना है कि वे उनके अनुभव का लाभ उठाकर अपने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों बाजारों में विस्तार कर सकें।

कंपनी का लक्ष्य है:

  • ऑपरेशनल स्केलेबिलिटी को मजबूत करना
  • सेल्स चैनलों में तेज़ी से ग्रोथ लाना
  • ओम्नीचैनल नेटवर्क को और सशक्त बनाना

🏠 Nestasia: एक उभरता हुआ होम डेकोर ब्रांड

Nestasia की शुरुआत 2019 में अनुराग अग्रवाल और अदिति मुरारका अग्रवाल ने की थी। ब्रांड आज भारत के तेजी से बढ़ते D2C (Direct-to-Consumer) सेगमेंट में एक मजबूत पहचान बना चुका है।

📦 उत्पाद श्रेणियाँ:

  • डाइनिंग और किचन एक्सेसरीज़
  • होम डेकोर और बाथ प्रोडक्ट्स
  • बैग्स और स्टोरेज सॉल्यूशन्स

कंपनी का दावा है कि उसके पास 7,000 से अधिक उत्पादों का कैटलॉग है और वह अब तक 5 लाख से अधिक ग्राहकों को सेवा दे चुकी है।


🏬 2025 तक खोलने की योजना है 30 स्टोर

इस समय Nestasia के 7 शहरों — कोलकाता, हैदराबाद, पुणे, नोएडा, देहरादून, बेंगलुरु और चंडीगढ़ — में फिजिकल रिटेल आउटलेट्स हैं। अब कंपनी का प्लान है कि वह 2025 के अंत तक 30 ऑफलाइन स्टोर्स खोले।

इसमें Tier-1 शहरों के साथ-साथ Tier-2 और Tier-3 मार्केट्स पर भी फोकस किया जाएगा ताकि ग्राउंड लेवल पर ब्रांड की मौजूदगी और मज़बूत हो सके।


💰 सितंबर 2024 में हुआ था बड़ा फंडरेज़

सितंबर 2024 में, Nestasia ने अपने फंडिंग के अगले चरण में $8.5 मिलियन (लगभग ₹71 करोड़) जुटाए थे। यह निवेश Susquehanna Asia Venture Capital और Stellaris Venture Partners के संयुक्त नेतृत्व में हुआ था।

इस फंडिंग का उद्देश्य था:

  • नई कलेक्शन डिज़ाइन करना
  • लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को बेहतर बनाना
  • रिटेल एक्सपेंशन और टेक्नोलॉजी अपग्रेड करना

📦 Delhivery के अनुभव का कैसे मिलेगा लाभ?

साहिल बरुआ ने Delhivery को भारत की सबसे बड़ी लॉजिस्टिक्स कंपनियों में से एक बनाया है। उनकी विशेषज्ञता से Nestasia को निम्न क्षेत्रों में बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है:

  • फास्ट और कुशल डिलीवरी सिस्टम बनाना
  • रिटेल और ई-कॉमर्स चैनलों में बेहतर इंटीग्रेशन
  • डेटा-ड्रिवन स्केलिंग रणनीति

Nestasia, जो अभी तक एक डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड रहा है, अब एक “फिजिटल” मॉडल (फिजिकल + डिजिटल) की ओर बढ़ रहा है, जिसमें Barua जैसे लीडर की जरूरत होती है।


📈 D2C मार्केट में मुकाबला बढ़ता जा रहा है

Nestasia को भारतीय बाज़ार में The June Shop, Chumbak, Pepperfry, और IKEA जैसे ब्रांड्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। ऐसे में कंपनी को:

  • ब्रांड डिफरेंसिएशन
  • यूज़र एक्सपीरियंस
  • तेज़ लॉजिस्टिक्स पर ज़ोर देना होगा।

Barua की एंट्री इन सभी मोर्चों पर रणनीतिक मजबूती ला सकती है।


🧵 फाउंडर्स की प्रतिक्रिया

Nestasia के को-फाउंडर अनुराग अग्रवाल ने कहा,

“हम अपने बोर्ड में साहिल जैसे अनुभवी लीडर का स्वागत करते हैं। उनकी रणनीतिक सोच और संचालन में गहराई Nestasia के आगामी ग्रोथ फेज़ में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।”


🔍 निष्कर्ष: एक स्मार्ट मूव?

Sahil Barua का Nestasia के बोर्ड में शामिल होना न केवल कंपनी की ब्रांड वैल्यू बढ़ाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अब D2C ब्रांड्स भी ऑपरेशनल दक्षता को अपनी ग्रोथ रणनीति का केंद्र बना रहे हैं।

जैसे-जैसे Nestasia अपने रिटेल एक्सपेंशन और सप्लाई चेन को स्केल कर रहा है, वैसे-वैसे ऐसे लीडर्स की ज़रूरत और अधिक महसूस होती है जिनके पास ग्राउंड लेवल से बिल्डिंग का अनुभव हो — और इस मामले में Barua एकदम फिट बैठते हैं।

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Delhivery Turns Profitable in Q1 FY25

Logistics company Delhivery reported notable profits in Q1 FY25, with operating revenue rising 4.6% to Rs 2,172 crore from Rs 2,076 crore in Q4 FY24. The company’s total income reached Rs 2,282 crore, while cost management and scale growth helped it achieve a Rs 52 crore profit, reversing a Rs 68 crore loss in Q4 FY24.