भारत की एजुकेशन फाइनेंसिंग और प्लानिंग स्पेस में तेजी से उभर रही स्टार्टअप EduFund ने ₹50 करोड़ ($6 मिलियन) की सीरीज A फंडिंग जुटाई है। इस राउंड का नेतृत्व Cercano Management और MassMutual Ventures ने किया। इसके साथ ही कंपनी की कुल फंडिंग अब $12 मिलियन (लगभग ₹100 करोड़) हो चुकी है।
🎯 किस काम में लगेगा फंड?
EduFund ने फंडिंग का उपयोग तीन मुख्य क्षेत्रों में करने की योजना बनाई है:
- 🤖 AI-पावर्ड पर्सनलाइज्ड प्लानिंग इंजन लॉन्च करना
- 🎓 अंडरग्रैजुएट स्टूडेंट्स के लिए लोन एक्सेस को बढ़ाना
- 🏘️ टियर-II और टियर-III शहरों में अपनी पहुंच मजबूत करना, जहां शिक्षा की लागत तेजी से बढ़ रही है जबकि आय धीमी है।
🧠 EduFund क्या करता है?
2020 में शुरू हुआ EduFund एक फुल-स्टैक एजुकेशन प्लानिंग और फाइनेंसिंग प्लेटफॉर्म है। यह भारतीय परिवारों को देश और विदेश में पढ़ाई के लिए एक पूरी योजना प्रदान करता है जिसमें शामिल हैं:
- 📈 एजुकेशन इन्वेस्टमेंट प्लान्स
- 💰 एजुकेशन लोन
- ✈️ वीज़ा और फॉरेक्स सेवाएं
- 🎓 ऑन-डिमांड एक्सपर्ट काउंसलिंग
यह प्लेटफॉर्म भारत के 250,000 से अधिक परिवारों को सपोर्ट करता है और 40 से ज़्यादा एसेट मैनेजमेंट कंपनियों और 15 से अधिक लेंडिंग पार्टनर्स (जैसे बैंक, NBFCs और अंतरराष्ट्रीय कर्जदाता) के साथ जुड़ा हुआ है।
🤝 किन-किन ब्रांड्स के साथ साझेदारी?
EduFund की रणनीति में B2B और B2C दोनों तरह की साझेदारियां शामिल हैं। कुछ प्रमुख सहयोगी ब्रांड्स हैं:
- 🧸 Hamleys – बच्चों के उत्पादों का प्रीमियम ब्रांड
- 🏫 Prisms – स्कूल ERP सॉल्यूशन
- 📦 DTDC – एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स सर्विस प्रोवाइडर
इन साझेदारियों के जरिए EduFund शिक्षा प्लानिंग को रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जोड़कर एक 360-डिग्री समाधान पेश करता है।
🏙️ टियर-2 और टियर-3 शहरों पर ध्यान क्यों?
भारत में छोटे और मझोले शहरों में:
- 📚 शिक्षा की मांग तेजी से बढ़ रही है
- 🏫 कॉलेज और प्राइवेट इंस्टीट्यूट्स की फीस बढ़ रही है
- 💵 लेकिन आमदनी इतनी तेज़ी से नहीं बढ़ रही
EduFund का उद्देश्य ऐसे परिवारों तक पहुंचना है, जो अपने बच्चों की हायर एजुकेशन के लिए सपने तो देखते हैं, लेकिन उन्हें वित्तीय योजना की आवश्यकता है। कंपनी का मानना है कि यहां सबसे ज्यादा प्रभाव डाला जा सकता है।
📊 एजुकेशन फाइनेंसिंग मार्केट में तेजी
Entrackr की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 से अब तक एजटेक स्टार्टअप्स ने $1.2 बिलियन (लगभग ₹10,000 करोड़) से ज्यादा की फंडिंग जुटाई है।
👉 इसमें 35% यानी $424 मिलियन से ज्यादा सिर्फ उन स्टार्टअप्स में गए हैं, जो एजुकेशन लोन से जुड़े हुए हैं।
यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारत में एजुकेशन फाइनेंसिंग अब एक बड़ा और तेजी से बढ़ता हुआ सेगमेंट बनता जा रहा है।
🧑💼 क्या कहते हैं संस्थापक?
EduFund की टीम का मानना है कि भारत के माता-पिता को समय पर और सही तरीके से वित्तीय प्लानिंग करने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि उनके बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन मिल सके – चाहे वह देश में हो या विदेश में।
AI-पावर्ड पर्सनलाइज्ड इंजन इसी दिशा में एक कदम है, जो हर परिवार की जरूरतों के हिसाब से प्लान तैयार करेगा।
🛠️ फुल-स्टैक प्लेटफॉर्म कैसे मदद करता है?
EduFund का प्लेटफॉर्म कुछ प्रमुख सेवाएं एक ही छत के नीचे प्रदान करता है:
| सेवा | विवरण |
|---|---|
| 📊 इन्वेस्टमेंट प्लानिंग | SIP, म्युचुअल फंड आदि के ज़रिए भविष्य की शिक्षा की बचत |
| 💵 एजुकेशन लोन | विभिन्न पब्लिक-प्राइवेट बैंकों और NBFCs से |
| 🛂 वीजा सेवाएं | विदेश में पढ़ाई के लिए |
| 🔄 फॉरेक्स | सस्ता और तेज़ विदेशी मुद्रा एक्सचेंज |
| 🧑🏫 काउंसलिंग | विशेषज्ञों से शिक्षा और करियर संबंधी सलाह |
🌏 भविष्य की योजना
EduFund न सिर्फ भारत में, बल्कि एशिया और अफ्रीका जैसे अन्य उभरते बाजारों में भी अपनी सेवाएं विस्तार देने की योजना बना रहा है।
इसका उद्देश्य है –
📌 एजुकेशन फाइनेंसिंग को अधिक सुलभ, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाना।
📌 निष्कर्ष
- EduFund ने ₹50 करोड़ की फंडिंग Cercano और MassMutual से जुटाई
- AI इंजन, स्टूडेंट लोन और छोटे शहरों पर फोकस रहेगा
- 250,000+ फैमिली, 40+ फंड पार्टनर, 15+ लेंडर्स के साथ नेटवर्क
- एजुकेशन लोन से जुड़े स्टार्टअप्स को तेजी से मिल रही फंडिंग
- EduFund भविष्य में एजुकेशन प्लानिंग का भरोसेमंद नाम बनना चाहता है
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