भारत की प्रमुख मेंटल हेल्थ प्लेटफॉर्म LISSUN ने अमेरिका स्थित Being Cares Inc का अधिग्रहण कर लिया है। यह रणनीतिक अधिग्रहण LISSUN की उस बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत वह भारत में AI-संचालित, बच्चे-केंद्रित व्यवहारिक विकास ईकोसिस्टम बनाना चाहता है।
🤝 क्या है यह अधिग्रहण?
इस डील के तहत LISSUN ने Being Cares Inc की पूरी तकनीक (technology stack) और टीम को अपने अधीन कर लिया है। अब Being के संस्थापक वरुण गांधी (CEO) और अभिषेक शर्मा (CTO) भी LISSUN की टीम का हिस्सा बन चुके हैं — वरुण को Chief Product Officer और अभिषेक को Chief Technology Officer बनाया गया है।
🌎 कौन है Being Cares Inc?
Being Cares Inc एक अमेरिका आधारित mental wellbeing स्टार्टअप है जो AI-संचालित टूल्स के ज़रिए 40 से अधिक मानसिक एवं व्यवहारिक स्थितियों की पहचान और समाधान प्रदान करता है।
इनमें शामिल हैं:
- ऑटिज़्म (Autism)
- ADHD (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर)
- स्पीच डिले (Speech Delay)
- लर्निंग डिसऑर्डर्स (Learning Challenges)
- और कई अन्य भावनात्मक स्थितियां
Being ने अब तक वैश्विक स्तर पर 10 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं को सेवा प्रदान की है।
🧒 बच्चों की मानसिक सेहत के लिए मजबूत मॉडल
LISSUN पहले से ही भारत में बच्चों की मानसिक सेहत को लेकर काम कर रहा है, और इस अधिग्रहण से उसका मॉडल और मजबूत हो गया है। अब वह:
- थेरैपिस्ट-नेतृत्व वाली केयर
- और AI-पावर्ड हाइपर-पर्सनलाइज़्ड गाइडेंस
— दोनों को एकीकृत कर रहा है।
LISSUN और Being की इस साझेदारी से अब ऐसे प्लेटफॉर्म का निर्माण होगा जो 2,500 से अधिक रियल-लाइफ कारणों और प्रभावों का विश्लेषण करके माता-पिता और बच्चों को व्यक्तिगत मानसिक स्वास्थ्य समाधान देगा।
📍 Sunshine by LISSUN: डिजिटल से लेकर क्लीनिक तक
LISSUN पहले से ही अपने Sunshine by LISSUN सेंटर के ज़रिए बच्चों के विकास पर ध्यान दे रहा है। अब Being के साथ साझेदारी से यह प्लेटफॉर्म एक “फुल-स्पेक्ट्रम केयर प्रोवाइडर” बन चुका है — जो डिजिटल गाइडेंस के साथ-साथ इन-पर्सन थेरैपी भी ऑफर करता है।
🌟 LISSUN का फोकस अब 3 स्तरों पर होगा:
- घर (Home): पेरेंट्स को रियल-टाइम गाइडेंस और एक्टिविटी सुझाव
- स्कूल (School): टीचर्स और काउंसलर्स के साथ समन्वय
- क्लीनिक (Clinical): पेशेवर थेरेपी और इंटरवेंशन
🧑💻 Ray: AI-संचालित वर्चुअल असिस्टेंट
LISSUN ने अपना खुद का AI वर्चुअल असिस्टेंट – Ray भी तैयार किया है। यह व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म पर करोड़ों माता-पिता को रीयल-टाइम डेवलपमेंटल इनसाइट्स, थेरेपी एक्टिविटी सुझाव और माइलस्टोन ट्रैकिंग जैसी सेवाएं देगा।
इस तकनीक की मदद से अब भारत के छोटे शहरों और कस्बों में भी बच्चों की मानसिक सेहत की देखभाल डिजिटल माध्यम से की जा सकेगी।
🚀 विस्तार की योजना: 20 से 200 Sunshine सेंटर
फिलहाल LISSUN के पास 20 ‘Sunshine by LISSUN’ सेंटर हैं, लेकिन कंपनी की योजना है कि अगले 2–4 वर्षों में इसे बढ़ाकर 200 सेंटर किया जाए। इसके साथ-साथ:
- AI-संचालित वर्चुअल सपोर्ट का विस्तार
- स्कूली साझेदारियों में वृद्धि
- भारत में Tier-2 और Tier-3 शहरों तक पहुंच
LISSUN भारत में मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में सुलभता (accessibility) और गुणवत्ता (quality) को साथ लेकर चलने वाला एक अनोखा प्लेटफॉर्म बन रहा है।
🧩 क्या बदलाव लाएगा यह अधिग्रहण?
🔄 तकनीकी मजबूती:
Being की टेक्नोलॉजी को अपनाकर अब LISSUN भारत के बच्चों के लिए डेटा-संचालित और जमीनी हकीकत पर आधारित समाधान देने की क्षमता रखता है।
🎯 अधिक पर्सनलाइज़्ड केयर:
हर बच्चे की ज़रूरत, उसके व्यवहार, समस्याओं और विकास स्तर के आधार पर अब कस्टमाइज्ड थेरेपी और गाइडेंस दी जा सकेगी।
🌐 फिजिकल + डिजिटल = Phygital नेटवर्क:
इन-पर्सन सेंटर + ऑनलाइन सपोर्ट मिलकर “Phygital” नेटवर्क बनाएंगे, जिससे देशभर के परिवारों को एक जैसा सपोर्ट मिलेगा।
📢 निष्कर्ष: भारत में बाल मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में बड़ी छलांग
LISSUN द्वारा Being Cares Inc का अधिग्रहण भारत के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह न केवल बच्चों की मानसिक और भावनात्मक ज़रूरतों को समझेगा, बल्कि उन्हें व्यवस्थित, वैज्ञानिक और व्यक्तिगत तरीके से संबोधित भी करेगा।
बदलते दौर में जब ऑटिज़्म, ADHD, लर्निंग डिसऑर्डर जैसी स्थितियां आम होती जा रही हैं, LISSUN जैसे प्लेटफॉर्म समाज के लिए एक समाधान-संचालित भविष्य की नींव रख रहे हैं।
🧒🏻📲 अगर आप भी अपने बच्चे की मानसिक सेहत को लेकर सजग हैं, तो LISSUN से जुड़ें — डिजिटल गाइडेंस और पेशेवर थेरैपी का भरोसेमंद मेल।
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