कनाडा स्थित pH7 Technologies जो कॉमर्शियली स्केलेबल क्रिटिकल मेटल एक्स्ट्रैक्शन सॉल्यूशंस प्रदान करता है, ने हाल ही में अपनी Series B फंडिंग राउंड में $25.6 मिलियन (करीब ₹215 करोड़) जुटाए हैं। यह निवेश कंपनी के तकनीकी विकास और ग्लोबल माइनिंग सेक्टर में विस्तार को मजबूती देगा।
यह फंडिंग राउंड Fine Structure Ventures के नेतृत्व में हुआ, जिसमें BHP Ventures, Energy & Environment Investment (EEI), Siteground, Gaingels Fund, Calm Venture जैसे प्रमुख निवेशकों ने भाग लिया। इसके साथ ही, मौजूदा निवेशक — TDK Ventures, Pangaea Ventures, Rhapsody Venture Partners, और BASF Venture Capital — ने भी इसमें हिस्सा लिया।
💰 फंडिंग का उद्देश्य: एक्स्ट्रैक्शन टेक्नोलॉजी में तेजी
वैश्विक स्तर पर कॉपर, निकल, कोबाल्ट, प्लेटिनम ग्रुप मेटल्स जैसे क्रिटिकल मिनरल्स की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी उपकरणों की बढ़ती खपत ने इन खनिजों की आवश्यकता को और बढ़ा दिया है।
ऐसे माहौल में pH7 Technologies नई फंडिंग का उपयोग मुख्य रूप से इन उद्देश्यों के लिए करेगी:
- अपनी ऑर्गेनो-इलेक्ट्रोकेमिकल प्रक्रिया (organo-electrochemical process) का विस्तार
- कम ग्रेड वाले अयस्क (low-grade ores) और खनन अवशेषों (tailings) से मेटल रिकवरी की क्षमता बढ़ाना
- माइनिंग कंपनियों और रीसाइक्लिंग ऑपरेटर्स के लिए किफायती और पर्यावरण-अनुकूल मेटल एक्स्ट्रैक्शन समाधान तैयार करना
- सबसे पहले कॉपर एक्स्ट्रैक्शन टेक्नोलॉजी को स्केल करना
कंपनी का कहना है कि वैश्विक मांग में निरंतर वृद्धि के कारण परंपरागत खनन पद्धतियाँ पर्याप्त नहीं रह गई हैं। ऐसे में pH7 Technologies का वैज्ञानिक दृष्टिकोण सप्लाई चेन को स्थिर करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
🏭 pH7 Technologies क्या करती है?
कंपनी की स्थापना क्रिटिकल मिनरल्स के लिए नए वैज्ञानिक समाधान तैयार करने के उद्देश्य से हुई थी। CEO Mohammad Doostmohammadi के नेतृत्व में pH7 Technologies ने एक अनोखा मॉडल तैयार किया है, जो पारंपरिक खनन की तुलना में:
- पर्यावरण पर कम प्रभाव डालता है
- कम ऊर्जा और पानी का उपयोग करता है
- कम ग्रेड वाले और जटिल फीडस्टॉक से भी कीमती मेटल निकाल सकता है
उनकी organo-electrochemical technology एक ऐसा प्रोसेस है, जो माइनिंग कंपनियों के लिए लागत कम करता है और रीसाइक्लिंग ऑपरेटरों के लिए लाभदायक विकल्प बनता है।
यह तकनीक खास तौर पर उन माइनिंग कंपनियों के लिए उपयोगी है जो:
- लो-ग्रेड अयस्क से मेटल नहीं निकाल पातीं
- खनन अवशेष (tailings) को व्यर्थ मानकर छोड़ देती हैं
- हाई-इम्प्यूरिटी या कॉम्प्लेक्स फीडस्टॉक के कारण मौजूदा पद्धतियों का उपयोग नहीं कर पातीं
🌍 वैश्विक स्तर पर क्रिटिकल मिनरल्स की बढ़ती मांग
दुनिया तेजी से ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन की ओर बढ़ रही है। इस बदलाव के केंद्र में क्रिटिकल मिनरल्स हैं।
- EV बैटरी निर्माण में लिथियम, कोबाल्ट, निकल की मांग बढ़ रही है
- सोलर और विंड एनर्जी सिस्टम में कॉपर और रियर-अर्थ एलिमेंट्स की जरूरत बढ़ गई है
- डिजिटल उपकरणों, चिप्स और AI इन्फ्रास्ट्रक्चर में इन मेटल्स का उपयोग लगातार बढ़ रहा है
ऐसे में pH7 Technologies की तकनीक न केवल उद्योग को विकल्प प्रदान करती है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण के साथ भी संतुलन बनाती है।
🧑🔬 क्यों है pH7 Technologies का मॉडल अनोखा?
pH7 Technologies ने एक ऐसा प्रोसेस तैयार किया है जो मेटल एक्स्ट्रैक्शन को आसान, सुरक्षित और सस्टेनेबल बनाता है। इसके कुछ प्रमुख फायदे हैं:
- कम केमिकल उपयोग
- ऊर्जा-प्रभावी पद्धति
- रीसाइक्लिंग क्षमता में सुधार
- कम लागत वाला समाधान
- माइनिंग वेस्ट को मूल्यवान मेटल में बदलने की क्षमता
इस तकनीक की मदद से माइनिंग सेक्टर पुराने tailings से भी धातु निकाल सकता है, जिन्हें पहले उपयोग योग्य नहीं माना जाता था।
🚀 फंडिंग के बाद कंपनी की आगे की योजना
नई फंडिंग के बाद कंपनी इन क्षेत्रों में तेजी से काम करेगी:
- कॉपर एक्स्ट्रैक्शन टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर कमर्शियलाइज़ करना
- अन्य क्रिटिकल मिनरल्स जैसे—निकल, कोबाल्ट आदि के लिए प्रोसेस विकसित करना
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माइनिंग कंपनियों के साथ साझेदारी बढ़ाना
- कम ग्रेड अयस्क और कॉम्प्लेक्स फीडस्टॉक वाले क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करना
🔚 निष्कर्ष
pH7 Technologies की यह फंडिंग न केवल कंपनी के लिए बल्कि ग्लोबल माइनिंग इंडस्ट्री के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है। बढ़ती मांग, पर्यावरणीय चुनौतियों और सप्लाई चेन के दबाव के बीच, pH7 की इनोवेटिव तकनीक एक संतुलित और टिकाऊ रास्ता प्रदान करती है।
इस निवेश से कंपनी न केवल अपनी टेक्नोलॉजी को स्केल कर पाएगी, बल्कि क्रिटिकल मिनरल्स की ग्लोबल सप्लाई चेन को अधिक मजबूत और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
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