💳 Pine Labs को मिला RBI का पूरा पेमेंट लाइसेंस सेट!

Pine Labs

भारत के तेजी से बढ़ते फिनटेक सेक्टर में एक और बड़ा कदम सामने आया है। Pine Labs, जो देश के अग्रणी पेमेंट सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स में से एक है, को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) से तीनों जरूरी पेमेंट लाइसेंस मिल गए हैं। इसमें पेमेंट एग्रीगेटर, पेमेंट गेटवे और क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट शामिल हैं।

इस तरह Pine Labs अब भारत में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह के मर्चेंट ट्रांजैक्शन को पूरी तरह से संचालित करने में सक्षम हो गया है। इसका मतलब है कि कंपनी अब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों भुगतान प्रक्रियाओं को संभाल सकेगी — यानी एक फुल-स्टैक डिजिटल पेमेंट कंपनी के रूप में उसकी स्थिति और मजबूत होगी।


🌐 RBI से मिली तीन बड़ी मंज़ूरियां

एक रिपोर्ट के मुताबिक, Pine Labs को RBI से जिन तीन तरह के लाइसेंस मिले हैं, वे हैं —
1️⃣ Payment Aggregator License – जिससे कंपनी विभिन्न व्यापारियों (merchants) के पेमेंट्स को एक प्लेटफॉर्म पर एकत्र कर सकेगी।
2️⃣ Payment Gateway License – जिससे Pine Labs ऑनलाइन ट्रांजैक्शन्स को सुरक्षित और सुचारू तरीके से प्रोसेस कर सकेगी।
3️⃣ Cross-Border Payment License – जिससे अब कंपनी अंतरराष्ट्रीय पेमेंट्स को भी संभाल सकेगी।

इन तीनों मंजूरियों के साथ Pine Labs अब एक ऐसा एंड-टू-एंड पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर बन गया है जो भारत के साथ-साथ एशिया और मिडल ईस्ट के बाजारों में भी अपनी पकड़ मजबूत करेगा।


💼 Pine Labs की शुरुआत से अब तक का सफर

Pine Labs की शुरुआत एक कार्ड-बेस्ड पेमेंट सॉल्यूशन प्रोवाइडर के रूप में हुई थी। धीरे-धीरे कंपनी ने डिजिटल पेमेंट्स, मर्चेंट क्रेडिट, और प्रिपेड गिफ्ट कार्ड्स जैसे प्रोडक्ट्स की पेशकश शुरू की।

आज Pine Labs भारत, साउथईस्ट एशिया और मिडल ईस्ट में 5 लाख से अधिक व्यापारियों को अपनी सेवाएं दे रहा है। इसके Point-of-Sale (PoS) टर्मिनल्स और ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से व्यापारी न केवल भुगतान स्वीकार करते हैं, बल्कि लोन, रिवार्ड्स और वर्किंग कैपिटल जैसी सुविधाओं का भी लाभ उठाते हैं।


📈 नए लाइसेंसों से मिलेगा जबरदस्त विस्तार

RBI के इन तीनों लाइसेंसों के साथ, Pine Labs अब अपने पूरे पेमेंट प्रोसेसिंग बिजनेस को इंटीग्रेट कर सकेगा। इससे कंपनी को फायदा होगा —

  • Merchant Network के विस्तार में 🏪
  • ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों पेमेंट चैनलों को जोड़ने में 💳
  • सेटलमेंट और ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट को तेज़ और आसान बनाने में ⚡
  • और फुल-स्टैक मर्चेंट सॉल्यूशन पेश करने में 💼

विश्लेषकों के अनुसार, भारत का डिजिटल पेमेंट मार्केट 2030 तक $300 बिलियन से ज्यादा का हो जाएगा। इस संदर्भ में Pine Labs की यह मंज़ूरी एक बड़ा स्ट्रेटेजिक एडवांटेज है।


💰 IPO में ठंडी प्रतिक्रिया, पर भरोसेमंद प्रदर्शन

हाल ही में Pine Labs ने अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) भी लॉन्च किया था, जो 7 नवंबर से 11 नवंबर तक खुला रहा।

  • प्राइस बैंड: ₹210 से ₹221 प्रति शेयर
  • न्यूनतम निवेश: ₹14,070
    हालांकि, रिटेल निवेशकों की तरफ से IPO को ठंडी प्रतिक्रिया मिली और यह केवल 2.46 गुना सब्सक्राइब हुआ।

फिर भी, कंपनी ने अपने IPO से पहले एंकर निवेशकों से ₹1,754 करोड़ जुटाने में सफलता हासिल की, जो बड़े संस्थागत निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।


📊 वित्तीय प्रदर्शन: लाभ में लौटी कंपनी

वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही (Q1 FY26) में Pine Labs ने शानदार वापसी की।

  • राजस्व (Revenue): ₹616 करोड़
  • शुद्ध लाभ (Net Profit): ₹4.7 करोड़

पिछले कुछ वर्षों से घाटे में चल रही कंपनी ने अब आखिरकार प्रॉफिट जोन में वापसी की है। यह इस बात का संकेत है कि Pine Labs का बिजनेस मॉडल अब सस्टेनेबल दिशा में बढ़ रहा है।


🧠 टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर फोकस

Pine Labs ने हमेशा से अपने कोर स्ट्रेंथ के रूप में टेक्नोलॉजी को अपनाया है। कंपनी लगातार अपने प्लेटफॉर्म में

  • AI-संचालित पेमेंट सिस्टम,
  • डेटा सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स, और
  • फ्रॉड डिटेक्शन इंजन जैसी इनोवेटिव तकनीकों को जोड़ रही है।

इनसे व्यापारी न केवल भुगतान स्वीकार कर पाते हैं, बल्कि अपने कस्टमर डेटा, सेल्स ट्रेंड्स और क्रेडिट एनालिटिक्स को भी बेहतर तरीके से समझ पाते हैं।


🌍 वैश्विक विस्तार की तैयारी

भारत में मजबूत पकड़ बनाने के बाद Pine Labs अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों की ओर ध्यान दे रहा है।
कंपनी पहले ही मलेशिया, सिंगापुर, UAE और सऊदी अरब जैसे देशों में अपनी सेवाएं दे रही है।
नए क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट लाइसेंस से कंपनी अब वैश्विक व्यापारियों के लिए भी इंटीग्रेटेड पेमेंट सॉल्यूशंस पेश कर सकेगी।


💬 विशेषज्ञों की राय

मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि Pine Labs को मिले ये तीन लाइसेंस उसे भारत के शीर्ष फिनटेक खिलाड़ियों की श्रेणी में ले आएंगे।

“यह कदम Pine Labs को Razorpay, Paytm और Cashfree जैसे दिग्गजों के सीधे मुकाबले में खड़ा करता है,” एक विश्लेषक ने कहा।
“कंपनी अब डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में हर स्तर पर सेवा देने के लिए तैयार है।”


🔚 निष्कर्ष: Pine Labs का ‘फुल सर्कल मोमेंट’

Pine Labs ने कार्ड स्वाइप मशीन से शुरुआत की थी, और अब यह डिजिटल पेमेंट्स के पूरे इकोसिस्टम को जोड़ने वाला प्लेटफॉर्म बन चुका है।
RBI से मिले तीनों लाइसेंस न केवल कंपनी के लिए बल्कि भारत के डिजिटल फाइनेंशियल सेक्टर के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होंगे।

💬 “Pine Labs अब पेमेंट्स की पूरी कहानी का हिस्सा नहीं, बल्कि उसका नेतृत्व करने जा रहा है।”


📍मुख्य बातें एक नज़र में:

  • RBI से मिला Payment Aggregator, Gateway और Cross-Border License ✅
  • अब Pine Labs करेगा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग 🌏
  • 5 लाख से ज्यादा व्यापारी पहले से जुड़े हैं 💼
  • IPO को 2.46x सब्सक्रिप्शन, ₹1,754 करोड़ जुटाए 💰
  • Q1 FY26 में ₹616 करोड़ राजस्व और ₹4.7 करोड़ का लाभ 📈

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💸 Pine Labs IPO ₹210-₹221 प्राइस बैंड तय, ₹23,573 करोड़ वैल्यूएशन पर फिनटेक यूनिकॉर्न की बड़ी चाल!

Pine Labs

भारत के टॉप फिनटेक यूनिकॉर्न्स में से एक Pine Labs आखिरकार अपने लंबे इंतज़ार वाले IPO के साथ स्टॉक मार्केट में दस्तक देने जा रहा है। कंपनी ने अपने IPO प्राइस बैंड ₹210 से ₹221 प्रति शेयर तय किया है, जिससे इसकी वैल्यूएशन करीब ₹23,573 करोड़ (लगभग $2.7 बिलियन) बनती है।

इस पब्लिक इश्यू ने जहां पहले दौर के निवेशकों के लिए शानदार एग्जिट तैयार किया है, वहीं लेट-स्टेज इन्वेस्टर्स को ज़्यादा मुनाफा देखने की उम्मीद नहीं है।


🚀 Peak XV को मिला गोल्डन एग्जिट – 39.5X का शानदार रिटर्न!

IPO एनालिसिस के मुताबिक, Peak XV Partners (पहले Sequoia Capital India) को इस लिस्टिंग से सबसे बड़ा फायदा मिलेगा — यानी करीब 39.5X का रिटर्न 🔥।
इसके अलावा, Madison India को लगभग 5.6X, और Sofina Ventures को 4.7X का शानदार मुनाफा होने की उम्मीद है।

लेकिन जिन निवेशकों ने Pine Labs में बाद के फंडिंग राउंड्स में एंट्री ली थी, उनके लिए हालात थोड़े कमज़ोर दिख रहे हैं।


📉 लेट-स्टेज इन्वेस्टर्स के लिए लिमिटेड गेन या लॉस

IPO प्राइसिंग से साफ है कि कुछ निवेशकों के लिए यह डील “कम रिटर्न” वाला सौदा साबित हो सकता है।

  • Temasek और PayPal को अपने निवेश पर 3X से कम रिटर्न मिलने का अनुमान है।
  • Mastercard को करीब 1.7X का रिटर्न मिलेगा।
  • वहीं Invesco, जिसने सबसे ऊँचे वैल्यूएशन पर निवेश किया था, को नुकसान झेलना पड़ सकता है।
  • Lone Cascade की स्थिति “ब्रेक ईवन” जैसी है, यानी बस बराबरी पर पहुंचना।

💰 OFS में कौन कितना कैश आउट करेगा?

IPO के Offer for Sale (OFS) में कुछ बड़े निवेशक आंशिक रूप से अपनी हिस्सेदारी बेचकर नकदी निकालेंगे।

  • Peak XV Partners को करीब ₹508.4 करोड़ मिलेंगे
  • Actis को लगभग ₹194.7 करोड़
  • Temasek को ₹193.3 करोड़
  • PayPal को ₹150 करोड़
  • Mastercard को ₹130.9 करोड़

वहीं अन्य शेयरहोल्डर्स जैसे Invesco (₹71 करोड़), Madison India (₹66.7 करोड़), Lone Cascade (₹53 करोड़), Sofina Ventures (₹44.2 करोड़) और फाउंडर Lokvir Kapoor (₹49.1 करोड़) भी अपने कुछ शेयर बेचेंगे।


📉 $6 बिलियन से $2.7 बिलियन तक — वैल्यूएशन में बड़ी गिरावट

ध्यान देने वाली बात यह है कि Pine Labs की यह वैल्यूएशन 2022 के $6 बिलियन टारगेट से लगभग आधे स्तर पर आ गई है।
यह गिरावट सिर्फ Pine Labs के लिए नहीं, बल्कि पूरे फिनटेक सेक्टर में वैल्यूएशन रीसेट को दिखाती है — जहाँ अब इन्वेस्टर्स प्रॉफिटेबिलिटी और स्टेबल कैश फ्लो को ज़्यादा महत्व दे रहे हैं, न कि सिर्फ हाई ग्रोथ स्टोरी को।


🧾 IPO डिटेल्स: ₹3,900 करोड़ का पब्लिक इश्यू

Pine Labs का ₹3,900 करोड़ का IPO दो हिस्सों में बाँटा गया है:

  • ₹2,080 करोड़ का फ्रेश इश्यू
  • और ₹1,820 करोड़ का OFS (यानी शेयर सेल बाय एग्ज़िस्टिंग इन्वेस्टर्स)

कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल डेट रिपेमेंट, टेक्नोलॉजी अपग्रेड्स और इंटरनेशनल एक्सपैंशन में करेगी।


📊 कौन है सबसे बड़ा शेयरहोल्डर?

RHP (Red Herring Prospectus) के अनुसार:

  • Peak XV Partners के पास है सबसे बड़ी हिस्सेदारी – 20.25%
  • Temasek के पास 7.06%
  • PayPal के पास 5.98%
  • Actis Pine Labs Investment के पास 5.75%
  • Mastercard के पास 5.22%
  • और Alpha Wave के पास 3.37%

📈 फाइनेंशियल परफॉर्मेंस: FY25 में 28.5% ग्रोथ, FY26 में प्रॉफिटेबल!

Pine Labs ने FY25 में 28.5% साल-दर-साल ग्रोथ दर्ज की — कंपनी की रेवेन्यू ₹1,769 करोड़ से बढ़कर ₹2,274 करोड़ हो गई।
नेट लॉस भी 57% घटकर ₹145 करोड़ रह गया।

सबसे बड़ी बात — FY26 की पहली तिमाही में Pine Labs ने प्रॉफिट दर्ज किया, ₹616 करोड़ रेवेन्यू पर ₹4.7 करोड़ नेट प्रॉफिट


🏦 भारत के फिनटेक IPOs के लिए पॉज़िटिव सिग्नल

अगर Pine Labs का IPO सफल रहा 💥 तो यह भारत के अन्य फिनटेक यूनिकॉर्न्स — जैसे Razorpay, Cashfree, और Zerodha के लिए एक मजबूत संकेत साबित हो सकता है।
हालांकि, अब नए IPOs को यथार्थवादी वैल्यूएशन और सस्टेनेबल ग्रोथ पर फोकस करना होगा।


🔍 निष्कर्ष

Pine Labs का IPO भारत के स्टार्टअप ईकोसिस्टम के लिए सिर्फ एक पब्लिक इश्यू नहीं, बल्कि वैल्यूएशन और प्रॉफिटेबिलिटी के नए बैलेंस की कहानी है।
जहाँ शुरुआती निवेशकों ने जैकपॉट मारा 💰, वहीं बाद के निवेशकों के लिए यह IPO “रियलिटी चेक” साबित हो सकता है।
अब नज़रें इस पर टिकी हैं कि क्या Pine Labs का मार्केट डेब्यू, भारत की फिनटेक स्टोरी को फिर से रफ़्तार देगा या नहीं। 🚀

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💳 Pine Labs IPO ₹3,900 करोड़ के इश्यू से पहले CEO Amrish Rau को मिले ₹243 करोड़ के ESOPs

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भारत की अग्रणी merchant payments और lending प्लेटफ़ॉर्म Pine Labs ने आखिरकार अपने बहुप्रतीक्षित ₹3,900 करोड़ के IPO के लिए Red Herring Prospectus (RHP) दाखिल कर दिया है। लेकिन IPO से पहले ही कंपनी सुर्खियों में है — क्योंकि बीते चार महीनों में Pine Labs ने ₹564.75 करोड़ के नए ESOPs (Employee Stock Option Plans) जारी किए हैं, जिनमें से सबसे बड़ा हिस्सा ₹243 करोड़ का कंपनी के CEO Amrish Rau को मिला है।


🏦 Pine Labs का IPO स्ट्रक्चर: ₹2,080 करोड़ का Fresh Issue और ₹1,820 करोड़ का OFS

कंपनी द्वारा दाखिल RHP के अनुसार, यह IPO दो हिस्सों में विभाजित है —

  • Fresh Issue: ₹2,080 करोड़ के नए इक्विटी शेयर जारी होंगे
  • Offer for Sale (OFS): ₹1,820 करोड़ मूल्य के शेयर मौजूदा निवेशकों द्वारा बेचे जाएंगे

OFS में प्रमुख निवेशक Peak XV Partners, Temasek, PayPal, Mastercard, Sofina Ventures, Invesco, Madison India, और Lone Cascade शामिल हैं।

सबसे खास बात यह है कि Peak XV Partners (पहले Sequoia India) अपने निवेश पर लगभग 40 गुना (40x) रिटर्न हासिल करेगा, जिससे यह IPO निवेशकों के लिए भी बेहद आकर्षक बन गया है।


💼 ESOPs का विस्तार: 6.15 करोड़ से बढ़कर 8.7 करोड़ विकल्प

RHP में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 30 जून 2025 तक Pine Labs के पास कुल 6.15 करोड़ ESOPs का पूल था, जिसकी वैल्यूएशन ₹1,360 करोड़ थी।
लेकिन अगले चार महीनों (1 जुलाई से 1 नवंबर 2025 तक) में कंपनी ने 2.55 करोड़ नए ESOPs जारी किए —
👉 अब कंपनी का कुल ESOP पूल 8.7 करोड़ विकल्पों का हो गया है।

इनमें से 2.75 करोड़ विकल्पों को कन्वर्ट कर दिया गया है, जिनकी एक्सरसाइज़ प्राइस ₹5.4 से ₹156 के बीच रही।
कुछ विकल्प रद्द या समाप्त भी हुए, जिससे कंपनी के पास 5.89 करोड़ सक्रिय ESOPs बचे हैं, जिनकी मौजूदा वैल्यू लगभग ₹1,300 करोड़ ($148 मिलियन) है।


👔 CEO Amrish Rau बने सबसे बड़े लाभार्थी

ESOP वितरण में सबसे बड़ा हिस्सा CEO Amrish Rau को मिला।
पिछले चार महीनों में कंपनी ने जो 2.55 करोड़ नए ESOPs दिए, उनमें से 1.1 करोड़ विकल्प अकेले CEO को आवंटित किए गए।
बाकी विकल्प अन्य Key Managerial Personnel (KMPs) को मिले।

RHP के मुताबिक, जून 2025 से पहले ही Amrish Rau के पास 2.31 करोड़ विकल्प थे।
अब उनके पास कुल 3.41 करोड़ ESOPs हैं, जिनकी वैल्यू लगभग ₹755.6 करोड़ है।
📊 यानी, IPO से पहले ही CEO Pine Labs में सबसे बड़े इंडिविजुअल इक्विटी होल्डर बन चुके हैं।


📈 वित्तीय प्रदर्शन: FY25 में 28.5% की ग्रोथ, FY26 की शुरुआत में हुआ मुनाफा

Pine Labs के वित्तीय आंकड़े यह दर्शाते हैं कि कंपनी लगातार मजबूत स्थिति में पहुंच रही है —

  • FY24 राजस्व: ₹1,769 करोड़
  • FY25 राजस्व: ₹2,274 करोड़ (28.5% YoY ग्रोथ)
  • FY25 नेट लॉस: ₹145 करोड़ (पिछले वर्ष से 57% कम)

और सबसे बड़ी उपलब्धि — FY26 की पहली तिमाही (Q1) में Pine Labs ने आखिरकार मुनाफा (Net Profit ₹4.7 करोड़) दर्ज किया।
इस तिमाही में कंपनी की कुल आय ₹616 करोड़ रही।


💳 बिज़नेस मॉडल: Merchant Payments से Lending तक

Pine Labs भारत के merchant commerce इकोसिस्टम में एक प्रमुख नाम है।
कंपनी का प्लेटफॉर्म पेमेंट प्रोसेसिंग, डिवाइस सेल्स, और SME लेंडिंग को जोड़ता है।
भारत के साथ-साथ दक्षिण-पूर्व एशिया (SEA) में भी Pine Labs की मज़बूत उपस्थिति है।

इसके प्रमुख राजस्व स्रोत हैं —

  1. Transaction Processing और Settlement Services: कुल ऑपरेटिंग रेवेन्यू का लगभग 70%
  2. डिवाइस सेल्स और कार्ड डिस्ट्रीब्यूशन
  3. Lending और BNPL (Buy Now Pay Later) सॉल्यूशन्स

कंपनी का लक्ष्य है कि IPO के बाद जुटाई गई पूंजी का उपयोग टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर, इंटरनेशनल एक्सपेंशन, और डिजिटल क्रेडिट प्लेटफॉर्म्स को मजबूत करने में किया जाएगा।


🌍 निवेशकों का भरोसा और बाजार की उम्मीदें

Pine Labs पहले से ही Temasek, PayPal, Mastercard, Peak XV, और Sofina जैसे शीर्ष वैश्विक निवेशकों से समर्थित है।
IPO के माध्यम से कंपनी न केवल नई पूंजी जुटाएगी बल्कि भारत के फिनटेक सेक्टर में अपनी लीडरशिप पोज़िशन और भी मजबूत करेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनी की IPO वैल्यूएशन ₹40,000–₹45,000 करोड़ तक पहुंच सकती है, जो इसे भारत के सबसे बड़े फिनटेक पब्लिक इश्यूज़ में शामिल करेगा।


💰 निवेशकों के लिए संकेत: IPO में क्या खास रहेगा?

  • मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ ट्रेंड
  • FY26 में प्रॉफिट में वापसी
  • CEO और टॉप मैनेजमेंट की बढ़ी हुई हिस्सेदारी
  • ब्रांड्स और बैंकों के साथ दीर्घकालिक पार्टनरशिप्स
  • तेजी से बढ़ता लेंडिंग और BNPL सेगमेंट

इन सभी फैक्टर्स से संकेत मिलता है कि Pine Labs का IPO भारतीय फिनटेक स्पेस में एक मेजर गेम-चेंजर साबित हो सकता है।


🧩 निष्कर्ष

Pine Labs का ₹3,900 करोड़ का IPO न केवल निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर है, बल्कि यह भारतीय फिनटेक सेक्टर की परिपक्वता का भी प्रतीक है।
CEO Amrish Rau को मिले ₹243 करोड़ के ESOPs इस बात का सबूत हैं कि कंपनी अपने नेतृत्व पर कितना भरोसा करती है।

IPO के बाद Pine Labs का फोकस होगा —

“टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और मर्चेंट एम्पावरमेंट”

और यही उसे आने वाले वर्षों में भारत के डिजिटल पेमेंट्स इकोसिस्टम में एक मार्केट लीडर बनाएगा। 💼✨

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💳 Pine Labs ने दाखिल किया Red Herring Prospectus, FY26 की पहली छमाही में हुआ मुनाफा

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भारत की प्रमुख merchant commerce और payment platform कंपनी Pine Labs ने अपना Red Herring Prospectus (RHP) दाखिल किया है, जिससे खुलासा हुआ है कि कंपनी ने मौजूदा वित्त वर्ष FY26 की पहली छमाही में मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी का राजस्व इसी अवधि में ₹650 करोड़ का आंकड़ा पार कर गया है।

यह उपलब्धि उस समय आई है जब भारतीय फिनटेक सेक्टर में तेज प्रतिस्पर्धा के बावजूद Pine Labs लगातार अपनी POS (Point of Sale) और digital payment सेवाओं को मजबूत बना रही है।


📈 18% की बढ़ोतरी के साथ बढ़ा ऑपरेटिंग रेवेन्यू

कंपनी के RHP के अनुसार, Pine Labs का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 18% बढ़कर ₹616 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष FY25 की पहली तिमाही में ₹522 करोड़ था।

कंपनी के प्रमुख राजस्व स्रोतों में transaction processing and settlement services शामिल हैं, जो कुल राजस्व का 70% हिस्सा रखते हैं। यह आय FY26 की पहली तिमाही में ₹432 करोड़ रही, जो FY25 की पहली तिमाही के ₹379 करोड़ से 14% अधिक है।

इसके अलावा, device sales, plastic cards और अन्य miscellaneous services से Pine Labs ने ₹88 करोड़ की आय दर्ज की, जो पिछले वर्ष के ₹56 करोड़ की तुलना में 57% की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है।


👩‍💼 कर्मचारी लाभ पर 44% खर्च, कुल व्यय में 17.5% की वृद्धि

Pine Labs ने अपने कुल व्यय का 44% हिस्सा कर्मचारी लाभों पर खर्च किया है। यह खर्च FY26 की पहली तिमाही में ₹291 करोड़ रहा, जो FY25 की इसी अवधि में ₹233 करोड़ था — यानी 25% की वृद्धि

Material cost पर कंपनी ने ₹71 करोड़ खर्च किए, जबकि transaction-related expenses, depreciation और finance cost जैसे मदों ने मिलकर कुल खर्च को ₹658 करोड़ तक पहुंचा दिया। यह FY25 की पहली तिमाही के ₹560 करोड़ की तुलना में 17.5% अधिक है।


💰 घाटे से मुनाफे की ओर: Pine Labs का टर्नअराउंड मोमेंट

Pine Labs ने पिछले वित्त वर्ष के नुकसान को पीछे छोड़ते हुए FY26 में मुनाफे की राह पकड़ी है। कंपनी ने FY26 की पहली तिमाही में ₹4.8 करोड़ का profit after tax (PAT) दर्ज किया, जबकि FY25 की इसी तिमाही में उसे ₹28 करोड़ का घाटा हुआ था।

हालांकि, टैक्स से पहले कंपनी को ₹4.8 करोड़ का नुकसान हुआ था, लेकिन ₹14 करोड़ के deferred tax credit ने उसे मुनाफे में पहुंचा दिया।

यह सुधार कंपनी के लिए एक turnaround point साबित हो रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा भी और मजबूत हुआ है।


🏦 ₹2,080 करोड़ के Fresh Issue के साथ IPO की तैयारी

Pine Labs के RHP के अनुसार, आने वाले IPO में कंपनी ₹2,080 करोड़ के fresh equity shares जारी करेगी, साथ ही 8.23 करोड़ शेयरों का offer for sale (OFS) भी होगा।

OFS में Peak XV Partners, Temasek, PayPal, Mastercard, Invesco, Madison India, और Sofina Ventures जैसे प्रमुख निवेशक अपने हिस्से की हिस्सेदारी बेचेंगे।

यह कदम Pine Labs के लिए अपने विस्तार को गति देने और public market में प्रवेश करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


🌐 Pine Labs का बिज़नेस मॉडल और फोकस एरिया

Pine Labs भारत में merchant commerce solutions का एक अग्रणी प्लेटफ़ॉर्म है जो छोटे और बड़े व्यापारियों को digital payment acceptance, EMI solutions, gift cards, और loyalty programs जैसी सेवाएं प्रदान करता है।

कंपनी के ग्राहक आधार में रिटेलर्स, ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म, होटल्स, और रेस्टोरेंट्स शामिल हैं। Pine Labs ने unified commerce के माध्यम से व्यापारियों को online और offline दोनों चैनलों पर भुगतान को आसान और सुरक्षित बनाने में मदद की है।

कंपनी का फोकस अब tier II और tier III शहरों में अपनी POS machine और QR payment network को तेजी से बढ़ाने पर है।


🚀 भविष्य की रणनीति: टेक्नोलॉजी और विस्तार पर ध्यान

IPO से मिलने वाली राशि का उपयोग Pine Labs अपनी technology capabilities को बढ़ाने, AI-driven analytics tools विकसित करने, और नई उत्पाद लाइनों पर निवेश करने के लिए करेगी।

साथ ही, कंपनी का लक्ष्य अपने merchant ecosystem को मजबूत करते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजारों — जैसे दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य पूर्व — में अपनी उपस्थिति का विस्तार करना है।


📊 निष्कर्ष: भारतीय फिनटेक सेक्टर में Pine Labs की मजबूत वापसी

FY26 की पहली छमाही में मुनाफे में आने के साथ ही Pine Labs ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय fintech ecosystem में उसका स्थान स्थायी और मजबूत है।

IPO के बाद कंपनी न केवल अपनी पूंजी संरचना को मजबूत करेगी, बल्कि merchant-centric digital ecosystem को भी अगले स्तर तक ले जाएगी।

भारत में डिजिटल भुगतान के बढ़ते अपनाने के साथ, Pine Labs का यह वित्तीय प्रदर्शन दर्शाता है कि profitability और growth दोनों ही उसके लिए अब स्थायी रूप से स्थापित हो चुके हैं।

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📊 Pine Labs को मिला नया CFO

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डिजिटल पेमेंट्स और मर्चेंट सॉल्यूशंस देने वाली प्रमुख कंपनी Pine Labs ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO से ठीक पहले नेतृत्व टीम में एक अहम बदलाव किया है। कंपनी ने समीर कमाथ (Sameer Kamath) को अपना नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है।

यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब Pine Labs ने हाल ही में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है और ₹2,600 करोड़ का सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की तैयारी में है।


👨‍💼 कौन हैं समीर कमाथ?

समीर कमाथ वर्तमान में मुंबई स्थित निवेश बैंक Avendus Capital में ग्रुप CFO के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वित्तीय सेवाओं की दुनिया में दो दशक से अधिक का अनुभव प्राप्त किया है। Avendus से पहले, वे Motilal Oswal में भी ग्रुप CFO रह चुके हैं।

Pine Labs में वे मार्क माथेंज (Marc Mathenz) की जगह ले रहे हैं, जिन्होंने जून 2025 में कंपनी से विदाई ली थी—सिर्फ कुछ ही दिन पहले जब Pine Labs ने SEBI के पास अपना IPO ड्राफ्ट फाइल किया था।


🧾 IPO से पहले नेतृत्व को मजबूत करने की रणनीति

समीर कमाथ की नियुक्ति Pine Labs की IPO योजना के लिहाज से बेहद रणनीतिक मानी जा रही है। एक अनुभवी CFO कंपनी को:

  • सार्वजनिक बाजार की रिपोर्टिंग ज़िम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने में मदद करता है।
  • निवेशकों के साथ पारदर्शिता और विश्वास को बढ़ाता है।
  • पूंजी संरचना और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मज़बूत करता है।

⚖️ कानूनी टीम में भी वापसी: शालिनी सक्सेना की दोबारा एंट्री

सिर्फ CFO ही नहीं, Pine Labs की कानूनी टीम में भी बड़ा बदलाव हुआ है। शालिनी सक्सेना, जो कि 2019 से 2022 के बीच Pine Labs की जनरल काउंसल (General Counsel) रही थीं, एक बार फिर इसी पद पर कंपनी से जुड़ने जा रही हैं।

सक्सेना ने 2022 में Pine Labs छोड़कर क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX में कानूनी प्रमुख का पद संभाला था। अब वे फिर से Pine Labs की कानूनी रणनीति और IPO से संबंधित compliances को लीड करेंगी।


🧠 मौजूदा लीडरशिप टीम

Pine Labs की मौजूदा कार्यकारी टीम में कई अनुभवी अधिकारी पहले से कार्यरत हैं:

  • अमरीश राउ – CEO (पूर्व PayU टॉप एक्जीक्यूटिव)
  • कुश मेहरा – Chief Business Officer
  • सुमित चोपड़ा – Chief Operating Officer
  • नवीन चांदानी – Issuing Business के Chief Business Officer

इन सभी अधिकारियों के साथ अब समीर कमाथ और शालिनी सक्सेना की वापसी Pine Labs की बोर्ड और लीडरशिप की मज़बूती को और बढ़ाएगी।


💰 IPO डिटेल्स: क्या है Pine Labs की योजना?

Pine Labs ने 27 जून 2025 को SEBI के पास अपना DRHP फाइल किया। इस प्रस्ताव में कंपनी:

  • ₹2,600 करोड़ का फ्रेश इश्यू जारी करेगी।
  • साथ ही, मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 147.8 मिलियन शेयरों का OFS (Offer for Sale) किया जाएगा।

कंपनी का लक्ष्य है कि इस IPO से उसे $4.5–5 बिलियन की वैल्यूएशन मिले। यह भारत के सबसे हाई-प्रोफाइल IPO में से एक हो सकता है।


🏦 प्रमुख निवेशक

Pine Labs के मौजूदा शेयरधारकों में कई बड़े नाम शामिल हैं:

  • Peak XV Partners (पूर्व Sequoia Capital India)
  • Mastercard
  • PayPal
  • Actis

इनमें से कई निवेशकों ने कंपनी में वर्षों पहले निवेश किया था और अब OFS के ज़रिए आंशिक रूप से एग्ज़िट करना चाहते हैं।


🛍️ Pine Labs क्या करती है?

Pine Labs एक मर्चेंट पेमेंट और डिजिटल फाइनेंस पर केंद्रित टेक कंपनी है। यह व्यापारियों को:

  • POS टर्मिनल सेवाएं,
  • Buy Now Pay Later (BNPL),
  • कस्टमर लोन ऑफरिंग,
  • गिफ्ट कार्ड और वाउचर मैनेजमेंट,

जैसी सेवाएं देती है। इसका प्लेटफॉर्म भारत के साथ-साथ सिंगापुर, मलेशिया और UAE जैसे देशों में भी कार्यरत है।


📉 बीते सालों की तैयारी और रोडमैप

Pine Labs पिछले दो वर्षों से IPO की तैयारी कर रही थी। कंपनी ने पहले US में लिस्टिंग पर विचार किया था, लेकिन अब घरेलू बाजार में IPO लाने का फैसला लिया है।

यह कदम कंपनी को:

  • निवेशकों से नई पूंजी जुटाने,
  • अपने ब्रांड को और मज़बूती देने,
  • और अधिग्रहण या विस्तार योजनाओं में मदद करेगा।

🔚 निष्कर्ष

Pine Labs का समीर कमाथ को CFO बनाना और शालिनी सक्सेना की वापसी, दोनों यह दर्शाते हैं कि कंपनी अपने IPO से पहले नेतृत्व, वित्त और कानूनी ढांचे को मज़बूत करना चाहती है।

इस रणनीतिक तैयारी से यह स्पष्ट होता है कि Pine Labs सार्वजनिक कंपनी के तौर पर अपने भविष्य को लेकर गंभीर है और निवेशकों के लिए यह एक मज़बूत अवसर हो सकता है।

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📈 Pine Labs जून के अंत तक IPO का DRHP, ₹6,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

Pine Labs

नोएडा स्थित मर्चेंट पेमेंट्स और लेंडिंग प्लेटफॉर्म Pine Labs अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की ओर बड़ा कदम बढ़ा रहा है। खबर है कि कंपनी जून 2025 के अंत तक भारतीय बाजार नियामक SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) के पास अपना Draft Red Herring Prospectus (DRHP) दाखिल करने की तैयारी में है।


💰 ₹5,000–6,000 करोड़ जुटाने का प्लान

The Economic Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Pine Labs इस IPO के जरिए ₹5,000 से ₹6,000 करोड़ (लगभग $585–700 मिलियन) जुटाने का लक्ष्य बना रहा है। कंपनी की टारगेटेड वैल्यूएशन $4–5 बिलियन रखी गई है, जो इसके पिछले प्राइवेट फंडिंग राउंड की वैल्यूएशन के आसपास है।

Pine Labs लंबे समय से पब्लिक मार्केट में प्रवेश करने की योजना बना रहा है। इससे पहले कंपनी ने 2022 में अमेरिका के SEC (Securities and Exchange Commission) के पास गोपनीय रूप से IPO दस्तावेज दाखिल किए थे, लेकिन वह योजना परवान नहीं चढ़ सकी।


🇮🇳 भारत में लिस्टिंग की ओर वापसी

अमेरिकी बाजार में लिस्टिंग की योजना टलने के बाद Pine Labs ने भारत में लिस्टिंग की दिशा में ध्यान केंद्रित किया। इस साल की शुरुआत में कंपनी ने अपना कानूनी डोमिसाइल सिंगापुर से भारत में ट्रांसफर कर लिया, जिससे इसके भारतीय IPO की राह आसान हो गई।

इस तैयारी के तहत कंपनी ने खुद को “पब्लिक लिमिटेड कंपनी” में बदल लिया है और नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति भी की है। यह जानकारी सबसे पहले Entrackr ने एक्सक्लूसिव तौर पर दी थी।


🏦 किन बैंकों को किया गया नियुक्त?

IPO को सफल बनाने के लिए Pine Labs ने देश-विदेश के कुछ प्रमुख इन्वेस्टमेंट बैंकों को चुना है:

  • Axis Capital
  • JP Morgan
  • Morgan Stanley
  • Citi
  • Jefferies

इन बैंकों की मदद से Pine Labs DRHP दाखिल करने और निवेशकों को आकर्षित करने की योजना पर काम कर रहा है।


📊 अब तक कितनी फंडिंग मिल चुकी है?

TheKredible के डेटा के अनुसार, Pine Labs ने अब तक कुल $1.3 बिलियन (लगभग ₹10,000 करोड़) से अधिक की फंडिंग जुटाई है। इसके प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं:

  • Peak XV Partners
  • Temasek
  • PayPal
  • Mastercard
  • और अन्य वैश्विक निवेशक

वर्तमान में कंपनी की प्राइवेट वैल्यूएशन $5 बिलियन (₹41,500 करोड़ से अधिक) है।


📉 वित्तीय प्रदर्शन: FY24 में मामूली ग्रोथ लेकिन बढ़ता घाटा

वित्तीय वर्ष 2023–24 (FY24) के लिए Pine Labs का प्रदर्शन मिला-जुला रहा:

  • 📈 ऑपरेटिंग रेवेन्यू: ₹1,317 करोड़ (2.8% की मामूली वृद्धि)
  • 📉 नेट लॉस: ₹187 करोड़ (3 गुना से अधिक की बढ़ोतरी)

इससे पहले कंपनी का घाटा बहुत सीमित था, लेकिन FY24 में इसके खर्चों और नुकसान में तीव्र बढ़ोतरी देखी गई।

FY25 के आंकड़े अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।


🛍️ Pine Labs क्या करता है?

Pine Labs की शुरुआत 1998 में हुई थी और अब यह भारत के सबसे प्रमुख merchant payments और consumer credit solutions देने वाले स्टार्टअप्स में शामिल है। कंपनी के प्रमुख प्रोडक्ट्स में शामिल हैं:

  • POS मशीनें जो डेबिट/क्रेडिट कार्ड पेमेंट स्वीकार करती हैं
  • EMI आधारित लोन सॉल्यूशन्स
  • Buy Now Pay Later (BNPL) सुविधा
  • फिजिकल और ऑनलाइन मर्चेंट्स के लिए पेमेंट इंटीग्रेशन

Pine Labs की सेवाएं न केवल भारत में बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में भी उपलब्ध हैं।


🧠 IPO क्यों है अहम?

इस IPO से Pine Labs को न सिर्फ पूंजी जुटाने का मौका मिलेगा, बल्कि:

  • कंपनी की ब्रांड वैल्यू और पारदर्शिता में वृद्धि होगी
  • नए बिजनेस वर्टिकल्स में निवेश और विस्तार संभव होगा
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी साख और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा
  • अन्य फिनटेक कंपनियों को भी लिस्टिंग की प्रेरणा मिलेगी

🧩 प्रतियोगी कंपनियां

Pine Labs का मुकाबला भारत में कई बड़े और उभरते फिनटेक खिलाड़ियों से है, जैसे:

  • Razorpay
  • PhonePe (POS सेवाओं के साथ)
  • Paytm
  • MobiKwik
  • और UPI आधारित छोटे-मोटे भुगतान प्लेटफॉर्म

हालांकि Pine Labs का ध्यान मुख्यतः लोन और EMI आधारित पेमेंट सिस्टम पर है, जिससे यह एक अलग श्रेणी में आता है।


🔮 आगे की राह

यदि DRHP जून के अंत तक दाखिल हो जाता है, तो Pine Labs का IPO 2025 की तीसरी तिमाही में लॉन्च हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बाजार की स्थिति अनुकूल रही, तो यह भारत के सबसे बड़े फिनटेक IPO में से एक बन सकता है।


✍️ निष्कर्ष

Pine Labs की IPO की तैयारी यह संकेत देती है कि भारत का फिनटेक इकोसिस्टम अब वैश्विक स्टेज पर पहुंचने को तैयार है। लंबे समय से निवेशकों का भरोसा जीतने के बाद, कंपनी अब पब्लिक मार्केट में खुद को परखने की तैयारी में है। इसका IPO न केवल निवेशकों के लिए एक अवसर होगा, बल्कि यह भारतीय फिनटेक सेक्टर के भविष्य की दिशा भी तय कर सकता है।

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✍️ लेखक: FundingRaised हिंदी टीम

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