🧬 Pluro Fertility ने जुटाए ₹125 करोड़! IVF सेवाओं के विस्तार और तकनीकी नवाचार में होगा निवेश 👶

Pluro Fertility

भारत के तेजी से बढ़ते फर्टिलिटी और IVF (In Vitro Fertilization) सेक्टर में एक और बड़ा निवेश हुआ है। Pluro Fertility and IVF ने अपने Series A फंडिंग राउंड में ₹125 करोड़ (लगभग $14 मिलियन) जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व प्रतिष्ठित ग्लोबल निवेशक Bessemer Venture Partners ने किया है। इस निवेश के बाद कंपनी का मूल्यांकन लगभग ₹1,000 करोड़ ($112 मिलियन) हो गया है।

इस राउंड में कई प्रमुख एंजेल निवेशकों — जैसे विक्रम चटवाल, धर्मिल शेठ, हार्दिक देढिया, सलील मुसले, शालिभद्र शाह, निकेत शाह, और करण कपूर — ने भी भाग लिया है।


💰 फंडिंग का उद्देश्य और इस्तेमाल

Pluro Fertility इस नए फंड का इस्तेमाल भारत के अलग-अलग शहरों में नए IVF सेंटर्स स्थापित करने, अपनी ऑपरेशनल क्षमताओं को मजबूत करने, और फर्टिलिटी टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म को विस्तार देने के लिए करेगी।
कंपनी का लक्ष्य है कि IVF सेवाओं को देशभर के उन हिस्सों तक पहुंचाया जाए जहां गुणवत्तापूर्ण फर्टिलिटी केयर की उपलब्धता अभी भी सीमित है।

कंपनी अपने डिजिटल और क्लिनिकल नेटवर्क प्लेटफ़ॉर्म को भी अपग्रेड करेगी, ताकि मरीजों और IVF विशेषज्ञों दोनों को बेहतर अनुभव प्रदान किया जा सके।


👩‍⚕️ Pluro का बिजनेस मॉडल

साल 2025 में जयदीप टैंक, परिक्षित टैंक, और भास्कर शाह द्वारा स्थापित Pluro Fertility एक अनूठे “पार्टनरशिप मॉडल” पर काम करती है।

इस मॉडल में Pluro देशभर के स्वतंत्र IVF विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ साझेदारी करती है।
क्लिनिकल निर्णय (जैसे इलाज और मेडिकल प्रोटोकॉल) डॉक्टरों के नियंत्रण में रहते हैं, जबकि Pluro गैर-क्लिनिकल कार्यों — जैसे एडमिनिस्ट्रेशन, टेक्नोलॉजी, कंप्लायंस, मार्केटिंग, और ऑपरेशंस — को मैनेज करता है।

इसका फायदा यह है कि डॉक्टर मरीजों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, जबकि Pluro उनके क्लिनिक की ऑपरेशनल क्षमता, मार्केट पहुंच, और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ाता है।


🏥 विस्तार की बड़ी योजना

Pluro Fertility का लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक 25 फर्टिलिटी सेंटर्स खोले जाएं। ये सभी सेंटर्स उन IVF विशेषज्ञों के साथ साझेदारी में होंगे जिनके पास कम से कम 10 वर्षों का क्लिनिकल अनुभव है।

अगले तीन वर्षों में कंपनी की योजना है कि वह देशभर में 100 IVF सेंटर्स का नेटवर्क तैयार करे, जो भारत का सबसे बड़ा पार्टनर्ड फर्टिलिटी नेटवर्क बन सकता है।

कंपनी के मुताबिक, यह मॉडल न केवल डॉक्टरों को सशक्त बनाता है बल्कि मरीजों के लिए बेहतर एक्सेस, पारदर्शिता, और विश्वसनीयता भी सुनिश्चित करता है।


📈 पार्टनर डॉक्टरों के लिए इक्विटी प्रोग्राम

Pluro Fertility का एक खास आकर्षण यह है कि इसके पार्टनर डॉक्टरों को कंपनी की विकास दर के अनुसार इक्विटी (शेयर होल्डिंग) में भागीदारी दी जाती है।
इससे डॉक्टरों को न केवल पेशेवर लाभ मिलता है बल्कि वे कंपनी की ग्रोथ स्टोरी में भी हिस्सेदार बनते हैं।

यह रणनीति Pluro को एक मजबूत डॉक्टर-फ्रेंडली नेटवर्क के रूप में स्थापित कर रही है — जो भारत में फर्टिलिटी सेक्टर में एक नया मानक तय कर सकता है।


⚙️ टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में निवेश

Pluro Fertility का कहना है कि फर्टिलिटी और IVF जैसे डोमेन में डाटा-ड्रिवन केयर, एआई बेस्ड डायग्नोस्टिक्स, और डिजिटल कंसल्टेशन भविष्य की जरूरतें हैं।

कंपनी इस नए फंड का एक हिस्सा अपनी टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने में लगाएगी, ताकि मरीजों को पर्सनलाइज़्ड फर्टिलिटी जर्नी, आसान बुकिंग, रिपोर्ट ट्रैकिंग, और रिमोट कंसल्टेशन जैसी सुविधाएँ मिल सकें।


📊 भारत का IVF बाजार – तेजी से बढ़ता अवसर

भारत का IVF और फर्टिलिटी मार्केट लगातार बढ़ रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में फर्टिलिटी ट्रीटमेंट का बाजार सालाना 15–18% की दर से बढ़ रहा है।
2024 में यह बाजार लगभग ₹8,500 करोड़ का था और अनुमान है कि 2030 तक यह ₹20,000 करोड़ से अधिक का हो जाएगा।

इस वृद्धि के पीछे देरी से शादी, तनाव, लाइफस्टाइल में बदलाव, और जागरूकता में वृद्धि जैसे कारक हैं।
Pluro जैसी कंपनियाँ इस डिमांड को तकनीक और विश्वसनीय सेवा के साथ पूरा करने की दिशा में काम कर रही हैं।


💬 संस्थापकों का दृष्टिकोण

Pluro के को-फाउंडर डॉ. जयदीप टैंक ने कहा —

“हमारा विज़न भारत में IVF और फर्टिलिटी केयर को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाना है। डॉक्टरों और मरीजों के बीच तकनीक के माध्यम से विश्वास का सेतु बनाना ही हमारा मिशन है।”

वहीं, Bessemer Venture Partners ने कहा कि भारत में फर्टिलिटी सर्विसेज का बाजार अभी शुरुआती चरण में है और Pluro इस क्षेत्र में एक मजबूत और स्केलेबल मॉडल बना रहा है।


🤝 फर्टिलिटी-टेक में बढ़ता निवेश

हाल ही में Luma Fertility नामक एक अन्य फर्टिलिटी-टेक स्टार्टअप ने ₹33 करोड़ ($4 मिलियन) की सीड फंडिंग जुटाई थी, जिसका नेतृत्व Peak XV’s Surge ने किया था।
इसमें मीरा शाह (Metropolis Healthcare) और विजय तापड़िया (B2V Ventures) जैसे प्रसिद्ध निवेशकों ने भाग लिया था।

यह दर्शाता है कि भारत में फर्टिलिटी-टेक सेक्टर निवेशकों के लिए एक नया आकर्षण बनता जा रहा है।


🌱 निष्कर्ष: Pluro – फर्टिलिटी केयर का नया भविष्य

Pluro Fertility ने अपने साझेदारी-आधारित मॉडल, डॉक्टर-केंद्रित दृष्टिकोण और तकनीकी नवाचार के बल पर भारत के IVF उद्योग में नई दिशा दी है।
Bessemer जैसे प्रतिष्ठित निवेशक का भरोसा कंपनी की दीर्घकालिक क्षमता को दर्शाता है।

आने वाले समय में Pluro न केवल IVF केयर को सुलभ और पारदर्शी बनाएगा, बल्कि डॉक्टरों और मरीजों के बीच विश्वास और कनेक्शन को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

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