🍽️ Rebel Foods की धीमी ग्रोथ लेकिन कम हुआ घाटा

Rebel Foods

क्लाउड किचन सेक्टर की दिग्गज कंपनी Rebel Foods ने बीते कुछ वर्षों में स्थिर लेकिन धीमी ग्रोथ दर्ज की है। फूड ब्रांड्स के बड़े नेटवर्क के बावजूद कंपनी का राजस्व तेजी से नहीं बढ़ पाया, हालांकि FY25 में इसका घाटा थोड़ा कम हुआ है। मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए दाखिल की गई कंपनी की RoC (Registrar of Companies) फाइलिंग्स इस तस्वीर को साफ करती हैं।


📈 राजस्व में सिर्फ 14% की ग्रोथ

FY25 में Rebel Foods का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹1,420 करोड़ से बढ़कर ₹1,617 करोड़ हुआ। यानी सिर्फ 14% YoY ग्रोथ, जो क्लाउड किचन इंडस्ट्री के लिए बहुत मजबूत नहीं मानी जाती।

🍛 किससे आती है कमाई?

Rebel Foods कई ब्रांड्स के जरिए काम करती है —

  • Faasos
  • Behrouz Biryani
  • The Good Bowl
  • Lunch Box
  • Over Story
  • The Biryani Life

इनमें से 97% रेवेन्यू सीधे फूड प्रोडक्ट्स की सेल से आता है। FY25 में यह आंकड़ा बढ़कर ₹1,565 करोड़ तक पहुंच गया। इसके अलावा सर्विस इनकम ₹31 करोड़ से बढ़कर ₹33 करोड़ हुई।

नॉन-ऑपरेटिंग इनकम शामिल करने के बाद FY25 में कंपनी की कुल आय ₹1,658 करोड़ रही।


💸 खर्चों का बढ़ता बोझ

Rebel Foods के लिए सबसे बड़ी चुनौती लगातार बढ़ते खर्च हैं।

🔹 प्रमुख खर्च FY25 में:

  • Cost of Materials: ₹613 करोड़ → ₹678.5 करोड़
  • Employee Benefits: ₹397 करोड़ → थोड़ा घटकर ₹388 करोड़
  • Advertising & Marketing: ₹153 करोड़ (14% वृद्धि)
  • Brokerage & Commission: ₹243 करोड़ (6% बढ़ोतरी)

कुल मिलाकर, कंपनी के कुल खर्च FY24 के मुकाबले 7% बढ़कर ₹1,987 करोड़ हो गए।


💰 घाटा घटा, लेकिन अभी भी काफी ज्यादा

राजस्व में हल्की वृद्धि और खर्चों में सीमित बढ़ोतरी के चलते कंपनी का घाटा कुछ कम हुआ है।

🔻 FY25 में नुकसान:

  • FY24 का घाटा: ₹382 करोड़
  • FY25 का घाटा: ₹336 करोड़ (लगभग 12% कमी)

हालांकि यह सुधार सकारात्मक है, लेकिन घाटा अभी भी काफी बड़ा है।

📉 प्रमुख वित्तीय अनुपात:

  • EBITDA Margin: -10.39%
  • ROCE: -35.93%

ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी अभी भी अपनी ऑपरेशनल एफिशियंसी से काफी दूर है।


💼 यूनिट लेवल पर सुधार

कंपनी ने प्रति रुपये की आय कमाने के लिए होने वाले खर्च में भी थोड़ा सुधार किया है।

  • FY24: ₹1.31 खर्च करके ₹1 कमाया
  • FY25: ₹1.23 खर्च करके ₹1 की कमाई

यह सुधार जरूर है, लेकिन यह मॉडल अभी भी टिकाऊ नहीं माना जा सकता।


🏦 कंपनी की वित्तीय स्थिति

  • कैश + बैंक बैलेंस: ₹56 करोड़
  • करंट एसेट्स: ₹597 करोड़

कैश रिजर्व्स कम होने से यह साफ है कि कंपनी को या तो खर्चों पर कड़े कदम उठाने होंगे या फिर बाहर से और पूंजी जुटानी पड़ेगी।


💵 Rebel Foods ने अब तक कितनी फंडिंग उठाई?

TheKredible के अनुसार कंपनी ने अब तक लगभग $803 मिलियन फंडिंग जुटाई है।
इसके प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं—

  • Peak XV Partners
  • Coatue
  • QIA
  • Lightbox

इतनी भारी फंडिंग के बावजूद अभी भी कंपनी मुनाफे से दूर है।


📉 क्लाउड किचन सेक्टर में बढ़ती चुनौतियाँ

Rebel Foods की यह स्थिति केवल उसकी नहीं, बल्कि पूरे इंडस्ट्री की चुनौतियों को दर्शाती है।
Barbeque Nation और अन्य पब्लिकली लिस्टेड फूड कंपनियों की तरह ही क्लाउड किचन मॉडल में:

  • यूनिट इकॉनॉमिक्स कमजोर
  • कस्टमर रिटेंशन महंगी
  • विज्ञापन खर्च ज्यादा
  • थर्ड-पार्टी ऐप कमीशन भारी

केवल Domino’s जैसी कंपनियाँ ही लगातार मुनाफे में रह पाने में सफल दिखती हैं।


🔍 आगे का रास्ता: क्या होगा Rebel Foods का भविष्य?

विशेषज्ञों का कहना है कि कम ग्रोथ और लगातार घाटे के चलते कंपनी को कड़े स्ट्रक्चरल बदलाव करने पड़ सकते हैं। इनमें शामिल हो सकते हैं:

  • ब्रांड पोर्टफोलियो का री-ऑर्गनाइज़ेशन
  • नॉन-प्रॉफिटेबल किचन बंद करना
  • ऑपरेशनल ऑटोमेशन बढ़ाना
  • मार्केटिंग खर्चों में कटौती
  • नए B2B मॉडल्स की तलाश

क्योकि वर्तमान स्थिति निवेशकों के लिए भी चिंता का विषय है, खासकर तब जब कंपनी का कैश रिजर्व लगातार कम होता जा रहा है।


📝 निष्कर्ष

Rebel Foods ने FY25 में हल्का सुधार जरूर दिखाया—राजस्व थोड़ा बढ़ा और घाटा कुछ कम हुआ। लेकिन मौजूदा बाजार परिस्थितियों में मॉडरेटेड ग्रोथ + लगातार घाटा कंपनी के बिजनेस मॉडल पर सवाल खड़े करता है।

क्लाउड किचन इंडस्ट्री की चुनौतियों के बीच, यह देखना दिलचस्प होगा कि Rebel Foods अपने मॉडल में कितना बदलाव करती है और आने वाले वर्षों में क्या वह मुनाफे की राह पकड़ पाती है।

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