🚚 Flipkart समर्थित Shadowfax Technologies का ₹2,000 करोड़ का IPO प्लान

Shadowfax

भारतीय लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप Shadowfax Technologies ने अपना अपडेटेड Draft Red Herring Prospectus (DRHP) बाजार नियामक SEBI के पास फाइल किया है। इस कदम से कंपनी ने अपने बहुप्रतीक्षित Initial Public Offering (IPO) की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा दिया है।

कंपनी इस IPO के ज़रिए ₹2,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, जिसमें एक हिस्सा Fresh Issue से और दूसरा Offer for Sale (OFS) के माध्यम से आएगा।


💸 IPO का स्ट्रक्चर: Fresh Issue और OFS दोनों शामिल

अपडेटेड DRHP के मुताबिक,

  • ₹1,000 करोड़ के शेयर Fresh Issue के रूप में जारी किए जाएंगे,
  • जबकि शेष ₹1,000 करोड़ का हिस्सा OFS (Offer for Sale) के तहत मौजूदा निवेशकों द्वारा बेचा जाएगा।

इन मौजूदा निवेशकों में शामिल हैं —

  • Flipkart,
  • Eight Roads Ventures,
  • Mirae Asset,
  • TPG,
  • Nokia Growth Partners,
  • और Snapdeal के सह-संस्थापक Kunal Bahl और Rohit Bansal

ये निवेशक अपने हिस्से के कुछ शेयर बेचकर आंशिक एग्जिट लेंगे।


🏁 SEBI की मंज़ूरी से IPO को मिली रफ्तार

इस महीने की शुरुआत में ही Shadowfax को उसके Confidentially Filed DRHP के लिए SEBI की मंज़ूरी मिल चुकी थी।
अब कंपनी ने अपने अपडेटेड DRHP को फाइल कर दिया है, जिससे इसके IPO की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।


🚀 Shadowfax क्या करती है?

2015 में Abhishek Bansal, Vaibhav Khandelwal, Praharsh Chandra, और Gaurav Jaithliya द्वारा स्थापित Bengaluru आधारित Shadowfax Technologies आज भारत के प्रमुख लास्ट-माइल डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स में से एक है।

कंपनी का नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ है —
📦 1.25 लाख से अधिक एक्टिव डिलीवरी पार्टनर्स
📍 14,000+ पिनकोड्स में सक्रिय
🍔 ग्रॉसरी, फूड, मेडिसिन, और ई-कॉमर्स डिलीवरी तक सर्विस प्रदान करती है।

कंपनी का दावा है कि उसका प्लेटफॉर्म भारत के सबसे बड़े ऑन-डिमांड डिलीवरी नेटवर्क्स में शामिल है, जो बड़े ई-कॉमर्स ब्रांड्स और हाइपरलोकल बिज़नेस को जोड़ता है।


🏗️ IPO से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कहाँ होगा?

Shadowfax ने बताया है कि Fresh Issue से जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्य रूप से इन उद्देश्यों के लिए किया जाएगा —

1️⃣ लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार — नए वेयरहाउस, सॉर्टिंग सेंटर्स और डिलीवरी नेटवर्क्स की स्थापना।
2️⃣ टेक्नोलॉजी स्ट्रेंथनिंग — AI-आधारित रूट ऑप्टिमाइजेशन, ट्रैकिंग सिस्टम और ऑटोमेशन को बढ़ावा।
3️⃣ इनऑर्गेनिक ग्रोथ (अधिग्रहण) — लॉजिस्टिक्स टेक और हाइपरलोकल से जुड़े अन्य स्टार्टअप्स में निवेश या अधिग्रहण।
4️⃣ कर्ज़ का भुगतान (Debt Repayment) — मौजूदा देनदारियों को कम कर बैलेंस शीट मजबूत बनाना।


📈 वित्तीय प्रदर्शन (Financial Highlights)

DRHP में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक —

  • FY25 में कंपनी की राजस्व वृद्धि 32% YoY रही,
  • कुल रेवेन्यू ₹2,485 करोड़,
  • और नेट प्रॉफिट ₹6.4 करोड़ दर्ज किया गया।

जबकि FY26 के पहले छह महीनों में ही —

  • कंपनी ने ₹1,805 करोड़ का रेवेन्यू
  • और ₹21 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज कर शानदार प्रदर्शन दिखाया है।

इससे स्पष्ट है कि Shadowfax अब न केवल ग्रोथ मोड में है, बल्कि प्रॉफिटेबिलिटी की दिशा में भी मजबूत कदम बढ़ा चुकी है।


🧩 भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में Shadowfax की स्थिति

भारत का लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मार्केट आने वाले वर्षों में $400 बिलियन तक पहुंचने की संभावना है।
ई-कॉमर्स, किराना और फूड डिलीवरी सेक्टर की तेजी से बढ़ती मांग ने लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स को देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम का हॉट सेगमेंट बना दिया है।

इस क्षेत्र में Shadowfax के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हैं —

  • Delhivery,
  • Ecom Express,
  • XpressBees,
  • और Porter

हालांकि Shadowfax की खासियत है इसका टेक-ड्रिवन नेटवर्क, जो डिलीवरी एजेंट्स और मर्चेंट्स दोनों के लिए सहज और स्केलेबल प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।


💬 संस्थापक का विज़न

कंपनी के को-फाउंडर और CEO Abhishek Bansal के मुताबिक,

“हमारा उद्देश्य है भारत के हर कोने में एक भरोसेमंद, तकनीक-आधारित डिलीवरी नेटवर्क बनाना जो छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े ब्रांड्स तक सभी को जोड़ सके। हमारा IPO उस दिशा में एक बड़ा कदम है।”


🏦 IPO मार्केट में बढ़ती हलचल

2025 में भारतीय स्टार्टअप्स का IPO सीज़न काफी गर्म रहा है —

  • Lenskart, Groww, boAt, और Infra.Market जैसे नाम पहले ही IPO रेस में शामिल हो चुके हैं।
    अब Shadowfax का नाम जुड़ने से यह साफ है कि लॉजिस्टिक्स सेक्टर भी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है।

विशेषज्ञों का मानना है कि Shadowfax का IPO निवेशकों के लिए एक ग्रोथ + प्रॉफिट कॉम्बिनेशन पेश करेगा, जो मार्केट में इसे खास बना सकता है।


📊 भविष्य की योजना (Future Outlook)

Shadowfax आने वाले दो वर्षों में —

  • अपनी डिलीवरी कवरेज को 25,000 पिनकोड्स तक बढ़ाने,
  • 10+ नए वितरण केंद्र (Distribution Hubs) स्थापित करने,
  • और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन इनोवेशन को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है।

कंपनी का लक्ष्य भारत में सबसे भरोसेमंद और कुशल लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बनना है।


🔚 निष्कर्ष

Flipkart-समर्थित Shadowfax Technologies का IPO भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नई हलचल पैदा करने वाला है।
कंपनी की सतत वृद्धि, मजबूत नेटवर्क, और लाभप्रदता की दिशा में प्रगति इसे अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है।

अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो Shadowfax आने वाले महीनों में भारत के सबसे सफल टेक-ड्रिवन लॉजिस्टिक्स IPOs में से एक साबित हो सकता है। 📈✨

Read more : इस हफ्ते भारतीय स्टार्टअप्स ने जुटाए $334.88 मिलियन — Snapmint, Pluro Fertility और Groww IPO सुर्खियों में!

🚚 Shadowfax IPO ₹2,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में

Shadowfax

भारतीय लॉजिस्टिक्स सेक्टर में तेजी से उभरती कंपनी Shadowfax जल्द ही ₹2,000 करोड़ (लगभग $235 मिलियन) का Initial Public Offering (IPO) लाने जा रही है। यह जानकारी कंपनी द्वारा रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ (RoC) में दायर फाइलिंग से सामने आई है।

💸 IPO का स्ट्रक्चर: Fresh Issue + OFS

Shadowfax का यह IPO दो हिस्सों में बंटा होगा:

  • ₹1,000 करोड़ का फ्रेश इश्यू, जो कंपनी में नए इक्विटी शेयर जारी करेगा।
  • ₹1,000 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS), जिसमें मौजूदा निवेशक अपने शेयर बेच सकेंगे।

इस सार्वजनिक निर्गम में ICICI Securities, JM Financial और Morgan Stanley मुख्य सलाहकार (lead managers) की भूमिका निभा रहे हैं।

📝 SEBI में गोपनीय रूट से DRHP दाखिल

Shadowfax ने हाल ही में सेबी (SEBI) के पास गोपनीय रूट के जरिए Draft Red Herring Prospectus (DRHP) फाइल किया है। यह तरीका उन स्टार्टअप्स के लिए होता है जो कम प्रोफाइल में IPO की प्रक्रिया शुरू करना चाहते हैं।

🧑‍💼 बोर्ड स्ट्रेंथनिंग: स्वतंत्र निदेशक और सह-संस्थापकों की नियुक्ति

IPO की तैयारी के बीच Shadowfax ने अपने बोर्ड को भी मज़बूत किया है। सह-संस्थापक गौरव जैठलिया को Whole-time Director के रूप में नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, नियामक आवश्यकताओं के तहत चार नए स्वतंत्र निदेशकों (Independent Directors) की भी नियुक्ति की गई है:

  • बिजू कुरियन
  • रुचिरा शुक्ला
  • पिरोजशाह सरकार
  • दिनकर गुप्ता

इन नियुक्तियों से कंपनी को बेहतर गवर्नेंस और IPO के बाद की रणनीतियों में सहायता मिलने की उम्मीद है।

📊 वैल्यूएशन: ₹5,981 करोड़ से ₹8,500 करोड़ की छलांग!

Shadowfax की मौजूदा वैल्यूएशन लगभग ₹5,981 करोड़ ($712 मिलियन) है। यह वैल्यूएशन कंपनी को फरवरी 2025 में Mirae Asset और Nokia Growth Partners से मिले $16.8 मिलियन के सीरीज़ F फंडिंग के बाद मिली थी।

कंपनी का लक्ष्य IPO के बाद अपनी वैल्यूएशन को ₹8,500 करोड़ तक ले जाने का है।

🏢 कंपनी प्रोफाइल: Shadowfax क्या करता है?

2015 में अभिषेक बंसल, वैभव खंडेलवाल, प्रहर्ष चंद्रा और गौरव जैठलिया द्वारा स्थापित Shadowfax, एक Bengaluru-स्थित लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप है। कंपनी खासतौर पर ई-कॉमर्स, हाइपरलोकल डिलीवरी, और लास्ट माइल लॉजिस्टिक्स पर फोकस करती है।

🔗 Shadowfax की खासियतें:

  • 1.25 लाख से अधिक मंथली एक्टिव डिलीवरी पार्टनर्स का नेटवर्क
  • ग्रोसरी, फूड डिलीवरी, और मेडिसिन डिलीवरी जैसे सेगमेंट में सेवाएं
  • बेंगलुरु से ऑपरेट होती है लेकिन पूरे भारत में सेवा उपलब्ध

📈 फंडिंग हिस्ट्री और मुख्य निवेशक

TheKredible के आंकड़ों के अनुसार, Shadowfax ने अब तक कुल $246 मिलियन की फंडिंग जुटाई है। इसके कुछ प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं:

  • Eight Roads Ventures – सबसे बड़ा बाहरी शेयरधारक
  • Flipkart
  • NewQuest Asia
  • Nokia Growth Partners

इन निवेशकों के समर्थन ने Shadowfax को भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में एक मज़बूत ब्रांड बनने में मदद की है।

📉 वित्तीय प्रदर्शन: FY24 में मुनाफा नहीं, लेकिन घाटा हुआ कम

हालांकि कंपनी का FY25 का डेटा अब तक सामने नहीं आया है, लेकिन FY24 के आंकड़े काफी प्रोत्साहित करने वाले हैं:

  • कुल राजस्व ₹1,885 करोड़ – साल दर साल 33.2% की वृद्धि
  • घाटा सिर्फ ₹11.8 करोड़, जो FY23 के ₹142 करोड़ के नुकसान से 91% की गिरावट है

यह दर्शाता है कि Shadowfax न सिर्फ राजस्व बढ़ा रहा है, बल्कि धीरे-धीरे लाभप्रदता (profitability) की ओर भी बढ़ रहा है।

📦 लॉजिस्टिक्स सेक्टर में IPO की बाढ़?

भारत में लॉजिस्टिक्स सेक्टर तेजी से टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बन रहा है। Shadowfax का IPO ऐसे समय में आ रहा है जब Delhivery, Ecom Express जैसी कंपनियां भी बाजार में मजबूत स्थिति बना चुकी हैं। इस IPO से Shadowfax को अपने नेटवर्क विस्तार और टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन में मदद मिलेगी।


🔚 निष्कर्ष: Shadowfax का IPO क्यों महत्वपूर्ण है?

Shadowfax का आगामी IPO भारत के लॉजिस्टिक्स और स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। Flipkart जैसी बड़ी कंपनी का समर्थन, मजबूत वित्तीय ग्रोथ, और लागत में कटौती के प्रयास इसे निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बना सकते हैं।

जैसे-जैसे कंपनी शेयर बाजार में प्रवेश करेगी, इसकी सफलता आने वाले समय में भारत के अन्य लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप्स को भी प्रेरित कर सकती है।


📢 क्या आप Shadowfax के IPO में निवेश करने की सोच रहे हैं? यह सही समय हो सकता है लॉजिस्टिक्स फ्यूचर का हिस्सा बनने का!

Read more: iTuring.ai ने जुटाए $5 मिलियन, BFSI सेक्टर में AI क्रांति लाने की तैयारी

Shadowfax ने ₹34.2 करोड़ ($4 मिलियन) की फंडिंग जुटाई,

Shadowfax

भारतीय लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप Shadowfax ने Series F फंडिंग राउंड में ₹34.2 करोड़ ($4 मिलियन) की नई पूंजी जुटाई है। यह निवेश ऐसे समय में आया है जब कंपनी ने 11 महीने पहले $100 मिलियन की फंडिंग हासिल की थी।

Shadowfax के निदेशक मंडल ने 5773 Series F अनिवार्य क्यूम्यूलेटिव प्रेफरेंस शेयर (CCPS) जारी करने के लिए एक विशेष प्रस्ताव पारित किया। इन शेयरों की कीमत ₹59,320 प्रति शेयर रखी गई है, जिससे कंपनी ने यह फंड जुटाया।


🔹 Shadowfax प्रमुख निवेशक और फंडिंग डिटेल्स

📌 Mirae Asset ने इस दौर में ₹17.4 करोड़ का निवेश किया
📌 Nokia Growth Partners ने ₹16.79 करोड़ का योगदान दिया

रिपोर्ट्स के अनुसार, Shadowfax कुल $50 मिलियन (₹415 करोड़) जुटाने की योजना बना रहा है और यह निवेश उसी बड़े फंडिंग राउंड का हिस्सा है।


🔹 Shadowfax की नई वैल्यूएशन

📊 Entrackr के अनुमानों के मुताबिक, Flipkart-समर्थित Shadowfax की वैल्यूएशन अब ₹5,981 करोड़ ($712 मिलियन) हो गई है

💡 हालांकि, यह आंकड़ा आगे मिलने वाली फंडिंग के अनुसार बदल सकता है।


🔹 Shadowfax का बिजनेस मॉडल और ग्रोथ

📍 Shadowfax भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में तेजी से उभरता हुआ स्टार्टअप है, जो कम लागत पर तेजी से डिलीवरी (Turnaround Time – TAT) सेवाएं देने के लिए जाना जाता है।

📍 कंपनी की खासियत इसका क्राउडसोर्सिंग नेटवर्क है, जिसमें:
1.25 लाख (125,000) मंथली एक्टिव डिलीवरी पार्टनर्स शामिल हैं।
35 लाख (3.5 मिलियन) रजिस्टर्ड यूजर्स हैं।

📍 Shadowfax फ्लिपकार्ट, ई-कॉमर्स, रेस्टोरेंट्स, फार्मा और रिटेल कंपनियों को लॉजिस्टिक्स सेवाएं प्रदान करता है

📍 बेंगलुरु-स्थित इस स्टार्टअप ने अब तक $200 मिलियन (₹1,660 करोड़) से अधिक फंडिंग जुटाई है


🔹 Shadowfax के प्रमुख निवेशक

📢 TheKredible के आंकड़ों के मुताबिक, Shadowfax में सबसे बड़े बाहरी निवेशक हैं:

Eight Road Ventures (सबसे बड़ा स्टेकहोल्डर)
Flipkart
NewQuest Asia
Nokia Growth Partners

📍 Flipkart की भागीदारी इसे भारतीय ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स सेक्टर में मजबूत बनाती है


🔹 IPO की तैयारी में Shadowfax

📢 रिपोर्ट्स के मुताबिक, Shadowfax ₹2,500-3,000 करोड़ ($300-$360 मिलियन) का IPO लाने की योजना बना रहा है

📌 कंपनी ने JM Financial, Morgan Stanley और ICICI Securities को अपने लीड बैंकर के रूप में चुना है
📌 IPO 2025 की दूसरी छमाही (जुलाई-दिसंबर) में लाने की योजना है

💡 यदि Shadowfax का IPO सफल होता है, तो यह भारतीय लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री में सबसे बड़े सार्वजनिक ऑफरिंग्स में से एक होगा


🔹 Shadowfax के लिए आगे की संभावनाएं

Shadowfax के बढ़ते बिजनेस और IPO योजना को देखते हुए, यह भारतीय लॉजिस्टिक्स मार्केट में एक मजबूत खिलाड़ी बन सकता है।

बढ़ती ई-कॉमर्स डिमांड: भारत में ऑनलाइन शॉपिंग और फूड डिलीवरी में तेजी आ रही है, जिससे लॉजिस्टिक्स कंपनियों की डिमांड बढ़ेगी।
IPO से ग्रोथ को मिलेगा बूस्ट: फंडिंग और IPO से Shadowfax को नए बाजारों में विस्तार और टेक्नोलॉजी अपग्रेड करने में मदद मिलेगी।
प्रतिस्पर्धा में आगे रहने की चुनौती: Shadowfax को Delhivery, XpressBees और Ecom Express जैसी कंपनियों से मुकाबला करना होगा


🔹 निष्कर्ष

🚀 Shadowfax का ₹34.2 करोड़ की नई फंडिंग जुटाना और $50 मिलियन तक फंडिंग बढ़ाने की योजना यह दिखाती है कि लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है

📈 कंपनी के लिए IPO लाना एक बड़ा कदम होगा, जिससे Shadowfax को लॉन्ग-टर्म ग्रोथ मिलेगी और यह भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में मजबूत स्थिति बना सकेगा

👉 क्या Shadowfax का IPO भारतीय निवेशकों के लिए अच्छा मौका होगा?
👉 क्या कंपनी Delhivery जैसी बड़ी लॉजिस्टिक्स कंपनियों से मुकाबला कर पाएगी?

📢 अपने विचार कमेंट में साझा करें! 🚀

read more :Paytm Cloud ने Seven Tech में 25% हिस्सेदारी खरीदी,

Shadowfax ने CriticaLog का किया अधिग्रहण,

Shadowfax

भारत की प्रमुख लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी प्लेटफॉर्म Shadowfax (Shadowfax) ने कस्टमाइज़्ड और हाई-वैल्यू लॉजिस्टिक्स सेवाओं में विशेषज्ञता रखने वाली फर्म Criticalog का अधिग्रहण कर लिया है।

Shadowfax हाई-वैल्यू डिलीवरी सेवाओं में होगा विस्तार

Criticalog का अधिग्रहण करके शैडोफैक्स अब भारत में हाई-वैल्यू आइटम डिलीवरी सेवाओं को और मजबूत करेगा। CriticaLog इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स, ज्वेलरी और फार्मास्यूटिकल्स जैसे उच्च मूल्य वाले उत्पादों का परिवहन करती है।

CriticaLog के पास 400 से अधिक ग्राहकों और मल्टीनेशनल कंपनियों का नेटवर्क है। इसके अनुभव और क्षमताओं को शैडोफैक्स के व्यापक नेटवर्क के साथ जोड़ने से कंपनी अपनी सेवाओं को और कस्टमाइज़ करके विभिन्न उद्योगों की जरूरतें पूरी कर सकेगी।


2,500 शहरों और 18,000 पिन कोड्स तक विस्तार

शैडोफैक्स का नेटवर्क पहले से ही देश के 2,500 शहरों और 18,000 पिन कोड्स तक फैला हुआ है। अब CriticaLog की सेवाओं के जुड़ने से यह और अधिक क्षेत्रों में टेलर्ड लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस प्रदान करेगा।


शैडोफैक्स का राजस्व और सेवाएं

डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म TheKredible के अनुसार, शैडोफैक्स का संचालन से राजस्व पिछले वित्तीय वर्ष में ₹1,884.8 करोड़ तक पहुंच गया, जो FY23 में ₹1,415 करोड़ था।

शैडोफैक्स ई-कॉमर्स और डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) फर्मों को थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL) सेवाएं प्रदान करता है।


कंपनी की मुख्य सेवाएं

शैडोफैक्स निम्नलिखित सेवाएं प्रदान करता है:

  1. क्वालिटी चेक आधारित रिवर्स लॉजिस्टिक्स
  2. हैंड-टू-हैंड डोरस्टेप एक्सचेंज
  3. सेम डे डिलीवरी (Prime Services)
  4. 10-मिनट की क्विक कॉमर्स डिलीवरी

शैडोफैक्स की रणनीति और भविष्य की योजनाएं

शैडोफैक्स ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकास किया है। इस अधिग्रहण से कंपनी न केवल अपने राजस्व को और बढ़ा सकती है, बल्कि नई टेक्नोलॉजी और सेवा क्षमताओं के साथ बाजार में एक नया मापदंड भी स्थापित कर सकती है।

  • अधिग्रहण का उद्देश्य:
    • प्रीमियम और हाई-वैल्यू आइटम लॉजिस्टिक्स में पैर जमाना।
    • भारत के अंदरूनी इलाकों तक सेवाओं का विस्तार करना।
    • लॉजिस्टिक्स के लिए नई तकनीकों को अपनाना।

लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा

भारतीय लॉजिस्टिक्स उद्योग में पिछले कुछ वर्षों में कई नए खिलाड़ी सामने आए हैं। ई-कॉमर्स और D2C कंपनियों की बढ़ती मांग के साथ, लॉजिस्टिक्स कंपनियों को तेज और कस्टमाइज़्ड सेवाएं प्रदान करने की आवश्यकता है।

  • शैडोफैक्स ने क्विक डिलीवरी और हाई-क्वालिटी सेवाओं में अपनी जगह बनाई है।
  • CriticaLog का अनुभव और शैडोफैक्स का व्यापक नेटवर्क दोनों मिलकर इस प्रतिस्पर्धा में कंपनी को एक बढ़त देंगे।

राजस्व में वृद्धि का सफर

शैडोफैक्स का FY24 में ₹1,884.8 करोड़ का राजस्व इसकी सफलता को दर्शाता है। यह केवल D2C और ई-कॉमर्स कंपनियों के भरोसेमंद सेवा प्रदाता के रूप में नहीं उभरा है, बल्कि अपनी सेवाओं को लगातार बेहतर बनाने पर भी जोर दे रहा है।
CriticaLog के जुड़ने के साथ, कंपनी को उम्मीद है कि अगले कुछ वर्षों में इसका राजस्व और तेजी से बढ़ेगा।


CriticaLog का परिचय

CriticaLog एक ऐसी कंपनी है जो उच्च-मूल्य वाले उत्पादों की परिवहन सेवाएं प्रदान करती है। इसके प्रमुख उत्पादों में शामिल हैं:

  1. इलेक्ट्रॉनिक्स
  2. ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स
  3. फार्मास्यूटिकल्स
  4. ज्वेलरी
  • CriticaLog के पास 400 से अधिक ग्राहकों का मजबूत आधार है, जिसमें कई बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां भी शामिल हैं।

नए अवसर और बाजार

CriticaLog के अधिग्रहण से शैडोफैक्स को नए बाजारों में प्रवेश करने का अवसर मिलेगा।

  • फार्मास्यूटिकल्स: संवेदनशील दवाओं और उपकरणों की डिलीवरी।
  • ऑटोमोबाइल: जटिल और समय-संवेदी स्पेयर पार्ट्स की डिलीवरी।
  • ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स: हाई-वैल्यू और सुरक्षित डिलीवरी समाधान।

अधिग्रहण का दीर्घकालिक प्रभाव

यह अधिग्रहण शैडोफैक्स के दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण है।

  1. ग्राहक अनुभव में सुधार:
    CriticaLog की विशेषज्ञता के साथ, शैडोफैक्स अपने ग्राहकों को और बेहतर सेवा प्रदान कर सकेगा।
  2. सेवाओं का विविधीकरण:
    यह कदम कंपनी को केवल D2C और ई-कॉमर्स तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि नए क्षेत्रों में विस्तार का मार्ग भी खोलेगा।
  3. प्रौद्योगिकी में निवेश:
    CriticaLog की तकनीकों को शैडोफैक्स के संचालन में शामिल करके लॉजिस्टिक्स को और प्रभावी बनाया जाएगा।

भविष्य की संभावनाएं

शैडोफैक्स और CriticaLog का यह तालमेल न केवल भारतीय लॉजिस्टिक्स उद्योग के लिए, बल्कि ग्राहकों और उद्योगों के लिए भी एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

  • नवाचार में बढ़त: शैडोफैक्स लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी सेवाओं में नई तकनीकों का प्रयोग कर सकता है।
  • अंतरराष्ट्रीय विस्तार: यह कदम शैडोफैक्स को वैश्विक स्तर पर अपने पैर जमाने में भी मदद कर सकता है।

निष्कर्ष

शैडोफैक्स का CriticaLog का अधिग्रहण भारतीय लॉजिस्टिक्स उद्योग में एक नई दिशा और गति देने का वादा करता है। यह कदम न केवल कंपनी की सेवाओं और राजस्व को बढ़ाएगा, बल्कि इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी मदद करेगा।

read more :पिछले सप्ताह भारतीय स्टार्टअप्स ने 248.87 मिलियन डॉलर का फंड जुटाया

Shadowfax FY24 में 90% घाटा कम कर वित्तीय मजबूती का प्रदर्शन

Shadowfax

भारत की अग्रणी नई पीढ़ी की लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी प्लेटफॉर्म कंपनी Shadowfax (Shadowfax) ने वित्त वर्ष 2024 (FY24) में अपने वित्तीय प्रदर्शन में महत्वपूर्ण सुधार दिखाया है। कंपनी ने 90% तक अपने घाटे को कम किया और 33% साल-दर-साल वृद्धि के साथ ऑपरेटिंग रेवेन्यू को बढ़ाया। इसके साथ ही, शैडोफैक्स ने EBITDA में 23 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है।


Shadowfax FY24 में आय और मुनाफा: मजबूत प्रदर्शन

Shadowfax का ऑपरेटिंग रेवेन्यू FY24 में बढ़कर 1,884.8 करोड़ रुपये हो गया, जो FY23 में 1,415 करोड़ रुपये था।

  • गैर-ऑपरेटिंग आय से कंपनी ने 11.6 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया।
  • कुल मिलाकर, FY24 में कंपनी की आय 1,896.4 करोड़ रुपये रही।

शैडोफैक्स ने अपने प्रदर्शन में सुधार का श्रेय रिवर्स लॉजिस्टिक्स, सेम-डे डिलीवरी, और अपनी विशेष Flash सर्विस जैसे वैल्यू-एडेड सेवाओं को दिया।


सेवाओं का विस्तार: 2,500 शहरों और 18,000 पिन कोड में मौजूदगी

शैडोफैक्स, थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL) सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी की सेवाएं ई-कॉमर्स और डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) फर्मों के लिए पूरे भारत में फैली हुई हैं।

  • यह कंपनी 2,500 शहरों और 18,000 पिन कोड में काम कर रही है।
  • कंपनी की आय का एकमात्र स्रोत लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी सेवाओं की बिक्री है।

अबिशेक बंसल, शैडोफैक्स के सह-संस्थापक और सीईओ, ने कहा,

“जबकि अधिकांश लॉजिस्टिक्स कंपनियां केवल एक सेवा पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और B2B में परिवर्तित हो रही हैं, शैडोफैक्स ने B2C में रहना पसंद किया है। हमारी क्विक कॉमर्स सेवाएं हमें बढ़त देती हैं क्योंकि हम एकमात्र 3PL हैं जो ऐसी सेवाएं प्रदान करते हैं।”


खर्चों का विश्लेषण: परिवहन और वितरण पर प्रमुख खर्च

FY24 में शैडोफैक्स के कुल खर्चों में सबसे बड़ा हिस्सा परिवहन और वितरण का रहा, जो मुख्य रूप से डिलीवरी पार्टनर्स से संबंधित है।

  • परिवहन और वितरण खर्च: FY24 में यह खर्च 24.7% बढ़कर 966.2 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
  • यह खर्च कंपनी के कुल खर्चों का 50.63% है।
  • वाहनों की संचालन लागत: 35.8% की वृद्धि के साथ यह लागत 394.5 करोड़ रुपये रही।
  • खोई हुई शिपमेंट से संबंधित लागत: यह खर्च 39.7% बढ़कर 94.6 करोड़ रुपये हो गया।

B2C फोकस और क्विक कॉमर्स की बढ़त

शैडोफैक्स का B2C पर ध्यान केंद्रित करना और क्विक कॉमर्स सेवाएं प्रदान करना कंपनी को प्रतिस्पर्धा में आगे रखता है।

  • क्विक कॉमर्स के तहत, कंपनी तेजी से डिलीवरी सेवाएं प्रदान करती है, जो ग्राहकों के लिए विशेष रूप से आकर्षक हैं।
  • यह कंपनी की प्रमुख Flash सर्विस के माध्यम से पूरा किया जाता है।

अबिशेक बंसल ने बताया कि कंपनी की मल्टी-सर्विस अप्रोच और ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की गई सेवाओं ने FY24 में स्थिरता और मुनाफे को सुनिश्चित किया है।


कंपनी की वित्तीय रणनीतियां

शैडोफैक्स ने अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए रणनीतिक कदम उठाए हैं:

  1. वैल्यू-एडेड सेवाओं पर जोर: रिवर्स लॉजिस्टिक्स, सेम-डे डिलीवरी, और क्विक कॉमर्स जैसी सेवाएं कंपनी की ग्रोथ में अहम भूमिका निभा रही हैं।
  2. डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग: डिजिटल तकनीक और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन में सुधार के जरिए संचालन की दक्षता बढ़ाई गई है।
  3. डिलीवरी पार्टनर्स पर निवेश: कंपनी ने अपने डिलीवरी पार्टनर्स के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया है, जिससे परिवहन और वितरण सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

प्रतिस्पर्धा और बाजार में स्थिति

भारत में लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में शैडोफैक्स का प्रमुख स्थान है।

  • डेल्हीवरी, ईकॉम एक्सप्रेस, और ब्लैकबक जैसे खिलाड़ी इस क्षेत्र में पहले से सक्रिय हैं।
  • शैडोफैक्स ने B2C पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने लिए एक विशिष्ट स्थान बनाया है।

क्विक कॉमर्स और मल्टी-सर्विस अप्रोच के कारण, शैडोफैक्स ने न केवल प्रतिस्पर्धा को मात दी है, बल्कि FY24 में EBITDA सकारात्मक प्रदर्शन भी किया है।


निष्कर्ष

शैडोफैक्स का FY24 में 90% घाटे को कम करना और 33% रेवेन्यू ग्रोथ इसे एक मजबूत वित्तीय प्रदर्शन वाली कंपनी के रूप में स्थापित करता है।

  • कंपनी का B2C फोकस, क्विक कॉमर्स की अनूठी पेशकश, और वैल्यू-एडेड सेवाओं ने इसे भारतीय लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में एक अग्रणी खिलाड़ी बनाया है।
  • FY24 के वित्तीय नतीजे यह दर्शाते हैं कि शैडोफैक्स ने न केवल अपने ऑपरेशन में सुधार किया है, बल्कि बाजार में एक स्थायी विकास पथ भी बनाया है।

आने वाले समय में, शैडोफैक्स का विस्तार और नवाचार इसे भारतीय और वैश्विक बाजारों में और मजबूत करेगा।

Read more :Ecom Express और Smartworks को Securities and Exchange Board of India से IPO की मंजूरी