भारतीय लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप Shadowfax Technologies ने अपना अपडेटेड Draft Red Herring Prospectus (DRHP) बाजार नियामक SEBI के पास फाइल किया है। इस कदम से कंपनी ने अपने बहुप्रतीक्षित Initial Public Offering (IPO) की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा दिया है।
कंपनी इस IPO के ज़रिए ₹2,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, जिसमें एक हिस्सा Fresh Issue से और दूसरा Offer for Sale (OFS) के माध्यम से आएगा।
💸 IPO का स्ट्रक्चर: Fresh Issue और OFS दोनों शामिल
अपडेटेड DRHP के मुताबिक,
- ₹1,000 करोड़ के शेयर Fresh Issue के रूप में जारी किए जाएंगे,
- जबकि शेष ₹1,000 करोड़ का हिस्सा OFS (Offer for Sale) के तहत मौजूदा निवेशकों द्वारा बेचा जाएगा।
इन मौजूदा निवेशकों में शामिल हैं —
- Flipkart,
- Eight Roads Ventures,
- Mirae Asset,
- TPG,
- Nokia Growth Partners,
- और Snapdeal के सह-संस्थापक Kunal Bahl और Rohit Bansal।
ये निवेशक अपने हिस्से के कुछ शेयर बेचकर आंशिक एग्जिट लेंगे।
🏁 SEBI की मंज़ूरी से IPO को मिली रफ्तार
इस महीने की शुरुआत में ही Shadowfax को उसके Confidentially Filed DRHP के लिए SEBI की मंज़ूरी मिल चुकी थी।
अब कंपनी ने अपने अपडेटेड DRHP को फाइल कर दिया है, जिससे इसके IPO की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।
🚀 Shadowfax क्या करती है?
2015 में Abhishek Bansal, Vaibhav Khandelwal, Praharsh Chandra, और Gaurav Jaithliya द्वारा स्थापित Bengaluru आधारित Shadowfax Technologies आज भारत के प्रमुख लास्ट-माइल डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स में से एक है।
कंपनी का नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ है —
📦 1.25 लाख से अधिक एक्टिव डिलीवरी पार्टनर्स
📍 14,000+ पिनकोड्स में सक्रिय
🍔 ग्रॉसरी, फूड, मेडिसिन, और ई-कॉमर्स डिलीवरी तक सर्विस प्रदान करती है।
कंपनी का दावा है कि उसका प्लेटफॉर्म भारत के सबसे बड़े ऑन-डिमांड डिलीवरी नेटवर्क्स में शामिल है, जो बड़े ई-कॉमर्स ब्रांड्स और हाइपरलोकल बिज़नेस को जोड़ता है।
🏗️ IPO से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कहाँ होगा?
Shadowfax ने बताया है कि Fresh Issue से जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्य रूप से इन उद्देश्यों के लिए किया जाएगा —
1️⃣ लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार — नए वेयरहाउस, सॉर्टिंग सेंटर्स और डिलीवरी नेटवर्क्स की स्थापना।
2️⃣ टेक्नोलॉजी स्ट्रेंथनिंग — AI-आधारित रूट ऑप्टिमाइजेशन, ट्रैकिंग सिस्टम और ऑटोमेशन को बढ़ावा।
3️⃣ इनऑर्गेनिक ग्रोथ (अधिग्रहण) — लॉजिस्टिक्स टेक और हाइपरलोकल से जुड़े अन्य स्टार्टअप्स में निवेश या अधिग्रहण।
4️⃣ कर्ज़ का भुगतान (Debt Repayment) — मौजूदा देनदारियों को कम कर बैलेंस शीट मजबूत बनाना।
📈 वित्तीय प्रदर्शन (Financial Highlights)
DRHP में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक —
- FY25 में कंपनी की राजस्व वृद्धि 32% YoY रही,
- कुल रेवेन्यू ₹2,485 करोड़,
- और नेट प्रॉफिट ₹6.4 करोड़ दर्ज किया गया।
जबकि FY26 के पहले छह महीनों में ही —
- कंपनी ने ₹1,805 करोड़ का रेवेन्यू
- और ₹21 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज कर शानदार प्रदर्शन दिखाया है।
इससे स्पष्ट है कि Shadowfax अब न केवल ग्रोथ मोड में है, बल्कि प्रॉफिटेबिलिटी की दिशा में भी मजबूत कदम बढ़ा चुकी है।
🧩 भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में Shadowfax की स्थिति
भारत का लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मार्केट आने वाले वर्षों में $400 बिलियन तक पहुंचने की संभावना है।
ई-कॉमर्स, किराना और फूड डिलीवरी सेक्टर की तेजी से बढ़ती मांग ने लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स को देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम का हॉट सेगमेंट बना दिया है।
इस क्षेत्र में Shadowfax के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हैं —
- Delhivery,
- Ecom Express,
- XpressBees,
- और Porter।
हालांकि Shadowfax की खासियत है इसका टेक-ड्रिवन नेटवर्क, जो डिलीवरी एजेंट्स और मर्चेंट्स दोनों के लिए सहज और स्केलेबल प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।
💬 संस्थापक का विज़न
कंपनी के को-फाउंडर और CEO Abhishek Bansal के मुताबिक,
“हमारा उद्देश्य है भारत के हर कोने में एक भरोसेमंद, तकनीक-आधारित डिलीवरी नेटवर्क बनाना जो छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े ब्रांड्स तक सभी को जोड़ सके। हमारा IPO उस दिशा में एक बड़ा कदम है।”
🏦 IPO मार्केट में बढ़ती हलचल
2025 में भारतीय स्टार्टअप्स का IPO सीज़न काफी गर्म रहा है —
- Lenskart, Groww, boAt, और Infra.Market जैसे नाम पहले ही IPO रेस में शामिल हो चुके हैं।
अब Shadowfax का नाम जुड़ने से यह साफ है कि लॉजिस्टिक्स सेक्टर भी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Shadowfax का IPO निवेशकों के लिए एक ग्रोथ + प्रॉफिट कॉम्बिनेशन पेश करेगा, जो मार्केट में इसे खास बना सकता है।
📊 भविष्य की योजना (Future Outlook)
Shadowfax आने वाले दो वर्षों में —
- अपनी डिलीवरी कवरेज को 25,000 पिनकोड्स तक बढ़ाने,
- 10+ नए वितरण केंद्र (Distribution Hubs) स्थापित करने,
- और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन इनोवेशन को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है।
कंपनी का लक्ष्य भारत में सबसे भरोसेमंद और कुशल लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बनना है।
🔚 निष्कर्ष
Flipkart-समर्थित Shadowfax Technologies का IPO भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नई हलचल पैदा करने वाला है।
कंपनी की सतत वृद्धि, मजबूत नेटवर्क, और लाभप्रदता की दिशा में प्रगति इसे अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है।
अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो Shadowfax आने वाले महीनों में भारत के सबसे सफल टेक-ड्रिवन लॉजिस्टिक्स IPOs में से एक साबित हो सकता है। 📈✨
Read more : इस हफ्ते भारतीय स्टार्टअप्स ने जुटाए $334.88 मिलियन — Snapmint, Pluro Fertility और Groww IPO सुर्खियों में!



