💰 SIMPL पर ईडी का शिकंजा: ₹913.76 करोड़ के FDI उल्लंघन में मामला दर्ज

SIMPL

🚨 भूमिका
भारत में फिनटेक और BNPL (Buy Now, Pay Later) सेक्टर की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता के बीच एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) ने One Sigma Technologies Pvt. Ltd. के खिलाफ FEMA (Foreign Exchange Management Act) के तहत शिकायत दर्ज की है। यह वही कंपनी है जो पॉपुलर BNPL ऐप SIMPL का संचालन करती है।

ED का आरोप है कि SIMPL ने ₹913.76 करोड़ के विदेशी निवेश में अनियमितताएं की हैं।


📍simpl जांच की शुरुआत कैसे हुई?
बेंगलुरु स्थित ईडी जोनल ऑफिस ने बताया कि उन्हें भरोसेमंद इनपुट मिला था कि SIMPL ने अमेरिका से भारी मात्रा में विदेशी निवेश हासिल किया है, और यह भारत की FDI (Foreign Direct Investment) नीति का उल्लंघन करता है।

जांच के दौरान पता चला कि कंपनी ने—

  • ₹648.87 करोड़ रुपये FDI के रूप में हासिल किए
  • ₹264.88 करोड़ रुपये convertible notes के जरिए जुटाए
  • और इन दोनों को 100% automatic route के तहत दर्ज किया

🖥️ IT सेक्टर बताकर FDI का फायदा?
SIMPL ने FDI नियमों के तहत अपने व्यवसाय को “Information Technology and computer service activities” के रूप में वर्गीकृत किया था ताकि उसे सरकार की मंजूरी के बिना विदेशी निवेश हासिल करने की छूट मिल सके।

लेकिन ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि SIMPL का वास्तविक संचालन वित्तीय सेवाओं (financial activities) से जुड़ा है – जो कि सरकारी मंजूरी वाले मार्ग (Government Approval Route) में आते हैं, न कि automatic route में।


⚠️ Convertible Notes पर भी नियमों का उल्लंघन
भारत के FDI नियमों के अनुसार, यदि कोई स्टार्टअप financial services ऑफर करता है और वह विदेशी निवेशकों से convertible notes जारी कर फंड जुटाना चाहता है, तो इसके लिए सरकार की पूर्व मंजूरी ज़रूरी होती है।

ईडी का आरोप है कि SIMPL ने ऐसा कोई अप्रूवल भारत सरकार से नहीं लिया और सीधे विदेशी निवेश हासिल कर लिया।

इस तरह, कंपनी ने—

🔹 FDI नियमों
🔹 Convertible note जारी करने के नियमों

— दोनों का उल्लंघन किया।


📄 FEMA के तहत शिकायत दर्ज
अब ईडी ने SIMPL और उसके डायरेक्टर नित्यनंद शर्मा (Nithya Nand Sharm) के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कर दी है। यह मामला FEMA की धारा 13 (Section 13 of FEMA) के तहत भेजा गया है, जहां adjudicating authority तय करेगी कि कंपनी और निदेशक पर क्या दंड लगाया जाए या अन्य कोई कानूनी कार्रवाई हो।


🔎 पिछली फंडिंग और इतिहास
SIMPL ने नवंबर 2021 में अपनी Series B फंडिंग राउंड में $40 मिलियन (लगभग ₹300 करोड़) जुटाए थे। उस समय कंपनी तेजी से भारतीय डिजिटल क्रेडिट और BNPL मार्केट में पांव जमा रही थी।

अब यह कार्रवाई उसके उसी फंडिंग पैटर्न पर सवाल खड़ा करती है।


📊 ED की दूसरी बड़ी कार्रवाई – Myntra पर भी शिकंजा
इस कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले ईडी ने Myntra Designs Pvt Ltd पर भी ₹1,654 करोड़ के FDI उल्लंघन का मामला दर्ज किया था। आरोप है कि Myntra और उसके सहयोगी संस्थान multi-brand retail trading (MBRT) कर रहे थे, लेकिन इसे wholesale cash & carry बिज़नेस के रूप में दिखाया जा रहा था — जो कि भारत के FDI नियमों के तहत प्रतिबंधित है।


📌 BNPL और फिनटेक सेक्टर को चेतावनी
SIMPL के खिलाफ हुई इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत सरकार अब फिनटेक और BNPL ऐप्स के कामकाज और फंडिंग स्ट्रक्चर पर कड़ी निगरानी रख रही है।

भारत का BNPL सेक्टर ऐसे ऐप्स से भरा है जो टेक्नोलॉजी की आड़ में वित्तीय सेवाएं दे रहे हैं – और इनमें से कई कंपनियां FDI के नियमों का सही तरीके से पालन नहीं करतीं।


📢 विशेषज्ञों की राय
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि:

“यह कार्रवाई एक संकेत है कि अगर कोई स्टार्टअप ‘टेक कंपनी’ होने का दावा करके वित्तीय सेवाएं देगा और FDI नियमों को दरकिनार करेगा, तो वह मुश्किल में आ सकता है। BNPL मॉडल, खासकर Simpl जैसे ऐप्स को अब पारदर्शिता और अनुपालन पर ज़्यादा ध्यान देना होगा।”


🧠 निष्कर्ष
SIMPL पर ईडी की कार्रवाई एक माइलस्टोन केस है, जो भारत के स्टार्टअप और फिनटेक इकोसिस्टम को यह संदेश देता है कि FDI नियमों का पालन अनिवार्य है, चाहे कंपनी कितनी भी टेक्नोलॉजिकल क्यों न हो।

फिनटेक कंपनियों को अब अपने बिज़नेस मॉडल और फंडिंग स्ट्रक्चर को कानूनी और नियामकीय दिशानिर्देशों के अनुसार संचालित करना होगा, वरना उन्हें भी इसी तरह की जांच का सामना करना पड़ सकता है।


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