💳 Snapmint ने जुटाए $125 मिलियन! UPI पर EMI सुविधा को मिलेगी नई रफ़्तार,

Snapmint

भारत के तेजी से बढ़ते Buy Now Pay Later (BNPL) सेक्टर में एक और बड़ी खबर सामने आई है। मुंबई स्थित Snapmint, जो ग्राहकों को UPI के जरिए EMI पर भुगतान करने की सुविधा देता है, ने अपने Series B फंडिंग राउंड में $125 मिलियन (लगभग ₹1,040 करोड़) जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म General Atlantic ने किया है, जबकि इसमें Prudent Investment Managers, Kae Capital, Elev8 Venture Partners, और कुछ मौजूदा एंजेल निवेशकों ने भी भाग लिया है।


💰 निवेश का ब्योरा और उद्देश्य

कंपनी के को-फाउंडर नलिन अग्रवाल ने Entrackr को बताया कि जुटाई गई राशि में से $115 मिलियन प्राइमरी कैपिटल के रूप में आई है, जबकि बाकी फंड सेकेंडरी ट्रांजेक्शन के जरिए जुटाए गए हैं। इस सेकेंडरी हिस्से के माध्यम से कंपनी के कुछ शुरुआती एंजेल निवेशकों को एक्जिट (निवेश पर रिटर्न) भी मिला है।

Snapmint इस फंड का इस्तेमाल अपने EMI-on-UPI ऑफरिंग को विस्तार देने, मर्चेंट नेटवर्क बढ़ाने, और नई टेक्नोलॉजी विकसित करने में करेगी ताकि अधिक से अधिक भारतीय ग्राहकों तक उसकी सेवाएं पहुँच सकें।


🏦 Snapmint क्या करता है?

साल 2017 में नलिन अग्रवाल, अनिल जेलरा, और अभिनीत सावा द्वारा स्थापित Snapmint उपभोक्ताओं को बिना क्रेडिट कार्ड के EMI पर खरीदारी की सुविधा देता है। इसका मतलब है कि ग्राहक Snapmint की मदद से किसी भी प्रोडक्ट — चाहे वह इलेक्ट्रॉनिक्स हो, फैशन, ट्रैवल, या लाइफस्टाइल — को खरीदकर UPI के जरिए किश्तों में भुगतान कर सकते हैं।

Snapmint का कहना है कि यह मॉडल खासतौर पर युवा उपभोक्ताओं और बिना क्रेडिट कार्ड वाले ग्राहकों के लिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि वे आसानी से आवश्यक वस्तुएं खरीद सकें।


📈 यूजर बेस और कारोबार का विस्तार

कंपनी के अनुसार, वर्तमान में Snapmint के 70 लाख (7 मिलियन) मासिक सक्रिय यूजर हैं, जो देशभर के 23,000 से अधिक पिन कोड्स को कवर करते हैं। हर महीने कंपनी 15 लाख से ज्यादा खरीदारी को फंड करती है, यानी लाखों उपभोक्ता Snapmint की EMI सेवा का लाभ ले रहे हैं।

इस प्लेटफ़ॉर्म का मकसद न केवल ग्राहकों को भुगतान में आसानी देना है, बल्कि ऑनलाइन और ऑफलाइन मर्चेंट्स की कन्वर्ज़न दर (sales conversion) को भी बढ़ाना है। कंपनी कहती है कि उसकी फ्लेक्सिबल EMI योजनाओं से ग्राहकों की खरीदारी में 25–30% तक का इज़ाफ़ा देखा गया है।


⚔️ बाज़ार में प्रतिस्पर्धा

Snapmint इस समय भारत के उभरते BNPL और EMI पेमेंट स्पेस में कई दिग्गज कंपनियों से प्रतिस्पर्धा कर रहा है। इसके प्रमुख प्रतिस्पर्धी हैं — ZestMoney, LazyPay, Axio, Simpl, PayU PayLater, ICICI PayLater, और CRED

हालांकि, Snapmint की मुख्य ताकत EMI via UPI मॉडल है, जो उपभोक्ताओं को क्रेडिट कार्ड के बिना EMI पर भुगतान की सुविधा देता है — जो इसे अपने प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाता है।


🚀 भविष्य की योजनाएँ

Snapmint आने वाले कुछ वर्षों में अपनी उपस्थिति को कई गुना बढ़ाने की योजना बना रहा है। कंपनी का लक्ष्य है कि वह आने वाले समय में 10 करोड़ (100 मिलियन) से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुँचे।

इस फंडिंग से कंपनी को अपने टेक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, डेटा एनालिटिक्स और जोखिम मूल्यांकन (risk assessment) प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, कंपनी छोटे और मझोले व्यापारियों (SMEs) के साथ नई साझेदारियाँ करने की योजना भी बना रही है ताकि उपभोक्ताओं को EMI विकल्प अधिक से अधिक उत्पादों पर उपलब्ध कराया जा सके।


📊 अब तक का निवेश और हिस्सेदारी

स्टार्टअप डेटा प्लेटफॉर्म TheKredible के अनुसार, Snapmint ने अब तक कुल मिलाकर $140 मिलियन की फंडिंग जुटाई है। इसमें $18 मिलियन का डेब्ट और इक्विटी मिश्रण दिसंबर 2024 में जुटाया गया था।

इस नए फंडिंग राउंड के बाद General Atlantic कंपनी में 18.8% हिस्सेदारी का मालिक बन जाएगा, जिससे यह Snapmint के प्रमुख निवेशकों में शामिल हो जाएगा।


💼 वित्तीय प्रदर्शन (FY25)

Snapmint ने वित्त वर्ष 2025 (FY25) में शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी की राजस्व (Revenue) में साल-दर-साल 80% की बढ़ोतरी हुई है और यह बढ़कर ₹158.5 करोड़ पर पहुंच गई है।
सबसे खास बात यह रही कि Snapmint ने इस वित्त वर्ष में लाभ (Profit) भी दर्ज किया — कंपनी ने ₹15 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, जबकि पिछले वर्षों में यह घाटे में थी।

को-फाउंडर नलिन अग्रवाल ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2026 (FY26) को दोगुनी राजस्व वृद्धि के साथ बंद करने की उम्मीद कर रही है।


🧠 निष्कर्ष: भारत के डिजिटल क्रेडिट का नया अध्याय

Snapmint का EMI-on-UPI मॉडल भारत में डिजिटल क्रेडिट के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह उन लाखों उपभोक्ताओं को सशक्त बना रहा है जिनके पास पारंपरिक क्रेडिट कार्ड या बैंकिंग विकल्प नहीं हैं।

General Atlantic जैसे प्रतिष्ठित निवेशक का भरोसा इस बात का संकेत है कि Snapmint भारतीय फिनटेक सेक्टर में लंबी दौड़ का खिलाड़ी है। आने वाले वर्षों में, Snapmint न केवल भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में अहम भूमिका निभा सकता है बल्कि देश के BNPL सेक्टर को भी नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।

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💸 Snapmint जल्द जुटा सकता है ₹330 करोड़ की नई फंडिंग,

Snapmint

Buy Now, Pay Later (BNPL) सेवाएं देने वाला मुंबई स्थित स्टार्टअप Snapmint एक बार फिर चर्चा में है। कंपनी फिलहाल $40 मिलियन (लगभग ₹330 करोड़) की नई फंडिंग जुटाने के लिए बातचीत कर रही है। सूत्रों के अनुसार, यह Snapmint की मार्च 2022 के बाद तीसरी बड़ी फंडिंग होगी।


🤝 General Atlantic कर सकता है नेतृत्व

सूत्रों की मानें तो इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व General Atlantic कर सकता है, और मौजूदा निवेशकों की भी इसमें भागीदारी संभव है।

“General Atlantic और Snapmint के बीच डील के टर्म्स लगभग तय हो चुके हैं। कंपनी की वैल्यूएशन ₹1,300–1,400 करोड़ (करीब $150–160 मिलियन) तय की गई है,”
– एक निवेश सूत्र (नाम न छापने की शर्त पर)

इस डील को अगले कुछ हफ्तों में अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। हालांकि General Atlantic ने इस डील पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, और Snapmint या Prudent Investment से इस खबर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।


💼 अब तक Snapmint ने कितनी फंडिंग जुटाई?

Snapmint ने पिछले 2 वर्षों में लगातार फंडिंग राउंड्स किए हैं:

  • 📌 अगस्त 2022: $21 मिलियन का Series A राउंड
  • 📌 दिसंबर 2023: $18 मिलियन का फंड (डिट और इक्विटी मिश्रण में)
    • नेतृत्व: Prashasta Seth (Prudent Investment Manager)
    • अन्य भागीदार: Perpetuity Ventures, Pegasus Fininvest

इसके पहले Snapmint को Kae Capital, 9Unicorns, Anicut Capital, और Negen Capital जैसे निवेशकों का समर्थन भी मिला है।


🧾 Snapmint क्या करता है?

Snapmint की शुरुआत 2017 में तीन सह-संस्थापकों — नलिन अग्रवाल, अनिल गेलरा, और अभिनीत सावा — द्वारा की गई थी।

Snapmint का मॉडल ग्राहकों को EMI (किस्त) के ज़रिए शॉपिंग की सुविधा देता है, जिसमें वे मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थ & वेलनेस, किचन व घरेलू उत्पाद आदि “Buy Now, Pay Later” मॉडल पर खरीद सकते हैं।

कंपनी का डिजिटल प्लेटफॉर्म Nimbus, D2C ब्रांड्स को कस्टमाइज्ड क्रेडिट सॉल्यूशंस देता है, जिससे उनकी बिक्री और ग्राहक आधार में बढ़ोतरी होती है।


📈 वित्तीय स्थिति: FY24 में सुधार

TheKredible के डेटा के अनुसार, Snapmint ने FY24 (2023–24) में ₹88.56 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जो FY23 में ₹79.75 करोड़ था।

  • 📊 FY24 घाटा: ₹33.64 करोड़
  • 📉 FY23 घाटा: ₹32.98 करोड़

यानी घाटा लगभग स्थिर बना रहा है, जबकि रेवेन्यू में 10% से अधिक की बढ़ोतरी देखी गई।


🧩 Snapmint का प्रतियोगी परिदृश्य

BNPL सेगमेंट में Snapmint की सीधी टक्कर कुछ अन्य प्रमुख कंपनियों से है:

  • 🏦 Axio (पूर्व में Capital Float): जिसे जल्द ही Amazon अधिग्रहित कर सकता है
  • 🔥 ZestMoney: जिसे DMI Group ने 2023 में एक fire sale में खरीदा

Snapmint ने अपने खास D2C पार्टनरशिप मॉडल और आसान EMI प्रक्रिया के ज़रिए इस भीड़ में अलग पहचान बनाई है।


📲 Snapmint की मजबूती: क्यों निवेशक दिखा रहे हैं रुचि?

  • मजबूत ग्रोथ ट्रैक: तीन सालों में तीन बड़े फंडिंग राउंड
  • D2C ब्रांड्स के साथ बढ़ता इकोसिस्टम
  • क्रेडिट तक आसान पहुंच से ग्राहकों की संख्या में निरंतर वृद्धि
  • वित्तीय घाटा सीमित रखने की क्षमता

इन सभी कारणों से Snapmint निवेशकों की नजर में एक मजबूत फिनटेक ब्रांड बनकर उभरा है।


🔮 Snapmint की आगे की योजनाएं

फंडिंग जुटाने के बाद Snapmint निम्न क्षेत्रों में फोकस कर सकता है:

  • 📌 टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म Nimbus को और मज़बूत बनाना
  • 📌 D2C और ईकॉमर्स ब्रांड्स के साथ साझेदारियाँ बढ़ाना
  • 📌 टियर-2 और टियर-3 शहरों में यूज़र बेस का विस्तार
  • 📌 BNPL अनुभव को ज्यादा सरल और सुलभ बनाना

📝 निष्कर्ष

Snapmint की यह प्रस्तावित फंडिंग BNPL स्पेस में निवेशकों की दोबारा होती रुचि को दर्शाती है। General Atlantic जैसी वैश्विक निवेश फर्म का इस डील में रुचि लेना दर्शाता है कि Snapmint ने अपनी स्थिर ग्रोथ, ग्राहक बढ़ोतरी, और साफ बिज़नेस मॉडल के ज़रिए विश्वास हासिल किया है।

जैसे-जैसे भारत में डिजिटल फाइनेंस का दायरा बढ़ता जा रहा है, Snapmint जैसे स्टार्टअप्स “क्रेडिट फॉर द मासेज़” विज़न को साकार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

📢 BNPL, फिनटेक और स्टार्टअप्स की ऐसी एक्सक्लूसिव खबरों के लिए पढ़ते रहिए FundingRaised.in


✍️ लेखक: FundingRaised हिंदी टीम

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