🏢✨ Square Yards ने उठाए $35 Million: IPO से पहले बड़ी तैयारी,

Square Yards

भारत के तेजी से बढ़ते proptech सेक्टर में एक और बड़ी खबर सामने आई है। गुरुग्राम-आधारित प्रॉपटेक कंपनी Square Yards ने अपने नए फंडिंग राउंड में $35 मिलियन (लगभग ₹292 करोड़) जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व दक्षिण कोरिया की Smile Gate Group ने किया, जबकि कंपनी के मौजूदा निवेशकों ने भी भागीदारी दिखाई।

नए फंड के साथ Square Yards का post-money valuation $935 million तक पहुंच गया है — यानी यूनिकॉर्न बनने से बस एक कदम दूर।


🚀📈 IPO तैयारी तेज — 2026 में आ सकता है ₹2,000 करोड़ का बड़ा इश्यू

सूत्रों के अनुसार Square Yards अब एक बड़े ₹2,000 करोड़ के IPO की तैयारी में है, जिसकी लॉन्चिंग 2026 में प्रस्तावित है। इसी रणनीति के तहत कंपनी जल्द ही और $100 million जुटाने की कोशिश में है, जो debt + equity दोनों का मिश्रण होगा।

यदि यह राउंड भी सफल रहा, तो Square Yards लगभग तय रूप से unicorn club में पहुंच जाएगी।


🧱🏠 Square Yards क्या करता है? – एक पूरी Real Estate Ecosystem Company

साल 2014 में स्थापित, Square Yards भारत की सबसे तेज़ी से बढ़ती proptech कंपनियों में से एक है। यह रियल एस्टेट सेक्टर में एंड-टू-एंड समाधान प्रदान करती है। इसकी सेवाएं शामिल हैं:

  • 🏠 प्रॉपर्टी सर्च और डिस्कवरी
  • 📝 ट्रांजैक्शन सपोर्ट
  • 🏡 इंटीरियर और रेंटल सॉल्यूशन्स
  • 💼 प्रॉपर्टी मैनेजमेंट
  • 💰 Home loans, personal loans, secured lending (Urban Money के तहत)

कंपनी का दावा है कि उसका 87% बिजनेस aggregated channels जैसे ब्रोकर, एडवाइजर और लेंडिंग पार्टनर्स से आता है। बाकी हिस्सा डायरेक्ट बिजनेस से आता है।


📊💸 आंकड़ों में समझें Square Yards की मजबूत ग्रोथ

पिछले कुछ वर्षों में Square Yards ने बेहद तेज़ी से विस्तार देखा है।

✔ FY25 में कंपनी का प्रदर्शन

  • Revenue: ₹1,410 करोड़
  • EBITDA: ₹46 करोड़
  • मजबूत रियल एस्टेट मार्केट और बढ़ी हुई mortgage distribution ने ग्रोथ को सपोर्ट किया।

✔ पिछले 12 महीनों (सितंबर 2025 तक) का प्रदर्शन

  • Revenue: ₹1,670 करोड़
  • EBITDA: ₹120 करोड़ 🚀
  • यानी लाभप्रदता लगातार बेहतर हो रही है — IPO के लिए एक बड़ा पॉजिटिव संकेत।

कंपनी ने पिछले 4 सालों में 51% CAGR दर्ज किया, जो इसे भारत की सबसे तेजी से बढ़ती प्रॉपटेक कंपनियों में शामिल करता है।


🏗️💰 Square Yards का लेन-देन नेटवर्क कितना बड़ा है?

कंपनी के संचालन की स्केल काफी बड़ी है:

  • ₹12,000 करोड़ की प्रॉपर्टी डील्स को पिछले 12 महीनों में प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए सुविधा प्रदान की
  • ₹66,000 करोड़ के लोन डिस्बर्समेंट में सहायता

ऐसे नंबर यह दिखाते हैं कि Square Yards सिर्फ एक प्रॉपटेक ब्रांड नहीं, बल्कि एक full-stack real estate + fintech ecosystem बन चुका है।


💼📉 पिछली फंडिंग और निवेशक कौन-कौन रहे?

Square Yards ने अपने अब तक के फंडिंग इतिहास में कई वैश्विक निवेशकों को आकर्षित किया है:

  • $25 million (ADM Capital, 2021)
  • $20 million (Bennett Coleman & Co., Genkai Capital, 2019)

नया $35 million राउंड इस निरंतर पूंजी प्रवाह को और मजबूत करता है।


🆚🏢 किससे है मुकाबला? — NoBroker से कड़ी टक्कर

प्रॉपटेक सेक्टर में Square Yards का मुख्य प्रतिस्पर्धी है:

  • NoBroker — जो 2021 में भारत का पहला proptech unicorn बना।

दोनों कंपनियां housing, rental, mortgage और interior segments में शेयर बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। बढ़ते रियल एस्टेट डिजिटलाइजेशन के दौर में प्रतिस्पर्धा और रोमांचक हो रही है।


🔮🌟 आगे क्या? – यूनिकॉर्न क्लब और IPO की पूरी तैयारी

नया फंड एक स्पष्ट संकेत है कि Square Yards अब बड़े लीग में कदम रखने को तैयार है।
IPO से पहले यह राउंड कंपनी को:

  • 💸 मजबूत बैलेंस शीट
  • 🏗️ बेहतर विस्तार क्षमता
  • 📈 ग्राहक आधार बढ़ाने के अवसर
  • 🧭 नए मार्केट में प्रवेश

जैसे फायदे देगा।

अगर आगामी $100 million राउंड भी पूरा हो गया, तो Square Yards लगभग निश्चित रूप से भारत का नया proptech unicorn बन जाएगा।


📝📢 निष्कर्ष

Square Yards का यह नया $35M का फंडिंग राउंड सिर्फ पूंजी जुटाने का कदम नहीं, बल्कि IPO से पहले की एक रणनीतिक चाल है। $935M वैल्यूएशन और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन कंपनी को proptech सेक्टर में शीर्ष स्थान पर ले जा रहा है।

रियल एस्टेट और फिनटेक के इस मिश्रण ने कंपनी को एक बड़े प्लेटफ़ॉर्म में बदल दिया है, जो आने वाले वर्षों में भारत के housing और mortgage मार्केट में बड़ा बदलाव ला सकता है।

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💰 Urban Money ने बढ़ाई रफ्तार FY25 में 58% ग्रोथ के साथ Square Yards

Square Yards

भारत के प्रॉपटेक यूनिकॉर्न Square Yards की डिजिटल लेंडिंग और मॉर्टगेज डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट Urban Money ने वित्त वर्ष 2025 (FY25) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने बीते वित्त वर्ष में 58% साल-दर-साल (YoY) की दमदार ग्रोथ दर्ज की है, जो इसे भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक बना देती है।


📈 तीन साल में 10 गुना बढ़ा राजस्व

Urban Money का राजस्व FY25 में बढ़कर ₹714 करोड़ हो गया, जबकि FY24 में यह ₹454 करोड़ और FY23 में ₹233 करोड़ था।
सिर्फ तीन साल में कंपनी का टॉपलाइन ग्रोथ 10 गुना से ज्यादा हुआ है। यह तेजी मुख्य रूप से इसके लेंडिंग नेटवर्क के विस्तार और हाउसिंग लोन की बढ़ती डिमांड की वजह से आई है।


💳 लोन ट्रांजैक्शन वैल्यू में 59% की छलांग

Urban Money के ग्रॉस ट्रांजैक्शन वैल्यू (GTV) में भी FY25 के दौरान 59% की वृद्धि दर्ज की गई है — जो $5.7 बिलियन तक पहुंच गई, जबकि FY24 में यह $3.6 बिलियन थी।
वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने कुल 1.55 लाख लोन ट्रांजैक्शन पूरे किए, जो इसके स्केलेबल बिजनेस मॉडल और मजबूत पार्टनर नेटवर्क को दर्शाता है।


🏡 Uber-जैसा नेटवर्क मॉडल: 1.5 लाख से ज्यादा चैनल पार्टनर्स

Urban Money ने अपने पैरेंट Square Yards के विशाल रियल एस्टेट नेटवर्क का फायदा उठाया है।
कंपनी ने रियल एस्टेट एजेंट्स और फाइनेंशियल एडवाइजर्स को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़कर Uber-जैसा नेटवर्क मॉडल बनाया है। इस मॉडल से ये पार्टनर्स अब सीधे डिजिटल सिस्टम के ज़रिए होम लोन ऑरिजिनेट कर सकते हैं।

प्लेटफॉर्म के पास आज 1.5 लाख से ज्यादा चैनल पार्टनर्स हैं, जो 95 से अधिक बैंक और NBFCs से जुड़े हुए हैं।
डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, कंपनी के लगभग 87% बिजनेस का सोर्स इसके पार्टनर्स हैं, जबकि 13% ट्रांजैक्शन Urban Money खुद करती है — यह इसके टेक-लेड और एसेट-लाइट डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल को साबित करता है।


⚙️ API-इंटीग्रेशन से डिजिटल लेंडिंग में बढ़त

Urban Money ने अपने पार्टनर बैंकों के Loan Origination Systems (LOS) के साथ सीधा इंटीग्रेशन किया है।
यह सिस्टम API-आधारित KYC, इनकम और क्रेडिट स्कोर वेरिफिकेशन, और प्रत्येक बैंक की क्रेडिट पॉलिसी के अनुसार इंस्टेंट एलिजिबिलिटी चेक जैसी सुविधाएं देता है।

इससे कंपनी को तेजी से डिजिटाइज हो रहे मॉर्टगेज लेंडिंग मार्केट में एक मजबूत टेक्नोलॉजिकल एडवांटेज मिला है।
हाल ही में कंपनी ने अपना रियल एस्टेट डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है, जो रियल-टाइम प्रॉपर्टी वैल्यूएशन और ऑटोमेटेड टाइटल वेरिफिकेशन के ज़रिए लोन अप्रूवल प्रोसेस को तेज करता है।


💼 Square Yards के लिए फाइनेंस वर्टिकल बना ग्रोथ ड्राइवर

FY25 में Square Yards की कंसॉलिडेटेड इनकम ₹1,410 करोड़ रही, जो FY24 के ₹1,001 करोड़ से 41% अधिक है।
कंपनी ने पहली बार EBITDA पॉजिटिव ₹46 करोड़ का ऑपरेशनल प्रॉफिट भी दर्ज किया।

यह आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि Urban Money अब Square Yards के लिए सिर्फ एक सब-ब्रांड नहीं, बल्कि एक मुख्य रेवेन्यू ड्राइवर बन चुका है।


🔄 रियल एस्टेट से प्रॉप-फिनटेक की ओर स्क्वेयर यार्ड्स का ट्रांजिशन

Square Yards ने अब अपने बिजनेस मॉडल को रियल एस्टेट ब्रोकरेज से बढ़ाकर एक फुल-स्टैक प्रॉप-फिनटेक प्लेटफॉर्म में तब्दील कर दिया है।
Urban Money की सफलता ने इस बदलाव को और मजबूती दी है।

FY26 की पहली तिमाही (Q1 FY26) में कंपनी का राजस्व ₹378 करोड़ तक पहुंच गया, जो 45% YoY ग्रोथ दर्शाता है।
इस अवधि में कंपनी ने ₹70 करोड़ का EBITDA प्रॉफिट भी दर्ज किया — जो इसके बिजनेस मॉडल की मजबूती को दिखाता है।


⚠️ चुनौतियाँ और आगे की राह

हालांकि Urban Money की ग्रोथ शानदार है, लेकिन कंपनी का बिजनेस अब भी रियल एस्टेट डिमांड साइकिल्स और इंटरेस्ट रेट फ्लक्चुएशन्स पर निर्भर है।
आगे की सफलता के लिए कंपनी को कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन, टेक्नोलॉजी-लेड एफिशिएंसीज़, और लेंडर पार्टनरशिप्स को गहराई देने पर ध्यान देना होगा।


🏁 निष्कर्ष

डिजिटल लेंडिंग के तेजी से बढ़ते भारतीय बाजार में, Square Yards की Urban Money एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में उभरी है।
अपनी टेक्नोलॉजी, पार्टनर नेटवर्क और डेटा इंटेलिजेंस के सहारे, कंपनी आने वाले वर्षों में भारत के टॉप मॉर्टगेज डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म्स में अपनी जगह और मजबूत कर सकती है।

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