भारत में Artificial Intelligence (AI) आधारित सॉल्यूशंस की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी ट्रेंड के बीच AI कंसल्टिंग कंपनी Navikenz ने $7.5 मिलियन (लगभग 62 करोड़ रुपये) की नई फंडिंग जुटाई है। यह राउंड Sekar PRC और Sudip Nandy द्वारा co-lead किया गया, जबकि कंपनी के मौजूदा निवेशकों ने भी इसमें भाग लिया।
इससे पहले नोएडा स्थित इस कंपनी ने Sudip Nandy और अन्य निवेशकों से $8 मिलियन की फंडिंग हासिल की थी। अब तक जुटाई गई कुल पूंजी Navikenz को अपने अगले ग्रोथ फेज में तेजी से आगे बढ़ने में मदद करेगी।
💰 फंडिंग का उपयोग कहां होगा?
कंपनी ने प्रेस रिलीज में बताया कि इस नई पूंजी का इस्तेमाल मुख्य रूप से टीम विस्तार और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट के लिए किया जाएगा।
AI सेक्टर में टैलेंट की भारी डिमांड है और कंपनियों के लिए स्किल्ड इंजीनियर्स व डेटा साइंटिस्ट्स को हायर करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। Navikenz इस फंडिंग के जरिए:
- अपनी AI और डेटा साइंस टीम को मजबूत करेगी
- नए डिजिटल फ्रेमवर्क और प्लेटफॉर्म विकसित करेगी
- एंटरप्राइज क्लाइंट्स के लिए कस्टम AI सॉल्यूशंस को और बेहतर बनाएगी
कंपनी का फोकस केवल प्रोडक्ट बेचने पर नहीं बल्कि क्लाइंट्स के साथ लंबी अवधि की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पार्टनरशिप बनाने पर है।
🚀 2020 में हुई थी शुरुआत
Navikenz की स्थापना 2020 में Anjan Lahiri और Samit Deb ने की थी। दोनों फाउंडर्स का टेक और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस में लंबा अनुभव रहा है।
कंपनी का उद्देश्य एंटरप्राइजेज को AI-ड्रिवन सॉल्यूशंस अपनाने में मदद करना है ताकि वे अपने बिजनेस प्रोसेस को अधिक कुशल, डेटा-आधारित और ऑटोमेटेड बना सकें।
Navikenz का मानना है कि केवल मशीन लर्निंग ही पर्याप्त नहीं है — मानव अनुभव और इंट्यूशन को भी टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा जाना चाहिए। यही इसकी रणनीति का मुख्य आधार है।
🧠 कौन-कौन से AI सॉल्यूशंस देती है कंपनी?
Navikenz विभिन्न इंडस्ट्रीज के लिए AI-आधारित सॉल्यूशंस प्रदान करती है। इसके प्रमुख प्रोडक्ट और फ्रेमवर्क हैं:
- RetailBOT – रिटेल कंपनियों के लिए डेटा-आधारित निर्णय लेने का टूल
- HR Data Analytics – HR प्रोसेस को डेटा से बेहतर बनाने के लिए
- Spend Analytics – खर्चों के विश्लेषण और ऑप्टिमाइजेशन के लिए
- NaviKATOR Methodology – डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए कंपनी की खुद की प्रोपाइरटरी मेथडोलॉजी
इन सॉल्यूशंस के जरिए कंपनियां अपने ऑपरेशंस को स्मार्ट, ऑटोमेटेड और कॉस्ट-एफिशिएंट बना सकती हैं।
🌍 भारत से अमेरिका तक मौजूदगी
Navikenz के करीब 250 कर्मचारी हैं और इसके ऑफिस नोएडा और बेंगलुरु में स्थित हैं। इसके अलावा कंपनी की मौजूदगी Princeton, New Jersey (अमेरिका) में भी है।
यह इंटरनेशनल प्रेजेंस कंपनी को ग्लोबल क्लाइंट्स के साथ काम करने और नए मार्केट्स में एंट्री लेने में मदद करती है।
स्टार्टअप का दावा है कि वह फार्मा और लाइफ साइंसेज सेक्टर की टॉप तीन कंपनियों के साथ काम कर रही है। इसके अलावा कंपनी इंश्योरेंस और फाइनेंस सेक्टर के क्लाइंट्स को भी सर्विस देती है।
📈 रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी
Navikenz ने अपने पहले साल में ही $1 मिलियन से अधिक का रेवेन्यू जनरेट किया था। कंपनी का दावा है कि उसने हर साल अपना रेवेन्यू दोगुना किया है।
मार्च 31, 2024 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी ने 17.2 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया।
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी अपने तीसरे वर्ष में EBITDA पॉजिटिव हो गई थी और उसी साल की अंतिम तिमाही में प्रॉफिट भी दर्ज किया।
आज के स्टार्टअप इकोसिस्टम में जहां कई कंपनियां लंबे समय तक घाटे में रहती हैं, वहां Navikenz का शुरुआती वर्षों में ही लाभप्रद बनना निवेशकों के लिए एक मजबूत संकेत है।
🏗️ Pod Structure मॉडल पर काम
Navikenz का ऑपरेटिंग मॉडल भी काफी अलग है। कंपनी “Pod Structure” पर काम करती है।
इस मॉडल में छोटी-छोटी एक्सपर्ट टीम्स बनाई जाती हैं, जिनमें कंसल्टिंग, आर्किटेक्चर और इम्प्लीमेंटेशन स्किल्स शामिल होती हैं।
इसका फायदा यह होता है कि:
- क्लाइंट को एंड-टू-एंड सॉल्यूशन मिलता है
- प्रोजेक्ट डिलीवरी तेज और एफिशिएंट होती है
- कस्टमाइजेशन बेहतर तरीके से किया जा सकता है
यह स्ट्रक्चर एंटरप्राइज AI प्रोजेक्ट्स के लिए काफी प्रभावी माना जाता है।
📊 AI कंसल्टिंग मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
भारत में AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। बड़ी IT सर्विस कंपनियां भी AI में भारी निवेश कर रही हैं।
ऐसे माहौल में Navikenz जैसे स्पेशलाइज्ड AI कंसल्टिंग स्टार्टअप्स के लिए अवसर भी हैं और प्रतिस्पर्धा भी।
कंपनी का फोकस निचे (niche) एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और डोमेन-ड्रिवन AI एप्लिकेशन पर है, जो इसे पारंपरिक IT कंपनियों से अलग बनाता है।
🔮 आगे की रणनीति
नई फंडिंग के साथ Navikenz अब:
- अपने टेक प्लेटफॉर्म को स्केल करेगी
- नए इंडस्ट्री वर्टिकल्स में एंट्री ले सकती है
- ग्लोबल क्लाइंट बेस को मजबूत करेगी
- AI फ्रेमवर्क और ऑटोमेशन टूल्स को और उन्नत बनाएगी
यदि कंपनी अपनी ग्रोथ रफ्तार बनाए रखती है, तो आने वाले वर्षों में यह भारत के उभरते AI कंसल्टिंग लीडर्स में शामिल हो सकती है।
✍️ निष्कर्ष
Navikenz की यह $7.5 मिलियन की फंडिंग केवल पूंजी जुटाने की खबर नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि भारतीय AI कंसल्टिंग सेक्टर पर निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।
रेवेन्यू ग्रोथ, शुरुआती प्रॉफिटेबिलिटी और मजबूत एंटरप्राइज क्लाइंट बेस के साथ Navikenz एक ऐसे समय में आगे बढ़ रही है जब कंपनियां तेजी से AI अपनाने की ओर बढ़ रही हैं।
अब देखना दिलचस्प होगा कि यह स्टार्टअप अपने AI-ड्रिवन विजन को किस तरह अगले स्तर तक ले जाता है। 🚀
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