भारत की रिटेल ब्रोकिंग इंडस्ट्री नवंबर 2025 में लगभग ठहरी हुई नज़र आई। पूरे महीने में एक्टिव यूज़र बेस 4.5 करोड़ पर फ्लैट रहा। जहां ज्यादातर बड़े ब्रोकर्स के यूज़र घटे, वहीं Groww ही एक प्रमुख प्लेटफॉर्म रहा जिसने मामूली लेकिन पॉज़िटिव ग्रोथ दर्ज की।
यह ट्रेंड यह दिखाता है कि निवेशकों का रुझान धीरे-धीरे बदल रहा है, और मार्केट की अनिश्चितता का सीधा असर ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स पर दिख रहा है।
🚀📈 Groww का दबदबा जारी — मार्केट शेयर 26.84% तक पहुंचा
नवंबर में, Groww ने लगभग 42,000 नए एक्टिव डिमैट अकाउंट्स जोड़कर अपनी तेजी बरकरार रखी।
NSE डेटा के अनुसार, Groww का कुल क्लाइंट बेस अब लगभग 1.2 करोड़ (12 मिलियन) हो चुका है।
💹 Groww की ग्रोथ क्यों टिकी हुई है?
- आसान और साफ यूज़र इंटरफेस
- एग्रेसिव कंटेंट और मार्केटिंग स्ट्रैटेजी
- नए निवेशकों पर टार्गेट फोकस
- दीर्घकालिक वेल्थ मैनेजमेंट फीचर्स
📌 Groww का शेयर प्राइस
आज दोपहर 12:13 बजे तक Groww का शेयर लगभग ₹143 पर ट्रेड हो रहा था, और कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹88,436 करोड़ (लगभग $10 बिलियन) के आसपास है।
📉🟥 Zerodha, Angel One और Upstox में बड़ी गिरावट
जहां Groww ने पॉज़िटिव नंबर दिए, वहीं बाकी टॉप ब्रोकर्स के लिए नवंबर चुनौतीभरा रहा।
🔻 Zerodha
- यूज़र लॉस: लगभग 1 लाख
- कुल यूज़र बेस: 69.24 लाख
- मार्केट शेयर: 15.38%
🔻 Angel One
- यूज़र लॉस: 55,000+
- कुल यूज़र: 67.95 लाख
- मार्केट शेयर: 15.09%
🔻 Upstox
- यूज़र लॉस: 65,000+
- कुल यूज़र: 21.52 लाख
- मार्केट शेयर: 4.78%
📉 इन प्लेटफॉर्म्स के लिए यह लगातार दूसरा महीना है जब उनकी यूज़र ग्रोथ गिरावट में रही है।
🏦📈 पारंपरिक ब्रोकर्स का मिक्स्ड परफॉर्मेंस — SBI Caps और ICICI आगे
जहां टॉप डिस्काउंट ब्रोकर्स फिसले, वहीं कुछ पारंपरिक ब्रोकर्स ने उम्मीद से बेहतर परफॉर्म किया।
🟢 Gains
- SBI Caps: +30,000 यूज़र
- ICICI Securities: +19,000 यूज़र
- Paytm: +22,000 यूज़र
🔴 Declines
- HDFC Securities
- Kotak Securities
इन सब में नवंबर में गिरावट दर्ज की गई।
यह आंकड़े बताते हैं कि पुराने और भरोसेमंद बैंक-लिंक ब्रोकर्स अभी भी स्थिर ग्रोथ बनाए हुए हैं।
🔍📉 उभरते ब्रोकर्स: Dhan स्थिर, INDmoney और PhonePe Share.Market में गिरावट
🟢 Dhan (Unicorn स्टार्टअप)
- कुल यूज़र: 9.8 लाख
- मार्केट शेयर: 2.18%
- ट्रेंड: स्थिर
🔴 INDmoney
- माह-दर-माह गिरावट: 2.84%
🔴 PhonePe Share.Market
- माह-दर-माह गिरावट: 4.28%
उभरते ब्रोकर्स अब भी ग्रोथ के लिए आक्रामक रणनीतियां अपना रहे हैं लेकिन मार्केट का दबाव साफ दिख रहा है।
📉🇮🇳 जनवरी से नवंबर तक कुल गिरावट — निवेशकों की भागीदारी में सुस्ती
2025 की शुरुआत में एक्टिव डिमैट अकाउंट्स की संख्या 4.96 करोड़ थी।
नवंबर तक यह घटकर 4.50 करोड़ रह गई — यानी करीब 46 लाख खातों की गिरावट।
🧐 गिरावट के पीछे संभावित कारण:
- मार्केट में उतार-चढ़ाव
- IPO गतिविधियों में कमी
- रिटेल इन्वेस्टर्स का अल्पकालिक रुचि खोना
- ट्रेडिंग से निवेशकों का दूरी बनाना
यह ट्रेंड बताता है कि इंडियन रिटेल ट्रेडिंग कम्युनिटी फिलहाल वेट-एंड-वॉच मोड में है।
🔮📌 आगे की राह: क्या 2026 में आएगी रिटेल ट्रेडिंग की वापसी?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले महीनों में यदि IPO मार्केट सक्रिय हुआ और मार्केट में स्थिरता आई, तो रिटेल इन्वेस्टर्स की वापसी संभव है।
इसके अलावा:
- इंडिया की आर्थिक ग्रोथ
- AI-based ट्रेडिंग टूल्स
- कम फीस वाले नए प्लेयर्स
- एग्रेसिव फिनटेक इनोवेशन
…ये सभी 2026 में ब्रोकिंग इंडस्ट्री को नई जान दे सकते हैं।
📝 निष्कर्ष
नवंबर 2025 रिटेल ब्रोकिंग सेक्टर के लिए मिश्रित महीने की तरह रहा।
Groww ने अपनी लीड मजबूत की, जबकि Zerodha, Angel One और Upstox जैसे दिग्गजों ने यूज़र लॉस झेला। पारंपरिक ब्रोकर्स ने स्थिरता दिखाई और उभरते ब्रोकर्स का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।
मार्केट की सुस्ती जरूर है, लेकिन इंडियन्स की बढ़ती फाइनेंशियल अवेयरनेस और टेक-ड्रिवन इनोवेशन दर्शाते हैं कि ब्रोकिंग इंडस्ट्री आने वाले समय में फिर से रफ्तार पकड़ेगी।
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