📅 25 जुलाई को हुई बोर्ड बैठक में Swiggy ने बड़े बदलाव किए। SoftBank के Sumer Juneja और Accel के Anand Daniel ने Swiggy के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है, जबकि Middle East की ई-कॉमर्स कंपनी Noon के CEO Faraz Khalid को नए स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है।
यह बदलाव Swiggy के IPO (Initial Public Offering) के बाद के गवर्नेंस स्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने की रणनीति का हिस्सा हैं।
👥 निदेशक मंडल में नए चेहरे
Swiggy ने Faraz Khalid को बतौर Independent Director नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल 5 वर्षों का होगा और यह नियुक्ति शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के अधीन है।
💼 Faraz Khalid कौन हैं?
Faraz Khalid ने Middle East की नामी कंपनी Namshi की सह-स्थापना की थी और अब वह Noon के CEO हैं। Noon को उन्होंने Middle East और North Africa (MENA) क्षेत्र में अग्रणी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित किया।
उनका अनुभव ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स और फूड डिलीवरी में गहरा है, जो Swiggy के भविष्य के विस्तार और रणनीतियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
🔁 पुराने निदेशक का दोबारा कार्यकाल
Swiggy ने Shailesh Vishnubhai Haribhakti को भी एक बार फिर से पांच साल के लिए Non-Executive Independent Director के रूप में नियुक्त किया है। उनका दूसरा कार्यकाल 24 जनवरी, 2026 से प्रभावी होगा।
Haribhakti एक अनुभवी चार्टर्ड अकाउंटेंट और कॉस्ट अकाउंटेंट हैं, जिनके पास 50 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे Shailesh Haribhakti & Associates के चेयरमैन और GovEVA Consulting के वाइस चेयरमैन भी हैं।
📉 बोर्ड से हटे दो दिग्गज
Swiggy के बोर्ड से हटने वाले दो नामचीन निवेशक हैं:
- Sumer Juneja (SoftBank)
- Anand Daniel (Accel)
इन दोनों निवेशकों ने शुरुआती चरण में Swiggy में महत्वपूर्ण निवेश किया था और यह इस्तीफे इस बात का संकेत हैं कि कंपनी अब अपने पब्लिक मार्केट अवतार की ओर बढ़ रही है।
📊 Swiggy बनाम Zomato: तगड़ी टक्कर जारी
हालांकि Swiggy ने अब तक Q1 FY26 के परिणाम दाखिल नहीं किए हैं, लेकिन पिछली तिमाही में कंपनी ने 45% की साल-दर-साल ग्रोथ के साथ Rs 4,410 करोड़ का राजस्व दर्ज किया था। वहीं, कंपनी का घाटा बढ़कर Rs 1,081 करोड़ तक पहुँच गया।
दूसरी ओर, प्रतियोगी Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal ने Q1 FY26 में Rs 7,167 करोड़ का राजस्व दर्ज किया है, जिससे साफ है कि प्रतिस्पर्धा बहुत मजबूत बनी हुई है।
📈 शेयर बाज़ार में Swiggy की स्थिति
बाजार बंद होने के समय Swiggy के शेयर का मूल्य Rs 408.3 रहा और कंपनी की मार्केट कैपिटलाइजेशन Rs 1,01,815.6 करोड़ (लगभग $11.9 बिलियन) तक पहुंच गई है।
🧠 विश्लेषण: क्या संकेत देता है यह बदलाव?
Swiggy के बोर्ड में यह बदलाव दिखाता है कि कंपनी कॉर्पोरेट गवर्नेंस, स्वतंत्र निर्णयों और दीर्घकालिक विज़न पर जोर दे रही है। IPO के बाद, भारतीय स्टार्टअप्स में अक्सर बोर्ड संरचना में ऐसे बदलाव देखने को मिलते हैं जिससे कि कंपनी का प्रोफेशनल और पारदर्शी संचालन सुनिश्चित हो सके।
🧾 निष्कर्ष
Swiggy का यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि कंपनी अब पब्लिक इन्वेस्टर्स के लिए जवाबदेह, और व्यवस्थित कॉर्पोरेट गवर्नेंस मॉडल को अपनाने की दिशा में अग्रसर है। Faraz Khalid और Shailesh Haribhakti जैसे प्रोफेशनल्स की नियुक्ति, Swiggy को भारत के फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स स्पेस में लंबी रेस का घोड़ा बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
अब देखना होगा कि Swiggy आने वाले महीनों में बिज़नेस प्रदर्शन, लाभप्रदता और शेयर बाज़ार में स्थिरता को कैसे संभालता है।
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