Tata Group के डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म Tata 1mg ने वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में तेज़ी से अपनी ग्रोथ जारी रखते हुए अपने रेवेन्यू में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वहीं, कंपनी ने घाटा भी पिछले वर्ष की तुलना में कम किया है। Tata Sons की FY25 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, Tata 1mg ने इस वर्ष ₹2,392 करोड़ की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू अर्जित की, जो पिछले साल FY24 के ₹1,968 करोड़ की तुलना में 22% अधिक है।
🧾 दो संस्थाओं से हुआ रेवेन्यू जनरेट
Tata 1mg का रेवेन्यू दो प्रमुख संस्थाओं से आया:
- Tata 1mg Technologies: ₹2,016.5 करोड़
- Tata 1mg Healthcare Solutions: ₹375.5 करोड़
इस प्रकार, कंपनी की मजबूत तकनीकी और हेल्थकेयर संचालन दोनों ने FY25 में अच्छे नतीजे दिए हैं।
💊 क्या है Tata 1mg?
Tata 1mg एक डिजिटल हेल्थटेक स्टार्टअप है जो एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाएं, विटामिन्स, न्यूट्रिशन सप्लिमेंट्स और अन्य हेल्थ प्रोडक्ट्स को ऑनलाइन ऑर्डर करने की सुविधा देता है। यह यूज़र्स को घर बैठे दवाओं की डिलीवरी, टेस्ट बुकिंग और डॉक्टर कंसल्टेशन जैसी सेवाएं प्रदान करता है।
📉 घाटे में गिरावट, लेकिन खर्च में बढ़ोतरी
FY25 में Tata 1mg का कुल खर्च ₹2,682 करोड़ रहा, जो FY24 के ₹2,303 करोड़ के मुकाबले 17% अधिक है। हालांकि खर्च का विस्तृत विवरण वार्षिक रिपोर्ट में साझा नहीं किया गया है।
कंपनी का कुल घाटा ₹276 करोड़ रहा, जो FY24 के ₹313 करोड़ से 12% कम है। यानी कंपनी ने घाटा कम करने की दिशा में अच्छी प्रगति की है।
कंपनी का PBT (Profit Before Tax) ₹290 करोड़ दर्ज किया गया है। यूनिट इकॉनॉमिक्स के अनुसार, कंपनी ने हर ₹1 के रेवेन्यू के लिए ₹1.12 खर्च किए।
📊 एसेट्स और लायबिलिटी की स्थिति
FY25 के अंत में Tata 1mg के पास कुल एसेट्स ₹2,025 करोड़ के थे, जबकि इसकी कुल लायबिलिटी ₹1,190 करोड़ रही। इससे यह साफ़ है कि कंपनी की बैलेंस शीट अभी भी मजबूत बनी हुई है।
⚔️ कड़ी प्रतिस्पर्धा: Netmeds, PharmEasy और Apollo 24/7 से मुकाबला
Tata 1mg का मुकाबला भारत के अन्य प्रमुख ई-हेल्थ स्टार्टअप्स से है:
- Netmeds (Reliance समर्थित): जियो की विस्तृत नेटवर्क सपोर्ट से मजबूत स्थिति।
- PharmEasy: वित्तीय चुनौतियों के बावजूद डायग्नोस्टिक्स, फार्मेसी और कंसल्टेशन को एकीकृत करने वाले प्लेटफॉर्म के रूप में मजबूती बनाए रखी।
- Apollo 24/7: Apollo Hospitals के मजबूत ऑफलाइन नेटवर्क और ब्रांड वैल्यू से लाभ।
🏢 Tata Digital की हिस्सेदारी और निवेश रणनीति
Tata Digital ने जून 2021 में Tata 1mg में 55% हिस्सेदारी खरीदी थी। इसके बाद कंपनी ने अतिरिक्त 8.5% हिस्सेदारी और खरीदी। TheKredible के अनुसार, Tata Digital की वर्तमान हिस्सेदारी 63.5% है और Tata 1mg का वैल्यूएशन $1.25 बिलियन (लगभग ₹10,400 करोड़) है।
💸 Tata Digital का FY25 में घाटा और रणनीति
FY25 में Tata Digital ने खुद का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹546.9 करोड़ दर्ज किया, जबकि उसका घाटा ₹827.5 करोड़ रहा। यह घाटा Tata 1mg के साथ-साथ BigBasket, Cult.fit और Tata Neu जैसे अन्य डिजिटल वेंचर्स में भारी निवेश का परिणाम है।
Tata Digital फिलहाल “investment mode” में है और इसका लक्ष्य एक ऐसा व्यापक डिजिटल इकोसिस्टम बनाना है जो कॉमर्स, हेल्थकेयर, फाइनेंस और वेलनेस को एक साथ जोड़े।
🧭 निष्कर्ष
Tata 1mg ने FY25 में अपने रेवेन्यू में जबरदस्त ग्रोथ दिखाते हुए एक मजबूत प्रदर्शन किया है। जहां एक ओर खर्च और घाटा अभी भी चुनौती बने हुए हैं, वहीं दूसरी ओर कंपनी की बाजार में पकड़ मजबूत हो रही है और यह अपने प्रतिस्पर्धियों के बीच मजबूती से खड़ी है।
Tata Digital की लांग-टर्म रणनीति और निरंतर निवेश यह दर्शाते हैं कि आने वाले वर्षों में Tata 1mg भारतीय डिजिटल हेल्थकेयर सेक्टर में और अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाने वाला है।
📰 यह लेख खास तौर पर FundingRaised हिंदी पाठकों के लिए तैयार किया गया है। भारत के स्टार्टअप और डिजिटल हेल्थकेयर की ताज़ा खबरों के लिए पढ़ते रहिए www.fundingraised.in 📲
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