मुंबई-स्थित ई-फार्मेसी और टेलीहेल्थ प्लेटफ़ॉर्म Truemeds ने अपने सीरीज़ C फंडिंग राउंड में $85 मिलियन (लगभग ₹710 करोड़) जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व Accel और Peak XV Partners ने किया, जबकि WestBridge Capital और Info Edge Ventures ने भी भाग लिया।
यह फंडिंग दो चरणों (Tranches) में पूरी हुई।
💰 Truemeds फंडिंग का उपयोग कहां होगा?
कंपनी ने बताया कि यह फंड इन कामों में लगाया जाएगा:
- गैर-मेट्रो (Non-Metro) इलाकों में नए फुलफ़िलमेंट सेंटर्स खोलना
- इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट टीम का विस्तार
- बेंगलुरु में नया ऑफिस स्थापित करना
- राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहुंच (Penetration) को तीन गुना करना
इसके साथ, Truemeds ने ESOP बायबैक पॉलिसी भी शुरू की है ताकि टीम के योगदान को सम्मानित किया जा सके।
📱 नए प्रोडक्ट और सर्विस प्लान
Truemeds ने हाल ही में अपना iOS ऐप लॉन्च किया है। आने वाले दो से चार महीनों में डायग्नोस्टिक सर्विसेज शुरू करने की योजना है।
- शुरुआती पायलट डायग्नोस्टिक्स ऑपरेशन्स अगले दो क्वार्टर्स में चार शहरों में शुरू होंगे।
- कंपनी AI और मशीन लर्निंग-पावर्ड टूल्स में निवेश कर रही है, जिससे प्रोडक्ट क्यूरेशन, पेशेंट जर्नी और डिमांड फोरकास्टिंग बेहतर हो सके।
🏥 कंपनी की शुरुआत और सेवाएं
2019 में अक्षत नैयर और डॉ. कुणाल वानी द्वारा स्थापित, Truemeds का मकसद मरीजों को ब्रांडेड दवाओं के क्लीनिकली इक्विवेलेंट विकल्प प्रदान करना है।
- कंपनी का दावा है कि मरीज अपनी मासिक दवाई खर्च में 50-70% तक बचत कर सकते हैं।
- यह प्लेटफ़ॉर्म खासकर क्रॉनिक केयर मरीजों — जैसे डायबिटीज, हाइपरटेंशन और कार्डियोवैस्कुलर डिजीज से पीड़ित लोगों — को टारगेट करता है।
🚚 देशभर में मजबूत नेटवर्क
- Truemeds भारत के सभी प्रमुख लोकेशंस में सेवाएं देता है।
- इसका नेशनल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क सक्रिय रूप से काम करता है।
- कंपनी रोजाना 600 डॉक्टरों से जुड़ती है।
- इसमें लगभग 3,000 कर्मचारी हैं, जिनमें से 250 हेड ऑफिस टीम का हिस्सा हैं।
📊 फंडिंग और निवेशक हिस्सेदारी
स्टार्टअप डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म TheKredible के अनुसार, Truemeds अब तक $110 मिलियन से अधिक फंड जुटा चुका है।
- पिछली फंडिंग तक, WestBridge सबसे बड़ा शेयरहोल्डर था।
- इसके बाद Info Edge और Peak XV Partners का नाम आता है।
📈 वित्तीय प्रदर्शन (FY24)
- राजस्व: ₹315 करोड़ (पिछले साल के मुकाबले दोगुना)
- नुकसान: ₹61 करोड़ (9% की कमी)
ये आंकड़े दिखाते हैं कि कंपनी न सिर्फ राजस्व में बल्कि लॉसेज़ घटाने में भी प्रगति कर रही है।
⚔️ मार्केट में मुकाबला
Truemeds का मुकाबला ई-फार्मेसी और टेलीहेल्थ सेक्टर के बड़े खिलाड़ियों से है:
- PharmEasy — FY24 में ₹5,664 करोड़ का राजस्व
- Tata 1mg — FY24 में ₹1,964 करोड़ का राजस्व
हालांकि, Truemeds का यूनिक सेलिंग पॉइंट (USP) क्लीनिकली इक्विवेलेंट लो-कॉस्ट मेडिसिन्स पर फोकस है, जो इसे मार्केट में अलग पहचान देता है।
🔍 क्यों अहम है यह फंडिंग?
- हेल्थकेयर एक्सेसिबिलिटी — गैर-मेट्रो शहरों में दवाइयों और हेल्थ सर्विसेज की कमी को पूरा करना।
- टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन — AI और ML का इस्तेमाल कर पर्सनलाइज्ड और एफिशिएंट हेल्थकेयर प्रोवाइड करना।
- लागत में बचत — मरीजों के लिए 50-70% तक दवा खर्च कम करना।
- स्केलेबिलिटी — लॉजिस्टिक्स और फुलफ़िलमेंट सेंटर्स का तेज़ी से विस्तार।
🚀 आगे की रणनीति
Truemeds आने वाले समय में इन मोर्चों पर फोकस करेगा:
- डायग्नोस्टिक सर्विसेज की शुरुआत और स्केलिंग
- AI-पावर्ड पेशेंट मैनेजमेंट सिस्टम का विकास
- नए शहरों में ऑफलाइन और ऑनलाइन नेटवर्क का विस्तार
- टैलेंट रिटेंशन के लिए ESOP पॉलिसी को और मजबूत बनाना
📌 निष्कर्ष
Truemeds का यह $85 मिलियन सीरीज़ C फंडिंग राउंड उसके ग्रॉथ फेज़ को और तेज़ करेगा।
गैर-मेट्रो क्षेत्रों में मेडिकल एक्सेस बढ़ाने से लेकर AI-ड्रिवन हेल्थकेयर इनोवेशन तक, कंपनी भारतीय ई-फार्मेसी और टेलीहेल्थ सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
दोगुना राजस्व, घटते नुकसान और बढ़ते निवेशकों का भरोसा — ये सब संकेत हैं कि आने वाले सालों में Truemeds इस सेक्टर में एक बड़ा नाम बनने की क्षमता रखता है।
Read more : Q1 FY26 में Awfis का दमदार प्रदर्शन,


