🏢📈 WeWork India ने Q2 FY26 में कमाया ₹6.4 करोड़ मुनाफ़ा, राजस्व में 23% की बढ़त

WeWork India

Managed office space प्रदाता WeWork India, जिसने पिछले महीने भारतीय स्टॉक एक्सचेंज पर अपनी लिस्टिंग की थी, ने Q2 FY26 के वित्तीय परिणाम जारी कर दिए हैं। कंपनी ने दूसरी तिमाही में ₹6.4 करोड़ का मुनाफ़ा दर्ज किया, हालांकि यह पिछले साल की तुलना में काफी कम है।


📊✨ Q2 FY26: राजस्व में 23% की बढ़ोतरी

कंपनी के NSE पर उपलब्ध वित्तीय बयान के अनुसार—

  • WeWork India की operating revenue Q2 FY25 के ₹469.5 करोड़ से बढ़कर
    Q2 FY26 में ₹575 करोड़ पहुँच गई।
  • यह 23% साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ को दर्शाता है।

इसके अलावा,

  • Other Income के रूप में कंपनी को ₹10.5 करोड़ प्राप्त हुए।
  • इस तरह कुल आय ₹585.5 करोड़ रही।

📌 H1 FY26 Snapshot

H1 FY26 में कंपनी की operating revenue—

  • ₹918 करोड़ (H1 FY25) → बढ़कर
  • ₹1,110 करोड़ (H1 FY26) हो गई
    ➡️ 21% YoY ग्रोथ

💸📉 खर्चों में उछाल: Depreciation और Finance Cost सबसे भारी

WeWork India के खर्चों में सबसे बड़ा हिस्सा depreciation का रहा—

  • Depreciation: ₹231 करोड़
  • Employee Benefits: ₹48 करोड़
  • Finance Costs: ₹153 करोड़

इन सभी खर्चों ने मिलकर कंपनी की total expenditure Q2 FY26 में ₹579 करोड़ तक पहुँचा दी।


🧮📉 मुनाफ़े में बड़ी गिरावट: 97% की कमी

यहाँ सबसे बड़ा ध्यान देने वाला पहलू है कंपनी के PAT में भारी गिरावट—

  • Q2 FY25 का PAT: ₹203 करोड़
  • Q2 FY26 का PAT: ₹6.4 करोड़
    ➡️ 97% की गिरावट

हालांकि, यह गिरावट काफी हद तक पिछले साल मिले ₹235 करोड़ के deferred tax credit की वजह से है, जिसने Q2 FY25 के लाभ को असाधारण रूप से बढ़ा दिया था।

H1 तुलना

  • H1 FY25 Profit: ₹174.5 करोड़
  • H1 FY26 Loss: ₹8 करोड़

यानी कंपनी इस बार H1 में घाटे में रही।


🏦💼 WeWork India IPO: ₹3,000 करोड़ का OFS

WeWork India ने नवंबर में अपना IPO लॉन्च किया था, जिसकी कुल वैल्यू ₹3,000 करोड़ थी। यह पूरा IPO Offer For Sale (OFS) था।

OFS Breakdown

  • Embassy Buildcon LLP (Promoter): ₹2,294 करोड़
  • 1 Ariel Way Tenant (WeWork Global affiliate): ₹706 करोड़

कंपनी ने कोई fresh issue नहीं दिया, इसलिए IPO से जुटाई गई पूंजी कंपनी को नहीं, बल्कि promoters और existing shareholders को गई।


📉📉 Stock Market Debut: फ्लैट लिस्टिंग

IPO के बाद WeWork India की लिस्टिंग उम्मीद से फीकी रही—

  • NSE Listing Price: ₹650 (Issue Price: ₹648)
    ➝ सिर्फ 0.3% का प्रीमियम
  • BSE Listing Price: ₹646.5

लिस्टिंग के बाद शेयर में गिरावट जारी रही और दिन के अंत में—

  • Closing Price: ₹623.9
  • Market Capitalization: ₹8,361 करोड़
    ➝ लगभग $942 मिलियन

यह दर्शाता है कि निवेशकों की शुरुआती उत्सुकता धीरे-धीरे ठंडी पड़ी।


🏢🔍 व्यवसाय की स्थिति: डिमांड स्थिर, लाभ पर दबाव

WeWork India भारत के managed workspace मार्केट में सबसे बड़ा प्लेयर है और कॉर्पोरेट, स्टार्टअप्स तथा एंटरप्राइजेस के लिए फ्लेक्सिबल ऑफिस सॉल्यूशंस प्रदान करता है।

Q2 FY26 में हालांकि कंपनी का राजस्व मजबूत रहा, लेकिन—

  • भारी depreciation
  • ऊँची finance cost
  • और लगातार बढ़ते ऑपरेशनल खर्च

ने प्रॉफिटबिलिटी पर दबाव बढ़ाया।

स्पष्ट है कि कंपनी के लिए अगले कुछ क्वार्टर्स में—
✅ debt restructuring
✅ occupancy optimization
✅ cost efficiency
—जैसे पहलुओं पर अधिक ध्यान देना होगा।


🌐📈 WeWork India का Outlook

लिस्टिंग के बाद WeWork India के लिए सबसे बड़ा फोकस होगा—

  • Operating margins सुधारना
  • Cost structure को optimize करना
  • Tier-1 शहरों में demand recovery को capitalize करना
  • Enterprise clients के लिए premium workspace सॉल्यूशंस बढ़ाना

फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस इंडस्ट्री में डिमांड स्थिर है, लेकिन लागत संरचना काफी भारी है। यदि कंपनी depreciation और finance cost को मैनेज करने में सफल हुई, तो आने वाले क्वार्टर्स में प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार संभव है।


✅ निष्कर्ष

WeWork India ने Q2 FY26 में ₹6.4 करोड़ का मामूली मुनाफ़ा दर्ज किया, जबकि revenue मजबूत रहा।
IPO के बाद शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा, लेकिन कंपनी की दीर्घकालीन संभावनाएँ workspace मार्केट की स्थिर डिमांड पर निर्भर रहेंगी।

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🏢 WeWork India ला रहा है ₹3,000 करोड़ का IPO, 3 अक्टूबर से खुलेगा इश्यू

WeWork India

भारत का सबसे बड़ा मैनेज्ड ऑफिस स्पेस प्रोवाइडर, WeWork India, अपना ₹3,000 करोड़ (लगभग $340 मिलियन) का IPO 3 अक्टूबर 2025 को लॉन्च करने जा रहा है। यह इश्यू 7 अक्टूबर तक खुला रहेगा, जबकि Anchor Investors के लिए बिडिंग 1 अक्टूबर से शुरू होगी।

यह कदम कंपनी को SEBI से IPO की मंज़ूरी मिलने के लगभग ढाई महीने बाद उठाया गया है।


💰 IPO का ढांचा

कंपनी द्वारा जारी Red Herring Prospectus (RHP) के अनुसार:

  • पूरा IPO Offer for Sale (OFS) के ज़रिए होगा।
  • इसमें कुल 4.63 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे।
  • प्राइस बैंड ₹615 – ₹648 तय किया गया है।
  • अगर ऊपरी प्राइस बैंड पर इश्यू प्राइस तय होती है, तो IPO का साइज लगभग ₹3,000 करोड़ होगा।

इस OFS में:

  • Promoter Embassy Buildcon LLP लगभग 3.54 करोड़ शेयर बेचकर ₹2,294 करोड़ जुटाएगा।
  • वहीं, 1 Ariel Way Tenant (जो WeWork Global से संबद्ध है) 1.08 करोड़ शेयर बेचकर ₹706 करोड़ जुटाएगा।

📊 शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर

IPO से पहले:

  • Embassy Buildcon के पास WeWork India की 73.56% हिस्सेदारी है।
  • 1 Ariel Way Tenant की हिस्सेदारी 22.64% है।

IPO के बाद इन दोनों प्रमोटरों की हिस्सेदारी में कमी आएगी।


🏦 IPO मैनेजमेंट और रजिस्ट्रार

WeWork India के IPO को कई बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक्स मैनेज कर रहे हैं:

  • JM Financial
  • ICICI Securities
  • Jefferies
  • Kotak Mahindra Capital
  • 360 ONE

वहीं, MUFG Intime इस IPO का रजिस्ट्रार होगा।


🏢 WeWork India का बिज़नेस

WeWork India, भारत में WeWork ब्रांड का एक्सक्लूसिव लाइसेंसी है और इसकी बहुमत हिस्सेदारी रियल एस्टेट दिग्गज Embassy Group के पास है।

कंपनी के पास:

  • 68 सेंटर्स में ऑपरेशन
  • कुल 1,14,077 डेस्क्स
  • पोर्टफोलियो का 94% हिस्सा Grade A Properties में

कंपनी की मौजूदगी मुख्य रूप से बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-NCR जैसे टियर-1 शहरों में है।


📈 वित्तीय प्रदर्शन

  • FY25 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹1,949 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 17% अधिक है।
  • कंपनी ने FY24 के ₹135.7 करोड़ के घाटे से उबरते हुए FY25 में ₹128 करोड़ का प्रॉफिट कमाया।

यह बदलाव निवेशकों के लिए कंपनी की वित्तीय सेहत और ग्रोथ पोटेंशियल को मज़बूत संकेत देता है।


⚖️ तुलना: WeWork India बनाम अन्य लिस्टेड प्लेयर्स

WeWork India का IPO लिस्टिंग के बाद उसे सीधे अपने को-वर्किंग स्पेस साथियों के साथ खड़ा कर देगा।

वर्तमान में प्रमुख लिस्टेड खिलाड़ी और उनके प्रदर्शन:

  • Awfis (मई 2024 में लिस्टेड): ₹569/शेयर, मार्केट कैप ₹4,073.5 करोड़
  • Indiqube: ₹228/शेयर, मार्केट कैप $544 मिलियन
  • Smartworks: ₹562.75/शेयर, मार्केट कैप $730 मिलियन

WeWork India के पास इन कंपनियों की तुलना में बड़ी स्केल और मज़बूत बैकिंग है, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ सकती है।


🔎 निवेशकों के लिए क्या खास?

  1. Profitability में टर्नअराउंड – घाटे से मुनाफे में जाना बड़ा पॉजिटिव है।
  2. Strong Promoter Backing – Embassy Group जैसी मज़बूत रियल एस्टेट कंपनी का समर्थन।
  3. Premium Assets – 94% पोर्टफोलियो Grade A Properties में।
  4. High Growth Industry – भारत का फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सेक्टर तेज़ी से बढ़ रहा है, खासकर स्टार्टअप्स और एंटरप्राइजेज के बीच।

🌍 आगे का रास्ता

WeWork India इस IPO से सीधे तौर पर कोई फंड नहीं जुटा रहा क्योंकि यह OFS इश्यू है। लेकिन:

  • इससे कंपनी की मार्केट विज़िबिलिटी बढ़ेगी।
  • लिक्विडिटी बढ़ेगी और इन्वेस्टर्स को एक्ज़िट का मौका मिलेगा।
  • लिस्टिंग के बाद कंपनी का मुकाबला सीधे अपने लिस्टेड पीयर्स से होगा, जिससे मार्केट बेंचमार्किंग आसान होगी।

👉 कुल मिलाकर, WeWork India का यह IPO भारत के को-वर्किंग और मैनेज्ड ऑफिस सेक्टर में एक बड़ा माइलस्टोन साबित हो सकता है। बढ़ते रेवेन्यू, प्रॉफिटेबिलिटी और मज़बूत ब्रांड पोज़िशनिंग के चलते, निवेशकों की नज़र इस इश्यू पर टिकी रहेगी।

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WeWork India ने ₹500 करोड़ जुटाए, कर्जमुक्त बनने की दिशा में बड़ा कदम

WeWork India

लचीले वर्कस्पेस ऑपरेटर WeWork India ने ₹500 करोड़ (लगभग $57.8 मिलियन) की राशि राइट्स इश्यू के माध्यम से जुटाई है। यह फंड कंपनी के कर्ज चुकाने, कर्जमुक्त बनने और पूंजी लागत को कम करने में उपयोग किया जाएगा।


WeWork India की वर्तमान स्थिति

WeWork India इस समय भारत के आठ शहरों में सक्रिय है और इसके पास 1 लाख से अधिक डेस्क हैं। कंपनी का फोकस अपने महत्वपूर्ण साझेदारों, जैसे भूमि मालिकों, इंटरनेशनल प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स (IPCs) और सदस्यों के साथ मजबूत रिश्ते बनाने पर है।

शहरों में उपस्थिति

वीवर्क इंडिया ने 2016 में अपनी शुरुआत के बाद से तेजी से विस्तार किया है। वर्तमान में कंपनी के पास 63 परिचालन केंद्र हैं, जो निम्नलिखित शहरों में स्थित हैं:

  • चेन्नई
  • नई दिल्ली
  • गुरुग्राम
  • नोएडा
  • मुंबई
  • बेंगलुरु
  • पुणे
  • हैदराबाद

राजस्व में वृद्धि

वीवर्क इंडिया का ऑपरेशनल रेवेन्यू वित्त वर्ष 2024 में 26.7% की वृद्धि के साथ ₹1,665 करोड़ तक पहुंच गया।

  • पिछले वित्त वर्ष (FY23) में कंपनी ने ₹1,315 करोड़ का राजस्व अर्जित किया था।
  • यह वृद्धि दर्शाती है कि कंपनी भारत में अपनी मजबूत पकड़ बना रही है और फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की बढ़ती मांग को भुना रही है।

फंड का उपयोग

कंपनी ने अपने ताजा फंडिंग राउंड के जरिए निम्नलिखित उद्देश्यों को हासिल करने की योजना बनाई है:

  1. कर्ज चुकाना: कंपनी का मुख्य उद्देश्य अपने मौजूदा कर्ज को कम करना है।
  2. कर्जमुक्त बनना: फंडिंग के जरिए कंपनी कर्जमुक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
  3. पूंजी लागत कम करना: कर्ज कम होने के साथ-साथ पूंजी की लागत भी घटेगी, जिससे वित्तीय स्थिरता में सुधार होगा।

वीवर्क की वैश्विक चुनौतियां और वापसी

2023 में वित्तीय संकट

वीवर्क, जो कभी को-वर्किंग स्पेस प्रोवाइडर के रूप में विश्वभर में एक बड़ी कंपनी थी, ने 2023 और 2024 में कई वित्तीय चुनौतियों का सामना किया।

  • नवंबर 2023 में वीवर्क ने अमेरिका में चैप्टर 11 बैंकरप्सी फाइल की।
  • हालांकि, कुछ महीनों के भीतर कंपनी ने खुद को दिवालियापन से उबारा।

भारत में स्थिति स्थिर

जबकि वैश्विक स्तर पर वीवर्क को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, भारत में इसका कारोबार स्थिर रहा। भारत में लचीले वर्कस्पेस की बढ़ती मांग ने कंपनी को राजस्व बढ़ाने और अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद की।


फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का महत्व

बढ़ती मांग

  • वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड वर्क मॉडल्स के चलन के साथ, फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की मांग तेजी से बढ़ी है।
  • कंपनियां पारंपरिक कार्यालयों की बजाय लचीले वर्कस्पेस का विकल्प चुन रही हैं।

लाभदायक मॉडल

  • फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस कंपनियों को लागत में कटौती और कर्मचारियों को बेहतर वर्क एनवायरनमेंट प्रदान करने में मदद करते हैं।
  • वीवर्क इंडिया इस ट्रेंड को समझते हुए अपने मॉडल को और अधिक कुशल बना रहा है।

वीवर्क इंडिया का भविष्य

नई योजनाएं

  • कंपनी का लक्ष्य भारत के और शहरों में विस्तार करना है।
  • नए उत्पाद और सेवाएं पेश करने की योजना भी बनाई जा रही है।

मजबूत साझेदारियां

  • वीवर्क इंडिया ने अपनी साझेदारियों को मजबूत किया है, जिससे उसे लंबी अवधि में स्थिरता मिलेगी।
  • भूमि मालिकों और IPCs के साथ मजबूत रिश्ते कंपनी के विस्तार में सहायक होंगे।

सदस्यों के अनुभव पर जोर

  • ग्राहकों को बेहतर अनुभव देने के लिए कंपनी तकनीक और नवाचार का उपयोग कर रही है।
  • वर्कस्पेस को अधिक सुविधाजनक और उत्पादक बनाने के लिए नए फीचर्स जोड़े जा रहे हैं।

प्रतिस्पर्धा में वीवर्क इंडिया की स्थिति

भारत में प्रतिस्पर्धा

  • भारत में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस बाजार में वीवर्क इंडिया का मुकाबला Awfis, Smartworks, और Regus जैसे ब्रांड्स से है।
  • हालांकि, वीवर्क इंडिया का ब्रांड वैल्यू और मजबूत नेटवर्क इसे प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिलाता है।

यूनीक सेलिंग प्वाइंट (USP)

  • वीवर्क इंडिया का ध्यान प्रीमियम लोकेशंस, स्मार्ट डिज़ाइन, और फ्लेक्सिबल प्राइसिंग पर है, जो इसे अन्य ब्रांड्स से अलग बनाता है।

निष्कर्ष

वीवर्क इंडिया का ₹500 करोड़ की फंडिंग जुटाना उसकी वित्तीय स्थिरता और विकास योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। जहां वैश्विक स्तर पर वीवर्क को चुनौतियों का सामना करना पड़ा, वहीं भारत में कंपनी ने अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी है।

फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की बढ़ती मांग और नई योजनाओं के साथ, वीवर्क इंडिया न केवल अपने ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए तैयार है, बल्कि कर्जमुक्त बनने और अपने कारोबार का तेजी से विस्तार करने की दिशा में भी बढ़ रहा है।

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