भारत में ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग (RMG) पर बढ़ते विवादों के बीच, Enforcement Directorate (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए WinZO Games Pvt Ltd, Pocket52 संचालक Nirdesa Networks और Gameskraft Technologies पर शिकंजा कस दिया है। ED ने 18 से 22 नवंबर के बीच दिल्ली, गुरुग्राम और बेंगलुरु में छापेमारी की, जिसमें कुल 523 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध संपत्तियों को फ्रीज़ कर दिया गया।
यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत की गई है। एजेंसी ने कहा कि दोनों मामलों में प्रारंभिक FIRs के आधार पर गंभीर धोखाधड़ी, फंड डाइवर्ज़न और गेम मैनिपुलेशन के आरोप सामने आए हैं।
🎮 WinZO केस: 505 करोड़ रुपये की संपत्तियाँ फ्रीज़ — विदेशी खिलाड़ियों को गेम ऑफर करने का आरोप
ED ने WinZO के खिलाफ कार्रवाई करते हुए Rs 505 crore की बैंक बैलेंस, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड और डिपॉजिट को फ्रीज़ किया है। जांच के अनुसार:
🔍 WinZO पर लगे मुख्य आरोप
- यूजर्स के अकाउंट ब्लॉक करना
- KYC दस्तावेज़ों का गलत उपयोग
- इम्परसनेशन यानी फर्जी पहचान से खेल
- अनधिकृत निकासी (Unauthorized Withdrawals)
- गेम खेलते समय एल्गोरिथ्म के माध्यम से परिणामों से छेड़छाड़
- राष्ट्रीय प्रतिबंध के बावजूद विदेशी खिलाड़ियों को गेम सर्विस देना
ED ने खुलासा किया कि भारत में RMG पर 22 अगस्त 2025 के राष्ट्रीय बैन के बाद भी WinZO ने US, Brazil और Germany में रियल-मनी गेम्स ऑफर किए।
एजेंसी ने कहा कि WinZO के भारतीय यूजर्स का Rs 43 crore अब तक रिफंड नहीं हुआ है।
🌍 फंड डाइवर्ज़न का आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि भारतीय इकाई से धन US और Singapore में ट्रांसफर किया गया।
एक अमेरिकी बैंक खाते में $55 million (लगभग Rs 489.9 crore) जमा पाए गए।
🗣️ WinZO का बयान
“हम पूरी तरह से जांच एजेंसी के साथ सहयोग कर रहे हैं। पारदर्शिता और फेयरप्ले हमारे प्लेटफॉर्म का मूल आधार है। हम अपने यूजर्स की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।” – WinZO प्रवक्ता
♠️ Pocket52–Gameskraft केस: 18.57 करोड़ रुपये की संपत्तियाँ फ्रीज़
दूसरे मामले में, Pocket52 संचालक Nirdesa Networks और उसके सहयोगी प्लेटफॉर्म Gameskraft Technologies पर ED ने छापे मारे।
🔍 इन पर लगे आरोप
- गेम परिणामों में मैनिपुलेशन
- खिलाड़ी समूह बनाकर धोखाधड़ी (Collusion)
- तकनीकी गड़बड़ियों के ज़रिए पैसा फँसाना
- निकासी रोकना
- कुल Rs 3 crore यूजर्स को हुए नुकसान की शिकायतें
कुल 8 बैंक अकाउंट्स को मिलाकर Rs 18.57 crore की राशि फ्रीज़ की गई।
💥 Gameskraft पर एक और बड़ा झटका — CFO द्वारा Rs 250 crore की कथित हेराफेरी
सितंबर 2025 में Gameskraft पहले ही सुर्खियों में था जब उसके पूर्व CFO Ramesh Prabhu ने कथित तौर पर कंपनी के Rs 250 crore को Futures & Options ट्रेडिंग में लगा दिया था।
यह घटना कंपनी की वित्तीय स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित कर चुकी है।
🛑 Online Gaming Act 2025 के बाद RMG कंपनियाँ संकट में
सरकार ने Promotion and Regulation of Online Gaming Act, 2025 लागू किया, जिसने:
- सभी रियल-मनी गेम्स (RMG) पर प्रतिबंध लगाया
- RummyCulture, Gamezy, Pocket52, Ludo Select जैसे प्लेटफॉर्मों को ऑपरेशन बंद करने पड़े
इससे इन कंपनियों की आय और संचालन दोनों बुरी तरह प्रभावित हुए।
📉 WinZO, Pocket52 और Gameskraft के लिए आगे क्या?
ED के इस कदम ने भारत के ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग सेक्टर में हलचल मचा दी है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि—
✔️ भविष्य में और कंपनियाँ जांच के दायरे में आ सकती हैं
✔️ RMG सेक्टर में पारदर्शिता, KYC, और फेयरप्ले को लेकर सख्त बदलाव होंगे
✔️ कंपनियों को कानूनी और वित्तीय दोनों स्तर पर भारी दबाव झेलना पड़ेगा
सरकारी बैन, बढ़ती नियामक सख्ती, और अब मनी-लॉन्ड्रिंग जांच — इन सभी का प्रभाव पूरे गेमिंग उद्योग पर पड़ेगा।
📝 निष्कर्ष
ED की हालिया कार्रवाई सिर्फ WinZO या Pocket52 तक सीमित नहीं है — यह भारत में तेजी से बढ़ते, लेकिन उतने ही विवादित रियल-मनी गेमिंग सेक्टर पर एक बड़ा सिग्नल है। 500 करोड़ से अधिक की संपत्ति फ्रीज़ होना बताता है कि सरकार इस क्षेत्र में किसी भी वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
आने वाले महीनों में यह मामला और भी बड़ा रूप ले सकता है, और उद्योग के कई दिग्गजों को इसका प्रभाव झेलना पड़ सकता है।
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