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AI grabs

रोबोटिक्स सेक्टर अब सिर्फ भविष्य की कल्पना नहीं रहा, बल्कि यह तेज़ी से हमारे रोज़मर्रा के जीवन का हिस्सा बनने की ओर बढ़ रहा है। इसी बदलाव की एक बड़ी मिसाल है Skild AI grabs जिसने हाल ही में $1.4 बिलियन (करीब ₹11,600 करोड़) की भारी-भरकम फंडिंग जुटाकर टेक और स्टार्टअप दुनिया में हलचल मचा दी है।

इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व SoftBank Group ने किया है, जबकि इसमें Jeff BezosNVIDIA की NVenturesMacquarie CapitalLightspeedSequoia CapitalCoatue, और Felicis जैसे दिग्गज निवेशकों ने भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इस निवेश के बाद Skild AI का वैल्यूएशन $14 बिलियन से ज्यादा हो गया है।


🚀 रोबोटिक्स में “फाउंडेशनल शिफ्ट” की शुरुआत

इस फंडिंग को सिर्फ एक निवेश नहीं, बल्कि रोबोटिक्स इंडस्ट्री में एक बुनियादी बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। Skild AI का मानना है कि आने वाले वर्षों में रोबोट सिर्फ फैक्ट्रियों या गोदामों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि घरों, ऑफिसों और सार्वजनिक जगहों पर भी इंसानों के साथ काम करेंगे।

हालांकि कंपनी की शुरुआत एंटरप्राइज एप्लिकेशंस से होगी—जैसे मैन्युफैक्चरिंग, वेयरहाउस, सिक्योरिटी और कंस्ट्रक्शन—लेकिन लंबी अवधि में इसका लक्ष्य कंज़्यूमर होम्स तक रोबोटिक्स को पहुंचाना है।


🧠 Skild Brain: हर रोबोट के लिए एक यूनिवर्सल दिमाग

Skild AI की सबसे बड़ी ताकत है उसका Skild Brain—एक ऐसा omni-bodied foundation model जो अलग-अलग तरह के रोबोट्स को बिना दोबारा ट्रेनिंग के कंट्रोल कर सकता है।

चाहे वह:

  • चार पैरों वाला रोबोट (Quadruped) हो
  • ह्यूमनॉइड रोबोट
  • रोबोटिक आर्म
  • या मोबाइल मैनिपुलेटर

Skild Brain हर बॉडी टाइप और हर काम के अनुसार खुद को ढाल सकता है। किचन साफ़ करने से लेकर भारी सामान उठाने, अस्थिर ज़मीन पर चलने या इंडस्ट्रियल साइट्स पर काम करने तक—एक ही दिमाग, कई काम


📉 डेटा की कमी को कैसे किया दूर?

रोबोटिक्स की सबसे बड़ी चुनौती रही है डेटा की कमी। इंसानों के लिए इंटरनेट जैसा कोई “ओपन फिज़िकल डेटा” रोबोट्स के लिए मौजूद नहीं है। Skild AI ने इस समस्या का हल एक अनोखे तरीके से निकाला।

कंपनी अपने मॉडल को:

  • इंसानों के मूवमेंट वाले वीडियो डेटा
  • और फिज़िक्स-बेस्ड सिमुलेशन

पर ट्रेन करती है। इससे रोबोट मानव व्यवहार को समझना सीखते हैं और फिर सिमुलेटेड दुनिया में प्रैक्टिस करते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि Skild Brain में जनरल फिज़िकल इंटेलिजेंस विकसित हो जाती है।


🔧 बिना री-ट्रेनिंग के खुद को ढालने की क्षमता

Skild Brain की एक खास बात यह है कि अगर:

  • रोबोट का पहिया जाम हो जाए
  • कोई अंग काम करना बंद कर दे
  • या रोबोट की बॉडी पूरी तरह बदल जाए

तो भी मॉडल री-ट्रेनिंग के बिना खुद को एडजस्ट कर लेता है। यह क्षमता रोबोट्स को उन अनियंत्रित और जटिल वातावरणों में भी काम करने योग्य बनाती है, जहाँ आज के ज़्यादातर रोबोट फेल हो जाते हैं।


👨‍🔬 कौन हैं Skild AI के फाउंडर्स?

Skild AI की स्थापना 2023 में Deepak Pathak और Abhinav Gupta ने की थी। दोनों इससे पहले Carnegie Mellon University में प्रोफेसर थे और उन्होंने वर्षों की रिसर्च को कमर्शियल रूप देने के लिए अकादमिक दुनिया छोड़ी।

कंपनी की टीम में Meta, Tesla, Nvidia, Amazon, Google, Stanford और UC Berkeley जैसे संस्थानों से आए टैलेंट शामिल हैं, जो रिसर्च और प्रोडक्शन—दोनों में माहिर हैं।


📈 ज़ीरो से $30 मिलियन रेवेन्यू तक का सफर

Skild AI कोई दूर की रिसर्च लैब नहीं है। साल 2025 में कंपनी ने कुछ ही महीनों में ज़ीरो से लगभग $30 मिलियन का रेवेन्यू हासिल किया।

आज इसके सिस्टम्स का इस्तेमाल:

  • सिक्योरिटी पेट्रोलिंग
  • फैसेलिटी इंस्पेक्शन
  • वेयरहाउस और मैन्युफैक्चरिंग
  • डेटा सेंटर्स
  • और कंस्ट्रक्शन साइट्स

में किया जा रहा है।


🌍 इंसानों के साथ काम करने वाले रोबोट्स की ओर कदम

Skild AI का सपना है कि रोबोट्स सिर्फ ऑटोमेशन टूल नहीं, बल्कि इंसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाले सहयोगी बनें।

CEO Deepak Pathak के अनुसार,

“हम ऐसा यूनिवर्सल ब्रेन बना रहे हैं जो हर डिप्लॉयमेंट के साथ और बेहतर होता जाए—चाहे हार्डवेयर कोई भी हो या काम कुछ भी।”


🔮 भविष्य की झलक

अगर Skild AI अपनी योजना के अनुसार Skild Brain को स्केल कर पाती है, तो यह Physical AI की दुनिया में वही बदलाव ला सकती है, जो GPT जैसे मॉडल्स ने डिजिटल दुनिया में किया है।

रोबोटिक्स अब सवाल नहीं है कि होगी या नहीं, सवाल है—कितनी जल्दी और कितनी स्मार्ट होगी।
और Skild AI इस बदलाव की अगुवाई करता नज़र आ रहा है।

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