आज के दौर में लाखों लोग बेहतर करियर और जीवन के लिए विदेशों में बस चुके हैं ✈️। लेकिन इस तरक्की की सबसे बड़ी कीमत अक्सर परिवार से दूरी के रूप में चुकानी पड़ती है 👵👴। खासकर जब माता‑पिता उम्रदराज़ हों, तो उनकी देखभाल दूर बैठकर करना भावनात्मक 😔, मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी समस्या का समाधान लेकर आया है Nila Cares 🏥।
💡 निजी अनुभव से जन्मा स्टार्टअप
Nila Cares के संस्थापक एंथनी जैकब ने यह स्टार्टअप अपने निजी अनुभवों से प्रेरित होकर शुरू किया। फिनटेक सेक्टर में काम करते हुए उन्होंने देखा कि जब लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पैसे भेजते हैं 💸, तो थोड़ी सी देरी भी चिंता और तनाव पैदा कर देती है।
एंथनी और उनकी बहन विदेश में रहते हैं, जबकि उनके माता‑पिता श्रीलंका में रहते हैं 🌏। महामारी के दौरान यह दूरी और भी मुश्किल हो गई। यहीं से उन्हें एहसास हुआ कि पैसे भेजना तो आसान है, लेकिन भरोसेमंद हेल्थकेयर की व्यवस्था करना अब भी बड़ा मुद्दा है।
🤝 भरोसे पर आधारित देखभाल मॉडल
Nila Cares सिर्फ एक सर्विस नहीं, बल्कि सीमाओं के पार भरोसे का पुल है 🌉। कंपनी उन परिवारों को मानसिक शांति देती है जो दूर रहकर भी अपने माता‑पिता की अच्छी देखभाल चाहते हैं।
भारत जैसे देशों में बुज़ुर्ग देखभाल अभी पूरी तरह रेगुलेटेड पेशा नहीं है ⚠️। इसलिए Nila Cares ने खुद की सख्त भर्ती और ट्रेनिंग प्रक्रिया बनाई है:
- 👩⚕️ कम से कम 5 साल का अनुभव
- 📝 पुलिस वेरिफिकेशन
- 🧠 जेरियाट्रिक और सहानुभूति आधारित ट्रेनिंग
इसका मकसद है केवल केयर नहीं, बल्कि भरोसा और सुकून देना 🌼।
💰 निवेश जुटाने की चुनौती
एंथनी जैकब के लिए फंडिंग जुटाना आसान नहीं था। कई निवेशकों को लगता था कि बुज़ुर्ग देखभाल कोई बड़ा बिज़नेस नहीं है 🤔। खासकर दक्षिण एशियाई पारिवारिक मूल्यों को समझाना मुश्किल था।
हालात तब बदले जब ऐसे निवेशक जुड़े जिनका खुद का अनुभव विदेश में रहते हुए परिवार की देखभाल से जुड़ा था। इसके बाद Nila Cares ने $2.4 मिलियन प्री‑सीड फंडिंग हासिल की 🚀।
🇮🇳 भारत पर खास फोकस और आगे की राह
हालांकि Nila Cares एक ग्लोबल मॉडल है 🌍, लेकिन फिलहाल कंपनी भारत पर गहराई से फोकस कर रही है। एंथनी का मानना है कि सिर्फ भारत में ही इस क्षेत्र में अरबों डॉलर का अवसर मौजूद है 💹।
चुनौती यह है कि हेल्थकेयर में टेक्नोलॉजी 🤖 के साथ मानवीय संवेदनशीलता ❤️ भी उतनी ही ज़रूरी है।
🌟 नए उद्यमियों के लिए सीख
एंथनी जैकब की सलाह:
- 🤝 सही लोगों के साथ काम करें
- 🗣️ प्रोडक्ट से पहले बातचीत करें
- 🧘♂️ मानसिक संतुलन बनाए रखें
उनके शब्दों में, “खुद को संभालकर रखना सबसे ज़रूरी है।”
📺 यह लेख TechTalks with TFN सीरीज़ का हिस्सा है, जो टेक्नोलॉजी के पीछे की इंसानी कहानियों को सामने लाता है।
Nila Cares दिखाता है कि कैसे टेक + भरोसा मिलकर दूरियों को कम कर सकते हैं ❤️🌍
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