एनर्जी सेक्टर लंबे समय से जटिल कॉन्ट्रैक्ट्स, छुपे हुए चार्जेस और पुराने सिस्टम्स से जूझ रहा है। बिजली खरीदना और बेचना आज भी कई बिज़नेस के लिए एक confusing और महंगा प्रोसेस बना हुआ है, जहां जोखिम और inefficiency साफ नजर नहीं आते। लेकिन अब इस सेक्टर में AI आधारित टेक्नोलॉजी के जरिए बड़ा बदलाव आने वाला है।
लंदन स्थित एनर्जी टेक स्टार्टअप tem इसी समस्या को हल करने के मिशन पर काम कर रहा है। कंपनी ने हाल ही में अपने Series B फंडिंग राउंड में $75 मिलियन जुटाए हैं, जो कि oversubscribed रहा यानी निवेशकों की मांग उम्मीद से ज्यादा थी।
💰 Series B में Lightspeed की अगुवाई, कुल फंडिंग $94 मिलियन
tem के इस Series B राउंड का नेतृत्व Lightspeed Venture Partners ने किया है। इस राउंड के साथ Lightspeed के पार्टनर Paul Murphy कंपनी के बोर्ड में भी शामिल होंगे।
अन्य प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं:
- Hitachi Ventures
- Voyager Ventures
- Schroders Capital
- AlbionVC
- Atomico
- Allianz
इस नए निवेश के बाद tem की कुल फंडिंग $94 मिलियन तक पहुंच गई है।
📈 2030 तक 165% बढ़ेगी एनर्जी डिमांड
डेटा सेंटर्स, AI, और बड़े पैमाने पर electrification की वजह से 2030 तक एनर्जी डिमांड में करीब 165% की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। ऐसे में मौजूदा एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर इस बढ़ते दबाव को संभालने में सक्षम नहीं दिखता।
tem इसी gap को भरने के लिए AI-driven transaction infrastructure तैयार कर रहा है, जो एनर्जी खरीद-फरोख्त को उतना ही आसान और पारदर्शी बनाना चाहता है, जितना fintech ने बैंकिंग को बनाया।
🤖 Rosso AI और RED: tem का टेक्नोलॉजी मॉडल
tem का प्लेटफॉर्म दो मुख्य हिस्सों में काम करता है:
🔹 Rosso AI Engine
- एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट्स को automate करता है
- अनावश्यक fees को खत्म करता है
- data-driven pricing के जरिए 30% तक लागत कम करता है
🔹 RED Neo-Utility Platform
- बिज़नेस और ब्रोकर्स के लिए user-friendly इंटरफेस
- बिजली खरीदने, बेचने और मैनेज करने की सुविधा
- कोई hidden cost नहीं, पूरी transparency
कंपनी के मुताबिक, Rosso और RED मिलकर हर साल 2 TWh (टेरावॉट ऑवर) एनर्जी ट्रांजैक्शन मैनेज कर रहे हैं।
🏢 2,600 से ज्यादा UK ग्राहक, $300 मिलियन का GTV
2025 में tem ने:
- $300 मिलियन का annual gross transaction value (GTV)
- 2,600+ UK बिज़नेस कस्टमर
कंपनी के प्रमुख ग्राहकों में शामिल हैं:
- Boohoo
- Fever-Tree
- Silverstone
- Newcastle United FC
यह आंकड़े दिखाते हैं कि tem का मॉडल सिर्फ आइडिया नहीं, बल्कि commercially proven भी है।
🧠 फाउंडर्स का विज़न: “एनर्जी के लिए वही करेंगे जो Fintech ने बैंकिंग के लिए किया”
tem की स्थापना 2021 में Joe McDonald (CEO) ने अपने co-founders Jason Stocks, Bartlomiej Szostek और Ross Mackay के साथ मिलकर की थी। इन सभी ने पहले utility और energy trading सिस्टम्स की खामियों को करीब से देखा था।
tem के फाउंडर्स के अनुसार:
“हम एनर्जी इंडस्ट्री के transaction infrastructure को दोबारा बना रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि एनर्जी मार्केट भी transparent, efficient और scalable बने – ठीक वैसे ही जैसे fintech ने बैंकिंग को बदला।”
⚔️ प्रतिस्पर्धा: Enel X और Octopus Energy से मुकाबला
tem का मुकाबला:
- Enel X से है, जो global energy management पर काम करता है
- Octopus Energy से है, जो UK retail energy market में मजबूत है
हालांकि tem खुद को अलग इसलिए मानता है क्योंकि उसने शुरू से ही core infrastructure को नए सिरे से rebuild किया है, न कि पुराने सिस्टम पर नया लेयर जोड़ा है।
🌍 आगे क्या? UK से Texas और Australia तक विस्तार
इस $75 मिलियन की फंडिंग का इस्तेमाल tem:
- UK में अपने operations को और मजबूत करने
- Texas (USA) और Australia जैसे markets में entry
- Rosso AI को ज्यादा कंपनियों के लिए available बनाने
- Pricing accuracy बढ़ाने के लिए data pool expand करने
में करेगा।
फाउंडर्स का मानना है कि अगले 3–5 सालों में tem का infrastructure दुनिया भर की energy कंपनियां, neo-utilities और नए ब्रांड्स अपनाएंगे।
🔮 निष्कर्ष
AI, data और automation के दौर में tem एनर्जी सेक्टर को fair, clear और efficient बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। जिस तरह fintech ने बैंकिंग को आसान बनाया, उसी तरह tem आने वाले समय में एनर्जी इंडस्ट्री की तस्वीर बदल सकता है।
जैसे-जैसे एनर्जी डिमांड बढ़ेगी, tem जैसे प्लेटफॉर्म्स की भूमिका और भी अहम होती जाएगी।
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