भारत के तेजी से बढ़ते MSME माइक्रोलेंडिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनी Aye Finance अब शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है। कंपनी ने अपने आगामी Initial Public Offering (IPO) के लिए ₹122–129 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह जानकारी कंपनी द्वारा कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास दाखिल किए गए Red Herring Prospectus (RHP) में सामने आई है।
📅 IPO Timeline
- IPO खुलेगा: 9 फरवरी
- IPO बंद होगा: 11 फरवरी
- Anchor investors के लिए ओपनिंग: 6 फरवरी
प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर Aye Finance की कुल वैल्यूएशन करीब $352 मिलियन (लगभग ₹2,900 करोड़) आंकी जा रही है।
📊 ₹1,010 करोड़ का पब्लिक इश्यू: Fresh Issue + OFS
RHP के मुताबिक, Aye Finance का IPO कुल ₹1,010 करोड़ का होगा, जिसमें दो हिस्से शामिल हैं:
- 🔹 ₹710 करोड़ का Fresh Issue
- 🔹 ₹300 करोड़ का Offer for Sale (OFS)
Fresh issue से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने लोन बुक को बढ़ाने, कैपिटल एडिक्वेसी मजबूत करने और ग्राउंड-लेवल MSME फाइनेंसिंग को स्केल करने में करेगी।
वहीं OFS के तहत कंपनी के मौजूदा निवेशक और प्रमोटर्स अपने कुछ शेयर बेचेंगे।
🧑💼 कौन बेच रहे हैं OFS में शेयर?
OFS के जरिए जिन बड़े शेयरहोल्डर्स और प्रमोटर्स के शेयर बाजार में आएंगे, उनमें शामिल हैं:
- Co-founder Vikram Jetley
- Alpha Wave India I LP
- MAJ Invest Financial Inclusion Fund II
- CapitalG LP
- LGT Capital Invest Mauritius PCC (Cell E/VP)
यह IPO शुरुआती निवेशकों को आंशिक एग्जिट का मौका देगा, जबकि कंपनी को आगे की ग्रोथ के लिए मजबूत कैपिटल बेस मिलेगा।
🏦 IPO के लीड मैनेजर्स कौन हैं?
Aye Finance के इस पब्लिक इश्यू को मैनेज करने के लिए देश के बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक्स को नियुक्त किया गया है:
- Axis Capital
- IIFL Capital
- Nuvama Wealth
- JM Financial
SEBI से कंपनी को IPO की मंजूरी अप्रैल 2025 में ही मिल चुकी थी।
📌 शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर: कौन है सबसे बड़ा निवेशक?
RHP के अनुसार, IPO से पहले Aye Finance में सबसे बड़ी बाहरी हिस्सेदारी इन निवेशकों के पास है:
- Elevation Capital – 16.03%
- LGT Capital – 13.99%
- Alpha Wave – 11.10%
इन बड़े ग्लोबल निवेशकों की मौजूदगी कंपनी के बिजनेस मॉडल और ग्रोथ पोटेंशियल में मजबूत भरोसे को दिखाती है।
📈 Financial Performance: Revenue बढ़ा, Profit दबाव में
अगर कंपनी के FY26 Q1 (अप्रैल-जून) के फाइनेंशियल पर नजर डालें, तो तस्वीर थोड़ी मिक्स्ड दिखाई देती है।
🔹 Revenue Growth
- Q1 FY26 Revenue: ₹407 करोड़
- Q1 FY25 Revenue: ₹335 करोड़
- 📈 सालाना बढ़ोतरी: 21.5%
यह ग्रोथ MSME लोन डिमांड और मजबूत डिस्बर्समेंट के कारण आई है।
🔹 Profit में गिरावट
- Q1 FY26 Profit: ₹30.5 करोड़
- Q1 FY25 Profit की तुलना में गिरावट: 50%
हालांकि, कंपनी का EBITDA ₹172 करोड़ पॉजिटिव रहा, जो यह दिखाता है कि ऑपरेशनल लेवल पर बिजनेस अभी भी मजबूत है। बढ़ती provisioning और फंडिंग कॉस्ट के कारण नेट प्रॉफिट पर दबाव देखने को मिला।
🏭 Aye Finance क्या करती है?
Aye Finance एक माइक्रोलेंडिंग NBFC है, जो खास तौर पर छोटे व्यापारियों, मैन्युफैक्चरर्स और MSMEs को collateral-free लोन प्रदान करती है। कंपनी पारंपरिक क्रेडिट स्कोर पर निर्भर रहने की बजाय डेटा-ड्रिवन अंडरराइटिंग मॉडल का इस्तेमाल करती है।
इसके प्रमुख ग्राहक हैं:
- छोटे फैब्रिकेटर्स
- ट्रेडर्स
- मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स
- सर्विस MSMEs
भारत में जहां MSME सेक्टर को बैंकिंग क्रेडिट की भारी कमी झेलनी पड़ती है, वहां Aye Finance जैसी कंपनियां फाइनेंशियल इनक्लूजन में अहम भूमिका निभा रही हैं।
🔍 IPO निवेशकों के लिए क्या मायने?
Aye Finance का IPO ऐसे समय आ रहा है जब:
- MSME क्रेडिट डिमांड लगातार बढ़ रही है
- डिजिटल लेंडिंग और डेटा-आधारित NBFC मॉडल को बाजार का समर्थन मिल रहा है
- हालांकि, ब्याज दरें और asset quality निवेशकों के लिए एक निगरानी का विषय बनी रहेंगी
कंपनी की मजबूत revenue growth, अनुभवी निवेशक बेस और स्पष्ट MSME फोकस इसे IPO बाजार का एक अहम इश्यू बनाता है।
📌 निष्कर्ष
Aye Finance का IPO भारतीय फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में एक महत्वपूर्ण पेशकश माना जा रहा है। भले ही शॉर्ट टर्म में प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव दिख रहा हो, लेकिन लॉन्ग टर्म में MSME फाइनेंसिंग का पोटेंशियल कंपनी के लिए मजबूत ग्रोथ स्टोरी पेश करता है।
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