🌆 शहर ही समस्या नहीं, समाधान भी हैं 2150 VC की Sustainability Strategy

Sustainability Strategy

दुनिया की ज़्यादातर आर्थिक तरक्की शहरों में होती है। लेकिन यही शहर सबसे ज्यादा कार्बन उत्सर्जन, कचरा और संसाधनों की खपत के लिए भी जिम्मेदार हैं। इसी विरोधाभास को समझते हुए एक सोच ने जन्म लिया — क्या शहरी विकास टिकाऊ (sustainable urban) हो सकता है, बिना विकास की रफ्तार धीमी किए?

इसी सवाल का जवाब देने के लिए 2021 में लॉन्च हुआ 2150, एक ऐसा venture capital (VC) फर्म, जिसका लक्ष्य है urbanisation को समस्या से समाधान में बदलना


💶 €210 मिलियन का नया फंड, कुल AUM €500 मिलियन

2150 ने हाल ही में अपने दूसरे फंड (Fund II) को €210 मिलियन पर क्लोज़ किया है, जिससे इसकी कुल assets under management (AUM) अब €500 मिलियन तक पहुंच गई है।

इस नए फंड के साथ 2150 ने अपनी investor base को और मजबूत किया है। अब इसके निवेशक सिर्फ यूरोप तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एशिया और नॉर्थ अमेरिका के बड़े institutional investors भी इसमें शामिल हैं। यह दिखाता है कि sustainable urban solutions अब global priority बन चुकी हैं।


🔄 Urbanisation को Problem से Solution बनाना

2150 की स्थापना Jacob Bro, Christian Jolck, Rahul Parekh और Christian Hernandez ने की थी। इनका मानना है कि शहरीकरण (urbanisation) को सिर्फ पर्यावरणीय संकट के रूप में देखना गलत है। सही टेक्नोलॉजी और सही निवेश के साथ, शहर ही climate change का समाधान बन सकते हैं।

2150 के co‑founder और partner Christian Jolck बताते हैं:

“चार साल में हमने €500 मिलियन जुटाए, 27 कंपनियों में निवेश किया और हर साल 10 लाख टन से ज्यादा CO₂e उत्सर्जन को कम करने में मदद की है। हमारे founders ऐसी scalable कंपनियां बना रहे हैं, जिनका कुल revenue $1 बिलियन से ज्यादा है और जिनमें 4,500 से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं।”

यह आंकड़े साफ बताते हैं कि sustainability और profitability एक‑दूसरे के विरोधी नहीं हैं।


🏗️ 2150 किन Startups में निवेश करता है?

2150 उन startups को सपोर्ट करता है जो built environmentenergy systems और industrial supply chains को ज्यादा efficient और sustainable बना रहे हैं।

नए फंड से जिन कंपनियों को फायदा मिल रहा है, उनमें शामिल हैं:

  • AtmosZero – इंडस्ट्रियल हीट को electric बनाना
  • GetMobil – refurbished electronics के जरिए e‑waste कम करना
  • Metycle – circular metal trading platform
  • Mission Zero Technologies – direct air capture से carbon removal

इसके अलावा, 2150 के पास तीन और deals pipeline में हैं, जिनकी घोषणा अभी नहीं हुई है।


🌍 Global Thinking, Local Execution

2150 के co‑founder Christian Hernandez के मुताबिक, फर्म की investment thesis पहले जैसी ही है। यह मुख्य रूप से Series A stage की कंपनियों पर फोकस करता है, लेकिन seed और later stages में भी opportunistic investments करता है।

उनका कहना है:

“हम Atlantic के दोनों तरफ निवेश करते हैं। अमेरिका की टेक्नोलॉजी को यूरोप में लाते हैं और यूरोपीय कंपनियों को US में scale करते हैं। हमने ब्राज़ील, तुर्की और सिंगापुर जैसे देशों में भी निवेश किया है, क्योंकि कई बार solutions किसी और market में मिलते हैं।”

यह approach 2150 को सिर्फ एक यूरोपीय VC नहीं, बल्कि truly global climate investor बनाती है।


🌈 Diversity और Inclusion पर साफ सोच

आज के startup ecosystem में diversity सिर्फ एक buzzword नहीं, बल्कि performance driver मानी जाती है। 2150 इस बात को गंभीरता से लेता है।

Hernandez बताते हैं कि 2150 की एक public diversity policy है और यह Diversity VC जैसे संगठनों के साथ मिलकर काम करता है। Portfolio कंपनियों में management diversity, inclusion metrics और due diligence के दौरान D&I को track किया जाता है।

सबसे अहम बात यह है कि investment के बाद भी founders के साथ मिलकर Board level पर diversity efforts को monitor किया जाता है


🚀 आगे क्या? (What’s Next for 2150)

Fund II के क्लोज़ होने के बाद, 2150 अब:

  • यूरोप में अपनी मौजूदगी और मजबूत करेगा
  • नॉर्थ अमेरिका और एशिया में aggressively expand करेगा
  • ऐसे founders को सपोर्ट करेगा जो बिना government subsidies के, cost‑competitive और scalable climate solutions बना रहे हैं

Hernandez के अनुसार, यही strategy 2150 को बदलती climate policies के बावजूद stable बनाती है, खासकर अमेरिका जैसे markets में।


🔚 निष्कर्ष

2150 यह साबित कर रहा है कि climate impact और venture returns एक साथ संभव हैं। शहरी विकास को धीमा करने की बजाय, उसे smarter और cleaner बनाना ही भविष्य की सही दिशा है।

भारत जैसे देश के लिए, जहां तेज़ी से urbanisation हो रहा है, 2150 का model एक बड़ा learning case बन सकता है — कि कैसे सही capital, सही founders और सही vision के साथ शहरों को sustainable growth engines बनाया जा सकता है।

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🇫🇮 Finland यूरोप का तेजी से उभरता Startup Hub

Finland

पिछले कुछ वर्षों में Finland यूरोप के सबसे dynamic और भरोसेमंद startup hubs में से एक बनकर उभरा है। मजबूत सरकारी समर्थन, गहरी टेक्निकल टैलेंट पूल और collaborative innovation culture ने मिलकर यहां ऐसा ecosystem तैयार किया है, जो local founders के साथ‑साथ global entrepreneurs को भी आकर्षित कर रहा है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, R&D में भारी निवेश और transparent regulatory system फिनलैंड की सबसे बड़ी ताकत हैं। यही वजह है कि यहां से निकलने वाले startups शुरुआत से ही global scale के लिए तैयार होते हैं।


📊 Funding में रिकॉर्ड तेजी

PitchBook के अनुसार, 2025 में Finland के startups ने €1.5 बिलियन से ज्यादा की venture funding जुटाई। इस funding का बड़ा हिस्सा quantum computing, space tech, healthtech और enterprise software जैसे high‑impact sectors में गया।

इस momentum के साथ फिनलैंड अब Nordic region में एक ऐसा देश बन गया है, जो न सिर्फ शुरुआती stage के startups को सपोर्ट करता है, बल्कि उन्हें globally competitive scaleups बनने में भी मदद करता है।


💡 2026 में नजर रखने लायक 10 Finnish VC Firms

फिनलैंड के startup ecosystem को मजबूत बनाने में वहां के venture capital firms की बड़ी भूमिका है। नीचे ऐसे 10 Finnish VC firms दिए गए हैं, जो pre‑idea, pre‑seed और seed stage founders को funding, mentorship और network support प्रदान कर रहे हैं।


1️⃣ Voima Ventures

Founded: 2019 | Founders: Inka Mero, Mikko Kumpulainen

Voima Ventures Nordics की leading deeptech VC firm मानी जाती है। यह short‑term trends के बजाय scientific breakthroughs पर आधारित startups में निवेश करती है।

Life sciences, climate tech, quantum technology, advanced AI और synthetic biology इसके प्रमुख focus areas हैं।
हाल ही में इसने €100 मिलियन का Fund III लॉन्च किया, जिससे 25–30 deeptech startups को सपोर्ट किया जा रहा है।


2️⃣ Lifeline Ventures

Founded: 2009 | Founders: Timo Ahopelto, Petteri Koponen

Lifeline Ventures की पहचान है — बेहद शुरुआती stage पर founders को पहचानना। कई बार यह company बनने से पहले ही निवेश कर देता है।

इसके portfolio में Wolt, Supercell, Oura और ICEYE जैसे unicorns शामिल हैं। यह VC €100K से €2 मिलियन तक निवेश करता है और Europe के सबसे consistent unicorn producers में से एक है।


3️⃣ Business Finland

Founded: 2018 | State‑backed Organisation

Business Finland पारंपरिक VC नहीं है, बल्कि एक सरकारी innovation agency है। यह grants, loans और co‑investment के जरिए startups को बिना ज्यादा commercial pressure के risky ideas validate करने में मदद करती है।

Export programs, R&D incentives और global expansion support इसकी बड़ी strengths हैं। कई सफल Finnish startups की शुरुआत Business Finland के support से हुई है।


4️⃣ Redstone VC

Founded: 2014 | Founders: Samuli Sirén, Michael Brehm

Redstone एक unique model पर काम करता है। यह corporates और institutions के साथ मिलकर sector‑specific funds बनाता है, जैसे fintech, climate tech और digital health।

Complex और regulated markets में काम कर रहे founders के लिए Redstone एक मजबूत partner माना जाता है।


5️⃣ Kvanted Ventures

Founded: 2023

Kvanted traditional industries और tech startups के बीच पुल का काम करता है। यह industrial automation, sustainability और supply‑chain resilience पर फोकस करता है।

इसने €70 मिलियन का पहला fund बंद किया है और hardware‑software दोनों में निवेश करता है।


6️⃣ Wave Ventures

Founded: 2016 | Student‑driven VC

Wave Ventures यूरोप की पहली student‑driven VC firms में से एक है। यह idea या prototype stage पर founders को support करता है, खासकर first‑time entrepreneurs को।

Gen Z founders के बीच यह VC एक strong launchpad बन चुका है और early‑stage funding के साथ mentorship भी देता है।


7️⃣ Nostetta Ventures

Founded: 2020

Nostetta Ventures pre‑seed और early‑stage startups में निवेश करता है, खासकर software, climate और B2B tech पर काम करने वाले founders में।

यह practical innovation और जल्दी revenue potential वाले ideas को सपोर्ट करता है, जिससे startups market‑ready बन सकें।


8️⃣ NordicNinja VC

Founded: 2019

NordicNinja climate tech, robotics, mobility और industrial automation पर फोकस करता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है Nordics और Asia (खासकर Japan) के बीच मजबूत नेटवर्क।

Bolt और Einride जैसे बड़े नाम इसके portfolio में शामिल हैं। यह VC Series A और B stages पर निवेश करता है।


9️⃣ Vendep Capital

Founded: 2013

Vendep Capital B2B SaaS और AI‑driven enterprise software में विशेषज्ञ है। हाल ही में इसने €80 मिलियन का fund raise किया है।

इसकी टीम में खुद former entrepreneurs शामिल हैं, जिससे founders को real scaling experience का फायदा मिलता है।


🔟 Maki.vc

Founded: 2018

Maki.vc pre‑seed से लेकर Series A तक startups को support करता है। इसका फोकस quantum computing, climate tech और green chemistry पर है।

यह सिर्फ capital नहीं, बल्कि storytelling, branding और go‑to‑market strategy में भी founders की मदद करता है।


🔚 निष्कर्ष

फिनलैंड आज सिर्फ एक European country नहीं, बल्कि global startup destination बन चुका है। मजबूत सरकारी support, world‑class VCs और innovation‑friendly culture ने इसे founders के लिए बेहद आकर्षक बना दिया है।

जो entrepreneurs deeptech, climate, AI या enterprise software में काम करना चाहते हैं, उनके लिए फिनलैंड आने वाले सालों में बड़े अवसर पेश कर सकता है।

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🚗 Tata Siyara की Sale से Startups क्या सीख सकते हैं?

Tata Siyara

जब भी कोई स्टार्टअप बहुत तेज़ी से ग्रो करता है, तो एक सवाल ज़रूर उठता है —
“इसकी strategy क्या थी?”

आज यही सवाल Tata Siyara की जबरदस्त बिक्री और चर्चा को देखकर पूछा जा रहा है। वजह साफ है — Siyara सिर्फ एक नई SUV नहीं है, बल्कि यह Tata Motors की तरफ से किया गया startup‑style execution है।

यही कारण है कि इस कार की चर्चा सिर्फ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि startup ecosystem, founders और investors के बीच भी हो रही है 🚀।


🎯 Product नहीं, Problem पर Focus

Startup दुनिया का सबसे पहला और सबसे बड़ा नियम है:
👉 Problem solve करो, product अपने आप बिकेगा।

Tata Siyara की सफलता की जड़ भी यही सोच है।
भारतीय ग्राहकों की समस्याएं बहुत साफ थीं:

  • 🛡️ Safety से कोई समझौता नहीं
  • 👨‍👩‍👧‍👦 Family के लिए आरामदायक कार
  • 🏢 Trusted brand
  • 💰 Long‑term value for money

Tata Motors ने flashy ads, over‑promises या fake hype का सहारा नहीं लिया।
उन्होंने quietly एक ऐसी SUV बनाई जो real Indian needs को solve करती है

बिल्कुल वैसा ही, जैसा successful startups करते हैं।


🧠 MVP Thinking – बिल्कुल Startup वाली सोच

Startup ecosystem में एक बहुत popular concept है —
MVP (Minimum Viable Product)

मतलब:
पहले वही बनाओ जो market को सच में चाहिए,
extra features बाद में add होते रहेंगे।

Tata Siyara भी इसी सोच से बनाई गई लगती है:

  • ✅ Proven safety image
  • 🎨 Simple लेकिन premium design
  • ⚙️ Over‑engineering नहीं
  • 📌 Clear value proposition

इसलिए buyers confused नहीं हैं।
लोग ये नहीं पूछ रहे कि “options इतने क्यों हैं?”
बल्कि पूछ रहे हैं — “Worth it है या नहीं?”

और इसका जवाब Siyara खुद दे रही है।


📈 Demand Ads से नहीं, Trust से बनी

आज कई startups marketing पर करोड़ों रुपये खर्च कर देते हैं 💸
लेकिन smart startups जानते हैं कि
👉 Trust‑based demand सबसे strong होती है।

Siyara के साथ भी बिल्कुल यही हुआ:

  • ℹ️ Limited information release
  • 🎯 Controlled promotions
  • 🚫 No unnecessary hype

Result?
लोग खुद search करने लगे:

  • Tata Siyara price
  • Tata Siyara features
  • Tata Siyara worth buying?

ये वही organic demand है, जिसके लिए startups तरसते हैं।


🔐 Trust ही असली Currency है

Startup world की एक कड़वी सच्चाई है:
“Marketing खरीदी जा सकती है, trust कमाया जाता है।”

Tata Motors का brand trust ही Siyara की सबसे बड़ी ताकत है 💪
Customers के मन में साफ सोच है:

“Tata है, तो safety और quality ठीक होगी।”

Startup founders के लिए यह एक बड़ा lesson है:

  • Trust overnight नहीं बनता
  • लेकिन जब बनता है, तो product को push नहीं करना पड़ता

⏱️ Right Timing = Half Success

बहुत से startups अच्छे idea के बावजूद fail हो जाते हैं 😕
क्यों?
👉 Timing गलत होती है।

Tata ने Siyara को launch किया:

  • 📊 जब SUV demand peak पर है
  • 🛡️ जब buyers safety conscious हो चुके हैं
  • 💎 जब premium feel affordable price में चाहिए

यह perfect market timing है।

Startup founders के लिए message बिल्कुल साफ है:
Idea से ज़्यादा सही समय important होता है।


💡 Siyara एक Startup Case Study क्यों है?

अगर कोई startup mentor real‑life example देना चाहे,
तो Tata Siyara एक perfect case study बन सकती है 📘।

इसमें सब कुछ है:

  • 🔍 Clear problem identification
  • 🎯 Defined target audience
  • 🤝 Strong trust backing
  • 📣 Controlled marketing
  • 🧭 Long‑term vision

यही वो बातें हैं जो investors किसी pitch deck में ढूंढते हैं।


😮 Startups और Founders इस पर ध्यान क्यों दे रहे हैं?

Startup founders अब ये समझ रहे हैं कि:

अगर Tata जैसी बड़ी company भी
startup mindset अपनाकर execution कर रही है,
तो early‑stage founders को और ज़्यादा disciplined होना पड़ेगा।

Siyara ये साबित करती है कि:

🚀 Size matter नहीं करता,
Strategy और execution matter करते हैं।


🔚 निष्कर्ष

Tata Siyara एक कार से कहीं ज़्यादा है।
यह एक reminder है कि
startup principles सिर्फ startups के लिए नहीं होते।

जो company customer को समझती है,
problem solve करती है
और trust बनाती है —
वही long‑term winner बनती है।

Read more :🤖 Artificial Intelligence दुनिया की सबसे बड़ी यूनिकॉर्न इंडस्ट्री 🚀

🤖 Artificial Intelligence दुनिया की सबसे बड़ी यूनिकॉर्न इंडस्ट्री 🚀

Artificial Intelligence

Artificial Intelligence (AI) आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली तकनीकी इंडस्ट्री बन चुकी है 🌍। इस समय AI सेक्टर में 308 यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स मौजूद हैं 🦄, जो इसे दुनिया की सबसे बड़ी यूनिकॉर्न इंडस्ट्री बनाता है। यूनिकॉर्न वे स्टार्टअप होते हैं जिनका मूल्यांकन 1 अरब डॉलर या उससे अधिक होता है 💰।

AI अब सिर्फ रिसर्च या बड़ी टेक कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा 🎓, हेल्थकेयर 🏥, फाइनेंस 💳, ऑटोमोबाइल 🚗, रक्षा 🛡️, ई‑कॉमर्स 🛒 और मीडिया 📱 जैसे कई क्षेत्रों में क्रांति ला रहा है।


🏆 OpenAI और Anthropic: AI दुनिया के सबसे बड़े खिलाड़ी

AI यूनिकॉर्न्स की सूची में OpenAI सबसे ऊपर है 🥇। करीब 500 अरब डॉलर की वैल्यूएशन के साथ यह दुनिया की सबसे मूल्यवान AI कंपनी बन चुकी है 💎। 2015 में स्थापित OpenAI ने ChatGPT जैसे जनरेटिव AI टूल्स के जरिए आम लोगों तक AI को पहुँचाया 🤝।

दूसरे नंबर पर है Anthropic, जिसकी वैल्यूएशन लगभग 183 अरब डॉलर है 🥈। यह कंपनी AI सेफ्टी और रिसर्च पर खास ध्यान देती है 🔐। इसका Claude AI मॉडल “Helpful, Harmless और Honest” सिद्धांत पर काम करता है।


⚡ नई कंपनियाँ, तेज़ ग्रोथ: xAI और Databricks

AI सेक्टर में नई कंपनियाँ भी रिकॉर्ड समय में यूनिकॉर्न बन रही हैं ⏱️। xAI, जिसकी स्थापना 2023 में हुई, केवल एक साल में 50 अरब डॉलर की वैल्यूएशन तक पहुँच गई 🚀। इसका चैटबॉट Grok रियल‑टाइम जानकारी के लिए जाना जाता है।

वहीं Databricks 🧠 डेटा और AI के लिए एक यूनिफाइड प्लेटफॉर्म प्रदान करती है और आज इसकी वैल्यूएशन करीब 100 अरब डॉलर है 💼। यह साबित करता है कि AI सिर्फ चैटबॉट नहीं, बल्कि डेटा एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग की रीढ़ है।


🚗🤖 ऑटोमोबाइल, डिजाइन और रोबोटिक्स में AI

ऑटोमोबाइल सेक्टर में Waymo और Cruise जैसी कंपनियाँ ड्राइवरलेस गाड़ियों पर काम कर रही हैं 🚕। Waymo अमेरिका के कई शहरों में बिना ड्राइवर टैक्सी सेवा चला रही है।

डिजाइन की दुनिया में Canva 🎨 ने AI‑आधारित टूल्स से आम लोगों के लिए प्रोफेशनल डिजाइन आसान बना दिया है। वहीं रोबोटिक्स में Figure 🤖 जैसी कंपनियाँ इंसानों जैसे रोबोट तैयार कर रही हैं, जो फैक्ट्रियों और लॉजिस्टिक्स में काम कर सकते हैं।


🌍 सिर्फ टॉप 10 नहीं, 300+ कंपनियाँ बना रहीं भविष्य

OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियाँ सुर्खियों में रहती हैं 📰, लेकिन ये कुल AI यूनिकॉर्न्स का सिर्फ छोटा हिस्सा हैं। बाकी की 298 कंपनियाँ दुनिया भर में AI के भविष्य को आकार दे रही हैं 🌐।

अमेरिका 🇺🇸 और चीन 🇨🇳 का दबदबा जरूर है, लेकिन यूरोप 🇪🇺, कनाडा 🇨🇦, जापान 🇯🇵, सिंगापुर 🇸🇬, मिडिल ईस्ट और भारत 🇮🇳 से भी कई AI यूनिकॉर्न सामने आए हैं।


🇮🇳 भारत की मजबूत मौजूदगी

AI यूनिकॉर्न की इस वैश्विक सूची में भारत भी पीछे नहीं है 💪। InMobi, Glance, Shiprocket, Darwinbox और Krutrim जैसी भारतीय कंपनियाँ AI इनोवेशन का शानदार उदाहरण हैं 🌟। भारत में AI का इस्तेमाल खासतौर पर डिजिटल विज्ञापन 📢, HR टेक 👔, लॉजिस्टिक्स 📦 और भाषा आधारित तकनीकों में हो रहा है।


🔮 निष्कर्ष: AI ही भविष्य है

308 AI यूनिकॉर्न्स यह साफ दिखाते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोई अस्थायी ट्रेंड नहीं है ❌, बल्कि आने वाले समय की बुनियाद है 🧱। निवेशक 💸, सरकारें 🏛️ और स्टार्टअप्स 🚀 सभी AI पर भरोसा जता रहे हैं।

आज जो AI स्टार्टअप है, वही कल की सबसे बड़ी टेक कंपनी बन सकता है 🌟।
इसीलिए AI को 21वीं सदी की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति माना जा रहा है 🤖✨।

Read more :🚀 Startup Funding: एक हफ्ते में $353 मिलियन से ज्यादा निवेश,

🚀 Startup Funding: एक हफ्ते में $353 मिलियन से ज्यादा निवेश,

Startup Funding

Startup Funding इकोसिस्टम के लिए यह सप्ताह काफ़ी शानदार रहा ✨। इस हफ्ते कुल 47 भारतीय स्टार्टअप्स ने लगभग $353.81 मिलियन (करीब ₹2,900 करोड़) की फंडिंग जुटाई 💰।
इसमें 9 ग्रोथ-स्टेज डील्स34 अर्ली-स्टेज डील्स शामिल रहीं, जबकि 4 स्टार्टअप्स ने निवेश राशि का खुलासा नहीं किया 🤐।
पिछले हफ्ते के मुकाबले स्टार्टअप फंडिंग में 39.3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है 🔥।


📊 ग्रोथ-स्टेज स्टार्टअप्स ने बटोरे $229 मिलियन

इस सप्ताह ग्रोथ-स्टेज स्टार्टअप्स ने कुल $229.3 मिलियन की फंडिंग जुटाई 🚀।
सबसे बड़ी डील रही Emergent, जिसने Khosla Ventures और SoftBank के नेतृत्व में $70 मिलियन हासिल किए 💻🤖।

वहीं, बेंगलुरु स्थित पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Juspay ने $50 मिलियन जुटाकर यूनिकॉर्न क्लब 🦄 में एंट्री की।
जयपुर की Namdev Finvest ने $37 मिलियन की डेट फंडिंग उठाई, जबकि Unbox Robotics ने $28 मिलियन की फंडिंग हासिल की 🤝।


🌱 Startup Funding अर्ली-स्टेज स्टार्टअप्स में भी दिखा दम

अर्ली-स्टेज फंडिंग इस सप्ताह $98.81 मिलियन रही, जो 34 डील्स में फैली हुई थी 💡।
मैन्युफैक्चरिंग स्टार्टअप Whizzo ने $15 मिलियन की Series A फंडिंग जुटाकर लीड किया 🏭।
इसके बाद Optimist ने $12 मिलियन की फंडिंग हासिल की ❄️⚙️।

इसके अलावा BolnaRingg AIWanderOnEnerzolveTroovy जैसे स्टार्टअप्स ने भी निवेश आकर्षित किया 🌍📱।


🏙️ शहर और सेक्टर के हिसाब से ट्रेंड

शहरों की बात करें तो बेंगलुरु सबसे आगे रहा 🥇, जहां 18 डील्स हुईं।
इसके बाद दिल्ली‑NCR (11 डील्स) और मुंबई (5 डील्स) रहे 🏙️।

सेक्टर-wise देखें तो AI स्टार्टअप्स 🤖 सबसे आगे रहे, इसके बाद ई‑कॉमर्स 🛒फिनटेक 💳डीपटेक और सोलर टेक ☀️ में भी अच्छी गतिविधि देखने को मिली।


📈 सीरीज़ और वीकली ट्रेंड

इस हफ्ते सीड राउंड्स 🌱 सबसे ज्यादा रहे, इसके बाद Series A डील्स हुईं।
पिछले आठ हफ्तों का औसत देखें तो हर हफ्ते करीब $207 मिलियन की फंडिंग और 23 डील्स दर्ज की गई हैं 📉➡️📈।


👔 बड़ी नियुक्तियां, M&A और ESOP अपडेट्स

  • Ola Electric ने नया CFO नियुक्त किया ⚡
  • Livspace को मिला नया फाइनेंस हेड 🏠
  • Cashfree Payments ने 400+ कर्मचारियों के लिए ESOP Buyback की घोषणा 🎁
  • Setu और Care.fi के अधिग्रहण सौदे भी चर्चा में रहे 🤝

📰 निष्कर्ष

कुल मिलाकर, यह सप्ताह भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए बेहद सकारात्मक रहा 🌟।
फंडिंग में तेज़ उछाल, नए यूनिकॉर्न की एंट्री, IPO हलचल और AI‑फिनटेक में बढ़ता निवेश यह दिखाता है कि भारत का स्टार्टअप भविष्य मज़बूत दिशा में आगे बढ़ रहा है 🇮🇳🚀।

Read more :🌍 विदेश में बसे परिवारों और बुज़ुर्ग माता‑पिता के बीच सेतु बनता Nila Cares ❤️

🌍 विदेश में बसे परिवारों और बुज़ुर्ग माता‑पिता के बीच सेतु बनता Nila Cares ❤️

Nila Cares

आज के दौर में लाखों लोग बेहतर करियर और जीवन के लिए विदेशों में बस चुके हैं ✈️। लेकिन इस तरक्की की सबसे बड़ी कीमत अक्सर परिवार से दूरी के रूप में चुकानी पड़ती है 👵👴। खासकर जब माता‑पिता उम्रदराज़ हों, तो उनकी देखभाल दूर बैठकर करना भावनात्मक 😔, मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी समस्या का समाधान लेकर आया है Nila Cares 🏥।


💡 निजी अनुभव से जन्मा स्टार्टअप

Nila Cares के संस्थापक एंथनी जैकब ने यह स्टार्टअप अपने निजी अनुभवों से प्रेरित होकर शुरू किया। फिनटेक सेक्टर में काम करते हुए उन्होंने देखा कि जब लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पैसे भेजते हैं 💸, तो थोड़ी सी देरी भी चिंता और तनाव पैदा कर देती है।

एंथनी और उनकी बहन विदेश में रहते हैं, जबकि उनके माता‑पिता श्रीलंका में रहते हैं 🌏। महामारी के दौरान यह दूरी और भी मुश्किल हो गई। यहीं से उन्हें एहसास हुआ कि पैसे भेजना तो आसान है, लेकिन भरोसेमंद हेल्थकेयर की व्यवस्था करना अब भी बड़ा मुद्दा है।


🤝 भरोसे पर आधारित देखभाल मॉडल

Nila Cares सिर्फ एक सर्विस नहीं, बल्कि सीमाओं के पार भरोसे का पुल है 🌉। कंपनी उन परिवारों को मानसिक शांति देती है जो दूर रहकर भी अपने माता‑पिता की अच्छी देखभाल चाहते हैं।

भारत जैसे देशों में बुज़ुर्ग देखभाल अभी पूरी तरह रेगुलेटेड पेशा नहीं है ⚠️। इसलिए Nila Cares ने खुद की सख्त भर्ती और ट्रेनिंग प्रक्रिया बनाई है:

  • 👩‍⚕️ कम से कम 5 साल का अनुभव
  • 📝 पुलिस वेरिफिकेशन
  • 🧠 जेरियाट्रिक और सहानुभूति आधारित ट्रेनिंग

इसका मकसद है केवल केयर नहीं, बल्कि भरोसा और सुकून देना 🌼।


💰 निवेश जुटाने की चुनौती

एंथनी जैकब के लिए फंडिंग जुटाना आसान नहीं था। कई निवेशकों को लगता था कि बुज़ुर्ग देखभाल कोई बड़ा बिज़नेस नहीं है 🤔। खासकर दक्षिण एशियाई पारिवारिक मूल्यों को समझाना मुश्किल था।

हालात तब बदले जब ऐसे निवेशक जुड़े जिनका खुद का अनुभव विदेश में रहते हुए परिवार की देखभाल से जुड़ा था। इसके बाद Nila Cares ने $2.4 मिलियन प्री‑सीड फंडिंग हासिल की 🚀।


🇮🇳 भारत पर खास फोकस और आगे की राह

हालांकि Nila Cares एक ग्लोबल मॉडल है 🌍, लेकिन फिलहाल कंपनी भारत पर गहराई से फोकस कर रही है। एंथनी का मानना है कि सिर्फ भारत में ही इस क्षेत्र में अरबों डॉलर का अवसर मौजूद है 💹।

चुनौती यह है कि हेल्थकेयर में टेक्नोलॉजी 🤖 के साथ मानवीय संवेदनशीलता ❤️ भी उतनी ही ज़रूरी है।


🌟 नए उद्यमियों के लिए सीख

एंथनी जैकब की सलाह:

  • 🤝 सही लोगों के साथ काम करें
  • 🗣️ प्रोडक्ट से पहले बातचीत करें
  • 🧘‍♂️ मानसिक संतुलन बनाए रखें

उनके शब्दों में, “खुद को संभालकर रखना सबसे ज़रूरी है।”


📺 यह लेख TechTalks with TFN सीरीज़ का हिस्सा है, जो टेक्नोलॉजी के पीछे की इंसानी कहानियों को सामने लाता है।
Nila Cares दिखाता है कि कैसे टेक + भरोसा मिलकर दूरियों को कम कर सकते हैं ❤️🌍

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RadixArk

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में ओपन‑सोर्स प्रोजेक्ट्स से निकलकर बड़ी कंपनियों का रूप लेना अब एक आम ट्रेंड बनता जा रहा है। इसी कड़ी में ओपन‑सोर्स AI टूल SGLang अब आधिकारिक रूप से एक स्वतंत्र कंपनी के तौर पर सामने आया है, जिसका नाम RadixArk रखा गया है। नई कंपनी की वैल्यूएशन लगभग $400 मिलियन (करीब ₹3,300 करोड़) आंकी गई है।

SGLang की शुरुआत 2023 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले की एक रिसर्च लैब में हुई थी। इस लैब का नेतृत्व Ion Stoica कर रहे थे, जो कि मशहूर डेटा कंपनी Databricks के को‑फाउंडर भी हैं। शुरुआत में यह एक अकादमिक रिसर्च प्रोजेक्ट था, लेकिन बढ़ती मांग और इंडस्ट्री में इसकी उपयोगिता को देखते हुए इसे अब एक फुल‑फ्लेज्ड स्टार्टअप में बदल दिया गया है।


⚙️ AI मॉडल्स को तेज और सस्ता बनाने पर फोकस

SGLang का मुख्य उद्देश्य AI मॉडल्स के inference stage को तेज करना है। Inference वह चरण होता है, जब एक प्रशिक्षित AI मॉडल यूज़र के सवालों का जवाब देता है या किसी इनपुट पर आउटपुट तैयार करता है। यह स्टेज AI सिस्टम्स के लिए सबसे ज्यादा कंप्यूटिंग पावर और लागत मांगता है।

SGLang जैसे टूल्स इस प्रक्रिया को ज्यादा एफिशिएंट बनाकर

  • कंप्यूटिंग लागत कम करते हैं,
  • परफॉर्मेंस बढ़ाते हैं,
  • और AI मॉडल्स को रियल‑टाइम में बेहतर तरीके से काम करने में मदद करते हैं।

यही वजह है कि बड़े‑बड़े AI‑ड्रिवन प्लेटफॉर्म्स और स्टार्टअप्स इस तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर टूल्स में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।


🏢 RadixArk को मिला बड़े निवेशकों का समर्थन

मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, RadixArk ने कई नामी निवेशकों से फंडिंग जुटाई है। इनमें

  • वेंचर कैपिटल फर्म Accel,
  • और शुरुआती एंजेल निवेशकों में Intel के CEO Lip‑Bu Tan जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं।

हालांकि कंपनी ने फंडिंग की पूरी रकम सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन वैल्यूएशन से यह साफ है कि निवेशकों को RadixArk के बिजनेस मॉडल और टेक्नोलॉजी पर पूरा भरोसा है।

RadixArk की सार्वजनिक घोषणा पिछले साल अगस्त में की गई थी और अब इसके पीछे की पूरी टीम आधिकारिक तौर पर मूल ओपन‑सोर्स प्रोजेक्ट से अलग होकर नई कंपनी के तहत काम कर रही है।


🚀 इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ता इस्तेमाल

SGLang को पहले ही कई टेक‑फोकस्ड कंपनियों द्वारा अपनाया जा चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक,

  • Elon Musk की AI कंपनी xAI,
  • और AI‑कोडिंग टूल बनाने वाली कंपनी Cursor
    जैसी टीमें SGLang का इस्तेमाल अपने AI सिस्टम्स के ट्रेनिंग और इंफ्रेंस को तेज करने के लिए कर चुकी हैं।

जैसे‑जैसे बड़े AI मॉडल्स का साइज और जटिलता बढ़ रही है, वैसे‑वैसे उन्हें तेज और किफायती तरीके से चलाने वाले टूल्स की जरूरत भी बढ़ती जा रही है।


🔓 ओपन‑सोर्स रहेगा SGLang, लेकिन कमाई का नया रास्ता

RadixArk ने साफ किया है कि वह SGLang को ओपन‑सोर्स इंजन के रूप में आगे भी विकसित करता रहेगा। इसका मतलब यह है कि डेवलपर्स और रिसर्चर्स इसे मुफ्त में इस्तेमाल कर सकेंगे।

हालांकि, इसके साथ‑साथ कंपनी कुछ नए कमर्शियल टूल्स भी बना रही है। इनमें से एक प्रमुख प्रोडक्ट है Miles, जो एक reinforcement learning framework है। यह फ्रेमवर्क AI मॉडल्स को समय के साथ खुद को बेहतर बनाने में मदद करता है।

इसके अलावा, RadixArk ने अब पेड होस्टिंग सर्विसेज के लिए चार्ज करना भी शुरू कर दिया है। यानी कोर सॉफ्टवेयर मुफ्त रहेगा, लेकिन एडवांस्ड सर्विसेज और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भुगतान करना होगा।


🌐 AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा ट्रेंड

RadixArk का यह कदम AI इंडस्ट्री में चल रहे एक बड़े ट्रेंड को दर्शाता है। कई ऐसे टूल्स, जो पहले

  • यूनिवर्सिटी लैब्स
  • या ओपन‑सोर्स कम्युनिटी
    का हिस्सा थे, अब बढ़ती डिमांड के कारण कमर्शियल बिजनेस में बदले जा रहे हैं।

खासतौर पर AI inference पर फोकस करने वाली कंपनियां निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनती जा रही हैं, क्योंकि यही वह हिस्सा है जो AI को असल दुनिया में काम करने लायक बनाता है।


🔮 आगे क्या?

AI का इस्तेमाल जैसे‑जैसे हर सेक्टर में बढ़ रहा है, वैसे‑वैसे तेज, भरोसेमंद और किफायती इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग भी बढ़ेगी। RadixArk जैसी कंपनियां इसी जरूरत को पूरा करने की दिशा में काम कर रही हैं।

$400 मिलियन की वैल्यूएशन के साथ RadixArk ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में AI इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां टेक इंडस्ट्री की अगली बड़ी ग्रोथ स्टोरी बन सकती हैं।

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💳 Juspay ने जुटाए $50 मिलियन,

Juspay

भारत के डिजिटल पेमेंट्स इकोसिस्टम के लिए साल 2026 की शुरुआत एक बड़ी उपलब्धि के साथ हुई है। बेंगलुरु‑आधारित पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Juspay ने $50 मिलियन (करीब ₹415 करोड़) की Series D फॉलो‑ऑन फंडिंग जुटाई है। इस निवेश राउंड का नेतृत्व WestBridge Capital ने किया है, जो प्राइमरी और सेकेंडरी ट्रांजैक्शन के मिश्रण के रूप में किया गया है। इस डील में Avendus Capital ने Juspay के फाइनेंशियल एडवाइज़र की भूमिका निभाई।

इस फंडिंग के साथ Juspay की वैल्यूएशन $1.2 बिलियन तक पहुंच गई है, जो पिछले राउंड में लगभग $900 मिलियन थी। इसके साथ ही Juspay 2026 का पहला भारतीय यूनिकॉर्न बन गया है।


🚀 फंडिंग का इस्तेमाल कहां होगा

कंपनी के अनुसार, इस फंडिंग का प्राइमरी कैपिटल हिस्से का उपयोग

  • ग्लोबल एक्सपेंशन,
  • नए प्रोडक्ट डेवलपमेंट,
  • और टेक्नोलॉजी क्षमताओं को मजबूत करने
    के लिए किया जाएगा।

वहीं, सेकेंडरी ट्रांजैक्शन के जरिए शुरुआती निवेशकों और ESOP होल्ड करने वाले कर्मचारियों को आंशिक लिक्विडिटी प्रदान की जाएगी। यह पिछले एक साल में Juspay द्वारा किया गया दूसरा लिक्विडिटी इवेंट है।


📈 ऑपरेशनल ग्रोथ ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा

Juspay की यह फंडिंग कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल ग्रोथ के बाद आई है। कंपनी का दावा है कि उसका Annualised Total Payment Volume (TPV) $1 ट्रिलियन को पार कर चुका है। इसके प्लेटफॉर्म पर रोजाना 300 मिलियन से ज्यादा ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए जाते हैं।

Juspay आज

  • ई‑कॉमर्स,
  • ट्रैवल,
  • फूड डिलीवरी,
  • इंश्योरेंस,
  • और फाइनेंशियल सर्विसेज
    जैसे सेक्टर्स में काम करने वाली कंपनियों और बैंकों को सेवाएं देता है।

🌍 ग्लोबल लेवल पर मजबूत मौजूदगी

भारत के अलावा, Juspay ने अपनी उपस्थिति कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मजबूत की है। कंपनी वर्तमान में

  • एशिया‑पैसिफिक,
  • मिडिल ईस्ट,
  • लैटिन अमेरिका,
  • यूरोप,
  • यूके
  • और नॉर्थ अमेरिका
    में अपने एंटरप्राइज और बैंकिंग क्लाइंट्स को सेवाएं दे रही है।

कंपनी के साथ आज 500 से अधिक एंटरप्राइज और बैंक जुड़े हुए हैं।


🧠 ओपन‑सोर्स और मॉड्यूलर पेमेंट सिस्टम पर फोकस

2012 में स्थापित Juspay पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को ओपन‑सोर्स, इंटरऑपरेबल और मॉड्यूलर सिस्टम के आधार पर विकसित करता है। कंपनी की प्रमुख सेवाओं में शामिल हैं:

  • पेमेंट ऑर्केस्ट्रेशन
  • ऑथेंटिकेशन
  • टोकनाइजेशन
  • और बैंकों के लिए कोर पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर

इसके अलावा, Juspay AI‑ड्रिवन टूल्स में भी निवेश कर रहा है, जिनका उद्देश्य

  • मर्चेंट एक्सपीरियंस बेहतर बनाना
  • और इंटरनल ऑपरेशंस को ज्यादा एफिशिएंट बनाना है।

🧾 पिछली फंडिंग का सफर

Juspay की फंडिंग जर्नी भी काफी मजबूत रही है।

  • अप्रैल 2025 में कंपनी ने $60 मिलियन की Series D फंडिंग जुटाई थी, जिसका नेतृत्व Kedaara Capital ने किया था। इसमें SoftBank और Accel ने भी भाग लिया था।
  • दिसंबर 2021 में Juspay ने $60 मिलियन की Series C फंडिंग हासिल की थी, जिसका नेतृत्व SoftBank Vision Fund 2 ने किया था।
  • इससे पहले, 2020 में Series B और 2016 में Accel से शुरुआती संस्थागत निवेश प्राप्त हुआ था।

👥 टीम और वर्कफोर्स

बेंगलुरु में मुख्यालय वाली Juspay की टीम आज 1,500 से अधिक कर्मचारियों की है। कंपनी डिस्ट्रिब्यूटेड वर्कफोर्स मॉडल पर काम करती है, जिसमें कर्मचारी

  • भारत,
  • अमेरिका,
  • यूरोप,
  • लैटिन अमेरिका,
  • साउथईस्ट एशिया
  • और मिडिल ईस्ट
    में फैले हुए हैं।

💰 फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

वित्त वर्ष FY25 (मार्च 2025 तक) के लिए Juspay ने

  • ₹540 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू
  • और ₹62.28 करोड़ का मुनाफा
    रिपोर्ट किया है, जो कंपनी की सस्टेनेबल ग्रोथ को दर्शाता है।

🔮 आगे की राह

$1.2 बिलियन वैल्यूएशन और मजबूत ग्लोबल उपस्थिति के साथ Juspay अब भारतीय पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक लीडिंग नाम बन चुका है। नई फंडिंग के जरिए कंपनी न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करेगी, बल्कि भविष्य की डिजिटल पेमेंट्स जरूरतों के लिए टेक्नोलॉजी‑ड्रिवन सॉल्यूशंस पर भी फोकस बढ़ाएगी।

Read more :🌿 Dhun Wellness को $4 मिलियन की फंडिंग,

🌿 Dhun Wellness को $4 मिलियन की फंडिंग,

Dhun Wellness

भारत के तेजी से बढ़ते वेलनेस और हेल्थकेयर सेक्टर में एक और स्टार्टअप ने निवेशकों का भरोसा जीता है। वेलनेस स्टार्टअप Dhun Wellness ने हाल ही में $4 मिलियन (करीब ₹36.6 करोड़) की फंडिंग जुटाई है। इस निवेश राउंड को SRF लिमिटेड और Havells India ने को‑लीड किया है। इसके अलावा, इस राउंड में कई एंजेल निवेशकों ने भी भागीदारी की है।

👥 कौन‑कौन रहे निवेशक

इस फंडिंग राउंड में शामिल प्रमुख एंजेल निवेशकों में

  • अरुषि आयुष अग्रवाल
  • ऐश लिलानी
  • Tracxn के को‑फाउंडर अभिषेक गोयल
  • संजय कपूर
  • और अन्य निजी निवेशक शामिल हैं।

कंपनी ने एक प्रेस रिलीज़ में बताया कि इस पूंजी का उपयोग भारत के प्रमुख शहरों में अपने संचालन का विस्तार करने के लिए किया जाएगा।

📍 चार नए शहरों में विस्तार की योजना

Dhun Wellness इस फंडिंग का उपयोग पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरु और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरी बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए करेगा। कंपनी का मानना है कि इन शहरों में वेलनेस और प्रिवेंटिव हेल्थ को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है और यहां इसके टारगेट कस्टमर बेस के लिए मजबूत संभावनाएं हैं।

🌸 Dhun Wellness क्या करता है

Dhun Wellness की शुरुआत वर्ष 2023 में मीरा कपूर द्वारा की गई थी। यह एक अर्बन वेलनेस सैंक्चुअरी के रूप में काम करता है, जो शहरों में रहने वाले लोगों को समग्र स्वास्थ्य और मानसिक शांति का अनुभव प्रदान करता है।

कंपनी का कॉन्सेप्ट पारंपरिक भारतीय उपचार पद्धतियों और आधुनिक वेलनेस साइंस के संतुलित मिश्रण पर आधारित है। इसमें

  • आयुर्वेद,
  • साउंड हीलिंग,
  • क्रायोथेरेपी,
  • इन्फ्रारेड सॉना,
    जैसी तकनीकों और प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है।

🧘‍♀️ शहर में रहते हुए समग्र स्वास्थ्य का अनुभव

Dhun Wellness का लक्ष्य उन शहरी उपभोक्ताओं को सेवा देना है जो अपनी व्यस्त जीवनशैली के बीच बिना शहर छोड़े होलिस्टिक वेल‑बीइंग की तलाश में रहते हैं। कंपनी के प्रोग्राम विशेष रूप से उन लोगों के लिए डिजाइन किए गए हैं जो

  • थकान,
  • नींद की समस्या,
  • गट हेल्थ,
  • और मानसिक तनाव
    जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

🗓️ पर्सनलाइज़्ड 7‑डे वेलनेस प्रोग्राम

Dhun Wellness की सबसे बड़ी खासियत इसके पर्सनलाइज़्ड सात‑दिवसीय वेलनेस प्रोग्राम हैं। इन प्रोग्राम्स में शामिल होते हैं:

  • एक्सपर्ट कंसल्टेशन
  • न्यूट्रिशन गाइडेंस
  • बॉडी‑माइंड थैरेपी
  • और घर के लिए कस्टमाइज्ड वेलनेस प्लान

इसके साथ ही, कंपनी अपने ग्राहकों को 24×7 कंसीयर्ज सपोर्ट भी उपलब्ध कराती है, जिससे उन्हें एक प्रीमियम और सहज अनुभव मिलता है।

🔬 पूर्वी ज्ञान और पश्चिमी साइंस का मेल

कंपनी के अनुसार, Dhun Wellness प्राचीन पूर्वी ज्ञान और पश्चिमी लॉन्गेविटी साइंस को मिलाकर काम करता है। इसका उद्देश्य केवल लक्षणों का इलाज करना नहीं, बल्कि असंतुलन की जड़ तक पहुंचना है।

यह अप्रोच आज के उपभोक्ताओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है, खासकर उन लोगों में जो दवाइयों के बजाय प्रिवेंटिव और नैचुरल हेल्थ सॉल्यूशंस की ओर झुकाव रखते हैं।

📊 वेलनेस मार्केट में बड़ी संभावनाएं

एक मार्केट रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक हेल्थ और वेलनेस बाजार 2033 तक $256.9 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। भारत इस ग्रोथ का एक बड़ा हिस्सा बनने जा रहा है, जहां शहरी आबादी में लाइफस्टाइल‑डिज़ीज़ और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है।

🚀 15% मंथ‑ऑन‑मंथ ग्रोथ का दावा

Dhun Wellness का कहना है कि वह वर्तमान में 15% महीने‑दर‑महीने ग्रोथ देख रहा है। बढ़ती मांग को देखते हुए, कंपनी अब एक कंप्रीहेंसिव लॉन्गेविटी वर्टिकल बनाने की दिशा में काम कर रही है।

इस वर्टिकल का फोकस होगा:

  • प्रिवेंटिव केयर
  • पर्सनलाइज़्ड वेलनेस प्रोटोकॉल
  • और लॉन्ग‑टर्म हेल्थ ऑप्टिमाइज़ेशन

🔮 आगे की राह

नई फंडिंग के साथ Dhun Wellness न सिर्फ अपने फिजिकल सेंटर्स का विस्तार करेगा, बल्कि टेक‑ड्रिवन पर्सनलाइज़ेशन, सर्विस क्वालिटी और ब्रांड बिल्डिंग पर भी निवेश बढ़ाएगा।

कुल मिलाकर, Dhun Wellness भारत के उभरते वेलनेस इकोसिस्टम में एक प्रीमियम और टेक‑इनेबल्ड खिलाड़ी के रूप में खुद को स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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🏠 Urban Company की मजबूत ग्रोथ

Urban Company

घरेलू सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Urban Company ने चालू वित्त वर्ष 2025‑26 (FY26) की तीसरी तिमाही में मजबूत राजस्व वृद्धि दर्ज की है। हालांकि, कंपनी का कुल घाटा अभी भी बना हुआ है, जिसकी मुख्य वजह उसकी हाई‑फ्रीक्वेंसी हाउसकीपिंग सेवा InstaHelp में किया गया भारी निवेश बताया गया है। यह जानकारी कंपनी द्वारा जारी शेयरहोल्डर लेटर में दी गई।

📈 लेनदेन और राजस्व में 32% की सालाना बढ़ोतरी

31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में Urban Company का नेट ट्रांजैक्शन वैल्यू (NTV) बढ़कर ₹1,081 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 32% अधिक है। इसी अवधि में कंपनी का ऑपरेशंस से राजस्व भी 32% की वृद्धि के साथ ₹383 करोड़ तक पहुंच गया।

यह ग्रोथ दर्शाती है कि Urban Company की कोर सर्विसेज – जैसे ब्यूटी, सैलून, रिपेयर और मेंटेनेंस – लगातार उपभोक्ताओं की पसंद बनी हुई हैं।

⚠️ घाटा बना रहा, InstaHelp बना बड़ी वजह

मजबूत टॉपलाइन के बावजूद, Urban Company को Q3 FY26 में ₹17 करोड़ का कंसॉलिडेटेड एडजस्टेड EBITDA घाटा हुआ। कंपनी के अनुसार, इस घाटे की सबसे बड़ी वजह उसकी नई हाउसकीपिंग सर्विस InstaHelp रही।

InstaHelp ने अकेले इस तिमाही में ₹61 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA घाटा दर्ज किया। हालांकि, यदि InstaHelp को अलग कर दिया जाए, तो Urban Company का कोर बिजनेस ₹44 करोड़ के EBITDA मुनाफे में रहा। कुल मिलाकर, कंपनी का नेट घाटा ₹21 करोड़ रहा।

👥 यूज़र और सर्विस पार्टनर बेस में मजबूती

शेयरहोल्डर लेटर के अनुसार, Q3 FY26 में Urban Company के पास

  • 78 लाख वार्षिक लेनदेन करने वाले यूज़र्स, और
  • 59,475 मासिक सक्रिय सर्विस पार्टनर थे।

यह आंकड़े कंपनी के मजबूत प्लेटफॉर्म नेटवर्क और बढ़ते उपभोक्ता भरोसे को दर्शाते हैं।

🇮🇳 भारत कंज़्यूमर सर्विस बिजनेस रहा मुनाफे में

InstaHelp को छोड़कर Urban Company का भारत कंज़्यूमर सर्विस बिजनेस पूरी तरह लाभ में रहा। इस सेगमेंट का

  • NTV रहा ₹781 करोड़, और
  • राजस्व बढ़कर ₹265 करोड़ हो गया, जो सालाना आधार पर 26% की वृद्धि है।

यह सेगमेंट कंपनी की आय और स्थिरता की रीढ़ बना हुआ है।

🛍️ नेटिव ब्रांड्स में जबरदस्त उछाल

Urban Company के Native Brands बिजनेस ने इस तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया।

  • इसका NTV 93% बढ़कर ₹79 करोड़ हो गया, जबकि
  • राजस्व दोगुना होकर ₹62 करोड़ तक पहुंच गया।

यह संकेत देता है कि कंपनी अपने इन‑हाउस प्रोडक्ट्स के जरिए नए ग्रोथ अवसर बना रही है।

🌍 इंटरनेशनल बिजनेस में भी तेजी

भारत के बाहर, खासतौर पर UAE और सिंगापुर में Urban Company का प्रदर्शन मजबूत रहा।

  • इंटरनेशनल बिजनेस का NTV 79% बढ़कर ₹193 करोड़ पहुंचा,
  • जबकि राजस्व ₹50 करोड़ रहा।

इससे स्पष्ट है कि कंपनी की सेवाएं वैश्विक बाजारों में भी तेजी से स्वीकार की जा रही हैं।

🧹 InstaHelp: ग्रोथ के साथ घाटा

InstaHelp ने Q3 FY26 में

  • 16.1 लाख ऑर्डर,
  • ₹28 करोड़ का NTV, और
  • ₹6.8 करोड़ का राजस्व दर्ज किया।

हालांकि, भारी निवेश और स्केल‑अप लागत के कारण यह वर्टिकल अभी भी ₹61 करोड़ के EBITDA घाटे में है, जिससे कंपनी की कुल लाभप्रदता प्रभावित हो रही है।

💰 मजबूत कैश बैलेंस और ESOP मंजूरी

Urban Company ने Q3 FY26 का अंत ₹2,095 करोड़ के कैश बैलेंस के साथ किया, जिससे कंपनी के पास आगे के निवेश और विस्तार के लिए पर्याप्त फंडिंग रनवे मौजूद है।

इसके अलावा, कंपनी ने अपने Employee Stock Option Scheme 2015 के तहत 70.82 लाख स्टॉक ऑप्शन्स को मंजूरी दी, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹88 करोड़ आंकी गई है।

📊 शेयर प्रदर्शन और मार्केट कैप

तिमाही के अंत में Urban Company के शेयर ₹124.7 प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे थे, जिससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹18,033 करोड़ (लगभग $2 बिलियन) तक पहुंच गया।

🔚 निष्कर्ष

कुल मिलाकर, Urban Company की कोर सर्विसेज मजबूत ग्रोथ और मुनाफा दिखा रही हैं, जबकि InstaHelp भविष्य की संभावनाओं के लिए एक बड़ा लेकिन महंगा दांव साबित हो रहा है। मजबूत कैश रिज़र्व और बढ़ता यूज़र बेस यह संकेत देता है कि कंपनी लंबी अवधि में अपने घाटे को संभालने की क्षमता रखती है।

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