भारत के छोटे शहरों में संगठित रिटेल को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही ब्रांडेड फ्रैंचाइज़ रिटेल चेन SuperK ने अपने Series B फंडिंग राउंड में ₹100 करोड़ (लगभग $11.7 मिलियन) जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व Binny Bansal की 3STATE Ventures और CaratLane के पूर्व सीईओ Mithun Sancheti ने किया। खास बात यह रही कि भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज़ और मौजूदा टेस्ट कप्तान Shubman Gill ने भी इस राउंड में निवेश किया।
साथ ही, SuperK के मौजूदा निवेशकों Blume Ventures और Xeed Ventures ने भी इस राउंड में भाग लिया। इससे पहले, कंपनी ने मार्च 2023 में ₹50 करोड़ ($6 मिलियन) जुटाए थे, जिसे Blume Ventures ने लीड किया था।
📈 कहां होगा निवेश का इस्तेमाल?
SuperK के सह-संस्थापक अनिल थोंतेपू और नीरज मेंता ने बताया कि इस नई फंडिंग से कंपनी अपने संचालन को मजबूत करने के लिए टैलेंट हायरिंग पर ज़ोर देगी। खासतौर पर मार्केटिंग, स्टोर ऑपरेशंस, कैटेगरी मैनेजमेंट और ग्रोथ से जुड़े विभागों में नई भर्तियाँ की जाएंगी।
इसके अलावा, कंपनी का फोकस नए कस्बों में विस्तार और ग्रोसरी के अलावा ई-कॉमर्स उत्पादों जैसे मिक्सर, कूलर, कुकर और पंखों की बिक्री पर रहेगा।
🏙 छोटे शहरों में बड़ा मौका
भारत में ग्रोसरी रिटेल एक ₹50 लाख करोड़ ($600 बिलियन) का मार्केट है, जिसमें से 80% से अधिक खर्च Tier-II और उससे छोटे शहरों से आता है। लेकिन इसमें से महज 5% मार्केट ही संगठित रिटेल द्वारा कवर किया गया है।
SuperK इस बड़े अंतर को भरना चाहता है। कंपनी छोटे शहरों में Costco की तरह एक भरोसेमंद और टेक-इनेबल्ड सुपरमार्केट ब्रांड बनना चाहती है। इसके लिए कंपनी स्थानीय फ्रेंचाइज़ पार्टनर्स, अपनी खुद की टेक्नोलॉजी और ग्राहक डेटा का इस्तेमाल कर रही है।
🛍 130 से अधिक स्टोर्स, 80 से ज्यादा कस्बों में मौजूदगी
SuperK फिलहाल आंध्र प्रदेश के 80 से अधिक छोटे शहरों में 130 स्टोर्स चला रहा है, जो सभी फ्रेंचाइज़ी मॉडल पर आधारित हैं। कंपनी ने अपने लिए खुद की POS मशीन, इन-हाउस रिटेल ऑपरेटिंग सिस्टम, कस्टमर और पार्टनर ऐप्स डेवलप किए हैं जिससे दैनिक संचालन को आसान बनाया जा सके।
SuperK का कहना है कि वह भारत की एकमात्र ऑफलाइन रिटेल कंपनी है जिसके पास ग्राहकों की खरीदारी पर 100% डेटा विजिबिलिटी है। इस डेटा की मदद से कंपनी कस्टमर्स को पर्सनलाइज ऑफर भेजती है और फ्रेंचाइज़ पार्टनर्स को टारगेट्स पूरा करने पर इनाम देती है।
🌟 गोल्ड मेंबरशिप से बढ़ी लॉयल्टी
SuperK का Gold मेंबरशिप प्रोग्राम भी काफी सफल रहा है। कंपनी का दावा है कि इस प्रोग्राम से कस्टमर लॉयल्टी और रिटेंशन में इज़ाफा हुआ है। अब कंपनी की कुल बिक्री का एक बड़ा हिस्सा इसी मेंबरशिप से आता है।
💻 टेक्नोलॉजी + ग्रोसरी = SuperK
SuperK केवल ग्रोसरी तक सीमित नहीं रहना चाहता। कंपनी ने हाल ही में अपने टेक और सप्लाई चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर के ऊपर एक ई-कॉमर्स वर्टिकल शुरू किया है, जहां वह किफायती घरेलू उपकरण छोटे शहरों में पहुंचा रही है।
इस मॉडल के ज़रिए SuperK छोटे शहरों की प्राइस सेंसिटिव जनता को भरोसेमंद और सस्ते प्रोडक्ट्स उपलब्ध करा रही है, जो उसे अन्य ऑफलाइन रिटेल चेन से अलग बनाता है।
📊 वित्तीय प्रदर्शन: FY24 में 41% ग्रोथ, घाटा भी बढ़ा
SuperK ने अब तक FY25 के लिए अपनी वित्तीय रिपोर्ट दाखिल नहीं की है, लेकिन FY24 में कंपनी का राजस्व ₹84.5 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 41% की बढ़ोतरी है।
हालांकि, इस दौरान कंपनी का घाटा ₹30.67 करोड़ रहा, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 30% अधिक है। इससे साफ है कि कंपनी अब भी निवेश मोड में है और प्रॉफिटेबिलिटी तक पहुंचने में समय लगेगा।
🏁 निष्कर्ष
SuperK भारत के छोटे शहरों के लिए एक संगठित और आधुनिक रिटेल अनुभव देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ₹100 करोड़ की इस नई फंडिंग से कंपनी को अपने ऑपरेशंस, टैलेंट, और टेक्नोलॉजी विस्तार के लिए जरूरी बूस्ट मिलेगा।
भारत के छोटे शहरों की बड़ी ग्रोसरी डिमांड, टेक्नोलॉजी एडॉप्शन और भरोसेमंद फ्रैंचाइज़ मॉडल के साथ SuperK के पास एक मज़बूत ग्रोथ रोडमैप है। अब देखना ये है कि कंपनी इस मौक़े को कैसे भुनाती है और आने वाले वर्षों में Costco जैसा ब्रांड बनने के अपने लक्ष्य तक कितनी तेजी से पहुंचती है।
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