हैदराबाद स्थित HR टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म Darwinbox ने अपने तीसरे ESOP बायबैक कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस बार कंपनी ने ₹86 करोड़ (लगभग $10 मिलियन) के शेयर वापस खरीदे हैं, जिससे 350 से अधिक कर्मचारियों को प्रत्यक्ष लाभ हुआ है। यह बायबैक कार्यक्रम Darwinbox के पिछले चार वर्षों में तीसरा ऐसा प्रयास है, जो कर्मचारियों को उनके योगदान का प्रतिफल देने के लिए शुरू किया गया था।
🌏 वैश्विक स्तर पर फैला नेटवर्क
Darwinbox का संचालन अब भारत सहित 11 देशों में फैला हुआ है, जिनमें दक्षिण पूर्व एशिया, उत्तर अमेरिका और मध्य पूर्व प्रमुख हैं। कंपनी के अनुसार, इस ESOP बायबैक से इन सभी क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को लाभ मिला है।
💰 निवेश और यूनिकॉर्न स्टेटस
इस ESOP बायबैक से कुछ ही समय पहले, Darwinbox ने मार्च 2025 में Partners Group और KKR के नेतृत्व में एक बड़े $140 मिलियन के फंडिंग राउंड को पूरा किया था। Darwinbox ने अब तक कुल $255 मिलियन से अधिक की फंडिंग जुटाई है।
जनवरी 2022 में सीरीज D राउंड के दौरान Darwinbox ने $72 मिलियन जुटाए थे, जिससे वह भारत की HR SaaS यूनिकॉर्न कंपनियों में शामिल हो गई थी।
🤖 AI आधारित HR सॉल्यूशन
Darwinbox ने हाल ही में एक AI-पावर्ड प्रोडक्ट सूट लॉन्च किया है, जो टैलेंट एक्विजिशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, कर्मचारी जुड़ाव और प्रदर्शन मूल्यांकन जैसे प्रमुख HR कार्यों को कवर करता है। इसके अलावा, कंपनी अब AI-ड्रिवन एजेंट्स विकसित कर रही है जो HR पेशेवरों को निर्णय लेने और ऑपरेशन्स को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।
Darwinbox का दावा है कि वह 1,000 से अधिक कंपनियों में 40 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं को सेवा दे रहा है।
📊 राजस्व और वित्तीय प्रदर्शन
TheKredible के अनुसार, Darwinbox ने वित्त वर्ष 2023-24 (FY24) में ₹392.95 करोड़ का राजस्व अर्जित किया था, जबकि कंपनी को ₹191.82 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ। हालांकि, कंपनी के लगातार विस्तार और उत्पाद नवाचार को देखते हुए आने वाले वर्षों में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
📍 विस्तार की रणनीति
Darwinbox की मौजूदगी अब इंडोनेशिया, सिंगापुर, फिलीपींस, मलेशिया, वियतनाम और थाईलैंड तक फैल गई है। इसके अलावा, कंपनी ने सऊदी अरब, UAE और अमेरिका में भी अपने कार्यालय स्थापित किए हैं। कंपनी का मुख्य राजस्व स्रोत भारत और दक्षिण पूर्व एशिया है, जहां डिजिटल HR समाधान की मांग तेजी से बढ़ रही है।
📈 ESOP बायबैक की बढ़ती प्रवृत्ति
2025 में Darwinbox के अलावा कुछ अन्य स्टार्टअप्स जैसे कि Rapido, Univest, Deserve और Even Healthcare ने भी कुल $17 मिलियन के ESOP बायबैक, लिक्विडिटी और पेआउट कार्यक्रम लागू किए हैं। वहीं 2024 में 20 से अधिक स्टार्टअप्स ने $200 मिलियन के ESOP बायबैक किए।
2023 में ESOP बायबैक की कुल राशि $802 मिलियन थी, जो अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। इसकी तुलना में 2021 में $440 मिलियन और 2022 में $200 मिलियन के बायबैक हुए थे।
📜 SEBI की नई ESOP नीतियां
हाल ही में, भारतीय बाजार नियामक SEBI ने स्टार्टअप्स के IPO में ESOP से जुड़ी कुछ शर्तों को आसान कर दिया है। नई नीति के तहत, अब स्टार्टअप संस्थापक DRHP दाखिल करने से एक साल पहले तक दिए गए ESOPs को बनाए रख सकते हैं और IPO के समय उपयोग भी कर सकते हैं।
यह कदम उन संस्थापकों के लिए बड़ा प्रोत्साहन है जो कंपनी की लिस्टिंग के दौरान स्वामित्व बनाए रखना चाहते हैं।
🗣️ संस्थापकों का नजरिया
Darwinbox के सह-संस्थापकों ने बयान में कहा:
“हमारे कर्मचारियों ने Darwinbox को एक वैश्विक HR SaaS ब्रांड बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह ESOP बायबैक हमारी उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि हम उनके योगदान को न केवल मान्यता देना चाहते हैं, बल्कि उसे वित्तीय रूप से लाभदायक भी बनाना चाहते हैं।”
✅ निष्कर्ष
Darwinbox का यह तीसरा ESOP बायबैक इस बात का प्रमाण है कि कंपनी अपने कर्मचारियों की सफलता में हिस्सेदारी सुनिश्चित करना चाहती है। इससे न केवल कर्मचारियों का विश्वास बढ़ता है, बल्कि कंपनी की ब्रांड वैल्यू और प्रतिभा को बनाए रखने की क्षमता भी मजबूत होती है।
इसके अलावा, तेजी से बदलते HR टेक्नोलॉजी परिदृश्य में Darwinbox का AI-ड्रिवन नवाचार और वैश्विक विस्तार उसे प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाए हुए है।
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