भारत की electric vehicle (EV) इंडस्ट्री में काम करने वाली Ampere Vehicles ने वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में recovery के साफ संकेत दिए हैं। FY24 में जहां कंपनी का revenue करीब 46% तक गिर गया था, वहीं FY25 में कंपनी ने single-digit growth दर्ज की है और साथ ही अपने losses को भी काफी हद तक कम किया है।
Ampere, जो कि Greaves Electric Mobility के अंतर्गत आने वाला एक प्रमुख EV brand है, मुख्य रूप से electric scooters और electric three-wheelers का निर्माण करती है। FY25 के financial results से यह साफ है कि कंपनी ने operational efficiency सुधारने और खर्चों को control करने की दिशा में कदम उठाए हैं।
📊 FY25 में Revenue में सुधार
Registrar of Companies (RoC) से प्राप्त financial statements के अनुसार, Ampere की operating revenue FY25 में 8% बढ़कर Rs 659 crore पहुंच गई, जो FY24 में Rs 612 crore थी।
कंपनी की पूरी कमाई उसके EV products की बिक्री से ही आती है। अगर इसमें Rs 16 crore की other income को जोड़ दिया जाए, तो Ampere की total income FY25 में Rs 675 crore रही, जबकि FY24 में यह Rs 641 crore थी।
हालांकि growth बहुत तेज नहीं रही, लेकिन पिछले साल की भारी गिरावट के बाद यह आंकड़ा कंपनी के लिए एक positive turnaround signal माना जा रहा है।
🏭 Ampere का Business Model
Ampere Vehicles, Greaves Electric Mobility की एक प्रमुख subsidiary है और यह mass-market electric mobility पर फोकस करती है। कंपनी के electric scooters खासतौर पर affordable pricing, urban commuting और last-mile connectivity को ध्यान में रखकर डिजाइन किए जाते हैं।
इसके अलावा Ampere electric three-wheelers भी बनाती है, जो commercial और logistics use cases में इस्तेमाल किए जाते हैं।
💸 Expenses में क्या बदला?
FY25 में Ampere के खर्चों (expenses) में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली, लेकिन cost structure में कुछ अहम बदलाव भी हुए।
🔧 Raw Material Cost
- कुल expenses का 64% हिस्सा material cost का रहा
- यह खर्च FY25 में 12% बढ़कर Rs 589 crore हो गया
- FY24 में यह आंकड़ा Rs 527 crore था
👨💼 Employee Cost
- Employee benefit expenses में 22% की गिरावट
- FY25 में यह घटकर Rs 79 crore रह गया
📢 Marketing और Advertising
- Advertising और promotional expenses में 30% की बढ़ोतरी
- FY25 में यह खर्च Rs 43 crore रहा
🏗 Depreciation और Other Costs
- Depreciation cost में 41% की तेज बढ़ोतरी, जो Rs 45 crore तक पहुंच गई
- Warranty claims, finance cost और अन्य overheads मिलाकर Rs 205 crore का अतिरिक्त खर्च हुआ
➡️ कुल मिलाकर, Ampere का total expense FY25 में 7% बढ़कर Rs 918 crore हो गया, जो FY24 में Rs 857 crore था।
📉 Losses में 65% की बड़ी कटौती
FY25 की सबसे बड़ी positive highlight रही losses में भारी गिरावट।
- FY24 में Ampere का net loss था Rs 691.5 crore
- FY25 में यह घटकर Rs 240 crore रह गया
- यानी करीब 65% की loss reduction
इसके साथ ही कंपनी के key profitability indicators में भी सुधार देखने को मिला:
- ROCE सुधरकर -85.27% हुआ
- EBITDA margin बेहतर होकर -30.50% पर पहुंचा
हालांकि कंपनी अभी भी loss में है, लेकिन margins का सुधरना future profitability की ओर इशारा करता है।
💰 Unit Economics और Cash Position
FY25 में Ampere ने हर Rs 1 की revenue कमाने के लिए Rs 1.39 खर्च किए, जो FY24 में Rs 1.40 था। यह छोटा लेकिन महत्वपूर्ण improvement है।
- मार्च 2025 तक कंपनी के पास
- Cash और bank balance: Rs 25 crore
- Current assets: Rs 263 crore
यह दर्शाता है कि कंपनी की liquidity position stable बनी हुई है।
🛵 EV Sales और Market Position
Electric two-wheeler (E2W) segment में दिसंबर महीने के आंकड़ों के अनुसार:
- Greaves Electric Mobility (Ampere brand) ने
- 4,335 units की बिक्री की
- Market share: 4.66%
- Position: 6th
वहीं segment leader TVS Motor ने:
- 24,317 units बेची
- Market share: 26.14%
इससे साफ है कि competition काफी tough है, लेकिन Ampere अभी भी top players की list में बनी हुई है।
🚀 IPO की तैयारी में Greaves Electric Mobility
दिसंबर 2024 में Ampere की parent company Greaves Electric Mobility ने SEBI के पास अपना Draft Red Herring Prospectus (DRHP) फाइल किया था।
IPO की मुख्य बातें:
- Fresh issue: Rs 1,000 crore तक
- Offer for Sale (OFS): 18.94 crore equity shares
- कुल IPO size करीब $119 million
हाल ही में कंपनी को इस IPO के लिए SEBI से final approval भी मिल चुका है, जिससे आने वाले समय में EV सेक्टर में निवेशकों की रुचि और बढ़ सकती है।
🔮 आगे का रास्ता
FY25 के numbers बताते हैं कि Ampere Vehicles धीरे-धीरे recovery mode में आ रही है। Revenue growth, losses में sharp reduction और IPO की तैयारी यह संकेत देती है कि कंपनी आने वाले वर्षों में अपनी market position मजबूत करने की कोशिश करेगी।
अगर EV adoption और government support इसी तरह बना रहता है, तो Ampere के लिए FY26 और आगे के साल ज्यादा stable और growth-oriented हो सकते हैं ⚡
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