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Millenium Babycares

डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड Millenium Babycares ने हाल ही में 122 करोड़ रुपये (लगभग 14.5 मिलियन डॉलर) की फंडिंग सफलतापूर्वक जुटाई है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व भारत वैल्यू फंड ने किया, जिसे पैंटोमथ कैपिटल द्वारा प्रबंधित किया जाता है। कंपनी इस पूंजी का उपयोग अपने उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और सामान्य व्यापार और निर्यात बाजारों में अपनी उपस्थिति को सुदृढ़ करने के लिए करेगी, जैसा कि कंपनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया।

Millenium Babycares फंडिंग से विस्तार की योजनाएं

मिलेनियम बेबीकेयर्स का उद्देश्य इस फंडिंग के माध्यम से अपने मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है ताकि वे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में अपनी पकड़ को और मजबूत कर सकें। कंपनी ने बताया कि उनकी प्राथमिकता उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर ग्राहकों की मांग को पूरा करना और नई तकनीकियों का उपयोग कर उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करना है।

कंपनी की स्थापना और इतिहास

मिलेनियम बेबीकेयर्स की स्थापना 2015 में दिपेंद्र भीमसारिया और रामप्रकाश बेरिया ने की थी। दोनों ने मिलकर बेबी केयर, फेमकेयर, और एडल्ट केयर सेगमेंट्स में विशेष रूप से काम करने वाली इस कंपनी को स्थापित किया। उनकी सोच थी कि भारत में उच्च गुणवत्ता वाले बेबी डायपर्स और अन्य देखभाल उत्पादों की कमी को पूरा किया जाए, जो न केवल भारतीय बाजार की जरूरतों को पूरा कर सके, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो।

उत्पाद श्रेणियां और ब्रांड्स

मिलेनियम बेबीकेयर्स तीन प्रमुख श्रेणियों में उत्पाद प्रदान करती है:

  1. बेबी केयर – ‘बमटम’ (Bumtum) ब्रांड के तहत शिशुओं के लिए पैंट-स्टाइल डायपर्स बनाती है, जो नवजात से लेकर XXXL साइज तक उपलब्ध हैं।
  2. फेमकेयर – महिलाओं के लिए ‘फ्रीमी’ (Freeme) ब्रांड के अंतर्गत सैनिटरी नैपकिन्स का निर्माण किया जाता है।
  3. एडल्ट केयर – वयस्कों के लिए ‘एलडूरो’ (Elduro) ब्रांड के अंतर्गत इनकॉन्टिनेंस (मूत्र असंयम) उत्पाद बनाती है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन उपस्थिति

मिलेनियम बेबीकेयर्स के उत्पाद न केवल कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, बल्कि प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर भी आसानी से खरीदे जा सकते हैं। इसके अलावा, कंपनी अब अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार में निर्यात करने की योजना बना रही है और घरेलू सामान्य व्यापार (जनरल ट्रेड) के माध्यम से भी विस्तार कर रही है।

उत्पादन क्षमता और कारखाने

कंपनी के इंदौर स्थित कारखाने में प्रतिदिन 4 मिलियन बेबी डायपर्स, 500,000 सैनिटरी नैपकिन्स, और 100,000 एडल्ट डायपर्स का उत्पादन किया जा रहा है। यह उत्पादन क्षमता दर्शाती है कि कंपनी किस तेजी से बढ़ रही है और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में अपने उत्पादों की मांग को पूरा कर रही है।

वित्तीय प्रदर्शन और वृद्धि दर

मिलेनियम बेबीकेयर्स ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 585 करोड़ रुपये की राजस्व कमाई की है, जो 2020 से 2024 के बीच 53% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) को दर्शाता है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2023 के अंत तक 150 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था, जो इस बात का संकेत है कि कंपनी का प्रदर्शन निरंतर बेहतर हो रहा है।

कंपनी के संस्थापक और टीम

दिपेंद्र भीमसारिया और रामप्रकाश बेरिया इस कंपनी के सह-संस्थापक हैं, जिन्होंने अपनी दूरदर्शी सोच और नवाचार के माध्यम से मिलेनियम बेबीकेयर्स को स्थापित किया। उनका उद्देश्य बेबी केयर उत्पादों के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करना और भारत में बेहतरीन गुणवत्ता वाले उत्पादों की पेशकश करना है। उनकी नेतृत्व टीम में उद्योग के विशेषज्ञ शामिल हैं जो कंपनी के निरंतर विकास और विस्तार में योगदान दे रहे हैं।

फंडिंग का महत्व

भारत वैल्यू फंड के नेतृत्व में इस फंडिंग राउंड का उद्देश्य न केवल कंपनी की उत्पादन क्षमता को बढ़ाना है, बल्कि कंपनी के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार को भी सशक्त बनाना है। कंपनी का मानना है कि इस फंडिंग से वे अपनी उत्पाद श्रृंखला का विस्तार करने के साथ-साथ नए तकनीकी नवाचार भी ला सकेंगे, जो उन्हें अपने प्रतिस्पर्धियों से आगे बनाए रखेगा।

मिलेनियम बेबीकेयर्स आने वाले वर्षों में अपनी मौजूदगी को और व्यापक बनाने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि वे अपने उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करके भारतीय और वैश्विक बाजारों में एक मजबूत स्थिति बनाए रखें।त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, बल्कि उन्हें घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने का भी अवसर प्रदान करेगी।

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