Skip to content
ola electric

इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में सक्रिय कंपनी Ola Electric के लिए वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) की तीसरी तिमाही (Q3) चुनौतीपूर्ण रही। कंपनी की आय में साल-दर-साल 55% की भारी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, सकारात्मक पहलू यह रहा कि कंपनी ने अपने घाटे में 14% की कमी करने में सफलता पाई।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में दाखिल समेकित वित्तीय विवरणों के अनुसार, Q3 FY26 में Ola Electric का ऑपरेशनल रेवेन्यू घटकर 470 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 1,045 करोड़ रुपये था।


📉 कुल आय में तेज गिरावट

इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री अभी भी कंपनी की आय का मुख्य स्रोत बनी हुई है। बैटरी बिक्री का योगदान सीमित रहा।

बैटरी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी अन्य आय को जोड़ने के बाद कंपनी की कुल आय Q3 FY26 में 504 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 1,172 करोड़ रुपये थी।

यह गिरावट दर्शाती है कि कंपनी को बिक्री और रजिस्ट्रेशन के मोर्चे पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है।


💰 खर्चों में कटौती

राजस्व घटने के बावजूद कंपनी ने अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने की कोशिश की।

  • प्रोक्योरमेंट लागत Q3 FY26 में 309 करोड़ रुपये रही, जो कुल खर्च का 31% हिस्सा है।
  • कर्मचारी लाभ खर्च 10% घटकर 92 करोड़ रुपये हो गया।
  • कुल खर्च 43% घटकर 991 करोड़ रुपये रह गया, जो Q3 FY25 में 1,736 करोड़ रुपये था।

खर्चों में इस कमी ने घाटा कम करने में अहम भूमिका निभाई।


📊 घाटा कम, लेकिन तिमाही आधार पर बढ़ोतरी

Ola Electric का शुद्ध घाटा Q3 FY26 में 487 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के 564 करोड़ रुपये की तुलना में 14% कम है।

हालांकि, तिमाही-दर-तिमाही आधार पर देखें तो Q2 FY26 के 418 करोड़ रुपये के मुकाबले घाटा 17% बढ़ा है।

इससे संकेत मिलता है कि कंपनी को स्थिर लाभप्रदता हासिल करने के लिए अभी और प्रयास करने होंगे।


👔 नेतृत्व में बदलाव

हाल ही में कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) हरीश अभिचंदानी ने निजी कारणों से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कंपनी के बोर्ड ने दीपक रस्तोगी को नया CFO और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक नियुक्त किया है।

नेतृत्व में यह बदलाव ऐसे समय पर हुआ है जब कंपनी को रणनीतिक दिशा और वित्तीय अनुशासन की सख्त जरूरत है।


🛵 बाजार हिस्सेदारी में गिरावट

इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में Ola Electric की स्थिति कमजोर होती दिख रही है।

जनवरी 2025 में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 24.8% थी, जो जनवरी 2026 तक घटकर 6% से नीचे आ गई।

यह गिरावट रजिस्ट्रेशन में कमी के कारण आई है।

इसके विपरीत, Ather Energy ने इस अवधि में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। वहीं TVS Motor और Bajaj Auto ने अपने वॉल्यूम को स्थिर बनाए रखा।

यह बदलाव दर्शाता है कि EV बाजार में स्थापित और उभरते खिलाड़ियों के बीच हिस्सेदारी का पुनर्वितरण हो रहा है।


📈 शेयर बाजार की प्रतिक्रिया

तिमाही नतीजों के बाद Ola Electric का शेयर ट्रेडिंग सत्र के अंत में 31 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार करता दिखा।

कंपनी का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) 13,638 करोड़ रुपये (करीब 1.5 बिलियन डॉलर) रहा।

शेयर कीमत में कमजोरी इस बात का संकेत है कि निवेशक कंपनी के भविष्य को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं।


🚨 क्या हैं प्रमुख चुनौतियां?

  1. घटती बाजार हिस्सेदारी – प्रतिस्पर्धा बढ़ने से Ola Electric की पकड़ कमजोर हुई है।
  2. बिक्री में गिरावट – स्कूटर बिक्री में कमी ने आय पर सीधा असर डाला।
  3. लागत नियंत्रण बनाम ग्रोथ – खर्च घटाने से घाटा कम हुआ, लेकिन छोटे पैमाने पर संचालन ग्रोथ को सीमित कर सकता है।
  4. प्रतिस्पर्धी दबाव – Ather, TVS और Bajaj जैसे मजबूत खिलाड़ी बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं।

🔋 EV बाजार की बदलती तस्वीर

भारत का इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार तेजी से विकसित हो रहा है। सरकारी प्रोत्साहन, बढ़ती ईंधन कीमतें और पर्यावरणीय जागरूकता इस सेगमेंट को आगे बढ़ा रही हैं।

लेकिन जैसे-जैसे बाजार परिपक्व हो रहा है, प्रतिस्पर्धा भी कड़ी होती जा रही है। गुणवत्ता, आफ्टर-सेल्स सर्विस और विश्वसनीयता जैसे कारक अब ग्राहकों के निर्णय में अहम भूमिका निभा रहे हैं।


🔍 आगे की राह

Ola Electric के लिए आने वाले कुछ तिमाही बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

  • क्या कंपनी अपनी बाजार हिस्सेदारी वापस हासिल कर पाएगी?
  • क्या लागत नियंत्रण के साथ बिक्री बढ़ा सकेगी?
  • क्या नया नेतृत्व वित्तीय स्थिरता ला पाएगा?

इन सवालों के जवाब ही कंपनी के भविष्य की दिशा तय करेंगे।


✨ निष्कर्ष

Ola Electric की ताजा तिमाही रिपोर्ट मिश्रित संकेत देती है। एक ओर कंपनी ने खर्चों पर नियंत्रण रखकर घाटा कम किया है, लेकिन दूसरी ओर राजस्व और बाजार हिस्सेदारी में तेज गिरावट चिंता का विषय है।

EV बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और ग्राहकों के विकल्प भी बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में Ola Electric को अपनी रणनीति, उत्पाद गुणवत्ता और ग्राहक अनुभव पर विशेष ध्यान देना होगा।

आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी गिरावट के इस दौर से उबरकर दोबारा मजबूती के साथ वापसी कर पाती है या नहीं। ⚡

Read more :💎 GIVA की तेज रफ्तार ग्रोथ, लेकिन बढ़ा घाटा

Latest News

Read More

Giva

💎 GIVA की तेज रफ्तार ग्रोथ, लेकिन बढ़ा घाटा

नई पीढ़ी के ज्वेलरी ब्रांड्स में तेजी से उभर रही कंपनी GIVA ने वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में
IDfy

🔐 IDfy ने जुटाए 476 करोड़ रुपये,

डिजिटल युग में पहचान सत्यापन (Identity Verification), धोखाधड़ी रोकथाम (Fraud Detection) और डेटा गोपनीयता (Privacy Compliance) की मांग
Subway

🍔Subway EverBrands ने जुटाए 15 मिलियन डॉलर,

भारत में फूड और बेवरेज सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, खासकर शहरी इलाकों में। इसी कड़ी में