अपस्किलिंग पर केंद्रित एडटेक प्लेटफॉर्म Simplilearn के लिए वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) चुनौतीपूर्ण रहा। जहां एक ओर कंपनी के परिचालन राजस्व (Operating Revenue) में भारी गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर खर्चों में कटौती और बेहतर लागत प्रबंधन के चलते कंपनी अपने घाटे को काफी हद तक कम करने में सफल रही। यह जानकारी कंपनी के समेकित वित्तीय विवरणों से सामने आई है, जो रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ (RoC) के पास दाखिल किए गए हैं।
📉 राजस्व में 26% की गिरावट
FY25 में Simplilearn का परिचालन राजस्व घटकर 556 करोड़ रुपये रह गया, जो FY24 में 750 करोड़ रुपये था। यानी साल-दर-साल आधार पर कंपनी के राजस्व में करीब 26% की गिरावट आई। इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण कंपनी के सेल्फ-लर्निंग (Self-learning) सेगमेंट में आई तेज गिरावट रही।
🎓 Simplilearn क्या करता है?
Simplilearn एक डिजिटल अपस्किलिंग प्लेटफॉर्म है, जो आईटी और प्रोफेशनल स्किल्स पर आधारित कोर्सेज प्रदान करता है। इसके प्रमुख कोर्स क्षेत्रों में शामिल हैं:
- साइबर सिक्योरिटी
- क्लाउड कंप्यूटिंग
- डेटा साइंस
- डिजिटल मार्केटिंग
- प्रोजेक्ट मैनेजमेंट
कंपनी पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम, मास्टर प्रोग्राम और विभिन्न सर्टिफिकेशन कोर्सेज भी ऑफर करती है, जो खास तौर पर वर्किंग प्रोफेशनल्स को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं।
📉 सेल्फ-लर्निंग सेगमेंट में भारी गिरावट
FY25 में ऑनलाइन सेल्फ-लर्निंग कोर्सेज से होने वाली आय में 95% की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह आय FY24 के 451 करोड़ रुपये से घटकर FY25 में सिर्फ 23 करोड़ रुपये रह गई। अब यह सेगमेंट कंपनी के कुल परिचालन राजस्व का केवल 4% हिस्सा रह गया है।
📈 लाइव लर्निंग बना सहारा
जहां सेल्फ-लर्निंग सेगमेंट कमजोर पड़ा, वहीं लाइव लर्निंग प्रोग्राम्स ने कंपनी को बड़ी राहत दी। FY25 में लाइव लर्निंग से होने वाली आय 65% बढ़कर 565 करोड़ रुपये हो गई, जो FY24 में 341.5 करोड़ रुपये थी।
अन्य आय (Other Income) के रूप में कंपनी ने 22 करोड़ रुपये कमाए, जिससे FY25 में कंपनी की कुल आय 578 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
💸 खर्चों में बड़ी कटौती
राजस्व में गिरावट के बावजूद Simplilearn ने अपने खर्चों पर सख्त नियंत्रण रखा, जिसका सीधा असर घाटे में कमी के रूप में देखने को मिला।
- कर्मचारी लाभ खर्च (Employee Benefit Expense) में 42.5% की कटौती की गई और यह 325 करोड़ रुपये से घटकर 187 करोड़ रुपये रह गया।
- विज्ञापन और मार्केटिंग खर्च 35% घटकर 134 करोड़ रुपये रह गया।
- मटेरियल कॉस्ट में 11.5% की गिरावट आई और यह 162 करोड़ रुपये रहा।
- डेप्रिसिएशन खर्च 10% बढ़कर 63 करोड़ रुपये हो गया।
- सब्सक्रिप्शन फीस 50% बढ़कर 24 करोड़ रुपये हो गई।
- फाइनेंस कॉस्ट FY25 में 6 करोड़ रुपये रहा।
कुल मिलाकर, कंपनी का कुल खर्च 29% घटकर 621 करोड़ रुपये रह गया, जो FY24 में 879 करोड़ रुपये था।
📉 घाटा 60% घटा
FY25 में Simplilearn का शुद्ध घाटा घटकर 43 करोड़ रुपये रह गया, जबकि FY24 में यह 107 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने अपने घाटे में 60% की कमी की।
हालांकि, FY25 में कंपनी ने 141 करोड़ रुपये का एक्सेप्शनल खर्च भी दर्ज किया, जो मुख्य रूप से कंटेंट लाइब्रेरी के अमॉर्टाइजेशन से जुड़ा था। यह एक नॉन-कैश खर्च था। अगर इस खर्च को हटाकर देखा जाए, तो कंपनी की वास्तविक परिचालन स्थिति और बेहतर नजर आती है।
📊 यूनिट इकॉनॉमिक्स और वित्तीय स्थिति
FY25 में Simplilearn को 1 रुपये कमाने के लिए 1.12 रुपये खर्च करने पड़े, जबकि FY24 में यह आंकड़ा 1.17 रुपये था। इससे स्पष्ट है कि कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार हुआ है।
मार्च 2025 तक:
- कैश और बैंक बैलेंस: 145 करोड़ रुपये (FY24 में 236 करोड़ रुपये)
- करंट एसेट्स: 319 करोड़ रुपये (लगभग स्थिर)
💰 निवेश और फंडिंग
स्टार्टअप डेटा प्लेटफॉर्म TheKredible के अनुसार, Simplilearn अब तक 118 मिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग जुटा चुका है। कंपनी के प्रमुख निवेशकों में Blackstone और GSV Ventures शामिल हैं।
🔚 निष्कर्ष
FY25 Simplilearn के लिए बदलाव और पुनर्संतुलन का वर्ष रहा। जहां एक ओर कंपनी को राजस्व में गिरावट का सामना करना पड़ा, वहीं लाइव लर्निंग मॉडल पर फोकस और खर्चों में सख्त नियंत्रण के चलते कंपनी ने अपने घाटे को काफी हद तक कम कर लिया। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि Simplilearn किस तरह अपने बिजनेस मॉडल को और मजबूत करता है और ग्रोथ की राह पर लौटता है।











