भारत का स्पेस स्टार्टअप इकोसिस्टम तेज़ी से वैश्विक पहचान बना रहा है और इसी कड़ी में Ethereal Exploration Guild (EtherealX) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बेंगलुरु स्थित इस स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी ने हाल ही में Series A फंडिंग राउंड में $20.5 मिलियन (करीब ₹170 करोड़) जुटाए हैं। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व TDK Ventures और BIG Capital ने किया है, जबकि Accel, Prosus, YourNest Venture Capital, BlueHill Capital, Campus Fund और Riceberg Ventures जैसे नामी निवेशकों ने भी इसमें भाग लिया है।
🌌 पहले भी मिल चुका है निवेशकों का भरोसा
यह EtherealX का पहला बड़ा निवेश नहीं है। इससे पहले, अगस्त 2024 में कंपनी ने $5 मिलियन की सीड फंडिंग जुटाई थी, जिसका नेतृत्व YourNest ने किया था। उस राउंड में BIG Global Investments, BlueHill Capital, Campus Fund, Golden Sparrow Ventures और कई जाने-माने एंजेल इन्वेस्टर्स भी शामिल थे। लगातार मिल रही फंडिंग से साफ है कि निवेशकों को इस स्टार्टअप के विज़न और टेक्नोलॉजी पर पूरा भरोसा है।
🔥 Razor Crest Mk-1: पूरी तरह रीयूज़ेबल रॉकेट
EtherealX इस नई फंडिंग का इस्तेमाल अपने सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट Razor Crest Mk-1 को विकसित करने में करेगा। यह एक पूरी तरह से रीयूज़ेबल मीडियम-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल होगा, जिसे खास तौर पर कम लागत और ज़्यादा क्षमता के साथ डिजाइन किया जा रहा है।
कंपनी के अनुसार, Razor Crest Mk-1
- 🌍 Low Earth Orbit (LEO) में करीब 8 से 24.8 टन तक पेलोड ले जाने में सक्षम होगा
- 🛰️ Geosynchronous Transfer Orbit (GTO) में 10.8 टन तक पेलोड पहुंचा सकेगा
- 🌕 Trans-lunar मिशन यानी चंद्रमा की ओर जाने वाले पेलोड के लिए भी उपयुक्त होगा
यह रॉकेट SpaceX के Falcon सीरीज़ जैसे रॉकेट्स को सीधी टक्कर देने की क्षमता रखता है।
🧑🚀 कौन हैं EtherealX के फाउंडर्स?
EtherealX की स्थापना 2022 में तीन इंजीनियर्स —
- मनु जे. नायर,
- शुभायु सरदार,
- प्रशांत शर्मा
द्वारा की गई थी।
इन तीनों का लक्ष्य शुरू से ही स्पष्ट था — भारत से एक ऐसा स्पेस लॉन्च सिस्टम बनाना जो कम लागत, ज़्यादा री-यूज़ेबिलिटी और तेज़ डेवलपमेंट साइकिल के साथ काम करे।
⚙️ इन-हाउस इंजन और एडवांस टेक्नोलॉजी
EtherealX का दावा है कि उसने सिर्फ 3.5 साल में दो रॉकेट इंजन विकसित कर लिए हैं, जो इस मीडियम-लिफ्ट व्हीकल के दोनों स्टेज को पावर देंगे। कंपनी का अपर-स्टेज इंजन “Pegasus” (80kN) पूरी तरह रीयूज़ेबल है।
खास बात यह है कि कंपनी एक खुद की विकसित की गई इंजन टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है, जिसे
Full Flow Segregated Cooling Cycle (FFSCC) कहा जाता है। यह टेक्नोलॉजी रॉकेट की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ लागत कम करने में भी मदद करती है।
💰 लॉन्च कॉस्ट में क्रांति लाने का लक्ष्य
EtherealX का लक्ष्य है कि वह अंतरिक्ष में सामान पहुंचाने की लागत को घटाकर $500–$1,000 प्रति किलोग्राम तक ले आए। अगर यह लक्ष्य हासिल होता है, तो यह स्पेस इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है, खासकर छोटे सैटेलाइट ऑपरेटर्स और स्टार्टअप्स के लिए।
🤝 ISRO और IN-SPACe के साथ साझेदारी
कंपनी ने IN-SPACe, ISRO और अन्य राष्ट्रीय स्पेस एजेंसियों के साथ सहयोग समझौते किए हैं। इसके अलावा, EtherealX ने कई कमर्शियल सैटेलाइट ऑपरेटर्स, लॉन्च एग्रीगेटर्स और अंतरराष्ट्रीय लॉन्च पोर्ट्स के साथ भी पार्टनरशिप साइन की है।
🌍 तेजी से बढ़ती वैश्विक स्पेस इकॉनमी
मार्केट रिसर्च के मुताबिक, ग्लोबल स्पेस इकॉनमी 2035 तक $1.8 ट्रिलियन तक पहुंच सकती है। ऐसे में EtherealX जैसे भारतीय स्टार्टअप्स के लिए यह सही समय है कि वे दुनिया के बड़े खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करें।
🚀 भारत के लिए क्यों है यह बड़ी खबर?
EtherealX की सफलता यह दिखाती है कि भारत अब सिर्फ सैटेलाइट लॉन्च करने वाला देश नहीं, बल्कि री-यूज़ेबल लॉन्च टेक्नोलॉजी में भी अग्रणी बनने की ओर बढ़ रहा है। अगर Razor Crest Mk-1 सफल होता है, तो भारत वैश्विक स्पेस लॉन्च मार्केट में एक मज़बूत दावेदार बन सकता है।
🔚 निष्कर्ष:
EtherealX सिर्फ एक स्टार्टअप नहीं, बल्कि भारत के स्पेस सपनों की उड़ान है। सही निवेश, मजबूत टेक्नोलॉजी और स्पष्ट विज़न के साथ यह कंपनी आने वाले वर्षों में स्पेस इंडस्ट्री की तस्वीर बदल सकती है। 🚀✨
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