⚡ Ola Electric से Hyundai और Kia का बाहर निकलना

ola electric

भारतीय इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। दक्षिण कोरिया की दो प्रमुख ऑटो कंपनियां — Hyundai Motor और Kia Corporation — ने भारत की EV कंपनी Ola Electric से अपना पूरा निवेश निकाल लिया है। दोनों कंपनियों ने मंगलवार को ब्लॉक डील के ज़रिए कुल ₹690 करोड़ में अपनी हिस्सेदारी बेच दी, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि वे भारत में अपने EV निवेश को रणनीतिक रूप से कम कर रही हैं।


💸 कितनी हिस्सेदारी बेची गई और किसे?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बुल्क डील डेटा के मुताबिक:

  • Hyundai ने अपनी 2.47% हिस्सेदारी ₹552 करोड़ में बेची।
  • Kia ने अपनी 0.62% हिस्सेदारी ₹137 करोड़ में बेची।

इस डील का सबसे बड़ा खरीदार रहा Citigroup Global Markets Mauritius, जिसने Ola Electric की 1.95% हिस्सेदारी (8.61 करोड़ शेयर) ₹435 करोड़ में खरीदी।

📌 दिलचस्प बात यह रही कि बाकी खरीदारों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे डील को लेकर बाज़ार में कुछ सवाल भी उठे हैं।


📉 Ola Electric की गिरती आर्थिक स्थिति

Hyundai और Kia का Ola Electric से बाहर निकलना ऐसे समय पर हुआ है जब कंपनी की वित्तीय स्थिति लगातार कमजोर हो रही है।

🔻 FY25 की चौथी तिमाही में Ola Electric को ₹862 करोड़ का घाटा हुआ, जो कि पिछले साल की समान तिमाही (Q4 FY24) के ₹418 करोड़ के घाटे से दोगुना है।

📉 कंपनी की ऑपरेटिंग इनकम में भी भारी गिरावट आई है – यह 50% तक घटकर ₹611 करोड़ रह गई।

🔴 पूरे FY25 में, कंपनी को कुल ₹2,276 करोड़ का घाटा हुआ, जबकि FY24 में यह ₹1,584 करोड़ था।

इस वित्तीय दबाव का सीधा असर कंपनी के शेयर पर भी पड़ा है। बुधवार को Ola Electric का शेयर 8% से ज्यादा गिरकर ₹49.61 पर बंद हुआ, जिससे कंपनी का मार्केट कैप ₹21,882 करोड़ ($2.57 बिलियन) तक सिमट गया।


🔄 2019 में हुआ था बड़ा निवेश

बात करें पीछे की, तो 2019 में Hyundai और Kia ने संयुक्त रूप से $300 मिलियन (करीब ₹2,400 करोड़) का निवेश Ola Electric में किया था। यह निवेश भारत में उनके EV विस्तार की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा था।

लेकिन 5 साल बाद अब दोनों कंपनियों ने एक साथ कंपनी से पूरी तरह से बाहर निकलने का निर्णय लिया है। इसे ऑटोमोबाइल सेक्टर के विशेषज्ञ एक रणनीतिक रिव्यू के रूप में देख रहे हैं।


❓ Ola Electric के लिए आगे का रास्ता

Hyundai और Kia जैसे बड़े रणनीतिक निवेशकों का बाहर निकलना Ola Electric के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे:

  • कंपनी की रणनीतिक स्थिरता पर असर पड़ सकता है।
  • इनोवेशन और प्रोडक्ट डिवेलपमेंट के लिए सहयोग की संभावनाएं घट सकती हैं।

हालांकि, Citigroup जैसे वैश्विक निवेशक का आना यह दर्शाता है कि Ola Electric में अब भी निवेशकों की रुचि बनी हुई है, लेकिन यह देखना बाकी है कि कंपनी किस तरह से FY26 तक मुनाफे की ओर बढ़ेगी


🕵️‍♂️ खरीदारों की पहचान क्यों नहीं बताई गई?

Hyundai और Kia ने जो हिस्सेदारी बेची, उसमें से 63% से ज्यादा हिस्सेदारी उन निवेशकों ने खरीदी जिनकी पहचान सामने नहीं आई है।

इससे बाज़ार में कुछ आशंकाएं भी जताई जा रही हैं, जैसे:

  • क्या ये निवेशक लंबे समय तक कंपनी में टिकेंगे?
  • क्या Ola Electric को कोई प्राइवेट इक्विटी या रणनीतिक निवेशक धीरे-धीरे टेकओवर कर रहा है?

इन सवालों का जवाब आने वाले समय में Ola Electric की फाइनेंशियल रिपोर्ट्स और बोर्ड स्ट्रक्चर में हो सकने वाले बदलावों से मिल सकता है।


📈 Ola Electric: भारत का EV फ्लैगशिप या संघर्षरत स्टार्टअप?

Ola Electric ने भारत के इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में तेज़ी से पकड़ बनाई थी और अपने IPO के ज़रिए एक यूनिकॉर्न की तरह उभरी। लेकिन पिछले कुछ समय से कंपनी को लगातार:

  • उत्पादन में चुनौतियां,
  • वित्तीय घाटा,
  • और प्रौद्योगिकी संबंधी सवालों का सामना करना पड़ रहा है।

इन सबके बीच Hyundai और Kia जैसे दिग्गजों का बाहर निकलना Ola Electric के भविष्य के लिए सावधानी की घंटी हो सकता है।


✍️ निष्कर्ष

भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का भविष्य उज्ज्वल है, लेकिन यह रास्ता आसान नहीं है। Ola Electric जैसे स्टार्टअप्स को:

  • वित्तीय अनुशासन,
  • रणनीतिक साझेदारों की स्थिरता,
  • और तकनीकी नवाचार के साथ बाज़ार में टिकना होगा।

Hyundai और Kia का बाहर निकलना एक सिग्नल है कि बड़ी कंपनियां भी अब अपने EV निवेशों की समीक्षा कर रही हैं, और Ola Electric को अब अपने दम पर टिकने की ज़रूरत है।

📢 ऐसे ही EV और स्टार्टअप से जुड़ी हिंदी में विस्तृत खबरों के लिए पढ़ते रहिए – FundingRaised.in

Read more :🚨 CoinDCX में सीनियर लेवल पर भारी उथल-पुथल,

🚨 CoinDCX में सीनियर लेवल पर भारी उथल-पुथल,

CoinDCX

भारत की अग्रणी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज CoinDCX इस समय एक और बड़ी आंतरिक चुनौती का सामना कर रही है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी के कई शीर्ष अधिकारी – जैसे कि चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO), हेड ऑफ फाइनेंस और हेड ऑफ लीगल – जल्द ही कंपनी से विदा लेने जा रहे हैं।

इससे पहले भी कंपनी ने लागत घटाने और संचालन को बेहतर करने के उद्देश्य से कई ढांचागत बदलाव किए थे, लेकिन अब यह टॉप-लेवल एग्जिट्स एक नए मोड़ की ओर इशारा कर रहे हैं।


🏢 CoinDCX में कौन-कौन छोड़ रहा है पद?

सूत्रों के अनुसार, CoinDCX के निम्न वरिष्ठ अधिकारी कंपनी छोड़ रहे हैं:

  • CTO (चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर)
  • हेड ऑफ फाइनेंस (वित्त प्रमुख)
  • हेड ऑफ लीगल (कानूनी प्रमुख)

इन पदों से हटना कंपनी के आंतरिक पुनर्गठन का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य संचालन को सरल बनाना और लागत में कटौती करना है।


🔁 फिर से छंटनी की शुरुआत

CoinDCX ने एक बार फिर लेऑफ (छंटनी) की प्रक्रिया शुरू कर दी है, हालांकि प्रभावित कर्मचारियों की संख्या स्पष्ट नहीं है।

📌 पिछली छंटनी – अगस्त 2023 में CoinDCX ने लगभग 12% कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था, जो कि करीब 70 लोगों पर असर डालने वाला निर्णय था।


📉 कारोबार में गिरावट और नियमों की परेशानी

सूत्रों का कहना है कि यह बदलाव कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण समय में हो रहे हैं क्योंकि CoinDCX को ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट और बढ़ते नियामकीय दबाव (compliance headache) का सामना करना पड़ रहा है।

भारत में क्रिप्टो सेक्टर अभी भी स्पष्ट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के इंतजार में है, और इससे जुड़े स्टार्टअप्स को लगातार वित्तीय और कानूनी जांच का सामना करना पड़ रहा है।


📣 CoinDCX ने दी प्रतिक्रिया

कंपनी के प्रवक्ता ने इन टॉप-लेवल एग्जिट्स की पुष्टि करते हुए कहा:

“हम अपनी टीमों को मजबूत बना रहे हैं और लीडरशिप बेंच को नए टैलेंट्स के साथ सशक्त कर रहे हैं। हमारे पास इस समय 100 से अधिक ओपन पोजीशन्स हैं, जिनमें CFO और जनरल काउंसल जैसी सीनियर भूमिकाएं शामिल हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय विस्तार से कारोबार में तेज़ी से ग्रोथ देखी है और यह ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा।


🌍 MENA क्षेत्र में CoinDCX का विस्तार

CoinDCX ने हाल ही में बहरीन में अपनी सहायक कंपनी BitOasis के ज़रिए अपना परिचालन शुरू किया है। यह कदम MENA (Middle East & North Africa) क्षेत्र में कंपनी के विस्तार की रणनीति का हिस्सा है।

CEO सुमित गुप्ता के नेतृत्व में CoinDCX का लक्ष्य है कि भविष्य में कुल राजस्व का 30% इसी अंतरराष्ट्रीय बाजार से आए।


🦄 एक यूनिकॉर्न की कहानी

CoinDCX की यात्रा 2018 में शुरू हुई थी और अगस्त 2021 में यह कंपनी यूनिकॉर्न बनी, जब इसे $90 मिलियन की सीरीज़ C फंडिंग मिली थी।

इसके बाद अप्रैल 2022 में कंपनी ने $135 मिलियन जुटाए और इसका वैल्यूएशन $2 बिलियन से ऊपर पहुंच गया।

📉 हालांकि, पिछले तीन वर्षों में कंपनी ने कोई भी नई बाहरी फंडिंग नहीं जुटाई है, जो इंडस्ट्री की अनिश्चितता को दर्शाता है।


🔍 भारत में क्रिप्टो सेक्टर की चुनौतियां

भारत में क्रिप्टो कंपनियां एक लंबे समय से वित्तीय निगरानी एजेंसियों की जांच के दायरे में हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने CoinDCX सहित कई कंपनियों को FEMA (Foreign Exchange Management Act) के संभावित उल्लंघनों की जांच के लिए समन भेजा है।

📄 रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार जून 2025 में एक डिस्कशन पेपर जारी करने की योजना बना रही है, जिसमें क्रिप्टो एसेट्स को लेकर संभावित नीतियों पर चर्चा होगी।

यह पेपर IMF (International Monetary Fund) और FSB (Financial Stability Board) की संयुक्त रिपोर्ट पर आधारित होगा।


🧠 CoinDCX के लिए आगे का रास्ता

CoinDCX के सामने इस समय कई मोर्चों पर चुनौतियां हैं:

  • बिज़नेस वॉल्यूम में गिरावट
  • रेगुलेटरी अनिश्चितता
  • अंदरूनी टीम में बड़े बदलाव

लेकिन कंपनी के प्रवक्ता और CEO का कहना है कि:

“हम लगातार अपने बिज़नेस मॉडल को मजबूत कर रहे हैं और इंटरनेशनल मार्केट्स में हमारी मौजूदगी तेज़ी से बढ़ रही है।”


✍️ निष्कर्ष

भारत में क्रिप्टो सेक्टर का भविष्य अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन CoinDCX जैसी कंपनियों का विकास और चुनौतियों से निपटने की रणनीति इस पूरे क्षेत्र के लिए एक टेस्ट केस की तरह है।

जहां एक ओर टॉप लेवल एग्जिट्स और छंटनी से कंपनी को आंतरिक रूप से झटका लगा है, वहीं दूसरी ओर इंटरनेशनल विस्तार और नेतृत्व पुनर्गठन से नई उम्मीदें भी जगी हैं।

📢 भारत में क्रिप्टो रेगुलेशन और स्टार्टअप दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए पढ़ते रहिए FundingRaised.in

Read more :🤖 Veris AI को मिला $8.5 मिलियन Seed फंडिंग 📈

🤖 Veris AI को मिला $8.5 मिलियन Seed फंडिंग 📈

Veris AI

AI एजेंट्स की सुरक्षित ट्रेनिंग और टेस्टिंग के लिए विकसित प्लेटफॉर्म को मिला वेंचर कैपिटल का साथ

न्यूयॉर्क आधारित एडवांस्ड AI ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म Veris AI ने हाल ही में $8.5 मिलियन (लगभग ₹71 करोड़) की Seed फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Decibel Ventures और Acrew Capital ने किया, जिसमें कई प्रमुख एंजल निवेशकों जैसे Ian Livingstone, The House Fund, Idris Mokhtarzada और Dorothy Chang ने भाग लिया।


🎯 क्या करता है Veris AI?

Veris AI एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो कंपनियों को AI एजेंट्स (जैसे चैटबॉट्स और वर्चुअल असिस्टेंट्स) को सुरक्षित, रियलिस्टिक और हाई-फिडेलिटी सिमुलेटेड एनवायरनमेंट में ट्रेन और टेस्ट करने की सुविधा देता है।

मुख्य विशेषताएं:

  • अनुभवात्मक ट्रेनिंग ग्राउंड
  • रिइनफोर्समेंट लर्निंग सपोर्ट
  • उद्योगों के लिए कस्टम सिमुलेशन
  • नियमित सुधार और प्रदर्शन विश्लेषण

इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य कंपनियों को AI मॉडल को वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण करने में सहायता देना है — बिना किसी वास्तविक नुकसान या जोखिम के


💡 CEO Mehdi Jamei की अगुवाई में बढ़ता प्रभाव

Veris AI के CEO मेहदी जमेई (Mehdi Jamei) के नेतृत्व में यह कंपनी शुरुआती ग्राहकों के साथ फोकस इंडस्ट्रीज में पायलट प्रोजेक्ट चला रही है। इसमें शामिल हैं:

  • वित्तीय सेवा (Fintech)
  • एंटरप्राइज़ प्रोडक्टिविटी
  • मैन्युफैक्चरिंग

🧪 प्रमुख उपयोग मामलों की झलक

1️⃣ फिनटेक कंपनी के लिए रेगुलेटरी-सुरक्षित चैटबॉट्स

एक कंज़्यूमर फिनटेक कंपनी Veris AI का उपयोग करके ऐसे चैटबॉट्स डेवलप कर रही है जो नियामकीय (regulatory) फ्रेमवर्क के भीतर कार्य करते हैं। इसमें शामिल हैं:

  • संवेदनशील जानकारी का लीक न होना
  • संभावित रेगुलेटरी उल्लंघन की पहचान
  • यूज़र संवाद की रियलिस्टिक सिमुलेशन

इससे कंपनी को बिना नियामकीय जोखिम बढ़ाए नई यूज़र एंगेजमेंट चैनल्स खोलने में मदद मिल रही है।


2️⃣ HR टेक स्टार्टअप के लिए विश्वसनीय AI असिस्टेंट्स

एक HR टेक कंपनी Veris का उपयोग करके ऐसे AI असिस्टेंट्स ट्रेन कर रही है जो:

  • जटिल मीटिंग शेड्यूलिंग
  • गोपनीय जानकारी शेयरिंग
  • प्रफेशनल ईमेलिंग

जैसे कार्यों को सुरक्षित और जिम्मेदारी से कर सकें। यह विशेष रूप से उन संगठनों के लिए जरूरी है जहां एक छोटी गलती भी भरोसे को नुकसान पहुंचा सकती है।


3️⃣ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सप्लाई चेन एजेंट की ट्रेनिंग

एक निर्माण कंपनी Veris AI का इस्तेमाल कर रही है सप्लाई चेन ऑप्टिमाइजेशन एजेंट को सिखाने के लिए। इसमें निम्न कार्य शामिल हैं:

  • सप्लायर रिसर्च
  • RFP जनरेशन
  • ईमेल कम्युनिकेशन
  • रेट नेगोसिएशन
  • रिस्क इवैल्युएशन

AI को पहले से इन पर सिमुलेटेड वातावरण में अभ्यास कराकर, कंपनी संभावित वित्तीय हानि, ब्रांड डैमेज या कानूनी जोखिमों से बच रही है।


📊 फंडिंग का उपयोग

Veris AI इस फंडिंग का उपयोग मुख्यतः तीन प्रमुख क्षेत्रों में करेगी:

  1. टीम का विस्तार – इंजीनियरिंग, डेटा साइंस और नीति विशेषज्ञों की नियुक्ति
  2. प्रोडक्ट डेवलपमेंट – प्लेटफॉर्म की परफॉर्मेंस और यूज़र इंटरफेस को और बेहतर बनाना
  3. ऑपरेशनल स्केलिंग – और अधिक उद्यमों के लिए AI एजेंट ट्रेनिंग की सेवाएं उपलब्ध कराना

🌐 क्यों है Veris AI खास?

आज के समय में जब AI तेजी से हर इंडस्ट्री में घुस रहा है, कंपनियों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे अपने AI सिस्टम्स को असली दुनिया जैसे हालातों में परखें – लेकिन बिना किसी हानि के।

Veris AI यह समाधान देकर:

  • कंपनियों को AI के साइड इफेक्ट्स से बचाता है
  • रीइनफोर्समेंट लर्निंग का सुरक्षित प्लेटफॉर्म देता है
  • और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले, भरोसेमंद और कॉम्प्लायंट AI एजेंट्स बनाने में मदद करता है।

🧠 भारत के लिए क्या मायने?

भारत में भी AI तेजी से हेल्थटेक, फिनटेक, एग्रीटेक और एंटरप्राइज़ सॉल्यूशंस में प्रवेश कर रहा है। Veris AI जैसे प्लेटफॉर्म आने वाले समय में भारतीय कंपनियों के लिए भी अहम भूमिका निभा सकते हैं, खासकर:

  • BFSI सेक्टर के लिए रेगुलेटरी AI
  • Edtech के लिए पर्सनलाइज्ड बॉट्स
  • HR और Productivity Tools में भरोसेमंद AI असिस्टेंट्स

📌 निष्कर्ष

Veris AI का $8.5 मिलियन फंडिंग राउंड यह संकेत देता है कि AI को सुरक्षित और असरदार ढंग से स्केल करने की ज़रूरत वैश्विक हो चुकी है। कंपनी के द्वारा उपलब्ध कराया गया सिमुलेटेड ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म एंटरप्राइज़ AI को एक नई दिशा दे रहा है।

AI इंडस्ट्री से जुड़ी हर ताज़ा खबर और निवेश अपडेट के लिए पढ़ते रहें FundingRaised.in

read more :Probo ने नीति प्रमुख के रूप में Shimal Kapoor की नियुक्ति की,

Probo ने नीति प्रमुख के रूप में Shimal Kapoor की नियुक्ति की,

Probo

भारत के तेजी से उभरते opinion trading प्लेटफॉर्म Probo ने नीति और विनियामक मामलों को मज़बूती देने के लिए Shimal Kapoor को अपना नया Head of Policy नियुक्त किया है। कंपनी का कहना है कि यह नियुक्ति भारत के स्किल-बेस्ड गेमिंग सेक्टर में नीतिगत संवाद को दिशा देने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


🎯 नियामकों से संवाद में मिलेगी मज़बूती

Probo, जो वर्तमान में 3.4 करोड़ से अधिक यूज़र्स को सेवाएं दे रहा है, ने कहा कि यह रणनीतिक नियुक्ति कंपनी की उस योजना का हिस्सा है जिसके तहत वह देश में स्किल-बेस्ड गेमिंग के लिए मजबूत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को सहयोग देना चाहता है।

🧩 Shimal Kapoor कौन हैं?

Shimal Kapoor कानून और पब्लिक पॉलिसी की दुनिया में एक अनुभवी चेहरा हैं। उन्होंने इससे पहले:

  • Meta (पूर्व में Facebook)
  • World Bank Group
  • और भारत की प्रमुख लॉ फर्म Shardul Amarchand Mangaldas & Co. में काम किया है।

अब वह Probo में नीति निर्माण, सरकारी निकायों से संवाद और रेगुलेटरी एडवोकेसी की जिम्मेदारी संभालेंगी।


📢 Shimal Kapoor का बयान

अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए Shimal ने कहा:

“भारत का स्किल-बेस्ड गेमिंग सेक्टर एक बड़े बदलाव के मोड़ पर है, जो डिजिटल इनोवेशन और आर्थिक प्रगति दोनों में योगदान दे रहा है। Probo ने बहुत कम समय में खुद को opinion trading में अग्रणी बना लिया है। मैं अपनी विशेषज्ञता से कंपनी को नीति-निर्माताओं और स्टेकहोल्डर्स से बेहतर जुड़ाव में सहयोग करने के लिए उत्साहित हूं।”


📱 क्या है Probo?

Probo एक opinion trading platform है, जहां यूज़र्स खेल, एंटरटेनमेंट और करंट अफेयर्स जैसे असली दुनिया के इवेंट्स पर अपनी राय देकर ट्रेडिंग कर सकते हैं।

इसके फीचर्स में शामिल हैं:

  • Yes/No type predictions
  • Real-time opinion market
  • Rewards based on market outcomes

Probo का दावा है कि वह भारत का सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय ओपिनियन ट्रेडिंग ऐप बन चुका है।


💹 जबरदस्त राजस्व वृद्धि

TheKredible के आंकड़ों के अनुसार, Probo ने वित्त वर्ष 2023-24 (FY24) में ऑपरेशनल रेवेन्यू में जबरदस्त छलांग लगाई है:

वित्तीय वर्षऑपरेशनल रेवेन्यूनेट प्रॉफिट
FY23₹86 करोड़₹3.7 करोड़
FY24₹459 करोड़₹92 करोड़

यह कंपनी के स्केलेबिलिटी और प्रभावशाली ग्रोथ को दर्शाता है। बहुत कम भारतीय स्टार्टअप्स इतने कम समय में प्रॉफिटेबिलिटी हासिल कर पाते हैं।


💼 निवेशकों का भरोसा

Probo को देश-विदेश के प्रमुख वेंचर कैपिटल फर्म्स का समर्थन प्राप्त है, जिनमें शामिल हैं:

  • Peak XV Partners (पूर्व में Sequoia India)
  • Elevation Capital
  • Fundamentum Partnership

इन निवेशकों का उद्देश्य Probo को भारत में स्किल-बेस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लीडर्स में लाना है।


🧠 क्यों ज़रूरी है नीति प्रमुख की नियुक्ति?

भारत में ऑनलाइन गेमिंग और स्किल-बेस्ड गेमिंग से जुड़े नियम अभी भी विकासशील अवस्था में हैं। केंद्र और राज्य सरकारें विभिन्न पहलुओं पर विचार कर रही हैं, जैसे:

  • गेमिंग को लेकर टैक्सेशन नीति
  • कौन-से गेम skill-based हैं और कौन-से chance-based
  • यूज़र्स की सुरक्षा
  • विज्ञापन और प्रचार के नियम

ऐसे समय में किसी कंपनी का सरकार और नीति-निर्माताओं से संवाद में सक्रिय होना बहुत आवश्यक हो जाता है। Shimal Kapoor जैसे अनुभवी नीति विशेषज्ञ के जुड़ने से Probo को:

  • विनियामक परिवेश को समझने
  • सरकार के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने
  • और स्किल-बेस्ड गेमिंग को मान्यता दिलाने में सहायता मिलेगी।

📍 आगे का रास्ता

Probo की रणनीति स्पष्ट है — वह न केवल टेक्नोलॉजी और यूज़र एक्सपीरियंस में अग्रणी बनना चाहता है, बल्कि भारत में ओपिनियन ट्रेडिंग के लिए एक सशक्त और जिम्मेदार फ्रेमवर्क का हिस्सा भी बनना चाहता है।

Shimal Kapoor की नियुक्ति इसी दिशा में एक निर्णायक कदम है। आने वाले महीनों में हम देखेंगे कि Probo भारत के गेमिंग, टेक और नीति निर्माण के संगम पर कैसे अपनी पहचान और मजबूत करता है।


📢 निष्कर्ष

भारत में स्किल-बेस्ड गेमिंग इंडस्ट्री को एक स्पष्ट, पारदर्शी और यूज़र-फ्रेंडली रेगुलेटरी वातावरण की ज़रूरत है। Probo ने यह संकेत दिया है कि वह न सिर्फ इस सेक्टर को लीड करना चाहता है, बल्कि इसे नीति के स्तर पर भी सुरक्षित और स्थिर बनाना चाहता है।

ऐसे ही और स्टार्टअप अपडेट्स और नीति बदलावों के लिए पढ़ते रहें FundingRaised.in

Read more:💰 Stable Money को मिला ₹173 करोड़ का निवेश,

💰 Stable Money को मिला ₹173 करोड़ का निवेश,

Stable Money

बेंगलुरु स्थित वेल्थटेक प्लेटफॉर्म Stable Money ने अपने नवीनतम फंडिंग राउंड में ₹173 करोड़ (लगभग $20 मिलियन) जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व Fundamentum Partnership ने किया है, जबकि मौजूदा निवेशक Z47, RTP Global, और Lightspeed ने भी भागीदारी की है। इसके अलावा Aditya Birla Ventures भी इस निवेश राउंड में शामिल हुआ है।


📊 निवेश विवरण

यह फंडिंग Stable Money के लिए अब तक का सबसे बड़ा राउंड है। Entrackr ने इस डील की जानकारी पिछले महीने एक्सक्लूसिव रूप से दी थी।

इससे पहले कंपनी ने Series A और Seed राउंड्स में भी ₹173 करोड़ ($20 मिलियन) जुटाए थे, जिनमें निवेशकों में Z47, Lightspeed, RTP Global और कई जाने-माने एंजेल इन्वेस्टर्स जैसे Sriharsha Majety (Swiggy), Kunal Bahl, और Rohit Bansal (Snapdeal) शामिल थे।


🚀 निवेश का उपयोग कहां होगा?

Stable Money इस ताज़ा निवेश का उपयोग निम्नलिखित लक्ष्यों के लिए करेगा:

  • 🔹 अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और विस्तारित करना
  • 🔹 नए बैंकिंग और NBFC पार्टनर्स को ऑनबोर्ड करना
  • 🔹 अपने डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क को स्केल करना

कंपनी का लक्ष्य है कि 2025 में कम से कम 8 नए बैंक और एनबीएफसी अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ें।


🏦 Stable Money क्या करता है?

Stable Money एक WealthTech प्लेटफॉर्म है जिसे 2022 में सौरभ जैन और हरीश रेड्डी ने शुरू किया था। इसका उद्देश्य यूज़र्स को स्थिर और सुनिश्चित रिटर्न देने वाले फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में निवेश की सुविधा देना है।

🔐 यह प्लेटफॉर्म निम्नलिखित प्रोडक्ट्स ऑफर करता है:

  • फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)
  • रिकरिंग डिपॉजिट (RD)
  • सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड
  • बांड्स

यह प्लेटफॉर्म विशेष रूप से उन निवेशकों को टार्गेट करता है जो बिना जोखिम के रिटर्न चाहते हैं और पारंपरिक निवेश के भरोसेमंद विकल्प की तलाश में रहते हैं।


🤝 कौन-कौन से बैंक जुड़े हैं?

Stable Money इस समय 8 बैंकों और 2 NBFCs के साथ पार्टनरशिप में काम कर रहा है। प्रमुख बैंकिंग पार्टनर्स में शामिल हैं:

  • IndusInd Bank
  • South Indian Bank
  • Slice Small Finance Bank
  • Ujjivan Small Finance Bank
  • Unity SFB
  • Suryoday SFB

कंपनी आने वाले महीनों में कई और संस्थानों के साथ जुड़ने की योजना बना रही है।


📈 यूज़र बेस और AUM

कंपनी का दावा है कि उनके प्लेटफॉर्म पर इस समय 1.5 लाख से ज्यादा यूज़र्स रजिस्टर्ड हैं और उनका Assets Under Management (AUM) ₹3,000 करोड़ से भी ज्यादा है।

यह आंकड़ा कंपनी के मजबूत वितरण नेटवर्क और बढ़ती यूज़र विश्वास को दर्शाता है।


🧾 वित्तीय प्रदर्शन

Stable Money ने अब तक वित्त वर्ष 2025 (FY25) के लिए अपनी फाइनेंशियल रिपोर्ट दाखिल नहीं की है। लेकिन वित्त वर्ष 2024 (मार्च में समाप्त) की रिपोर्ट के अनुसार:

  • कंपनी की ऑपरेटिंग इनकम ₹35.3 लाख रही।
  • वहीं नेट लॉस ₹12.29 करोड़ का रहा।
  • यानी, कंपनी अभी भी प्रि-रेवेन्यू स्टेज में है और रेवेन्यू जनरेशन के शुरुआती चरणों में काम कर रही है।

इसका मतलब है कि कंपनी का फोकस अभी रेवेन्यू से ज़्यादा यूज़र ग्रोथ, नेटवर्क विस्तार और प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर है।


🧠 निवेशकों की सोच

Fundamentum Partnership के पार्टनर Ashish Kumar ने कहा,

“Stable Money एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो भारत में सुरक्षित निवेश को डिजिटल रूप में पेश करने का काम कर रहा है। मौजूदा समय में जब ज्यादातर निवेश हाई रिस्क की ओर झुके हुए हैं, Stable Money एक बैलेंस्ड और भरोसेमंद विकल्प देता है।”

Lightspeed और RTP Global जैसे मौजूदा निवेशकों की लगातार भागीदारी यह दिखाती है कि उन्हें कंपनी के बिज़नेस मॉडल और टीम पर पूरा विश्वास है।


📌 निष्कर्ष

Stable Money का फोकस है भारत के मिडल-क्लास और यंग इनवेस्टर्स को ऐसी सेवाएं देना जो पारंपरिक बैंकों से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी की मदद से आसान और तेज़ हो। निवेशकों का बढ़ता भरोसा, और यूज़र बेस में बढ़ोतरी, इसे भारत के टॉप वेल्थटेक स्टार्टअप्स की लिस्ट में ले जा रही है।

आने वाले महीनों में कंपनी क्या नई प्रोडक्ट्स और पार्टनरशिप्स लेकर आती है, उस पर सभी की नजरें रहेंगी।


📢 ऐसे ही और स्टार्टअप फंडिंग अपडेट्स के लिए जुड़े रहें FundingRaised.in के साथ!

Read more :Plush को मिला ₹30.56 करोड़ का नया फंडिंग राउंड

Plush को मिला ₹30.56 करोड़ का नया फंडिंग राउंड

Plush

चेन्नई आधारित फेमिनिन केयर ब्रांड Plush ने अपने सीरीज़ B फंडिंग राउंड में ₹30.56 करोड़ (लगभग $3.6 मिलियन) जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व एंजेल इन्वेस्टर अजय कुमार अग्रवाल ने किया, जिसमें Careernet Technologies, OTP Ventures, Blume Ventures और 11 अन्य निवेशकों ने भी भाग लिया।

📌 फंडिंग डिटेल्स
Plush के बोर्ड ने हाल ही में एक स्पेशल रिजोल्यूशन पास किया है जिसके तहत कंपनी ने 4,099 सीरीज़ B प्रेफरेंस शेयर्स ₹7,457 प्रति शेयर की दर से जारी करने की मंजूरी दी है। यह जानकारी कंपनी की ROC (रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़) में दर्ज फाइलिंग के जरिए सामने आई है।

इस फंडिंग में प्रमुख निवेशक Ajay Kumar Aggarwal ने ₹6 करोड़ का योगदान दिया है। वहीं मौजूदा निवेशकों में Careernet Technologies ने ₹5 करोड़, OTP Ventures ने ₹3 करोड़ और Blume Ventures ने ₹4 करोड़ का निवेश किया है। शेष राशि Rahul Garg, Sumit Jalan, Blue Ashva Varenya Fund, Rahul Kayan और सात अन्य एंजेल इन्वेस्टर्स ने मिलकर लगाई है।


📈 वैल्यूएशन में 3 गुना उछाल

Entrackr की रिपोर्ट के अनुसार, इस फंडिंग के बाद Plush की वैल्यूएशन लगभग ₹281 करोड़ (करीब $33 मिलियन) तक पहुंचने की संभावना है। यह कंपनी की पिछले प्री-सीरीज़ B राउंड की तुलना में लगभग तीन गुना बढ़ोतरी दर्शाता है।

फंडिंग के बाद शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर में बदलाव हुआ है:

  • Ajay Kumar Aggarwal की हिस्सेदारी 19.64% हो गई है।
  • Careernet Technologies के पास 16.37% हिस्सेदारी है।
  • Blume Ventures की हिस्सेदारी 13.08% तक पहुंच गई है।

👉 विस्तृत शेयरहोल्डिंग पैटर्न देखने के लिए TheKredible वेबसाइट पर विजिट करें।


🧼 Plush क्या करता है?

2019 में Sahiba Taneja द्वारा शुरू किया गया Plush महिलाओं की हाइजीन और वेलनेस की जरूरतों को पूरा करने वाला एक D2C (डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर) ब्रांड है। कंपनी मुख्य रूप से पीरियड केयर, हेयर रिमूवल, इंटिमेट वेलनेस और स्किनकेयर प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराती है।

Plush अपने प्रोडक्ट्स को अपनी वेबसाइट, ई-कॉमर्स चैनलों और ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स के ज़रिए बेचता है। कंपनी का दावा है कि इसके प्रोडक्ट्स फिलहाल बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद के 500 से ज्यादा स्टोर्स में उपलब्ध हैं।

🚀 कंपनी का लक्ष्य अगले 6 महीनों में 2,000 स्टोर्स तक अपनी ऑफलाइन मौजूदगी को विस्तार देना है।


📊 फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

पिछले वित्त वर्ष (मार्च 2024 में समाप्त) में Plush ने ₹28.87 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो साल-दर-साल आधार पर 84% की ग्रोथ है। हालांकि, इस दौरान कंपनी को ₹4.4 करोड़ का घाटा हुआ।

Plush का लक्ष्य है कि वह वित्त वर्ष 2025 (FY25) को ₹60 करोड़ के राजस्व के साथ बंद करे। इसका मतलब है कि कंपनी आने वाले महीनों में तेज़ी से अपने बिक्री चैनलों, कस्टमर बेस और प्रोडक्ट कैटेगरीज़ का विस्तार करेगी।


📦 क्या है कंपनी की अगली रणनीति?

Plush इस फंडिंग का इस्तेमाल निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए करने जा रही है:

  • 🔹 रिटेल विस्तार – अधिक शहरों और स्टोर्स तक पहुंच बढ़ाना
  • 🔹 नए प्रोडक्ट लॉन्च – स्किनकेयर, इंटिमेट वेलनेस आदि कैटेगरी में विस्तार
  • 🔹 ब्रांड मार्केटिंग – ज़्यादा कस्टमर्स तक पहुंचने के लिए डिजिटल और ऑफलाइन कैंपेन
  • 🔹 टीम ग्रोथ – इनोवेशन और सप्लाई चेन को बेहतर बनाने के लिए टीम विस्तार

🌸 फेमिनिन केयर मार्केट में मुकाबला

Plush का मुकाबला इस समय Nykaa, Sirona, Azah, और Carmesi जैसे अन्य फेमिनिन हाइजीन ब्रांड्स से है। हालांकि, Plush ने अपने ट्रेंडी और प्रीमियम प्रोडक्ट्स, किफायती कीमतों और मजबूत D2C स्ट्रेटेजी के चलते एक खास जगह बनाई है।


✨ निष्कर्ष

Plush की ये नई फंडिंग न केवल इसके फ्यूचर ग्रोथ के लिए अहम है बल्कि यह भी दिखाती है कि भारत में फेमिनिन केयर सेगमेंट में निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। कंपनी की आक्रामक रणनीति और ग्राहकों के प्रति समर्पण इसे भारत के टॉप ब्रांड्स में शामिल कर सकता है।

Stay tuned on FundingRaised.in for more such funding updates in Hindi!

Read more :🧼 Snabbit को मिला ₹162 करोड़ का Series B फंडिंग,

🧼 Snabbit को मिला ₹162 करोड़ का Series B फंडिंग,

Snabbit

घरों के लिए ऑन-डिमांड प्रोफेशनल सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म Snabbit ने हाल ही में ₹162.35 करोड़ (लगभग $19 मिलियन) की Series B फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व किया है Lightspeed Venture Partners ने, जबकि Nexus Venture Partners और Elevation Capital ने भी दोबारा निवेश किया है।

यह ताज़ा निवेश ऐसे समय में आया है जब भारत में घरेलू सेवाओं की मांग तेज़ी से बढ़ रही है, और Snabbit इस सेगमेंट में टेक्नोलॉजी और क्विक डिलीवरी के दम पर नया मुकाम हासिल कर रहा है।


💰 कौन-कितना निवेश कर रहा है?

Registrar of Companies (RoC) में दाखिल रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, Snabbit की बोर्ड मीटिंग में 65,165 Series B अनिवार्य रूप से कन्वर्ट होने वाले प्रेफरेंस शेयर्स (CCPS) को ₹24,914.93 प्रति शेयर की कीमत पर जारी करने की मंजूरी दी गई है। इससे कुल ₹162.35 करोड़ जुटाए जाएंगे।

इसमें:

  • Lightspeed: ₹94 करोड़ (लगभग $11 मिलियन)
  • Nexus Venture Partners: ₹34.18 करोड़ (लगभग $4 मिलियन)
  • Elevation Capital: ₹34.18 करोड़ (लगभग $4 मिलियन)

📊 वैल्यूएशन में 3.5 गुना उछाल

Entrackr की रिपोर्ट के मुताबिक, इस नए राउंड के बाद Snabbit की वैल्यूएशन ₹684 करोड़ (लगभग $80 मिलियन) हो जाएगी। यह पिछली Series A फंडिंग के मुकाबले 3.5 गुना ज्यादा है, जब कंपनी की वैल्यूएशन लगभग $23 मिलियन थी।

इससे साफ होता है कि निवेशक Snabbit की ग्रोथ, बिज़नेस मॉडल और संभावनाओं पर गहरा भरोसा जता रहे हैं।


🛠️ Snabbit क्या करता है?

2024 में Aayush Agarwal द्वारा स्थापित Snabbit, एक क्विक सर्विस प्लेटफॉर्म है जो भारत के शहरी इलाकों में रहने वाले घरों को साफ-सफाई, बर्तन धोने, कपड़े धोने जैसी घरेलू सेवाएं प्रोफेशनल्स के ज़रिए तुरंत उपलब्ध कराता है।

  • 🧽 सेवाएं: क्लीनिंग, डिशवॉशिंग, लॉन्ड्री आदि
  • ⏱️ बुकिंग: घंटे के हिसाब से एक्सपर्ट्स को बुक किया जा सकता है
  • 🚪 डिलीवरी टाइम: बुकिंग के 10 मिनट के अंदर प्रोफेशनल घर पहुँच जाते हैं
  • 👷 वर्कफोर्स: वर्तमान में 600+ प्रोफेशनल्स हैं, जो हर महीने दोगुने हो रहे हैं

📈 क्यों है Snabbit की मांग में उछाल?

Snabbit का यूएसपी है — “सिर्फ 10 मिनट में एक्सपर्ट घर पर”। यह आज की भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में उन उपभोक्ताओं के लिए बेहद उपयोगी है जिन्हें समय की कमी है, लेकिन भरोसेमंद और प्रशिक्षित घरेलू सहायकों की आवश्यकता है।

भारत में:

  • 👩‍👩‍👧‍👦 न्यूक्लियर फैमिली कल्चर बढ़ा है
  • 🏙️ शहरीकरण तेजी से हो रहा है
  • 📱 ऑनलाइन सेवाओं को लेकर विश्वास बढ़ा है
  • 💼 वर्किंग कपल्स की संख्या बढ़ी है

इन सभी कारणों से Snabbit जैसे मॉडल का स्केलेबिलिटी और डिमांड बहुत तेज़ है।


🧑‍💼 Aayush Agarwal का विज़न

Snabbit के फाउंडर और सीईओ आयुष अग्रवाल ने कहा:

“हम Snabbit को भारत का सबसे तेज़ और भरोसेमंद घरेलू सेवा प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं। हर परिवार को हाई-क्वालिटी सर्विसेज केवल कुछ मिनटों में उपलब्ध हो — यही हमारा लक्ष्य है।”

उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी हर महीने नए शहरों में एंट्री कर रही है और उनकी टीम 600 से अधिक प्रोफेशनल्स को ऑनबोर्ड कर चुकी है। यह संख्या हर महीने दोगुनी हो रही है।


🏗️ आगे की योजना: विस्तार और तकनीकी मजबूती

फंडिंग से मिले पैसे का इस्तेमाल कंपनी निम्नलिखित कार्यों के लिए करेगी:

  1. 🌆 नई सिटी में विस्तार
  2. 📲 मोबाइल ऐप और बुकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना
  3. 👷‍♂️ वर्कफोर्स ट्रेनिंग और ऑनबोर्डिंग स्केल करना
  4. 🧠 AI और डेटा एनालिटिक्स के ज़रिए सर्विस ऑप्टिमाइजेशन
  5. 📣 मार्केटिंग और ब्रांड बिल्डिंग पर ध्यान देना

🛍️ प्रतियोगिता और बाजार में स्थिति

Snabbit की टक्कर भारत के अन्य ऑन-डिमांड घरेलू सेवा प्लेटफॉर्म्स से है जैसे:

  • Urban Company
  • Broomees
  • Helper4U

लेकिन Snabbit की “10 मिनट डिलीवरी” और “घंटे के हिसाब से बुकिंग” जैसी सुविधाएं इसे अलग बनाती हैं।


📌 निष्कर्ष: तेजी से बढ़ते घरेलू सेवा सेक्टर में एक मजबूत खिलाड़ी

Snabbit का बिज़नेस मॉडल उस वक्त सामने आया है जब “क्विक कॉमर्स” और “क्विक सर्विस” जैसे कॉन्सेप्ट भारत में ज़ोर पकड़ रहे हैं। ऐसे में एक ऐसा प्लेटफॉर्म जो समय की बचत, भरोसेमंद प्रोफेशनल्स और टेक्नोलॉजी से युक्त हो — वह मार्केट में लंबी पारी खेल सकता है।

₹162 करोड़ की फंडिंग से Snabbit को निश्चित रूप से अपने मिशन को और तेज़ी से आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा, और यह भारत में घरेलू सेवाओं की परिभाषा बदल सकता है।


🔗 Startup और फंडिंग से जुड़ी हर ताज़ा खबर के लिए पढ़ते रहिए [FundingRaised.in]

read more :Dexari को $2.3 मिलियन की सीड फंडिंग,

Dexari को $2.3 मिलियन की सीड फंडिंग,

Dexari

क्रिप्टो ट्रेडिंग को मोबाइल और पूरी तरह से डीसेंट्रलाइज़्ड बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, न्यूयॉर्क स्थित स्टार्टअप dexari ने हाल ही में $2.3 मिलियन (लगभग ₹19 करोड़) की सीड फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग राउंड के बाद कंपनी की वैल्यूएशन $22.5 मिलियन (लगभग ₹188 करोड़) हो गई है।

इस निवेश से Dexari की योजना अपने प्रोडक्ट डेवलपमेंट को तेज करने, इंजीनियरिंग टीम का विस्तार करने और मार्केट में अपने प्लेटफॉर्म को मजबूती से लॉन्च करने की है।


💰 किसने किया निवेश?

इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व दो प्रमुख फर्मों ने किया:

  • Prelude Ventures
  • Lemniscap

ये दोनों निवेशक Web3, DeFi और ब्लॉकचेन सेक्टर में पहले से ही सक्रिय रूप से निवेश कर चुके हैं। उनके साथ आने से Dexari को न केवल पूंजी मिली है, बल्कि अनुभव और नेटवर्क का भी बड़ा फायदा मिलेगा।


🔧 Dexari क्या करता है?

Dexari एक मोबाइल-फर्स्ट क्रिप्टो ट्रेडिंग ऐप है जो यूज़र्स को पूरी तरह डीसेंट्रलाइज़्ड और नॉन-कस्टोडियल तरीके से ट्रेडिंग की सुविधा देता है।

इसका मतलब है कि यूज़र अपने क्रिप्टो एसेट्स पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखते हैं, बिना किसी थर्ड पार्टी या एक्सचेंज पर भरोसा किए।


🚀 Hyperliquid से खास इंटीग्रेशन

Dexari की सबसे खास बात है कि इसका सारा ऑर्डर फ्लो सिर्फ एक ही प्लेटफॉर्म से होकर गुजरता है — Hyperliquid। यह एक डीसेंट्रलाइज़्ड ट्रेडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर है जो:

  • तेज गति से ट्रेडिंग सुनिश्चित करता है
  • कम फीस में लेनदेन की सुविधा देता है
  • कस्टडी-फ्री एक्सपीरियंस प्रदान करता है

Hyperliquid का उपयोग करके Dexari एक ऐसा इकोसिस्टम बना रहा है जहां यूज़र को ट्रेडिंग करते समय एक्सचेंज पर अपने फंड्स रखने की ज़रूरत नहीं पड़ती।


📱 मोबाइल प्लेटफॉर्म की ताकत

आज जब ज्यादातर क्रिप्टो एक्सचेंजेस या DEX डेस्कटॉप यूज़र्स को प्राथमिकता देते हैं, Dexari का पूरा फोकस है मोबाइल यूज़र्स पर। इसके ऐप में:

  • 📲 सरल और यूज़र-फ्रेंडली इंटरफेस
  • 🔐 एंड-टू-एंड सिक्योरिटी
  • 📉 रियल-टाइम मार्केट डेटा और चार्टिंग टूल्स
  • 🤳 ऑन-द-गो ट्रेडिंग सुविधा

Dexari का मानना है कि भविष्य की ट्रेडिंग मोबाइल पर केंद्रित होगी और भारत जैसे देशों में तो यह और भी ज़्यादा प्रभावशाली हो सकता है, जहां स्मार्टफोन की पहुंच गांव-गांव तक है।


📈 फंडिंग का उपयोग कैसे होगा?

Dexari के सीईओ और संस्थापक टीम ने बताया कि यह फंडिंग मुख्य रूप से तीन उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल की जाएगी:

  1. 👨‍💻 इंजीनियरिंग टीम का विस्तार: ब्लॉकचेन डेवेलपर्स, UI/UX डिज़ाइनर्स और सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स की हायरिंग
  2. 🚧 प्रोडक्ट डेवलपमेंट तेज करना: ऐप में नए ट्रेडिंग टूल्स, मल्टी-चेन इंटीग्रेशन और वॉलेट सपोर्ट
  3. 📢 गो-टू-मार्केट स्ट्रैटेजी पर काम: दुनियाभर में, खासकर एशियाई देशों में यूज़र ग्रोथ पर ध्यान देना

🌍 भारतीय संदर्भ में क्यों है यह महत्वपूर्ण?

भारत में पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी वृद्धि देखी गई है। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती रही है:

  • बिचौलियों पर निर्भरता
  • एक्सचेंज पर फंड रखने का डर
  • मोबाइल-फ्रेंडली समाधान की कमी

Dexari इन सभी समस्याओं का हल पेश करता है। खासतौर पर भारत जैसे मोबाइल-प्रथम देश में, Dexari का मॉडल तेजी से अपनाया जा सकता है।


🔒 क्यों जरूरी है नॉन-कस्टोडियल ट्रेडिंग?

नॉन-कस्टोडियल ट्रेडिंग का मतलब है कि आप अपने वॉलेट और एसेट्स पर पूरा नियंत्रण रखते हैं। एक्सचेंज या थर्ड पार्टी की जरूरत नहीं होती। इससे:

  • 🚫 हैकिंग या फ्रॉड का खतरा कम हो जाता है
  • ✅ यूज़र की प्राइवेसी बनी रहती है
  • 📤 वॉलेट से सीधे ट्रेडिंग संभव होती है

Dexari इसी सोच के साथ एक मजबूत और सुरक्षित प्लेटफॉर्म बना रहा है।


📆 आगे की योजना

Dexari आने वाले महीनों में:

  • 🔧 और ब्लॉकचेन इंटीग्रेशन जोड़ेगा (जैसे Solana, Polygon)
  • 🌐 भारत सहित एशिया और यूरोप के कुछ प्रमुख बाजारों में बीटा लॉन्च करेगा
  • 🛠 डेवलपर टूल्स लॉन्च करेगा ताकि थर्ड पार्टी ऐप्स Dexari से इंटीग्रेट कर सकें

📝 निष्कर्ष: मोबाइल-फर्स्ट, सुरक्षित और स्वतंत्र ट्रेडिंग की दिशा में एक बड़ा कदम

Dexari की सीड फंडिंग Web3 की दुनिया में एक सकारात्मक संकेत है — खासकर उन यूज़र्स के लिए जो मोबाइल पर ट्रेडिंग करना चाहते हैं, लेकिन पूरी सुरक्षा और स्वतंत्रता के साथ।

Hyperliquid के साथ इसका इंटीग्रेशन और निवेशकों का भरोसा दिखाता है कि आने वाले समय में Dexari एक प्रमुख मोबाइल DEX ऐप बन सकता है।


🔗 Web3 और क्रिप्टो स्टार्टअप्स की ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहिए [FundingRaised.in] के साथ।

Read more :PACT SWAP को मिला $5 मिलियन का निवेश,

PACT SWAP को मिला $5 मिलियन का निवेश,

PACT SWAP

Web3 और क्रिप्टो ट्रेडिंग की दुनिया में एक नया और क्रांतिकारी कदम देखने को मिला है। क्रॉस-चेन DEX (Decentralized Exchange) प्रदान करने वाली कंपनी PACT SWAP ने हाल ही में $5 मिलियन (लगभग ₹42 करोड़) की फंडिंग हासिल की है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व DNA Fund ने किया है।

यह फंडिंग PACT SWAP के लिए एक बड़ा माइलस्टोन मानी जा रही है, क्योंकि यह प्लेटफॉर्म क्रिप्टो दुनिया की सबसे जटिल समस्याओं में से एक — इनकॉम्पैटिबल ब्लॉकचेन के बीच नेचुरल एसेट्स का सुरक्षित और आसान एक्सचेंज — को हल करने की दिशा में काम कर रहा है।


🏦 कौन है निवेशक और क्या होगा उनके सहयोग का दायरा?

इस फंडिंग राउंड में DNA Fund ने लीड इन्वेस्टर की भूमिका निभाई है। DNA Fund न केवल वित्तीय सहायता दे रहा है, बल्कि वह PACT SWAP को निम्नलिखित क्षेत्रों में भी सक्रिय सहयोग देगा:

  • 🌱 इकोसिस्टम डेवलपमेंट
  • 🤝 स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप्स
  • 🌍 ग्लोबल मार्केट में लॉन्च और विस्तार

👨‍💼 कौन चला रहा है PACT SWAP?

PACT SWAP को चलाने वाली टीम में कुछ प्रसिद्ध नाम शामिल हैं:

  • Stephen Morris – CEO
  • Brock Pierce – सह-संस्थापक (क्रिप्टो उद्योग के जाने-माने निवेशक और उद्यमी)
  • Scott Walker – सह-संस्थापक
  • Toby Gilbert – सह-संस्थापक

यह टीम Web3 टेक्नोलॉजी, निवेश और ग्लोबल ब्लॉकचेन नेटवर्किंग में वर्षों का अनुभव रखती है।


🔄 क्या है PACT SWAP और कैसे करता है काम?

PACT SWAP एक क्रॉस-चेन DEX (Decentralized Exchange) है जो यूज़र्स को अलग-अलग ब्लॉकचेन नेटवर्क्स (जैसे Bitcoin और Tron) के बीच नेचुरल टोकन को ट्रेड करने की सुविधा देता है।

👉 मुख्य विशेषताएं:

  • न ब्रिज की जरूरत,
  • न रैप्ड टोकन,
  • न बाहरी वेलिडेटर्स

यह सिस्टम Coinweb के मॉड्यूलर एग्जीक्यूशन लेयर पर आधारित है, जिससे यह मौजूदा क्रॉस-चेन प्रोटोकॉल की तुलना में काफी कम फीस चार्ज करता है और बेहतर स्पीड और सिक्योरिटी प्रदान करता है।


⚙️ टेक्निकल फीचर्स जो इसे बनाते हैं खास

  • 🔐 Permissionless Token Listings: कोई भी प्रोजेक्ट या डेवलपर अपना टोकन बिना अनुमति के लिस्ट कर सकता है
  • 🧩 High Composability: अन्य ब्लॉकचेन एप्लिकेशन से आसानी से इंटीग्रेशन
  • Near-instant Finality: लगभग तुरंत ही ट्रांजैक्शन कन्फर्म हो जाती है

यह फीचर्स इसे एक डिवेलपर-फ्रेंडली और स्केलेबल DEX बनाते हैं।


🧪 अभी क्या स्टेज पर है प्रोजेक्ट?

PACT SWAP फिलहाल लाइव प्रोडक्शन रोलआउट के चरण में है। इसका मतलब है कि इसका कोर ट्रेडिंग फीचर अब आंशिक रूप से सक्रिय हो चुका है।

🚀 लॉन्च हो चुकी सुविधाएं:

  • ✅ BTC (Bitcoin)
  • ✅ TRX (Tron)
  • ✅ BNB (Binance Smart Chain)
  • ✅ ETH (Ethereum)
  • ✅ USDT (TRC20, BEP20, ERC20)

हालांकि, फिलहाल के लिए ट्रेडिंग कैप को $20,000 पर सीमित किया गया है, ताकि सिस्टम की स्टेबिलिटी और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


🤝 इंटीग्रेशन और पब्लिक लॉन्च

PACT SWAP टीम ने यह भी जानकारी दी है कि वे पहले से ही कुछ प्रमुख इकोसिस्टम पार्टनर्स के साथ इंटीग्रेशन पर काम कर रहे हैं। इससे आने वाले महीनों में इसका फुल पब्लिक लॉन्च संभव होगा।

यह लॉन्च पूरी दुनिया के यूज़र्स को क्रिप्टो ट्रेडिंग के एक नए युग में ले जाएगा, जहां ब्लॉकचेन नेटवर्क की सीमाएं बाधा नहीं रहेंगी।


🔮 भविष्य की संभावनाएं

इस फंडिंग और टेक्नोलॉजी के बलबूते, PACT SWAP का लक्ष्य है:

  • 🌐 ग्लोबल यूज़र्स को जोड़ना
  • 📉 ट्रेडिंग कॉस्ट को और कम करना
  • 🔁 ट्रू क्रॉस-चेन इंटरऑपरेबिलिटी को अपनाना
  • 💡 डेवलपर्स के लिए ओपन और फ्लेक्सिबल प्लेटफॉर्म बनना

अगर यह प्लेटफॉर्म अपने वादों पर खरा उतरता है, तो यह Web3 और DeFi की दुनिया में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।


📝 निष्कर्ष: एक नई डिजिटल ट्रेडिंग क्रांति की शुरुआत

क्रिप्टो ट्रेडिंग में क्रॉस-चेन ट्रांजैक्शन हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। PACT SWAP जैसे प्लेटफॉर्म उस चुनौती को सीधे और सरल तरीके से हल करने का प्रयास कर रहे हैं।

$5 मिलियन की इस नई फंडिंग से PACT SWAP को तकनीकी रूप से और मजबूत बनने, अपनी सेवाओं का विस्तार करने और क्रिप्टो बाजार में एक भरोसेमंद नाम बनने में मदद मिलेगी।


🔗 Web3 और क्रिप्टो स्टार्टअप्स की ऐसी ही और हिंदी में एक्सक्लूसिव खबरों के लिए जुड़े रहिए [FundingRaised.in] के साथ।

Read more :🛋️ Pepperfry को मिला ₹43.3 करोड़ का नया फंड,

🛋️ Pepperfry को मिला ₹43.3 करोड़ का नया फंड,

Pepperfry

भारत की प्रमुख ओमनीचैनल फर्नीचर ब्रांड Pepperfry ने एक बार फिर अपने मौजूदा निवेशकों से ₹43.3 करोड़ (लगभग $5.1 मिलियन) जुटाए हैं। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व General Electric Pension Fund ने किया है, जबकि Norwest Venture Partners, Goldman Sachs, और Panthera Growth Partners सहित अन्य निवेशकों ने भी भाग लिया।

इससे पहले सितंबर 2023 में भी Pepperfry ने इन्हीं निवेशकों से $23 मिलियन जुटाए थे।


📄 क्या कहती है नियामकीय फाइलिंग?

Registrar of Companies (RoC) से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, Pepperfry के बोर्ड ने 5,59,463 कम्पल्सरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (CCPS) को ₹775 प्रति शेयर की कीमत पर जारी करने का प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव के जरिए कंपनी ने ₹43.3 करोड़ जुटाने की मंजूरी दी है।


💰 किसने कितना निवेश किया?

इस फंडिंग राउंड में अलग-अलग निवेशकों का योगदान इस प्रकार रहा:

  • 🏢 General Electric Pension Fund: ₹21.5 करोड़ (लगभग $2.5 मिलियन)
  • 🌱 Norwest Venture Partners: ₹8.52 करोड़
  • 🦁 Panthera Growth Partners: ₹6.45 करोड़
  • 🏦 Goldman Sachs, Erste WV Gutersloh GmbH, और Growth Equity Opportunity Fund Cayman Holdings Ltd ने शेष राशि का योगदान दिया है।

🚀 फंड का इस्तेमाल कहां होगा?

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस फंड का उपयोग मुख्यतः इन उद्देश्यों के लिए किया जाएगा:

  • 📈 बिजनेस ग्रोथ और स्केलिंग
  • 🏬 ऑफलाइन स्टूडियो और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का विस्तार
  • 💼 जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए वर्किंग कैपिटल

📊 फंडिंग के बाद वैल्यूएशन

Entrackr के अनुमान के अनुसार, इस लेटेस्ट फंडिंग राउंड के बाद Pepperfry की वैल्यूएशन ₹3,120 करोड़ (लगभग $367 मिलियन) हो गई है।


🏢 Pepperfry का बिजनेस मॉडल क्या है?

Pepperfry एक मार्केटप्लेस मॉडल पर काम करता है जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों चैनलों के ज़रिए ग्राहकों को फर्नीचर और होम डेकोर प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराता है।

  • 🛒 इसके कैटलॉग में 10,000 से अधिक प्रोडक्ट्स हैं।
  • 🤝 यह प्लेटफॉर्म Godrej, Springfit, और Spacewood जैसी प्रमुख ब्रांड्स से ग्राहकों को जोड़ता है।
  • 🏬 देशभर में इसके 200 से अधिक स्टूडियोज हैं जो 100+ शहरों में फैले हुए हैं।

📉 FY24 में राजस्व गिरा, लेकिन घाटे में कमी आई

मार्च 2024 को समाप्त वित्तीय वर्ष (FY24) में कंपनी ने:

  • 📉 ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 30% की गिरावट, जो अब ₹189 करोड़ रह गया
  • 💸 लेकिन घाटे में 37% की कमी, जो अब ₹117.5 करोड़ हो गया

इसका मतलब है कि कंपनी ने खर्चों पर नियंत्रण करते हुए घाटे को काफी हद तक कम किया है, जो एक सकारात्मक संकेत है, खासकर मौजूदा बाजार की प्रतिस्पर्धा को देखते हुए।


💼 अब तक कितना निवेश मिला है?

Startup डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म TheKredible के अनुसार, मुंबई आधारित Pepperfry ने अब तक $270 मिलियन से अधिक की फंडिंग जुटाई है। इसके प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं:

  • Norwest Venture Partners
  • General Electric
  • Broad Street Investment
  • Pidilite Industries
  • और अन्य कई संस्थागत निवेशक

🪑 प्रतियोगिता किससे है?

Pepperfry का मुकाबला भारत में कई मजबूत और फंडेड फर्नीचर ब्रांड्स से है, जिनमें प्रमुख हैं:

  • 🏠 Urban Ladder: जिसे Reliance Retail ने अधिग्रहित किया है। इसने $100 मिलियन से अधिक की फंडिंग जुटाई थी।
  • 🪵 Wooden Street: जिसने हाल ही में $77 मिलियन जुटाए हैं।

इन कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा में बने रहना Pepperfry के लिए आसान नहीं है, लेकिन इसका ऑमनीचैनल मॉडल, ब्रांडेड प्रोडक्ट्स, और रिटेल स्टूडियो नेटवर्क इसे बाज़ार में मज़बूत बनाए हुए हैं।


📝 निष्कर्ष: Pepperfry की राह में नई ऊर्जा

Pepperfry की यह ताज़ा फंडिंग कंपनी को आने वाले समय में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद कर सकती है। जहां एक ओर रेवेन्यू में गिरावट चिंता का विषय है, वहीं घाटे में आई कमी और मौजूदा निवेशकों का दोबारा भरोसा दिखाना कंपनी की लंबी दौड़ के संकेत हैं।

2025 में कंपनी के सामने कुछ प्रमुख चुनौतियां होंगी:

  • 🧾 मुनाफा कमाना
  • 🏙️ छोटे शहरों में विस्तार
  • 🧑‍💻 टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स को और बेहतर बनाना

यदि Pepperfry इन क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करता है, तो यह आने वाले वर्षों में भारत का सर्वश्रेष्ठ फर्नीचर ब्रांड बन सकता है।


🔗 ऐसी ही स्टार्टअप फंडिंग और ग्रोथ की हिंदी में ताज़ा जानकारी के लिए जुड़े रहिए [FundingRaised.in] के साथ — जहां मिलती हैं देश की सबसे रोचक बिज़नेस कहानियाँ, आपकी अपनी भाषा में।

read more :Udaan ने $114 मिलियन में सीरीज़ G राउंड किया पूरा,