🚀 PayU India ने दिखाई दमदार ग्रोथ H1 FY26 में 20% Revenue Jump, UPI से मिला बड़ा बूस्ट

PayU

भारत का डिजिटल पेमेंट्स इकोसिस्टम तेज़ी से बदल रहा है—और इस बदलाव के केंद्र में है PayU India, Prosus की प्रमुख फिनटेक यूनिट। कंपनी ने FY26 के पहले छह महीनों (H1 FY26) में शानदार प्रदर्शन करते हुए 20% साल-दर-साल रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। सबसे बड़ी बात—PayU का EBITDA मार्जिन जहां पिछले साल -6% था, वहीं इस बार कंपनी ब्रेक-ईवन पर पहुंच गई है और Q2 FY26 में प्रोफिटेबल हो गई है! 💰📈

Prosus की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, PayU India ने H1 FY26 में $397 मिलियन रेवेन्यू कमाया, जबकि H1 FY25 में यह आंकड़ा $331 मिलियन था।


💳 UPI है असली हीरो: Payments बिज़नेस में 20% ग्रोथ

PayU का मेन बिज़नेस—पेमेंट्स—इस ग्रोथ का सबसे बड़ा ड्राइवर रहा। कंपनी ने इस वर्टिकल में 20% बढ़ोतरी दर्ज की और H1 FY26 में $301 मिलियन कमाए।

⭐ किस वजह से बढ़ा PayU का Payments Revenue?

  • 📌 55% उछाल पेमेंट ट्रांजैक्शंस में
  • 📌 UPI की जबरदस्त रफ्तार
  • 📌 Value-added services (VAS) में तेज़ ग्रोथ
  • 📌 Fraud risk, authentication और सुरक्षा सेवाओं की बढ़ती डिमांड

सबसे खास—PayU के पेमेंट्स बिज़नेस का 34% रेवेन्यू अब हाई-मार्जिन VAS & SaaS लेयर्स से आता है। यानी कंपनी सिर्फ पेमेंट्स नहीं, बल्कि स्मार्ट पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बेच रही है।


💼 Credit Business भी पटरी पर — H1 FY26 में 17% Growth

PayU का क्रेडिट वर्टिकल भी अब मजबूत हो रहा है। H1 FY26 में कंपनी ने $96 मिलियन रेवेन्यू कमाया, जो सालाना आधार पर 17% अधिक है।

🔑 क्या बदला?

  • PayU ने अपना पूरा मॉडल asset-light embedded lending पर शिफ्ट किया
  • नए loan-origination इंजन की वजह से loan disbursals बढ़े
  • H1 FY26 में PayU ने $651 मिलियन के लोन originate किए
  • यह वर्टिकल Q2 FY26 में ब्रेक-ईवन पर पहुंच गया

लगातार घाटे में चल रहा यह सेगमेंट अब मजबूती से turnaround कर रहा है। 🔄💸


🏦 UPI में बड़ा दांव: Mindgate में 70.7% हिस्सेदारी

PayU ने UPI इकोसिस्टम पर अपना फोकस और मजबूत किया है। कंपनी ने UPI इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर Mindgate में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 70.7% कर ली है।

Mindgate, SBI और HDFC जैसी बड़ी बैंकों का UPI सिस्टम चलाता है और हर महीने करीब 10 बिलियन real-time transactions प्रोसेस करता है।

PayU ने नए UPINXT प्लेटफॉर्म की भी लॉन्चिंग की है, जो बैंकों और मर्चेंट्स के लिए issuing और acquiring दोनों को आसान बनाता है।

यह कदम PayU को भारत के UPI इकोसिस्टम में सबसे मजबूत प्लेयर्स में शामिल कर रहा है। 🇮🇳📲


🤝 Swiggy, Meesho जैसे बड़े पार्टनर जुड़े

PayU सिर्फ ऑनलाइन पेमेंट्स तक सीमित नहीं रहना चाहता। कंपनी अब अपने नेटवर्क को और बड़ा कर रही है और SMBs, ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी इकोसिस्टम में साझेदारी बढ़ा रही है।

PayU के नए पार्टनर:

  • 🍔 Swiggy
  • 🛍️ Meesho
  • 🏪 लघु व्यापारियों का SMB नेटवर्क

इन पार्टनरशिप्स से PayU के पेमेंट वॉल्यूम और बिज़नेस वर्टिकल दोनों तेजी से बढ़ेंगे।


🏛️ RBI से बड़ा लाइसेंस — Payment Aggregator Authorisation

PayU को हाल ही में RBI से integrated authorisation मिली है। इसके बाद अब PayU:

  • ✔️ Online payments
  • ✔️ Offline payments
  • ✔️ Cross-border transactions

तीनों के लिए आधिकारिक रूप से Payment Aggregator के रूप में काम कर सकता है।

यह लाइसेंस PayU की भारत में लंबे समय की रणनीति को मजबूत करता है और इसे फिनटेक सेक्टर में और बड़ा खिलाड़ी बनाता है।


📊 FY25 का प्रदर्शन: Revenue $694M, Losses कम

PayU ने FY25 में:

  • 💵 $694 मिलियन रेवेन्यू कमाया
  • 📉 $45 मिलियन का operating loss रिपोर्ट किया

लेकिन H1 FY26 में कंपनी EBITDA ब्रेक-ईवन पर पहुंच गई है—जो एक बड़ा टर्निंग पॉइंट है।

📈 Margin Improvement

  • Payments unit: 5% adjusted EBITDA margin
  • Credit business: -20% से -3% तक सुधार

PayU का ओवरऑल फाइनेंशियल हेल्थ काफी तेजी से सुधर रहा है।


🔍 निष्कर्ष: PayU India का मजबूत भविष्य

तेज़ी से बढ़ता UPI, बढ़ती पार्टनरशिप्स, हाई-मार्जिन SaaS लेयर्स और Mindgate में बड़ी हिस्सेदारी—इन सभी वजहों से PayU India आने वाले समय में भारतीय फिनटेक के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक बनने की दिशा में बढ़ रहा है।

कंपनी पहले ही FY26 की शुरुआत में ब्रेक-ईवन हो चुकी है—और इसका फोकस सिर्फ पेमेंट्स ही नहीं, बल्कि डिजिटल इकोनॉमी की पूरी value chain पर है।

➡️ UPI + SaaS + Credit + Infra = PayU की अगली ग्रोथ वेव।

Read more : Clear (पूर्व में ClearTax) ने FY25 में दिखाई दमदार ग्रोथ 30% Revenue Jump, Losses Stable

💸 PayU को IPO से पहले मिला ₹303 करोड़ का नया निवेश,

PayU

डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफॉर्म PayU ने अपने पेरेंट ग्रुप Prosus से ₹303 करोड़ (लगभग $35.6 मिलियन) का ताज़ा निवेश हासिल किया है। यह निवेश MIH Payments Holdings B.V. (Prosus की निवेश इकाई) के ज़रिए हुआ है, और यह PayU की आगामी IPO योजना की तैयारी के संकेत देता है।

🏦 लगातार हो रहा है पूंजी का प्रवाह

इस साल की शुरुआत में ही Prosus ने दो हिस्सों में ₹1,013 करोड़ का निवेश PayU में किया था। ताज़ा निवेश को मिलाकर अब Prosus द्वारा कुल निवेश ₹1,316 करोड़ से अधिक हो गया है।

रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ (RoC) से प्राप्त दस्तावेज़ों के अनुसार, PayU के बोर्ड ने ₹62.21 प्रति शेयर की कीमत पर 4,86,88,258 इक्विटी शेयर राइट्स इश्यू के तहत आवंटित किए हैं, जिससे कंपनी को यह नई पूंजी प्राप्त हुई है।

✅ मिला RBI से Payment Aggregator लाइसेंस

PayU को हाल ही में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) से ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में संचालन की अंतिम मंज़ूरी मिल गई है। इस लाइसेंस के तहत अब कंपनी नए मर्चेंट्स को ऑनबोर्ड कर सकती है, जिससे उसके व्यापार का विस्तार और तेज़ हो सकता है।

यह मंजूरी PayU के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि RBI द्वारा पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस प्राप्त करना एक कठोर प्रक्रिया है, और इससे कंपनी को अपने व्यवसाय को अधिक भरोसेमंद तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

🧱 कंपनी का इतिहास और विस्तार

PayU की स्थापना 2002 में Nitin Gupta, Shailaz Nag, Jose Velez, Martin Schrimpff, Arjan Bakker, और Grzegorz Brochocki ने मिलकर की थी। कंपनी मुख्य रूप से ऑनलाइन व्यापारों को पेमेंट गेटवे समाधान प्रदान करती है और इसके पास अत्याधुनिक तकनीकी ढांचा है।

भारत में PayU 500,000 से अधिक मर्चेंट्स को सेवा दे रही है। यह तीन प्रमुख क्षेत्रों – पेमेंट्स, क्रेडिट और PayTech – में काम करती है और हर महीने लगभग 13,000 नए मर्चेंट्स को जोड़ रही है।

📈 IPO की तैयारी और रणनीति

PayU ने पिछले वर्ष IPO लाने की योजना बनाई थी, लेकिन बाज़ार स्थितियों और रणनीतिक पुन:मूल्यांकन के चलते इसे 2025 के अंत तक टाल दिया गया है। मौजूदा फंडिंग इस IPO योजना का हिस्सा मानी जा रही है, जिससे कंपनी अपनी बैलेंसशीट मजबूत बना रही है और ऑपरेशनल विस्तार को और गति देने की तैयारी में है।

Prosus की वार्षिक रिपोर्ट FY25 के अनुसार, कंपनी ने इस वर्ष Mindgate Solutions में 43.5% रणनीतिक हिस्सेदारी भी खरीदी है। यह अधिग्रहण PayU की PayTech क्षमताओं को और अधिक व्यापक बनाएगा।

📊 वित्तीय प्रदर्शन: FY25 में हुई मजबूत वृद्धि

वित्त वर्ष 2025 में, PayU के भारत में पेमेंट्स व्यवसाय ने 12% की वृद्धि दर्ज की और इसका राजस्व $498 मिलियन तक पहुंचा। वहीं कंपनी की कुल वैश्विक आय $669 मिलियन रही, जो पिछले वर्ष से 21% अधिक है।

हालांकि, कंपनी का समायोजित EBIT मार्जिन -7% रहा, जिसका कारण संभावित रूप से तकनीकी निवेश, मर्चेंट ऑनबोर्डिंग खर्च और विस्तार योजनाएं हो सकती हैं।

🧭 रणनीतिक निवेश और आगे की राह

PayU के द्वारा Mindgate Solutions में की गई रणनीतिक हिस्सेदारी यह दर्शाती है कि कंपनी अब सिर्फ पेमेंट गेटवे तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वह B2B पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर, UPI प्रोसेसिंग और बैंकिंग सॉल्यूशंस में भी गहरी पकड़ बनाना चाहती है।

यह रणनीति न केवल PayU को भारत में ज़्यादा प्रतिस्पर्धी बनाएगी, बल्कि इसे SE Asia और MENA क्षेत्र में भी विस्तार करने का मौका दे सकती है।

📌 निष्कर्ष: IPO से पहले मजबूत नींव की तैयारी

Prosus का बार-बार निवेश यह साबित करता है कि कंपनी अपने पोर्टफोलियो में PayU को लेकर गंभीर है। RBI से मिली मंजूरी, बढ़ता व्यापार, और रणनीतिक अधिग्रहण – ये सभी संकेत देते हैं कि PayU 2025 के अंत तक IPO लाने की दिशा में पूरी तरह तैयार हो रही है

PayU की आने वाली तिमाहियों में प्राथमिकता होगी:

  • ऑपरेशनल घाटा कम करना
  • अधिक मर्चेंट ऑनबोर्ड करना
  • PayTech सॉल्यूशंस का विस्तार
  • IPO से पहले निवेशकों का विश्वास और मजबूत करना

📰 www.fundingraised.in पर जुड़ें स्टार्टअप, फिनटेक और वेंचर फंडिंग की हर ताज़ा अपडेट के लिए।
📥 हमें फॉलो करें – जहां हर इन्वेस्टमेंट, हर रणनीति की खबर सबसे पहले मिलती है।

read more :🚀भारतीय स्टार्टअप्स फंडिंग राउंडअप 17 स्टार्टअप्स ने जुटाए $95 मिलियन,

PayU ने Mindgate Solutions में लिया 43.5% रणनीतिक हिस्सा,

PayU

डिजिटल पेमेंट और फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी PayU ने रियल-टाइम पेमेंट्स टेक कंपनी Mindgate Solutions में 43.5% हिस्सेदारी खरीद ली है। इस रणनीतिक साझेदारी से PayU भारत में अपने रियल-टाइम पेमेंट्स बिजनेस को मजबूत करेगा और Mindgate की विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए वैश्विक स्तर पर डिजिटल भुगतान इनोवेशन को बढ़ावा देगा।

इस डील के तहत, Mindgate Solutions के संस्थापक कंपनी में बहुसंख्यक हिस्सेदारी (Majority Ownership) बनाए रखेंगे, जबकि PayU एक महत्वपूर्ण निवेशक के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करेगा।


PayU और Mindgate की साझेदारी का महत्व

PayU का यह निवेश भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम का हिस्सा बनने की दिशा में एक अहम कदम है।

  • UPI (Unified Payments Interface) जैसे इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम, जिसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने विकसित किया है, भारत में डिजिटल लेनदेन को तेजी से बढ़ावा दे रहे हैं।
  • NPCI अब UPI को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने पर ध्यान दे रहा है, और इस विस्तार में Mindgate महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
  • Mindgate भारत के अग्रणी बैंकों को रियल-टाइम पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराता है, जिससे डिजिटल भुगतान को और अधिक सुरक्षित और तेज बनाया जा सके।

P2M ट्रांजेक्शन में बढ़त

भारत में पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजेक्शन डिजिटल भुगतान का सबसे बड़ा सेगमेंट बन चुका है।

  • UPI लेनदेन में P2M ट्रांजेक्शन का हिस्सा लगभग 60% तक पहुंच गया है।
  • यह पार्टनरशिप बैंकों और व्यापारियों (Merchants) को उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों के अनुसार बेहतर डिजिटल पेमेंट विकल्प प्रदान करने में मदद करेगी।

Mindgate का मजबूत नेटवर्क और PayU का वैश्विक विस्तार

Mindgate Solutions हर महीने 8 बिलियन से अधिक ट्रांजेक्शन को प्रोसेस करता है और भारत के प्रमुख बैंकों को डिजिटल भुगतान समाधान उपलब्ध कराता है।

Mindgate का नेटवर्क अब मिडिल ईस्ट एंड नॉर्थ अफ्रीका (MENA), एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस (ASEAN), यूरोप और अमेरिका तक फैल रहा है।

PayU, जो पहले से ही वित्तीय प्रौद्योगिकी व्यवसाय (PayTech Business) Wibmo के माध्यम से वैश्विक स्तर पर विस्तार कर रहा है, Mindgate की विशेषज्ञता का उपयोग करके अपनी अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी और मजबूत करेगा।


PayU की IPO योजना और पिछली प्रमुख डील्स

PayU की यह डील ऐसे समय पर आई है जब कंपनी अपने IPO की योजना बना रही है

  • PayU का लक्ष्य 2025 की दूसरी छमाही में सार्वजनिक लिस्टिंग (IPO) लाना है।
  • इससे पहले, PayU ने भारतीय फिनटेक कंपनी PaySense का अधिग्रहण किया था और उसे 2020 में अपने क्रेडिट प्लेटफॉर्म LazyPay के साथ मर्ज कर दिया।
  • PayU ने फिनटेक कंपनी BillDesk को $4.7 बिलियन में खरीदने का प्रयास किया था, लेकिन कुछ शर्तें पूरी न होने की वजह से यह डील फेल हो गई।

क्या है PayU और Mindgate के लिए भविष्य की संभावनाएं?

1. भारत में डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम को बढ़ावा

  • इस साझेदारी से UPI और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों की पहुंच और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
  • बैंक और व्यापारी बेहतर पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ उठा सकेंगे

2. वैश्विक स्तर पर विस्तार

  • PayU और Mindgate अब एशिया, यूरोप, अमेरिका और MENA क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने पर ध्यान देंगे
  • PayU की Wibmo PayTech प्लेटफॉर्म के साथ Mindgate की सेवाओं का एकीकरण इसे वैश्विक स्तर पर अग्रणी डिजिटल पेमेंट कंपनियों में शामिल कर सकता है।

3. IPO और निवेशकों के लिए नई संभावनाएं

  • PayU के IPO की योजना निवेशकों के लिए नए अवसर खोलेगी और डिजिटल भुगतान क्षेत्र में नए निवेश को आकर्षित करेगी

निष्कर्ष: PayU और Mindgate की साझेदारी से भारत और वैश्विक डिजिटल भुगतान क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा

PayU द्वारा Mindgate में 43.5% हिस्सेदारी खरीदने की यह डील भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल भुगतान बाजार में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस साझेदारी से:

PayU का भारत में डिजिटल पेमेंट सेगमेंट में दबदबा बढ़ेगा।
बैंकों और व्यापारियों को बेहतर और सुरक्षित भुगतान समाधान मिलेंगे।
UPI के वैश्विक विस्तार में Mindgate की भूमिका और अधिक मजबूत होगी।
PayU के IPO की संभावनाएं और आकर्षक बनेंगी।

भारत में डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ रहा है, और इस डील से न केवल PayU बल्कि पूरी डिजिटल फिनटेक इंडस्ट्री को अगले स्तर पर ले जाने का मौका मिलेगा। 🚀

Read more :HRTech स्टार्टअप ZingHR की जबरदस्त ग्रोथ,

PayU ने टाली IPO योजना, FY26 में हो सकता है पब्लिक लिस्टिंग

PayU

PayU, जो डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफ़ॉर्म है और Prosus के स्वामित्व में है, ने अपनी प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) की योजना को इस वित्तीय वर्ष में स्थगित कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, PayU इस साल या 2024 के दूसरे छमाही में अपने IPO की योजना बना रहा था, लेकिन अब इसे अगले वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के बाद लाने पर विचार कर रहा है।

कंपनी की IPO योजना

PayU पिछले कुछ वर्षों से अपने IPO की योजना बना रही थी, लेकिन कंपनी को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से भुगतान एग्रीगेटर लाइसेंस वापस मिलने के बाद इसे टाल दिया गया। कंपनी ने अप्रैल 2024 में यह लाइसेंस फिर से प्राप्त कर लिया, जिसके बाद उसने नए व्यापारियों को ऑनबोर्ड करना शुरू कर दिया है। इससे पहले, जनवरी 2023 से अप्रैल 2024 के बीच व्यापारियों का ऑनबोर्डिंग प्रतिबंधित कर दिया गया था।

Goldman Sachs बनी प्रमुख बैंकिंग पार्टनर

सूत्रों के अनुसार, PayU ने Goldman Sachs को अपने IPO के लिए मुख्य बैंकिंग पार्टनर के रूप में चुना है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को दायर नहीं किया है, लेकिन संभावना है कि 2025 की शुरुआत में इसे दाखिल किया जाएगा। इससे पहले कंपनी अपने कॉर्पोरेट ढांचे को और मजबूत करने में व्यस्त थी ताकि सार्वजनिक लिस्टिंग की प्रक्रिया को आसानी से अंजाम दिया जा सके।

PayU की भारतीय बाजार में स्थिति

भारत में PayU ने एक मजबूत स्थिति बनाई है। कंपनी के पास तीन प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों – पेमेंट्स, क्रेडिट, और PayTech में 500,000 से अधिक व्यापारी हैं। कंपनी हर साल $60 बिलियन से अधिक का ट्रांजैक्शन वॉल्यूम जनरेट करने का दावा करती है। हालांकि, FY23 के मुकाबले FY24 में कंपनी की राजस्व वृद्धि केवल 11% रही और उसका राजस्व $444 मिलियन तक पहुंचा।

धीमी वृद्धि और वित्तीय चुनौतियाँ

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में गिरावट का मुख्य कारण RBI की पाबंदी रही, जिसके कारण नए व्यापारियों को ऑनबोर्ड नहीं किया जा सका। इसके अलावा, FY24 में कंपनी ने नुकसान झेला। यह धीमी वृद्धि और नकारात्मक मार्जिन कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण रहे हैं, और यह भी एक कारण है कि PayU ने अपने IPO को स्थगित कर दिया है।

RBI की पाबंदी और पुनः लाइसेंस प्राप्ति

PayU की IPO योजना को उस समय झटका लगा जब RBI ने उसकी जटिल कॉर्पोरेट संरचना के कारण भुगतान एग्रीगेटर लाइसेंस वापस कर दिया था। हालांकि, अप्रैल 2024 में यह लाइसेंस वापस मिलने के बाद, कंपनी ने अपनी सेवाओं को फिर से चालू कर दिया है और नए व्यापारियों को जोड़ना शुरू किया है। इस लाइसेंस की प्राप्ति के बाद कंपनी ने अपने विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया है और IPO के लिए खुद को तैयार किया है।

आगे की योजना

सूत्रों के अनुसार, PayU ने अपनी IPO योजना को इस वित्तीय वर्ष से आगे बढ़ा दिया है और अब इसका लक्ष्य है कि FY26 के पहले तिमाही के बाद पब्लिक लिस्टिंग की जाए। यह कदम कंपनी को अपने वित्तीय प्रदर्शन को सुधारने और राजस्व में तेजी लाने का समय देगा। कंपनी ने अपने वित्तीय ढांचे को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, और उम्मीद है कि आने वाले समय में इसका प्रदर्शन बेहतर होगा।

PayU का वैश्विक विस्तार

PayU केवल भारत में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी ने विभिन्न देशों में अपने पेमेंट सॉल्यूशंस का विस्तार किया है और वित्तीय सेवाओं में अपने पैर पसार रही है। PayU का फोकस उभरते बाजारों पर है, जहां डिजिटल पेमेंट्स और क्रेडिट सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। कंपनी अपनी सेवाओं को और भी अधिक व्यापारियों तक पहुंचाने की योजना बना रही है, जो इसके राजस्व को बढ़ाने में मदद करेगी।

वित्तीय प्रदर्शन और चुनौतियाँ

PayU ने FY23 में बेहतर प्रदर्शन किया था, लेकिन RBI की पाबंदी और नए व्यापारियों को जोड़ने पर रोक के कारण FY24 में इसका प्रदर्शन धीमा रहा। कंपनी की राजस्व वृद्धि केवल 11% रही और इसका कुल राजस्व $444 मिलियन तक पहुंचा। इसके अलावा, कंपनी को नकारात्मक मार्जिन का भी सामना करना पड़ा, जिससे उसकी लाभप्रदता प्रभावित हुई।

निष्कर्ष

PayU की IPO योजना को स्थगित करना कंपनी के लिए एक रणनीतिक कदम है, जिससे वह अपने वित्तीय प्रदर्शन को सुधारने और बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने का समय हासिल कर सके। कंपनी ने Goldman Sachs जैसे प्रमुख बैंकों के साथ मिलकर अपने IPO की तैयारी शुरू कर दी है और उम्मीद है कि 2025 की शुरुआत में वह DRHP दायर करेगी। भारतीय बाजार में PayU की मजबूत स्थिति और उसके व्यापारियों का बढ़ता आधार इसे भविष्य में और भी अधिक सफलता की ओर ले जा सकता है।

Read More : 8i Ventures की M2P Fintech से 12x रिटर्न के साथ पूरी निकासी: एक बड़ी उपलब्धि