भारत का डिजिटल पेमेंट्स इकोसिस्टम तेज़ी से बदल रहा है—और इस बदलाव के केंद्र में है PayU India, Prosus की प्रमुख फिनटेक यूनिट। कंपनी ने FY26 के पहले छह महीनों (H1 FY26) में शानदार प्रदर्शन करते हुए 20% साल-दर-साल रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। सबसे बड़ी बात—PayU का EBITDA मार्जिन जहां पिछले साल -6% था, वहीं इस बार कंपनी ब्रेक-ईवन पर पहुंच गई है और Q2 FY26 में प्रोफिटेबल हो गई है! 💰📈
Prosus की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, PayU India ने H1 FY26 में $397 मिलियन रेवेन्यू कमाया, जबकि H1 FY25 में यह आंकड़ा $331 मिलियन था।
💳 UPI है असली हीरो: Payments बिज़नेस में 20% ग्रोथ
PayU का मेन बिज़नेस—पेमेंट्स—इस ग्रोथ का सबसे बड़ा ड्राइवर रहा। कंपनी ने इस वर्टिकल में 20% बढ़ोतरी दर्ज की और H1 FY26 में $301 मिलियन कमाए।
⭐ किस वजह से बढ़ा PayU का Payments Revenue?
- 📌 55% उछाल पेमेंट ट्रांजैक्शंस में
- 📌 UPI की जबरदस्त रफ्तार
- 📌 Value-added services (VAS) में तेज़ ग्रोथ
- 📌 Fraud risk, authentication और सुरक्षा सेवाओं की बढ़ती डिमांड
सबसे खास—PayU के पेमेंट्स बिज़नेस का 34% रेवेन्यू अब हाई-मार्जिन VAS & SaaS लेयर्स से आता है। यानी कंपनी सिर्फ पेमेंट्स नहीं, बल्कि स्मार्ट पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बेच रही है।
💼 Credit Business भी पटरी पर — H1 FY26 में 17% Growth
PayU का क्रेडिट वर्टिकल भी अब मजबूत हो रहा है। H1 FY26 में कंपनी ने $96 मिलियन रेवेन्यू कमाया, जो सालाना आधार पर 17% अधिक है।
🔑 क्या बदला?
- PayU ने अपना पूरा मॉडल asset-light embedded lending पर शिफ्ट किया
- नए loan-origination इंजन की वजह से loan disbursals बढ़े
- H1 FY26 में PayU ने $651 मिलियन के लोन originate किए
- यह वर्टिकल Q2 FY26 में ब्रेक-ईवन पर पहुंच गया
लगातार घाटे में चल रहा यह सेगमेंट अब मजबूती से turnaround कर रहा है। 🔄💸
🏦 UPI में बड़ा दांव: Mindgate में 70.7% हिस्सेदारी
PayU ने UPI इकोसिस्टम पर अपना फोकस और मजबूत किया है। कंपनी ने UPI इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर Mindgate में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 70.7% कर ली है।
Mindgate, SBI और HDFC जैसी बड़ी बैंकों का UPI सिस्टम चलाता है और हर महीने करीब 10 बिलियन real-time transactions प्रोसेस करता है।
PayU ने नए UPINXT प्लेटफॉर्म की भी लॉन्चिंग की है, जो बैंकों और मर्चेंट्स के लिए issuing और acquiring दोनों को आसान बनाता है।
यह कदम PayU को भारत के UPI इकोसिस्टम में सबसे मजबूत प्लेयर्स में शामिल कर रहा है। 🇮🇳📲
🤝 Swiggy, Meesho जैसे बड़े पार्टनर जुड़े
PayU सिर्फ ऑनलाइन पेमेंट्स तक सीमित नहीं रहना चाहता। कंपनी अब अपने नेटवर्क को और बड़ा कर रही है और SMBs, ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी इकोसिस्टम में साझेदारी बढ़ा रही है।
PayU के नए पार्टनर:
- 🍔 Swiggy
- 🛍️ Meesho
- 🏪 लघु व्यापारियों का SMB नेटवर्क
इन पार्टनरशिप्स से PayU के पेमेंट वॉल्यूम और बिज़नेस वर्टिकल दोनों तेजी से बढ़ेंगे।
🏛️ RBI से बड़ा लाइसेंस — Payment Aggregator Authorisation
PayU को हाल ही में RBI से integrated authorisation मिली है। इसके बाद अब PayU:
- ✔️ Online payments
- ✔️ Offline payments
- ✔️ Cross-border transactions
तीनों के लिए आधिकारिक रूप से Payment Aggregator के रूप में काम कर सकता है।
यह लाइसेंस PayU की भारत में लंबे समय की रणनीति को मजबूत करता है और इसे फिनटेक सेक्टर में और बड़ा खिलाड़ी बनाता है।
📊 FY25 का प्रदर्शन: Revenue $694M, Losses कम
PayU ने FY25 में:
- 💵 $694 मिलियन रेवेन्यू कमाया
- 📉 $45 मिलियन का operating loss रिपोर्ट किया
लेकिन H1 FY26 में कंपनी EBITDA ब्रेक-ईवन पर पहुंच गई है—जो एक बड़ा टर्निंग पॉइंट है।
📈 Margin Improvement
- Payments unit: 5% adjusted EBITDA margin
- Credit business: -20% से -3% तक सुधार
PayU का ओवरऑल फाइनेंशियल हेल्थ काफी तेजी से सुधर रहा है।
🔍 निष्कर्ष: PayU India का मजबूत भविष्य
तेज़ी से बढ़ता UPI, बढ़ती पार्टनरशिप्स, हाई-मार्जिन SaaS लेयर्स और Mindgate में बड़ी हिस्सेदारी—इन सभी वजहों से PayU India आने वाले समय में भारतीय फिनटेक के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक बनने की दिशा में बढ़ रहा है।
कंपनी पहले ही FY26 की शुरुआत में ब्रेक-ईवन हो चुकी है—और इसका फोकस सिर्फ पेमेंट्स ही नहीं, बल्कि डिजिटल इकोनॉमी की पूरी value chain पर है।
➡️ UPI + SaaS + Credit + Infra = PayU की अगली ग्रोथ वेव।
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