भारत का प्रमुख प्रोडक्ट डिस्कवरी और ट्रायल प्लेटफॉर्म Smytten अपने खर्चों पर बेहतर नियंत्रण के कारण घाटे को कम करने में सफल रहा है। हालांकि, FY25 (वित्त वर्ष 2024-25) के दौरान कंपनी का राजस्व घटने से यह साफ संकेत मिलता है कि Smytten के लिए सस्टेनेबल ग्रोथ की राह अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
📊 Smytten राजस्व में गिरावट
कंपनी के प्रोविजनल फाइनेंशियल स्टेटमेंट के अनुसार, FY25 में Smytten का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 10.5% घटकर 111 करोड़ रुपये पर आ गया, जबकि FY24 में यह 124 करोड़ रुपये था।
Smytten की मुख्य आय प्रोडक्ट ट्रायल्स और डी2सी (D2C) व एफएमसीजी (FMCG) ब्रांड्स को दी जाने वाली allied services से होती है। इसके अलावा कंपनी ब्रांड प्रमोशन और पार्टनरशिप्स से भी कमाई करती है। हालांकि, FY25 के राजस्व का विस्तृत ब्रेकअप कंपनी ने सार्वजनिक नहीं किया।
💰 खर्चों पर सख्त नियंत्रण
FY25 में Smytten ने अपने खर्चों में बड़ी कटौती की है।
- मैटेरियल कॉस्ट (सबसे बड़ा खर्चा) 17% घटकर 58 करोड़ रुपये रह गया, जो FY24 में 70 करोड़ रुपये था।
- कर्मचारी खर्च 9% घटकर 20 करोड़ रुपये पर आ गया।
- मार्केटिंग, टेक्नोलॉजी और अन्य ऑपरेशनल खर्चों का ब्योरा कंपनी ने साझा नहीं किया।
कुल मिलाकर, कंपनी ने FY25 में अपने कुल खर्चों को 21% घटाकर 131 करोड़ रुपये कर लिया, जो FY24 में 165 करोड़ रुपये था।
📉 घाटे में 41% की कमी
खर्चों पर सख्ती का फायदा कंपनी के घाटे में दिखा।
- FY24 का घाटा: 40 करोड़ रुपये
- FY25 का घाटा: 23.5 करोड़ रुपये
यानी साल-दर-साल आधार पर Smytten ने 41% घाटा कम करने में सफलता पाई।
कंपनी का ROCE -76.92% और EBITDA मार्जिन -16.92% पर रहा।
यूनिट लेवल पर Smytten ने FY25 में हर 1 रुपये कमाने के लिए 1.18 रुपये खर्च किए।
🏦 बैलेंस शीट और एसेट्स
मार्च 2025 तक कंपनी के पास 67 करोड़ रुपये के करंट एसेट्स मौजूद थे। इसमें से 20 करोड़ रुपये कैश और बैंक बैलेंस शामिल है।
यह आंकड़े दिखाते हैं कि Smytten के पास ऑपरेशंस जारी रखने और नए प्रयोग करने के लिए पर्याप्त वर्किंग कैपिटल है।
🚀 अब तक की फंडिंग
स्टार्टअप डेटा प्लेटफॉर्म TheKredible के अनुसार, अब तक Smytten ने कुल $22 मिलियन (लगभग 180 करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटाई है।
इसके प्रमुख निवेशक हैं:
- Roots Ventures
- Fireside Ventures
कंपनी के को-फाउंडर्स सिद्धार्थ नांगिया और स्वगता सारंगी मिलकर 39.32% हिस्सेदारी के मालिक हैं।
🏢 कंपनी का बिज़नेस मॉडल
Smytten की खासियत यह है कि यह यूजर्स को फ्री या डिस्काउंटेड प्रोडक्ट ट्रायल्स ऑफर करता है।
यह प्लेटफॉर्म D2C और FMCG ब्रांड्स को उनके प्रोडक्ट्स को ग्राहकों तक पहुँचाने और नए ग्राहकों को आकर्षित करने में मदद करता है।
- ग्राहकों को नए प्रोडक्ट्स ट्राई करने का मौका मिलता है।
- ब्रांड्स को डायरेक्ट फीडबैक और कंज्यूमर इनसाइट्स मिलती हैं।
- Smytten इसी मॉडल से रेवेन्यू कमाता है।
⚖️ ग्रोथ बनाम प्रॉफिटेबिलिटी की चुनौती
हालाँकि Smytten घाटा कम करने में सफल रहा है, लेकिन राजस्व की गिरावट यह दिखाती है कि कंपनी अभी भी लॉन्ग-टर्म सस्टेनेबल ग्रोथ हासिल करने से दूर है।
मुख्य चुनौतियाँ:
- राजस्व में गिरावट रोकना
- मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी पर सही संतुलन बैठाना
- ब्रांड पार्टनरशिप्स को मजबूत करना
- लॉन्ग-टर्म यूनिट इकॉनॉमिक्स सुधारना
🌐 भविष्य की राह
Smytten को अब दो मोर्चों पर फोकस करना होगा:
- राजस्व बढ़ाना – अधिक FMCG और D2C ब्रांड्स को प्लेटफॉर्म से जोड़ना।
- कस्टमर एक्सपीरियंस बेहतर करना – ताकि यूजर्स बार-बार Smytten का इस्तेमाल करें।
साथ ही, मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताओं को देखते हुए कंपनी को अपने टेक-ड्रिवन मॉडल में और निवेश करना पड़ सकता है।
📝 निष्कर्ष
Smytten का FY25 प्रदर्शन मिश्रित संकेत देता है। एक ओर कंपनी ने खर्चों पर नियंत्रण रखकर घाटा घटाया है, तो दूसरी ओर राजस्व में गिरावट ने ग्रोथ की मुश्किलों को उजागर किया है।
अगर कंपनी आने वाले समय में राजस्व बढ़ाने की रणनीति पर ध्यान देती है और ब्रांड्स के साथ गहरे रिश्ते बनाती है, तो यह भारत के D2C और FMCG ट्रायल मार्केट में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रख सकती है।
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