भारत के EV और shared mobility सेक्टर से बड़ी खबर सामने आई है। B2B delivery और shared mobility प्लेटफॉर्म Zypp Electric ने वित्त वर्ष 2025 (FY25) में मजबूत ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी ने सालाना आधार पर 50% की वृद्धि हासिल करते हुए ₹400 करोड़ से अधिक का रेवेन्यू पार कर लिया है।
Registrar of Companies (RoC) से प्राप्त वित्तीय दस्तावेजों के अनुसार, Zypp Electric का ऑपरेशनल रेवेन्यू FY25 में बढ़कर ₹438 करोड़ हो गया, जो FY24 में ₹293 करोड़ था। यह ग्रोथ उस समय आई है जब EV सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और लागत का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
📦 डिलीवरी बिज़नेस बना ग्रोथ का इंजन
Zypp Electric एक EV-as-a-service प्लेटफॉर्म है, जो गिग वर्कर्स को इलेक्ट्रिक स्कूटर रेंट पर देने के साथ-साथ डिलीवरी सेवाएं भी प्रदान करता है।
कंपनी के कुल ऑपरेशनल रेवेन्यू में 74% हिस्सा डिलीवरी सेवाओं से आया। FY25 में डिलीवरी से आय 56% बढ़कर ₹323 करोड़ हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹207 करोड़ के आसपास थी।
वहीं, वाहन रेंटल से होने वाली आय 32% की वृद्धि के साथ ₹111 करोड़ तक पहुंच गई, जो FY24 में ₹84 करोड़ थी।
इसके अलावा कंपनी ने ब्याज आय से ₹11 करोड़ अर्जित किए, जिससे FY25 में कुल आय ₹449 करोड़ हो गई।
💸 खर्चों में तेज़ बढ़ोतरी
जहां एक ओर कंपनी ने टॉपलाइन ग्रोथ दिखाई, वहीं खर्चों में भी भारी इजाफा हुआ।
कंपनी के कुल खर्चों का 64% हिस्सा प्रोडक्शन, ट्रांसपोर्टेशन और अन्य ऑपरेशनल गतिविधियों (मुख्यतः राइडर्स के खर्च) पर गया। यह खर्च FY25 में 49% बढ़कर ₹355 करोड़ हो गया, जो FY24 में ₹238 करोड़ था।
कर्मचारी लाभ (Employee Benefit Expenses) में भी 43% की वृद्धि हुई और यह ₹67 करोड़ तक पहुंच गया। इसके अलावा, डिप्रिसिएशन (Depreciation) चार्ज ₹38.5 करोड़ रहा।
किराया, लीगल और अन्य ओवरहेड खर्चों को मिलाकर कंपनी का कुल व्यय FY25 में 42% बढ़कर ₹556 करोड़ हो गया, जो FY24 में ₹392 करोड़ था।
📉 घाटा बढ़ा, मार्जिन नेगेटिव
तेज़ रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद बढ़ती लागत के कारण कंपनी का घाटा भी बढ़ा है।
FY25 में Zypp Electric को ₹107.5 करोड़ का नुकसान हुआ, जो FY24 में ₹89.5 करोड़ था।
कंपनी का EBITDA मार्जिन -15.98% रहा, जबकि ROCE -52.16% पर रहा।
यूनिट इकॉनॉमिक्स की बात करें तो FY25 में कंपनी ने ₹1 कमाने के लिए ₹1.27 खर्च किए। यह संकेत देता है कि अभी भी बिज़नेस मॉडल को प्रॉफिटेबिलिटी की दिशा में और सुधार की जरूरत है।
💰 कैश पोज़िशन और फंडिंग अपडेट
FY25 के अंत तक कंपनी के पास ₹72.5 करोड़ का कैश और बैंक बैलेंस था। वहीं, इसके करंट एसेट्स ₹174.5 करोड़ रहे।
अब तक Zypp Electric लगभग $76.5 मिलियन की फंडिंग जुटा चुकी है, जिसमें जापान की ऊर्जा कंपनी ENEOS Group प्रमुख निवेशक है।
हाल ही में, गुरुग्राम स्थित यह कंपनी अपने जारी Series C राउंड के तहत ₹55.4 करोड़ (लगभग $6.5 मिलियन) 16 निवेशकों से जुटा रही है। यह फंडिंग कंपनी को अपने बेड़े (fleet) के विस्तार और टेक्नोलॉजी अपग्रेड में मदद करेगी।
🏍️ प्रतिस्पर्धा में Yulu की एंट्री
EV mobility स्पेस में Zypp Electric को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिद्वंद्वी Yulu ने FY25 में 98% की सालाना वृद्धि के साथ ₹237.4 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया।
हालांकि Yulu का घाटा 12% घटकर ₹126 करोड़ रह गया, जो FY24 में ₹142.8 करोड़ था।
इस तुलना से स्पष्ट है कि सेक्टर में कंपनियां तेज़ी से स्केल कर रही हैं, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
🔍 बड़ा संकेत क्या है?
Zypp Electric के FY25 नतीजे यह दर्शाते हैं कि B2B EV डिलीवरी और shared mobility मॉडल में मांग मजबूत बनी हुई है। खासकर ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स कंपनियों की बढ़ती जरूरतों ने EV डिलीवरी सेवाओं को गति दी है।
हालांकि, बढ़ती लागत और ऑपरेशनल खर्चों ने मार्जिन पर दबाव डाला है।
सेक्टर अब सिर्फ ग्रोथ नहीं, बल्कि सस्टेनेबल ग्रोथ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। निवेशक भी अब यूनिट इकॉनॉमिक्स और मार्जिन सुधार पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
📌 निष्कर्ष
Zypp Electric ने FY25 में ₹438 करोड़ का ऑपरेशनल रेवेन्यू हासिल कर 50% की मजबूत वृद्धि दर्ज की है। लेकिन खर्चों में तेज़ बढ़ोतरी के कारण घाटा भी बढ़ गया है।
EV डिलीवरी स्पेस में प्रतिस्पर्धा तेज़ है और कंपनियों के सामने स्केल के साथ-साथ प्रॉफिटेबिलिटी का संतुलन बनाना बड़ी चुनौती है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या Zypp Electric अपने मजबूत ग्रोथ मोमेंटम को बनाए रखते हुए घाटे को कम कर पाती है या नहीं।
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