नवंबर 2025 में डिजिटल गोल्ड की ऑनलाइन खरीदारी के रुझानों में दिलचस्प बदलाव देखने को मिला। जहां एक तरफ UPI के जरिए गोल्ड खरीदने वाले लोगों की संख्या बढ़ी, वहीं दूसरी तरफ कुल लेनदेन मूल्य (Value) लगभग आधा होकर गिर गया। यह दर्शाता है कि उपयोगकर्ताओं की भागीदारी बढ़ी है मगर वे पहले की तुलना में कम मूल्य का सोना खरीद रहे हैं।
NPCI द्वारा जारी ताज़ा डेटा से पता चलता है कि त्योहारों के बाद खरीदारी का औसत टिकट साइज़ काफी गिरा है।
📊 डिजिटल गोल्ड UPI ट्रांजैक्शंस: नवंबर का पूरा आंकड़ा
नवंबर 2025 में डिजिटल गोल्ड खरीदारी के आंकड़े कुछ इस प्रकार रहे:
- कुल ट्रांजैक्शंस (Volume): 123.42 मिलियन
- कुल मूल्य (Value): ₹1,215.36 करोड़
यह अक्टूबर की तुलना में:
- 6.4% ज्यादा वॉल्यूम
- 47% कम वैल्यू
अक्टूबर में 2,290.36 करोड़ रुपये का डिजिटल गोल्ड खरीदा गया था, जो नवंबर में लगभग आधा रह गया।
🎎 त्योहारों का असर खत्म, खरीदारी सामान्य स्तर पर
अक्टूबर 2025 का महीना दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के बीच आता है, जब सोना खरीदने की परंपरा सबसे ज्यादा देखी जाती है।
इसी वजह से अक्टूबर में:
- लेनदेन की संख्या भी ऊंची थी
- और औसत टिकट साइज़ भी बड़ा था
नवंबर में त्योहारों का असर खत्म होते ही उपभोक्ताओं की खरीदारी छोटी रकम पर आ गई। यानि लोग सोना तो खरीद रहे हैं, पर कम मात्रा में।
📉 सितंबर की तुलना में दिलचस्प पैटर्न
सितंबर 2025 में:
- 103.19 मिलियन ट्रांजैक्शंस
- ₹1,410.18 करोड़ की वैल्यू
नवंबर की तुलना:
- वॉल्यूम 20% ज्यादा
- मगर वैल्यू कम
इससे साफ है कि लोग ज्यादा लेनदेन तो कर रहे हैं, लेकिन छोटी राशि में। यह बदलाव उपभोक्ता व्यवहार में स्पष्ट ट्रेंड की ओर इशारा करता है।
⚠️ SEBI की चेतावनी का भी पड़ा असर?
नवंबर में ट्रांजैक्शन वैल्यू में आई तेज गिरावट का एक कारण SEBI की हालिया चेतावनी भी हो सकती है।
SEBI ने कहा था:
- डिजिटल गोल्ड अनियमित (Unregulated) उत्पाद है
- यह SEBI के दायरे में नहीं आता
- निवेशकों के लिए सुरक्षा तंत्र मौजूद नहीं है
इसके बाद SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने भी स्पष्ट किया कि डिजिटल गोल्ड के लिए कोई नियामक ढांचा बनाने की योजना नहीं है, क्योंकि यह SEBI के अधीन नहीं आता।
निवेशकों पर इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ा और वे बड़े निवेश करने से हिचकिचाए।
🛒 नवंबर में UPI पर क्या हुआ सबसे ज्यादा खर्च?
डिजिटल गोल्ड में गिरावट के बावजूद UPI की कुल गतिविधियां बेहद मजबूत रहीं। नवंबर में UPI ने कुल:
📌 20.47 बिलियन ट्रांजैक्शंस
📌 ₹26.32 लाख करोड़ का मूल्य दर्ज किया
सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शंस वाली कैटेगरीज:
🛍️ 1. ग्रॉसरी और सुपरमार्केट
- 3,222.99 मिलियन ट्रांजैक्शंस
- ₹71,129.56 करोड़
🍔 2. फास्ट फूड रेस्टोरेंट
- 1,406.70 मिलियन ट्रांजैक्शंस
- ₹16,149.43 करोड़
🍽️ 3. रेस्टोरेंट और ईटिंग प्लेसेज़
- 1,202.63 मिलियन ट्रांजैक्शंस
- ₹19,547.09 करोड़
📱 4. टेलीकॉम सर्विसेज
- 817.83 मिलियन ट्रांजैक्शंस
- ₹21,399.70 करोड़
⛽ 5. सर्विस स्टेशन
- 657.73 मिलियन ट्रांजैक्शंस
- ₹40,320.95 करोड़
यह दिखाता है कि दैनिक उपभोग वाली कैटेगरीज़ UPI की रीढ़ बनी हुई हैं।
🧩 डिजिटल गोल्ड में गिरावट का क्या मतलब है?
नवंबर के डेटा से तीन बड़े संकेत मिलते हैं:
1️⃣ भागीदारी बढ़ रही है
UPI पर डिजिटल गोल्ड खरीदने वालों की संख्या बढ़ रही है।
2️⃣ खर्च कम हो रहा है
फेस्टिव सीज़न के बाद उपभोक्ता छोटी, बजट-फ्रेंडली खरीदारी कर रहे हैं।
3️⃣ नियमन (Regulation) की कमी चिंता बढ़ा रही है
SEBI की चेतावनी के बाद निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है, जिससे बड़े टिकट साइज़ वाले निवेश रुके।
📌 निष्कर्ष: डिजिटल गोल्ड की लोकप्रियता बरकरार, पर औसत खर्च घटा
नवंबर 2025 के आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि डिजिटल गोल्ड एक लोकप्रिय उत्पाद बना हुआ है। वॉल्यूम में वृद्धि बताती है कि लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गोल्ड खरीदने की आदत बना रहे हैं।
लेकिन वैल्यू में तेज गिरावट यह दर्शाती है कि निवेशकों का भरोसा थोड़ा हिचकिचा रहा है, खासकर नियामक स्पष्टता की कमी और त्योहारों के बाद के प्राकृतिक मंदी के कारण।
आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या डिजिटल गोल्ड फिर से उच्च मूल्य वाली खरीदारी के स्तर पर वापसी करता है या छोटे-टिकट साइज़ ट्रांजैक्शंस ही नया नॉर्म बन जाते हैं।
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