भारत के blue और grey-collar जॉब मार्केट को बदलने वाले प्लेटफॉर्म WorkIndia के लिए बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी जल्द ही ₹114.35 करोड़ (लगभग $13 मिलियन) की नई फंडिंग जुटाने जा रही है। इस राउंड में हिस्सा लेंगे—
- Aavishkaar Capital (नया निवेशक)
- Beenext (मौजूदा निवेशक)
- कंपनी के को-फाउंडर्स: निलेश दुंगरवाल और मोइज़ अर्सीवाला
यह फंडिंग कंपनी के लिए बेहद अहम इसलिए भी है क्योंकि WorkIndia ने पिछले 3 सालों में कोई बड़ी पूंजी नहीं जुटाई थी। जनवरी 2023 में कंपनी ने SBI Holdings और Nintendo founding family के नेतृत्व में $12 मिलियन का फंड उठाया था।
💸 कैसे जुटाए जा रहे हैं ₹114.35 करोड़?
Registrar of Companies (RoC) के साथ की गई फाइलिंग के अनुसार, कंपनी ने नए फंड को जुटाने के लिए बोर्ड स्तर पर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किया है।
✔️ पहला हिस्सा: ₹72 करोड़
कंपनी जारी करेगी—
- 3,067 Compulsory Convertible Preference Shares (CCPS)
- 100 Equity Shares
प्रति शेयर कीमत — ₹2,27,369
इस हिस्से में:
- Aavishkaar Capital निवेश करेगा ₹50 करोड़
- Beenext निवेश करेगा ₹22 करोड़
✔️ दूसरा हिस्सा: ₹42.35 करोड़
WorkIndia अपने को-फाउंडर्स—
- निलेश दुंगरवाल
- मोइज़ अर्सीवाला
को 1,869 partly paid-up CCPS जारी करेगी।
👉 इस तरह कुल फंडिंग राउंड का आकार होता है ₹114.35 करोड़ (लगभग $13 मिलियन)।
📈 Valuation में 35% की बढ़त — WorkIndia का नया मूल्यांकन ₹803 करोड़
Entrackr के अनुमान के मुताबिक, इस नए निवेश राउंड के बाद WorkIndia का मूल्यांकन—
- ₹590 करोड़ से बढ़कर ₹803 करोड़
- डॉलर में लगभग $91.25 मिलियन
यह कंपनी के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है, खासकर तब जब blue-collar जॉब मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा चल रही है।
Beenext, जो WorkIndia का सबसे बड़ा बाहरी निवेशक है, इस राउंड से पहले 11.31% हिस्सेदारी रखता है, जबकि Xiaomi के पास 7.3% स्टेक है।
कंपनी के तीनों को-फाउंडर्स संयुक्त रूप से 32.1% हिस्सेदारी रखते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि WorkIndia अब भी संस्थापकों के मजबूत नियंत्रण में है।
🧑🏭 WorkIndia क्या करता है? — लाखों blue & grey-collar वर्कर्स के लिए भरोसेमंद प्लेटफॉर्म
WorkIndia की स्थापना कुनाल पाटिल, निलेश दुंगरवाल और मोइज़ अर्सीवाला ने मिलकर की थी। कंपनी एक ऐसा डिजिटल जॉब प्लेटफॉर्म है जो blue और grey-collar वर्कर्स को उचित नौकरी ढूंढने में मदद करता है।
प्लेटफॉर्म पर 50 से अधिक कैटेगरी में नौकरियां दी जाती हैं—
- टेली-कालिंग
- फील्ड सेल्स
- डिलीवरी जॉब्स
- रिटेल
- BPO
- सिक्योरिटी
- ड्राइविंग
और कई अन्य क्षेत्रों में।
भारत का यह सेक्टर बेहद बड़ा है, लेकिन अभी भी काफी हद तक अनऑर्गनाइज़्ड है। WorkIndia इस पूरे मार्केट को तकनीक के ज़रिए सुव्यवस्थित करने की कोशिश कर रहा है।
💼 अब तक कितनी फंडिंग उठाई है WorkIndia ने?
TheKredible के अनुसार, अभी तक WorkIndia ने लगभग—
👉 $30 मिलियन जुटाए हैं।
इसके निवेशकों की लिस्ट में शामिल हैं—
- BEENEXT
- Xiaomi
- SBI Holdings
- Insitor
- और अन्य इंवेस्टर्स
नई फंडिंग कंपनी को तेजी से स्केल करने में मदद करेगी, खासकर उस समय जब blue-collar hiring तेजी से डिजिटल हो रही है और कंपनियां विश्वसनीय प्लेटफ़ॉर्म की तलाश में हैं।
📊 FY25 की वित्तीय रिपोर्ट — Revenue बढ़ा, Losses घटे
वित्तीय वर्ष FY25 में कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा।
✔️ Revenue में 25% की बढ़त
- FY25: ₹78.7 करोड़
- FY24: लगभग ₹63 करोड़
✔️ Losses में 25% की कमी
- FY25 में नुकसान: ₹23.06 करोड़
- FY24 की तुलना में 25% सुधार
यह संकेत देता है कि WorkIndia का business model operational efficiency और better monetisation की ओर बढ़ रहा है।
🚀 क्यों यह फंडिंग WorkIndia के लिए Game Changer साबित होगी?
इस नए फंड से WorkIndia—
- अपनी technology को और मजबूत करेगा
- employer–worker matching को तेज़ व accurate बनाएगा
- hiring automation और workforce analytics टूल्स को और बेहतर करेगा
- Tier 2–3 शहरों में अपनी पहुंच मजबूत करेगा
Blue-collar hiring का future डिजिटल है, और WorkIndia इस transformation का एक प्रमुख चेहरा बनने की तैयारी में है।
🏁 निष्कर्ष: WorkIndia के लिए एक नई शुरुआत
₹114.35 करोड़ की यह ताज़ा फंडिंग WorkIndia को मजबूत वित्तीय आधार देगी।
Blue और grey-collar workforce भारत की आर्थिक backbone है, और WorkIndia इसी लाखों लोगों के रोजगार भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
Revenue ग्रोथ, loss reduction और investor confidence दर्शाते हैं कि कंपनी आने वाले समय में और बड़ी छलांग लगाने को तैयार है।
WorkIndia अब सिर्फ एक जॉब पोर्टल नहीं, बल्कि भारत के blue-collar workforce के लिए एक digital ecosystem बनता जा रहा है।
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