ऑटोमोबाइल क्लासिफाइड्स प्लेटफॉर्म CarTrade ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में 19% सालाना (YoY) रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, वहीं नेट प्रॉफिट ₹50 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है।
बुधवार को जारी किए गए इन नतीजों के अनुसार, CarTrade ने मजबूत बिज़नेस परफॉर्मेंस के साथ यह दिखाया है कि कंपनी नियंत्रित खर्च और स्थिर मांग के दम पर मुनाफे में लगातार सुधार कर रही है।
📊 रेवेन्यू में मजबूत बढ़त
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) से प्राप्त unaudited financial results के मुताबिक,
- Q3 FY26 में CarTrade का ऑपरेशंस से रेवेन्यू बढ़कर ₹210 करोड़ हो गया
- जबकि Q3 FY25 में यह ₹176 करोड़ था
इस तरह, कंपनी ने साल-दर-साल आधार पर 19% की बढ़त दर्ज की है।
वहीं, कुल आय (Total Income) की बात करें तो:
- Q3 FY26 में यह बढ़कर ₹228 करोड़ रही
- Q3 FY25 में कुल आय ₹193 करोड़ थी
यानी कुल आय में भी कंपनी ने लगभग 18% की सालाना ग्रोथ हासिल की।
🧩 तीन सेगमेंट में फैला CarTrade का बिज़नेस
मुंबई स्थित CarTrade अपना बिज़नेस तीन प्रमुख सेगमेंट्स में संचालित करता है:
1️⃣ Consumer Segment
Consumer सेगमेंट कंपनी का सबसे बड़ा रेवेन्यू ड्राइवर बना रहा।
- इस सेगमेंट से आय ₹86 करोड़ रही
- यह कुल ऑपरेटिंग रेवेन्यू का 41% हिस्सा है
यह सेगमेंट मुख्य रूप से व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए कार खरीदने-बेचने से जुड़ी सेवाओं पर आधारित है।
2️⃣ Remarketing Segment
Remarketing सेगमेंट में मुख्य रूप से
- इस्तेमाल की गई गाड़ियों (used vehicles)
- फ्लीट और इंस्टीट्यूशनल सेल्स
शामिल होती हैं।
- Q3 FY26 में इस सेगमेंट से ₹66 करोड़ की आय दर्ज की गई
3️⃣ Classifieds Segment
Classifieds सेगमेंट से कंपनी को
- ₹59 करोड़ का रेवेन्यू मिला
यह सेगमेंट ऑनलाइन लिस्टिंग, विज्ञापन और डीलर नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
👉 तीनों सेगमेंट्स ने मिलकर CarTrade को डायवर्सिफाइड और संतुलित रेवेन्यू प्रोफाइल देने में मदद की है।
💸 खर्चों पर कड़ा नियंत्रण
जहां रेवेन्यू में अच्छी बढ़त देखने को मिली, वहीं CarTrade ने खर्चों पर भी मजबूत नियंत्रण बनाए रखा।
- Employee benefits expenses कुल खर्च का 53% रहे
- कर्मचारी खर्च ₹76 करोड़ रहा, जो सिर्फ 4% की सालाना बढ़ोतरी दिखाता है
अन्य ऑपरेशनल खर्चों को जोड़ने के बाद:
- कुल खर्च Q3 FY26 में ₹144 करोड़ रहा
- Q3 FY25 में यह ₹139.5 करोड़ था
यानि कुल खर्चों में केवल 3% की बढ़ोतरी हुई, जो कंपनी की कॉस्ट डिसिप्लिन को दर्शाती है।
💰 मुनाफे में जबरदस्त उछाल
रेवेन्यू ग्रोथ और सीमित खर्चों का सीधा असर मुनाफे पर दिखा।
- Q3 FY26 में CarTrade का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹61.5 करोड़ हो गया
- जबकि Q3 FY25 में यह ₹45.5 करोड़ था
इस तरह, सालाना आधार पर कंपनी के मुनाफे में 35% से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली।
हालांकि, अगर तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) तुलना करें तो:
- Q2 FY26 में प्रॉफिट ₹64 करोड़ था
- Q3 FY26 में इसमें 4% की मामूली गिरावट आई
इसके बावजूद, ₹50 करोड़ से ज्यादा का मुनाफा कंपनी की मजबूत फाइनेंशियल स्थिति को दिखाता है।
🤝 CarDekho के साथ मर्जर की चर्चा हुई, लेकिन डील नहीं बनी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, CarTrade भारत के ऑटोमोटिव क्लासिफाइड्स स्पेस में CarDekho के साथ संभावित मर्जर को लेकर शुरुआती बातचीत कर रही थी।
हालांकि,
- दोनों कंपनियों ने आपसी सहमति से
- इस प्रस्तावित कंसोलिडेशन को आगे न बढ़ाने का फैसला किया
इस फैसले के बाद CarTrade अब स्वतंत्र रूप से ग्रोथ पर फोकस बनाए रखे हुए है।
📈 शेयर प्राइस और मार्केट कैप
शेयर बाजार में भी CarTrade की स्थिति मजबूत बनी हुई है।
- कंपनी का शेयर ₹2,333 पर ट्रेड कर रहा है (सुबह 11:36 बजे तक)
- कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹11,163 करोड़ है
- डॉलर में यह करीब $1.2 बिलियन के बराबर है
🔮 आगे की राह
CarTrade के Q3 FY26 के नतीजे यह संकेत देते हैं कि:
- कंपनी का बिज़नेस मॉडल स्थिर है
- अलग-अलग सेगमेंट्स से संतुलित आय आ रही है
- और खर्चों पर नियंत्रण से मुनाफा लगातार बेहतर हो रहा है
ऑटोमोबाइल सेक्टर में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती भूमिका को देखते हुए, आने वाले क्वार्टरों में CarTrade से स्थिर ग्रोथ और बेहतर मार्जिन की उम्मीद की जा सकती है।
हालांकि,
- प्रतिस्पर्धा
- ऑटो सेक्टर की साइक्लिक डिमांड
- और टेक्नोलॉजी इन्वेस्टमेंट
जैसी चुनौतियां बनी रहेंगी। फिर भी, मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि CarTrade भारत के ऑटो क्लासिफाइड्स मार्केट में एक मजबूत और प्रॉफिटेबल खिलाड़ी बना हुआ है।
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