भारत में DeepTech और Clean Energy सेक्टर में एक और बड़ा कदम सामने आया है। बेंगलुरु आधारित डीप-टेक स्टार्टअप Hycosys ने सीड फंडिंग राउंड में 1 मिलियन डॉलर (करीब 9 करोड़ रुपये) से अधिक की राशि जुटाई है। इस राउंड का नेतृत्व MountTech Growth Fund – Kavachh ने किया है।
इससे पहले कंपनी दिसंबर 2024 में PointOne Capital से 88,400 डॉलर की प्री-सीड फंडिंग भी हासिल कर चुकी है। नई पूंजी के साथ Hycosys अब अपने प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
🔬 क्या करती है Hycosys?
Hycosys की स्थापना 2024 में Tapish Agarwal और Ugandhar Reddy ने की थी। कंपनी fuel-flexible और low-emission माइक्रो गैस टरबाइन (MGT) सिस्टम विकसित कर रही है।
यह सिस्टम पारंपरिक डीजल जनरेटर का क्लीन और अधिक दक्ष विकल्प बनने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी का दावा है कि उसकी टरबाइन टेक्नोलॉजी मौजूदा सिस्टम की तुलना में 30% तक हल्की है और अधिक ऊर्जा दक्षता प्रदान करती है।
💡 फंड का इस्तेमाल कहां होगा?
जुटाई गई राशि का उपयोग इंजीनियरिंग टीम को मजबूत करने, एडवांस टेस्टिंग सुविधाओं तक पहुंच बनाने और माइक्रो गैस टरबाइन के डेवलपमेंट में किया जाएगा।
कंपनी का लक्ष्य है कि 2027 के मध्य तक डीजल आधारित पावर जनरेटर का एक क्लीन विकल्प तैयार कर उसका वर्किंग डेमो पेश किया जाए।
Hycosys की टेक्नोलॉजी में hydrogen-optimised combustor, 3D-printed heat recovery unit और advanced turbine design जैसे फीचर्स शामिल हैं। इनकी टेस्टिंग IIT-BHU में की जा रही है।
⚡ बड़ा बाजार, बड़ा मौका
भारत में 227 गीगावॉट से अधिक की इंस्टॉल्ड डीजल जनरेटर क्षमता मौजूद है, जो मुख्य रूप से इंडस्ट्रियल बैकअप पावर के लिए इस्तेमाल होती है। डीजल आधारित पावर महंगा और प्रदूषणकारी दोनों है।
Hycosys की माइक्रो गैस टरबाइन टेक्नोलॉजी को hydrogen-ready और clean fuel compatible बनाया जा रहा है, जिससे यह भविष्य में ग्रीन फ्यूल के साथ भी काम कर सके।
कंपनी की योजना माइक्रोग्रिड, हेवी कमर्शियल व्हीकल रेंज एक्सटेंडर और ड्रोन/एयरोस्पेस एप्लिकेशन में भी इस टेक्नोलॉजी को लागू करने की है।
🇮🇳 भारत के क्लीन एनर्जी लक्ष्य के साथ तालमेल
भारत ने 2030 तक अपनी 50% ऊर्जा जरूरतें गैर-फॉसिल स्रोतों से पूरी करने का लक्ष्य रखा है। Hycosys की स्वदेशी टरबाइन टेक्नोलॉजी इस लक्ष्य के अनुरूप है।
यदि कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी को सफलतापूर्वक कमर्शियल स्तर पर ला पाती है, तो यह इंडस्ट्रियल पावर बैकअप सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकती है और “Make in India” विजन को भी मजबूती दे सकती है।
कुल मिलाकर, Hycosys की यह फंडिंग भारतीय DeepTech और Clean Energy इकोसिस्टम के लिए एक सकारात्मक संकेत है। 🚀
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