भारत के तेजी से बढ़ते फ्लेक्सी-वर्कस्पेस बाजार में एक और बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। मैनेज्ड वर्कस्पेस स्टार्टअप Table Space ने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की तैयारी शुरू कर दी है।
सूत्रों और नियामकीय फाइलिंग्स के अनुसार, कंपनी का IPO लगभग 1,000 करोड़ रुपये तक के फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) और साथ में ऑफर फॉर सेल (OFS) घटक का मिश्रण हो सकता है।
💰 प्री-IPO में 200 करोड़ रुपये जुटाए
पब्लिक इश्यू से पहले कंपनी ने 200 करोड़ रुपये का प्री-IPO फंडरेज़ निजी प्लेसमेंट (Private Placement) के जरिए सफलतापूर्वक पूरा किया है।
यह प्रस्ताव पिछले महीने आयोजित एक असाधारण आम बैठक (EGM) में मंजूर किया गया था।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, यह प्री-IPO राउंड प्रस्तावित फ्रेश इश्यू साइज का लगभग 20% है। इससे संकेत मिलता है कि IPO में फ्रेश इश्यू का आकार करीब 1,000 करोड़ रुपये हो सकता है।
🚀 2017 में हुई थी शुरुआत
Table Space की स्थापना 2017 में Amit Banerji ने की थी।
कंपनी कॉरपोरेट क्लाइंट्स के लिए कस्टमाइज्ड को-वर्किंग और मैनेज्ड ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराती है।
स्टार्टअप का दावा है कि उसके पास 1 करोड़ वर्ग फुट (10 मिलियन स्क्वायर फीट) से अधिक क्षमता है और वह 7 शहरों—जिनमें बेंगलुरु प्रमुख है—में 290 से अधिक यूनिक क्लाइंट्स को सेवा दे रहा है।
📈 वित्तीय प्रदर्शन में जोरदार उछाल
वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में Table Space ने राजस्व के मामले में बड़ी छलांग लगाई।
- कंपनी का रेवेन्यू 50% की साल-दर-साल वृद्धि के साथ ₹906 करोड़ से बढ़कर ₹1,360 करोड़ हो गया।
- इस दौरान कंपनी ने ₹1,000 करोड़ के राजस्व का आंकड़ा पार कर लिया।
यदि एक्सेप्शनल आइटम (असाधारण मद) को अलग कर दिया जाए, तो कंपनी का शुद्ध लाभ लगभग तीन गुना बढ़कर ₹14.6 करोड़ तक पहुंच गया।
यह प्रदर्शन दर्शाता है कि फ्लेक्सी-वर्कस्पेस की बढ़ती मांग का कंपनी को अच्छा लाभ मिल रहा है।
⚠️ एक्सेप्शनल आइटम का क्या मतलब?
हालांकि, कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट में ₹1,568 करोड़ का एक “एक्सेप्शनल आइटम” भी दर्ज है।
यह राशि उसके CCPS-A इंस्ट्रूमेंट्स (Compulsorily Convertible Preference Shares) की फेयर वैल्यूएशन में हुए नॉन-कैश लॉस से संबंधित है।
इन प्रेफरेंस शेयरों की संरचना ऐसी है कि ये केवल लिक्विडेशन इवेंट—जैसे IPO—से ठीक पहले या निवेशकों की सहमति से पहले इक्विटी में परिवर्तित होते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक अकाउंटिंग एडजस्टमेंट है और कंपनी के परिचालन प्रदर्शन को सीधे प्रभावित नहीं करता।
🏙️ तेजी से बदलता फ्लेक्सी-वर्कस्पेस बाजार
भारत में हाइब्रिड वर्क मॉडल और स्टार्टअप संस्कृति के बढ़ने से फ्लेक्सी-वर्कस्पेस की मांग तेजी से बढ़ी है।
कंपनियां लंबी अवधि के लीज़ एग्रीमेंट के बजाय फ्लेक्सिबल और कस्टमाइज्ड ऑफिस सॉल्यूशंस को प्राथमिकता दे रही हैं।
इस बाजार में पहले से कई लिस्टेड कंपनियां मौजूद हैं, जिनमें शामिल हैं:
- WeWork India Management
- Smartworks Coworking Spaces
- IndiQube Spaces
- Awfis Space Solutions
इनमें से WeWork India को राजस्व और स्केल के आधार पर सेक्टर का प्रमुख खिलाड़ी माना जाता है और हाल के IPO ट्रेंड में इसकी अहम भूमिका रही है।
📊 निवेशकों के लिए क्या मायने?
Table Space का IPO ऐसे समय आ रहा है जब भारतीय शेयर बाजार में रियल एस्टेट और ऑफिस स्पेस से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
कंपनी का मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और लाभ में सुधार संभावित निवेशकों को आकर्षित कर सकता है।
हालांकि, प्रतिस्पर्धा और बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए निवेशकों को कंपनी के मार्जिन, कैश फ्लो और विस्तार रणनीति का बारीकी से विश्लेषण करना होगा।
🔮 आगे की राह
Table Space का IPO न केवल कंपनी के लिए पूंजी जुटाने का अवसर होगा, बल्कि यह उसके ब्रांड वैल्यू और बाजार स्थिति को भी मजबूत करेगा।
फ्रेश इश्यू से जुटाई गई राशि का उपयोग संभवतः नए शहरों में विस्तार, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और कर्ज चुकाने जैसे उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
फ्लेक्सी-वर्कस्पेस सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है, लेकिन बाजार का आकार भी तेजी से विस्तार कर रहा है।
यदि कंपनी अपनी 50% वार्षिक वृद्धि दर को बरकरार रख पाती है और लाभप्रदता में सुधार जारी रखती है, तो यह IPO भारतीय बाजार में एक महत्वपूर्ण इवेंट साबित हो सकता है।
आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि Table Space का पब्लिक इश्यू निवेशकों के बीच कितनी मांग पैदा करता है और क्या यह फ्लेक्स-वर्कस्पेस सेक्टर में एक नई दिशा तय कर पाता है। 🚀
Read more :💼 Info Edge ने लॉन्च किया 250 करोड़ रुपये











