भारत के तेजी से बढ़ते omnichannel jewellery बाजार से बड़ी खबर सामने आई है। Bengaluru स्थित ज्वेलरी स्टार्टअप Giva अपनी Series C extension राउंड में ₹110 करोड़ (करीब $12 मिलियन) जुटाने जा रही है। इस राउंड को HPV CC1 Ltd लीड करेगा, जबकि Premji Invest, Kenro Capital और Titan Capital भी इसमें हिस्सा लेंगे।
यह निवेश ऐसे समय में आ रहा है जब कंपनी ने करीब नौ महीने पहले ही ₹530 करोड़ ($61.5 मिलियन) की Series C फंडिंग जुटाई थी, जिसे Creaegis ने लीड किया था।
📑 बोर्ड ने पास किया प्रस्ताव
RoC (Registrar of Companies) में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, Giva के बोर्ड ने 94,01,710 Series C1 CCPS शेयर ₹117 प्रति शेयर की कीमत पर जारी करने की मंजूरी दी है। इस इश्यू के जरिए कंपनी ₹110 करोड़ जुटाएगी।
HPV CC1 Ltd इस राउंड में ₹74.25 करोड़ ($8.25 मिलियन) का निवेश करेगा। Kenro Capital ₹13.75 करोड़ लगाएगा, जबकि Premji Invest और Titan Capital ₹11-11 करोड़ का निवेश करेंगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस राउंड में Kenro Capital द्वारा सेकेंडरी ट्रांजैक्शन भी शामिल हो सकता है।
📈 वैल्यूएशन में 22% की बढ़ोतरी
अनुमान है कि इस नए निवेश के बाद Giva की वैल्यूएशन करीब ₹4,900 करोड़ ($545 मिलियन) तक पहुंच सकती है। यह कंपनी की पिछली वैल्यूएशन ₹4,000 करोड़ से करीब 22% अधिक है।
यह उछाल बताता है कि निवेशक अभी भी नए जमाने के ज्वेलरी ब्रांड्स में मजबूत भरोसा दिखा रहे हैं।
🛍️ फंड का इस्तेमाल कहां होगा?
कंपनी इस ताजा फंड का उपयोग ऑपरेशनल खर्चों, हायरिंग, मार्केटिंग और अन्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करेगी।
Giva पिछले कुछ वर्षों में तेजी से अपने फिजिकल स्टोर नेटवर्क का विस्तार कर रही है। कंपनी अब भारत में लगभग 150 ऑफलाइन स्टोर्स संचालित करती है, साथ ही अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन बिक्री भी करती है।
Giva ने फ्रेंचाइज़ी मॉडल अपनाकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी अपनी पहुंच मजबूत की है।
💍 2019 से अब तक का सफर
2019 में स्थापित Giva ने शुरुआत एक affordable jewellery ब्रांड के रूप में की थी। बाद में कंपनी ने गोल्ड ज्वेलरी और lab-grown diamonds सेगमेंट में भी एंट्री की।
कंपनी का नेतृत्व Ishendra Agarwal कर रहे हैं। अब तक Giva कुल मिलाकर $146 मिलियन से अधिक की फंडिंग जुटा चुकी है, जिसमें ₹255 करोड़ की Series B राउंड भी शामिल है।
📊 FY25 में जबरदस्त ग्रोथ, लेकिन घाटा भी बढ़ा
वित्त वर्ष 2025 में Giva की ऑपरेटिंग रेवेन्यू 89% बढ़कर ₹518 करोड़ हो गई, जो FY24 में ₹274 करोड़ थी।
हालांकि, तेज ग्रोथ के साथ घाटा भी बढ़ा। FY25 में कंपनी का नुकसान 22% बढ़कर ₹72 करोड़ तक पहुंच गया।
यह दर्शाता है कि तेजी से विस्तार और मार्केटिंग खर्चों के कारण मार्जिन पर दबाव बना हुआ है।
🏬 प्रतिस्पर्धा भी तेज
नए जमाने के ज्वेलरी सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है।
प्रतिद्वंद्वी BlueStone अगस्त 2025 में पब्लिक हो चुकी है। FY25 में BlueStone का रेवेन्यू 40% बढ़कर ₹1,770 करोड़ हो गया, जबकि घाटा 56% बढ़कर ₹222 करोड़ पहुंच गया। कंपनी 200 से अधिक स्टोर्स संचालित करती है।
वहीं, CaratLane, जो Titan Company Limited की सहायक कंपनी है, ने FY25 में ₹3,583 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया और उसके 350 से अधिक स्टोर्स हैं।
इसके अलावा Palmonas और Firefly Diamonds जैसे नए खिलाड़ी भी मार्केट में तेजी से उभर रहे हैं।
🔎 बड़ा संकेत क्या है?
भारत का ज्वेलरी बाजार तेजी से omnichannel मॉडल की ओर बढ़ रहा है। ग्राहक अब ऑनलाइन ब्राउजिंग और ऑफलाइन ट्रायल दोनों चाहते हैं।
Giva का फ्रेंचाइज़ी-ड्रिवन विस्तार और डिजिटल फोकस इस बदलते उपभोक्ता व्यवहार के अनुरूप है।
हालांकि, तेजी से स्केल करने के साथ-साथ प्रॉफिटेबिलिटी को संतुलित रखना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
📌 निष्कर्ष
Giva का ₹110 करोड़ का Series C extension राउंड यह दिखाता है कि निवेशक अभी भी नए जमाने के ज्वेलरी ब्रांड्स पर दांव लगा रहे हैं।
वैल्यूएशन में 22% की बढ़ोतरी और लगातार रेवेन्यू ग्रोथ कंपनी के मजबूत विस्तार की ओर इशारा करती है।
लेकिन बढ़ते घाटे को कम करना और मार्जिन सुधारना आने वाले समय में कंपनी की प्राथमिकता होगी।
भारतीय ज्वेलरी बाजार में प्रतिस्पर्धा तेज है, और अब खेल सिर्फ ग्रोथ का नहीं, बल्कि सस्टेनेबल ग्रोथ का है।
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