Udaan के co-founder अमोद मालवीय और ऋषि केडिया ने लॉन्च किया नया स्टार्टअप ‘Pre6’

Udaan

Udaan (Udaan) के को-फाउंडर अमोद मालवीय और कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) ऋषि केडिया ने मिलकर एक नया स्टार्टअप ‘Pre6’ लॉन्च किया है। यह घोषणा दोनों ने LinkedIn पर की।

हालांकि, इस नए स्टार्टअप के बारे में अभी अधिक जानकारी साझा नहीं की गई है। यह स्टार्टअप बेंगलुरु में आधारित होगा।


Udaan ‘Pre6’ की घोषणा

अमोड मालवीय और ऋषि केडिया ने Pre6 के बारे में LinkedIn पोस्ट के जरिए जानकारी दी, लेकिन उन्होंने स्टार्टअप के उद्देश्यों, सेवाओं, या उत्पादों के बारे में कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया।


स्टार्टअप लॉन्च करने वाले अन्य प्रमुख संस्थापक

मालवीय और केडिया ने ‘Pre6’ के जरिए उन संस्थापकों और शीर्ष अधिकारियों की सूची में अपना नाम शामिल कर लिया है, जिन्होंने हाल ही में नए स्टार्टअप शुरू किए हैं।

1. BorderPlus:

  • मयंक कुमार (upGrad के को-फाउंडर) और आयुष माथुर (पूर्व प्रेसीडेंट, OYO यूरोप) ने सोमवार को BorderPlus लॉन्च किया।
  • यह स्टार्टअप ब्लू-कॉलर वर्कर्स को ग्लोबल जॉब अवसर प्रदान करने पर केंद्रित है।

2. Sports For Life:

  • DealShare के को-फाउंडर सौरज्येन्दु मेड्डा ने पिछले साल स्पोर्ट्सटेक क्षेत्र में कदम रखा और अपना नया स्टार्टअप Sports For Life लॉन्च किया।

3. OppDoor:

  • Flipkart के को-फाउंडर बिन्नी बंसल ने OppDoor नामक स्टार्टअप शुरू किया।

4. Unikon:

  • Bella Vita के फाउंडर आकाश आनंद ने Unikon लॉन्च किया।

5. Gabit:

  • Zomato के को-फाउंडर गौरव गुप्ता ने Gabit नामक नया प्लेटफॉर्म शुरू किया।

6. Callmatic:

  • Mitron TV के को-फाउंडर शिवांक अग्रवाल ने Callmatic नामक स्टार्टअप लॉन्च किया।

7. Lyskraft और Nurix AI:

  • Cult.fit के को-फाउंडर मुकेश बंसल ने Lyskraft और Nurix AI नामक दो नए स्टार्टअप लॉन्च किए हैं।

अमोड मालवीय और ऋषि केडिया: अनुभव और योगदान

अमोड मालवीय:

  • Udaan के को-फाउंडर होने के नाते, अमोड ने भारत के सबसे बड़े B2B ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के निर्माण में अहम भूमिका निभाई।
  • उनकी गहरी तकनीकी विशेषज्ञता और नेतृत्व कौशल ने उड़ान को मजबूत नींव दी।

ऋषि केडिया:

  • उड़ान के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के रूप में, ऋषि ने कंपनी के वित्तीय पहलुओं को कुशलता से प्रबंधित किया।
  • उन्होंने कंपनियों के वित्तीय स्थायित्व और विस्तार में अहम भूमिका निभाई है।

स्टार्टअप इकोसिस्टम में नई पहलें

बेंगलुरु: भारत का स्टार्टअप हब

  • ‘Pre6’ का बेंगलुरु में आधारित होना दर्शाता है कि यह शहर अभी भी स्टार्टअप इकोसिस्टम का केंद्र है।
  • बेंगलुरु भारत का सिलिकॉन वैली माना जाता है, जहां तकनीकी और नवाचार की भरमार है।

नए क्षेत्रों में विस्तार

  • हाल के वर्षों में, कई प्रमुख संस्थापक AI, स्पोर्ट्सटेक, ग्लोबल वर्कफोर्स, और स्मार्ट टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों में कदम रख रहे हैं।
  • यह दर्शाता है कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम केवल ई-कॉमर्स या फिनटेक तक सीमित नहीं है।

Pre6: संभावित दृष्टिकोण और अपेक्षाएं

हालांकि ‘Pre6’ के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन अमोड मालवीय और ऋषि केडिया की पृष्ठभूमि को देखते हुए, इस स्टार्टअप से बड़ी उम्मीदें हैं।

संभावित फोकस:

  1. B2B ई-कॉमर्स:
    • उड़ान की सफलता को देखते हुए, यह नया स्टार्टअप B2B क्षेत्र में कुछ नया कर सकता है।
  2. टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सॉल्यूशन्स:
    • अमोड मालवीय की तकनीकी विशेषज्ञता के कारण, स्टार्टअप AI, मशीन लर्निंग, या IoT पर आधारित हो सकता है।
  3. वैश्विक विस्तार:
    • बेंगलुरु में आधारित होने के बावजूद, यह स्टार्टअप अंतरराष्ट्रीय बाजारों को लक्षित कर सकता है।

निष्कर्ष

‘Pre6’ का लॉन्च भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक और महत्वपूर्ण कदम है। अमोड मालवीय और ऋषि केडिया जैसे अनुभवी पेशेवरों के नेतृत्व में, यह स्टार्टअप भविष्य में नवाचार और विकास का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है।

जबकि इस स्टार्टअप के उद्देश्यों और सेवाओं के बारे में अधिक जानकारी का इंतजार है, यह स्पष्ट है कि ‘Pre6’ के पास स्टार्टअप जगत में अपनी छाप छोड़ने की पूरी क्षमता है।

उम्मीद है कि ‘Pre6’ जल्द ही अपनी योजना और उत्पादों के बारे में अधिक जानकारी साझा करेगा, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह नया उद्यम किस दिशा में जा रहा है।

Read more :Spintly ने जुटाए 3.5 करोड़ रुपये, स्मार्ट बिल्डिंग सॉल्यूशन्स को और मजबूत बनाने की योजना

Udaan का राजस्व स्थिर, घाटे में 19% की कमी

Udaan

B2B ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Udaan को अपने व्यापार को बढ़ाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिससे वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का राजस्व स्थिर बना रहा। बेंगलुरु स्थित इस कंपनी को इक्विटी पूंजी जुटाने में भी कठिनाई हुई, जिसके परिणामस्वरूप इसका मूल्यांकन 59% से अधिक गिरकर $1.3 बिलियन हो गया, जो पहले $3.2 बिलियन के उच्चतम स्तर पर था। राजस्व में स्थिरता के बावजूद, Udaan ने पिछले वित्तीय वर्ष में अपने घाटे को 19% से अधिक कम कर लिया।

Udaan GMV में मामूली वृद्धि

Udaan का कुल राजस्व या ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) वित्त वर्ष 2024 में केवल 1.7% बढ़कर 5,706.6 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जो कि वित्त वर्ष 2023 में 5,609.3 करोड़ रुपये था। इसके विपरीत, वित्त वर्ष 2022 में Udaan का GMV इससे कहीं अधिक था, जो 9,900 करोड़ रुपये तक पहुंचा था। इससे यह साफ दिखता है कि कंपनी को पिछले कुछ वर्षों में चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

प्रमुख राजस्व स्रोत

Udaan विभिन्न सेवाओं के माध्यम से राजस्व उत्पन्न करता है, जिनमें व्यापार किए गए उत्पादों की बिक्री, प्लेटफॉर्म शुल्क, लॉजिस्टिक्स सेवाएं, क्रेडिट सेवाएं, और विज्ञापन शामिल हैं। कंपनी रिटर्न किए गए उत्पादों को स्क्रैप के रूप में बेचकर भी कमाई करती है, साथ ही क्रेडिट लेन-देन के संग्रह सेवाओं से भी आय प्राप्त करती है। Udaan Capital के जरिए लोन के वितरण पर प्रोसेसिंग शुल्क भी वसूला जाता है।

उत्पादों की बिक्री प्रमुख आय स्रोत

Udaan के GMV का 98.5% हिस्सा व्यापार किए गए उत्पादों की बिक्री से आता है, जो कंपनी का सबसे बड़ा आय स्रोत है। इसके अलावा, ऋण पर ब्याज और सेवा शुल्क भी कंपनी के राजस्व में योगदान करते हैं। वित्त वर्ष 2024 में, इन आय स्रोतों ने Udaan के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे यह साफ है कि व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ वित्तीय सेवाओं का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

पूंजी जुटाने में कठिनाइयाँ और मूल्यांकन में गिरावट

Udaan को इक्विटी पूंजी जुटाने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिससे इसका मूल्यांकन $3.2 बिलियन से घटकर $1.3 बिलियन तक आ गया है। यह गिरावट कंपनी के विस्तार में आने वाली रुकावटों और निवेशकों की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाती है। वैश्विक निवेशकों की ओर से इक्विटी फंडिंग में कमी के कारण भारतीय स्टार्टअप्स, विशेषकर बड़े प्लेटफार्म, वित्तीय दबाव में आ रहे हैं।

लागत प्रबंधन और घाटे में कमी

हालांकि Udaan के राजस्व में वृद्धि नहीं हुई, फिर भी कंपनी ने लागत नियंत्रण और अन्य संचालन सुधार के जरिए अपने घाटे में 19% की कमी करने में सफलता पाई। कंपनी के घाटे में यह कमी दर्शाती है कि Udaan अपने खर्चों को नियंत्रित करने और संचालन दक्षता बढ़ाने में कामयाब रही है। यह कंपनी के लिए एक सकारात्मक संकेत है, खासकर ऐसे समय में जब राजस्व वृद्धि रुक गई है।

B2B ई-कॉमर्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और Udaan की स्थिति

B2B ई-कॉमर्स क्षेत्र में Udaan को कई प्रतिस्पर्धियों से चुनौती मिल रही है, जिसमें विशेषकर SME और MSME सेक्टर के लिए कई अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म हैं। Udaan का विस्तारित व्यापार मॉडल, जो कि व्यापारिक उत्पादों, वित्तीय सेवाओं और लॉजिस्टिक्स सेवाओं का संयोजन है, इसे बाजार में एक मजबूत स्थिति बनाए रखने में मदद करता है।

भविष्य की संभावनाएँ और चुनौतियाँ

आगे की राह में Udaan को नए निवेशकों से पूंजी जुटाने और राजस्व बढ़ाने के लिए नये उत्पाद व सेवाओं को लॉन्च करना होगा। कंपनी को अपने वर्तमान व्यापार मॉडल में सुधार और उन्नति करनी होगी ताकि वह बाजार में प्रतिस्पर्धा का सामना कर सके। वित्तीय सेवाओं और लॉजिस्टिक्स सेवाओं में इनोवेशन और तकनीकी निवेश की आवश्यकता होगी ताकि कंपनी व्यापारियों को अधिक सहूलियत दे सके और राजस्व में स्थिरता ला सके।

निष्कर्ष

Udaan का वित्तीय प्रदर्शन और स्थिर राजस्व वृद्धि इस बात का संकेत है कि B2B ई-कॉमर्स क्षेत्र में कंपनी के सामने चुनौतियाँ हैं, लेकिन कंपनी ने लागत नियंत्रण और घाटे में कमी के जरिए अपने विकास के लिए एक सकारात्मक कदम उठाया है। आने वाले समय में, कंपनी के लिए यह आवश्यक होगा कि वह अपने व्यापार मॉडल में और सुधार लाए और नई रणनीतियों को अपनाए ताकि वह बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत बना सके।

Read More :एग्रीटेक मार्केटप्लेस DeHaat ने वित्त वर्ष 2024 में 36% की वृद्धि की, नुकसान में 34% की कमी

B2B ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Udaan ने जुटाए 300 करोड़ रुपये

Udaan

भारतीय बी2बी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Udaan ने लगभग 300 करोड़ रुपये (35 मिलियन डॉलर से अधिक) का डेट फंडिंग हासिल किया है। इस फंडिंग राउंड में प्रमुख निवेशक Lighthouse Canton, Stride Ventures, InnoVen Capital, और Trifecta Capital शामिल हैं। यह बेंगलुरु स्थित इस कंपनी का पिछले एक साल का पहला डेट राउंड है। नए फंड का उपयोग कंपनी की बैलेंस शीट को सशक्त बनाने और पूरे भारत में छोटे व्यवसायों को सशक्त करने के लिए किया जाएगा।

Udaan की दिसंबर 2023 में सीरीज़ E फंडिंग राउंड और मूल्यांकन में गिरावट

दिसंबर 2023 में Udaan ने 340 मिलियन डॉलर की सीरीज़ E फंडिंग जुटाई थी। इस राउंड का नेतृत्व M&G Plc ने किया था, जिसमें Lightspeed Venture Partners और DST Global जैसे मौजूदा निवेशक भी शामिल थे। हालांकि इस राउंड ने Udaan को एक वित्तीय बढ़ावा दिया, लेकिन कंपनी का मूल्यांकन 59.3% गिरकर 1.3 बिलियन डॉलर पर आ गया, जो पहले 3.2 बिलियन डॉलर के उच्चतम स्तर पर था।

लाभ की ओर बढ़ता Udaan और 2024 में राजस्व में वृद्धि

Udaan का कहना है कि कंपनी लाभ की दिशा में बढ़ रही है। 2024 में कंपनी ने राजस्व में 60% की वृद्धि दर्ज की है, और कंपनी के रोज़ाना ट्रांजैक्शन करने वाले ग्राहकों की संख्या में भी 50% से अधिक की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, Udaan ने अपने EBITDA में बर्न रेट को 30% तक कम करने का दावा किया है, जिससे कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार हुआ है।

Udaan का विभिन्न श्रेणियों में व्यवसाय और विस्तृत नेटवर्क

2016 में स्थापित Udaan कई श्रेणियों में एक विशाल मार्केटप्लेस संचालित करता है। इनमें लाइफस्टाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, होम एंड किचन, स्टेपल्स, फल-सब्जियाँ, FMCG, फार्मा, खिलौने, और जनरल मर्चेंडाइज शामिल हैं। कंपनी का दावा है कि उसका नेटवर्क 900 से अधिक शहरों में फैला हुआ है, जिसमें 3 मिलियन से अधिक रिटेलर जुड़े हुए हैं।

लागत में कटौती और कर्मचारियों में कमी

Udaan ने पिछले एक साल में अपनी लागत को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इस दिशा में किए गए प्रयासों में कर्मचारियों की छंटनी भी शामिल है। दिसंबर 2023 में, कंपनी ने 100 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से मुक्त किया, जिससे लागत को नियंत्रित करने में मदद मिली है।

भारतीय बाजार में Udaan का भविष्य और छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाने की योजना

भारतीय बी2बी ई-कॉमर्स क्षेत्र में Udaan ने छोटे व्यवसायों और खुदरा विक्रेताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में खुद को स्थापित किया है। कंपनी का उद्देश्य न केवल छोटे व्यवसायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, बल्कि उन्हें एक संगठित और प्रौद्योगिकी-सक्षम प्लेटफॉर्म भी प्रदान करना है।

छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाने की दिशा में Udaan की रणनीति

Udaan ने छोटे व्यवसायों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और उन्हें देशभर के विभिन्न बाज़ारों से जोड़ने में बड़ी सफलता पाई है। इसके माध्यम से कंपनी का उद्देश्य है कि छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारी, जो परंपरागत रूप से बड़े ब्रांड्स से मुकाबला नहीं कर पाते थे, वे अब उभरते हुए डिजिटल अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन सकें। इस प्रयास में Udaan ने न केवल उन्हें एक टेक-ड्रिवन प्लेटफॉर्म प्रदान किया है, बल्कि उनके परिचालन को सरल बनाने के लिए कई सुविधाएं भी दी हैं।

फंडिंग का महत्व और भविष्य की योजनाएं

नए फंडिंग राउंड से प्राप्त 300 करोड़ रुपये का उपयोग Udaan अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के साथ-साथ कंपनी के विस्तार में करेगा। Udaan की योजना है कि वह अपनी सेवाओं में और सुधार कर सके, जिससे छोटे व्यवसायों के लिए तकनीकी आधार पर खरीदी-बिक्री की प्रक्रिया और सरल हो सके। नए फंड्स का एक हिस्सा इनवेंटरी मैनेजमेंट और सप्लाई चेन ऑप्टिमाइजेशन के लिए खर्च किया जाएगा, ताकि व्यवसायियों को एक अधिक भरोसेमंद और तेज़ डिलीवरी का अनुभव मिल सके।

Udaan के इस फंडिंग राउंड में निवेशक Lighthouse Canton, Stride Ventures, InnoVen Capital, और Trifecta Capital जैसे दिग्गज शामिल हैं। ये निवेशक मानते हैं कि Udaan का बिजनेस मॉडल भारतीय बाजार में अद्वितीय है और यह भारतीय खुदरा क्षेत्र में क्रांति ला सकता है। उनका विश्वास है कि कंपनी द्वारा किए गए यह निवेश न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि रणनीतिक दृष्टिकोण से भी लाभकारी साबित होगा।

कठिन आर्थिक परिस्थिति में सकारात्मक वृद्धि

2023 में वैश्विक मंदी के बावजूद Udaan ने सकारात्मक वृद्धि दिखाई है। कंपनी के राजस्व में 60% की वृद्धि और EBITDA बर्न रेट में 30% की कमी इस बात का प्रमाण है कि कंपनी ने अपने संचालन को अत्यधिक कुशल बनाया है। Udaan का लक्ष्य है कि कंपनी 2024 के अंत तक लाभ में आ जाए और आर्थिक संकट के बावजूद यह एक मजबूत वित्तीय स्थिति बनाए रखे।

लागत में कटौती के लिए अपनाई गई रणनीति

लागत में कमी के लिए Udaan ने कई कदम उठाए हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण कदम कर्मचारियों की संख्या में कमी करना था। दिसंबर 2023 में, कंपनी ने 100 से अधिक कर्मचारियों को बर्खास्त किया था। इस निर्णय से कंपनी की संचालन लागत में कमी आई है और इसे वित्तीय रूप से स्थिरता बनाए रखने में मदद मिली है। हालांकि, कंपनी ने यह सुनिश्चित किया है कि सेवा गुणवत्ता में कोई कमी न आए और ग्राहकों को पहले जैसी ही उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्राप्त हों।

भारतीय ई-कॉमर्स उद्योग में Udaan की स्थिति

भारतीय ई-कॉमर्स उद्योग में Udaan ने खुद को एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर लिया है। जहां Amazon और Flipkart जैसी कंपनियां B2C मॉडल पर आधारित हैं, वहीं Udaan का B2B मॉडल इसे बाकी कंपनियों से अलग बनाता है। यह मॉडल छोटे खुदरा विक्रेताओं को सीधे निर्माताओं और थोक विक्रेताओं से जोड़ता है, जिससे उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उचित मूल्य पर प्राप्त हो सकते हैं।

Udaan का नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ है और यह कंपनी को भारतीय बाजार की गहरी समझ प्रदान करता है। इस मजबूत नेटवर्क के माध्यम से Udaan ने न केवल खुदरा विक्रेताओं को बल्कि निर्माताओं और थोक विक्रेताओं को भी लाभ पहुंचाया है। इसने आपूर्ति श्रृंखला में समय और लागत दोनों को कम किया है, जो कि छोटे व्यवसायों के लिए अत्यंत लाभकारी है।

भारतीय ई-कॉमर्स का भविष्य और Udaan की भूमिका

भारतीय ई-कॉमर्स उद्योग लगातार विकासशील है और आने वाले वर्षों में इस उद्योग में कई और नवाचार देखने को मिलेंगे। Udaan का मानना है कि वह इस उद्योग के भविष्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, विशेषकर छोटे और मध्यम व्यवसायों को डिजिटल माध्यम से जोड़ने में। भारतीय बाजार में B2B ई-कॉमर्स का भविष्य उज्ज्वल है और Udaan जैसी कंपनियां इसमें सबसे आगे हैं।

कंपनी की यह पहल छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाएगी, जिससे भारतीय खुदरा क्षेत्र को नया आयाम मिलेगा। इसके साथ ही, Udaan का फोकस छोटे व्यापारियों के लिए आसानी से उपलब्ध वित्तीय सेवाओं को पेश करने पर भी है। कंपनी वित्तीय सेवाओं की पेशकश कर छोटे व्यवसायों के लिए वित्तपोषण में सुधार लाने की योजना बना रही है।

निष्कर्ष

Udaan का यह नया फंडिंग राउंड कंपनी के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है। कंपनी ने छोटे व्यवसायों के सशक्तिकरण की दिशा में जो प्रयास किए हैं, वे भारतीय ई-कॉमर्स उद्योग को सकारात्मक दिशा में ले जाने में सहायक सिद्ध होंगे।

Read more: फिनटेक यूनिकॉर्न Slice और NESFB का merger पूरा,नॉर्थ ईस्ट में बैंकिंग सेवाओं का होगा विस्तार