💳 OneCard ने Alteria Capital से उठाए Rs 40 Crore Debt Funding

OneCard

Mobile-first क्रेडिट कार्ड स्टार्टअप OneCard एक बार फिर फंडिंग की चर्चा में है। कंपनी ने अपने मौजूदा निवेशक Alteria Capital से Rs 40 करोड़ (लगभग $4.5 मिलियन) की debt funding जुटाने की तैयारी कर ली है। भारतीय फिनटेक सेक्टर में बढ़ती रेगुलेटरी टेंशन और तेज़ी से बदलते मार्केट के बीच यह फंडिंग OneCard के लिए अहम मानी जा रही है।


💰 Rs 40 करोड़ की Debt Raise: Board ने दी मंजूरी

RoC (Registrar of Companies) में दाखिल दस्तावेज़ों के अनुसार, OneCard की बोर्ड मीटिंग में एक स्पेशल रेज़ोल्यूशन पास किया गया है, जिसके तहत कंपनी:

  • 4,000 Non-Convertible Debentures (NCDs)
  • Face Value: Rs 1 लाख प्रति NCD
  • कुल फंडिंग: Rs 40 करोड़

जारी करेगी।

ये डिबेंचर्स कंपनी को 13.85% प्रति वर्ष ब्याज पर मिलेंगे, जिसकी मियाद (tenure) तीन साल की होगी।

इसका मतलब है कि कंपनी ऑपरेशनल खर्च, विस्तार और पार्टनर बैंकिंग गतिविधियों को मजबूत करने के लिए यह पैसा उपयोग कर पाएगी।


🚀 OneCard की पिछली फंडिंग: $1.4 Billion Valuation

यह debt round OneCard के $28.5 मिलियन की फंडिंग के तुरंत बाद आ रहा है, जो दिसंबर पिछले साल QED Investors, Better Tomorrow Ventures, Peak XV और Z47 द्वारा लीड की गई थी।

उस राउंड के बाद OneCard की पोस्ट-मनी वैल्यूएशन $1.4 बिलियन हो गई थी—जो इसे भारत के तेज़ी से बढ़ते यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स में से एक बनाता है।

💵 कुल फंडिंग (अब तक):

Startup data platform TheKredible के अनुसार, OneCard ने अब तक $270 मिलियन+ जुटाए हैं।
सबसे बड़ा राउंड कंपनी ने जुलाई 2022 में उठाया था—$100 मिलियन, जब OneCard यूनिकॉर्न बनी थी।


🧩 OneCard का बिज़नेस मॉडल: First-time Credit Users पर फोकस

2019 में स्थापित FPL Technologies की यह ब्रांड OneCard, भारत में क्रेडिट कार्ड अनुभव को मोबाइल-फर्स्ट और डिजिटल-फर्स्ट बनाने पर काम करती है।
कंपनी मुख्य रूप से co-branded credit cards जारी करती है, अपने बैंकिंग पार्टनर्स के साथ:

  • IDFC First Bank
  • Federal Bank
  • SBM Bank

OneCard विशेष रूप से first-time credit card users, युवा प्रोफेशनल्स और digital-first users को टारगेट करती है।

📱 OneScore App

OneCard का दूसरा बड़ा प्रोडक्ट है OneScore, जो यूज़र्स को:

  • क्रेडिट स्कोर चेक करने,
  • क्रेडिट मैनेज करने,
  • और फाइनेंशियल हेल्थ समझने

की सुविधा देता है।


📊 FY24 Financial Performance: Revenue 2.6X Surge

OneCard ने वित्त वर्ष 2023-24 में शानदार ग्रोथ दिखाई है। कंपनी की:

✔ FY24 Revenue: Rs 1,426 करोड़

— जो कि साल-दर-साल आधार पर 2.6X बढ़ोतरी है।

✔ FY24 Losses: Rs 401 करोड़

हालांकि प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर चुनौतियाँ जारी हैं, लेकिन यूनिट इकनॉमिक्स में सुधार की संभावना दिख रही है।

कंपनी ने अभी तक FY25 के फाइनेंशियल्स डिस्क्लोज़ नहीं किए हैं।


⚠️ RBI की Scrutiny: OneCard के लिए बड़ा झटका

तेज़ ग्रोथ के बावजूद OneCard को हाल ही में RBI की सख्ती का भी सामना करना पड़ा।

सूत्रों के अनुसार, RBI ने:

  • OneCard के बैंकिंग पार्टनर्स को को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड जारी करने पर रोक लगाने को कहा है।
  • Regulator की सबसे बड़ी चिंता data sharing practices को लेकर है — कि ग्राहक डेटा कैसे OneCard और बैंक के बीच शेयर किया जा रहा है।

यह कदम startup के लिए बड़ा operational और regulatory hurdle बन सकता है, खासकर ऐसे समय में जब कंपनी तेज़ी से अपने user base को बढ़ाना चाहती है।


💡 क्यों ज़रूरी है यह Debt Funding?

एक तरफ RBI scrutiny, दूसरी तरफ बढ़ते सर्वर और ऑपरेशनल खर्च—ऐसे माहौल में debt funding OneCard को:

  • अपनी balance sheet मजबूत करने,
  • cash buffer बढ़ाने,
  • पार्टनर बैंकों के साथ compliance सुधारने,
  • और tech infrastructure अपग्रेड करने

में मदद करेगी।

Debt funding equity dilution से बचाती है, इसलिए मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए यह एक सुरक्षित विकल्प भी है।


🔍 आगे का रास्ता: क्या OneCard का ग्रोथ ट्रैक बरकरार रहेगा?

OneCard के सामने दो बड़े चैलेंज हैं:

1️⃣ Regulatory Clarity

RBI की शर्तें पूरी किए बिना कंपनी को नए cards जारी करने में दिक्कत आएगी।
Regulatory compliance आने वाले महीनों में कंपनी की प्राथमिकता होगी।

2️⃣ Operational Efficiency बनाना

FY24 में revenue तो तेज़ी से बढ़ा, पर losses भी high रहे।
कंपनी को profitability की ओर बढ़ने के लिए cost optimization करना होगा।


📌 निष्कर्ष

OneCard की debt funding इस बात का संकेत है कि कंपनी aggressive expansion और regulatory compliance दोनों मोर्चों पर मजबूती से काम करना चाहती है।

  • फंडिंग पाइपलाइन मजबूत
  • revenue growth उच्च
  • लेकिन RBI scrutiny एक बड़ा जोखिम

आने वाले 12 महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि OneCard भारतीय फिनटेक मार्केट में अपनी leadership कैसे बनाए रखता है।

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⚡ Joy E-bike की FY25 Report रेवेन्यू में गिरावट

Joy E-bike

Vadodara-based इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर ब्रांड Joy E-bike (Wardwizard Innovations & Mobility के तहत) ने वित्त वर्ष 2024-25 में मामूली रेवेन्यू गिरावट दर्ज की है। कंपनी का प्रॉफिट भी इस साल 53% तक गिर गया है, जो बढ़ती कॉस्ट और कमज़ोर सेल्स का संकेत देता है।

नीचे पढ़िए कंपनी की पूरी फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की डीटेल्ड रिपोर्ट👇


📉 Revenue में 5% की गिरावट

Joy E-bike का Revenue from Operations FY24 के Rs 321 करोड़ से घटकर FY25 में Rs 305 करोड़ रह गया। यह करीब 5% की गिरावट है।

कंपनी का रेवेन्यू दो मुख्य सोर्स से आता है:

  • Product Sales
  • After-sales / Service Income

🛵 Product Sales में 21% की तेज गिरावट

FY25 में कंपनी की प्रोडक्ट सेल्स यानी actual EV scooter/bike sales में बड़ा झटका लगा।

  • Product Sales FY25: Rs 204.8 करोड़
  • FY24: Rs 260 करोड़ (approx.)
  • गिरावट: 21.4%

टोटल ऑपरेटिंग रेवेन्यू में प्रोडक्ट सेल्स का कॉन्ट्रिब्यूशन सिर्फ 67% रह गया।


🛠️ Service Revenue में 66% की ज़बरदस्त Growth

कमज़ोर प्रोडक्ट सेल्स के उलट, सर्विस रेवेन्यू में तेज उछाल देखने को मिला।

  • Service Revenue FY25: Rs 99 करोड़
  • FY24: Rs 60 करोड़ (approx.)
  • Growth: 66%

इससे सर्विस रेवेन्यू का हिस्सा बढ़कर 32.5% हो गया — जो कंपनी के लिए एक पॉज़िटिव सिग्नल है।


💸 खर्चों (Expenses) का पूरा ब्रेकडाउन

कंपनी ने इस साल अपने expenses को थोड़ा कंट्रोल किया है। कुल खर्च FY24 के Rs 302 करोड़ से घटकर FY25 में Rs 295 करोड़ रहा।

🔹 सबसे बड़ा खर्च: Cost of Materials

  • FY25: Rs 195 करोड़
  • FY24: Rs 229 करोड़
  • गिरावट: 15%

यह खर्च टोटल एक्सपेंस का 66% हिस्सा है।

🔹 Employee Benefit Cost

  • Rs 13 करोड़ (लगभग स्थिर)

🔹 Advertising & Promotion

  • FY25: Rs 37 करोड़
  • FY24: Rs 27 करोड़
  • 37% का उछाल

EV मार्केट में competition बढ़ने के कारण company ने ब्रांड visibility पर ज्यादा खर्च किया।

🔹 Other Overheads

  • Finance cost, legal charges और बाकी कॉस्ट: Rs 245 करोड़

📉 Profit 53% गिरा

Revenue में गिरावट और EV सेल्स में कमजोरी का सीधा असर प्रॉफिट पर पड़ा।

  • FY25 Profit: Rs 6.3 करोड़
  • FY24 Profit: Rs 13.4 करोड़
  • गिरावट: 53%

✔ EBITDA Margin: 11.89%

✔ ROCE सुधरकर: 21.16% → 26.63%

ROCE का बेहतर होना बताता है कि कंपनी ने अपनी कैपिटल का इस्तेमाल ज्यादा प्रभावी तरीके से किया है।


🧾 Cash & Asset Position

  • Cash & Bank Balance: Rs 9.5 करोड़
  • Current Assets: Rs 331 करोड़ (पिछले साल Rs 211 करोड़ से मजबूत बढ़ोतरी)

यह दर्शाता है कि कंपनी बैलेंस शीट लेवल पर स्थिर है।


🛵 EV Sales (Vahan Data) — मार्केट में Joy E-bike पीछे

Vahan पोर्टल के अनुसार:

  • November 2025 Sales: 276 units
  • October 2025 Sales: 301 units
  • गिरावट: 8%

Market तुलना:

  • TVS Motor EV Sales (Nov 2025): 29,756 units
    Joy E-bike के मुकाबले यह gap बहुत बड़ा है।

Jan–Nov 2025 Total Sales

  • 4,288 units — यानी पूरे साल में कंपनी की रिटेल पेनिट्रेशन काफी सीमित रही।

📌 निष्कर्ष: क्या Joy E-bike दबाव में?

FY25 की रिपोर्ट साफ दिखाती है कि:

  • Product sales में भारी गिरावट
  • Advertising खर्च बढ़ना
  • EV market में बढ़ती competition
  • Limited retail traction

ये सभी फैक्टर्स Joy E-bike को दबाव में ला रहे हैं।

हालांकि,

  • Service revenue की तेज़ बढ़त
  • Better ROCE
  • Controlled expenses
    कंपनी के लिए थोड़ी राहत भी देते हैं।

EV मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, और इस रेस में बने रहने के लिए Joy E-bike को नई रणनीतियों, बेहतर प्रोडक्ट्स और मजबूत सेल्स नेटवर्क की ज़रूरत होगी।

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🚀💻 Harness ने जुटाए $240M Series E फंडिंग!

Harness

Harness सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की दुनिया में अक्सर एक ही बात पर फोकस होता है—कोड को कैसे जल्दी लिखा जाए?
लेकिन असल चुनौतियाँ तो उसके बाद शुरू होती हैं:
✔ Testing
✔ Deployment
✔ Security reviews
✔ Compliance checks
✔ और कई repetitive tasks

यही पूरा “After-Code Process” आज भी दुनिया भर की कंपनियों के लिए bottleneck बना हुआ है।

इसी समस्या को हल करने के लिए काम कर रही है San Francisco-based कंपनी Harness, जिसने अभी-अभी अपना $240 मिलियन का Series E राउंड बंद किया है। इस राउंड का नेतृत्व Goldman Sachs ने किया, जबकि IVP, Menlo Ventures और Unusual Ventures ने भी भाग लिया।

इस निवेश के बाद Harness की valuation बढ़कर $5.5 बिलियन हो गई है — जो इसे दुनिया की सबसे fast-growing AI DevOps कंपनियों में शामिल कर देता है।


🤖📦 Harness AI क्या करता है?

Harness का पूरा focus सिर्फ एक चीज पर है:
👉 कोड लिखने के बाद होने वाली सारी processes को AI से automate करना।

यानी software teams testing, deployment या compliance में फँसने की बजाय असली काम—building new features—पर अपना समय दे सकें।

Harness AI तीन core layers पर चलता है:

🔹 1. AI Agents

ये autonomous agents testing, deployment, governance और compliance जैसे repetitive tasks खुद से करते हैं।

🔹 2. Software Delivery Knowledge Graph

यह AI का दिमाग है—जहाँ हर system, workflow, dependency और risk का deep mapping होता है।

🔹 3. Enterprise-Grade Orchestration Engine

यह engine insights को real actions में बदल देता है — repeatable, error-free और fully automated.

Harness अपनी AI-native approach से अलग खड़ा होता है, क्योंकि:

❌ GitLab
❌ CircleCI
❌ CloudBees
❌ LaunchDarkly

इन सबकी तुलना में Harness का system शुरू से end तक AI पर built है, और टीम के इस्तेमाल के साथ-साथ यह और भी स्मार्ट होता जाता है।


👨‍💻✨ Jyoti Bansal का vision: Delivery भी होनी चाहिए self-driving

Harness के founder वही हैं जिन्होंने AppDynamics बनाया था—और बाद में उसे Cisco को multi-billion deal में बेच दिया था।

AppDynamics बनाते समय Jyoti Bansal ने एक बात बार-बार देखी:
👉 डेवलपर्स अपना ज्यादा समय delivery में गँवाते हैं, development में नहीं।

Testing, approvals, analysis, compliance—ये सब मिलकर software delivery को slow बना देते हैं। इसी gap को पहचानकर Bansal और co-founder Rishi Singh ने Harness शुरू किया।

इनका लक्ष्य साफ था:

⭐ “Software delivery को self-driving, secure और reliable बनाना—AI की मदद से।”

Harness इस space को पूरी तरह बदलने की सोच के साथ आया है। इसकी AI “after-code workflows” को intelligent automation में बदल देती है—जैसे गाड़ी में self-driving mode।


🚀📈 फंडिंग के बाद Harness की योजना क्या है?

$240M के इस बड़े राउंड के बाद Harness अब globally scale करने की तैयारी में है। कंपनी ने बताया कि नए फंड का उपयोग इन क्षेत्रों में होगा:

🔹 1. R&D में बड़े पैमाने निवेश

AI models, testing automation, deployment intelligence और orchestration layer को और powerful बनाने के लिए।

🔹 2. Global Operations को expand करना

Harness North America, Europe (EMEA), Middle East और Asia-Pacific में तेजी से hiring और expansion करेगा।

🔹 3. Harness AI को और मजबूत बनाना

ताकि AI-driven delivery enterprise scale पर भी seamless, सुरक्षित और तेज़ चले।


🧠⚙️ Software Delivery का Future: “AI अब सिर्फ code नहीं लिखेगा—उसे safely ship भी करेगा”

Harness का मानना है कि आज AI coding को तेज़ बना रहा है—लेकिन असली बड़ी समस्या delivery में है।

CEO Jyoti Bansal ने कहा:

“AI का अगला बड़ा chapter software delivery में है। Testing, verification, deployments, governance — यही वो जगह है जहां complexity और risk सबसे ज्यादा होते हैं। Harness इस हिस्से को automate और simplify कर रहा है ताकि कंपनियाँ software super-fast और super-safe ship कर सकें।”

AI coding tools की adoption जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतनी तेजी से delivery systems evolve नहीं हुए हैं। यही कारण है कि:

  • Errors बढ़ते हैं
  • Security risk बढ़ता है
  • Teams धीमी पड़ जाती हैं

Harness इस entire bottleneck को AI से replace कर रहा है।


🏢🌍 क्यों Harness Developer Ecosystem में game-changer बन रहा है?

Harness की demand कई वजहों से तेजी से बढ़ रही है:

✔ AI-native automation
✔ No manual deployment overhead
✔ Faster, safer testing
✔ Automated compliance
✔ Enterprise-grade security
✔ Self-learning workflows

यह platform सिर्फ pipelines automate करने के लिए नहीं है — यह पूरा delivery lifecycle rethink करता है।

इसी वजह से Harness आज Fortune 100 कंपनियों का पसंदीदा AI delivery platform बन गया है।


🔚 निष्कर्ष: Harness ने खोला “Software Delivery 2.0” का नया युग

$240M की Series E फंडिंग के साथ Harness यह साबित करता है कि software delivery का future पूरी तरह AI-driven होने वाला है।
कोड लिखना अब पहले से आसान हो गया है —
लेकिन उसे दुनिया तक सुरक्षित और तेज़ पहुंचाना Harness जैसी कंपनियाँ redefine कर रही हैं।

Harness अब global scale पर expand कर रहा है, और Software Delivery को एक नए, AI-powered युग में ले जा रहा है—जहाँ speed, safety और intelligence तीनों साथ चलें।

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🚀💡 Runware ने जुटाए $50M!

Runware

AI-as-a-Service सेक्टर में काम करने वाली San Francisco-based कंपनी Runware ने अपने Series A राउंड में $50 मिलियन (लगभग ₹420 करोड़) जुटाए हैं। यह राउंड Dawn Capital के नेतृत्व में हुआ, जिसमें Speedinvest, Comcast Ventures, Insight Partners, a16z Speedrun, Zero Prime Ventures और Begin Capital ने भी हिस्सा लिया। यह फंडिंग Runware द्वारा सितंबर में जुटाए गए $13 मिलियन के बाद आई है।

कंपनी का कहना है कि यह नई पूंजी दुनिया भर में बढ़ती demand को देखते हुए high-speed AI media generation इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में इस्तेमाल होगी।


🌐📈 Runware का लक्ष्य: “One API for All AI”

Runware दो बड़े ऑफिस—San Francisco और London—से काम करती है। Series A फंडिंग से कंपनी का सबसे बड़ा लक्ष्य है:

  • एक ऐसी One API Platform बनाना जो हर तरह के AI मॉडल को सपोर्ट करे
  • और 2026 के अंत तक Hugging Face के 2 मिलियन+ नए AI models को अपने प्लेटफॉर्म में deploy करना

इसके लिए कंपनी:

✔ Sonic Inference Engine® को और मजबूत करेगी
✔ Custom inference hardware पर निवेश बढ़ाएगी
✔ और टैलेंटेड इंजीनियरों की नई टीम तैयार करेगी

Runware का vision है कि दुनिया के हर AI मॉडल को developers एक ही API के जरिए तेज़, सस्ता और विश्वसनीय तरीके से इस्तेमाल कर सकें।


⚡🎥 Media Creation में नई क्रांति: Runware की शुरुआत कैसे हुई?

Runware की शुरुआत 2023 में Flaviu Radulescu और Ioana Hreninciuc ने की।

इस कंपनी का आइडिया एक simple frustration से आया:
👉 आज मौजूद Generative AI tools powerful तो हैं, लेकिन real-time creative workflows के लिए बेहद धीमे हैं।

इसी समस्या को हल करने के लिए Runware ने एक ऐसी vertically-integrated platform बनाया जो:

  • Images
  • Videos
  • Audio

सबकुछ real time में generate कर सके—वो भी 10x better performance और significantly कम लागत में।

Runware की सबसे बड़ी ताकत है इसका hybrid मॉडल:

🔹 Custom-built AI inference hardware

🔹 Sonic Inference Engine®

🔹 One unified API

ये तीनों मिलकर Runware को traditional GPU platforms से कहीं तेज़ और leaner बनाते हैं।

आज Runware:

  • 10 बिलियन+ creations सपोर्ट कर चुका है
  • दुनिया के 200,000+ developers इसका उपयोग करते हैं
  • 300 मिलियन+ end users तक इसकी technology पहुंच चुकी है

इसके ग्राहक हैं:
⭐ Wix
⭐ Together.ai
⭐ ImagineArt
⭐ Quora
⭐ Higgsfield

जो high-volume AI media workflows के लिए Runware को backbone की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।


🔧💻 Single API का जादू: Media Generation की मुश्किलें खत्म

AI media generation ecosystem काफी समय से तीन बड़ी समस्याओं से जूझ रहा है:

  1. Fragmented tools
  2. High latency
  3. बढ़ती लागत

Runware इन तीनों bottlenecks को एक ही साथ हल करता है।

📌 कैसे?

300 model classes और 4 लाख+ model variants को एक ही schema में integrate करके
✔ जिससे teams बिना complex integration किए अलग-अलग models A/B test कर सकें
✔ Production workflows तुरंत scale हो सकें

⚡ Performance Advantage

  • Sonic Inference Engine® open-source models पर competitor platforms से 30–40% तेज़
  • लागत में 5–10x कमी
  • Closed-source models के मुकाबले भी 10–40% savings

Runware का custom hardware traditional GPU-based setup की तुलना में काफी सस्ता है, जिससे enterprises rendering और scaling को बेहतर तरीके से मैनेज कर पाते हैं।


🧠🏗️ Runware का Vision: 2028 तक $68B Market को Capture करना

AI inference market के 2028 तक $68 बिलियन तक पहुँचने का अनुमान है।
Runware खुद को इस massive shift का backbone बनते देख रहा है—तेज़, scalable, और cost-efficient solutions के साथ।


🗣️ Runware Founders के बयान

🎙️ Flaviu Radulescu (Co-founder)

“भविष्य में हर product और service AI से powered होगा। हमारा लक्ष्य AI को तेज़, सस्ते और कम latency के साथ चलाना है। हम बड़े data centers बनाने की बजाय ऐसी inference PODs बना रहे हैं जो 3 हफ्तों में दुनिया में कहीं भी deploy हो सकें।”

🎙️ Ioana Hreninciuc (Co-founder)

“Millions users तक AI scale करना product teams के लिए मुश्किल और महंगा है। हमारी एक API उन्हें नए मॉडल मिनटों में rollout करने देती है—बिना dozens providers को integrate किए।”


💬 Investor का बयान

Dawn Capital की Partner Shamillah Bankiya ने कहा:

“Runware developers और enterprises दोनों के लिए ideal platform है। इसकी team, tech और timing—सब perfect हैं। हम इस journey का हिस्सा बनकर उत्साहित हैं।”


📌 निष्कर्ष: Runware बन रहा है Global Real-Time AI Media Infrastructure का नया Powerhouse

$50M Series A फंडिंग के साथ Runware:

  • High-speed AI media generation को redefine कर रहा है
  • One API के जरिए global AI ecosystem को simplify कर रहा है
  • और millions of developers के लिए AI को affordable और scalable बना रहा है

Real-time media workflows के आने वाले युग में Runware एक key infrastructure layer के रूप में उभर रहा है—और ये शुरुआत है!

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💼✨ Honasa Consumer ने किया बड़ा कदम!

Honasa Consumer

भारत के तेजी से बढ़ते personal care मार्केट में अब एक और बड़ा कदम देखने को मिला है। Honasa Consumer, जो Mamaearth की पेरेंट कंपनी है, ने आधिकारिक तौर पर Men’s Grooming मार्केट में मजबूत एंट्री कर ली है। कंपनी ने South India में लोकप्रिय premium men’s grooming ब्रांड Reginald Men का अधिग्रहण कर लिया है।

यह अधिग्रहण Honasa के पोर्टफोलियो को और मजबूत बनाता है, खासकर उस सेगमेंट में जहां उसने अभी तक indirect तरीके से ही काम किया था।


🔥📢 Deal Details: Honasa ने 95% Stake ₹195 Crore में खरीदा

Stock exchange फाइलिंग के अनुसार:

  • Honasa Consumer ने Reginald Men की पेरेंट कंपनी BTM Ventures Pvt Ltd का
    95% stake खरीद लिया है
  • यह अधिग्रहण एक secondary transaction के जरिए हुआ
  • Total deal value: ₹195 करोड़

डील की संरचना में यह भी तय किया गया है कि:

➡️ बचा हुआ 5% stake Honasa 12 महीनों के अंदर खरीदेगा
➡️ इसकी कीमत predefined valuation criteria के आधार पर तय होगी

यह पूरी transaction Honasa के men’s grooming space में मजबूत और long-term entry का संकेत देती है।


🧴💪 Reginald Men: South India का Premium Men’s Grooming Star

Reginald Men की शुरुआत अगस्त 2022 में Trisha Reddy Talasani ने की थी।
कम समय में ही ब्रांड ने men’s personal care सेगमेंट में एक premium और trusted पहचान बना ली है।

📌 ब्रांड की खास बातें:

  • Focus: Sunscreen, face serums, men’s skincare essentials
  • Strong presence in South India
  • Revenue (Nov 2024 – Oct 2025): ₹70 करोड़+
  • EBITDA: 25% के आसपास, जो इस सेगमेंट के लिए बेहद impressive है

Reginald Men की sharp branding और modern male consumers को समझने की क्षमता ने इसे तेजी से grow करने में मदद की।


🌍📈 Honasa की South India में पकड़ और मजबूत

यह deal Honasa Consumer को दो बड़े फायदे देती है:

1️⃣ Men’s Grooming Category में Entry
2️⃣ South India में मजबूत उपस्थिति

क्योंकि Reginald Men का अधिकांश revenue Southern markets से आता है, इसलिए Honasa अब उस region में भी dominating position बना सकेगा।


🗣️✨ Honasa CEO का बयान: “हम Reginald की growth से inspired हैं”

Honasa Consumer के co-founder और CEO Varun Alagh ने स्टॉक फाइलिंग के माध्यम से कहा:

“हम Reginald Men टीम द्वारा इतने कम समय में बनाए गए ब्रांड से बहुत प्रभावित हैं। Modern male consumers की उनकी गहरी समझ हमारी long-term vision से perfectly align होती है।”

यानी यह अधिग्रहण सिर्फ financial decision नहीं है, बल्कि Honasa की future strategy का हिस्सा है।


📊💚 Mamaearth के Financial Numbers: Revenue और Profit दोनों में Growth

Honasa Consumer (Mamaearth) की strong performance भी इस deal को strategically perfect बनाती है।

🔹 Revenue (Q2 FY26)

  • बढ़कर हुआ ₹538 करोड़
  • पिछले साल Q2 FY25 में था ₹462 करोड़
  • यानी 16.5% growth

🔹 Profit After Tax (Q2 FY26)

  • Profit हुआ: ₹39 करोड़
  • जबकि Q2 FY25 में था ₹18.56 करोड़ का loss

Company लगातार profitability की ओर बढ़ रही है।


🪥🧼 Honasa का दूसरा बड़ा कदम: Fang Oral Care में 25% Stake

September 2025 quarter में Honasa ने एक और strategic move किया:

  • Honasa ने Couch Commerce Pvt Ltd में 25% stake खरीदा
  • यह कंपनी Fang Oral Care ब्रांड की मालिक है
  • डील वैल्यू: ₹10 करोड़ तक

इससे साफ है कि Honasa केवल skincare में नहीं, बल्कि broader personal care और grooming categories में multi-brand strategy अपना रही है।


🚀📌 Conclusion: Men’s Grooming + Regional Strength = Honasa की नई Growth Story

Honasa Consumer का Reginald Men का अधिग्रहण कई मायनों में game-changing है:

✨ Men’s grooming में entry
✨ South India में बड़ी पकड़
✨ Premium personal care category में विस्तार
✨ High-margin brand जोड़कर portfolio मजबूत करना

Men’s grooming मार्केट इंडिया में तेज़ी से बढ़ रहा है और Honasa अब इस सेगमेंट में भी एक major player बनने जा रहा है।

Mamaearth की strong financial performance और नए strategic investments यह दिखाते हैं कि कंपनी अगले 2–3 वर्षों में multi-brand powerhouse बनने की तैयारी में है।

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🚗 Spinny करने जा रहा है बड़ी Fundraise!

Spinny

Used car retailing प्लेटफॉर्म Spinny एक बार फिर फंडिंग की बड़ी तैयारी में है। कंपनी अब अपने नए $160–165 million के फंडिंग राउंड के लिए late-stage talks में है। खास बात यह है कि इस राउंड को उसके existing निवेशक Accel Leaders Fund lead कर रहे हैं।
इससे Spinny साल 2025 में कुल $320 million से ज्यादा फंडिंग जुटा लेगा।
यह खबर तीन अलग-अलग सोर्सेज़ ने कन्फर्म की है।


🆕 नया फंडिंग राउंड: Fresh Capital + GoMechanic Acquisition का Backup

सोर्सेज़ के अनुसार, यह पूरी तरह एक fresh round है और इसका पहले की फंडिंग से कोई डायरेक्ट लिंक नहीं है।

  • इस साल की शुरुआत में Spinny ने $160 million जुटाए थे
  • जिसमें $30 million का top-up भी शामिल था
  • अब ये नया राउंड इसके अतिरिक्त raise किया जा रहा है

एक स्रोत ने बताया:

“इस राउंड का एक बड़ा हिस्सा Spinny द्वारा हाल ही में की गई GoMechanic की खरीद से जुड़े payouts के लिए इस्तेमाल होगा, ताकि उसका ऑपरेशन smoothly चलता रहे।”

इसका मतलब है कि Spinny अपनी expansion strategy को और मजबूत बनाने में लगा है।


💰 Funding Structure: कितना Primary Capital, कितना Secondary?

सोर्सेज़ के मुताबिक:

  • $90 million होगा primary capital
  • बाकी राशि जाएगी कुछ early और mid-stage निवेशकों की partial या complete exit के लिए

इसका मतलब Spinny equity structure को भी री-बैलेंस कर रहा है।


📄 Regulatory Filings: Series G Shares का Approval

Entrackr द्वारा देखे गए नवीनतम regulatory filings में यह साफ बताया गया है कि:

  • Spinny के बोर्ड ने 10.45 लाख Series G preference shares जारी करने को मंजूरी दे दी है
  • इससे कंपनी कुल ₹395 करोड़ जुटाएगी
  • यह राशि broader $160–165 million राउंड के अंदर ही शामिल है
  • Primary capital बहुत जल्द कंपनी को मिलने की उम्मीद है

यह Spinny के लिए एक बड़ा financial confidence booster है।


📊 Valuation: Flat लेकिन Stable — $1.5–1.8 Billion

सोर्सेज़ का कहना है कि इस राउंड के बाद Spinny की valuation रहेगी:

➡️ $1.5–1.8 billion post-money

यानि valuation में कोई बड़ा jump नहीं है, लेकिन यह stability कंपनी के consistent growth को दिखाती है।
इसके अलावा, इस राउंड में एक नया निवेशक भी शामिल होने की संभावना है।

Spinny के CEO निरज सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं Accel की तरफ से भी तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।


🔧 Spinny का Business Model: Full Stack Approach

जो लोग Spinny के मॉडल से नए हैं, उन्हें बता दें कि कंपनी पूरी तरह full stack मॉडल पर चलती है। इसमें शामिल है:

  • कार inspection
  • refurbishment (repairs & service)
  • documentation
  • financing

Spinny हर महीने:

  • 12,000+ used cars बेचता है
  • B2B + B2C दोनों सेगमेंट में
  • Average कार value: ₹6 लाख

Used car मार्केट इंडिया में तेजी से बढ़ रहा है, और Spinny इस मार्केट का सबसे बड़ा organised प्लेयर बन चुका है।


📈 Total Fundraise Till Now: कितना फंड जुटाया Spinny ने?

TheKredible के डेटा के अनुसार:

  • Spinny ने इस राउंड से पहले तक $676 million जुटाए हैं
  • उसके सबसे बड़े निवेशक हैं:
    • Tiger Global
    • Accel

अगर नया राउंड सफल होता है, तो Spinny का total fundraise $800+ million के आसपास पहुँच जाएगा।


📉 Financial Performance FY25: Revenue Up, Losses Down

Spinny के financial numbers भी काफी strong दिख रहे हैं:

✔️ Revenue (FY25)

  • बढ़कर ₹3,730 करोड़ → ₹4,657 करोड़ हुआ
  • यानी 25% की growth

✔️ Losses (FY25)

  • 28% कम हुए
  • पिछले साल का loss: ₹423 करोड़

यह इशारा है कि Spinny का ऑपरेशन scale होते हुए भी smarter हो रहा है।


🏁 Conclusion: Spinny तेज रफ्तार में — Growth + Expansion + Stability

Spinny की यह नई funding कंपनी के लिए कई मायनों में crucial है:

✨ GoMechanic acquisition का smooth integration
✨ नए शहरों और categories में विस्तार
✨ stronger supply chain और better service quality
✨ used car मार्केट में और domination

वैल्यूएशन भले ही flat रही हो, लेकिन Spinny का consistent revenue growth और losses की reduction यह साबित करती है कि कंपनी long-term players में से एक बन रही है।

2025 में यह Spinny के लिए सबसे बड़े growth years में से एक हो सकता है! 🚀

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💡 Infibeam Avenues अब बनेगा AvenuesAI Ltd

Infibeam Avenues

भारत की डिजिटल भुगतान और ई-कॉमर्स इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Infibeam Avenues ने अपने बिज़नेस मॉडल में बड़े बदलाव की घोषणा की है। कंपनी अब अपना नाम बदलकर AvenuesAI Ltd करने की योजना बना रही है। यह कदम कंपनी की नई AI-ड्रिवन डिजिटल पेमेंट्स और फिनटेक स्ट्रैटेजी को दर्शाता है।

नाम बदलने का प्रस्ताव बोर्ड द्वारा मंज़ूर कर लिया गया है, और अब यह आगे चलकर वैधानिक और रेगुलेटरी मंज़ूरी के लिए भेजा जाएगा।


🤖 क्यों बदल रही है कंपनी अपनी पहचान?

Infibeam Avenues का कहना है कि उसकी नई पहचान AI Powered Fintech Company के रूप में उभरने की दिशा को मजबूत करेगी।
पहले कंपनी की पहचान एक पेमेंट और ई-कॉमर्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर के रूप में थी। लेकिन अब कंपनी AI को अपने हर प्रोडक्ट, सर्विस और बिज़नेस मॉडल का केंद्र बनाकर आगे बढ़ना चाहती है।

इस बदलाव का मकसद—

  • AI आधारित पेमेंट सिस्टम बनाना
  • ग्लोबल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना
  • तेज़ी से बढ़ते फिनटेक मार्केट में नई पहचान बनाना

🧑‍💼 बड़े स्तर पर लीडरशिप बदलाव भी घोषित

नाम बदलने के साथ कंपनी ने अपने नेतृत्व (Leadership) में भी महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं।

👉 विश्‍वास पटेल

वर्तमान में Joint Managing Director
➡ अब बनेंगे Managing Director और CEO

👉 विशाल मेहता

Chairman और Managing Director
➡ आगे भी Chairman बने रहेंगे,
लेकिन उनका मुख्य फोकस होगा—

  • लंबी अवधि की रणनीति
  • AI आधारित रोडमैप

इन बदलावों का उद्देश्य कंपनी को अगले चरण की AI फिनटेक ग्रोथ के लिए तैयार करना है।


👩‍💼 नई Women Director की नियुक्ति

उसी बोर्ड मीटिंग में एक और बड़ा निर्णय हुआ—
नेहरिका वोहरा को कंपनी ने Additional Women Director (Non-Executive, Independent) के रूप में नियुक्त किया है।
उनका कार्यकाल 5 साल का होगा और 11 दिसंबर 2025 से शुरू होगा।

नेहरिका वोहरा का अनुभव

  • IIMA Ventures में उद्यमिता कार्यक्रमों में नेतृत्व
  • स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम से गहरा जुड़ाव

कंपनी का कहना है कि उनकी विशेषज्ञता नए AI आधारित बिज़नेस ट्रांसफॉर्मेशन को सही दिशा देगी।


🌍 भारत से लेकर विदेशों तक फैला है Infibeam का नेटवर्क

Infibeam Avenues भारत ही नहीं, बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी काम करता है। कंपनी की मौजूदगी इन देशों में है—

  • 🇦🇪 UAE
  • 🇸🇦 सऊदी अरब
  • 🇦🇺 ऑस्ट्रेलिया
  • 🇺🇸 अमेरिका
  • 🇴🇲 ओमान (कई प्रमुख बैंकों के साथ पार्टनरशिप)

कंपनी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय पेमेंट मार्केट में बेहतर यूनिट इकॉनॉमिक्स मिलते हैं। नए ब्रांड AvenuesAI के तहत कंपनी अपना वैश्विक विस्तार और मजबूत करना चाहती है।


📈 शानदार वित्तीय प्रदर्शन — FY26 में जबरदस्त ग्रोथ

Infibeam Avenues ने अपने आधे साल (H1 FY26) के वित्तीय नतीजों में काफी मजबूत प्रदर्शन दिखाया है।

🔹 84% Revenue Growth (Year-on-Year)

🔹 26% TPV (Total Payment Volume) Growth

पेमेंट गेटवे यूनिट CCAvenue कंपनी का मुख्य ब्रांड बना रहेगा।
CCAvenue वर्तमान में—

  • 200+ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ काम करती है
  • लाखों व्यापारियों को ऑनलाइन पेमेंट सर्विस प्रदान करती है

💳 कितने ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस किए कंपनी ने?

FY25 में Infibeam Avenues ने कुल—

💰 ₹8.67 ट्रिलियन

(यानि 8.67 लाख करोड़ रुपये)
के ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस किए।

कंपनी के पास—

👥 1 करोड़ से अधिक व्यापारी (Merchants)

और

🏢 Enterprise Customers

जुड़े हुए हैं।

यह डेटा बताता है कि कंपनी भारत की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में से एक बन चुकी है।


🤖 AvenuesAI — भविष्य की ओर कदम

कंपनी का दावा है कि नए AI-फोकस्ड मॉडल के ज़रिए—

  • पेमेंट्स और फिनटेक सर्विसेज़ और स्मार्ट होंगी
  • रिस्क मैनेजमेंट और फ्रॉड डिटेक्शन बेहतर होगा
  • व्यापारी और बैंक अधिक दक्षता (Efficiency) के साथ काम कर पाएंगे
  • ग्लोबल बिज़नेस तेज़ी से बढ़ेगा

AI और पेमेंट टेक्नोलॉजी को मिलाकर कंपनी खुद को अगली पीढ़ी का Fintech Leader बनाने की तैयारी कर रही है।


🏁 निष्कर्ष

Infibeam Avenues का AvenuesAI Ltd बनना, सिर्फ नाम बदलने की औपचारिकता नहीं है—
यह कंपनी की नई रणनीति का स्पष्ट संकेत है कि वह भविष्य की फिनटेक दुनिया में AI को केंद्र में रखकर काम करना चाहती है।

मजबूत नेतृत्व बदलाव, नए बोर्ड मेंबर जोड़ना, शानदार वित्तीय परिणाम और ग्लोबल विस्तार—
ये सभी कदम दर्शाते हैं कि कंपनी अपने AI-ड्रिवन मिशन को लेकर गंभीर है।

भारत और दुनिया में डिजिटल पेमेंट्स का भविष्य तेज़ी से बदल रहा है, और AvenuesAI इस बदलाव की अगुवाई करने की ओर बढ़ रही है।

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🤖✨ NeoSapien ने जुटाए $2 मिलियन

NeoSapien

बेंगलुरु स्थित AI वियरेबल स्टार्टअप NeoSapien ने अपने सीड फंडिंग राउंड में 2 मिलियन डॉलर (करीब ₹18 करोड़) जुटाए हैं। यह निवेश Merak Ventures के नेतृत्व में हुआ, जिसमें कई नामी एंजल निवेशकों ने भाग लिया—
Pixxel के फाउंडर Awais Ahmed, Shaadi.com के संस्थापक Anupam Mittal, boAt के को-फाउंडर Sameer Mehta, Shark Tank की जज Namita Thapar, TaxiForSure के को-फाउंडर Aprameya Radhakrishna और कई अन्य निवेशक शामिल रहे।

इससे पहले NeoSapien ने Namita Thapar और अन्य निवेशकों से $92.4K की शुरुआती पूंजी जुटाई थी।


💰 फंडिंग का इस्तेमाल किस लिए होगा?

स्टार्टअप ने प्रेस रिलीज़ में बताया कि नई आई पूंजी का उपयोग तीन मुख्य क्षेत्रों में किया जाएगा—

  • प्रोडक्ट डेवलपमेंट को तेज़ करना
  • मार्केट विज़िबिलिटी बढ़ाना
  • टीम को मज़बूत करना

कंपनी अब तेज़ी से अपने AI-पावर्ड वियरेबल्स को मार्केट में उतारने और बड़े पैमाने पर अपनाई जाने वाली तकनीक बनाने की तैयारी में है।


🧠⚡ NeoSapien — अगली पीढ़ी का AI wearable स्टार्टअप

2024 में धनंजय यादव और आर्यन यादव द्वारा स्थापित, NeoSapien खुद को “Future of Wearable Intelligence” के रूप में प्रस्तुत करता है। इसका लक्ष्य एक ऐसे AI इकोसिस्टम का निर्माण करना है जो मानव अंतर्ज्ञान (intuition) और मशीन की अनुकूली बुद्धिमत्ता को एक साथ जोड़ सके।

NeoSapien का प्रमुख प्रोडक्ट है—

Neo 1 — AI Native Wearable

यह एक ऐसा वियरेबल है जो आपके रोज़मर्रा के संवादों और गतिविधियों को Actionable Insights में बदल देता है। कंपनी इसे “Second Brain” कहती है।


🧠 Neo 1: आपका “Second Brain” कैसे काम करता है?

Neo 1 एक Always-On AI Assistant है। इसका काम सिर्फ आवाज़ सुनना नहीं, बल्कि लगातार सीखना और समझना भी है।

इसमें मौजूद फीचर्स—

🔹 Persistent Memory:

डिवाइस समय के साथ आपकी पसंद, आदतें, और पैटर्न सीखता है और उसी आधार पर सुझाव देता है।

🔹 Proactive Intelligence:

Neo 1 आपको उस समय जानकारी देता है जब आपको उसकी जरूरत है, बिना किसी कमांड के।

🔹 Real-Time Insights:

आपकी बातचीत, आइडिया, टास्क और गतिविधियाँ—सबको रीयल-टाइम में कैप्चर कर, प्रोसेस और ऑर्गनाइज़ करता है।

🔹 100+ भाषाओं का सपोर्ट:

कन्नड़ से लेकर मंदारिन तक, Neo 1 100 से ज्यादा भाषाओं में काम करता है। यह इसे भारत जैसे बहुभाषी देशों के लिए बेहद उपयोगी बनाता है।


🌍 NeoSapien का बड़ा विज़न — AI Assistants का Operating System बनना

कंपनी का लक्ष्य केवल एक वियरेबल बेचना नहीं है, बल्कि पूरा AI-आधारित ईकोसिस्टम बनाना है।

NeoSapien कहता है कि वह हर तरह के AI Assistant Hardware के लिए Operating System लेयर बनाना चाहता है —

  • स्मार्ट ग्लास
  • स्मार्ट पेंडेंट
  • स्मार्टवॉच
  • स्मार्ट रिंग्स

इसके लिए कंपनी ने अपना NeoCore SDK तैयार किया है, जिसके जरिए अन्य कंपनियां NeoSapien की AI Intelligence लेयर पर अपने ऐप्स और सर्विसेज़ बना सकेंगी।

यानी, NeoSapien सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं, बल्कि AI Wearable Tech का भविष्य तैयार कर रहा है।


🏢 Merak Ventures — क्यों किया निवेश?

Merak Ventures, जिसे मनु रिक्हे और शीलत बहल मैनेज करते हैं, एक सेक्टर-अग्नोस्टिक एंजल फंड है।

उनका फोकस है—

  • B2B स्टार्टअप्स
  • इम्पैक्ट-ड्रिवन टेक कंपनियां
  • अगली पीढ़ी की तकनीक

NeoSapien का विज़न—AI और वियरेबल इंटेलिजेंस को मिलाकर एक नई कैटेगरी बनाना—Merak Ventures की रणनीति से मेल खाता है।

निवेशकों को विश्वास है कि NeoSapien आने वाले वर्षों में भारत और वैश्विक स्तर पर AI-Powered Wearables को पुनर्परिभाषित करेगा।


📱 Indian AI Wearable Market में NeoSapien का संभावित प्रभाव

भारत में स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड्स का मार्केट बहुत तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन अभी तक किसी बड़े खिलाड़ी ने—

  • Persistent Memory
  • Contextual AI
  • Real-Time Reasoning

जैसे फीचर्स को एक वियरेबल में इंटीग्रेट नहीं किया है।

Neo 1 इस खाली जगह को भर सकता है और भारत में AI Wearables का नया ट्रेंड शुरू कर सकता है।


🔮 भविष्य — AI-driven Human Augmentation

NeoSapien का कहना है कि आने वाले समय में वियरेबल्स सिर्फ फिटनेस डेटा ट्रैक नहीं करेंगे, बल्कि—

  • हमारे विचार
  • दैनिक आदतें
  • बातचीत
  • इरादे

सबको समझकर हमारी Productivity बढ़ाएंगे, Decision Making बेहतर करेंगे, और Humans को Augment करेंगे।

NeoSapien खुद को इसी नई तकनीकी क्रांति के केंद्र में देखता है।


🏁 निष्कर्ष

NeoSapien की $2 मिलियन सीड फंडिंग भारतीय AI Wearable Ecosystem के लिए एक बड़ा मोमेंट है।
Neo 1 जैसे AI-नेेटिव डिवाइसेज़ हमें उस भविष्य की ओर ले जा रहे हैं जहां वियरेबल्स सिर्फ गैजेट नहीं, बल्कि हमारा डिजिटल दूसरा दिमाग बन जाएंगे।

कई बड़ी हस्तियों का निवेश NeoSapien के विज़न में विश्वास दिखाता है, और यह साफ है कि कंपनी आने वाले समय में AI-पावर्ड पर्सनल टेक्नोलॉजी को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है।

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🌊 AI-Powered Surf ने जुटाए $15M

Surf

सैन फ्रांसिस्को स्थित AI-पावर्ड डिजिटल एसेट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म Surf ने अपने नवीनतम फंडिंग राउंड में $15 मिलियन (करीब ₹125 करोड़) जुटाए हैं। यह निवेश दौर Pantera Capital के नेतृत्व में पूरा हुआ, जिसमें Coinbase Ventures और Digital Currency Group (DCG) जैसे दिग्गज निवेशकों ने भी भाग लिया।

यह फंडिंग Surf की तकनीक, प्रोडक्ट अपग्रेड और एंटरप्राइज़ विस्तार को तेज़ी देने में मदद करेगी।


🚀 Surf 2.0: अगली पीढ़ी का AI प्लेटफॉर्म

कंपनी ने बताया कि नई पूंजी का बड़ा हिस्सा Surf 2.0 के विकास पर खर्च किया जाएगा।
Surf 2.0 का फोकस होगा—

  • और बेहतर AI मॉडल
  • ज़्यादा सटीक डिजिटल एसेट विश्लेषण
  • तेज़ रिस्पांस
  • मल्टी-एजेंट आर्किटेक्चर का उन्नत उपयोग

Surf खुद के प्रोप्रायटरी डेटा सेट्स और डोमेन-विशिष्ट AI मॉडल बनाता है, जो इसे मार्केट में मौजूद सामान्य एनालिटिक्स टूल्स से अलग करता है।


🤖 Surf क्या करता है? आसान भाषा में समझें

Surf एक ऐसा AI-पावर्ड प्लेटफॉर्म है जो डिजिटल एसेट्स (जैसे टोकन, क्रिप्टो, ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट्स आदि) पर रीयल-टाइम, गहरी और सटीक जानकारी देता है।

इसके मल्टी-एजेंट AI सिस्टम कई ज़रूरी डेटा सोर्सेज का विश्लेषण करता है—

  • सोशल मीडिया सेंटिमेंट
  • ऑन-चेन एनालिसिस (ट्रांजैक्शन, वॉलेट एक्टिविटी)
  • टोकन व्यवहार
  • मार्केट सिग्नल और पैटर्न

बिना घंटों रिसर्च किए, निवेशक सिर्फ चैट इंटरफ़ेस पर पूछकर डेटा, रिपोर्ट और मार्केट ट्रेंड्स एक जगह पर पा लेते हैं।
यानी, Surf आपका AI रिसर्च असिस्टेंट जैसा काम करता है।


📊 एक ही चैट इंटरफ़ेस में पूरा Web3 इंटेलिजेंस

Surf का सबसे बड़ा USP है इसका चैट-आधारित इंटरफ़ेस
निवेशक सिर्फ सवाल लिखते हैं और Surf सभी AI एजेंट्स का आउटपुट मिलाकर एक ही जगह जवाब देता है।

उदाहरण के लिए—

  • “कल Ethereum वॉल्यूम क्यों गिरा?”
  • “Solana की ऑन-चेन एक्टिविटी कैसी है?”
  • “कौन-सा टोकन सोशल ट्रेंड्स में बढ़ रहा है?”

ये सब Surf सेकंडों में डिटेल्ड इनसाइट्स के साथ बता देता है।
कंपनी का कहना है कि Surf का सिस्टम मैन्युअल रिसर्च की गलतियों और देरी को खत्म करता है।


💼 क्यों बढ़ रही है Surf की मांग?

Web3 और डिजिटल एसेट्स की दुनिया में डेटा की बाढ़ है—लेकिन सही, भरोसेमंद और तेज़ विश्लेषण की कमी है।
संस्थाएं और व्यक्तिगत निवेशक दोनों ही Surf जैसे प्लेटफॉर्म की ओर इसलिए झुक रहे हैं:

  1. सटीक AI एनालिटिक्स
  2. रीयल-टाइम मार्केट डिटेल्स
  3. बेहतर रिस्क मैनेजमेंट
  4. ड्यूप्लिकेट या गलत डेटा से बचाव

आज के समय में, जहां क्रिप्टो मार्केट बेहद तेज़ी से बदलता है, Surf जैसी AI-इंटेलिजेंस कंपनियां निवेशकों के लिए गेम चेंजर बन रही हैं।


🌐 Pantera Capital और अन्य निवेशकों का भरोसा

Pantera Capital, दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टो/ब्लॉकचेन निवेश कंपनियों में से एक, इस राउंड की लीड निवेशक रही।
Coinbase Ventures और Digital Currency Group (DCG) का जुड़ना यह दिखाता है कि Surf की तकनीक Web3 इकोसिस्टम में मजबूत भविष्य रखती है।

निवेशकों को उम्मीद है कि Surf—

  • डिजिटल एसेट्स रिसर्च को आसान बनाएगा
  • मार्केट मोमेंट्स को सटीक पहचानने में मदद करेगा
  • क्रिप्टो में डेटा-चालित फैसलों को बढ़ावा देगा

👨‍💼 CEO Ryan Li का विज़न

Surf के CEO Ryan Li का कहना है—
“हम AI और डिजिटल एसेट इंटेलिजेंस को नए स्तर पर ले जाना चाहते हैं। Surf 2.0 से संस्थाओं और रिटेल उपयोगकर्ताओं को ऐसी गहराई, स्पीड और इनसाइट्स मिलेंगी जो पहले संभव नहीं थीं।”

कंपनी Web3 एनालिटिक्स स्पेस में एक ग्लोबल AI-फर्स्ट रीढ़ बनाना चाहती है।


📈 डिजिटल एसेट मार्केट में AI की बढ़ती भूमिका

आज लगभग हर क्रिप्टो प्रोजेक्ट, टोकन और ब्लॉकचेन नेटवर्क पिछले वर्षों से अधिक जटिल हो चुका है।
ऐसे में, AI की जरूरत तेज़ी से बढ़ी है:

  • मार्केट प्रेडिक्शन
  • ऑन-चेन डेटा डिकोडिंग
  • फेक सेंटिमेंट और बॉट अकाउंट डिटेक्शन
  • निवेश रिस्क एनालिसिस
  • ब्लॉकचेन ट्रैफ़िक और पैटर्न समझना

Surf जैसी कंपनियां इस पूरे सेक्टर को AI-चालित बना रही हैं।


🔮 Surf का आगे का रोडमैप

कंपनी ने संकेत दिया है कि फंडिंग के बाद वह—

  • AI मॉडल्स को अपग्रेड करेगी
  • नए AI एजेंट्स जोड़ेंगी
  • संगठन-स्तर (enterprise) के लिए प्रीमियम एनालिटिक्स लॉन्च करेगी
  • प्लेटफॉर्म को ग्लोबली एक्सपैंड करेगी
  • बड़े Web3 हेज फंड्स और क्रिप्टो एक्सचेंजों के साथ इंटीग्रेशन करेगी

कंपनी का लक्ष्य है कि Surf सिर्फ एक टूल नहीं, बल्कि डिजिटल एसेट्स की पूरी Research & Intelligence लेयर बन जाए।


🏁 निष्कर्ष

Surf द्वारा जुटाए गए $15 मिलियन Web3 और क्रिप्टो एनालिटिक्स सेक्टर के लिए एक बड़ा संकेत है—
AI-ड्रिवन रिसर्च अब भविष्य नहीं, वर्तमान है।

तेज़ी से बदलती डिजिटल एसेट दुनिया में Surf डिजिटल निवेशकों का एक भरोसेमंद AI साथी बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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☕🚀 Toffee Coffee Roasters ने जुटाए ₹5 करोड़

Toffee Coffee Roasters

भारत का स्पेशलिटी कॉफी मार्केट लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है, और इसी ट्रेंड को मजबूत करते हुए Toffee Coffee Roasters ने अपने Pre-Series A राउंड में ₹5 करोड़ जुटाए हैं। यह राउंड IPV द्वारा लीड किया गया, जबकि 66 Bridge Partners, Abhijit Vemuganti और Invesst ने भी इसमें हिस्सा लिया।

यह वही स्टार्टअप है जिसे Shark Tank India पर भी फीचर किया गया था और जिसे OYO के फाउंडर रितेश अग्रवाल ने भी सपोर्ट किया है।

नई फंडिंग ब्रांड के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है क्योंकि भारत का प्रीमियम कॉफी मार्केट 20%+ CAGR पर तेजी से बढ़ रहा है और ग्राहक अब घरेलू स्तर पर high-quality roasted coffee को अपनाने लगे हैं।


💸 फंडिंग का इस्तेमाल कहां होगा?

कंपनी के अनुसार नई जुटाई गई राशि का उपयोग इन प्रमुख क्षेत्रों में होगा:

  • 🔧 Operations Expansion
  • 🏭 Backend Roastery को मजबूत बनाना
  • 📦 Packaging Quality में सुधार
  • 🆕 नई Coffee Products डेवलप करना
  • ⚙️ Production Capacity बढ़ाना

यानी यह फंडिंग सिर्फ कैपिटल नहीं, बल्कि Toffee Coffee Roasters के pan-India coffee leadership की दिशा में अहम कदम है।


📍 2019 का मुंबई कैफे → Pan-India Coffee Brand बनने तक की यात्रा

Toffee Coffee Roasters की शुरुआत 2019 में रिषभ निगम और नंदिनी श्रीवास्तव ने एक स्पेशलिटी कॉफी कैफे के रूप में मुंबई में की थी।

लेकिन फिर आया 2020 का लॉकडाउन—और वहीं से ब्रांड ने बड़ा pivot किया:

  • Fresh roasted coffee delivery मुंबई में शुरू की
  • जल्दी ही demand बढ़ने पर पूरे भारत में डिलीवरी शुरू
  • आज यह ब्रांड मार्केटप्लेस, वेबसाइट और quick commerce प्लेटफॉर्म्स पर लाखों ग्राहकों तक पहुँचता है

📦 अब तक की ग्रोथ

  • 👥 2 लाख+ ग्राहक
  • 🏭 10,000 sq ft roastery
  • 🌱 “Farm-to-Cup” मॉडल — सीधे sourcing, processing, roasting और delivery
  • 🛒 Strong presence across marketplaces + website + quick commerce

कंपनी का फुल-स्टैक मॉडल उसे consistent quality और बेहतर pricing देने में सक्षम बनाता है।


🌍 भारत और दुनिया का कॉफी मार्केट कितना बड़ा है?

मार्केट रिसर्च के अनुसार:

  • 🌎 Global Coffee Market: $150–200 billion
  • 🇮🇳 India Coffee Market: लगभग $2 billion
  • 📈 CAGR: 20%+

यह बताता है कि भारत में गुणवत्ता वाली कॉफी की मांग अभी शुरू ही हुई है—और आगे इसमें बहुत बड़ी संभावनाएं हैं।


क्या खास है Toffee Coffee Roasters में?

कंपनी दुनिया भर से premium-grade कॉफी beans sourcing करती है और:

  • 🌱 sourcing
  • 🔥 roasting
  • 🌀 blending
  • 🚚 direct delivery

सब कुछ इन-हाउस करती है।
इस lean supply chain मॉडल से:

  • Middlemen हट जाते हैं
  • Quality बेहतर मिलती है
  • Customers को fresher coffee मिलती है
  • Prices competitive रहती हैं

ब्रांड का दावा है कि उनकी coffee freshly roasted होती है और roast-to-delivery model उन्हें बाकी brands से आगे रखता है।


📊 Production & Consumption: एक महीने में 3-4 लाख कप कॉफी!

Toffee Coffee Roasters के ताज़ा आंकड़े बेहद प्रभावशाली हैं:

  • 🔥 5 tonnes से अधिक coffee प्रति माह production
  • 📦 40,000+ units महीने में consumption
  • ☕ देशभर में लगभग 3–4 लाख cups/month घरों में बनाए जाते हैं

यह दिखाता है कि ब्रांड ने सिर्फ metro cities नहीं, बल्कि tier-2 और tier-3 दर्शकों तक भी अच्छी penetration हासिल कर ली है।


🎯 अगला लक्ष्य: 50 tonnes production!

कंपनी अब अपनी production capacity को 10X बढ़ाने की योजना बना रही है:

नया लक्ष्य:

  • 🏭 50 tonnes प्रति माह production capacity
  • 💰 ₹8–10 करोड़ annualised revenue
  • 👥 8–10 लाख customers तक पहुंच

यदि यह लक्ष्य हासिल होता है, तो Toffee Coffee Roasters भारतीय स्पेशलिटी कॉफी मार्केट में एक शीर्ष खिलाड़ी बन सकता है।


🏆 Shark Tank से लेकर Investors का भरोसा — ब्रांड क्यों पसंद किया जा रहा है?

कई कारण हैं:

  • 📦 Premium quality
  • 🌱 Freshly roasted beans
  • 🏭 Integrated roastery
  • 👨‍🔬 In-house product innovation
  • 📈 Fast scaling
  • 🛒 Multi-channel distribution

इसलिए IPV + 66 Bridge Partners + Invesst जैसे निवेशकों का भरोसा ब्रांड को मजबूत position पर ला रहा है।


🔚 निष्कर्ष: भारत की Specialty Coffee Revolution का अगला बड़ा ब्रांड?

Toffee Coffee Roasters ने:

  • मजबूत unit economics
  • high-quality production
  • lean supply chain
  • तेजी से बढ़ते customer base

के दम पर खुद को एक promising coffee startup के रूप में स्थापित किया है।

नई फंडिंग के साथ कंपनी:

  • अपनी roastery expand करेगी
  • नए products launch करेगी
  • pan-India presence बढ़ाएगी

और specialty coffee की rising wave को और आगे ले जाएगी।

भारत में home-brewed coffee culture तेजी से grow हो रहा है, और Toffee Coffee Roasters इस नए कॉफी क्रांति का एक मजबूत चेहरा बनकर उभर रहा है। ☕🔥

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