💼⚠️ Whatfix ने किए 6% कर्मचारियों की छंटनी

whatfix

Bengaluru की जानी-मानी SaaS (Software-as-a-Service) कंपनी Whatfix ने अपनी स्थापना के बाद पहली बार कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है। कंपनी ने 6% वर्कफोर्स को प्रभावित करते हुए एक बड़े “strategic realignment” की घोषणा की है

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कई टेक कंपनियाँ अपने खर्चों को optimize करने, AI-focused product strategies पर जाने और लंबी अवधि की sustainable growth पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

आइए जानते हैं, Whatfix के इस बड़े कदम के पीछे क्या वजहें हैं और इसका कंपनी के भविष्य पर क्या असर होगा।👇


🎯🔄 Strategic Realignment: कंपनी की नई दिशा

Entrackr को जवाब देते हुए Whatfix के spokesperson ने कहा:

“Whatfix ने long-term, sustainable और efficient growth के लिए strategic realignment किया है। बदलते बाज़ार में हमारी AI-first product lines को मज़बूत traction मिल रहा है, और उसी दिशा में business को align करने के लिए यह कदम उठाया गया।”

उन्होंने आगे कहा कि करीब 6% headcount, जिसमें 4% GTM टीम शामिल है, restructuring से प्रभावित हुआ है।

कंपनी ने यह भी बताया कि यह निर्णय बेहद कठिन था, लेकिन प्रभावित कर्मचारियों को support देने और उनके transition को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है।


🤝💔 Employees के लिए सहानुभूति का संदेश

कंपनी ने साफ कहा कि यह फैसला lightly नहीं लिया गया:

“Such decisions are never easy… हम अपने colleagues के लिए empathy के साथ transition संभाल रहे हैं।”

इससे पता चलता है कि company culture और कर्मचारियों के लिए support अभी भी top priority है।

टेक इंडस्ट्री में छंटनी का दौर पिछले दो सालों से जारी है— लेकिन Whatfix के इतिहास में यह पहला layoff है, जो स्थिति की गंभीरता और बाज़ार के बदलते dynamics को दर्शाता है।


🧩 Whatfix क्या करता है?

Whatfix की स्थापना Khadim Batti और Vara Kumar ने की थी।

कंपनी का मुख्य उत्पाद है:
👉 In-app guidance
👉 Performance support tools
👉 User onboarding solutions

ये टूल्स बड़ी कंपनियों को उनकी internal software और applications का उपयोग आसान बनाने में मदद करते हैं — जिससे employee productivity और efficiency बढ़ती है।

Whatfix का उपयोग दुनिया भर की enterprises करती हैं, खासकर large-scale digital transformation programs में।


💰📈 फंडिंग और ESOP Buyback: मजबूत वित्तीय स्थिति

September 2023 में Whatfix ने

  • $125 मिलियन Series E फंडिंग उठाई
  • Lead investor: Warburg Pincus
  • साथ में: SoftBank Vision Fund 2 जैसे मौजूदा निवेशक

Funding के तुरंत बाद कंपनी ने
👉 $58 मिलियन का ESOP Liquidity Program लॉन्च किया
👉 यह उनका चौथा ESOP buyback था
👉 कर्मचारियों और शुरुआती निवेशकों को liquidity उपलब्ध कराई गई

कई भारतीय SaaS कंपनियों की तुलना में Whatfix ने दशकों में ऐसा मजबूत ESOP trust बनाया है।


📊 FY24 Performance: Revenue Growth और Loss Reduction

हालाँकि FY25 के नंबर अभी सामने नहीं आए हैं, पर FY24 के financials काफी मजबूत रहे:

📌 Revenue from Operations

FY23: ₹284.74 करोड़
FY24: ₹424.58 करोड़
👉 49% YoY growth

📌 Loss Reduction

FY23 loss: ₹328.84 करोड़
FY24 loss: ₹262.63 करोड़
👉 20% तक घाटे में कमी

यह स्पष्ट संकेत है कि कंपनी अपने business operations को अधिक lean और efficient बनाने में सफल रही है।


🇺🇸🌎 US Market बने राजस्व का सबसे बड़ा स्तंभ

Whatfix का सबसे बड़ा revenue share अमेरिका से आता है।

FY24 में US ने contribute किया:
👉 72.13% of total revenue

इससे पता चलता है कि Whatfix global SaaS marketplace में काफी मजबूत स्थिति रखता है, खासकर North America में enterprise adoption के मामले में।


🤖🔥 AI-first Product Lines: Real Motive Behind Realignment?

आज SaaS sector rapid transformation phase से गुजर रहा है।
AI सिर्फ एक अतिरिक्त feature नहीं— अब core product strategy बन चुकी है।

Whatfix भी यही कह रहा है कि AI-first solutions को भारी traction मिल रहा है।

संभव है कि कंपनी:

  • अपनी sales structure बदल रही हो
  • पुराने GTM models को reshuffle कर रही हो
  • AI automation tools पर ज़्यादा investment कर रही हो

यानी future focus होगा:
👉 AI-driven workflows
👉 Self-learning user guidance
👉 Smart in-app performance systems


🧭 Ahead: Whatfix का भविष्य कैसा दिखता है?

Layoffs हमेशा चिंता पैदा करते हैं, लेकिन Whatfix के strong fundamentals और global presence को देखते हुए:

जो अच्छा दिख रहा है:

✔ Revenue तेजी से बढ़ रहा
✔ Losses घट रहे
✔ US बाजार मजबूत
✔ AI-first strategy clear
✔ ESOP trust high
✔ Investors की backing solid

जहाँ चुनौती है:

⚠️ Competition SaaS में बहुत तेज़
⚠️ AI automation existing teams की role expectations बदल देगा
⚠️ US economy में fluctuations enterprise budgets को प्रभावित कर सकती हैं

लेकिन overall, यह clear है कि Whatfix खुद को long-term sustainable और AI-focused SaaS leader बनने के लिए reposition कर रहा है।


🏁 Bottom Line

Whatfix का 6% layoff भले ही चिंता पैदा करता हो, लेकिन यह कदम कंपनी की AI-centric future strategy का हिस्सा है।

Funding strong है, revenue growth impressive है, और US में market traction लगातार बढ़ रहा है।

अब देखने वाली बात यह है कि यह strategic shift कंपनी को अगले phase में कितनी तेजी से आगे बढ़ाता है।

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⚛️🤖 Quantum Dice ने उठाया बड़ा कदम

Quantum Dice

आज की दुनिया में हर सेकेंड इतना डेटा बन रहा है कि पारंपरिक कंप्यूटर उसके आगे धीरे-धीरे बेअसर होते जा रहे हैं। Binary logic— यानी सिर्फ 0 और 1 पर चलने वाले processors— अब real-world की complexity को संभाल नहीं पा रहे।

इसी gap को भरने के लिए आया है Quantum Dice, जो computing का भविष्य बदलने जा रहा है — Probabilistic Computing के ज़रिए!

Startup का कहना है कि अगर दुनिया को energy-efficient, fast और scalable computing चाहिए, तो उसे randomness को दबाने नहीं बल्कि समझने की ज़रूरत है। और Quantum Dice इसी randomness को superpower में बदल रहा है।

आज कंपनी को European Innovation Council (EIC) Accelerator द्वारा €2 मिलियन की ग्रांट मिली है, जिससे इसकी कुल फंडिंग £6.5 मिलियन पहुँच गई है। यह फंडिंग कंपनी को अपनी ORBIT™ प्लेटफ़ॉर्म को commercial-ready बनाने में मदद करेगी।

आइए विस्तार से समझते हैं कि आख़िर यह tech है क्या और क्यों यह future बनेगी। 👇


🔮🧠 Probabilistic Computing: Binary से आगे की दुनिया

पारंपरिक processors हर calculation को exact और deterministic तरीके से करते हैं — यानी fixed output चाहिए।

लेकिन दुनिया deterministic नहीं है — weather से लेकर traffic patterns तक सब कुछ unpredictable है।

🧩 Quantum Dice का brilliance:

🔥 इसकी ORBIT™ processor में probabilistic bits (p-bits) होते हैं
🔥 p-bits 0 और 1 के बीच fluctuate करते रहते हैं
🔥 यानी processor uncertainty के साथ काम करना सीखता है

यह approach complex problems को तेज़, smart और ultra energy-efficient तरीके से हल कर सकती है।

जहाँ classical computing को बड़े-बड़े supercomputers और भारी बिजली चाहिए, वहीं probabilistic processors कम energy में ज़्यादा काम कर सकते हैं।


⚡🌀 Quantum Entropy से बनी दुनिया की सबसे अनोखी computing tech

Quantum Dice की शुरुआत 2020 में Oxford University की quantum optics lab से निकली टीम ने की थी:

  • Dr Ramy Shelbaya
  • Dr Zhanet Zaharieva
  • Wenmiao Yu
  • George Dunlop
  • Marko von der Leyen

इन सबने quantum photonics को practically usable computing में transform किया है।

💡 Quantum Dice की core tech:

इसके ORBIT™ processor में self-correcting quantum photonic entropy sources हैं।
मतलब:

  • Randomness को scientifically harness किया जाता है
  • Processor खुद को correct करता है
  • Energy कम लगती है
  • Speed कई गुना बढ़ जाती है

Founder Shelbaya का कहना है —
“हमारा probabilistic processor quantum photonics पर आधारित है और complex computational problems को existing solutions से कई गुना तेज़ और energy-efficient तरीके से हल कर सकता है।”


🤖✨ Probabilistic AI: अगली पीढ़ी की artificial intelligence

Quantum Dice बता रहा है कि AI का अगला युग deterministic नहीं, probabilistic होगा।
क्यों?

क्योंकि AI models:

  • लाखों variables से बने होते हैं
  • Uncertain data पर depend करते हैं
  • Probability-based decisions लेते हैं

ऐसे में probabilistic processors, classical chips से ज़्यादा natural fit हैं।
यह बड़े-बड़े optimisation problems, industrial workflows, supply chains aur neural networks को कहीं ज़्यादा efficiently handle कर सकते हैं।


🧊❄️ Cryogenic systems? No need!

PsiQuantum जैसे quantum startups को ultra-low temperatures चाहिए।
लेकिन Quantum Dice का ORBIT™ processor:

  • Room temperature पर चलता है
  • Existing semiconductor fabrication के साथ compatible है
  • Industry में plug-and-play की तरह use किया जा सकता है

यह feature इसे commercial adoption के लिए बहुत attractive बनाता है।


🌍👥 Diversity भी इसकी बड़ी ताकत

स्टार्टअप ने बताया कि उनकी टीम:

  • 33% women
  • 8+ nationalities
  • 10+ spoken languages
  • 48% लोग non-White ethnic groups
  • टीम में 7 PhDs और 11 MSc holders

यानी यह सिर्फ tech ही नहीं, values के स्तर पर भी future-ready कंपनी है।


🚀📦 आगे की योजना — Commercial Processor Launch!

Founder Shelbaya ने भविष्य के लिए बड़ी roadmap भी शेयर की:

🔜 Mid-term Goals:

  • पहला commercial probabilistic processing unit (PPU) लॉन्च करना
  • ORBIT™ architecture को mass production ready बनाना
  • Probabilistic computing ecosystem बनाना
  • Developers और enterprises का global network तैयार करना

Quantum Dice चाहती है कि जैसे आज classical CPUs हर industry में हैं, वैसे ही कल probabilistic processors हर जगह हों — AI, defence, supply chain, finance, smart cities, और industrial automation तक।


🏁🔍 Final Takeaway: Quantum Dice computing के अगले युग की शुरुआत कर चुका है

यह startup सिर्फ quantum tech नहीं बना रहा — यह पूरी computing दुनिया को binary से probability की तरफ ले जा रहा है।

आज की €2M ग्रांट यह साफ दिखाती है कि Europe इस technology को strategic future मान चुका है।

अगर यह सफल हुआ, तो आने वाले समय में:

  • AI models तेज़ होंगे
  • Industry में energy consumption घटेगा
  • Complex optimisation problems seconds में होंगे
  • Computing ज़्यादा sustainable बनेगी

Quantum Dice computing के नए युग — Probabilistic Age — का पहला बड़ा कदम बन गया है।

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📊🇪🇸 Spanish स्टार्टअप Algori ने जुटाए €3.6M,

Algori

FMCG (Fast-Moving Consumer Goods) सेक्टर आज पूरी तरह shopper data पर टिका हुआ है — companies distribution, pricing, promotions aur product placement ka har Faisla data ke basis par leti हैं। लेकिन Europe का real problem यह है कि traditional data panels बहुत छोटे होते हैं, slow होते हैं और actual consumer behaviour को sahi detail में capture नहीं कर पाते।

इसी gap को भरने आया है Spain-based startup — Algori, जिसने FMCG डेटा को इतना तेज, accurate और granular बना दिया है कि बड़ी कंपनियां अब इसे ही future मान रही हैं।

आज Algori ने €3.6 million की नई funding raise की है — aur iske investors की list भी कम powerful नहीं है! Red Bull Ventures सहित कई बड़े VC इस round में शामिल हुए। कुल मिलाकर, startup अब तक €7.5 million से ज्यादा funding उठा चुका है.

Chaliye देखते हैं Algori kya karta hai, kyu special hai, aur ab kya होने वाला है। 👇


🧠📊 Algori: FMCG दुनिया का सबसे powerful shopper-data engine

Algori basically ek purchase & behavioural data platform है जो FMCG companies ko real-time shopping data provide करता है.

🔍 उससे भी खास kya?
👉 इसका data Spain के 45,000 weekly shoppers से आता है — जो किसी भी traditional panel से कई गुना बड़ा है!

Traditional panels me:

  • 4,000–20,000 log hi होते हैं
  • Data late आता है
  • SKU-level detail नहीं मिलती

लेकिन Algori इन सबको एक line में पीछे छोड़ देता है।

❗Algori का secret weapon — AI

Startup ek AI classification engine use करता है जो shoppers ke receipts ko scan करके हर product ko individual SKU-level par decode karta है.

Meaning:

  • Kis store me kya sell हुआ
  • Kaun sa item किस price par गया
  • Kis category ki growth ho रही है
  • Kya cheezein लोग छोड़ रहे हैं
  • Basket me kya-क्या items साथ लिए जा रहे हैं

— सब kuch companies ko near-real-time में मिल जाता है।

Algori सिर्फ 4 din me poora updated monthly/quarterly data दे देता है — jo industry me abhi tak kisi ke पास नहीं!


🏪📈 FMCG Brands aur Retailers ke liye game-changer

Aaj ki date me FMCG उद्योग की सबसे बड़ी needs हैं:

  • तेज data
  • ज्यादा detailed data
  • सच्ची shopper insights
  • Category-level intelligence

Traditional companies जैसे Kantar, NielsenIQ, Receiptor AI data तो देती हैं, लेकिन granularity और speed में पीछे रह जाती हैं.

यहीं से Algori ka rise शुरू होता है.

🚀 Algori FMCG कंपनियों को क्या देता है?

  • SKU-level insights
  • Store-wise pricing changes
  • Complete basket analysis
  • Retail trends
  • Customer behaviour shifts
  • Category performance insights

Companies easily समझ पाती हैं:

  • कौन सा segment गिर रहा है
  • कौन सा product चल रहा है
  • Customers कहाँ switch कर रहे हैं
  • Promotions ka क्या impact है
  • Launches successful हुए या नहीं

Yeh सब कुछ तेज, साफ और accurate तरीके से.


👤💬 CEO का बयान: “Industry को तेज और granular data चाहिए — हम वही दे रहे हैं”

CEO Andrius Juozapaitis ke words mein:
“Shopper panel industry ek बड़ी बदलाव की तरफ बढ़ रही है. Brands को ज्यादा granular aur fast data चाहिए. Traditional panels यह depth नहीं दे सकते. हमारा model AI + scale + freshness का perfect mix है.”


🧩💪 Investors भी Algori की प्रशंसा से पीछे नहीं

VCs का भरोसा दिखाता है कि यह model सिर्फ Spain ही नहीं, पूरे Europe में बड़े बदलाव ला सकता है।

🗣 Investor Highlights:

Tech Transfer Agrifood (Clave Capital)
“Algori का fast और granular data retailers को new launches और sales monitoring में मदद करता है.”

Shilling Capital
“Data industry का future इसी तरह के AI-enabled shopper panels में है. Algori पहले से ही पूरे market से आगे है.”


🌍🚀 अब आगे क्या? Europe aur Latin America ki taraf march!

नई funding से startup अब बड़े expansion की तैयारी में है:

🌐 Europe Expansion:

  • Poland
  • Germany
  • France

🌎 Latin America Next:

  • Brazil
  • Mexico
  • Chile
    (Aur कई नए markets soon!)

Startup apni AI capabilities और shopper panel sample को भी expand करेगा ताकि data और भी powerful बनाया जा सके.


🎯 अंतिम बात — Algori FMCG data industry ko future की तरफ push कर रहा है

FMCG दुनिया में competition हर महीने बढ़ रहा है. ऐसे समय में जिस company के पास fastest, deepest aur most accurate shopper data होगा, वही जीत पाएगी.

Algori का AI-driven + ultra-granular + near-real-time data model पुरानी companies के system को पूरी तरह disrupt कर रहा है.

Spain से शुरू होकर अब पूरा Europe इस नई data revolution का हिस्सा बनने वाला है.

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🇫🇷🔐 फ्रांस की साइबरसिक्योरिटी स्टार्टअप Evertrust ने जुटाए €10 मिलियन

Evertrust

जैसे-जैसे दुनिया डिजिटल हो रही है, वैसे-वैसे कंपनियों को अपने हर सिस्टम, सर्विस और नेटवर्क को सुरक्षित रखना पहले से ज्यादा ज़रूरी हो गया है। डिजिटल सर्टिफिकेट—जो वेबसाइट्स, ऐप्स और सर्विसेज़ को सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड रखते हैं—Evertrust अब पहले की तुलना में कहीं कम समय के लिए मान्य रहते हैं। आज इनकी वैधता 398 दिनों की है, और 2029 तक ये घटकर सिर्फ 47 दिन रह जाएगी।

ऐसे में हर कंपनी को हजारों सर्टिफिकेट को समय पर मैनेज, रिन्यू और ट्रैक करना पड़ता है—और इसी समस्या का समाधान लेकर आई है Evertrust, एक फ्रेंच साइबरसिक्योरिटी स्टार्टअप।

आज Evertrust ने €10 मिलियन की Series A फंडिंग जुटाई है, जिसका नेतृत्‍व निवेश फर्म Elephant ने किया। यह पूंजी कंपनी को पूरे यूरोप में अपना विस्तार तेज़ करने और डिजिटल ट्रस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में मदद करेगी।


🛡️ Evertrust: यूरोप का अपना डिजिटल ट्रस्ट प्लेटफॉर्म

Evertrust की शुरुआत 2017 में पेरिस में Kamel Ferchouche, Jean-Julien Alvado और Étienne Laviolette ने की थी। उनका लक्ष्य साफ था—एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना जो यूरोपीय कंपनियों को डिजिटल सर्टिफिकेट मैनेजमेंट में आत्मनिर्भर बनाए।

🔑 Evertrust क्या करता है?

कंपनी दो मुख्य सॉल्यूशंस प्रदान करती है:

1️⃣ Stream™ – पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (PKI) प्लेटफॉर्म

  • डिजिटल सर्टिफिकेट जारी करना
  • उनकी सुरक्षा और वेरिफिकेशन
  • बड़े संस्थानों के लिए स्टैंडर्ड-कम्प्लायंट इंफ्रास्ट्रक्चर

2️⃣ Horizon™ – Certificate Lifecycle Management (CLM)

  • सर्टिफिकेट को ऑटोमैटिक रिन्यू करना
  • एक्सपायरी ट्रैक करना
  • ऑन-प्रेम, क्लाउड या हाइब्रिड—कहीं भी मैनेज करना

ये दोनों प्लेटफॉर्म मिलकर कंपनियों को सर्टिफिकेट मैनेजमेंट का पूर्ण “एंड-टू-एंड” कंट्रोल देते हैं—जो आज के समय में बेहद ज़रूरी है।


💡 क्यों जरूरी है Evertrust का समाधान?

आज ज्यादातर बड़े संगठन—बैंक, अस्पताल, सरकारी विभाग, ऊर्जा कंपनियां—डिजिटल सर्टिफिकेट के लिए U.S.-आधारित ग्लोबल वेंडर्स पर निर्भर हैं। इससे डेटा स्वायत्तता की समस्या बढ़ती है, क्योंकि संवेदनशील सिस्टम विदेशी टेक पर आधारित होते हैं।

Evertrust इस कमी को दूर करता है। कंपनी कहती है:

“Evertrust यूरोप की एकमात्र कंपनी है जो PKI और CLM दोनों को एक एकीकृत प्लेटफॉर्म में पेश करती है।”

यानी Venafi, Keyfactor, AppViewX जैसे प्रतियोगियों से बड़ा अंतर यह है कि Evertrust दोनों समाधान को एक ही यूरोपीय, कम्प्लायंट वातावरण में देता है।

कंपनी के सॉल्यूशंस eIDAS, NIST और ANSSI (फ्रांस की राष्ट्रीय साइबर एजेंसी) जैसे सख्त अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करते हैं।


🏦 कंपनी के क्लाइंट्स: CAC 40 कंपनियों में चौथाई इसका उपयोग करती हैं

2025 तक Evertrust की तकनीक फ्रांस की कई प्रमुख कंपनियों में इस्तेमाल हो रही है—
✔️ बैंकिंग
✔️ ऊर्जा
✔️ हेल्थकेयर
✔️ रक्षा
✔️ पब्लिक प्रशासन

CAC 40 (फ्रांस का शीर्ष स्टॉक इंडेक्स) की 25% से ज्यादा कंपनियां Evertrust के प्लेटफॉर्म का उपयोग करती हैं—जो कंपनी की विश्वसनीयता और बड़े-पैमाने पर उपयोग का मजबूत प्रमाण है।


🚀 Series A फंडिंग से क्या बदलेगा?

Evertrust इस नई फंडिंग से आने वाले वर्षों में कई बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहती है:

🔹 1. यूरोप में तेज़ विस्तार

कंपनी पूरे यूरोप में अपने पार्टनर नेटवर्क को मजबूत करेगी और Managed Security Providers के साथ मिलकर नए बाजारों तक पहुंचेगी।

🔹 2. टेक्निकल और सेल्स टीम को तीन गुना बढ़ाना

पांच सालों में Evertrust अपनी टीम को तेजी से स्केल करेगी, ताकि यूरोप की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।

🔹 3. पोस्ट-क्वांटम सिक्योरिटी की तैयारी

क्वांटम कंप्यूटिंग भविष्य में परंपरागत क्रिप्टोग्राफी को चुनौती दे सकती है।
Evertrust ऐसे Quantum-resistant certificates विकसित कर रही है जो आने वाले दशकों तक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित रख सकें।


🔮 यूरोप के डिजिटल भविष्य में Evertrust की भूमिका

दुनिया भर में साइबर खतरों के बढ़ने के साथ, डिजिटल सर्टिफिकेट का प्रबंधन कंपनियों के लिए मिशन-क्रिटिकल बन गया है। Evertrust न केवल यूरोप को डेटा स्वायत्तता दे रहा है, बल्कि एक सुरक्षित और स्वतंत्र डिजिटल ट्रस्ट इकोसिस्टम तैयार करने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

फ्रांस और यूरोप दोनों के लिए, यह निवेश सही समय पर आया है—क्योंकि अगले कुछ वर्षों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर डिफेंस सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक होंगे।

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🇫🇷🔥 फ्रांस बना यूरोप का नया AI हब

AI

फ्रांस में जब भी स्टार्टअप इकोसिस्टम की बात होती है, तो सबसे पहले Artificial Intelligence (AI) का नाम ही सामने आता है। पिछले कुछ वर्षों में फ्रांस ने खुद को न सिर्फ यूरोप में, बल्कि दुनिया के AI मानचित्र पर एक तेज़ी से उभरती ताकत के रूप में स्थापित किया है। यह बदलाव केवल स्टार्टअप्स की वजह से नहीं, बल्कि मजबूत सरकारी नीतियों, भारी निवेश और दुनिया के श्रेष्ठ AI टैलेंट के कारण संभव हुआ है।


🚀 2025 में फ्रांस का AI बूम – रिकॉर्ड तोड़ निवेश

फ्रांस की AI ग्रोथ कोई सामान्य कहानी नहीं है।

  • Bpifrance ने 2029 तक AI इकोसिस्टम में €10 बिलियन निवेश की प्रतिबद्धता की है।
  • फ़रवरी 2025 में राष्ट्रपति मैक्रों ने €109 बिलियन का AI मेगा-इन्वेस्टमेंट पैकेज घोषित किया।

इसके परिणाम शानदार रहे:

  • 2024 में फ्रेंच startups ने €7 बिलियन से ज्यादा फंडिंग जुटाई।
  • AI सेक्टर में 82% की ग्रोथ दर्ज हुई।
  • 2025 की शुरुआत में Brevo यूरोप का नया यूनिकॉर्न बना।
  • Mistral AI ने €1.7 बिलियन की Series C फंडिंग जुटाई — जिससे फ्रांस की AI नेतृत्व की स्थिति और मजबूत हुई।

🧠📈 Station F में ai-Pulse 2025 ने दिखाया नया दौर

पिछले हफ्ते पेरिस के मशहूर Station F में आयोजित ai-Pulse 2025 इवेंट में संस्थापकों, निवेशकों और शोधकर्ताओं ने माना कि फ्रांस AI के “दूसरी लहर” में प्रवेश कर चुका है।

ये नई लहर सिर्फ Large Language Models की दौड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शामिल हैं:

  • 🤖 Robotics
  • 🎙️ Voice AI
  • ⚙️ Inference Optimization
  • 🛡️ AI Compliance & Governance (यानी यूरोपीय AI Act के अनुसार सुरक्षित AI)

Drysdale Ventures के Principal रोमैं दिले ने TFN को बताया:

“पिछले 9–12 महीनों में शांति थी, लेकिन अब दूसरी AI वेव साफ दिख रही है — खासकर robotics और voice AI स्टार्टअप्स।”


🦾 दूसरी लहर के AI स्टार्टअप्स: Robotics और अगली पीढ़ी के मॉडल

इस नई लहर में कई फ्रेंच कंपनियां तेज़ी से उभर रही हैं:

  • UMA – humanoid robotics
  • Genesis AI – robotics के लिए synthetic data
  • ZML – cross-platform inference optimization

इन कंपनियों का लक्ष्य है — तेज़, सस्ता और अधिक सक्षम AI हार्डवेयर-अज्ञेय (hardware-agnostic) सिस्टम तैयार करना जो किसी भी GPU पर चल सके।


🎙️💬 Voice AI बना फ्रांस की पहचान

Voice AI फ्रांस का सबसे तेजी से बढ़ता सेक्टर बन रहा है।
इस दिशा में सबसे बड़ा नाम है Gradium, जो Kyutai लैब से निकला है।

  • दिसंबर में Gradium ने $70 मिलियन seed round जुटाया — जो दुनिया के सबसे बड़े voice AI seed rounds में है।

इसके CEO नील ज़ेघिदूर ने बताया:

“हमने ऐसे मॉडल तैयार किए हैं जो फोन पर जवाब दे सकें, customer care संभाल सकें, appointments बुक कर सकें। सिर्फ 6 हफ्तों में हमारी पहली revenue आ गई।”

Gradium का लक्ष्य – फ्रांस से दुनिया का शीर्ष Voice AI प्लेटफॉर्म बनना।


🤖🔧 Robotics: फ्रांस की नई शान

रोबोटिक्स फ्रांस में तेजी से उभर रहा है।

  • कंपनियां ऐसे रोबोट बना रही हैं जो मानवों के साथ real-world काम कर सकें।
  • हाल ही में Hugging Face ने फ्रांस की Pollen Robotics का अधिग्रहण किया — जिससे robotics इकोसिस्टम को बड़ा बूस्ट मिला।

🛡️🇪🇺 AI Governance: यूरोप की खास ताकत

यूरोप, खासकर EU का AI Act, फ्रांस को compliance और governance में बढ़त देता है।
इस दिशा में ETHIQAIS जैसी कंपनियां मजबूत समाधान दे रही हैं:

  • confidential data को GenAI से सुरक्षित रखना
  • risk detection
  • automated documentation और compliance

CEO अलीना होलकॉफ्ट कहती हैं:

“हम एक AI firewall बना रहे हैं जो confidential data को गलत इस्तेमाल से बचाएगा।”


📊 Predictive AI भी मजबूत खिलाड़ी

Neuralk-AI जैसी कंपनियां generative AI से आगे बढ़कर enterprise data और predictive analytics पर काम कर रही हैं।
उनका लक्ष्य:

  • बिना retraining
  • scalable predictive AI
  • structured/tabular data पर high-precision models

यह वही डेटा है जो कंपनियों में रोज़ाना उपयोग होता है — retail, finance, logistics, healthcare में।


👩‍💻💬 Diversिटी की चुनौती — क्या फ्रांस तैयार है?

AI सेक्टर अभी भी male-dominated है।
ETHIQAIS की संस्थापक कहती हैं:

“एक महिला को हर चीज़ दो बार साबित करनी होती है।”

हालांकि कई संस्थापकों का मानना है कि चुनौती उद्योग से ज़्यादा सामाजिक है, लेकिन investors का मानना है कि diversity से innovation बढ़ता है, और फ्रांस को इस दिशा में और काम करना होगा।


🧭 निष्कर्ष: क्या फ्रांस बन पाएगा AI सुपरपावर?

फ्रांस की AI कहानी अब केवल एक देश की नहीं, बल्कि पूरे यूरोप की टेक resurgence का हिस्सा बन चुकी है।

  • भारी सरकारी निवेश
  • तेज़ी से बढ़ता टैलेंट पूल
  • American VCs की बढ़ती दिलचस्पी
  • robotics, voice AI और governance में नई दिशा

ये सब मिलकर फ्रांस को AI की global दौड़ में आगे ले जा रहे हैं।

अब सवाल यह है कि क्या फ्रांस इस गति को बरकरार रखते हुए सस्टेनेबल ग्लोबल AI लीडर बन पाएगा और क्या यह ecosystem सभी के लिए inclusive बन पाएगा?

आने वाले सालों में इसका जवाब मिलेगा — फिलहाल इतना तय है कि फ्रांस की AI लहर सिर्फ शुरू हुई है। 🌍⚡

Read more :🍽️⚡ Swiggy जुटाएगा ₹10,000 करोड़!

🍽️⚡ Swiggy जुटाएगा ₹10,000 करोड़!

Swiggy

भारत के फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स मार्केट में बड़ा कदम उठाते हुए Swiggy ने अपने शेयरहोल्डर्स से ₹10,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी हासिल कर ली है। यह फंडिंग Qualified Institutional Placement (QIP) के माध्यम से की जाएगी, और यह इंटरनेट-युग में किसी भी भारतीय कंपनी द्वारा किए गए सबसे बड़े इक्विटी रेज़ में से एक होगा।

यह अनुमति 8 दिसंबर को हुई Extraordinary General Meeting (EGM) में मिली, जबकि बोर्ड ने इस प्रस्ताव को पहले ही 7 नवंबर को मंजूरी दे दी थी। कंपनी के एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, 99.47% वोट इस प्रस्ताव के पक्ष में पड़े, जिससे Swiggy को फंडरेज़िंग शुरू करने का स्पष्ट संकेत मिल गया है।


💰📈 ₹10,000 करोड़ का फंड कहां इस्तेमाल होगा?

Swiggy इस भारी-भरकम राशि का उपयोग मुख्य रूप से इन उद्देश्यों के लिए करेगा:

1️⃣ कंपनी की कैपिटल बेस को मजबूत करना

ताकि आने वाले वर्षों में Swiggy और भी आक्रामक विस्तार कर सके।

2️⃣ फूड डिलीवरी बिज़नेस का विस्तार

भारत में फूड डिलीवरी मार्केट लगातार बढ़ रहा है और Swiggy इसे और मजबूत करना चाहता है।

3️⃣ Instamart की तेज़ ग्रोथ को सपोर्ट करना

क्विक कॉमर्स में इस समय बहुत ही जबरदस्त मुकाबला है —
🔸 Blinkit
🔸 Zepto
🔸 BigBasket Now

ऐसे में Swiggy को वेयरहाउसिंग, डार्क स्टोर्स, लॉजिस्टिक्स, इंवेंट्री मैनेजमेंट और कस्टमर एक्विज़िशन के लिए बड़े निवेश की जरूरत है।

नई फंडिंग से Instamart अपने ग्रोथ मोमेंटम को और तेज़ कर सकता है।


📉📊 10% से ज्यादा इक्विटी डायल्यूशन संभव

वर्तमान बाजार मूल्य के आधार पर, इस QIP के चलते Swiggy के मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी में 10% से अधिक की डायल्यूशन हो सकती है।
यह Swiggy के नवंबर 2024 के IPO के बाद पहली बड़ी फंडरेज़िंग है, जब कंपनी ने लगभग ₹4,500 करोड़ जुटाए थे।


📉📉 Q2 FY26 में नुकसान बढ़ा — लेकिन राजस्व में तेज़ उछाल

हाल ही में जारी परिणामों में Swiggy ने बताया कि:

  • नुकसान 74% बढ़कर ₹1,092 करोड़ हो गया।
  • जबकि उसी दौरान Instamart की रेवेन्यू दोगुनी हो गई!
  • कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹3,760 करोड़ पहुंच गया।

यह ग्रोथ मुख्य रूप से बढ़ते ऑर्डर, Instamart की तेज़ रफ्तार और ऑनलाइन फूड कंजम्पशन में उछाल की वजह से आई है।

Swiggy के लिए यह मिश्रित स्थिति है —
एक तरफ revenue boom, और दूसरी तरफ losses widening.


🛵💼 Rapido से एग्ज़िट — Swiggy को मिला 2.5X रिटर्न

एक दिलचस्प रणनीतिक कदम में, Swiggy ने दोपहिया राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म Rapido से सफलतापूर्वक एग्ज़िट कर लिया है।

इस सौदे से:

  • Swiggy ने ₹2,399.5 करोड़ कमाए
  • और प्राप्त हुआ 2.5X से अधिक का रिटर्न,
    वह भी सिर्फ चार साल से कम समय में

यह Swiggy की कैश पोजिशन को और मजबूत करेगा, खासकर तब जब कंपनी QIP के लिए तैयार हो रही है।


🚀📦 क्विक कॉमर्स में मुकाबला — क्यों जरूरी है बड़ा फंड?

Instant grocery delivery भारत का सबसे तेज़ी से बढ़ता डिजिटल सेक्टर है।
Blinkit (Zomato), Zepto और Instamart के बीच यह लड़ाई अब सिर्फ कस्टमर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शामिल है—

  • Dark Store network
  • Delivery fleet optimization
  • Speed promise (10–15 mins)
  • Inventory + demand forecasting
  • Market expansion to Tier-2/3 cities

Swiggy को इस रेस में बने रहने के लिए बड़े निवेश की जरूरत है।
क्योंकि Blinkit और Zepto पहले ही भारी फंडिंग और तेज़ स्केलिंग में आगे निकल चुके हैं।


🏦📤 QIP कब लॉन्च होगा?

EGM के बाद Swiggy के पास अब नियामक अनुमति है और कंपनी जल्द से जल्द QIP लॉन्च कर सकती है
अगर मार्केट की स्थिति और निवेशकों की मांग मजबूत रहती है, तो यह इश्यू इसी सप्ताह आ सकता है।

इस सफल QIP के बाद Swiggy को:

  • विस्तार में गति
  • मार्केट में मजबूत पकड़
  • Quick commerce रनवे
  • लॉस कम करने की क्षमता

सबमें फायदा मिलेगा।

हालांकि, equity dilution से कुछ रिटेल निवेशक असहज भी हो सकते हैं।


🎯 निष्कर्ष — Swiggy का अगला बड़ा कदम

Swiggy का ₹10,000 करोड़ QIP कदम बताता है कि कंपनी आक्रामक विस्तार के मूड में है।
जहां फूड डिलीवरी मार्केट स्थिर और परिपक्व हो रहा है, वहीं Instamart ने नई उछाल दी है।

लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा, बढ़ते नुकसान और उच्च संचालन लागतों के बीच, यह फंडरेज़ Swiggy को उसके अगले विकास चरण में ले जाने की कुंजी साबित हो सकता है।

आने वाले महीनों में फैसला होगा कि क्या Swiggy का यह बड़ा दांव उसे growth leader बनाएगा, या dilution pressure निवेशकों की चिंता बढ़ाएगा।

Read more : Your-Space की FY25 राजस्व गिरा,

🏠📉 Your-Space की FY25 राजस्व गिरा,

Your-Space

स्टूडेंट हाउसिंग और को-लिविंग सेक्टर में तेजी से उभरते नाम Your-Space के लिए वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) आसान नहीं रहा। कंपनी अपनी स्केलिंग स्ट्रैटेजी को आगे बढ़ाने में संघर्ष करती दिखी, जहां राजस्व में हल्की गिरावट देखने को मिली, जबकि नुकसान पिछले साल के मुकाबले और बढ़ गया

रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ (RoC) से प्राप्त फाइनेंशियल रिपोर्ट के अनुसार, Your-Space की ऑपरेटिंग रेवेन्यू FY25 में 2.2% घटकर ₹139.5 करोड़ रही, जबकि FY24 में यह ₹142.7 करोड़ थी।


🛏️🏫 क्या करती है Your-Space?

Your-Space भारत की अग्रणी स्टूडेंट हाउसिंग स्टार्टअप है, जो लड़कों और लड़कियों के लिए PGs, होस्टल और स्मार्ट को-लिविंग स्पेस उपलब्ध कराती है। इसकी खासियत है:

  • टेक-एनेबल्ड सेफ्टी सिस्टम
  • Facial recognition
  • Biometrics
  • Digital locks

स्टूडेंट्स, खासकर आउट-ऑफ-टाउन छात्रों के लिए सुरक्षित, किफायती और आरामदायक रहन-सहन प्रदान करना इसका मुख्य लक्ष्य है।


📉 राजस्व में गिरावट — स्टूडेंट सर्विसेज पर असर

कंपनी के कुल रेवेन्यू में से 97.5% आय रेज़िडेंशियल सर्विसेज से आती है— यानी कि PG और होस्टल रेंट से।
FY25 में यह आय 4% गिरकर ₹136 करोड़ पर आ गई, जबकि FY24 में यह ₹142 करोड़ थी।

बाकी राजस्व:

  • Food services
  • Electricity
  • Other allied services

इन स्रोतों से आया।

यह स्पष्ट है कि प्राथमिक रेवेन्यू स्ट्रीम पर दबाव बढ़ा है।


💸📈 खर्चे बढ़े, खासकर रेंटल कॉस्ट — कुल खर्च FY25 में ₹178 करोड़

Your-Space का सबसे बड़ा खर्च accommodation rentals है। FY25 में यह खर्च ₹93 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹92 करोड़ था। यानी हल्की बढ़त।

कुल खर्चों का ब्रेकअप इस प्रकार है:

🔹 1) Rental Cost — 52.3% (₹93 करोड़)

स्टूडेंट हाउसिंग बिज़नेस में प्रॉपर्टी रेंट आमतौर पर सबसे बड़ी लागत होती है।

🔹 2) Employee Benefits — ₹21 करोड़

यह खर्च FY24 की तरह स्थिर रहा।

🔹 3) Facility Maintenance & Operations — ₹20.2 करोड़

लगभग मामूली वृद्धि।

🔹 4) Administrative & Other Expenses — ₹26.5 करोड़

इस श्रेणी के खर्चों में 10% की तेज़ वृद्धि दर्ज की गई।

🔹 कुल खर्च FY25 में ₹178 करोड़

FY24 के ₹175 करोड़ के मुकाबले 1.7% वृद्धि


📉💥 नुकसान बढ़कर ₹37.3 करोड़ — 21.5% की उछाल

राजस्व में गिरावट और स्थिर/बढ़ते खर्चों के चलते स्टार्टअप का नुकसान FY25 में बढ़ गया।

  • FY24 का नुकसान: ₹30.7 करोड़
  • FY25 का नुकसान: ₹37.3 करोड़
  • वृद्धि: 21.5%

वित्तीय प्रदर्शन

  • ROCE: -75.27%
  • EBITDA Margin: -20.22%

कंपनी हर ₹1 रेवेन्यू कमाने के लिए ₹1.28 खर्च कर रही है — जो बिज़नेस की operational efficiency में चुनौती को दर्शाता है।


🏦💰 कैश पोजिशन कमजोर, लेकिन एसेट बेस स्थिर

FY25 के अंत में कंपनी के पास केवल ₹8 करोड़ कैश और बैंक बैलेंस बचा था।
इसके मौजूदा एसेट्स (Current Assets) की कुल वैल्यू ₹59.65 करोड़ रही।

हालांकि एसेट बेस ठीक है, लेकिन कम कैश पोजिशन स्टार्टअप के near-term operations के लिए चुनौती पैदा कर सकती है।


🚀📊 अब तक का फंडिंग ट्रैक — $17.6 मिलियन जुटाए

TheKredible के अनुसार, Your-Space ने अब तक कुल $17.6 मिलियन की फंडिंग जुटाई है।
मुख्य निवेशकों में शामिल हैं:

  • Shantanu Rastogi
  • Ajax Capital
  • NB Ventures

शेयरहोल्डिंग हाइलाइट

कंपनी की सह-संस्थापक Nidhi Kumra और Shubha Lal मिलकर 20.5% हिस्सेदारी रखती हैं।


🔎📉 समस्या कहाँ है? — बिज़नेस मॉडल पर दबाव

स्टूडेंट हाउसिंग बिज़नेस में तीन प्रमुख चुनौतियाँ दिख रही हैं:

1️⃣ Rent-based model पर high dependence

Your-Space का 97.5% revenue सिर्फ रेंटल सर्विसेज से आता है।
कोई भी occupancy में गिरावट सीधे रेवेन्यू को हिट करती है।

2️⃣ Fixed costs बहुत अधिक

Rental + maintenance + staff — ये खर्चे कम नहीं किए जा सकते, चाहे occupancy घटे या बढ़े।

3️⃣ Competition और price sensitivity

बाज़ार में नया competition तेज़ी से बढ़ रहा है और स्टूडेंट्स अत्यधिक price-sensitive होते हैं, जिससे margins दबते हैं।


🧭💡 आगे का रास्ता — क्या कर सकती है Your-Space?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार Your-Space को sustaining growth के लिए इन क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए:

  • Higher-margin services: food, subscription-based smart services
  • Better occupancy management
  • Tech-driven operations efficiency
  • Tier-2/3 city expansion
  • Long-stay + short-stay hybrid model

🎯 निष्कर्ष: कठिन साल, लेकिन अवसर अभी भी मौजूद

FY25 Your-Space के लिए चुनौतियों से भरा साल रहा — जहां रेवेन्यू गिरा, खर्च बढ़े और नुकसान तेज़ी से बढ़ा।
लेकिन भारत में स्टूडेंट हाउसिंग सेक्टर अभी भी तेजी से बढ़ रहा है और टेक-सक्षम सुरक्षित रहन-सहन की मांग भी बढ़ती जा रही है।

कंपनी के पास मजबूत निवेशक बेस है और सही रणनीति अपनाए जाने पर यह आने वाले वर्षों में फिर से अपनी ग्रोथ पकड़ सकती है। 🏫✨

Read more : Tiger Global फिर बदल रही रणनीति

🐅💰 Tiger Global फिर बदल रही रणनीति

Tiger Global

न्यूयॉर्क स्थित ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म Tiger Global Management एक बार फिर अपनी पुरानी निवेश रणनीति की ओर लौट रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अब एक काफी छोटा वेंचर कैपिटल फंड जुटाने की तैयारी कर रही है, जिसका आकार लगभग $2.2 बिलियन होने की उम्मीद है। यह फंड पहले उठाए गए बड़े-बड़े फंड्स की तुलना में काफी छोटा है और Tiger Global के लिए एक स्ट्रैटेजिक शिफ्ट माना जा रहा है।


📉✨ पहले क्यों थे बड़े फंड्स — और अब क्यों हुआ बदलाव?

पिछले कुछ वर्षों में Tiger Global ने दो बड़े वेंचर फंड्स उठाए थे—

  • पहला: $6.7 बिलियन
  • दूसरा: $12.7 बिलियन

ये फंड्स बाजार में तेज़ी (market boom) के दौरान उठाए गए थे। लेकिन टेक मार्केट की गिरावट, वैल्यूएशन सुधार और निवेशकों की सतर्कता के कारण, अब कंपनी वापस अपने discipline-based investing की ओर लौट रही है।

ब्लूमबर्ग के अनुसार, Tiger Global ने अपने निवेशकों को लिखा कि नया फंड, जिसे इंटरनली PIP 17 कहा जा रहा है, उनकी historical performance की तरह स्माल और मजबूत फंड स्ट्रक्चर पर आधारित होगा।


📝📬 क्या लिखा Tiger Global ने अपने लेटर में?

फर्म के अनुसार:

  • नया फंड सिलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी पर फोकस करेगा
  • निवेश की गति को धीमा किया जाएगा
  • केवल क्वालिटी-ड्रिवन डील्स पर ध्यान दिया जाएगा
  • फर्म का मानना है कि उनकी सबसे मजबूत परफॉर्मेंस छोटे और अनुशासित फंड्स से ही आई है

2025 में अब तक Tiger Global ने सैकड़ों डील्स समीक्षा करने के बाद केवल 9 नए निवेश ही किए हैं — जो उनकी नई सतर्क रणनीति को दिखाता है।


🧑‍💼💼 सबसे बड़ा निवेश किसका? — फाउंडर Chase Coleman फिर आगे

नए फंड में Tiger Global के फाउंडर Chase Coleman और कंपनी के अन्य इनसाइडर्स ही सबसे बड़े निवेशक होंगे। रिपोर्ट के अनुसार, इस फंड की पहली क्लोजिंग 18 मार्च को निर्धारित है।


🇮🇳📍 भारत में Tiger Global की धीमी चाल — केवल 4 निवेश!

स्टार्टअप दुनिया में Tiger Global की एक समय मज़बूत पकड़ मानी जाती थी, खासकर भारत में। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कंपनी बेहद सीमित निवेश कर रही है।

भारत में Tiger Global ने 2025 तक केवल इन 4 कंपनियों में निवेश किया:

  1. Infra.Market
  2. Captain Fresh
  3. Infinite Uptime
  4. EatClub

इन सभी डील्स में Tiger Global पहले से ही निवेशक था — यानी नए स्टार्टअप्स में कोई नई एंट्री नहीं हुई।

2024 में भी कंपनी ने सिर्फ दो निवेश किए:

  • Wiz Freight
  • Jupiter (NBFC arm)
    और ये दोनों भी follow-on निवेश थे।

🦄📈 यूनिकॉर्न बनाने में थी Tiger Global की बादशाहत

भारत में 2021 Tiger Global का ‘गोल्डन ईयर’ माना जाता है।

Fintrackr डेटा के अनुसार, Tiger Global ने उन स्टार्टअप्स में निवेश किया था जिनमें से 50% से ज़्यादा यूनिकॉर्न बने!

2022 में भी उनके पोर्टफोलियो में शामिल कंपनियाँ—

  • DealShare
  • Oxyzo
  • Games24x7
  • Polygon
  • Open
    —यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हुईं।

लेकिन 2023-2025 के बीच निवेश की गति तेज़ी से घटी है।


🔍💡 क्यों बदली Tiger Global ने अपनी रणनीति?

स्टार्टअप निवेश दुनिया की वर्तमान स्थिति से कुछ मुख्य कारण सामने आए हैं:

🔹 1. मार्केट सुधार (Market Correction)

टेक कंपनियों की वैल्यूएशन में बड़े बदलाव दिखे हैं। Tiger Global अब ओवर-वैल्यूड स्टार्टअप्स से बचना चाहता है।

🔹 2. सिलेक्टिव निवेश का दौर

अब फंड्स तेजी से नहीं, बल्कि quality over quantity के साथ निवेश किए जा रहे हैं।

🔹 3. आंतरिक समीक्षा की सख्ती

कंपनी अब हर स्टार्टअप का गहन विश्लेषण कर रही है, इसलिए नए निवेश कम लेकिन मजबूत होंगे।

🔹 4. स्मार्ट फंड साइज

कंपनी ने स्वीकार किया है कि उनके छोटे फंड्स ने ज्यादा अच्छा प्रदर्शन दिया था।
इसलिए वे उसी मॉडल पर वापस लौट रहे हैं।


🧭🚀 आगे क्या?—नए युग की तैयारी

नई रणनीति बताती है कि Tiger Global अब बिना जल्दी किए लंबी अवधि वाले, स्थिर विकास वाले स्टार्टअप्स को चुनने पर ध्यान देगा।

फर्म का लक्ष्य है:

  • बेस्ट क्वालिटी स्टार्टअप्स में हाई-कन्विक्शन निवेश
  • लेस बट बेटर पोर्टफोलियो
  • मजबूत और स्थिर रिटर्न
  • वैश्विक स्तर पर सतर्क और अनुशासित निवेश पॉलिसी

🎯 निष्कर्ष

Tiger Global का नया कदम गति से अधिक गुणवत्ता को प्राथमिकता देने का संकेत देता है।
भारत में उनकी धीमी गतिविधि और छोटे फंड की ओर रुख दर्शाता है कि कंपनी अब स्टार्टअप मार्केट के बदलते परिदृश्य को समझते हुए नए अध्याय की शुरुआत कर रही है।

स्टार्टअप इकोसिस्टम में Tiger Global का प्रभाव अभी भी बड़ा है—लेकिन अब यह प्रभाव अधिक रणनीतिक, मजबूत और दीर्घकालिक होने जा रहा है। 🚀🇮🇳

Read more :🤖 Google AI Futures Fund ने Emergent में किया निवेश

🤖 Google AI Futures Fund ने Emergent में किया निवेश

Emergent

AI-संचालित सॉफ्टवेयर क्रिएशन स्टार्टअप Emergent ने Google के AI Futures Fund से एक रणनीतिक निवेश (strategic investment) हासिल किया है। यह निवेश इस बात का संकेत है कि AI-चालित सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का दौर अब और तेज़ होने वाला है।

Google ने मई 2025 में AI Futures Fund लॉन्च किया था, जिसका उद्देश्य शुरुआती चरण के AI स्टार्टअप्स को पूंजी, तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सपर्ट सपोर्ट प्रदान करना है। Emergent इस फंड से निवेश पाने वाली नई कंपनियों में से एक है।


💡 Series A के तुरंत बाद Google का बड़ा कदम

यह निवेश उस समय आया है जब Emergent ने अभी हाल ही में $23 मिलियन की Series A फंडिंग जुटाई थी, जिसका नेतृत्व Lightspeed ने किया था। इसमें Together Fund और अन्य निवेशकों की भी भागीदारी रही।

लगातार हो रहे निवेश इस बात को दर्शाते हैं कि AI-आधारित autonomous software creation का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और Emergent इसमें एक अग्रणी खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है।


🚀 निवेश का उपयोग कहाँ होगा?

Emergent ने एक प्रेस रिलीज़ में बताया कि Google से मिले इस रणनीतिक निवेश का उपयोग मुख्य रूप से तीन बड़े कामों के लिए किया जाएगा:

1️⃣ Hiring में स्पीड

कंपनी global hiring बढ़ाएगी—AI researchers, engineers, product managers और applied scientists की भर्ती की जाएगी।

2️⃣ Product development

Autonomous AI agents की परफॉर्मेंस और स्थिरता (reliability) को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
Product testing, infrastructure scaling, और new AI capabilities पर तेज़ी से काम किया जाएगा।

3️⃣ Global expansion

Emergent ने कहा कि वह North America, Middle East, South-East Asia और Europe में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
AI-based software automation की बढ़ती डिमांड को देखते हुए यह एक जरूरी कदम माना जा रहा है।


🧠 Google की AI tech अब आधारित करेगी Emergent की growth

Google AI Futures Fund सिर्फ पैसा ही नहीं देता—इसके साथ मिलता है Google का मजबूत AI ecosystem।

Emergent इन संसाधनों का उपयोग करेगा:

  • Google AI models
  • TPU-based AI infrastructure
  • Advanced inference systems
  • Model optimization tools

कंपनी के अनुसार, इन तकनीकों की मदद से वह अपने autonomous agents को और स्मार्ट, तेज़ और ज्यादा reliable बना पाएगा, खासकर तब जब प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की संख्या वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ रही है।


👨‍💻 किसके लिए है Emergent का प्लेटफ़ॉर्म?

Emergent का उद्देश्य सरल है—
“कोई भी व्यक्ति बिना कोडिंग जाने production-grade software बना सके.”

प्लेटफ़ॉर्म AI agents की मदद से एक आइडिया को कुछ ही मिनटों में काम करने वाले एप्लिकेशन में बदल देता है। यह उन लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है जो टेक्निकल टीम नहीं बना सकते।

मुख्य यूज़र ग्रुप

  • Freelancers
  • Startups
  • Side-hustle founders
  • Creators
  • Solo entrepreneurs
  • Small businesses

इनमें से कई के पास coding knowledge नहीं होता, लेकिन एक ऐप, वेबसाइट या workflow automation की जरूरत जरूर होती है। Emergent उनकी यही जरूरत पूरी करता है।


⚙️ कैसे काम करता है Emergent?

Emergent autonomous AI agents का उपयोग करता है जो end-to-end software development tasks संभालते हैं।

ये एजेंट कर सकते हैं:

  • UI/UX design
  • Backend logic
  • Database setup
  • Integrations
  • Deployment
  • Testing
  • Debugging

इस तरह यूज़र सिर्फ अपना आइडिया बताते हैं और प्लेटफॉर्म production-ready एप्लिकेशन तैयार कर देता है—बिना किसी developer या tech co-founder के।


🌍 5 महीनों में 2.5 मिलियन यूज़र — धमाकेदार ग्रोथ

Emergent ने दावा किया है कि लॉन्च के सिर्फ पाँच महीनों में वह 2.5 मिलियन यूज़र्स पार कर चुका है।
यह किसी भी AI-led SaaS प्लेटफॉर्म के लिए एक असाधारण उपलब्धि मानी जा रही है।

साथ ही कंपनी का ARR run rate:

  • $25 मिलियन पार कर चुका है

यह दर्शाता है कि न सिर्फ लोग इसका उपयोग कर रहे हैं, बल्कि इसके लिए भुगतान करने को भी तैयार हैं। यह AI automation adoption की दुनिया में एक बड़ा संकेत है।


👥 संस्थापकों का बैकग्राउंड

Emergent की स्थापना 2025 में की गई थी:

  • Mukund Jha – Dunzo के पूर्व co-founder
  • Madhav Jha – Mukund के भाई और अनुभवी टेक्नोलॉजी बिल्डर

Mukund और Madhav दोनों का मानना है कि AI autonomous agents आने वाले समय में software creation का मुख्य आधार बनेंगे, और कोडिंग एक optional skill बन सकती है।


📈 AI software creation का भविष्य

Emergent जिस सेक्टर में काम कर रहा है, वहां AI automation का future बेहद बड़ा है:

  • No-code से आगे बढ़कर “No-engineer software”
  • एजेंट्स के जरिए end-to-end development
  • व्यवसायों के लिए तेज़, किफायती और scalable सॉल्यूशंस
  • global startups और creators की productivity में तेज वृद्धि

Google जैसे tech giant से निवेश मिलना यही साबित करता है कि यह मॉडल केवल ट्रेंड नहीं—बल्कि आने वाले वर्षों में मुख्यधारा बन सकता है।


🔚 निष्कर्ष

Emergent द्वारा Google AI Futures Fund से रणनीतिक निवेश हासिल करना कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन है।

तेज़ी से बढ़ती यूज़र ग्रोथ, वैश्विक विस्तार की योजनाएँ, और बिना डेवलपर्स के सॉफ्टवेयर बनाने की क्षमता—ये सभी Emergent को AI स्टार्टअप दुनिया का rising star बनाते हैं।

AI agents द्वारा software creation अब विज्ञान-कथा नहीं, बल्कि वास्तविकता बन चुका है—और Emergent इस क्रांति का नेतृत्व कर रहा है।

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🏆 Centre Court Capital ने बंद किया अपना पहला फंड

Centre Court Capital

भारत में स्पोर्ट्स, फिटनेस, वेलनेस और डिजिटल गेमिंग का तेजी से बढ़ता इकोसिस्टम अब निवेशकों का पसंदीदा क्षेत्र बनता जा रहा है। इसी लहर के बीच Centre Court Capital ने अपने पहले फंड की फाइनल क्लोजिंग ₹410 करोड़ पर कर ली है। यह राशि उसके शुरुआती लक्ष्य ₹350 करोड़ से काफी अधिक है।

फंड ने अपने पहले क्लोज पर ₹200 करोड़ जुटा लिए थे, जिसके बाद निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी के साथ यह फाइनल क्लोजिंग पूरी हुई।


💼 किसने किया निवेश? बड़े नामों की लंबी लिस्ट

Centre Court Capital के इस फंड को भारत के कई जाने-माने संस्थागत निवेशकों और फैमिली ऑफिसेज का समर्थन मिला है।

🌟 प्रमुख निवेशक

  • Parth Jindal – फंड के एंकर निवेशक
  • SIDBI (Small Industries Development Bank of India)
  • SRI (Self Reliant India Fund)
  • Premji Invest
  • SanRaj Group
  • GMR Sports

🏅 स्पोर्ट्स जगत के सुपरस्टार भी जुड़े

इस फंड में भारत के शीर्ष एथलीटों ने भी निवेश किया है:

  • Neeraj Chopra
  • Rishabh Pant
  • PV Sindhu
  • Jemimah Rodrigues

🚀 स्टार्टअप इकोसिस्टम के दिग्गज

  • Binny Bansal (Flipkart co-founder)
  • Mithun Sacheti (CaratLane)
  • Ankit Nagori

स्पोर्ट्स + स्टार्टअप + निवेशकों का यह अनोखा कॉम्बिनेशन दिखाता है कि भारत में यह सेक्टर कितना तेजी से बढ़ रहा है और किस स्तर पर इसे महत्व दिया जा रहा है।


🎮 स्पोर्ट्स + फिटनेस + वेलनेस + गेमिंग: भारत का नया growth wave

Centre Court Capital का कहना है कि भारत में स्पोर्ट्स, फिटनेस और डिजिटल वेलनेस सेक्टर में एक नई लहर देखनें को मिल रही है।

📱 क्या बदल रहा है?

  • लोग अब डिजिटल फिटनेस और वेलनेस प्लेटफॉर्म्स ज्यादा उपयोग कर रहे हैं।
  • स्पोर्ट्स एनालिटिक्स और एथलीट डेवलपमेंट टेक्नोलॉजी तेजी से बढ़ रही है।
  • इंटरैक्टिव गेमिंग और सोशल गेमिंग नए मार्केट्स बना रहे हैं।

डिजिटल अपनाने की बढ़ती दर, मोबाइल इंटरनेट का विस्तार और कंटेंट व गेमिंग पर ज्यादा समय बिताने की आदत, इन सभी ने इस सेक्टर को “स्केल-रेडी” बना दिया है।


🧩 मल्टी-बिलियन डॉलर का डिजिटल गेमिंग मार्केट

Centre Court Capital के अनुसार, भारत का डिजिटल गेमिंग उद्योग मल्टी-बिलियन डॉलर का अवसर बन चुका है और हर साल इसमें दोगुना-तिगुना इजाफा हो रहा है।

वे दो बड़े अवसर देखते हैं:

1️⃣ Domestic market का तेज़ विस्तार

  • गेमिंग ऐप्स
  • esports
  • interactive gaming
  • social gaming
    इन सभी में भारत में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जा रही है।

2️⃣ Indian founders going global

भारतीय स्टार्टअप अब सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक ऑडियंस के लिए high-quality गेमिंग और वेलनेस उत्पाद बना रहे हैं।

यही वजह है कि भारत global gaming innovation hubs में शामिल होता जा रहा है।


💰 15–18 स्टार्टअप में निवेश की योजना

Centre Court Capital का कहना है कि इस फंड का इस्तेमाल आने वाले दो वर्षों में 15 से 18 उच्च-गुणवत्ता वाले स्टार्टअप्स में निवेश के लिए किया जाएगा।

निवेश का यूनिट साइज़:

  • ₹8 करोड़ से ₹24 करोड़ प्रति स्टार्टअप
  • फॉलो-ऑन राउंड्स के लिए भी बड़ी राशि अलग रखी गई है
  • फंड ज़्यादातर निवेशों को lead या co-lead करना चाहता है

इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में स्पोर्ट्स, फिटनेस, गेमिंग और वेलनेस सेक्टर में कई नई कंपनियों को पूंजी मिलने वाली है।


🏃‍♂️ अब तक 6 कंपनियों में निवेश

Centre Court Capital ने बताया है कि वह अब तक छह कंपनियों में निवेश कर चुका है।

ये कंपनियाँ दो तरह की हैं:

  • India-focused startups
  • Global opportunity focused startups

इन स्टार्टअप्स में स्पोर्ट्स एनालिटिक्स से लेकर गेमिंग टेक और फिटनेस/वेलनेस टेक तक शामिल हैं। फंड अगले दो वर्षों में अपने पोर्टफोलियो को और मजबूत करने की योजना कर रहा है।


📈 भारत में स्पोर्ट्स और गेमिंग क्यों इतना बड़ा बाजार बन रहा है?

इसके पीछे कई वजहें हैं:

🏏 स्पोर्ट्स का बढ़ता बिजनेस

IPL, Pro Kabaddi, ISL जैसे लीग्स से भारी व्यावसायिक वृद्धि।

📲 मोबाइल गेमिंग का बूम

भारत दुनिया का सबसे बड़ा mobile gaming market बन रहा है।

💪 फिटनेस और वेलनेस की digital shift

योगा, meditation, fitness tracking—सब कुछ ऐप्स पर आ चुका है।

🎯 Youth-driven demand

Gen Z और Millennials इन सेक्टर्स के सबसे बड़े ग्राहक हैं।

इन्हीं ट्रेंड्स को देखते हुए निवेशक भविष्य में बड़े returns की संभावना देख रहे हैं।


🔚 निष्कर्ष

Centre Court Capital द्वारा ₹410 करोड़ पर फंड की क्लोजिंग भारत के स्पोर्ट्स, फिटनेस, वेलनेस और गेमिंग इकोसिस्टम में एक बड़ा मील का पत्थर है।

स्टार्टअप्स के लिए यह संकेत है कि इन सेक्टरों में investment का flow आने वाले वर्षों में और तेज होगा।

भारत का digital adoption, gaming का boom, wellness की बढ़ती जागरूकता और स्पोर्ट्स की व्यावसायिक सफलता—ये चारों मिलकर भारत को इस क्षेत्र में global powerhouse बनाने की ओर बढ़ा रहे हैं।

Centre Court Capital की यह सफलता इस बदलाव का एक मजबूत प्रमाण है।

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