🚀 London-Based Matta ने जुटाए $14M

Matta

लंदन स्थित Matta, जो University of Cambridge का एक deep-tech spin-out है, ने हाल ही में $14 मिलियन (लगभग ₹116 करोड़) की seed funding जुटाई है। यह फंडिंग कंपनी के उस मिशन को और मजबूत बनाती है जिसके तहत Matta दुनिया भर की फैक्ट्रियों में modern, intelligent और autonomous manufacturing systems तैयार करना चाहता है।

Funding राउंड का नेतृत्व Lakestar ने किया, जबकि Giant Ventures, RedSeed VC, InMotion Ventures, Peugeot Family का 1st Kind, Unruly Capital, Boost VC तथा Innovate UK और Royal Academy of Engineering की grants भी शामिल रहीं।

इस निवेश के साथ Matta अब यूरोप और अमेरिका में अपने rollout को तेज करेगा और अपनी core capabilities को और बेहतर बनाएगा। कंपनी का long-term vision है — पूरी तरह autonomous manufacturing को संभव बनाना।


🏭 क्या है Matta? और क्यों है यह इतना ज़रूरी?

साल 2022 में Douglas Brion और Sebastian Pattinson द्वारा स्थापित Matta ऐसे समय में सामने आया जब manufacturing सेक्टर कई चुनौतियों से जूझ रहा है:

  • बढ़ती energy costs
  • कमजोर होती supply chains
  • skilled workers की कमी
  • Reshoring की बढ़ती जरूरत
  • High-pressure production targets

यूरोप और अमेरिका जैसे क्षेत्रों में deindustrialisation के बाद अब factories वापस लौट रही हैं, लेकिन limited resources के साथ high efficiency की मांग और भी ज़्यादा हो गई है।

ऐसे माहौल में Matta एक practical, AI-powered समाधान लेकर आया है जो factories के traditional systems को बिना बाधित किए productivity बढ़ाता है।


🤖 Plug-and-Play System: Real Factory Floors के लिए तैयार!

Matta का system एक ऐसे smart layer की तरह काम करता है जो फैक्ट्रियों के production lines के physical rules को समझकर उसी के अनुसार काम करता है।

कंपनी का पहला product इस्तेमाल करता है:

✔ Unsupervised AI

✔ Self-supervised computer vision

इन तकनीकों की मदद से यह system:

  • Quality control को automate करता है
  • Defects और anomalies पकड़ता है
  • Micron-level पर measurements लेता है
  • Root-cause analysis करता है
  • Real-time corrective actions सुझाता है

सबसे बड़ी बात — यह system plug-and-play है, यानी existing production line में बिना किसी बड़े बदलाव के इसे तुरंत लगाया जा सकता है।

कई deployments में यह सिस्टम कुछ ही घंटों में fully operational हो जाता है और थोड़ी सीखने की अवधि के बाद automated inspection शुरू कर देता है।


📊 Central Monitoring Platform: हर कैमरा, हर लाइन की Visibility

Matta के solution का एक बड़ा फायदा इसका central platform है, जो:

  • हर कैमरे को मॉनिटर करता है
  • Inspection के real-time results देता है
  • Parts का पूरा trace देता है
  • Bottlenecks की तुरंत पहचान करता है

यानी एक ही स्क्रीन पर पूरी production line की health का डेटा दिखाई देता है।
यह system hardware + software + research expertise का complete package है, जिससे factories को अलग-अलग tools पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।


🏭 स्मार्ट, Self-Regulating Factories की तरफ बड़ा कदम

Matta की technology electronics, automotive, defence से लेकर apparel तक कई sectors में इस्तेमाल की जा रही है।
यह manual inspection stations, conveyor belts और robotic arms के साथ seamlessly integrate हो जाती है।

कंपनी अभी OEM partners के साथ मिलकर ऐसे features बना रही है जिनसे machines खुद अपनी settings को adjust कर सकें — यानी production line खुद को regulate कर सके।

यह autonomous manufacturing की दिशा में एक बड़ा कदम है।


⚙ जल्दी सीखता है, जल्दी सुधार करता है!

Matta की technology production line के patterns और behavior को कुछ ही दिनों में सीख लेती है
इससे factories को ये फायदे मिलते हैं:

  • Defects जल्दी पकड़ में आते हैं
  • Root causes साफ दिखाई देते हैं
  • Downtime कम होता है
  • कम workforce में भी high output
  • Operational resilience बढ़ता है

Economic और geopolitical uncertainties के बीच यह efficiency आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।


🗣 “Manufacturing अभी भी इंसानी अनुभव पर चलती है” — Matta के CEO

Matta के Co-founder एवं CEO Douglas Brion कहते हैं:

“आज भी manufacturing इंसानी अनुभव पर बहुत निर्भर है। कोई worker एक scratch को देखकर बता देता है कि यह ‘34 microns’ का है। हम AI के जरिए इसी tacit knowledge को capture कर उसे scale करना चाहते हैं। अब वक्त है ‘Manufacturing the Impossible’ का।”

यह vision सिर्फ automation नहीं बल्कि human intelligence को AI से scale करने की दिशा में एक futuristic कदम है।


🏁 निष्कर्ष: Manufacturing का भविष्य बदलने को तैयार Matta

$14M की ताज़ा funding के साथ Matta अब global manufacturing में एक बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखता है।
इसकी AI-based, plug-and-play तकनीक factories को smarter, faster और अधिक resilient बनाती है—
और आने वाले समय में autonomous factories की तरफ दुनिया को आगे बढ़ाने में Matta एक प्रमुख भूमिका निभा सकता है।

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🚀 Saviynt ने जुटाए $700M

Saviynt

Identity security स्पेस में काम करने वाली लॉस एंजेलिस-आधारित कंपनी Saviynt ने हाल ही में एक धमाकेदार उपलब्धि दर्ज की है। कंपनी ने $700 मिलियन (लगभग ₹5,800 करोड़) की Series B growth equity funding जुटाई है — जो इसे लगभग $3 बिलियन की वैल्यूएशन पर ले जाती है।

इस मेगा फंडिंग राउंड का नेतृत्व किया KKR ने, जिसमें Sixth Street Growth, TenEleven, और मौजूदा निवेशक Carrick Capital Partners भी शामिल रहे। Identity security segment में यह फंडिंग अब तक की सबसे बड़ी ग्रोथ राउंड्स में शामिल हो चुकी है।


💡 Identity Security इतना बड़ा मुद्दा क्यों?

डिजिटल दुनिया में तेजी से बढ़ते साइबर खतरों की वजह से कंपनियों के लिए identity-related सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
आज enterprise सिर्फ employees को access देने तक सीमित नहीं हैं —
अब उन्हें इन सबको सुरक्षित रखना होता है:

  • Human identities
  • Non-human identities (AI agents, bots, APIs)
  • Applications
  • Cloud resources
  • Privileged access users

Saviynt इसी critical समस्या को modern तरीके से हल करता है।


🧩 Saviynt क्या करता है?

Saviynt एक cloud-first unified identity platform है जो कंपनियों को इन सब में मदद करता है:

✔ Identity Governance

✔ Privileged Access Management

✔ Application Access Controls

✔ Posture Management

✔ Zero Trust Access

✔ AI agents और non-human identities का नियंत्रण

पहले ये capabilities अलग-अलग tools में बंटी होती थीं।
Saviynt ने इन सभी को एक single unified platform में जोड़कर कंपनियों की identity security और compliance को बेहद आसान बना दिया है।


🚀 Funding के बाद कंपनी क्या करेगी?

$700M की funding के बाद Saviynt की योजना अपने vision को और तेजी से आगे बढ़ाने की है। कंपनी कई बड़े अपडेट्स पर काम कर रही है:

🔹 1. Product roadmap में तेज़ी

नए AI-driven identity security tools लॉन्च किए जाएंगे।

🔹 2. Legacy systems से migration आसान बनाना

कंपनी ऐसे utilities तैयार कर रही है जिससे बड़े एंटरप्राइज़ पुरानी identity systems से आसानी से shift हो सकें।

🔹 3. Hyperscalers और SaaS providers के साथ नई integrations

जैसे:

  • AWS
  • Zscaler
  • CrowdStrike
  • Wiz
  • Cyera

इनसे ग्राहकों को एक unified security ecosystem मिलता है।

🔹 4. Global expansion

अमेरिका, यूरोप, मध्य-पूर्व और एशिया में ग्राहक आधार बढ़ाने की योजना है।


🌍 कंपनी की Growth Journey

Saviynt की स्थापना साल 2011 में California में हुई थी।
CEO Sachin Nayyar ने identity को enterprise security का core माना और उसी विज़न पर कंपनी की नींव रखी।

आज Saviynt के पास:

  • 600+ enterprise customers
  • Global deployments
  • मजबूत partner network

इसके ग्राहक Healthcare, Banking, Insurance, Energy और Government जैसे high-risk सेक्टर्स से आते हैं जहाँ identity security सबसे ज़्यादा critical होती है।


🔐 AI और Non-Human Identities पर बड़ा फोकस

2025 में identity security का सबसे बड़ा चैलेंज AI agents, machine identities और bots का नियंत्रण है।

Saviynt अब ऐसे नए tools बना रहा है जो:

  • AI agents की पहचान को secure रखें
  • Critical applications पर access misuse को रोकें
  • Cloud environments में visibility बढ़ाएँ
  • Privileged sessions की monitoring मजबूत करें

यानी ये आने वाले समय की identity जरूरतों के अनुसार खुद को अपडेट कर रहा है।


📈 Market क्यों इतना बड़ा हो रहा है?

Identity sprawl आज सबसे बड़ा खतरा बन चुका है—
हर कंपनी हजारों employees और हजारों AI-powered systems इस्तेमाल कर रही है।

इससे बढ़ रहे हैं:

  • Security breaches
  • Critical data leaks
  • Compliance challenges

Saviynt का unified platform इन सभी को एक जगह कंट्रोल करता है — इसी वजह से यह global enterprises में तेजी से अपनाया जा रहा है।


🏁 What’s Next?

$700M की फंडिंग ने Saviynt को identity security की दुनिया में एक superpower की तरह स्थापित कर दिया है।
कंपनी अब:

  • अधिक customers तक पहुंचेगी
  • अपने AI-driven products को और मजबूत बनाएगी
  • International presence को कई गुना बढ़ाएगी
  • Enterprise identity के हर हिस्से को आधुनिक और सुरक्षित बनाएगी

Identity security आने वाले 10 सालों का सबसे बड़ा tech sector बनने वाला है — और Saviynt अब इस रेस के सबसे आगे खड़ी कंपनियों में शामिल हो चुकी है।

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🎙️ SuperBryn ने जुटाए $1.2 Million

SuperBryn

बेंगलुरु-आधारित वॉयस AI स्टार्टअप SuperBryn ने अपने प्री-सीड राउंड में $1.2 मिलियन (लगभग ₹10 करोड़) जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व Kalaari Capital की CXXO पहल ने किया।

यह फंडिंग SuperBryn के लिए सिर्फ कैपिटल इन्फ्यूज़न नहीं, बल्कि शुरुआती चरण से ही मजबूत VC सपोर्ट का संकेत है—जो भारत के AI स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए भी एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।


💰 कौन-कौन निवेशक जुड़े?

प्री-सीड राउंड में कई जाने-माने एंजेल निवेशकों ने भी भाग लिया, जिनमें शामिल हैं:

  • EaseMyTrip के को-फाउंडर Rikant Pitti
  • Docket AI के फाउंडर Arjun Pillai
  • Sanas AI के फाउंडर Sharath Narayanan
  • BMH Group के CEO Harish Manian
  • मलयालम इंडस्ट्री के लोकप्रिय अभिनेता Nivin Pauly

इन हाई-प्रोफाइल निवेशकों का जुड़ना SuperBryn के प्रोडक्ट और मार्केट पोटेंशियल को मजबूत वैलिडेशन देता है।


🚀 फंडिंग का इस्तेमाल कहां होगा?

SuperBryn इस निवेश का उपयोग तीन मुख्य क्षेत्रों में करने की योजना बना रहा है:

✔️ 1. प्रोडक्ट डेवलपमेंट को मजबूत करना

कंपनी अपनी AI लेयर को और अधिक शक्तिशाली, सटीक और स्केलेबल बनाने पर काम करेगी।

✔️ 2. इंजीनियरिंग टीम का विस्तार

AI/ML, वॉयस प्रोसेसिंग और डेवलपर टूलिंग में नई हायरिंग की जाएगी।

✔️ 3. एंटरप्राइज डिप्लॉयमेंट्स को स्केल करना

यूएस और ग्लोबल मार्केट में अपने शुरुआती ग्राहकों तक तेज़ी से पहुंचने के लिए SuperBryn अपने GTM मोशन को मजबूत करेगा।


🧠 SuperBryn क्या बनाता है? – Enterprise Voice AI का ‘Brains Layer’

SuperBryn की स्थापना Nikkitha Shanker और Neethu Mariam Joy ने की है, जो दोनों गहरी टेक बैकग्राउंड और प्रोडक्ट अनुभव रखती हैं।

स्टार्टअप एक ऐसा evaluation, observability और self-learning प्लेटफॉर्म बना रहा है, जो voice AI को रियल-वर्ल्ड में ज़्यादा प्रभावी और विश्वसनीय बनाता है।

🎧 Voice AI में क्या समस्या है?

आज कई कंपनियाँ वॉइस बॉट्स और वर्चुअल एजेंट्स का इस्तेमाल करती हैं, पर अक्सर:

  • आवाज़ पहचान में त्रुटियाँ होती हैं
  • संदर्भ समझने में समस्या आती है
  • लाइव वातावरण में फेलियर रेट ज़्यादा होता है
  • ह्यूमन-लाइक रिस्पॉन्स नहीं मिलता

SuperBryn का प्लेटफॉर्म इन्हीं समस्याओं को हल करता है और एंटरप्राइज को पायलट से प्रोडक्शन तक तेजी से ले जाने में मदद करता है।


🏥 हाई-रिस्क सेक्टर्स पर फोकस: Healthcare, Finance, Insurance

SuperBryn खास तौर पर उन उद्योगों पर ध्यान दे रहा है, जहां एक छोटी गलती भी बड़ा असर डाल सकती है:

  • हेल्थकेयर: डॉक्टर/पेशेंट कॉल इंटरप्रिटेशन
  • फायनेंशियल सर्विसेज: KYC verification, ग्राहक सहायता
  • इंश्योरेंस: क्लेम प्रोसेसिंग, सपोर्ट कॉल्स

इन क्षेत्रों में विश्वसनीयता, सटीकता और जीरो-टॉलरेंस एरर महत्वपूर्ण है — और यही SuperBryn सॉल्व कर रहा है।


⚙️ कैसे काम करता है SuperBryn का प्लेटफॉर्म?

स्टार्टअप का सिस्टम एक तरह से voice AI का ‘रियल-टाइम परफॉर्मेंस कोच’ है।

यह:

  • voice agents की quality monitor करता है
  • गलतियों और failures का root cause analysis करता है
  • डेटा से सीखकर सिस्टम को self-improve होने देता है
  • enterprises को actionable insights देता है

इससे कंपनियों के voice bots ज्यादा मानवीय, विश्वसनीय और तेज़ बनते हैं।


🌎 US Market पर सीधा निशाना

SuperBryn अभी शुरुआती स्टेज में है लेकिन इसका प्राथमिक टारगेट ग्लोबल—खासकर अमेरिकी बाजार है।

📌 हाल के महत्वपूर्ण माइलस्टोन्स:

  • Nasscom InnoTrek USA 2025 के लिए चयन
  • Mphasis Sparkle Innovation Program में शामिल

इन दोनों प्रोग्राम्स से SuperBryn को Fortune 500 स्तर के संभावित ग्राहक और पार्टनरशिप अवसर प्राप्त होंगे।


🧩 भारत के Voice AI स्टार्टअप्स के लिए बड़ा क्षण

भारत में Voice AI तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन सुपर-स्पेशलाइज्ड enterprise-grade voice infra बनाने वाले स्टार्टअप अभी कम हैं।

SuperBryn इस कैटेगरी में एक tech-first deeptech player के रूप में उभर रहा है, जो:

  • हाई-इंटेलिजेंस लेयर बनाता है
  • Global market को टारगेट करता है
  • Pure enterprise AI पर फोकस करता है

Kalaari का CXXO-initiative समर्थन बताता है कि महिला-निर्देशित deep-tech स्टार्टअप्स को अब अधिक institutional backing मिल रही है।


🔮 आगे का रास्ता: क्या SuperBryn Voice AI का Global Standard बन सकता है?

फंडिंग के बाद, कंपनी के सामने कई अवसर और चुनौतियाँ हैं:

🔹 Global enterprise buyers तक पहुंच
🔹 Continuous model improvement
🔹 Live environment accuracy बढ़ाना
🔹 US healthcare & finance बाजार में शुरुआती सपोर्ट जीतना

अगर SuperBryn reliability और speed के मौजूदा अंतर को पाटने में सफल रहा, तो यह भारतीय deep-tech की दुनिया में अगला global-scale voice AI इंफ्रा स्टार्टअप बन सकता है।

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🍸 FY25 में NAO Spirits की रफ़्तार धीमी

NAO Spirits

भारत की प्रमुख क्राफ्ट जिन निर्माता कंपनी NAO Spirits — जो Greater Than और Hapusa जैसी प्रीमियम जिन ब्रांडों के लिए जानी जाती है — के लिए वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) कुछ खास अच्छा नहीं रहा। FY24 में तेज़ी से बढ़ने के बाद कंपनी की ग्रोथ FY25 में अचानक रुक गई।

कंपनी की रेवेन्यू में 25% से ज़्यादा गिरावट दर्ज हुई, जबकि लॉस दोगुने हो गए। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब प्रीमियम अल्कोहल मार्केट में प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है।


📉 FY25 में Revenue 25.6% गिरकर ₹60.46 करोड़ पर आया

NAO Spirits की RoC (Registrar of Companies) से प्राप्त वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार:

  • FY24 Revenue: ₹81.26 करोड़
  • FY25 Revenue: ₹60.46 करोड़
  • गिरावट: 25.6%

कंपनी की आय का पूरा स्रोत सिर्फ इसकी जिन ब्रांडों की बिक्री थी— Greater Than और Hapusa

🌍 Export भी मामूली रहे

भारत-बेस्ड कंपनी होने के बावजूद इसका एक्सपोर्ट रेवेन्यू सिर्फ ₹1.13 करोड़ रहा।


💸 Cost में भी कमी, पर EBITDA और Loss बढ़े

रेवेन्यू गिरने के साथ कंपनी ने कुछ बड़े कॉस्ट हेड्स में कटौती की। फिर भी कुल लाभ-हानि की तस्वीर खराब रही।

⚖️ Excise Duty में 22.6% कमी

  • FY24 Excise Duty: ₹42.9 करोड़
  • FY25 Excise Duty: ₹33 करोड़
  • यह अभी भी कंपनी की कुल लागत का 36% है।

🛒 Procurement Cost 13% घटी

  • FY24: ₹17.13 करोड़
  • FY25: ₹14.91 करोड़

🎯 Advertising & Promotion 24% घटी

  • FY24: ₹17.7 करोड़
  • FY25: ₹13.42 करोड़

👥 Employee Cost बढ़कर ₹10.73 करोड़

कर्मचारियों पर खर्च 30% बढ़ गया—यह संकेत देता है कि कंपनी टीम विस्तार पर फोकस कर रही है।

🧾 कुल खर्च लगभग स्थिर: ₹92 करोड़

अन्य खर्चों—जैसे लीगल, ट्रैवल, रेंट—में भी कमी नहीं हुई।


🔻 लॉस दोगुना: FY25 में ₹30.25 करोड़

रेवेन्यू गिरने के साथ कंपनी की वित्तीय स्थिति कमजोर पड़ी:

  • FY24 Loss: ₹14.6 करोड़
  • FY25 Loss: ₹30.25 करोड़ (दोगुना)

📉 EBITDA Margin भी कमजोर

  • EBITDA Margin: –38.07%
  • EBITDA Loss: ₹23 करोड़

खर्च से रेवेन्यू का Ratio (Expense-to-Revenue) भी 1.52 पर रहा—जो उच्च माना जाता है।

कंपनी के पास मार्च 2025 तक कुल करंट एसेट्स ₹23.7 करोड़ थे, जिनमें सिर्फ ₹1.13 करोड़ कैश शामिल है।


🤝 Diageo India ने जून 2025 में किया अधिग्रहण – ₹130 करोड़ में Deal

इस वित्तीय दबाव के बीच Diageo India (United Spirits Ltd) ने जून 2025 में NAO Spirits को ₹130 करोड़ (लगभग $15 मिलियन) में अधिग्रहित कर लिया।

इससे पहले NAO Spirits ने कुल ₹54 करोड़ पाँच फंडिंग राउंड्स में जुटाए थे।

🧩 अधिग्रहण के बाद क्या बदल रहा है?

ऐसी डील्स में आमतौर पर क्या होता है:

  • पुरानी बैलेंस शीट साफ की जाती है
  • Cost rationalisation किया जाता है
  • Parent company (Diageo) अपनी प्रोसेसेज़ लागू करती है

इस वजह से अक्सर कुछ महीनों तक कंपनी का topline गिरता है—जो यहाँ भी दिख रहा है।


🍸 भारतीय Gin Market की चुनौतियाँ

NAO Spirits की गिरावट सिर्फ Company Issue नहीं, बल्कि Indian Gin Market की Volatility भी बताती है।

🔍 मार्केट फैक्ट्स:

  • Gin Category: कुल इंडियन स्पिरिट मार्केट का सिर्फ 2%
  • Demand: ज्यादातर Urban metros में
  • Competition बढ़ रहा है: कई नए Indian craft gin brands आ रहे हैं
  • State excise policies लगातार बदल रही हैं
  • Consumer taste भी तेजी से transform हो रहा है

ऐसे माहौल में NAO Spirits को Diageo के बड़े पोर्टफोलियो में कहीं खोने का भी जोखिम है—क्योंकि Diageo का फोकस हमेशा उसके बड़े volume drivers पर रहता है।


🚀 क्या NAO Spirits फिर से Growth पकड़ पाएगी?

Diageo के पास बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन क्षमता है, मजबूत सप्लाई चेन है और एक विशाल ऑन-ट्रेड (बार, होटल, एयरपोर्ट) नेटवर्क है। इससे NAO Spirits को फायदा मिलेगा।

लेकिन असली चुनौती होगी:

  • क्या कंपनी अपने ब्रांड को premium craft gin की पहचान के साथ आगे ले जा पाएगी?
  • क्या Greater Than और Hapusa urban consumer के बीच अपनी पकड़ बनाए रखेंगे?
  • क्या Diageo इस ब्रांड को अपनी प्राथमिकता सूची में ऊपर रखेगा?

वर्तमान प्रदर्शन देखकर लगता है कि रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई है, लेकिन अधिग्रहण के बाद कंपनी के लिए नए Growth Levers खुलेंगे।
आने वाले 1-2 साल ये तय करेंगे कि NAO Spirits अपने Stylish Gin Branding के साथ नए दौर में कैसे उभरता है।

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📉📊 Groww ने सबसे ज़्यादा यूज़र जोड़े

Groww

भारत की रिटेल ब्रोकिंग इंडस्ट्री नवंबर 2025 में लगभग ठहरी हुई नज़र आई। पूरे महीने में एक्टिव यूज़र बेस 4.5 करोड़ पर फ्लैट रहा। जहां ज्यादातर बड़े ब्रोकर्स के यूज़र घटे, वहीं Groww ही एक प्रमुख प्लेटफॉर्म रहा जिसने मामूली लेकिन पॉज़िटिव ग्रोथ दर्ज की

यह ट्रेंड यह दिखाता है कि निवेशकों का रुझान धीरे-धीरे बदल रहा है, और मार्केट की अनिश्चितता का सीधा असर ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स पर दिख रहा है।


🚀📈 Groww का दबदबा जारी — मार्केट शेयर 26.84% तक पहुंचा

नवंबर में, Groww ने लगभग 42,000 नए एक्टिव डिमैट अकाउंट्स जोड़कर अपनी तेजी बरकरार रखी।
NSE डेटा के अनुसार, Groww का कुल क्लाइंट बेस अब लगभग 1.2 करोड़ (12 मिलियन) हो चुका है।

💹 Groww की ग्रोथ क्यों टिकी हुई है?

  • आसान और साफ यूज़र इंटरफेस
  • एग्रेसिव कंटेंट और मार्केटिंग स्ट्रैटेजी
  • नए निवेशकों पर टार्गेट फोकस
  • दीर्घकालिक वेल्थ मैनेजमेंट फीचर्स

📌 Groww का शेयर प्राइस
आज दोपहर 12:13 बजे तक Groww का शेयर लगभग ₹143 पर ट्रेड हो रहा था, और कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹88,436 करोड़ (लगभग $10 बिलियन) के आसपास है।


📉🟥 Zerodha, Angel One और Upstox में बड़ी गिरावट

जहां Groww ने पॉज़िटिव नंबर दिए, वहीं बाकी टॉप ब्रोकर्स के लिए नवंबर चुनौतीभरा रहा।

🔻 Zerodha

  • यूज़र लॉस: लगभग 1 लाख
  • कुल यूज़र बेस: 69.24 लाख
  • मार्केट शेयर: 15.38%

🔻 Angel One

  • यूज़र लॉस: 55,000+
  • कुल यूज़र: 67.95 लाख
  • मार्केट शेयर: 15.09%

🔻 Upstox

  • यूज़र लॉस: 65,000+
  • कुल यूज़र: 21.52 लाख
  • मार्केट शेयर: 4.78%

📉 इन प्लेटफॉर्म्स के लिए यह लगातार दूसरा महीना है जब उनकी यूज़र ग्रोथ गिरावट में रही है।


🏦📈 पारंपरिक ब्रोकर्स का मिक्स्ड परफॉर्मेंस — SBI Caps और ICICI आगे

जहां टॉप डिस्काउंट ब्रोकर्स फिसले, वहीं कुछ पारंपरिक ब्रोकर्स ने उम्मीद से बेहतर परफॉर्म किया।

🟢 Gains

  • SBI Caps: +30,000 यूज़र
  • ICICI Securities: +19,000 यूज़र
  • Paytm: +22,000 यूज़र

🔴 Declines

  • HDFC Securities
  • Kotak Securities
    इन सब में नवंबर में गिरावट दर्ज की गई।

यह आंकड़े बताते हैं कि पुराने और भरोसेमंद बैंक-लिंक ब्रोकर्स अभी भी स्थिर ग्रोथ बनाए हुए हैं।


🔍📉 उभरते ब्रोकर्स: Dhan स्थिर, INDmoney और PhonePe Share.Market में गिरावट

🟢 Dhan (Unicorn स्टार्टअप)

  • कुल यूज़र: 9.8 लाख
  • मार्केट शेयर: 2.18%
  • ट्रेंड: स्थिर

🔴 INDmoney

  • माह-दर-माह गिरावट: 2.84%

🔴 PhonePe Share.Market

  • माह-दर-माह गिरावट: 4.28%

उभरते ब्रोकर्स अब भी ग्रोथ के लिए आक्रामक रणनीतियां अपना रहे हैं लेकिन मार्केट का दबाव साफ दिख रहा है।


📉🇮🇳 जनवरी से नवंबर तक कुल गिरावट — निवेशकों की भागीदारी में सुस्ती

2025 की शुरुआत में एक्टिव डिमैट अकाउंट्स की संख्या 4.96 करोड़ थी।
नवंबर तक यह घटकर 4.50 करोड़ रह गई — यानी करीब 46 लाख खातों की गिरावट

🧐 गिरावट के पीछे संभावित कारण:

  • मार्केट में उतार-चढ़ाव
  • IPO गतिविधियों में कमी
  • रिटेल इन्वेस्टर्स का अल्पकालिक रुचि खोना
  • ट्रेडिंग से निवेशकों का दूरी बनाना

यह ट्रेंड बताता है कि इंडियन रिटेल ट्रेडिंग कम्युनिटी फिलहाल वेट-एंड-वॉच मोड में है।


🔮📌 आगे की राह: क्या 2026 में आएगी रिटेल ट्रेडिंग की वापसी?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले महीनों में यदि IPO मार्केट सक्रिय हुआ और मार्केट में स्थिरता आई, तो रिटेल इन्वेस्टर्स की वापसी संभव है।

इसके अलावा:

  • इंडिया की आर्थिक ग्रोथ
  • AI-based ट्रेडिंग टूल्स
  • कम फीस वाले नए प्लेयर्स
  • एग्रेसिव फिनटेक इनोवेशन

…ये सभी 2026 में ब्रोकिंग इंडस्ट्री को नई जान दे सकते हैं।


📝 निष्कर्ष

नवंबर 2025 रिटेल ब्रोकिंग सेक्टर के लिए मिश्रित महीने की तरह रहा।
Groww ने अपनी लीड मजबूत की, जबकि Zerodha, Angel One और Upstox जैसे दिग्गजों ने यूज़र लॉस झेला। पारंपरिक ब्रोकर्स ने स्थिरता दिखाई और उभरते ब्रोकर्स का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

मार्केट की सुस्ती जरूर है, लेकिन इंडियन्स की बढ़ती फाइनेंशियल अवेयरनेस और टेक-ड्रिवन इनोवेशन दर्शाते हैं कि ब्रोकिंग इंडस्ट्री आने वाले समय में फिर से रफ्तार पकड़ेगी।

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🇮🇳💰 Amazon का भारत में सबसे बड़ा ऐलान

Amazon

भारत के डिजिटल और ई-कॉमर्स इकोसिस्टम को नई रफ्तार मिलने वाली है। दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Amazon ने घोषणा की है कि वह 2030 तक भारत में $35 बिलियन (लगभग ₹2.9 लाख करोड़) का निवेश करेगी। यह निवेश अगले पाँच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और इसमें ई-कॉमर्स, AWS क्लाउड, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर्स और AI-आधारित सेवाओं का विस्तार शामिल होगा।

इस नये निवेश के बाद Amazon का कुल निवेश भारत में लगभग $75 बिलियन तक पहुँच जाएगा — जिसमें 2010 से अब तक निवेश किए गए $40 बिलियन भी शामिल हैं। 🚀


📦 Amazon किन क्षेत्रों में करेगा इतना बड़ा निवेश?

कंपनी ने कहा कि आने वाले वर्षों में नई पूँजी को इन प्रमुख क्षेत्रों में लगाया जाएगा:

☁️ Amazon Web Services (AWS) Cloud Expansion

भारत AWS के लिए सबसे तेज़ी से बढ़ते बाजारों में से एक है। कंपनी यहाँ नए डेटा सेंटर्स और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएगी, ताकि AI, मशीन लर्निंग और बड़े पैमाने पर एंटरप्राइज तकनीक को बढ़ावा दिया जा सके।

🏬 Fulfilment & Storage Infrastructure

Amazon अपने fulfilment centres, warehouses और storage hubs का नेटवर्क कई और राज्यों में बढ़ाएगा।

🚚 Last-Mile Delivery & Logistics Network

तेज़ डिलीवरी के लिए कंपनी ड्रोन-डिलीवरी, स्मार्ट रूटिंग और AI-driven logistics पर बड़ा निवेश कर रही है।

🤖 AI-Led Innovations

Amazon भारत में small businesses को AI-tools देगी, जिससे उनकी productivity बढ़े, cost कम हो और global selling आसान बने।

🌍 Global Exports Program

Amazon का Global Selling Program भारत के निर्यात (exports) को तेज़ी से बढ़ा रहा है। अब कंपनी Indian sellers को और ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच दिलाएगी।


🧑‍💼 1 करोड़ नौकरियों का लक्ष्य और 1.5 करोड़ SMBs को डिजिटल पुश

Amazon ने बताया कि उसका लक्ष्य है कि 2030 से पहले:

  • 1.5 करोड़ छोटे व्यवसायों (SMBs) को AI और डिजिटल tools से सशक्त करना
  • लगभग 10 लाख नई नौकरियाँ सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से तैयार करना
  • भारत से एक्सपोर्ट 20 बिलियन डॉलर तक पहुँचाना

AI-integrated tools खास तौर पर छोटे विक्रेताओं (sellers) के लिए बनाए जा रहे हैं ताकि inventory, pricing, sales forecasting और global listings को सरल और स्वचालित किया जा सके।


🎬 भारत: Amazon के लिए सबसे बड़ा वैश्विक बाजारों में शामिल

भारत Amazon के लिए:

  • सबसे तेज़ी से बढ़ता ई-कॉमर्स बाजार
  • सबसे बड़ा Prime Video उपभोक्ता आधार
  • AWS के लिए strategic region
  • सबसे बड़ा logistics expansion hub

बन चुका है।

कंपनी भारत में ई-कॉमर्स, payments, entertainment, cloud, और B2B operations को लंबे समय के लिए मजबूत करना चाहती है।


🏢 Amazon का भारत में नेटवर्क कितना बड़ा है?

आज Amazon भारत में कई वर्टिकल्स के साथ ऑपरेट करता है:

  • 🛒 Amazon Marketplace
  • ☁️ AWS Cloud Computing
  • 🎥 Prime Video & Amazon Studios
  • 📦 Amazon Logistics & Delivery Network
  • 💳 Amazon Pay
  • 🏬 Fulfilment Centers & Sortation Hubs

कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में Telangana, Maharashtra, Gujarat, Tamil Nadu और Karnataka जैसे राज्यों में बड़े डेटा सेंटर और fulfilment क्षेत्र का विस्तार किया है।


⚔️ Big Tech का भारत में निवेश युद्ध: Microsoft और Google भी मैदान में

Amazon का यह निवेश ऐसे समय आया है जब Big Tech कंपनियों के बीच भारत में निवेश की होड़ बढ़ रही है।

  • Microsoft ने हाल ही में $17.5 billion के AI व क्लाउड निवेश की घोषणा की है।
  • Google पहले ही $15 billion के निवेश की घोषणा कर चुका है।

स्पष्ट है कि आने वाले वर्षों में भारत का डिजिटल इकोसिस्टम तेजी से विस्तार करेगा — चाहे वह AI, क्लाउड या ई-कॉमर्स हो।


📈 क्यों इतना बड़ा निवेश कर रहा है Amazon?

✔ भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ता करोड़ों की संख्या में

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट बाजार है।

✔ ई-कॉमर्स तेज़ी से बढ़ रहा है

Tier-II और Tier-III शहर Amazon की सबसे तेज़ी से बढ़ती मांग का हिस्सा हैं।

✔ AI और Cloud Services की भारी मांग

Indian enterprises और startups AWS जैसी सेवाओं की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

✔ लॉजिस्टिक्स नेटवर्क भारत में भविष्य के लिए key है

भारत को global manufacturing & exports hub माना जा रहा है।


🔍 Amazon की रणनीति: “India for the Future”

Amazon के इस investment plan से यह साफ दिखता है कि कंपनी भारत को सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि भविष्य के टेक और लॉजिस्टिक हब के रूप में देख रही है।

  • AI tools के जरिए local businesses को global marketplace से जोड़ना
  • भारत को AWS cloud region के रूप में मजबूत करना
  • fulfilment और last-mile infrastructure में विश्वस्तरीय क्षमताएँ बनाना

इन सब कदमों से Amazon भारत में लंबे समय की उपस्थिति और leadership को मजबूत करना चाहता है।


🏁 निष्कर्ष: 2030 तक Amazon का भारत पर बड़ा दांव

Amazon का $35 बिलियन का यह mega-plan भारत के डिजिटल, टेक और ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए game-changer साबित होगा।
यह निवेश:

  • छोटे व्यवसायों को नई ताकत देगा
  • लाखों नौकरियाँ पैदा करेगा
  • AI और cloud adoption को गति देगा
  • भारत के export को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा

भारत आने वाले दशक में दुनिया की AI-powered digital economy का प्रमुख केंद्र बन सकता है — और Amazon का यह कदम उसी दिशा में एक बड़ा संकेत है। 🇮🇳🚀

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🚀 IAN Group ने किया $100 Million Alpha Fund का Final Close

IAN Group

भारत के शुरुआती चरण के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी और अहम ख़बर सामने आई है। IAN Group (Indian Angel Network) ने अपने दूसरे वेंचर कैपिटल फंड IAN Alpha Fund का $100 मिलियन (लगभग ₹830 करोड़) का final close पूरा कर लिया है।

यह फंड उन tech-enabled स्टार्टअप्स में निवेश करेगा जो भारत के सामने मौजूद बड़े उद्योगिक और सामाजिक चुनौतियों को हल करने की क्षमता रखते हैं।

AI से लेकर spacetech तक — फंड का दायरा काफी बड़ा और भविष्य-केंद्रित है। 🌍⚡


🎯 फंड का लक्ष्य: भविष्य की तकनीक और impactful solutions

IAN Alpha Fund को खास तौर पर उन शुरुआती चरण (early-stage) स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है जो:

  • Artificial Intelligence (AI)
  • Space Technology
  • Semiconductors
  • Climate & Sustainability
  • Healthcare Innovation
  • Frontier Technologies

जैसे high-impact सेक्टर्स में काम कर रहे हैं।

उद्देश्य साफ है — ऐसे स्टार्टअप्स में पूंजी और मेंटरशिप देना जो “India for the world” विज़न को आगे बढ़ा सकें। 🌏🚀


🏛️ मजबूत समर्थन: सरकारी और संस्थागत निवेशकों की बड़ी भागीदारी

IAN Alpha Fund को कई प्रतिष्ठित और सरकारी-समर्थित फंडों से निवेश मिला है। इनमें शामिल हैं:

  • Self-Reliant India Fund
  • SIDBI Fund of Funds for Startups
  • ACE Fund
  • Odisha Startup Growth Fund
  • Insurance कंपनियाँ
  • Family Offices

इस तरह की विविध और मजबूत backing फंड को long-term स्थिरता और credibility देती है। 🤝💼


🌆 Tier-II और Tier-III शहरों के संस्थापकों को बड़ी मदद

एक खास बात यह है कि IAN के शुरुआती पोर्टफोलियो में शामिल 10–12 स्टार्टअप्स first-generation founders द्वारा संचालित हैं — और वे भी tier-II और tier-III शहरों से।

यानी, अब भारत के छोटे शहरों के प्रतिभाशाली उद्यमियों को:

  • बड़े शहरों जैसी funding opportunities
  • एक्सपर्ट मेंटरशिप
  • ग्लोबल मार्केट तक पहुँच

सब एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगा। 🏙️➡️🌏

यह भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के democratization की दिशा में बड़ा कदम है।


💰 कितना निवेश मिलता है? IAN Group की खास पेशकश

IAN Group लंबे समय से ऐसा प्लेटफॉर्म बना रहा है जहाँ उद्यमियों को:

👉 ₹50 लाख से लेकर ₹50 करोड़
तक की फंडिंग मिल सकती है — वह भी एक ही नेटवर्क के जरिए।

यानि, startup की जरूरत चाहे seed-stage में हो या scaling-stage में, दोनों के लिए पूंजी और अनुभव उपलब्ध है।

इसके साथ IAN देता है:

  • Hands-on मेंटरशिप
  • CXO-स्तर की guidance
  • Global market access
  • Startup building support

यही कारण है कि IAN आज भारत के सबसे विश्वसनीय early-stage investment platforms में गिना जाता है। 🌟


📊 19 वर्षों का अनुभव — शानदार रिटर्न्स का दावा

IAN Group अब तक के अपने निवेशों से लगातार high double-digit returns देने का दावा करता है।

19 वर्षों की यात्रा में:

  • कई सफल exits
  • वैश्विक स्तर पर मजबूत नेटवर्क
  • Deep-tech से लेकर consumer-tech तक कई सफलता की कहानियाँ

इस फंडिंग प्लेटफ़ॉर्म को भारत के सबसे अनुभवी startup investors में शामिल करती हैं। 🏆

IAN का निवेश दर्शन (investment thesis) बिल्कुल स्पष्ट है:

👉 “Exceptional founders solving real problems”

यानी, वे स्टार्टअप्स जिनका लक्ष्य भारत और दुनिया के बड़े मुद्दों के लिए practical और scalable solutions बनाना है।


🌏 IAN Alpha Fund कैसे बदलेगा भारत का startup landscape?

IAN का यह नया फंड सिर्फ पूँजी निवेश नहीं है — यह भारत के startup landscape को मजबूत बनाने का सामूहिक प्रयास है।

🔹 1. छोटे शहरों का बढ़ता योगदान

स्टार्टअप्स का विकास अब सिर्फ Bengaluru, Delhi या Mumbai तक सीमित नहीं रहेगा।

🔹 2. Deep-Tech और Frontier Innovation को बढ़ावा

Space-tech, semiconductors और AI जैसी श्रेणियाँ भारत में तेजी से उभर रही हैं।

🔹 3. सस्टेनेबल और impact-driven स्टार्टअप्स को बढ़ावा

Climate-tech और healthcare जैसे critical क्षेत्रों में नवाचार को सहायता मिलेगी।

🔹 4. भारत के strategic imperatives को समर्थन

Semiconductors, spacetech और AI जैसे क्षेत्र राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा बन चुके हैं — और यह फंड इन्हें मजबूत करेगा।


💬 IAN का बड़ा विज़न: “हर शहर का हर founder deserve करता है equal opportunity”

IAN Group का vision स्पष्ट है — भारत के हर कोने से आने वाले founders को वही मौका मिले जो बड़े शहरों के founders को मिलता है।

Startup का talent सिर्फ metro cities तक सीमित नहीं है — और यही Alpha Fund का सबसे बड़ा उद्देश्य है:

👉 Talent को पहचानना, support करना और global success stories में बदलना 🌟


🏁 निष्कर्ष: भारत के startup ecosystem के लिए game-changing कदम

$100 मिलियन का IAN Alpha Fund भारत के early-stage startup ecosystem के लिए एक milestone है।

यह फंड:

  • भविष्य की तकनीकों
  • Impact-driven solutions
  • छोटे शहरों के उद्यमियों
  • Deep-tech innovations

को नई दिशा और नई उड़ान देगा।

IAN Group का यह नया कदम दिखाता है कि भारत का startup ecosystem अब केवल quantity नहीं, बल्कि quality, innovation और global ambition पर चलने लगा है। 🚀🇮🇳

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🌱 Earthful ने जुटाए ₹26 Crore

Earthful

Plant-based nutrition पर फोकस करने वाला Hyderabad-आधारित स्टार्टअप Earthful ने अपने pre-Series A फंडिंग राउंड में ₹26 करोड़ (लगभग $2.89 million) जुटा लिए हैं। इस राउंड का नेतृत्व Fireside Ventures और V3 Ventures ने किया, जबकि Atrium Angels ने भी भागीदारी दिखाई।

ये निवेश Earthful की तेजी से बढ़ती growth trajectory और भारत में plant-based wellness की बढ़ती डिमांड को मजबूती प्रदान करता है। 🌿💰


🦸‍♀️ Shark Tank से Startup Success तक

Earthful को भारत में बड़े स्तर पर पहचान तब मिली जब यह Shark Tank India पर दिखाई दिया।

इससे पहले स्टार्टअप ने angel investors और family offices से करीब $1 million की funding जुटाई थी।

पिछले वित्त वर्ष में Earthful ने 3X growth हासिल की है, जो कि मुख्य रूप से strong customer retention और repeat purchases की वजह से संभव हुआ। 🚀


💰 फंडिंग का इस्तेमाल कहाँ होगा?

Earthful इस ₹26 करोड़ फंडिंग का उपयोग कई strategic growth क्षेत्रों में करेगा:

📌 1. Women’s Health Product Portfolio का विस्तार

कंपनी अब women’s wellness के लिए और ज्यादा science-backed, clean-label products लॉन्च करेगी — खासकर menstrual health, PCOS, menopause और overall hormonal wellness पर फोकस करते हुए।

📌 2. Hyderabad और Mumbai टीम का विस्तार

कंपनी अपनी operations व marketing टीम को मजबूत करेगी ताकि scaling को तेजी से execute किया जा सके।

📌 3. Product Development

Earthful नए formulations, R&D, और clinically validated nutrition solutions पर बड़ा निवेश करेगा।

📌 4. Brand-led Growth

ब्रांड का presence Instagram, YouTube, D2C channels और offline discovery points पर बढ़ाने पर फोकस होगा।


👩‍🔬 Women-Centric Nutrition में पहली mover advantage

Earthful की सबसे बड़ी खासियत इसका ज़्यादा फोकस women’s preventive nutrition पर है।

स्टार्टअप ने दावा किया है कि वह भारत का पहला ब्रांड है जिसने menopausal women के लिए specially designed multivitamins लॉन्च किए हैं — जिनमें शामिल हैं:

  • Vitamins
  • Minerals
  • Plant-based herbs
  • Natural hormone-balancing ingredients

यह product women’s life-cycle health को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो भारत में अभी तक largely underserved category है। 🌸


🌱 Plant-Based Clean Nutrition – Earthful की USP

Earthful को शुरू किया था दो बहनों, Veda Gogineni और Sudha Gogineni ने।
उनका विज़न था एक ऐसा Indian nutrition ब्रांड बनाना जो:

  • Clean-label ingredients का उपयोग करे
  • Plant-based formulations बनाए
  • Preventive nutrition पर फोकस करे
  • Transparent और science-backed हो

आज Earthful की USP है:

✔️ Simple formulations

✔️ No artificial preservatives

✔️ No harmful additives

✔️ 100% plant-based ingredients

इन्हीं सिद्धांतों ने Earthful को competition से आगे खड़ा किया है। 🌿✨


🛒 Product Portfolio: किन-किन categories में काम करता है Earthful?

Earthful का वर्तमान portfolio कई high-demand categories को कवर करता है:

🌱 Daily Multivitamins

  • Teenagers से लेकर adults तक
  • Women-special formulas
  • Senior nutrition
  • Menopause-specific multivitamins

💪 Plant Protein

  • Gut-friendly
  • Low-allergen
  • Natural flavours

✨ Skin & Hair Products

  • Collagen-boosting formulas
  • Hair health blends

😴 Sleep Products

  • Natural sleep-balancing supplements
  • Non-habit forming

कंपनी आने वाले महीनों में women’s health पर और गहराई से काम करने की योजना बना रही है।


📈 2 Lakh+ Customers — Repeat Orders पर बेस्ड Growth

केवल दो वर्षों में Earthful का customer base 2 लाख से अधिक लोगों तक पहुँच चुका है।
सबसे महत्वपूर्ण बात — उसकी growth का बड़ा हिस्सा repeat customers से आता है।

इसका मतलब:

  • Consumers ने products को effective पाया
  • Trust और brand recall बनी
  • Women consumers ने इसे long-term wellness routine का हिस्सा बनाया

Repeat purchase-led growth किसी भी consumer brand के लिए सबसे मजबूत संकेत माना जाता है। 🔁❤️


💼 Category Leadership की ओर बढ़ता Indian Nutrition Brand

भारत का wellness और nutrition मार्केट तेजी से बढ़ रहा है — खासकर women’s health, plant-based supplements और preventive nutrition categories में।

Earthful सही समय पर सही categories को target कर रहा है:

  • Menopause nutrition India में बिल्कुल नया और underserved segment है
  • PCOS और hormonal health जैसी conditions के लिए reliable products की जरूरत बढ़ रही है
  • Clean, plant-based nutrition की consumer awareness तेजी से बढ़ रही है

ऐसे में Earthful को बड़ा first-mover advantage मिल रहा है। 🏆


🌟 निष्कर्ष: भारत के Plant-Based Nutrition का Rising Star

₹26 करोड़ की इस नई फंडिंग के साथ Earthful अब भारत के सबसे promising plant-based nutrition startups में शामिल हो गया है।

कंपनी अब:

  • Women-centric portfolio मजबूत करेगी
  • Team और R&D capabilities बढ़ाएगी
  • New innovations लेकर आएगी
  • Brand building को गति देगी

तेजी से बढ़ता customer base और repeat demand यह साफ दिखाता है कि Earthful सिर्फ trend नहीं, बल्कि long-term wellness movement का हिस्सा बन चुका है। 🌿🚀

Read more : Dr. Paws ने जुटाए ₹29.3 Crore

🐾 Dr. Paws ने जुटाए ₹29.3 Crore

Dr. Paws

Bengaluru की तेजी से बढ़ती veterinary clinic chain Dr. Paws ने अपने pre-Series A फंडिंग राउंड में ₹29.3 करोड़ (लगभग $3.5 million) जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व Chiratae Ventures ने किया, जबकि मौजूदा निवेशक Sauce VC ने भी हिस्सेदारी बढ़ाई। इसके साथ ही Trifecta Capital और Stride Ventures ने venture debt भी प्रदान किया है।

यह फंडिंग भारत के बढ़ते pet-care और veterinary services मार्केट की मजबूती को दर्शाती है। 🐶🐱💰


💰 फंडिंग का उपयोग: विस्तार + नई सर्विसेज + टेक्नोलॉजी

Dr. Paws इस ताज़ा फंडिंग का उपयोग अपने clinic network को विस्तार देने के साथ-साथ नई सेवाएँ लॉन्च करने में करेगा। कंपनी का अगला बड़ा लक्ष्य है:

🏥 Bengaluru में 2026 तक 9 नई क्लिनिक जोड़ना

इसके अलावा कंपनी Hyderabad और Pune जैसे नए शहरों में भी एंट्री की तैयारी कर रही है।

Pet-care मार्केट तेज़ी से बढ़ रहा है और Dr. Paws इस डिमांड को capitalize करने के लिए तेजी से विस्तार कर रहा है। 📈🐾


🚑 जल्द आ रही हैं नई सेवाएँ

इस फंडिंग के साथ Dr. Paws अपने सर्विस पोर्टफोलियो को और बड़ा करने जा रहा है। कंपनी जल्द ही लॉन्च करेगी:

  • 🏡 At-home veterinary services
  • 🐶 Private-label products (treats, supplements, pet food)
  • 📦 Better preventive-care packages

इन नई सेवाओं से pet parents को घर बैठे premium veterinary care मिलेगी।


👨‍⚕️ Dr. Paws क्या करता है?

Dr. Paws एक modern veterinary clinic chain है जो जानवरों को advanced और holistic medical care प्रदान करता है। कंपनी की सेवाओं में शामिल हैं:

  • 💬 Consultations
  • 🏥 Surgeries
  • 🧪 Diagnostics
  • 💉 Preventive care
  • 🐾 24×7 emergency care

कंपनी की स्थापना Udit Gadkary और Rakesh Santhapur ने की थी, जिन्होंने Indian pet-care ecosystem में modernization की जरूरत को समझकर इसे एक scalable business में बदला।


🏥 अभी कितनी क्लिनिक्स चल रही हैं?

Dr. Paws वर्तमान में बेंगलुरु में तीन 24×7 veterinary clinics चला रहा है। इसके अलावा दो और क्लिनिक निर्माणाधीन हैं।

कंपनी अपने स्थानों को ऐसे residential clusters में स्थापित करती है जहाँ pet ownership की संख्या अधिक है — जिससे वह बेहतर access और convenience प्रदान कर सके।


📊 30,000+ Appointments & 800+ Surgeries

Dr. Paws की growth numbers भी काफी प्रभावशाली हैं। शुरुआत से अब तक:

  • 🐶 30,000+ veterinary appointments
  • 🐾 800+ successful surgeries

ये आंकड़े यह साबित करते हैं कि pet parents Dr. Paws की medical expertise और services पर भरोसा करते हैं।


💼 5 Months में Profitability — Rare Achievement!

कंपनी का दावा है कि उसके क्लिनिक लॉन्च के मात्र 5 महीने के भीतर operating profitability हासिल कर लेते हैं।

यह achievement veterinary sector में बहुत rare है, क्योंकि:

  • Capex heavy model
  • Skilled staff की आवश्यकता
  • Medical equipment की लागत
  • Slow initial customer adoption

इन सब कारणों से बहुत से veterinary chains को profitability पाना मुश्किल होता है।

लेकिन Dr. Paws की standardized processes, trained staff और tech-enabled clinical workflows इसकी सफलता की वजह हैं। 💡📈


🤖 Tech Investment: Smart & Efficient Clinics

Dr. Paws सिर्फ physical expansion नहीं कर रहा, बल्कि tech infrastructure पर भी बड़ा निवेश करने जा रहा है।

कंपनी आगे चलते हुए इन क्षेत्रों पर ध्यान देगी:

  • ⚙️ Clinical workflow automation
  • 🧾 Customer management systems
  • 🎓 Internal training tech
  • 📱 Mobile-first customer experience

Digitalization के साथ Dr. Paws अपने operations को तेज़, standardized और scalable बनाने का लक्ष्य रखता है।


👥 Leadership Team भी हो रही है मजबूत

Expansion के साथ Dr. Paws अपनी leadership team भी मजबूत कर रहा है।
कंपनी:

  • City-level managers
  • Central operations heads
  • Medical supervisors
  • Training leaders

जैसे नए roles के लिए experienced talent onboard कर रही है।

यह step rapid city-rollout के लिए बेहद आवश्यक माना जा रहा है। 🧑‍⚕️👩‍⚕️


🐾 Pet-care Market क्यों उभर रहा है?

भारत में pet ownership तेजी से बढ़ रहा है।
2025 तक भारतीय pet market ₹10,000+ करोड़ से ज्यादा का होने का अनुमान है।

इसके पीछे मुख्य कारण:

  • Middle-class income में वृद्धि
  • Pet adoption culture का बढ़ना
  • Modern veterinary care की बढ़ती awareness
  • Home-based and preventive care की demand

Dr. Paws इस emerging opportunity को perfect timing के साथ capture कर रहा है। 🚀🐱


📌 निष्कर्ष

₹29.3 करोड़ की फंडिंग के साथ Dr. Paws अब भारत के veterinary clinic ecosystem में एक बड़े player के रूप में उभर रहा है।

कंपनी:

  • Clinics का तेजी से विस्तार
  • New city expansion
  • At-home vet services
  • Private-label pet products
  • Tech-enabled workflows

जैसे बड़े प्लान्स के साथ pet-care revolution लाने की तैयारी में है।

भारत में pet parents की तेजी से बढ़ती संख्या को देखते हुए, Dr. Paws का यह कदम आने वाले सालों में कंपनी को इस सेक्टर का मार्केट लीडर बना सकता है। 🐾🔥

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🌍 Skydo ने उठाए $10 Million

Skydo

भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में एक और बड़ी फंडिंग खबर सामने आई है। Bengaluru-based cross-border payments platform Skydo ने अपने Series A राउंड में $10 million की फंडिंग जुटाई है। इस राउंड का नेतृत्व Susquehanna Asia Venture Capital (SIG) ने किया, जबकि मौजूदा निवेशक Elevation Capital ने भी इसमें हिस्सा लिया। 💸🚀


💰 अब तक कुल फंडिंग: $19.7 Million

Skydo की यह नई फंडिंग उसके पहले से मौजूद फंडिंग ट्रैक को और मजबूत करती है। इससे पहले कंपनी ने अगस्त 2024 में $5 million जुटाए थे।
नई राशि के साथ अब Skydo की कुल फंडिंग $19.7 million तक पहुँच गई है।

इसे भारतीय फिनटेक सेक्टर के लिए एक मजबूत सिग्नल माना जा रहा है क्योंकि cross-border payments का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और Skydo इस रेस में अग्रणी खिलाड़ियों में शामिल हो चुका है। 🌐💹


🌎 20+ नए देशों में विस्तार की तैयारी

कंपनी की योजना इस फंडिंग का उपयोग बड़े पैमाने पर अपने global operations को विस्तार देने में करने की है।
Skydo आने वाले महीनों में इन क्षेत्रों में अपनी local collection सेवाओं को लॉन्च करेगा:

  • 🌏 Southeast Asia
  • 🌍 Middle East
  • 🌍 Africa
  • 🌎 Latin America

इससे भारतीय MSMEs और freelancers को दुनिया के और ज्यादा देशों से payments लेने में आसानी होगी। ✨


🧑‍💻 Skydo क्या करता है?

Skydo एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो exporters, MSMEs, freelancers और startups को दुनिया के अलग-अलग देशों से payments प्राप्त करने की सुविधा देता है — वह भी:

  • 💵 Flat-fee pricing
  • 💱 Zero forex markup
  • ⚡ 24-hour settlement
  • 📄 Automated compliance (FIRA, invoices, reminders, accounting tools)

यानी Skydo कंप्लायंस, पेमेंट क्लीयरेंस और document handling को पूरी तरह automate कर देता है।

कंपनी की स्थापना Srivatsan Sridhar और Movin Jain ने की थी, जो पहले भी फिनटेक प्रोडक्ट बिल्डिंग में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं।


🏢 30,000+ Businesses को सेवा दे रहा है Skydo

Skydo की लोकप्रियता बेहद तेज़ी से बढ़ रही है। प्लेटफ़ॉर्म पर अब:

  • 30,000+ MSMEs
  • हजारों freelancers
  • कई growth-stage startups

सेवा ले रहे हैं। ये यूज़र्स भारत के 50+ शहरों से हैं।
कंपनी का दावा है कि वह 32+ currencies में payment process कर रही है।

Cross-border payments की दुनिया में यह आंकड़े काफी प्रभावी माने जाते हैं। 🌐📈


🏦 RBI की विशेष मंजूरी: PA-CB फ्रेमवर्क

Skydo भारत की उन चुनिंदा कंपनियों में से है जिन्हें RBI से Payment Aggregator – Cross Border (PA-CB) framework के तहत in-principle approval मिला है।

यह मंजूरी Skydo को भारत के cross-border payments मार्केट में एक भरोसेमंद और सुरक्षित प्लेयर बनाती है। 🔐🇮🇳


📈 4x Growth in One Year — और अब लक्ष्य $5 Billion!

Skydo ने बताया कि पिछले एक साल में उनके platform का payment volume 4 गुना बढ़ा है।

अब कंपनी का बड़ा लक्ष्य है:

🎯 अगले दो साल में $5 Billion का Annualised Transaction Volume हासिल करना

यह लक्ष्य Skydo को भारत के सबसे बड़े cross-border payment players की सूची में ला सकता है।


🌟 भारतीय MSMEs के लिए क्यों महत्वपूर्ण है Skydo?

भारत में लाखों MSMEs और freelancers global clients के साथ काम करते हैं। लेकिन cross-border payments में अक्सर:

  • भारी फीस
  • slow settlement timelines
  • forex changes
  • compliance issues

जैसी समस्याएँ आती हैं।

Skydo इन पेन-पॉइंट्स को खत्म कर रहा है — fast settlements, transparent pricing और automation के साथ। यह कारण है कि Skydo इस फिनटेक सेगमेंट में तेजी से अपनाया जा रहा है। 🌟


🚀 Funding का Impact: क्या बदलने वाला है?

नई फंडिंग से आने वाले समय में ये बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:

  • 🌏 20+ नए देशों में local collections
  • 🧑‍💻 बेहतर tech infrastructure
  • 📊 automated compliance tools का विस्तार
  • 💼 और MSMEs को global व्यापार करने में आसानी

Skydo भारत के export ecosystem को global level पर और मजबूत बनाने की दिशा में भूमिका निभा रहा है।


📌 निष्कर्ष

Skydo की $10 million फंडिंग भारत के cross-border fintech सेक्टर की मजबूती का संकेत देती है।
अपने तेजी से बढ़ते यूज़रबेस, RBI approvals, multiple currencies, और global expansion roadmap के साथ, Skydo आने वाले वर्षों में global payments space का एक बड़ा नाम बनने की ओर बढ़ रहा है।

Skydo का लक्ष्य भी स्पष्ट है — MSMEs और freelancers को global पेमेंट्स की दुनिया में एक सरल, तेज़ और सस्ता समाधान देना। 🌍💼⚡

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