भारत में बढ़ते पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड बकाया के बीच debt relief और financial counselling सेगमेंट तेजी से उभर रहा है। इसी कड़ी में debt resolution प्लेटफॉर्म FREED ने ₹60 करोड़ (करीब $6.5 मिलियन) की नई फंडिंग जुटाई है। इस राउंड का नेतृत्व Aavishkaar Capital ने किया, जबकि मौजूदा निवेशक Sorin Investments, Piper Serica और Sattva Ventures ने भी भागीदारी की।
यह नया निवेश ऐसे समय आया है जब FREED अपनी ग्रोथ और स्केल को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी में है।
📊 दो साल बाद नई फंडिंग
FREED ने इससे पहले दो साल पहले अपनी Series A राउंड में भी ₹60 करोड़ जुटाए थे, जिसका नेतृत्व Sorin Investments और Multiply Venture ने किया था।
इसके अलावा मई 2022 में कंपनी ने $2.8 मिलियन की प्री-Series A फंडिंग Inflection Point Ventures के नेतृत्व में जुटाई थी।
लगातार निवेशकों का भरोसा यह दर्शाता है कि debt resolution का बाजार निवेशकों के लिए आकर्षक बनता जा रहा है।
💡 फंड का इस्तेमाल कहां होगा?
कंपनी के अनुसार, ताजा पूंजी का उपयोग इन प्रमुख क्षेत्रों में किया जाएगा:
- ऑपरेशंस को स्केल करना
- नए शहरों और राज्यों में विस्तार
- अंडरराइटिंग और प्रोडक्ट क्षमताओं को मजबूत करना
- संस्थागत साझेदारियों को गहरा करना
FREED का लक्ष्य अपने टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म और काउंसलिंग मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाना है ताकि ज्यादा से ज्यादा तनावग्रस्त (stressed) ग्राहकों तक पहुंचा जा सके।
🏦 FREED कैसे काम करता है?
2020 में स्थापित FREED उन लोगों की मदद करता है जो कर्ज के दबाव में हैं लेकिन भुगतान करने की क्षमता रखते हैं।
कंपनी financial counselling, negotiated settlements और structured repayment plans की सुविधा देती है।
यह trustee-managed special purpose accounts के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया को व्यवस्थित करता है, जिससे ग्राहकों और लेंडर्स दोनों के लिए पारदर्शिता बनी रहती है।
जो उधारकर्ता (borrowers) पूरी तरह डिफॉल्ट में नहीं हैं बल्कि repayment-capable हैं, उनके लिए FREED regulated lending partners के साथ मिलकर structured consolidation loans की व्यवस्था भी करता है।
📈 अब तक का प्रदर्शन
कंपनी का दावा है कि उसने अब तक 20 लाख से अधिक ग्राहकों को काउंसलिंग दी है।
वर्तमान में FREED के पास 1.2 लाख से अधिक सक्रिय अकाउंट्स हैं और वह ₹3,200 करोड़ से ज्यादा के debt under management की निगरानी कर चुका है।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत में debt management और settlement की मांग तेजी से बढ़ रही है।
🎯 18 महीनों में बड़ा लक्ष्य
FREED ने अगले 18 महीनों में करीब $1 बिलियन (लगभग ₹8,000 करोड़ से अधिक) के stressed debt enrollment का लक्ष्य रखा है।
कंपनी का कहना है कि पिछले एक साल में उसकी CAGR ग्रोथ करीब 19% रही है और यूनिट इकॉनॉमिक्स में भी सुधार देखने को मिला है।
यानी हर नए ग्राहक के साथ कंपनी की लागत और आय का संतुलन बेहतर हो रहा है, जो लंबे समय में लाभप्रदता की दिशा में सकारात्मक संकेत है।
🏁 बढ़ती प्रतिस्पर्धा
Debt settlement और relief सेगमेंट में FREED अकेला खिलाड़ी नहीं है।
इस क्षेत्र में Loan Settlement, Single Debt और CreditQ जैसी कंपनियां भी सक्रिय हैं।
बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनियों को बेहतर टेक्नोलॉजी, पारदर्शिता और ग्राहक विश्वास पर फोकस करना होगा।
📉 भारत में क्यों बढ़ रही है जरूरत?
पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल लेंडिंग, पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड की पहुंच बढ़ी है।
लेकिन इसके साथ ही डिफॉल्ट और repayment stress के मामले भी बढ़े हैं।
कई ग्राहक उच्च ब्याज दर और multiple loans के जाल में फंस जाते हैं। ऐसे में debt counselling और settlement प्लेटफॉर्म उनके लिए एक संरचित समाधान प्रदान करते हैं।
यह सेगमेंट न केवल ग्राहकों को राहत देता है बल्कि बैंकों और NBFCs को भी NPA कम करने में मदद करता है।
🔮 आगे की राह
₹60 करोड़ की नई फंडिंग FREED के लिए विस्तार का अवसर लेकर आई है।
यदि कंपनी अपने अंडरराइटिंग मॉडल, टेक्नोलॉजी और साझेदारियों को प्रभावी ढंग से स्केल करती है, तो वह debt relief बाजार में मजबूत स्थिति बना सकती है।
भारत में बढ़ते कर्ज और वित्तीय जागरूकता की जरूरत को देखते हुए यह सेगमेंट आने वाले वर्षों में और बड़ा हो सकता है।
अब देखना होगा कि FREED अपने $1 बिलियन के लक्ष्य को कितनी तेजी से हासिल कर पाता है और क्या वह इस प्रतिस्पर्धी बाजार में खुद को लीडर के रूप में स्थापित कर पाएगा।
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