ऑन-डिमांड होम सर्विस प्लेटफॉर्म Urban Company की क्विक-सेवा हाउसकीपिंग वर्टिकल InstaHelp ने लॉन्च के एक साल से भी कम समय में बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। कंपनी के सह-संस्थापक और CEO Abhiraj Singh Bhal के अनुसार, InstaHelp ने रोज़ाना 50,000 से अधिक बुकिंग का आंकड़ा पार कर लिया है।
मार्च 2025 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई इस सेवा ने तेजी से विस्तार करते हुए अब बड़े शहरों में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है।
📊 50,000 डेली बुकिंग का माइलस्टोन
स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, 22 फरवरी 2026 को InstaHelp ने 51,520 दैनिक बुकिंग दर्ज कीं। यह आंकड़ा बताता है कि शहरी भारत में इंस्टेंट होम सर्विसेज की मांग तेज़ी से बढ़ रही है।
कंपनी का अनुमान है कि आने वाले महीनों में मासिक बुकिंग 15 लाख (1.5 मिलियन) का आंकड़ा पार कर सकती है। तुलना के लिए, दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में Urban Company ने कुल 1.61 मिलियन ऑर्डर दर्ज किए थे।
यह स्पष्ट संकेत है कि InstaHelp अब कंपनी के लिए एक हाई-फ्रीक्वेंसी और स्केलेबल कैटेगरी बनती जा रही है।
🚀 मुंबई से शुरू, अब टॉप शहरों में विस्तार
InstaHelp को सबसे पहले मुंबई में पायलट के तौर पर लॉन्च किया गया था। इसके बाद इसे बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद और पुणे जैसे बड़े शहरों के चुनिंदा माइक्रो-मार्केट्स में विस्तार दिया गया।
यह सेवा ऑन-डिमांड घरेलू कार्यों के लिए उपलब्ध है, जिनमें शामिल हैं:
- घर की सफाई
- बर्तन धोना
- कपड़े धोना
- भोजन तैयार करना
क्विक-कॉमर्स की तरह, InstaHelp भी तुरंत उपलब्धता और तेज़ सर्विस पर फोकस करता है।
💬 CEO का बयान: हाई-फ्रीक्वेंसी कैटेगरी पर फोकस
Abhiraj Singh Bhal ने कहा कि कंपनी इस वर्टिकल में लगातार निवेश कर रही है ताकि एक बड़ी और बार-बार इस्तेमाल होने वाली सेवा श्रेणी बनाई जा सके।
उनके अनुसार, इस निवेश के शुरुआती नतीजे दिखने लगे हैं — यूनिट इकॉनॉमिक्स में सुधार हो रहा है और दोबारा उपयोग (repeat usage) बढ़ रहा है।
यह बयान संकेत देता है कि कंपनी InstaHelp को केवल एक एक्सपेरिमेंट नहीं बल्कि भविष्य की ग्रोथ इंजन के रूप में देख रही है।
📉 Q3 FY26 में घाटा, लेकिन रेवेन्यू में उछाल
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो Q3 FY26 में Urban Company ने 21 करोड़ रुपये का समेकित (consolidated) शुद्ध घाटा दर्ज किया। एडजस्टेड EBITDA घाटा 17 करोड़ रुपये रहा।
इस घाटे का बड़ा कारण InstaHelp वर्टिकल में किया गया भारी निवेश बताया गया है।
हालांकि, इसी अवधि में कंपनी का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 32% बढ़कर 383 करोड़ रुपये पहुंच गया।
InstaHelp ने अकेले Q3 FY26 में 28 करोड़ रुपये का NTV (Net Transaction Value) और 6.8 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया।
यह दर्शाता है कि सेवा तेजी से स्केल हो रही है, भले ही अभी लाभप्रदता (profitability) की राह लंबी हो।
⚔️ बढ़ती प्रतिस्पर्धा: Snabbit और Pronto
इंस्टेंट होम सर्विसेज का बाजार अब प्रतिस्पर्धी होता जा रहा है।
क्विक-कॉमर्स की तरह इस स्पेस में भी कई नए खिलाड़ी उतर चुके हैं। उदाहरण के लिए, Pronto ने हाल ही में दावा किया कि उसने 15,000 दैनिक बुकिंग का आंकड़ा पार कर लिया है।
इसी तरह Snabbit भी इस सेगमेंट में पूंजी जुटाकर तेजी से विस्तार कर रहा है।
इस प्रतिस्पर्धा के बीच Urban Company को अपनी ब्रांड वैल्यू, नेटवर्क और टेक्नोलॉजी एडवांटेज का लाभ मिल सकता है।
🔍 क्विक-कॉमर्स जैसा मॉडल, लेकिन घर के लिए
InstaHelp का मॉडल काफी हद तक क्विक-कॉमर्स जैसा है — कम समय में सेवा उपलब्ध कराना, हाई-फ्रीक्वेंसी ऑर्डर और बेहतर यूनिट इकॉनॉमिक्स।
अगर यह मॉडल सफल रहता है, तो Urban Company अपने प्लेटफॉर्म एंगेजमेंट को गहरा कर सकती है और ग्राहकों को बार-बार वापस लाने में सफल हो सकती है।
📈 आगे की राह
50,000 से अधिक दैनिक बुकिंग का आंकड़ा यह दर्शाता है कि भारत में इंस्टेंट होम सर्विसेज का बाजार तेज़ी से विकसित हो रहा है।
हालांकि, निवेश और प्रतिस्पर्धा के चलते निकट भविष्य में लाभप्रदता चुनौती बनी रह सकती है।
फिर भी, अगर Urban Company यूनिट इकॉनॉमिक्स को संतुलित रखते हुए स्केल बढ़ाने में सफल रहती है, तो InstaHelp कंपनी के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
InstaHelp की तेज़ ग्रोथ इस बात का संकेत है कि भारत में उपभोक्ता अब केवल फूड या ग्रॉसरी ही नहीं, बल्कि घरेलू सेवाओं में भी इंस्टेंट समाधान चाहते हैं।
आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या Urban Company इस वर्टिकल को लाभप्रद बना पाती है और प्रतिस्पर्धा में अपनी बढ़त कायम रख पाती है। 🚀
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