🚀 Meesho का धमाकेदार IPO डेब्यू

Meesho

भारत के ई-कॉमर्स सेक्टर में बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा। बेंगलुरु-स्थित ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस Meesho ने शेयर बाजार में शानदार प्रवेश करते हुए 2025 के सबसे बड़े टेक IPO में से एक दर्ज किया। कंपनी ने उम्मीद से कहीं ज्यादा प्रीमियम पर लिस्टिंग करते हुए निवेशकों को तगड़ा रिटर्न दिया।


📈 NSE और BSE पर दमदार शुरुआत

Meesho का शेयर NSE पर Rs 162.5 पर खुला — यह उसके Rs 111 के इश्यू प्राइस की तुलना में 46% का उछाल था।
वहीं BSE पर Rs 161.2 की ओपनिंग हुई, जो 45.2% प्रीमियम को दर्शाती है।

ऐसी मजबूत लिस्टिंग ने साफ कर दिया कि बाजार Meesho की growth story और उसकी यूनिट इकॉनॉमिक्स में सुधार को लेकर बेहद सकारात्मक है।


💰 Rs 5,421 करोड़ का IPO — Fresh Issue + OFS

कुल IPO साइज: Rs 5,421 करोड़

  • Rs 4,250 करोड़ — Fresh Issue
  • Rs 1,171 करोड़ — Offer for Sale (OFS)

OFS के जरिए शुरुआती निवेशकों को आंशिक एग्ज़िट मिला। इनमें शामिल थे:
Elevation Capital, Peak XV Partners, Y Combinator, Venture Highway सहित कई बड़े नाम।

IPO का प्राइस बैंड Rs 105–111 रखा गया था और कंपनी का लक्ष्य $5.6 बिलियन वैल्यूएशन के आसपास था।


🌍 Anchor Investors का जमावड़ा: Rs 2,440 करोड़ जुटाए

पब्लिक सब्सक्रिप्शन से पहले ही Meesho ने मजबूत संकेत दिए जब उसने 125 anchor investors से Rs 2,440 करोड़ जुटाए।

इन बड़े नामों की भागीदारी ने IPO को और मजबूत किया:

  • BlackRock
  • Fidelity
  • भारत के प्रमुख म्यूचुअल फंड्स

Anchor book का सकारात्मक रेस्पॉन्स यह बताता है कि वैश्विक स्तर पर भी Meesho की growth strategy को लेकर विश्वास बना हुआ है।


🧮 सब्सक्रिप्शन में जबरदस्त ओवरसब्सक्रिप्शन

स्टॉक एक्सचेंज डेटा के अनुसार:

  • QIB (Qualified Institutional Buyers): 120x सब्सक्राइब
  • NII (Non-Institutional Investors): 38.14x
  • Retail Investors: 19x

इतना मजबूत सब्सक्रिप्शन साफ दिखाता है कि Meesho ने खुद को एक स्केलेबल, हाई-वॉल्यूम ई-कॉमर्स ब्रांड के रूप में मजबूती से स्थापित कर लिया है।


🛒 क्यों आकर्षित करती है Meesho की बिज़नेस रणनीति?

Meesho ने पिछले कुछ वर्षों में खास तौर पर भारत के छोटे शहरों और टियर 2–3 मार्केट्स में गहरी पैठ बनाई है।

  • Zero-commission मॉडल
  • करोड़ों छोटे sellers के लिए आसान ऑनबोर्डिंग
  • किफायती प्राइसिंग
  • हाई-वॉल्यूम लेकिन lean cost-structure

इन सभी ने Meesho को भारत के बड़े मास मार्केट ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स में अग्रणी बना दिया है।


📦 IPO के बाद Meesho की नई योजना

नए फंड के साथ कंपनी कई प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस करेगी:

🔹 1. Logistics Optimization

Meesho ने पिछले दो वर्षों में डिलीवरी समय घटाने और सप्लाई चेन किफायती बनाने पर काम किया है। अब यह और तेज़ किया जाएगा।

🔹 2. Seller Ecosystem Expansion

कंपनी का लक्ष्य है कि भारत के हर छोटे व्यवसाय को आसानी से ऑनलाइन बेचने का मौका मिले।

🔹 3. Sustainable Margin Improvement

IPO के बाद कंपनी blitzscaling से हटकर “disciplined growth” के रास्ते पर चलने की तैयारी में है।


📊 वित्तीय प्रदर्शन: राजस्व मजबूत, नुकसान घटे

📌 FY25 से पहले का वित्तीय प्रदर्शन

  • FY24 Revenue: Rs 9,390 करोड़
  • Loss Before Exceptional Items & Tax: Rs 108 करोड़

यह नुकसान पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है — यानी Meesho ने अपनी यूनिट इकॉनॉमिक्स को बेहतर किया है।

📌 H1 FY26 (पहली छमाही)

  • Revenue: Rs 5,577 करोड़

यह आंकड़े संकेत देते हैं कि वित्त वर्ष 2026 में Meesho अपनी तेज़ ग्रोथ बनाए रख सकता है।


🎯 अब असली परीक्षा शुरू — Public Company की जिम्मेदारियाँ

अब जबकि Meesho एक सार्वजनिक कंपनी बन चुकी है, उस पर दबाव बढ़ गया है:

  • Consistent quarterly performance
  • Margin stability
  • Cashflow discipline
  • Investors की उम्मीदें
  • Competition से मुकाबला

बीते दो वर्षों में भारत के consumer internet सेक्टर में बदलाव आया है — जहां growth के साथ profitability भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।


निष्कर्ष — Meesho की लिस्टिंग बताती है कि भारत का इंटरनेट सेक्टर अभी भी मजबूत है

Meesho की शानदार लिस्टिंग यह साबित करती है कि निवेशक उन कंपनियों पर भरोसा कर रहे हैं जो:
✔ बड़े पैमाने पर स्केल कर रही हैं
✔ यूनिट इकॉनॉमिक्स सुधार रही हैं
✔ large consumer base को किफायती value दे रही हैं

2025 की सबसे दमदार टेक लिस्टिंग्स में शामिल Meesho ने यह दिखा दिया है कि भारत के ई-कॉमर्स बाजार में अभी भी भारी क्षमता है—और निवेशकों के लिए भी यह एक promising space बना हुआ है।

Read more : बेल्जियम का बड़ा कदम KBC ने लॉन्च किया €100 मिलियन का Startup Fund

🇧🇪🔬 बेल्जियम का बड़ा कदम KBC ने लॉन्च किया €100 मिलियन का Startup Fund

KBC

बेल्जियम का स्टार्टअप इकोसिस्टम हाल के वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है, लेकिन अनेक शुरुआती (early-stage) संस्थापकों — founders — को पहली बड़ी फंडिंग जुटाने में अक्सर दिक्कत आती रही है। इस कमी (funding gap) की वजह से कई promising कंपनियाँ स्केल नहीं कर पातीं।

इसी समस्या को दूर करने के लिए बेल्जियम की प्रमुख वित्तीय समूह KBC Group ने एक बड़ा कदम उठाया है — उसने अपने accelerator प्रोग्राम Start it @KBC के माध्यम से €100 मिलियन का नया fund लॉन्च किया है। यह fund शुरुआती स्टार्टअप्स को शुरुआती पूंजी (early capital) और व्यावहारिक सहायता (hands-on support) देने के लिए बनाया गया है।


💶 नया Start it Fund — शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स के लिए नाव

Start it @KBC accelerator ने अब तक बेल्जियम और यूरोप में लगभग 1,900 स्टार्टअप्स का मार्गदर्शन किया है। लेकिन शुरुआती फंडिंग जुटाना इन startups के लिए हमेशा ही चुनौती रहा है।

इस नए fund के तहत —

  • चुने हुए startup को average €300,000 तक प्राथमिक निवेश मिलेगा (कुछ को आवश्यकता और प्रदर्शन के आधार पर अधिक भी मिलेगा)
  • इस निवेश के साथ होगी एक अतिरिक्त साल की मेंटरशिप और सपोर्ट
  • उन कंपनियों को संभावना है कि बाद में follow-up investment (जैसे Series A/B) भी मिले, अगर वो अच्छा प्रदर्शन दिखाएँ

Startup को इस प्रस्ताव को स्वीकार करना या अस्वीकार करना पूरी तरह उनकी आज़ादी होगी।


🛤️ Idea से IPO तक — एक integrated ecosystem

KBC Group के अन्य हिस्सा, KBC Securities, भी इस पहल का हिस्सा है। उनका उद्देश्य है — founders को उनके पहले आइडिया से लेकर संभावित IPO (Initial Public Offering) तक साथ लेकर जाना।

Start it @KBC + KBC Securities मिलकर एक ऐसा pathway बना रहे हैं, जिसमें startups को सिर्फ निवेश ही नहीं, बल्कि विशेषज्ञ मार्गदर्शन, निवेशकों तक पहुंच, scaling strategy, M&A सलाह, और IPO तैयारियों तक सबकुछ मिलेगा।

KBC Securities के अनुसार, अगर कोई startup नए fund से चुन लिया जाता है, और उसका प्रदर्शन शानदार रहता है, तो उसे ₹5 मिलियन तक follow-up निवेश भी मिल सकता है।


👀 कैसे होते हैं fund के लिए शुरआती चयन? — सिर्फ Pitch नहीं, Track Record महत्त्वपूर्ण

Start it @KBC अन्य accelerators से इस मामले में अलग है। यहाँ fund सिर्फ pitch decks या surface-level metrics के आधार पर नहीं मिलता।

उनके CTO, Andy Gijbels, का कहना है कि:

“सच्चा निवेश फैसला उन टीमों में करना चाहिए जो लगातार सीखती हैं, मेहनत करती हैं, setbacks से लड़ती हैं। सिर्फ fancy presentations या trending ideas नहीं, बल्कि real persistence और execution matter करता है।”

उनकी टीम startups के साथ पूरे एक साल तक जुड़ी रहती है — चल रही प्रगति, learning curve, response to challenges ये सब देखते हैं। इससे underestimated founders को भी मौका मिलता है।


📈 Start it @KBC का ट्रैक रिकॉर्ड — आंकड़े बताते हैं कहानी

2014 में शुरुआत के बाद से Start it @KBC ने:

  • 220+ स्टार्टअप्स को €1 मिलियन से अधिक की फंडिंग दिलाई है
  • 12,000+ नौकरियाँ (jobs) बनाई हैं
  • बेल्जियम में startup रोजगार (employment) का प्रमुख स्त्रोत बन चुका है
  • 5 साल बाद भी इनकी survival rate ~ 73% है — जो अंतरराष्ट्रीय औसत से बहुत ज़्यादा है

कई सफल scale-ups जैसे Bolt, Crazy Games, Loops Earplugs, और Aikido Security इसी कार्यक्रम से निकलकर बड़े हुए हैं।


🧩 नई fund से क्या बदलेगा — startups के लिए संभावनाओं का खुला द्वार

  • शुरुआती स्टार्टअप्स जो पहले फंडिंग नहीं पा पाते थे, अब उन्हें early capital मिलेगा
  • कच्चे आइडिया से लेकर market-ready उत्पाद तक मार्गदर्शन होगा
  • Follow-up फंडिंग (scale-up, expansion, international growth) का रास्ता खुलेगा
  • Entrepreneurs को विश्वास मिलेगा—उनका ecosystem उनके पीछे खड़ा है

KBC के CEO Johan Thijs कहते हैं कि entrepreneurship उनकी नींव में है।

“हम न सिर्फ कारोबार ही नहीं, बल्कि innovation और अंतरराष्ट्रीय ambition को भी बढ़ावा देना चाहते हैं। हमारा mission है—हर ambitious founder को global player बनने का मौका देना।”


⚠️ Challenges और उम्मीदों के बीच संतुलन

हालाँकि यह fund और ecosystem बेजोड़ है, लेकिन चुनौतियाँ भी होंगी:

  • हर स्टार्टअप सफल नहीं होगा — startup failures आम हैं
  • European regulations, market dynamics और global competition भारी हैं
  • Fund allocation और follow-up निवेश में पारदर्शिता आवश्यक होगी

लेकिन, जिस तरह से KBC और Start it @KBC ने पिछले दशक में विश्वास बनाया है — strong mentorship, data-driven selection, and long-term support — उससे उम्मीद की जा सकती है कि यह initiative सफल रहेगा।


✨ निष्कर्ष — Belgium बना रहा है Startup Superpower

Belgium का startup scene अब सिर्फ dreams और ideas तक सीमित नहीं है।

€100 मिलियन का Start it Fund, मजबूत mentorship, capital access, और growth path— इन सबके साथ यह देश अब छोटे founders को global stage पर खड़ा करने की तैयारी कर रहा है।

अगर आपने कभी सोचा है कि एक छोटा startup भी बड़े बाजार में कैसे दस्तक दे सकता है — तो अब Belgium आपको एक मॉडल दिखा रहा है।

Startups, investors, job-seekers, और dreamers — सबका सफर इस नए मुसाफिर के साथ शुरू हो सकता है। 🚀

Read more : Fibe ने जुटाए $35 Million की नई Series F Funding

💸 Fibe ने जुटाए $35 Million की नई Series F Funding

Fibe

भारत की तेजी से बढ़ती consumer lending fintech कंपनी Fibe (पहले EarlySalary) ने एक और बड़ी फंडिंग हासिल कर ली है। कंपनी ने Series F फंडिंग राउंड में $35 मिलियन (लगभग ₹292 करोड़) जुटाए, जिसका नेतृत्व किया International Finance Corporation (IFC) ने किया। IFC, विश्व बैंक समूह का हिस्सा है, इसलिए यह निवेश Fibe के मॉडल पर वैश्विक स्तर का भरोसा दिखाता है।

इस राउंड के साथ Fibe की कुल equity फंडिंग (secondaries सहित) अब $266 मिलियन से भी अधिक हो गई है।


🌐 Fibe के बड़े-बड़े निवेशक — Global Funding का भरोसा बरकरार

कंपनी को अब तक कई प्रतिष्ठित global और Indian निवेशकों का समर्थन मिला है, जिनमें शामिल हैं:

  • TPG’s The Rise Fund
  • Norwest Venture Partners
  • Eight Roads Ventures
  • TR Capital
  • Piramal Finance
  • Chiratae Ventures

Fibe ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार बड़े फंडिंग राउंड बंद किए हैं:

  • June 2024: $90 million Series E
  • August 2022: $110 million Series D

यह साफ दिखाता है कि कंपनी निवेशकों के बीच लगातार भरोसा बढ़ा रही है और fintech lending में एक मजबूत खिलाड़ी बनकर उभर रही है।


💰 लेंडिंग आर्म EarlySalary ने भी जुटाए ₹250 करोड़

Fibe की लेंडिंग subsidiary EarlySalary ने हाल ही में ₹250 करोड़ ($26.5 million) non-convertible debentures (NCDs) के जरिए जुटाए। इसमें शामिल निवेशक थे:

  • AK Capital Finance
  • Franklin Templeton AIF
  • Vivriti Alpha

इससे कंपनी की debt capital क्षमता भी मजबूत हुई है, जिससे वह अधिक और बड़े पैमाने पर लोन दे सकेगी।


🎯 Funding का उपयोग — Borrowing से लेकर Savings तक एक Unified Experience

कंपनी के अनुसार, इस नई फंडिंग का उद्देश्य है:

  • अपने product suite को मजबूत करना
  • Borrowing, saving, investing और payments के बीच एक एकीकृत अनुभव देना
  • Responsible credit को बढ़ावा देना
  • Socio-economic impact पर ध्यान रखना

Fibe ने प्रेस रिलीज़ में कहा कि उनका लक्ष्य केवल लोन देना नहीं, बल्कि सुरक्षित वित्तीय समाधान उपलब्ध कराना है, जिससे ग्राहकों का financial health बेहतर हो।


🏦 Fibe क्या करता है? — एक Complete Consumer Lending Platform

2015 में Akshay Mehrotra और Ashish Goyal द्वारा शुरू की गई Fibe आज भारत की सबसे तेजी से बढ़ती digital lending कंपनियों में से एक बन चुकी है। कंपनी कई प्रकार के financial products प्रदान करती है:

  • 🧾 Personal Loans
  • 📅 Long-term Loans
  • 📈 Loans Against Mutual Funds
  • 🏦 Digital Fixed Deposits
  • 🎓 Education Impact Loans
  • 🏥 Healthcare Loans
  • ☀️ Solar Rooftop Financing

इस विविध portfolio की वजह से Fibe ने विभिन्न प्रकार के ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित किया है — खासकर healthcare और education financing में इसे एक प्रमुख fintech player माना जाता है।


🚀 9 Million से अधिक Loans — 940+ Cities में मौजूदगी

Fibe ने दावा किया है कि अब तक वे 90 लाख से अधिक loans दे चुके हैं, जो डिजिटल लेंडिंग सेक्टर में एक बड़ा milestone है। कंपनी की पहुंच तेजी से बढ़ी है:

  • 🇮🇳 940+ भारतीय शहरों में उपस्थिति
  • 🏢 8,500+ partner centers
  • 🔗 50+ channel partners

Fibe की रणनीति technology-led outreach पर आधारित है, जिससे छोटे शहरों में भी financial access बढ़ा है।


📊 FY24 में Revenue 2X — Profit 18X तक उछला

कंपनी ने अभी अपने FY25 के वित्तीय आंकड़े दाखिल नहीं किए हैं, लेकिन FY24 के नंबर बेहद मजबूत रहे:

📈 Revenue Growth

  • FY23: ₹392 करोड़
  • FY24: ₹812 करोड़
    ↗️ 2X (100% growth)

💹 Profit Growth

  • FY23: ₹5.4 करोड़
  • FY24: ₹101 करोड़
    ↗️ 18X से अधिक उछाल

यह इस बात का बड़ा संकेत है कि Fibe का बिज़नेस मॉडल स्केल हो रहा है और कंपनी operational efficiency की ओर बढ़ रही है।


🔍 Fintech Lending Market में Fibe की मजबूत पकड़

भारत में digital lending तेजी से बढ़ रहा है और RBI की कड़े compliance norms के बाद भी अच्छी कंपनियां तेजी से scale कर रही हैं। Fibe उनमें से एक है:

  • High customer trust
  • Responsible credit focus
  • Multi-product offerings
  • Deep market penetration

नई फंडिंग के साथ Fibe निवेश, बचत और पेमेंट्स के बीच complete financial ecosystem तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


📝 निष्कर्ष: Series F Funding ने बढ़ाई Fibe की रफ्तार

IFC जैसे global संस्थान से $35 million Series F फंडिंग जुटाने के बाद Fibe अब भारत में consumer credit को एक नए मॉडल में पेश करने की दिशा में और मजबूत होकर उभरेगा।

तेजी से बढ़ते revenue, मजबूत profits और nationwide presence के साथ Fibe आने वाले समय में भारत की अग्रणी lending companies में से एक बनने की क्षमता रखता है।

Read more : Whatfix ने किए 6% कर्मचारियों की छंटनी

💼⚠️ Whatfix ने किए 6% कर्मचारियों की छंटनी

whatfix

Bengaluru की जानी-मानी SaaS (Software-as-a-Service) कंपनी Whatfix ने अपनी स्थापना के बाद पहली बार कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है। कंपनी ने 6% वर्कफोर्स को प्रभावित करते हुए एक बड़े “strategic realignment” की घोषणा की है

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कई टेक कंपनियाँ अपने खर्चों को optimize करने, AI-focused product strategies पर जाने और लंबी अवधि की sustainable growth पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

आइए जानते हैं, Whatfix के इस बड़े कदम के पीछे क्या वजहें हैं और इसका कंपनी के भविष्य पर क्या असर होगा।👇


🎯🔄 Strategic Realignment: कंपनी की नई दिशा

Entrackr को जवाब देते हुए Whatfix के spokesperson ने कहा:

“Whatfix ने long-term, sustainable और efficient growth के लिए strategic realignment किया है। बदलते बाज़ार में हमारी AI-first product lines को मज़बूत traction मिल रहा है, और उसी दिशा में business को align करने के लिए यह कदम उठाया गया।”

उन्होंने आगे कहा कि करीब 6% headcount, जिसमें 4% GTM टीम शामिल है, restructuring से प्रभावित हुआ है।

कंपनी ने यह भी बताया कि यह निर्णय बेहद कठिन था, लेकिन प्रभावित कर्मचारियों को support देने और उनके transition को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है।


🤝💔 Employees के लिए सहानुभूति का संदेश

कंपनी ने साफ कहा कि यह फैसला lightly नहीं लिया गया:

“Such decisions are never easy… हम अपने colleagues के लिए empathy के साथ transition संभाल रहे हैं।”

इससे पता चलता है कि company culture और कर्मचारियों के लिए support अभी भी top priority है।

टेक इंडस्ट्री में छंटनी का दौर पिछले दो सालों से जारी है— लेकिन Whatfix के इतिहास में यह पहला layoff है, जो स्थिति की गंभीरता और बाज़ार के बदलते dynamics को दर्शाता है।


🧩 Whatfix क्या करता है?

Whatfix की स्थापना Khadim Batti और Vara Kumar ने की थी।

कंपनी का मुख्य उत्पाद है:
👉 In-app guidance
👉 Performance support tools
👉 User onboarding solutions

ये टूल्स बड़ी कंपनियों को उनकी internal software और applications का उपयोग आसान बनाने में मदद करते हैं — जिससे employee productivity और efficiency बढ़ती है।

Whatfix का उपयोग दुनिया भर की enterprises करती हैं, खासकर large-scale digital transformation programs में।


💰📈 फंडिंग और ESOP Buyback: मजबूत वित्तीय स्थिति

September 2023 में Whatfix ने

  • $125 मिलियन Series E फंडिंग उठाई
  • Lead investor: Warburg Pincus
  • साथ में: SoftBank Vision Fund 2 जैसे मौजूदा निवेशक

Funding के तुरंत बाद कंपनी ने
👉 $58 मिलियन का ESOP Liquidity Program लॉन्च किया
👉 यह उनका चौथा ESOP buyback था
👉 कर्मचारियों और शुरुआती निवेशकों को liquidity उपलब्ध कराई गई

कई भारतीय SaaS कंपनियों की तुलना में Whatfix ने दशकों में ऐसा मजबूत ESOP trust बनाया है।


📊 FY24 Performance: Revenue Growth और Loss Reduction

हालाँकि FY25 के नंबर अभी सामने नहीं आए हैं, पर FY24 के financials काफी मजबूत रहे:

📌 Revenue from Operations

FY23: ₹284.74 करोड़
FY24: ₹424.58 करोड़
👉 49% YoY growth

📌 Loss Reduction

FY23 loss: ₹328.84 करोड़
FY24 loss: ₹262.63 करोड़
👉 20% तक घाटे में कमी

यह स्पष्ट संकेत है कि कंपनी अपने business operations को अधिक lean और efficient बनाने में सफल रही है।


🇺🇸🌎 US Market बने राजस्व का सबसे बड़ा स्तंभ

Whatfix का सबसे बड़ा revenue share अमेरिका से आता है।

FY24 में US ने contribute किया:
👉 72.13% of total revenue

इससे पता चलता है कि Whatfix global SaaS marketplace में काफी मजबूत स्थिति रखता है, खासकर North America में enterprise adoption के मामले में।


🤖🔥 AI-first Product Lines: Real Motive Behind Realignment?

आज SaaS sector rapid transformation phase से गुजर रहा है।
AI सिर्फ एक अतिरिक्त feature नहीं— अब core product strategy बन चुकी है।

Whatfix भी यही कह रहा है कि AI-first solutions को भारी traction मिल रहा है।

संभव है कि कंपनी:

  • अपनी sales structure बदल रही हो
  • पुराने GTM models को reshuffle कर रही हो
  • AI automation tools पर ज़्यादा investment कर रही हो

यानी future focus होगा:
👉 AI-driven workflows
👉 Self-learning user guidance
👉 Smart in-app performance systems


🧭 Ahead: Whatfix का भविष्य कैसा दिखता है?

Layoffs हमेशा चिंता पैदा करते हैं, लेकिन Whatfix के strong fundamentals और global presence को देखते हुए:

जो अच्छा दिख रहा है:

✔ Revenue तेजी से बढ़ रहा
✔ Losses घट रहे
✔ US बाजार मजबूत
✔ AI-first strategy clear
✔ ESOP trust high
✔ Investors की backing solid

जहाँ चुनौती है:

⚠️ Competition SaaS में बहुत तेज़
⚠️ AI automation existing teams की role expectations बदल देगा
⚠️ US economy में fluctuations enterprise budgets को प्रभावित कर सकती हैं

लेकिन overall, यह clear है कि Whatfix खुद को long-term sustainable और AI-focused SaaS leader बनने के लिए reposition कर रहा है।


🏁 Bottom Line

Whatfix का 6% layoff भले ही चिंता पैदा करता हो, लेकिन यह कदम कंपनी की AI-centric future strategy का हिस्सा है।

Funding strong है, revenue growth impressive है, और US में market traction लगातार बढ़ रहा है।

अब देखने वाली बात यह है कि यह strategic shift कंपनी को अगले phase में कितनी तेजी से आगे बढ़ाता है।

Read more : Spanish स्टार्टअप Algori ने जुटाए €3.6M,

⚛️🤖 Quantum Dice ने उठाया बड़ा कदम

Quantum Dice

आज की दुनिया में हर सेकेंड इतना डेटा बन रहा है कि पारंपरिक कंप्यूटर उसके आगे धीरे-धीरे बेअसर होते जा रहे हैं। Binary logic— यानी सिर्फ 0 और 1 पर चलने वाले processors— अब real-world की complexity को संभाल नहीं पा रहे।

इसी gap को भरने के लिए आया है Quantum Dice, जो computing का भविष्य बदलने जा रहा है — Probabilistic Computing के ज़रिए!

Startup का कहना है कि अगर दुनिया को energy-efficient, fast और scalable computing चाहिए, तो उसे randomness को दबाने नहीं बल्कि समझने की ज़रूरत है। और Quantum Dice इसी randomness को superpower में बदल रहा है।

आज कंपनी को European Innovation Council (EIC) Accelerator द्वारा €2 मिलियन की ग्रांट मिली है, जिससे इसकी कुल फंडिंग £6.5 मिलियन पहुँच गई है। यह फंडिंग कंपनी को अपनी ORBIT™ प्लेटफ़ॉर्म को commercial-ready बनाने में मदद करेगी।

आइए विस्तार से समझते हैं कि आख़िर यह tech है क्या और क्यों यह future बनेगी। 👇


🔮🧠 Probabilistic Computing: Binary से आगे की दुनिया

पारंपरिक processors हर calculation को exact और deterministic तरीके से करते हैं — यानी fixed output चाहिए।

लेकिन दुनिया deterministic नहीं है — weather से लेकर traffic patterns तक सब कुछ unpredictable है।

🧩 Quantum Dice का brilliance:

🔥 इसकी ORBIT™ processor में probabilistic bits (p-bits) होते हैं
🔥 p-bits 0 और 1 के बीच fluctuate करते रहते हैं
🔥 यानी processor uncertainty के साथ काम करना सीखता है

यह approach complex problems को तेज़, smart और ultra energy-efficient तरीके से हल कर सकती है।

जहाँ classical computing को बड़े-बड़े supercomputers और भारी बिजली चाहिए, वहीं probabilistic processors कम energy में ज़्यादा काम कर सकते हैं।


⚡🌀 Quantum Entropy से बनी दुनिया की सबसे अनोखी computing tech

Quantum Dice की शुरुआत 2020 में Oxford University की quantum optics lab से निकली टीम ने की थी:

  • Dr Ramy Shelbaya
  • Dr Zhanet Zaharieva
  • Wenmiao Yu
  • George Dunlop
  • Marko von der Leyen

इन सबने quantum photonics को practically usable computing में transform किया है।

💡 Quantum Dice की core tech:

इसके ORBIT™ processor में self-correcting quantum photonic entropy sources हैं।
मतलब:

  • Randomness को scientifically harness किया जाता है
  • Processor खुद को correct करता है
  • Energy कम लगती है
  • Speed कई गुना बढ़ जाती है

Founder Shelbaya का कहना है —
“हमारा probabilistic processor quantum photonics पर आधारित है और complex computational problems को existing solutions से कई गुना तेज़ और energy-efficient तरीके से हल कर सकता है।”


🤖✨ Probabilistic AI: अगली पीढ़ी की artificial intelligence

Quantum Dice बता रहा है कि AI का अगला युग deterministic नहीं, probabilistic होगा।
क्यों?

क्योंकि AI models:

  • लाखों variables से बने होते हैं
  • Uncertain data पर depend करते हैं
  • Probability-based decisions लेते हैं

ऐसे में probabilistic processors, classical chips से ज़्यादा natural fit हैं।
यह बड़े-बड़े optimisation problems, industrial workflows, supply chains aur neural networks को कहीं ज़्यादा efficiently handle कर सकते हैं।


🧊❄️ Cryogenic systems? No need!

PsiQuantum जैसे quantum startups को ultra-low temperatures चाहिए।
लेकिन Quantum Dice का ORBIT™ processor:

  • Room temperature पर चलता है
  • Existing semiconductor fabrication के साथ compatible है
  • Industry में plug-and-play की तरह use किया जा सकता है

यह feature इसे commercial adoption के लिए बहुत attractive बनाता है।


🌍👥 Diversity भी इसकी बड़ी ताकत

स्टार्टअप ने बताया कि उनकी टीम:

  • 33% women
  • 8+ nationalities
  • 10+ spoken languages
  • 48% लोग non-White ethnic groups
  • टीम में 7 PhDs और 11 MSc holders

यानी यह सिर्फ tech ही नहीं, values के स्तर पर भी future-ready कंपनी है।


🚀📦 आगे की योजना — Commercial Processor Launch!

Founder Shelbaya ने भविष्य के लिए बड़ी roadmap भी शेयर की:

🔜 Mid-term Goals:

  • पहला commercial probabilistic processing unit (PPU) लॉन्च करना
  • ORBIT™ architecture को mass production ready बनाना
  • Probabilistic computing ecosystem बनाना
  • Developers और enterprises का global network तैयार करना

Quantum Dice चाहती है कि जैसे आज classical CPUs हर industry में हैं, वैसे ही कल probabilistic processors हर जगह हों — AI, defence, supply chain, finance, smart cities, और industrial automation तक।


🏁🔍 Final Takeaway: Quantum Dice computing के अगले युग की शुरुआत कर चुका है

यह startup सिर्फ quantum tech नहीं बना रहा — यह पूरी computing दुनिया को binary से probability की तरफ ले जा रहा है।

आज की €2M ग्रांट यह साफ दिखाती है कि Europe इस technology को strategic future मान चुका है।

अगर यह सफल हुआ, तो आने वाले समय में:

  • AI models तेज़ होंगे
  • Industry में energy consumption घटेगा
  • Complex optimisation problems seconds में होंगे
  • Computing ज़्यादा sustainable बनेगी

Quantum Dice computing के नए युग — Probabilistic Age — का पहला बड़ा कदम बन गया है।

Read more : Spanish स्टार्टअप Algori ने जुटाए €3.6M,

📊🇪🇸 Spanish स्टार्टअप Algori ने जुटाए €3.6M,

Algori

FMCG (Fast-Moving Consumer Goods) सेक्टर आज पूरी तरह shopper data पर टिका हुआ है — companies distribution, pricing, promotions aur product placement ka har Faisla data ke basis par leti हैं। लेकिन Europe का real problem यह है कि traditional data panels बहुत छोटे होते हैं, slow होते हैं और actual consumer behaviour को sahi detail में capture नहीं कर पाते।

इसी gap को भरने आया है Spain-based startup — Algori, जिसने FMCG डेटा को इतना तेज, accurate और granular बना दिया है कि बड़ी कंपनियां अब इसे ही future मान रही हैं।

आज Algori ने €3.6 million की नई funding raise की है — aur iske investors की list भी कम powerful नहीं है! Red Bull Ventures सहित कई बड़े VC इस round में शामिल हुए। कुल मिलाकर, startup अब तक €7.5 million से ज्यादा funding उठा चुका है.

Chaliye देखते हैं Algori kya karta hai, kyu special hai, aur ab kya होने वाला है। 👇


🧠📊 Algori: FMCG दुनिया का सबसे powerful shopper-data engine

Algori basically ek purchase & behavioural data platform है जो FMCG companies ko real-time shopping data provide करता है.

🔍 उससे भी खास kya?
👉 इसका data Spain के 45,000 weekly shoppers से आता है — जो किसी भी traditional panel से कई गुना बड़ा है!

Traditional panels me:

  • 4,000–20,000 log hi होते हैं
  • Data late आता है
  • SKU-level detail नहीं मिलती

लेकिन Algori इन सबको एक line में पीछे छोड़ देता है।

❗Algori का secret weapon — AI

Startup ek AI classification engine use करता है जो shoppers ke receipts ko scan करके हर product ko individual SKU-level par decode karta है.

Meaning:

  • Kis store me kya sell हुआ
  • Kaun sa item किस price par गया
  • Kis category ki growth ho रही है
  • Kya cheezein लोग छोड़ रहे हैं
  • Basket me kya-क्या items साथ लिए जा रहे हैं

— सब kuch companies ko near-real-time में मिल जाता है।

Algori सिर्फ 4 din me poora updated monthly/quarterly data दे देता है — jo industry me abhi tak kisi ke पास नहीं!


🏪📈 FMCG Brands aur Retailers ke liye game-changer

Aaj ki date me FMCG उद्योग की सबसे बड़ी needs हैं:

  • तेज data
  • ज्यादा detailed data
  • सच्ची shopper insights
  • Category-level intelligence

Traditional companies जैसे Kantar, NielsenIQ, Receiptor AI data तो देती हैं, लेकिन granularity और speed में पीछे रह जाती हैं.

यहीं से Algori ka rise शुरू होता है.

🚀 Algori FMCG कंपनियों को क्या देता है?

  • SKU-level insights
  • Store-wise pricing changes
  • Complete basket analysis
  • Retail trends
  • Customer behaviour shifts
  • Category performance insights

Companies easily समझ पाती हैं:

  • कौन सा segment गिर रहा है
  • कौन सा product चल रहा है
  • Customers कहाँ switch कर रहे हैं
  • Promotions ka क्या impact है
  • Launches successful हुए या नहीं

Yeh सब कुछ तेज, साफ और accurate तरीके से.


👤💬 CEO का बयान: “Industry को तेज और granular data चाहिए — हम वही दे रहे हैं”

CEO Andrius Juozapaitis ke words mein:
“Shopper panel industry ek बड़ी बदलाव की तरफ बढ़ रही है. Brands को ज्यादा granular aur fast data चाहिए. Traditional panels यह depth नहीं दे सकते. हमारा model AI + scale + freshness का perfect mix है.”


🧩💪 Investors भी Algori की प्रशंसा से पीछे नहीं

VCs का भरोसा दिखाता है कि यह model सिर्फ Spain ही नहीं, पूरे Europe में बड़े बदलाव ला सकता है।

🗣 Investor Highlights:

Tech Transfer Agrifood (Clave Capital)
“Algori का fast और granular data retailers को new launches और sales monitoring में मदद करता है.”

Shilling Capital
“Data industry का future इसी तरह के AI-enabled shopper panels में है. Algori पहले से ही पूरे market से आगे है.”


🌍🚀 अब आगे क्या? Europe aur Latin America ki taraf march!

नई funding से startup अब बड़े expansion की तैयारी में है:

🌐 Europe Expansion:

  • Poland
  • Germany
  • France

🌎 Latin America Next:

  • Brazil
  • Mexico
  • Chile
    (Aur कई नए markets soon!)

Startup apni AI capabilities और shopper panel sample को भी expand करेगा ताकि data और भी powerful बनाया जा सके.


🎯 अंतिम बात — Algori FMCG data industry ko future की तरफ push कर रहा है

FMCG दुनिया में competition हर महीने बढ़ रहा है. ऐसे समय में जिस company के पास fastest, deepest aur most accurate shopper data होगा, वही जीत पाएगी.

Algori का AI-driven + ultra-granular + near-real-time data model पुरानी companies के system को पूरी तरह disrupt कर रहा है.

Spain से शुरू होकर अब पूरा Europe इस नई data revolution का हिस्सा बनने वाला है.

Read more : फ्रांस की साइबरसिक्योरिटी स्टार्टअप Evertrust ने जुटाए €10 मिलियन

🇫🇷🔐 फ्रांस की साइबरसिक्योरिटी स्टार्टअप Evertrust ने जुटाए €10 मिलियन

Evertrust

जैसे-जैसे दुनिया डिजिटल हो रही है, वैसे-वैसे कंपनियों को अपने हर सिस्टम, सर्विस और नेटवर्क को सुरक्षित रखना पहले से ज्यादा ज़रूरी हो गया है। डिजिटल सर्टिफिकेट—जो वेबसाइट्स, ऐप्स और सर्विसेज़ को सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड रखते हैं—Evertrust अब पहले की तुलना में कहीं कम समय के लिए मान्य रहते हैं। आज इनकी वैधता 398 दिनों की है, और 2029 तक ये घटकर सिर्फ 47 दिन रह जाएगी।

ऐसे में हर कंपनी को हजारों सर्टिफिकेट को समय पर मैनेज, रिन्यू और ट्रैक करना पड़ता है—और इसी समस्या का समाधान लेकर आई है Evertrust, एक फ्रेंच साइबरसिक्योरिटी स्टार्टअप।

आज Evertrust ने €10 मिलियन की Series A फंडिंग जुटाई है, जिसका नेतृत्‍व निवेश फर्म Elephant ने किया। यह पूंजी कंपनी को पूरे यूरोप में अपना विस्तार तेज़ करने और डिजिटल ट्रस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में मदद करेगी।


🛡️ Evertrust: यूरोप का अपना डिजिटल ट्रस्ट प्लेटफॉर्म

Evertrust की शुरुआत 2017 में पेरिस में Kamel Ferchouche, Jean-Julien Alvado और Étienne Laviolette ने की थी। उनका लक्ष्य साफ था—एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना जो यूरोपीय कंपनियों को डिजिटल सर्टिफिकेट मैनेजमेंट में आत्मनिर्भर बनाए।

🔑 Evertrust क्या करता है?

कंपनी दो मुख्य सॉल्यूशंस प्रदान करती है:

1️⃣ Stream™ – पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (PKI) प्लेटफॉर्म

  • डिजिटल सर्टिफिकेट जारी करना
  • उनकी सुरक्षा और वेरिफिकेशन
  • बड़े संस्थानों के लिए स्टैंडर्ड-कम्प्लायंट इंफ्रास्ट्रक्चर

2️⃣ Horizon™ – Certificate Lifecycle Management (CLM)

  • सर्टिफिकेट को ऑटोमैटिक रिन्यू करना
  • एक्सपायरी ट्रैक करना
  • ऑन-प्रेम, क्लाउड या हाइब्रिड—कहीं भी मैनेज करना

ये दोनों प्लेटफॉर्म मिलकर कंपनियों को सर्टिफिकेट मैनेजमेंट का पूर्ण “एंड-टू-एंड” कंट्रोल देते हैं—जो आज के समय में बेहद ज़रूरी है।


💡 क्यों जरूरी है Evertrust का समाधान?

आज ज्यादातर बड़े संगठन—बैंक, अस्पताल, सरकारी विभाग, ऊर्जा कंपनियां—डिजिटल सर्टिफिकेट के लिए U.S.-आधारित ग्लोबल वेंडर्स पर निर्भर हैं। इससे डेटा स्वायत्तता की समस्या बढ़ती है, क्योंकि संवेदनशील सिस्टम विदेशी टेक पर आधारित होते हैं।

Evertrust इस कमी को दूर करता है। कंपनी कहती है:

“Evertrust यूरोप की एकमात्र कंपनी है जो PKI और CLM दोनों को एक एकीकृत प्लेटफॉर्म में पेश करती है।”

यानी Venafi, Keyfactor, AppViewX जैसे प्रतियोगियों से बड़ा अंतर यह है कि Evertrust दोनों समाधान को एक ही यूरोपीय, कम्प्लायंट वातावरण में देता है।

कंपनी के सॉल्यूशंस eIDAS, NIST और ANSSI (फ्रांस की राष्ट्रीय साइबर एजेंसी) जैसे सख्त अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करते हैं।


🏦 कंपनी के क्लाइंट्स: CAC 40 कंपनियों में चौथाई इसका उपयोग करती हैं

2025 तक Evertrust की तकनीक फ्रांस की कई प्रमुख कंपनियों में इस्तेमाल हो रही है—
✔️ बैंकिंग
✔️ ऊर्जा
✔️ हेल्थकेयर
✔️ रक्षा
✔️ पब्लिक प्रशासन

CAC 40 (फ्रांस का शीर्ष स्टॉक इंडेक्स) की 25% से ज्यादा कंपनियां Evertrust के प्लेटफॉर्म का उपयोग करती हैं—जो कंपनी की विश्वसनीयता और बड़े-पैमाने पर उपयोग का मजबूत प्रमाण है।


🚀 Series A फंडिंग से क्या बदलेगा?

Evertrust इस नई फंडिंग से आने वाले वर्षों में कई बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहती है:

🔹 1. यूरोप में तेज़ विस्तार

कंपनी पूरे यूरोप में अपने पार्टनर नेटवर्क को मजबूत करेगी और Managed Security Providers के साथ मिलकर नए बाजारों तक पहुंचेगी।

🔹 2. टेक्निकल और सेल्स टीम को तीन गुना बढ़ाना

पांच सालों में Evertrust अपनी टीम को तेजी से स्केल करेगी, ताकि यूरोप की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।

🔹 3. पोस्ट-क्वांटम सिक्योरिटी की तैयारी

क्वांटम कंप्यूटिंग भविष्य में परंपरागत क्रिप्टोग्राफी को चुनौती दे सकती है।
Evertrust ऐसे Quantum-resistant certificates विकसित कर रही है जो आने वाले दशकों तक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित रख सकें।


🔮 यूरोप के डिजिटल भविष्य में Evertrust की भूमिका

दुनिया भर में साइबर खतरों के बढ़ने के साथ, डिजिटल सर्टिफिकेट का प्रबंधन कंपनियों के लिए मिशन-क्रिटिकल बन गया है। Evertrust न केवल यूरोप को डेटा स्वायत्तता दे रहा है, बल्कि एक सुरक्षित और स्वतंत्र डिजिटल ट्रस्ट इकोसिस्टम तैयार करने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

फ्रांस और यूरोप दोनों के लिए, यह निवेश सही समय पर आया है—क्योंकि अगले कुछ वर्षों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर डिफेंस सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक होंगे।

Read more : फ्रांस बना यूरोप का नया AI हब

🇫🇷🔥 फ्रांस बना यूरोप का नया AI हब

AI

फ्रांस में जब भी स्टार्टअप इकोसिस्टम की बात होती है, तो सबसे पहले Artificial Intelligence (AI) का नाम ही सामने आता है। पिछले कुछ वर्षों में फ्रांस ने खुद को न सिर्फ यूरोप में, बल्कि दुनिया के AI मानचित्र पर एक तेज़ी से उभरती ताकत के रूप में स्थापित किया है। यह बदलाव केवल स्टार्टअप्स की वजह से नहीं, बल्कि मजबूत सरकारी नीतियों, भारी निवेश और दुनिया के श्रेष्ठ AI टैलेंट के कारण संभव हुआ है।


🚀 2025 में फ्रांस का AI बूम – रिकॉर्ड तोड़ निवेश

फ्रांस की AI ग्रोथ कोई सामान्य कहानी नहीं है।

  • Bpifrance ने 2029 तक AI इकोसिस्टम में €10 बिलियन निवेश की प्रतिबद्धता की है।
  • फ़रवरी 2025 में राष्ट्रपति मैक्रों ने €109 बिलियन का AI मेगा-इन्वेस्टमेंट पैकेज घोषित किया।

इसके परिणाम शानदार रहे:

  • 2024 में फ्रेंच startups ने €7 बिलियन से ज्यादा फंडिंग जुटाई।
  • AI सेक्टर में 82% की ग्रोथ दर्ज हुई।
  • 2025 की शुरुआत में Brevo यूरोप का नया यूनिकॉर्न बना।
  • Mistral AI ने €1.7 बिलियन की Series C फंडिंग जुटाई — जिससे फ्रांस की AI नेतृत्व की स्थिति और मजबूत हुई।

🧠📈 Station F में ai-Pulse 2025 ने दिखाया नया दौर

पिछले हफ्ते पेरिस के मशहूर Station F में आयोजित ai-Pulse 2025 इवेंट में संस्थापकों, निवेशकों और शोधकर्ताओं ने माना कि फ्रांस AI के “दूसरी लहर” में प्रवेश कर चुका है।

ये नई लहर सिर्फ Large Language Models की दौड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शामिल हैं:

  • 🤖 Robotics
  • 🎙️ Voice AI
  • ⚙️ Inference Optimization
  • 🛡️ AI Compliance & Governance (यानी यूरोपीय AI Act के अनुसार सुरक्षित AI)

Drysdale Ventures के Principal रोमैं दिले ने TFN को बताया:

“पिछले 9–12 महीनों में शांति थी, लेकिन अब दूसरी AI वेव साफ दिख रही है — खासकर robotics और voice AI स्टार्टअप्स।”


🦾 दूसरी लहर के AI स्टार्टअप्स: Robotics और अगली पीढ़ी के मॉडल

इस नई लहर में कई फ्रेंच कंपनियां तेज़ी से उभर रही हैं:

  • UMA – humanoid robotics
  • Genesis AI – robotics के लिए synthetic data
  • ZML – cross-platform inference optimization

इन कंपनियों का लक्ष्य है — तेज़, सस्ता और अधिक सक्षम AI हार्डवेयर-अज्ञेय (hardware-agnostic) सिस्टम तैयार करना जो किसी भी GPU पर चल सके।


🎙️💬 Voice AI बना फ्रांस की पहचान

Voice AI फ्रांस का सबसे तेजी से बढ़ता सेक्टर बन रहा है।
इस दिशा में सबसे बड़ा नाम है Gradium, जो Kyutai लैब से निकला है।

  • दिसंबर में Gradium ने $70 मिलियन seed round जुटाया — जो दुनिया के सबसे बड़े voice AI seed rounds में है।

इसके CEO नील ज़ेघिदूर ने बताया:

“हमने ऐसे मॉडल तैयार किए हैं जो फोन पर जवाब दे सकें, customer care संभाल सकें, appointments बुक कर सकें। सिर्फ 6 हफ्तों में हमारी पहली revenue आ गई।”

Gradium का लक्ष्य – फ्रांस से दुनिया का शीर्ष Voice AI प्लेटफॉर्म बनना।


🤖🔧 Robotics: फ्रांस की नई शान

रोबोटिक्स फ्रांस में तेजी से उभर रहा है।

  • कंपनियां ऐसे रोबोट बना रही हैं जो मानवों के साथ real-world काम कर सकें।
  • हाल ही में Hugging Face ने फ्रांस की Pollen Robotics का अधिग्रहण किया — जिससे robotics इकोसिस्टम को बड़ा बूस्ट मिला।

🛡️🇪🇺 AI Governance: यूरोप की खास ताकत

यूरोप, खासकर EU का AI Act, फ्रांस को compliance और governance में बढ़त देता है।
इस दिशा में ETHIQAIS जैसी कंपनियां मजबूत समाधान दे रही हैं:

  • confidential data को GenAI से सुरक्षित रखना
  • risk detection
  • automated documentation और compliance

CEO अलीना होलकॉफ्ट कहती हैं:

“हम एक AI firewall बना रहे हैं जो confidential data को गलत इस्तेमाल से बचाएगा।”


📊 Predictive AI भी मजबूत खिलाड़ी

Neuralk-AI जैसी कंपनियां generative AI से आगे बढ़कर enterprise data और predictive analytics पर काम कर रही हैं।
उनका लक्ष्य:

  • बिना retraining
  • scalable predictive AI
  • structured/tabular data पर high-precision models

यह वही डेटा है जो कंपनियों में रोज़ाना उपयोग होता है — retail, finance, logistics, healthcare में।


👩‍💻💬 Diversिटी की चुनौती — क्या फ्रांस तैयार है?

AI सेक्टर अभी भी male-dominated है।
ETHIQAIS की संस्थापक कहती हैं:

“एक महिला को हर चीज़ दो बार साबित करनी होती है।”

हालांकि कई संस्थापकों का मानना है कि चुनौती उद्योग से ज़्यादा सामाजिक है, लेकिन investors का मानना है कि diversity से innovation बढ़ता है, और फ्रांस को इस दिशा में और काम करना होगा।


🧭 निष्कर्ष: क्या फ्रांस बन पाएगा AI सुपरपावर?

फ्रांस की AI कहानी अब केवल एक देश की नहीं, बल्कि पूरे यूरोप की टेक resurgence का हिस्सा बन चुकी है।

  • भारी सरकारी निवेश
  • तेज़ी से बढ़ता टैलेंट पूल
  • American VCs की बढ़ती दिलचस्पी
  • robotics, voice AI और governance में नई दिशा

ये सब मिलकर फ्रांस को AI की global दौड़ में आगे ले जा रहे हैं।

अब सवाल यह है कि क्या फ्रांस इस गति को बरकरार रखते हुए सस्टेनेबल ग्लोबल AI लीडर बन पाएगा और क्या यह ecosystem सभी के लिए inclusive बन पाएगा?

आने वाले सालों में इसका जवाब मिलेगा — फिलहाल इतना तय है कि फ्रांस की AI लहर सिर्फ शुरू हुई है। 🌍⚡

Read more :🍽️⚡ Swiggy जुटाएगा ₹10,000 करोड़!

🍽️⚡ Swiggy जुटाएगा ₹10,000 करोड़!

Swiggy

भारत के फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स मार्केट में बड़ा कदम उठाते हुए Swiggy ने अपने शेयरहोल्डर्स से ₹10,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी हासिल कर ली है। यह फंडिंग Qualified Institutional Placement (QIP) के माध्यम से की जाएगी, और यह इंटरनेट-युग में किसी भी भारतीय कंपनी द्वारा किए गए सबसे बड़े इक्विटी रेज़ में से एक होगा।

यह अनुमति 8 दिसंबर को हुई Extraordinary General Meeting (EGM) में मिली, जबकि बोर्ड ने इस प्रस्ताव को पहले ही 7 नवंबर को मंजूरी दे दी थी। कंपनी के एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, 99.47% वोट इस प्रस्ताव के पक्ष में पड़े, जिससे Swiggy को फंडरेज़िंग शुरू करने का स्पष्ट संकेत मिल गया है।


💰📈 ₹10,000 करोड़ का फंड कहां इस्तेमाल होगा?

Swiggy इस भारी-भरकम राशि का उपयोग मुख्य रूप से इन उद्देश्यों के लिए करेगा:

1️⃣ कंपनी की कैपिटल बेस को मजबूत करना

ताकि आने वाले वर्षों में Swiggy और भी आक्रामक विस्तार कर सके।

2️⃣ फूड डिलीवरी बिज़नेस का विस्तार

भारत में फूड डिलीवरी मार्केट लगातार बढ़ रहा है और Swiggy इसे और मजबूत करना चाहता है।

3️⃣ Instamart की तेज़ ग्रोथ को सपोर्ट करना

क्विक कॉमर्स में इस समय बहुत ही जबरदस्त मुकाबला है —
🔸 Blinkit
🔸 Zepto
🔸 BigBasket Now

ऐसे में Swiggy को वेयरहाउसिंग, डार्क स्टोर्स, लॉजिस्टिक्स, इंवेंट्री मैनेजमेंट और कस्टमर एक्विज़िशन के लिए बड़े निवेश की जरूरत है।

नई फंडिंग से Instamart अपने ग्रोथ मोमेंटम को और तेज़ कर सकता है।


📉📊 10% से ज्यादा इक्विटी डायल्यूशन संभव

वर्तमान बाजार मूल्य के आधार पर, इस QIP के चलते Swiggy के मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी में 10% से अधिक की डायल्यूशन हो सकती है।
यह Swiggy के नवंबर 2024 के IPO के बाद पहली बड़ी फंडरेज़िंग है, जब कंपनी ने लगभग ₹4,500 करोड़ जुटाए थे।


📉📉 Q2 FY26 में नुकसान बढ़ा — लेकिन राजस्व में तेज़ उछाल

हाल ही में जारी परिणामों में Swiggy ने बताया कि:

  • नुकसान 74% बढ़कर ₹1,092 करोड़ हो गया।
  • जबकि उसी दौरान Instamart की रेवेन्यू दोगुनी हो गई!
  • कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹3,760 करोड़ पहुंच गया।

यह ग्रोथ मुख्य रूप से बढ़ते ऑर्डर, Instamart की तेज़ रफ्तार और ऑनलाइन फूड कंजम्पशन में उछाल की वजह से आई है।

Swiggy के लिए यह मिश्रित स्थिति है —
एक तरफ revenue boom, और दूसरी तरफ losses widening.


🛵💼 Rapido से एग्ज़िट — Swiggy को मिला 2.5X रिटर्न

एक दिलचस्प रणनीतिक कदम में, Swiggy ने दोपहिया राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म Rapido से सफलतापूर्वक एग्ज़िट कर लिया है।

इस सौदे से:

  • Swiggy ने ₹2,399.5 करोड़ कमाए
  • और प्राप्त हुआ 2.5X से अधिक का रिटर्न,
    वह भी सिर्फ चार साल से कम समय में

यह Swiggy की कैश पोजिशन को और मजबूत करेगा, खासकर तब जब कंपनी QIP के लिए तैयार हो रही है।


🚀📦 क्विक कॉमर्स में मुकाबला — क्यों जरूरी है बड़ा फंड?

Instant grocery delivery भारत का सबसे तेज़ी से बढ़ता डिजिटल सेक्टर है।
Blinkit (Zomato), Zepto और Instamart के बीच यह लड़ाई अब सिर्फ कस्टमर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शामिल है—

  • Dark Store network
  • Delivery fleet optimization
  • Speed promise (10–15 mins)
  • Inventory + demand forecasting
  • Market expansion to Tier-2/3 cities

Swiggy को इस रेस में बने रहने के लिए बड़े निवेश की जरूरत है।
क्योंकि Blinkit और Zepto पहले ही भारी फंडिंग और तेज़ स्केलिंग में आगे निकल चुके हैं।


🏦📤 QIP कब लॉन्च होगा?

EGM के बाद Swiggy के पास अब नियामक अनुमति है और कंपनी जल्द से जल्द QIP लॉन्च कर सकती है
अगर मार्केट की स्थिति और निवेशकों की मांग मजबूत रहती है, तो यह इश्यू इसी सप्ताह आ सकता है।

इस सफल QIP के बाद Swiggy को:

  • विस्तार में गति
  • मार्केट में मजबूत पकड़
  • Quick commerce रनवे
  • लॉस कम करने की क्षमता

सबमें फायदा मिलेगा।

हालांकि, equity dilution से कुछ रिटेल निवेशक असहज भी हो सकते हैं।


🎯 निष्कर्ष — Swiggy का अगला बड़ा कदम

Swiggy का ₹10,000 करोड़ QIP कदम बताता है कि कंपनी आक्रामक विस्तार के मूड में है।
जहां फूड डिलीवरी मार्केट स्थिर और परिपक्व हो रहा है, वहीं Instamart ने नई उछाल दी है।

लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा, बढ़ते नुकसान और उच्च संचालन लागतों के बीच, यह फंडरेज़ Swiggy को उसके अगले विकास चरण में ले जाने की कुंजी साबित हो सकता है।

आने वाले महीनों में फैसला होगा कि क्या Swiggy का यह बड़ा दांव उसे growth leader बनाएगा, या dilution pressure निवेशकों की चिंता बढ़ाएगा।

Read more : Your-Space की FY25 राजस्व गिरा,

🏠📉 Your-Space की FY25 राजस्व गिरा,

Your-Space

स्टूडेंट हाउसिंग और को-लिविंग सेक्टर में तेजी से उभरते नाम Your-Space के लिए वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) आसान नहीं रहा। कंपनी अपनी स्केलिंग स्ट्रैटेजी को आगे बढ़ाने में संघर्ष करती दिखी, जहां राजस्व में हल्की गिरावट देखने को मिली, जबकि नुकसान पिछले साल के मुकाबले और बढ़ गया

रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ (RoC) से प्राप्त फाइनेंशियल रिपोर्ट के अनुसार, Your-Space की ऑपरेटिंग रेवेन्यू FY25 में 2.2% घटकर ₹139.5 करोड़ रही, जबकि FY24 में यह ₹142.7 करोड़ थी।


🛏️🏫 क्या करती है Your-Space?

Your-Space भारत की अग्रणी स्टूडेंट हाउसिंग स्टार्टअप है, जो लड़कों और लड़कियों के लिए PGs, होस्टल और स्मार्ट को-लिविंग स्पेस उपलब्ध कराती है। इसकी खासियत है:

  • टेक-एनेबल्ड सेफ्टी सिस्टम
  • Facial recognition
  • Biometrics
  • Digital locks

स्टूडेंट्स, खासकर आउट-ऑफ-टाउन छात्रों के लिए सुरक्षित, किफायती और आरामदायक रहन-सहन प्रदान करना इसका मुख्य लक्ष्य है।


📉 राजस्व में गिरावट — स्टूडेंट सर्विसेज पर असर

कंपनी के कुल रेवेन्यू में से 97.5% आय रेज़िडेंशियल सर्विसेज से आती है— यानी कि PG और होस्टल रेंट से।
FY25 में यह आय 4% गिरकर ₹136 करोड़ पर आ गई, जबकि FY24 में यह ₹142 करोड़ थी।

बाकी राजस्व:

  • Food services
  • Electricity
  • Other allied services

इन स्रोतों से आया।

यह स्पष्ट है कि प्राथमिक रेवेन्यू स्ट्रीम पर दबाव बढ़ा है।


💸📈 खर्चे बढ़े, खासकर रेंटल कॉस्ट — कुल खर्च FY25 में ₹178 करोड़

Your-Space का सबसे बड़ा खर्च accommodation rentals है। FY25 में यह खर्च ₹93 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹92 करोड़ था। यानी हल्की बढ़त।

कुल खर्चों का ब्रेकअप इस प्रकार है:

🔹 1) Rental Cost — 52.3% (₹93 करोड़)

स्टूडेंट हाउसिंग बिज़नेस में प्रॉपर्टी रेंट आमतौर पर सबसे बड़ी लागत होती है।

🔹 2) Employee Benefits — ₹21 करोड़

यह खर्च FY24 की तरह स्थिर रहा।

🔹 3) Facility Maintenance & Operations — ₹20.2 करोड़

लगभग मामूली वृद्धि।

🔹 4) Administrative & Other Expenses — ₹26.5 करोड़

इस श्रेणी के खर्चों में 10% की तेज़ वृद्धि दर्ज की गई।

🔹 कुल खर्च FY25 में ₹178 करोड़

FY24 के ₹175 करोड़ के मुकाबले 1.7% वृद्धि


📉💥 नुकसान बढ़कर ₹37.3 करोड़ — 21.5% की उछाल

राजस्व में गिरावट और स्थिर/बढ़ते खर्चों के चलते स्टार्टअप का नुकसान FY25 में बढ़ गया।

  • FY24 का नुकसान: ₹30.7 करोड़
  • FY25 का नुकसान: ₹37.3 करोड़
  • वृद्धि: 21.5%

वित्तीय प्रदर्शन

  • ROCE: -75.27%
  • EBITDA Margin: -20.22%

कंपनी हर ₹1 रेवेन्यू कमाने के लिए ₹1.28 खर्च कर रही है — जो बिज़नेस की operational efficiency में चुनौती को दर्शाता है।


🏦💰 कैश पोजिशन कमजोर, लेकिन एसेट बेस स्थिर

FY25 के अंत में कंपनी के पास केवल ₹8 करोड़ कैश और बैंक बैलेंस बचा था।
इसके मौजूदा एसेट्स (Current Assets) की कुल वैल्यू ₹59.65 करोड़ रही।

हालांकि एसेट बेस ठीक है, लेकिन कम कैश पोजिशन स्टार्टअप के near-term operations के लिए चुनौती पैदा कर सकती है।


🚀📊 अब तक का फंडिंग ट्रैक — $17.6 मिलियन जुटाए

TheKredible के अनुसार, Your-Space ने अब तक कुल $17.6 मिलियन की फंडिंग जुटाई है।
मुख्य निवेशकों में शामिल हैं:

  • Shantanu Rastogi
  • Ajax Capital
  • NB Ventures

शेयरहोल्डिंग हाइलाइट

कंपनी की सह-संस्थापक Nidhi Kumra और Shubha Lal मिलकर 20.5% हिस्सेदारी रखती हैं।


🔎📉 समस्या कहाँ है? — बिज़नेस मॉडल पर दबाव

स्टूडेंट हाउसिंग बिज़नेस में तीन प्रमुख चुनौतियाँ दिख रही हैं:

1️⃣ Rent-based model पर high dependence

Your-Space का 97.5% revenue सिर्फ रेंटल सर्विसेज से आता है।
कोई भी occupancy में गिरावट सीधे रेवेन्यू को हिट करती है।

2️⃣ Fixed costs बहुत अधिक

Rental + maintenance + staff — ये खर्चे कम नहीं किए जा सकते, चाहे occupancy घटे या बढ़े।

3️⃣ Competition और price sensitivity

बाज़ार में नया competition तेज़ी से बढ़ रहा है और स्टूडेंट्स अत्यधिक price-sensitive होते हैं, जिससे margins दबते हैं।


🧭💡 आगे का रास्ता — क्या कर सकती है Your-Space?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार Your-Space को sustaining growth के लिए इन क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए:

  • Higher-margin services: food, subscription-based smart services
  • Better occupancy management
  • Tech-driven operations efficiency
  • Tier-2/3 city expansion
  • Long-stay + short-stay hybrid model

🎯 निष्कर्ष: कठिन साल, लेकिन अवसर अभी भी मौजूद

FY25 Your-Space के लिए चुनौतियों से भरा साल रहा — जहां रेवेन्यू गिरा, खर्च बढ़े और नुकसान तेज़ी से बढ़ा।
लेकिन भारत में स्टूडेंट हाउसिंग सेक्टर अभी भी तेजी से बढ़ रहा है और टेक-सक्षम सुरक्षित रहन-सहन की मांग भी बढ़ती जा रही है।

कंपनी के पास मजबूत निवेशक बेस है और सही रणनीति अपनाए जाने पर यह आने वाले वर्षों में फिर से अपनी ग्रोथ पकड़ सकती है। 🏫✨

Read more : Tiger Global फिर बदल रही रणनीति