🌐💸 Tuhk ने जुटाए US$6M Seed Funding

Tuhk

कनाडा के टोरंटो स्थित फिनटेक स्टार्टअप Tuhk ने अपनी नवीनतम Seed फंडिंग राउंड में US$6 मिलियन (लगभग ₹50 करोड़) जुटाए हैं। इस राउंड को FINTOP ने लीड किया, जबकि Lloyds Banking Group और Capital One Ventures जैसे दिग्गज निवेशकों ने भी इसमें भाग लिया।

इस निवेश से दुनिया भर के merchants, banks और financial service providers के लिए data collaboration और fraud prevention का नया दौर शुरू होने वाला है।


🌟 Tuhk क्या है?—Real-Time Data का नया “Brain”

Tuhk (जिसे ‘tuck’ उच्चारित किया जाता है) एक real-time data collaboration platform बना रहा है।
इसका उद्देश्य है—global financial ecosystem में बिखरे हुए data को एक unified intelligence में बदलना, ताकि:

✔ Fraud तेजी से पकड़ा जा सके
✔ Payments की efficiency बढ़े
✔ Transactions आसानी से approve हों
✔ Resolution समय कम हो

यानि Tuhk एक ऐसा ‘smart network’ बना रहा है जहां अलग-अलग कंपनियों के पास मौजूद डेटा मिलकर एक powerful defence system तैयार करता है।


🛡️🚨 Fraud Prevention में Game-Changer—साझा डेटा से तुरंत खतरे की पहचान

आज के समय में online frauds लगातार बढ़ रहे हैं—चाहे वह credit card scams हों, identity theft या cross-border payment risks।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि हर संस्था अपना data अलग-अलग रखती है, जिससे threat signals detect करने में देरी होती है।

Tuhk इस समस्या को बदलने आया है—

📌 अलग-अलग data silos को एक shared intelligence network में बदलकर
📌 AI और real-time insights के जरिए
📌 suspicious activities को तुरंत पकड़कर

इसके बाद fraud होने से पहले ही उसे रोक दिया जाता है, जो financial institutions के लिए game-changing है।


💳⚡ Payments Efficiency—तेज़ Approvals, कम Rejections, Zero Hassle

Global merchants और banks को payments approvals में बड़ी चुनौतियां झेलनी पड़ती हैं।
कई genuine transactions सिर्फ data mismatch के कारण reject हो जाते हैं।

Tuhk का unified data model payments को smooth बनाता है—
✔ Real-time intelligence से decisions तेज
✔ False declines कम
✔ Customer experience बेहतर
✔ Merchants को higher conversion rate

इससे ग्राहकों को इंतज़ार नहीं करना पड़ता और व्यवसायों को तेज revenue मिलता है।


🧠🌍 Unified Intelligence Network—Financial Ecosystem का नया “Collective Brain”

Tuhk का platform financial companies के लिए एक shared “intelligence brain” की तरह काम करता है।

इस नेटवर्क की खास बातें:
🔹 Multiple data sources को जोड़ता है
🔹 Patterns और anomalies को real-time में पकड़ता है
🔹 Threat signals तुरंत share करता है
🔹 Industry-wide defence system बनाता है

यह पूरे ecosystem को पहले से ज्यादा सुरक्षित और integrated बनाता है।
भविष्य की digital banking मॉडल में यह सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक होगा।


📈💼 इस फंडिंग का इस्तेमाल कहाँ होगा?

नए जुटाए गए US$6M का इस्तेमाल Tuhk इन क्षेत्रों में करेगा—
✔ Technology और platform development
✔ Real-time AI data models को advanced बनाना
✔ Global expansion
✔ Banks और merchants के साथ partnerships
✔ Team hiring और operational expansion

CEO Andre Edelbrock का कहना है कि ये फंड Tuhk को global scale पर financial data collaboration की नई परिभाषा बनाने में मदद करेंगे।


🏦🤝 बड़े नामों का भरोसा—क्यों उत्साहित हैं निवेशक?

Tuhk में Lloyds Banking Group और Capital One Ventures जैसे बड़े वित्तीय संस्थानों का निवेश इस बात का संकेत है कि industry को Tuhk की technology की भारी जरूरत है।

निवेशकों को Tuhk में कई बड़े मौके दिख रहे हैं:
✔ Fraud prevention की global demand तेज़ी से बढ़ रही है
✔ Banks को real-time risk intelligence चाहिए
✔ Merchants को smooth payments systems की आवश्यकता है
✔ Data silos financial losses का बड़ा कारण बन रहे हैं
✔ Unified collaborative data model अभी तक industry में कम है

इसीलिए Tuhk का business model वाकई भविष्य का रास्ता दिखाता है।


🔮📊 Future Vision—Global Financial Security का नया युग

आने वाले समय में Tuhk financial जगत का एक core infrastructure बनने की तैयारी कर रहा है।
कंपनी का vision है कि दुनिया का हर bank, merchant और payment सेवा प्रदाता real-time intelligence network से जुड़ सके।

इससे:
✔ Global fraud कम होंगे
✔ Payments seamless होंगे
✔ Global commerce तेज़ होगा
✔ Customers का trust बढ़ेगा
✔ Data का सुरक्षित उपयोग बढ़ेगा

Tuhk का मॉडल—
“Collaborate to Protect”
पूरे वित्तीय उद्योग को नए स्तर पर ले जा सकता है।


📝 Conclusion: क्या Tuhk बनेगा Global Fraud Prevention का नया Leader?

टेक्नोलॉजी, timing और investor backing—तीनों Tuhk के पक्ष में हैं।
आज financial fraud के बढ़ते मामलों के बीच ऐसी systems की जरूरत बहुत ज्यादा है जो real-time, collaborative और AI-powered हों।

यही कारण है कि Tuhk सिर्फ एक fintech startup नहीं, बल्कि financial security का एक नया infrastructure बनकर उभर रहा है।
US$6M की नई फंडिंग इसके global expansion को तेज़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Read more : AllScale ने जुटाए $5M Seed Funding

🌍💰 AllScale ने जुटाए $5M Seed Funding

AllScale

न्यूयॉर्क स्थित फिनटेक स्टार्टअप AllScale ने अपनी Seed फंडिंग राउंड में $5 मिलियन (लगभग ₹42 करोड़) जुटाए हैं। यह राउंड YZi Labs (EASY Residency Season 2 कार्यक्रम के तहत), Informed Ventures और Generative Ventures द्वारा लीड किया गया, जबकि कई अन्य निवेशकों ने भी इसमें भाग लिया।

कंपनी इस फंड का उपयोग operations बढ़ाने, प्रोडक्ट बनावट सुधारने और अपनी global financial सेवाओं को और मजबूत करने में करेगी।


🏦✨ AllScale क्या करता है?—Global Microbusinesses के लिए एक Modern Neobank

AllScale एक self-custody stablecoin neobank है—यानि ऐसा डिजिटल बैंक जहां उपयोगकर्ता अपने फंड्स पर पूरी तरह खुद का नियंत्रण रखते हैं।

इसका मुख्य लक्ष्य है दुनिया भर के microbusinesses
✔ Content creators
✔ Freelancers
✔ Small service providers
✔ Mobile workers

इन सभी को तेज़, सुरक्षित और कम लागत वाली cross-border payments उपलब्ध कराना।

आज की डिजिटल इकॉनमी में creators और freelancers ऐसे प्लेटफॉर्म की तलाश में रहते हैं जहां वे
➡ instant payments पा सकें,
➡ हाई फ़ीस ना चुकानी पड़े,
➡ currency conversion issues ना हों,
➡ और fund lock-in जैसी दिक्कतों से मुक्त रहें।

AllScale इन्हीं समस्याओं को हल करने के मिशन पर काम कर रहा है।


🪙⚡ Stablecoin-Based Banking — तेज़ और Global

AllScale का core innovation है stablecoin-based banking
Stablecoins वे cryptocurrencies हैं जिनकी value स्थिर रहती है, जैसे USD या अन्य real-world currencies से pegged।

इस मॉडल के फायदे:
✔ Cross-border payments तुरंत
✔ Transaction charges बेहद कम
✔ Currency fluctuations से छुटकारा
✔ Global invoicing आसान
✔ किसी भी देश में payout seamless

यानी, अगर कोई भारतीय freelancer यूएस या यूरोप के क्लाइंट के साथ काम करता है—तो उसे बैंकिंग delays, SWIFT wait time या भारी fees की चिंता नहीं करनी होगी।


🤖📊 AI + Account Abstraction = Smart Financial Copilot

AllScale सिर्फ एक payment platform नहीं है, यह AI से संचालित financial copilot भी प्रदान करता है।

LLM-enabled Financial Copilot की मदद से SMBs कर सकते हैं:
🧾 Smart invoicing
💳 Automated checkout
🚀 Instant payouts
📈 Expense tracking
🔐 Secure account management

AI-powered automation से microbusinesses का financial workflow काफी आसान हो जाता है।
Freelancers अब manually tracking नहीं करेंगे—AI सब संभालेगा।


🔐🧍‍♂️ Self-Custody Model—User की पूरी Ownership और Security

Traditional banks या centralized fintech apps में users को अपने funds third-party platforms पर छोड़ने पड़ते हैं।
लेकिन AllScale की self-custody व्यवस्था में:

✔ users खुद private keys कंट्रोल करते हैं
✔ उनके funds किसी भी intermediary के पास नहीं रहते
✔ security breaches का जोखिम कम
✔ 100% transparency

यह मॉडल global creators और freelancers के लिए खासा आकर्षक है, जिन्हें payments के समय trust issues और account holds जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।


🌐🚀 Cross-Border Commerce को आसान बनाना—AllScale का Vision

कंपनी का mission काफी बड़ा है—
“Cross-border financial barriers को खत्म कर देना और microbusinesses के लिए global commerce को accessible बनाना।”

आज दुनिया के लाखों छोटे creators और freelancers के पास basic banking access तो है, लेकिन seamless global payments की सुविधा नहीं है।
AllScale इस gap को stablecoins, AI tools और decentralized finance architecture के ज़रिए भर रहा है।


🤝🔗 BNB Chain के साथ Official Ecosystem Partner—Web3 में मजबूत पकड़

AllScale BNB Chain का official ecosystem partner भी है।
इस partnership के फायदे:

✔ High-speed blockchain transactions
✔ Lower gas fees
✔ Wider Web3 access
✔ Scalable infrastructure
✔ Broader developer ecosystem

BNB Chain से जुड़कर AllScale अपने platform को global Web3 users तक पहुंचाने की तैयारी कर रहा है।


📈💡 निवेशकों की नजर में क्यों खास है AllScale?

निवेशकों को AllScale में कई बड़े अवसर दिख रहे हैं:
🌍 Cross-border economy तेजी से बढ़ रही है
👩‍💻 1.5 Billion global freelancers by 2030
🏦 Traditional banking में massive gaps
🪙 Stablecoin adoption record pace पर
🤖 AI-based finance तेजी से मुख्यधारा में

इसी वजह से Seed stage पर ही $5M जुटाना वैश्विक fintech space में एक मजबूत संकेत है।


🔮📌 आगे का रास्ता—Growth + Scale + Global Adoption

नई फंडिंग के साथ AllScale अब इन चीजों पर फोकस करेगा:
✔ Global expansion
✔ Product development
✔ AI copilots को और advanced करना
✔ Compliance systems मजबूत करना
✔ Borderless commerce ecosystem बनाना

कंपनी की कोशिश है कि आने वाले समय में यह global creators और microbusinesses का सबसे विश्वसनीय neobank बन सके।


📝 Conclusion: क्या AllScale बनेगा Global Microbusinesses का Future Bank?

Trends और tech दोनों बताते हैं कि AllScale सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।
Self-custody, stablecoins, AI और cross-border payment infrastructure—
इन चार pillars पर बना यह fintech मॉडल आने वाले वर्षों में global freelancers की सबसे बड़ी जरूरत बन सकता है।

अगर execution सही रहा, तो AllScale global microbusiness banking को एक नए युग में ले जा सकता है।

Read more : Koriken ने जुटाए ₹4 करोड़

🇰🇷🔥 Koriken ने जुटाए ₹4 करोड़

Koriken

Korean quick-service restaurant (QSR) स्टार्टअप Koriken ने अपनी seed funding round में ₹4 करोड़ जुटा लिए हैं। इस राउंड का नेतृत्व किया है Rukam Capital ने—जो शुरुआती-stage consumer brands को सपोर्ट करने के लिए जाना जाता है।

ये नई फंडिंग Koriken के growth को अगले लेवल पर ले जाएगी, खासकर तब जब भारत में Korean flavours की मांग लगातार बढ़ रही है। स्टार्टअप का कहना है कि वह इस राशि का उपयोग authentic Korean flavours को भारतीय उपभोक्ताओं तक तेजी से पहुंचाने और अपने QSR मॉडल को स्केल करने में करेगा।


🍗✨ 2022 में लॉन्च, अब तक का सफर—India में Korean Taste को Popular बनाना

Koriken की शुरुआत साल 2022 में Hasan Patel ने की थी, और बहुत कम समय में यह ब्रांड Korean cuisine lovers के बीच खासा लोकप्रिय हो गया है।

ब्रांड का मेन्यू K-Drama और K-Pop की दुनिया का असली स्वाद भारतीय प्लेट में परोसता है—
🍗 Korean Fried Chicken
🍜 Ramen
🥟 Mandu (Korean Dumplings)
🔥 Signature Sauces
और कई तरह के fusion flavours

Koriken का मकसद सिर्फ Korean dishes बेचना नहीं है, बल्कि authentic taste + modern QSR experience देना है—यानी फास्ट, consistent और convenient। यही वजह है कि यह ब्रांड तेजी से युवा उपभोक्ताओं का फेवरेट बन रहा है।


🇮🇳📈 India में Korean Food का Craze—Gen Z बना रहा है Trendsetter

भारतीय मार्केट में Korean culture का असर सिर्फ K-dramas और K-pop तक सीमित नहीं है। अब इसका सबसे बड़ा असर दिख रहा है—food choices में
Swiggy और Zomato जैसे delivery प्लेटफ़ॉर्म्स के अनुसार:

📌 50% YoY growth — Korean food orders में
📌 25%+ orders Gen Z की तरफ से
📌 Korean restaurants/QSR demand में 59% surge
📌 Tier-2 शहरों में भी popularity बढ़ी — जैसे Surat, Thiruvananthapuram, Vadodara, Mysuru, और Mangaluru

इस बढ़ते trend ने साबित किया है कि Korean flavours अब metro cities तक सीमित नहीं रह गए—ये छोटे शहरों तक फैल चुके हैं। Koriken इस परफेक्ट टाइमिंग का फायदा उठाने की रणनीति बना रहा है।


🌶️🛵 Koriken की Strategy: Authentic Taste + Indian Comfort

Koriken न सिर्फ Korean flavours भारत में ला रहा है, बल्कि इसे एक familiar, accessible और budget-friendly dining experience में बदल रहा है।

स्टार्टअप का focus है:
✔ Authentic Korean taste
✔ Indian palate के अनुसार flavours balance
✔ Fast service
✔ High-quality ingredients
✔ Affordability
✔ Consistency across outlets

इन pillars के कारण Koriken young Indian consumers के बीच एक “go-to” Korean QSR बनता जा रहा है।


🏪🚀 फंडिंग के बाद Expansion Plan: नए आउटलेट, नई डिशेज़ और नई Cities

₹4 करोड़ की ताज़ा funding Koriken को अपने expansion को तेज करने में मदद करेगी। कंपनी अपनी growth strategy को तीन बड़े हिस्सों में बांट रही है:

1️⃣ Flagship और High-Street Outlets का Expansion

Koriken आने वाले महीनों में अपने नए outlets उन शहरों में खोलेगा जहां Korean cuisine की demand सबसे तेज बढ़ रही है।
स्टार्टअप का लक्ष्य है कि
➡ metro + tier-2 दोनो शहरों में प्रेज़ेंस बढ़ाई जाए
➡ high-street locations पर brand visibility बनाई जाए

2️⃣ Product Innovation और Menu Expansion

Korean food सिर्फ ramen और fried chicken तक सीमित नहीं है।
Koriken नए flavours, fusion dishes और quick-bite Korean snacks पर काम कर रहा है।
नए additions की संभावना:
🍛 Korean Rice Bowls
🔥 Gochujang-based combos
🍢 Korean street snacks

3️⃣ Operational Efficiency और Kitchen Systems को Upgrade करना

QSR मॉडल में speed और consistency ही success की कुंजी होती है।
इसलिए Koriken अपने kitchen systems को ऐसे scale कर रहा है कि:
✔ तेज service मिल सके
✔ delivery orders में accuracy बनी रहे
✔ सभी outlets पर taste और quality एक जैसी रहे

साथ ही, company talent development और अपनी core टीम को मजबूत करने पर भी फोकस कर रही है।


🌍🥢 Indian Taste + Korean Soul: Fusion का नया ज़माना

Koriken भारतीय और Korean flavours को एक नए fusion अनुभव में बदल रहा है।
भारतीय consumers को spice, crunch और aroma पसंद है—और Korean flavours precisely इन्हीं चीजों के लिए जाने जाते हैं।

Spicy gochujang
Crispy Korean fried chicken
Savory broths
Fermented flavours

ये सब Indian palate के साथ इतनी आसानी से blend हो रहे हैं कि Korean cuisine धीरे-धीरे एक mainstream choice बनती जा रही है।


📌 Conclusion: क्या Koriken बनेगा India का No.1 Korean QSR Brand?

Trend, timing और taste—तीनों Koriken के पक्ष में हैं।
Korean flavours की बढ़ती लोकप्रियता और QSR मॉडल की scalability को देखते हुए, Koriken आने वाले समय में इस category का leading brand बन सकता है।

स्टार्टअप के पास:
✔ मजबूत vision
✔ expanding market
✔ increasing demand
✔ fresh capital support

अब देखना होगा कि Koriken इस momentum को किस तरह pan-India expansion में बदलता है।

Read more : Frex ने जुटाए ₹9.5 करोड़

💸 Frex ने जुटाए ₹9.5 करोड़

Frex

Peer-to-peer payments प्लेटफ़ॉर्म Frex ने अपनी pre-seed फंडिंग राउंड में ₹9.5 करोड़ जुटाए हैं। यह राउंड Zeropearl VC और White Venture Capital के को-लीड में हुआ, जिसमें कई बड़े strategic angels भी शामिल रहे—Urban Company के Abhiraj Singh Bhal, Varun Khaitan, Raghav Chandra, पूर्व Uber India हेड Pradeep Parameswaran, CRED के founder Kunal Shah और Rishabh Goel जैसे नाम इस राउंड में नजर आए।

यह शुरुआती फंडिंग Frex के उस बड़े विज़न को आगे बढ़ाने के लिए है, जिसके जरिए वह cross-border money transfers को तेज, आसान और बेहद कम-खर्च बनाना चाहता है—कुछ वैसा ही जैसा UPI ने भारत में domestic payments के साथ किया।


🚀 नया स्टार्टअप, बड़ा विज़न: Global Money Transfer को आसान बनाना

Frex की शुरुआत इसी साल Aditya Varma, Himanshu Arora और Nikhil Shanker ने की। कंपनी का मिशन साफ है—
👉 दुनिया भर में पैसे भेजने का अनुभव उतना ही आसान बनाना जितना भारत में UPI से ₹1 भेजना।

स्टार्टअप का प्लेटफ़ॉर्म
✔ instant transfers
✔ ultra-low cost
✔ पारदर्शी pricing
✔ better-than-mid-market forex rates
प्रदान करता है।

Cross-border transfers अक्सर 2–5 दिनों में क्लियर होते हैं, ऊपर से hidden charges और forex mark-ups भी शामिल होते हैं। Frex इन सारी परेशानियों को खत्म करना चाहता है और लोगों को “click → send → delivered instantly” वाला अनुभव देना चाहता है।


🌍 NRI और Migrant Workers पर फोकस

Frex का बड़ा target audience है—
🌐 North America और India के बीच पैसा भेजने वाले NRIs, immigrants और global workers

स्टार्टअप का कहना है कि भारत आने वाले remittances में बड़ी कमी slow processes, opaque charges और उंचे forex mark-ups के कारण रहती है। Frex इस गैप को modern tech की मदद से भरना चाहता है।

इसलिए जुटाए गए फंड का इस्तेमाल इन अहम क्षेत्रों में होगा:
💠 North America–India corridors में infra विस्तार
💠 Compliance और regulatory stack को मजबूत करना
💠 Engineering और ledger systems को स्केल करना
💠 NRI और migrant communities तक go-to-market reach बढ़ाना


🔗 Blockchain + Banking = तेज, सुरक्षित और सस्ता पैसा ट्रांसफर

Frex का tech-stack इसकी सबसे बड़ी USP है। कंपनी modern blockchain infra को local banking integrations के साथ जोड़कर near-instant settlements देती है।

इसका मतलब:
Transactions fast
Security high
Cost कम

Frex का कहना है कि उनके पास
better-than-mid-market rates
transparent fee structure
near-zero mark-ups
जैसी सुविधाएं हैं।

आज भी remittance market में कई traditional players high fee और slow settlement की वजह से प्रसिद्ध हैं। Frex खुद को इन पुराने तरीकों के modern affordable alternative के रूप में पेश कर रहा है।


📈 Launch के बाद से तेज़ Growth, जल्द ही $1M Monthly Transfers का लक्ष्य

Frex ने नवंबर में लॉन्च किया था और कंपनी के अनुसार कुछ ही हफ्तों में transaction volumes तेजी से बढ़े हैं।
स्टार्टअप उम्मीद कर रहा है कि अगले 2–3 महीनों में यह $1 million monthly transfer value को पार कर लेगा।

यह शुरुआती traction दिखाता है कि NRI और immigrant communities एक आसान, सस्ती और transparent cross-border payment service की तलाश में थीं—और Frex उसी जरूरत को पूरा कर रहा है।


⚔️ Competition: Wise, Remitly और Xoom जैसे बड़े खिलाड़ियों की रेस में Frex

Cross-border payment space पहले से ही hot और competitive है।
Sector में यह नाम काफी लोकप्रिय हैं—
• Wise
• Remitly
• Xoom (PayPal)

Frex इन दिग्गजों के साथ direct या indirect competition में रहेगा।
लेकिन Frex का दावा है कि उसकी
⚡ instant settlement
💲 low fees
🔍 transparent operations
उसे users के लिए अलग value proposition देती हैं।


🧭 भारत से दुनिया तक: क्या Frex “UPI for Global Transfers” बन पाएगा?

Cross-border payments एक बड़ा और बढ़ता हुआ बाजार है, और Frex जैसा स्टार्टअप इसे बदलने की क्षमता रखता है।
भारत में UPI ने payments को जिस level पर democratize किया—
क्या Frex global remittance space में वैसा कुछ कर पाएगा?

Startup का clear focus है:
✔ Speed
✔ Cost
✔ Transparency
✔ Trust

अगर Frex इस model को scale कर लेता है और जल्द ही $1M monthly transfers से आगे बढ़ जाता है, तो यह भारत और NRIs के लिए cross-border money movement को नए युग में ले जा सकता है।

Read more : Healthcare Edtech Startup Virohan ने जुटाए ₹39.27 करोड़

🎓💉 Healthcare Edtech Startup Virohan ने जुटाए ₹39.27 करोड़

Virohan

भारत के हेल्थकेयर एजुकेशन सेक्टर में तेजी से उभर रहा स्टार्टअप Virohan अब अपने Series B फंडिंग राउंड में ₹39.27 करोड़ (लगभग $4.5 मिलियन) जुटाने की तैयारी कर रहा है। इस राउंड का नेतृत्व जापान की प्रसिद्ध कंपनी Mynavi Corporation कर रही है।

इसके साथ ही इसके मौजूदा निवेशक Blume Ventures, Bharat Inclusive Technologies, और अन्य बैकर्स ने भी इसमें हिस्सा लिया है।

यह नई फंडिंग Virohan के लिए बेहद अहम है, क्योंकि हेल्थकेयर स्किलिंग सेक्टर में तेजी से बढ़ती मांग के बीच कंपनी अपनी उपस्थिति को और मज़बूत करना चाहती है।


💰 मई 2025 के बाद एक और फंडिंग—Growth Story हुई और तेज

इससे पहले Virohan ने मई 2025 में $3 मिलियन का प्री-सीरीज़ B राउंड उठाया था, जिसमें Blume Ventures, Bharat Inclusive Technologies और Rebright Partners लीड निवेशक रहे थे।

नए राउंड के साथ कंपनी ने अपने स्किलिंग मॉडल और ट्रेनिंग क्षमताओं को और विस्तार देने की तैयारी कर ली है।


🧾 बोर्ड ने पास किया Special Resolution – 2,726 CCPS होंगे जारी

कंपनी की RoC (Registrar of Companies) फाइलिंग्स के अनुसार, Virohan के बोर्ड ने एक विशेष प्रस्ताव पास किया है जिसके तहत:

  • कुल 2,726 Series B CCPS
  • प्रति शेयर कीमत ₹1,44,072
  • कुल राशि ₹39.27 करोड़

जुटाने की मंजूरी दी गई है।

यह राउंड खासकर इसलिए चर्चा में है क्योंकि Mynavi Corporation कंपनी में एक महत्वपूर्ण विदेशी निवेशक के रूप में प्रवेश कर रही है।


🇯🇵 Mynavi का बड़ा दांव — ₹22 करोड़ का Lead Investment

जापान-आधारित Mynavi Corporation इस राउंड की लीड इन्वेस्टर है और वह अकेले ही:

💴 ₹22 करोड़ (लगभग $2.5 मिलियन) निवेश करेगी।

अन्य निवेशकों का योगदान:

  • Blume Ventures – ₹12 करोड़
  • Bharat Inclusive Technologies – ₹1.8 करोड़
  • बाकी राशि
    👉 Rebright Partners
    👉 Bhilai Iron Foundry
    👉 Shantanu Jain
    👉 Deepa Bagla Financial Consultants
    से आएगी।

कंपनी को Blume Ventures और Deepa Bagla Financial Consultants से ₹12.75 करोड़ पहले ही मिल चुके हैं, जबकि बाकी निवेश जल्द आने की उम्मीद है।


📊 वैल्यूएशन रही Flat — ₹576 करोड़ Post-Money

Entrackr के अनुमानों के अनुसार, इस नए फंडिंग राउंड के बाद भी Virohan की वैल्यूएशन ₹576 करोड़ (लगभग $65.5 मिलियन) पर flat रहेगी।

ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि ग्रोथ स्टेज के स्टार्टअप्स में बिना वैल्यूएशन बढ़ाए भी निवेशक पैसा लगा रहे हों—इसका मतलब है कि निवेशकों को कंपनी के मॉडल और भविष्य पर पूरा विश्वास है।


🏫 Virohan क्या करता है? — Healthcare Sector के लिए स्किल-बेस्ड ट्रेनिंग

2018 में स्थापित Virohan भारत में तेजी से बढ़ते हेल्थकेयर जॉब्स सेक्टर को लक्ष्य बनाता है। इसका मॉडल बेहद अनोखा है:

🎓 Vocational Training Programs
💉 Healthcare Job Roles
📚 Hybrid Education (Online + Offline)
🏢 Campuses in 10+ cities

कंपनी दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पुणे, जयपुर, मुंबई, नागपुर सहित कई शहरों में अपनी ट्रेनिंग सुविधाएं देती है।

Virohan की कोशिश है लाखों युवाओं को हेल्थकेयर सेक्टर में employable बनाना, क्योंकि इस सेक्टर में स्किल्ड वर्कफोर्स की भारी कमी है।


💼 फंडिंग के बाद Ownership कैसे बदलेगी?

TheKredible के अनुसार, नई फंडिंग के बाद:

  • Mynavi Corporation – 3.83% स्टेक
  • Blume Ventures – 16.16% (सबसे बड़ा शेयरहोल्डर)
  • Founders –
    👉 नलिन सलूजा – 12.53%
    👉 कुणाल दुडेचा – 12.53%
    👉 आर्चित जयसाल (Oxys Impact LLP) – 12.53%

कुल मिलाकर संस्थापकों के पास मजबूत कंट्रोल बना रहेगा।

अब तक Virohan ने $18 मिलियन से ज्यादा फंडिंग जुटा ली है।


📈 कंपनी का परफॉर्मेंस – FY24 में Revenue दोगुना!

Virohan के FY25 के नंबर अभी आने बाकी हैं, लेकिन FY24 के आंकड़े काफी मजबूत रहे:

📊 FY23 Revenue: ₹10.65 करोड़
📈 FY24 Revenue: ₹21 करोड़ (लगभग 2X)

हालांकि, ग्रोथ के साथ कंपनी के लॉसेस भी बढ़े:

💸 FY24 Loss: ₹22 करोड़
🆙 18% YoY increase

कंपनी का कहना है कि लॉसेस expansion mode होने की वजह से हैं और आने वाले वर्षों में यूनिट-इकोनॉमिक्स मजबूत होने की उम्मीद है।


🚀 आगे की प्लानिंग — Healthcare Workforce को 10X बढ़ाने का Target

Virohan आने वाले वर्षों में:

  • अपने कोर्स पोर्टफोलियो बढ़ाने
  • नए शहरों और नए कैंपस खोलने
  • टेक्नोलॉजी-बेस्ड ट्रेनिंग मॉडल मजबूत करने
  • और employability rate बढ़ाने

पर ध्यान देगी।

भारत में हेल्थकेयर जॉब्स की मांग तेजी से बढ़ रही है—डॉक्टर्स, नर्सिंग, लैब टेक्नीशियंस और हॉस्पिटल मैनेजमेंट तक हर जगह स्किल्ड लोग चाहिए।

Virohan इसी गैप को भरने की दिशा में बड़े पैमाने पर काम कर रहा है।


📝 निष्कर्ष

₹39.27 करोड़ का नया Series B निवेश Virohan के लिए बड़ा मील का पत्थर है।
जापानी निवेशक Mynavi Corporation का शामिल होना कंपनी की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा।

FY24 में मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ, बढ़ती ट्रेनिंग डिमांड और तेज़ी से फैलता हेल्थकेयर सेक्टर—इन सभी फैक्टर्स के साथ Virohan अगले कुछ वर्षों में भारत का अग्रणी हेल्थकेयर स्किलिंग स्टार्टअप बन सकता है।

Read more :🌟 Conscious Chemist ने जुटाए ₹15 करोड़

🌟 Conscious Chemist ने जुटाए ₹15 करोड़

Conscious Chemist

भारतीय स्किनकेयर ब्रांड Conscious Chemist ने अपने ताज़ा ब्रिज राउंड में ₹15 करोड़ (लगभग $1.8 मिलियन) जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व Atomic Capital ने किया, जबकि First Port Capital और IPV International ने भी इसमें हिस्सा लिया।

ये फंडिंग ऐसे समय में आई है जब भारत का स्किनकेयर मार्केट तेज़ी से बढ़ रहा है और साइंस-बेस्ड स्किनकेयर ब्रांड्स की मांग नई ऊंचाइयों पर है। Conscious Chemist, जो पहले से ही एक्टिव-फर्स्ट स्किनकेयर सेगमेंट में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है, अब इस निवेश का उपयोग बड़े एक्सपैंशन प्लान के लिए करेगा।


💰 फंडिंग का इस्तेमाल कहाँ होगा?

कंपनी ने बताया कि जुटाई गई पूंजी का उपयोग मुख्य रूप से इन प्रमुख क्षेत्रों में किया जाएगा:

लीडरशिप टीम को मजबूत करना
इन्वेंट्री और सप्लाई चेन को स्केल करना
मार्केटिंग ऑपरेशंस को तेज करना
नए प्रोडक्ट इनोवेशन और R&D में निवेश
नए कैटेगरी एक्सपैंशन जैसे स्कैल्प और हेयर केयर

इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में ब्रांड कई नए प्रोडक्ट लॉन्च करता दिख सकता है।


🧴 ब्रांड की कहानी: साइंस-बैक्ड स्किनकेयर पर फोकस

Conscious Chemist की शुरुआत 2021 में रॉबिन गुप्ता और प्रखर माथुर ने की थी। दोनों का लक्ष्य था—एक ऐसा स्किनकेयर ब्रांड बनाना जो साइंस-बेस्ड फॉर्म्युलेशन्स, सस्टेनेबल इंग्रीडिएंट्स और क्लीन ब्यूटी फिलॉसफी पर काम करे।

आज ब्रांड के पास:

  • 30+ प्रोडक्ट्स
  • Acne-care
  • Sunscreens
  • Cleansers
  • Serums
  • और Active-ingredients आधारित solutions हैं

ब्रांड के पॉपुलर इंग्रीडिएंट्स में शामिल हैं:
🧪 Salicylic Acid
🧪 Peptides
🧪 Ceramides
🧪 Retinol

ये वे ingredients हैं जो आज की जेनरेशन के स्किनकेयर यूज़र्स खूब ढूंढते हैं।


📺 Shark Tank India में आया था, लेकिन फंड नहीं मिला

दिलचस्प बात यह है कि Conscious Chemist Shark Tank India Season 3 में फीचर हो चुका है।

हालांकि उन्हें शो में किसी शार्क से फंडिंग नहीं मिली, लेकिन ब्रांड का प्रेज़ेंस और लोकप्रियता शो के बाद काफी बढ़ गई।

इससे यह साफ होता है कि कभी-कभी फंड न मिलने के बावजूद भी ब्रांड अपनी मजबूत ग्रोथ बना सकता है — और Conscious Chemist इसका शानदार उदाहरण है।


📈 पिछले 12 महीनों में धमाकेदार ग्रोथ

कंपनी के अनुसार, पिछले एक साल में उनका बिज़नेस 3X revenue growth तक पहुंच गया है।

साथ ही, ब्रांड का दावा है कि वह अब CM3 लेवल पर प्रॉफिटेबल हो चुका है — जो कि इस competitive स्किनकेयर मार्केट में काफी बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

कुछ और दिलचस्प आंकड़े:

  • 📊 75% Gross Margins
  • 👥 2.5 मिलियन+ कस्टमर्स
  • 🔁 रिटेंशन रेट इंडस्ट्री एवरेज से दोगुना
  • ⚡ Quick-commerce चैनल जैसे Blinkit, Instamart, Zepto से 3X सेल्स ग्रोथ

Quick-commerce प्लेटफॉर्म्स ने Conscious Chemist के प्रोडक्ट्स को एक नया ग्राहक बेस दिया है, खासकर युवा शहरी यूज़र्स का।


🚀 आगे का लक्ष्य: ARR ₹500 करोड़!

कंपनी अब आने वाले 24–36 महीनों में अपना ARR बढ़ाकर ₹500 करोड़ तक पहुंचाने का टारगेट रखती है।

इस दौरान Conscious Chemist अपनी ग्रोथ को प्रॉफिटेबल रखने पर भी फोकस करेगा — यानी सिर्फ रेवेन्यू नहीं, बल्कि स्थिर और सुधारता हुआ बिज़नेस मॉडल।

भारत में active-based skincare की मांग बढ़ रही है, और इसमें Conscious Chemist एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में तेजी से उभर चुका है। यह फंडिंग इसे अगले स्तर तक ले जाने में अहम साबित हो सकती है।


🧪 क्यों सफल हो रहा है Conscious Chemist?

कुछ कारण जो इसे बाकी ब्रांड्स से अलग बनाते हैं:

🌿 साइंस-बेस्ड फॉर्म्युलेशन
🧼 क्लीन और ट्रांसपेरेंट इंग्रीडिएंट्स
🎯 एक्ने, सनस्क्रीन जैसे core प्रॉब्लम-एरिया पर फोकस
⚡ Quick-commerce में मजबूत उपस्थिति
💬 ग्राहकों के साथ गहरा engagement
💡 कस्टमर-फर्स्ट प्रोडक्ट डेवलपमेंट

इन सब वजह से ब्रांड ने सिर्फ तीन साल में 2.5 मिलियन से ज्यादा भारतीय ग्राहकों का भरोसा जीता है।


📝 निष्कर्ष

₹15 करोड़ की यह ब्रिज फंडिंग Conscious Chemist के लिए बड़ा कदम है। नए कैटेगरी लॉन्च, R&D इन्वेस्टमेंट और मार्केट एक्सपैंशन के साथ ब्रांड आने वाले समय में भारतीय स्किनकेयर मार्केट में और बड़ा खिलाड़ी बन सकता है।

एक ऐसा ब्रांड जिसने Shark Tank से फंड न मिलने के बावजूद लगातार ग्रोथ की और आज निवेशकों का भरोसा जीत रहा है — Conscious Chemist की यह कहानी भारतीय startup ecosystem के लिए प्रेरणादायक है।

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🚀🔥 Arclaim ने उठाए $5M! Staking Economy

Arclaim

वेलिंगटन, न्यूज़ीलैंड की फिनटेक स्टार्टअप Arclaim ने अपने Series A राउंड में $5 मिलियन (लगभग ₹42 करोड़) जुटाकर Web3 दुनिया में एक नया शोर मचा दिया है।
💰 निवेशकों के नाम नहीं बताए गए, लेकिन कंपनी का कहना है कि यह पैसा उनकी टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने, ऑपरेशंस बढ़ाने और Global scaling के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

Web3 और staking की दुनिया तेजी से बढ़ रही है, लेकिन साथ ही इसमें कई तकनीकी दिक्कतें भी आती हैं — कम APY, लंबी unstake waiting, liquidity की कमी… और बहुत कुछ।

Arclaim कहता है — “इन सबका समाधान हम लेकर आए हैं!”
और सच कहें तो इनके तीन बड़े इनोवेशन सच में गेमचेंजर लगते हैं।

आइए एक-एक करके मजेदार तरीके से समझते हैं 👇


⚙️✨ 1) Dynamic Yield Architecture – अब APY रियल-टाइम में होगा MAX!

Staking में सबसे बड़ा सवाल होता है —
📌 “कौन सी chain पर stake करूं कि ज्यादा return मिले?”

Arclaim का Dynamic Yield Architecture यही समस्या हल करता है।

🔮 यह एक patent-pending algorithm है जो:

  • आपके staked assets को कई chains में रियल-टाइम में रीबैलेंस करता है
  • जहाँ APY ज्यादा मिलता है, वहाँ अपने आप फंड शिफ्ट कर देता है
  • validator saturation की समस्या को पहली बार स्मार्ट तरीके से रोकता है

मतलब आपको लगातार मार्केट देखने की जरूरत नहीं।
➡️ Arclaim खुद आपके लिए सबसे ज्यादा फायदा निकालता रहेगा।

Staking करने वालों के लिए ये फीचर सच में “OP” है 😎💥


⚡💨 2) Zero-Day Liquidity – Instant Unstake, No Waiting, No Tension!

Staking की दुनिया की सबसे बड़ी तकलीफ़ क्या है?

Unstaking का इंतजार!
कई chains में 7, 14 या 21 दिनों तक फंड फंसा रहता है।

लेकिन Arclaim का जवाब है:

🎉 Zero-Day Liquidity

मतलब:

  • अगर आपका unlocking period खत्म हो चुका है
  • तो आप तुरंत unstake कर सकते हैं
  • कोई slashing penalty नहीं
  • कोई waiting नहीं
  • कोई drama नहीं 😄

इसके साथ Arclaim leading DEXs के साथ integration कर रहा है, ताकि:

➡️ Stake → Earn → Swap
पूरा प्रोसेस झटपट, बिना किसी रुकावट के, एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर हो सके।

Crypto traders के लिए ये सुविधा सोने पे सुहागा है 💎✨


🏦🔐 3) Institutional-Grade Vaults (Q2 2026) – अब कंपनियाँ भी कर सकेंगी सुरक्षित staking!

अब बात करते हैं Arclaim के तीसरे सबसे बड़े फीचर की —
जो 2026 की दूसरी तिमाही में लॉन्च होगा।

यह है:

💼 Institutional-Grade Staking Vaults

यह बड़े संस्थानों और कंपनियों के लिए बनाया गया है, जिसमें होगा:

  • Insured Custody (एसेट्स बीमा के साथ सुरक्षित)
  • Compliance-Ready Products (रेगुलेशन्स के हिसाब से)
  • Customizable Risk/Reward Profiles
  • सबकुछ on-chain derivatives द्वारा मैनेज होगा

इसका मतलब है कि बड़ी कंपनियाँ भी staking में आकर
⚡ हाई रिटर्न
🛡 सुरक्षा
📈 पारदर्शिता
एक ही जगह पा सकेंगी।

इसे Web3 संस्थानों के लिए “future-ready staking infrastructure” कहा जा रहा है।


🌍💡 Arclaim का Vision — Staking Economy को बनाना Super Fast, Super Safe, Super Profitable

कंपनी का कहना है कि staking economy अभी अपने शुरुआती दौर में है,
और आने वाले सालों में यह दुनिया भर में तेजी से बढ़ेगी।

Arclaim का लक्ष्य है:

  • staking को आसान बनाना
  • returns को बेहतर बनाना
  • liquidity की दिक्कत खत्म करना
  • institutions को onboard करना
  • और Web3 को mass adoption की तरफ ले जाना

सिंपल शब्दों में:
“Staking को इतनी smooth बनाना कि हर कोई कर सके!” 😄🚀


💸 फंडिंग का इस्तेमाल कहाँ होगा?

कंपनी जुटाए गए $5M का उपयोग करेगी:

  • Global operations बढ़ाने
  • Top blockchain engineers hire करने
  • नए staking tools बनाने
  • R&D को ताकत देने
  • बड़े institutions को onboard करने

मतलब Arclaim अब स्पीड मोड में आगे बढ़ रहा है 🔥


📌 निष्कर्ष: Arclaim Web3 staking का future बदलने आया है 🚀

Dynamic APY optimization, instant liquidity और institutional vaults —
इन तीन फीचर्स के साथ Arclaim staking industry को एक नया रूप देने की क्षमता रखता है।

$5M की Series A फंडिंग के बाद कंपनी अब पूरी ताकत से expansion मोड में है।
Crypto & Web3 की दुनिया में staking तेजी से popular हो रही है, ऐसे में Arclaim जैसे समाधान आने वाले समय में बड़ा प्रभाव डालेंगे।

Read more : Valiant Capital से नई फंडिंग की तैयारी में StockGro

📈 Valiant Capital से नई फंडिंग की तैयारी में StockGro

StockGro

भारत के तेजी से बढ़ते फिनटेक सेक्टर में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। सोशल इन्वेस्टमेंट और स्टॉक मार्केट एडवाइजरी प्लेटफॉर्म StockGro अपने मौजूदा फंडिंग राउंड में और कैपिटल जुटाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी की बातचीत फिलहाल Boston आधारित Valiant Capital Management के साथ अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। अगर यह डील फाइनल होती है, तो StockGro का Series B राउंड और अधिक मजबूत हो जाएगा।

🧩 Series B राउंड में नई तेजी

पिछले सप्ताह StockGro ने अपने Series B राउंड के तहत $17 मिलियन (करीब ₹142 करोड़) जुटाए थे। यह निवेश प्रमुख इन्वेस्टर Mukul Agarwal की Param Capital से आया था। इस डील की जानकारी सबसे पहले Entrackr ने जारी की थी। अब Valiant Capital से संभावित फंडिंग के बाद कंपनी इस राउंड को और बड़ा बना सकती है।

हालांकि StockGro ने इस डील पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। CEO अजय लखोटिया से भी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।

📌 StockGro क्या करता है?

2020 में स्थापित StockGro भारत का एक लोकप्रिय सोशल इन्वेस्टमेंट और मार्केट एडवाइजरी प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य भारतीय निवेशकों—खासकर युवाओं—को शेयर बाजार की समझ आसान और सुरक्षित तरीके से प्रदान करना है।

प्लेटफ़ॉर्म की खासियतें:

  • SEBI-registered advisors के माध्यम से निवेश मार्गदर्शन
  • पोर्टफोलियो मैनेजमेंट से लेकर रिस्क गाइडेंस तक
  • शुरुआती निवेशकों के लिए आसान और गेमिफाइड सीखने का अनुभव
  • मार्केट ट्रेंड्स, एनालिटिक्स और एक्सपर्ट की राय
  • इन्वेस्टमेंट सीखने के लिए सिम्युलेशन-आधारित टूल्स

क्लियर और सरल अनुभव के कारण StockGro भारत के युवाओं में काफी लोकप्रिय हुआ है और आज यह करोड़ों उपयोगकर्ताओं तक पहुँच चुका है।

💰 अब तक की फंडिंग और प्रमुख निवेशक

TheKredible के अनुसार, StockGro अब तक कुल $76 मिलियन (EC + debt) जुटा चुका है। इसके प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं—

  • Bitkraft Ventures
  • SBI Ventures
  • Root Ventures
  • General Catalyst
  • Param Capital
  • और अब संभावित रूप से Valiant Capital Management

सीरीज B राउंड के पूरा होने के बाद कंपनी के वैल्यूएशन में भी बड़ा उछाल आने की संभावना है।

📉 वित्तीय प्रदर्शन: FY24 में दबाव बढ़ा

हालांकि यूज़र बेस और ब्रांड की लोकप्रियता बढ़ रही है, लेकिन कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर पिछले दो साल चुनौतीपूर्ण रहे हैं।

FY24 Highlights:

  • ऑपरेटिंग रेवेन्यू गिरकर ₹131 करोड़ से ₹86.5 करोड़ रह गया — यानी 34% की गिरावट
  • वहीं Losses बढ़कर ₹55 करोड़ से ₹101 करोड़ हो गए — यानी 84% की बढ़त

StockGro ने FY25 के वित्तीय परिणाम अभी सार्वजनिक नहीं किए हैं। लेकिन नए निवेश जुटने से कंपनी अपने प्रोडक्ट, मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी अपग्रेड पर तेजी से काम करने की तैयारी में है।

🧭 Valiant Capital क्यों दिलचस्पी दिखा रहा है?

Valiant Capital अमेरिका का एक बड़ा हेज फंड है जो दुनिया भर में हाई-ग्रोथ टेक और फिनटेक कंपनियों में निवेश करता आया है।

StockGro में निवेश की संभावित वजहें:

  • भारत में तेजी से बढ़ता रिटेल इन्वेस्टिंग मार्केट
  • युवाओं में ट्रेडिंग और निवेश की बढ़ती रुचि
  • StockGro का यूनिक सोशल-इन्वेस्टमेंट मॉडल
  • एडवाइजरी + एजुकेशन + पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का कॉम्बो
  • उच्च उपयोगकर्ता एंगेजमेंट और मजबूत रिटेंशन

इस तरह Valiant का निवेश कंपनी को ग्लोबल स्तर पर भी विश्वसनीयता और मजबूती देगा।

🚀 नए फंड का इस्तेमाल कहाँ होगा?

भले ही डील की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि StockGro फंड का उपयोग मुख्य रूप से यहाँ कर सकता है:

  • AI आधारित निवेश सलाह और डेटा टूल्स
  • मजबूत रिस्क मैनेजमेंट इंजन
  • मार्केटिंग और यूज़र अधिग्रहण
  • नए इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स
  • कॉलेज और युवा निवेशकों को जोड़ने के लिए अभियान
  • ग्लोबल एक्सपैंशन की शुरुआती तैयारी

🌐 भारत में निवेश प्लेटफ़ॉर्म के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा

Groww, Zerodha, Upstox जैसी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ चुकी है। ऐसे में StockGro अपने एडवाइजरी + सोशल इन्वेस्टमेंट मॉडल से अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है।

कंपनी का फोकस सिर्फ ट्रेडिंग नहीं बल्कि सीखने और समझकर निवेश करने पर है, जो इसे भीड़ में अलग करता है।

🔎 आगे का रास्ता

यदि Valiant Capital का निवेश फाइनल होता है, तो StockGro का Series B राउंड लगभग दोगुना हो सकता है। इससे प्लेटफॉर्म की ग्रोथ तेज होगी और कंपनी अगली फंडिंग के लिए भी बेहतर पोजिशन पर आ सकती है।

भारत में रिटेल निवेशकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और ऐसे में StockGro जैसे प्लेटफॉर्म बड़े अवसरों के सामने खड़े हैं।

Read more : Lumov ने जुटाए $1.2 Million

🦴 Lumov ने जुटाए $1.2 Million

Lumov

भारत के हेल्थटेक सेक्टर में एक और मजबूत कदम बढ़ चुका है। Bengaluru-based orthopedic recovery startup Lumov ने $1.2 million (लगभग ₹10 करोड़) की seed funding हासिल कर ली है। यह राउंड Incubate Fund Asia के नेतृत्व में पूरा हुआ, जिसमें कई नामी निवेशकों और फैमिली ऑफिसेज ने भी हिस्सा लिया।

Lumov भारत में orthopedic recovery और rehabilitation उत्पादों को नए स्तर पर ले जाने का लक्ष्य रखता है। कंपनी ऐसे समय में तेजी से बढ़ रही है, जब देश में musculoskeletal care काफी fragmented है और quality recovery products की भारी कमी है।


💰 Funding Round: किन निवेशकों ने किया समर्थन?

इस seed funding राउंड में कई बड़े निवेशक शामिल रहे:

  • Incubate Fund Asia (Lead investor)
  • QRG Investments & Holdings – Havells Family Office
  • IIMA Ventures
  • SIDBI
  • Angel Investors जैसे:
    • Ashish Gupta
    • Saket Narang
    • Abhishek Goyal
    • Arjun Vaidya

यह निवेश Lumov के लिए न सिर्फ पूंजी जोड़ता है, बल्कि industry expertise, networking और strategic guidance भी लाता है।


🚀 फंड्स का इस्तेमाल कहाँ होगा?

Lumov ने स्पष्ट किया है कि इस पूंजी का उपयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा:

1. Operations का विस्तार

स्टार्टअप अब अपने संचालन को Bangalore से आगे बढ़ाकर बड़े भारतीय शहरों में स्केल करेगा, जिनमें शामिल हैं:

  • Delhi NCR
  • Hyderabad
  • Mumbai

2. Surgeon Partnerships को मजबूत करना

Orthopedic surgeons के साथ गहरी partnerships Lumov का core मॉडल है। Funding से:

  • अधिक doctors को ऑनबोर्ड किया जाएगा
  • क्लीनिक और hospitals में presence बढ़ाई जाएगी
  • नए clinically validated solutions बनाए जाएंगे

3. New Product Development

Team अब R&D में तेज़ी लाएगी और ऐसे products बनाएगी जो:

  • पोस्ट-सर्जिकल recovery
  • pain management
  • long-term mobility care
    को आसान बनाएं।

4. Manufacturing & Sales Teams का विस्तार

Quality production के लिए manufacturing capacity बढ़ाई जाएगी और
nationwide distribution मजबूत किया जाएगा।


🏥 Lumov क्या करता है?

Lumov एक specialized healthcare startup है जो orthopedic recovery और rehabilitation को बेहतर बनाने पर काम करता है। इसके products निम्न उपयोगों के लिए डिजाइन किए जाते हैं:

  • Fracture recovery
  • Post-surgery care
  • Knee, spine और joint support
  • Pain management
  • Long-term mobility solutions

ये सभी products clinically validated तरीके से orthopedic doctors के साथ मिलकर बनाए जाते हैं, ताकि भारतीय मरीजों की जरूरतों के अनुसार solutions दिए जा सकें।


🏨 Top Hospitals के साथ साझेदारी

Lumov कई बड़े अस्पताल chains के doctors और medical teams के साथ काम करता है, जिनमें शामिल हैं:

  • Manipal Hospitals
  • Apollo Hospitals
  • Sakra
  • AIG Hospitals (Hyderabad)

इस collaboration-driven मॉडल की वजह से इसके products न सिर्फ medically safe हैं, बल्कि practically effective भी साबित हो रहे हैं।


👥 टीम और Hiring Plans

अभी Lumov की कोर टीम 15 मेंबर्स की है। Funding के बाद कंपनी बड़ी hiring करने की तैयारी में है:

  • Product development
  • Sales
  • Supply chain
  • Operations

स्टार्टअप की योजना है कि अगले कुछ महीनों में टीम size दोगुना किया जाए।


💡 Founders कौन हैं?

Lumov की स्थापना दो founders ने की:

🔹 Saumaric Dangwal

🔹 Ankit Gupta

दोनों founders की healthcare investment में मजबूत पृष्ठभूमि है।
इन्होंने पहले इन global investment firms के साथ काम किया है:

  • Bain Capital
  • Brookfield Private Equity
  • Steinberg Asset Management

इस अनुभव की वजह से ये भारत के healthcare बाजार, patient needs, और rehab solutions की कमी को बहुत अच्छे से समझते हैं।


🩺 भारत में Orthopedic Recovery का Market Gap

भारत दुनिया की सबसे बड़ी orthopedic surgery markets में गिना जाता है,
लेकिन:

  • rehab products अनियमित
  • fragmented
  • और low-quality होते हैं

Lumov इस gap को target कर रहा है, ताकि:

  • recovery fast
  • pain कम
  • और mobility बेहतर हो

इस vision की वजह से investors इसे high-potential deep healthcare play के रूप में देख रहे हैं।


🔮 आने वाले समय में Lumov की Growth

Funding के बाद startup अपने aggressive expansion के लिए तैयार है।
आने वाले महीनों में Lumov:

  • Tier-1 और Tier-2 शहरों में विस्तार करेगा
  • orthopedic doctors के साथ नई categories लॉन्च करेगा
  • digitally assisted recovery tools भी लाने की तैयारी करेगा
  • और product innovation pipeline को मजबूत करेगा

इससे कंपनी भारत के rapidly growing rehab & recovery market की एक प्रमुख खिलाड़ी बन सकती है।


📝 निष्कर्ष

Lumov की seed funding सिर्फ एक फंडिंग राउंड नहीं है, बल्कि India के orthopedic recovery space के लिए एक नया अध्याय है।
Clinically designed, surgeon-backed, India-specific recovery solutions की भारी जरूरत को देखते हुए, Lumov आने वाले सालों में बड़ा प्रभाव डाल सकता है।

नई capital, मजबूत partnerships और experienced founders के साथ, Lumov अब एक बड़े scale-up phase में प्रवेश कर रहा है — और भारत के healthcare innovation space में एक मजबूत नाम बनने के रास्ते पर है।

Read more : Groww को SEBI से मिला OBPP लाइसेंस

🏦 Groww को SEBI से मिला OBPP लाइसेंस

Groww

भारत के तेजी से बढ़ते निवेश प्लेटफ़ॉर्म Groww ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने Groww को Online Bond Platform Provider (OBPP) के रूप में ऑपरेट करने की मंज़ूरी दे दी है। इस लाइसेंस के साथ Groww अब अपने ऐप और प्लेटफ़ॉर्म पर लिस्टेड कॉर्पोरेट बॉन्ड्स को सीधे लिस्ट, डिस्ट्रिब्यूट और ट्रांज़ैक्ट कर सकेगा।

यह कदम भारत में फिक्स्ड-इनकम निवेश को तेजी से आगे बढ़ा सकता है, खासकर खुदरा निवेशकों के बीच, जो मार्केट वोलैटिलिटी से बचते हुए स्थिर रिटर्न की तलाश में रहते हैं।


📌 क्या है Groww को मिला नया OBPP लाइसेंस?

SEBI का OBPP लाइसेंस किसी भी प्लेटफ़ॉर्म को यह अनुमति देता है कि वह—

  • सीधे लिस्टेड कॉर्पोरेट बॉन्ड्स प्रदर्शित करे,
  • उनका वितरण करे,
  • और निवेशकों के लिए ट्रांज़ैक्शन की सुविधा प्रदान करे।

Groww के लिए यह लाइसेंस बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके जरिए वह अपने मौजूदा प्रोडक्ट लाइनअप — equities, mutual funds, ETFs, sovereign gold bonds और अन्य मार्केट-लिंक्ड प्रोडक्ट्स — में अब corporate bonds भी जोड़ सकेगा।


🧩 क्यों महत्वपूर्ण है Groww का Bond Market में प्रवेश?

भारत में बॉन्ड मार्केट लंबे समय से संस्थागत निवेशकों और HNIs तक सीमित रहा है। कॉर्पोरेट बॉन्ड्स में निवेश की प्रक्रिया

  • जटिल,
  • कम पारदर्शी,
  • और खुदरा निवेशकों के लिए कम सुलभ रही है।

Groww जैसे डिजिटल-फर्स्ट प्लेटफ़ॉर्म के प्रवेश के बाद—

  • बॉन्ड निवेश अब अधिक सरल,
  • पारदर्शी,
  • और युवा रिटेल निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकता है।

Groww के पास पहले से ही 12 मिलियन से अधिक सक्रिय निवेशक हैं। ऐसे में बॉन्ड्स का जोड़ना निवेशकों को पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन के लिए एक नया अवसर देगा।


📈 groww का शेयर मार्केट डेब्यू भी रहा सफल

यह मंज़ूरी ऐसे समय में आई है जब Groww ने हाल ही में अपना स्टॉक मार्केट लिस्टिंग पूरा किया था, और कंपनी का शेयर अपने इश्यू प्राइस की तुलना में 14% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ था।
इससे साफ है कि निवेशकों का भरोसा Groww पर लगातार बढ़ रहा है।


💹 कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन: मुनाफे में मजबूत बढ़त

Groww ने साल 2025 की दूसरी तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया:

  • कुल आय: ₹1,071 करोड़
  • PAT (Profit After Tax): ₹471 करोड़
  • मार्केट शेयर: 26.62% (NSE के अनुसार भारत में सबसे बड़ा स्टॉकब्रोकर)

यह पहली बार है जब भारत का कोई डिजिटल-ब्रोकिंग प्लेटफ़ॉर्म इतना बड़ा मार्केट शेयर हासिल कर चुका है।


📊 ग्राहक अधिग्रहण लागत में बढ़ोतरी

हालाँकि Groww की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के साथ एक चुनौती भी सामने आई।
कंपनी की कस्टमर एक्विज़िशन कॉस्ट (CAC) बढ़कर:

  • ₹796 (H1 FY25) से
  • ₹1,374 (H1 FY26) हो गई है,

यानी 72% की बढ़ोतरी

विस्तार और मार्केट लीडरशिप की दौड़ में CAC का बढ़ना सामान्य है, लेकिन यह Groww के लिए लागत प्रबंधन की नई चुनौती भी है।


🧾 Digital Bonds से Groww को क्या फायदा होगा?

OBPP लाइसेंस मिलने के बाद Groww के लिए कई नए अवसर खुलते हैं:

🔹 1. AUM (Assets Under Management) में तेजी से वृद्धि

फिक्स्ड-इनकम प्रोडक्ट्स जोड़ने से Groww के AUM में स्थिर और प्रिडिक्टेबल ग्रोथ आएगी।

🔹 2. नए निवेशक वर्ग को जोड़ने का मौका

कॉर्पोरेट बॉन्ड्स में निवेश करने वाला सेगमेंट—

  • मिडिल-एज्ड प्रोफेशनल्स,
  • सीनियर सिटीज़न्स,
  • और लॉन्ग-टर्म स्टेबल रिटर्न चाहने वाले निवेशक—
    अब Groww प्लेटफ़ॉर्म को अपनाएंगे।

🔹 3. मजबूत प्रतिस्पर्धा में बढ़त

Zerodha, Upstox और Dhan जैसे प्लेटफ़ॉर्म पहले से बॉन्ड मार्केट में सक्रिय हैं।
Groww की एंट्री प्रतिस्पर्धा को और तीव्र करेगी।


👥 Retail निवेशकों के लिए क्या बदलेगा?

Groww का कॉर्पोरेट बॉन्ड्स के क्षेत्र में प्रवेश निवेशकों के लिए कई फायदे लेकर आएगा:

⭐ आसान एक्सेस

सिर्फ एक ऐप में equity, mutual funds और अब bonds भी।

⭐ पारदर्शिता

रियल-टाइम यील्ड, रेटिंग और मैच्योरिटी की स्पष्ट जानकारी।

⭐ कम जटिलता

पहले बॉन्ड निवेश ज्यादातर ब्रोकर या वितरकों के माध्यम से होता था। अब प्रक्रिया कहीं आसान होगी।

⭐ पोर्टफोलियो स्टेबिलिटी

बॉन्ड्स निवेशकों को मार्केट उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्रदान करते हैं।


🔮 Groww की आगे की रणनीति: क्या उम्मीद करें?

फाइनेंशियल मार्केट विश्लेषकों का मानना है कि:

  • Groww जल्द ही Gsec (Government Securities),
  • market-linked debentures,
  • और high-yield corporate bonds
    भी अपने प्लेटफ़ॉर्म में शामिल कर सकता है।

इसके अलावा, Groww के पास मजबूत तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर है, जिससे वह बॉन्ड्स का निवेश अनुभव स्टॉक्स जितना आसान बना सकता है।


📝 निष्कर्ष

Groww के लिए SEBI का OBPP लाइसेंस एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। इससे—

  • प्लेटफ़ॉर्म पर निवेश विकल्प बढ़ेंगे
  • बॉन्ड मार्केट में भागीदारी के नए अवसर खुलेंगे
  • और भारत में फिक्स्ड-इनकम निवेश का डिजिटलकरण तेजी से बढ़ेगा

Groww पहले से ही भारत का सबसे बड़ा स्टॉकब्रोकर बन चुका है, और अब कॉर्पोरेट बॉन्ड्स के क्षेत्र में एंट्री के साथ यह अपने लिए नया विकास अध्याय शुरू कर रहा है।

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