🏅 TIDA Sports ने उठाए ₹3 करोड़

TIDA Sports

भारत में स्पोर्ट्स का क्रेज़ पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से बढ़ा है, और इसी उभरते हुए स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के मिशन पर काम कर रहा है TIDA Sports — एक मल्टी-स्पोर्ट्स ट्रेनिंग और कोचिंग प्लेटफ़ॉर्म। हाल ही में, स्टार्टअप ने Inflection Point Ventures (IPV) के नेतृत्व में ₹3 करोड़ की सीड फंडिंग जुटाई है, जो इसके विस्तार और टेक्नोलॉजी अपग्रेड को गति देगा।

इस नए निवेश के साथ, TIDA Sports देशभर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने, एक्सपर्ट कोचेस जोड़ने और भारत के तेजी से विकसित होते स्पोर्ट्स सेक्टर में बड़ा प्रभाव बनाने के लिए तैयार है।


🚀 फंडिंग का उपयोग कहाँ होगा?

TIDA Sports के अनुसार, जुटाई गई राशि इन प्रमुख क्षेत्रों में लगाई जाएगी:

  • 🏙️ 5 राज्यों और 30 शहरों में विस्तार
  • 💻 टेक्नोलॉजी प्लेटफ़ॉर्म को अपग्रेड करना
  • 🤝 स्कूलों और स्पोर्ट्स बॉडी के साथ मजबूत B2B पार्टनरशिप
  • 🏅 अधिक सर्टिफाइड कोचेस को ऑनबोर्ड करना
  • 📣 ग्राउंड-लेवल मार्केटिंग को बढ़ाना

कुल मिलाकर, कंपनी आने वाले वर्षों में अपनी पहुंच को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाने की तैयारी में है।


👥 कौन हैं TIDA Sports के फाउंडर्स?

TIDA Sports की शुरुआत 2023 में हुई थी, और इसके चार युवा और उत्साही फाउंडर्स हैं:

  • Adit Goel
  • Sumeet Malik
  • Priyansh Matta
  • Sanchit Budhiraja

ये चारों मिलकर भारत की युवा पीढ़ी के लिए एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म बना रहे हैं जहाँ बच्चे खेल सीख सकें, प्रतिभा निखार सकें और साथ-साथ पढ़ाई भी बैलेंस कर सकें।


🏆 TIDA Sports को क्या बनाता है खास?

आज भारत में बहुत से बच्चे खेलों में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन सही कोचिंग और स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग की कमी बड़ी बाधा है। TIDA Sports इस गैप को दूर करने की कोशिश कर रहा है।

इसकी खासियतें:

  • ✔️ स्ट्रक्चर्ड और सर्टिफाइड कोचिंग प्रोग्राम
  • ✔️ स्पोर्ट्स + अकादमिक्स का संतुलित मॉडल
  • ✔️ स्कूलों के साथ पार्टनरशिप-आधारित ट्रेनिंग
  • ✔️ लोकल स्पोर्ट्स अकादमी के साथ सहयोग
  • ✔️ यूथ-फोकस्ड ट्रेनिंग मॉड्यूल्स

कंपनी का मॉडल बच्चों को फिजिकल फिटनेस, तकनीकी प्रशिक्षण और स्पोर्ट्स डिसिप्लिन—तीनों में विकसित करता है।


🏫 बड़े स्कूलों के साथ साझेदारी

TIDA Sports पहले ही कई नामी स्कूलों के साथ मिलकर उनके स्पोर्ट्स प्रोग्राम्स को बेहतर बना रहा है। इन पार्टनर्स में शामिल हैं:

  • GD Goenka
  • DPS
  • DAV
  • Aravali International

स्कूलों के साथ इस सहयोग के कारण कंपनी को ग्राउंड-लेवल टैलेंट तक सीधी पहुंच मिलती है और बच्चों को नियमित, पेशेवर और व्यवस्थित ट्रेनिंग प्राप्त होती है।


🎯 भारत का बढ़ता स्पोर्ट्स मार्केट — बड़ा अवसर

एक मार्केट रिपोर्ट के अनुसार:

  • 🇮🇳 भारत का स्पोर्ट्स इंडस्ट्री साइज: $52 बिलियन
  • 📈 2030 तक अनुमानित आकार: $130 बिलियन
  • 🏟️ स्पोर्ट्स-टेक मार्केट 2030 तक वैश्विक स्तर पर $61.7 बिलियन

इन तेज़ी से बढ़ते आंकड़ों से साफ है कि भारत में स्पोर्ट्स ट्रेनिंग के लिए अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। TIDA Sports इस बड़े अवसर को कैश करने की दिशा में सही समय पर सही कदम उठा रहा है।


🏏 अब तक की उपलब्धियाँ: 100+ टूर्नामेंट और 150+ अकादमियाँ

TIDA Sports अभी इन राज्यों में सक्रिय है:

  • उत्तराखंड
  • पंजाब
  • हरियाणा

इसके ट्रेनिंग सेंटर्स मौजूद हैं:

  • ऋषिकेश
  • हरिद्वार
  • देहरादून
  • चंडीगढ़ ट्राइसिटी
  • पटियाला
  • जालंधर
  • अमृतसर
  • लुधियाना
  • फ़िरोज़पुर
  • अंबाला

अब तक:

  • 🏅 100 से अधिक टूर्नामेंट आयोजित किए
  • 🧑‍🎓 सैकड़ों युवा खिलाड़ियों को ट्रेन किया
  • 🇮🇳 कई खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया

💬 Inflection Point Ventures क्या कहता है?

IPV की टीम के अनुसार, भारत में युवाओं के लिए स्पोर्ट्स ट्रेनिंग अभी भी फ्रैगमेंटेड है। TIDA Sports का मॉडल:

  • स्केलेबल
  • स्ट्रक्चर्ड
  • और आउटपुट-ड्रिवन

दोनों ही निवेशकों और देश की प्रतिभाओं के लिए बेहद आकर्षक साबित हो सकता है।


🌟 भविष्य की योजना — पूरे भारत में स्पोर्ट्स नेटवर्क बनाना

TIDA Sports का बड़ा विज़न है:

👉 भारत के हर बच्चे तक क्वालिटी स्पोर्ट्स ट्रेनिंग पहुंचाना
👉 स्पोर्ट्स को केवल हॉबी नहीं, बल्कि करियर पाथ बनाना
👉 कोचिंग, ट्रेनिंग और टैलेंट डिस्कवरी का बड़ा राष्ट्रीय नेटवर्क बनाना

कंपनी आने वाले कुछ वर्षों में बड़े भारतीय शहरों में 150 से अधिक अकादमियों को जोड़ने की योजना बना रही है।


🏁 निष्कर्ष

TIDA Sports की ₹3 करोड़ फंडिंग सिर्फ एक निवेश नहीं, बल्कि भारत के युवा खिलाड़‍ियों के भविष्य में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भारत एक स्पोर्ट्स-सुपरपावर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और TIDA Sports जैसे प्लेटफ़ॉर्म इस यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

अगर आप चाहें तो मैं SEO-फ्रेंडली मेटा डिस्क्रिप्शन, सोशल मीडिया कैप्शन, या थंबनेल हेडलाइन भी बना सकती/सकता हूँ।

Read more : Fin ने उठाए $17M

💸 Fin ने उठाए $17M

Fin

न्यूयॉर्क-स्थित पेमेंट्स स्टार्टअप Fin ने अपने Series A फंडिंग राउंड में $17 मिलियन (लगभग ₹145 करोड़) जुटाए हैं। यह राउंड Pantera Capital की अगुवाई में पूरा हुआ, जबकि Sequoia Capital और Samsung Next ने भी इसमें भाग लिया। यह निवेश Fin के लिए एक बड़े विस्तार का संकेत है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक पेमेंट्स मार्केट तेज़ी से डिजिटल-फर्स्ट मॉडल की ओर बढ़ रहा है।


🚀 Fin क्या करता है?

Fin एक ऐसा पेमेंट्स प्लेटफ़ॉर्म है जो व्यवसायों और व्यक्तियों को उच्च-मूल्य वाले, तुरंत होने वाले ग्लोबल ट्रांज़ैक्शन्स की सुविधा देता है।
इसकी खासियत है:

  • Stablecoin-powered payment rail, यानी ट्रांज़ैक्शन ब्लॉकचेन-आधारित स्थिरकॉइन्स की मदद से किये जाते हैं।
  • मिनटों में कई मिलियन डॉलर तक ट्रांसफर करना
  • बैंक खातों में, देशों के बीच, या सीधे Fin यूज़र्स के बीच पेमेंट भेजना
  • 24/7 ग्लोबल सेटलमेंट

Fin के मुताबिक, उनका उद्देश्य है कि बड़े बिजनेस पेमेंट्स—जो आमतौर पर घंटों या दिनों में पूरे होते हैं—कुछ ही सेकंडों में पूरे किए जाएँ।


🏦 क्यों है Stablecoin-based पेमेंट्स मॉडल खास?

Fin जिस तकनीक का उपयोग कर रहा है, वह वैश्विक पेमेंट्स उद्योग में नया ट्रेंड माना जा रहा है। सामान्य बैंकिंग सिस्टम में:

  • अंतरराष्ट्रीय भुगतान धीमे होते हैं
  • कई इंटरमीडिएट बैंक जुड़ते हैं
  • फीस अधिक होती है
  • समय क्षेत्र आधारित देरी आम है

Stablecoins इन समस्याओं को हल करते हैं:

  • तुरंत सेटलमेंट
  • कम फीस
  • 24×7 पेमेंट
  • ब्लॉकचेन-आधारित सुरक्षा
  • ग्लोबल इंटरऑपरेबिलिटी

इस मॉडल के कारण Fin कंपनियों को एक तेज़, भरोसेमंद और कम लागत वाला पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर देने का दावा करता है।


💼 कौन हैं Fin के ग्राहक?

Fin अभी लॉन्च की प्रक्रिया में है, लेकिन कंपनी ने बताया कि शुरुआती ग्राहकों में शामिल होंगे:

  • ग्लोबल एंटरप्राइजेज
  • वित्तीय संस्थान
  • बड़े लेन-देन करने वाली टेक कंपनियाँ
  • क्रिप्टो-नेटिव बिज़नेस

Fin की कोशिश है कि वह खुद को एक ऐसे रेल के रूप में स्थापित करे जिसका उपयोग बड़ी राशि के अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर करने वाले सभी सेक्टर कर सकें—बिना बैंकिंग देरी और बिना भारी शुल्क के।


👥 Fin की स्थापना किसने की?

Fin की स्थापना दो उद्यमियों ने मिलकर की है:

  • Ian Krotinsky
  • Aashiq Dheeraj

इनका मिशन था:
“ऐसा पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना जो दुनिया भर में तुरंत और भरोसेमंद बड़े लेन-देन को संभव बनाए।”

दोनों संस्थापकों का फोकस हमेशा से ग्लोबल फाइनेंस, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और एंटरप्राइज पेमेंट्स के संगम पर रहा है, और Fin इन्हीं विशेषज्ञताओं का परिणाम है।


📈 फंडिंग का उपयोग कहाँ होगा?

कंपनी ने बताया कि जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्य रूप से इन कार्यों में किया जाएगा:

  • टीम विस्तार — इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट और सुरक्षा टीमों की नियुक्तियां
  • प्रोडक्ट डेवलपमेंट — stablecoin-based payments इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना
  • गो-टू-मार्केट (GTM) रणनीति — एंटरप्राइज और वित्तीय संस्थानों तक पहुंच बढ़ाना
  • अंतरराष्ट्रीय पेमेंट्स नेटवर्क का विस्तार

Fin का कहना है कि आने वाले महीनों में वे अपना उत्पाद चुनिंदा वैश्विक उपयोगकर्ताओं के साथ सॉफ्ट लॉन्च करेंगे।


🌍 ग्लोबल पेमेंट्स मार्केट में Fin की स्थिति

दुनिया में हर साल ट्रिलियंस डॉलर के क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स होते हैं।
इस मार्केट में मौजूद समस्याएँ:

  • धीमे ट्रांसफर
  • महंगी फीस
  • मुद्रा परिवर्तन लागत
  • अनुपालन और इंटरमीडिएट फीस
  • तकनीकी खामियाँ

Fin जैसे स्टार्टअप इन समस्याओं को ब्लॉकचेन-आधारित लेयर से हल कर रहे हैं।

Pantera Capital, जो दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल एसेट फंड्स में से एक है, का Fin में नेतृत्व दर्शाता है कि stablecoin-powered पेमेंट्स भविष्य का समाधान बनकर उभर रहे हैं।


🔍 क्यों बढ़ रही है Stablecoin Payments की मांग?

2025 में स्थिरकॉइन बाजार $200 बिलियन से अधिक का हो गया।
इसके पीछे कारण हैं:

  • फिएट-पेग्ड कीमत: क्रिप्टो की तरह उतार-चढ़ाव नहीं
  • आसान ऑन-चेन सेटलमेंट
  • कम ट्रांज़ैक्शन फीस
  • CBDCs के साथ इंटरऑपरेबिलिटी
  • रियल-टाइम ऑडिट ट्रेल

Fin इसी ट्रेंड को कैप्चर कर रहा है और इसे एंटरप्राइज-ग्रेड पेमेंट टूल में बदल रहा है।


🧭 आगे का रास्ता: क्या Fin ग्लोबल पेमेंट्स में बदलाव लाएगा?

Fin अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसके बिजनेस मॉडल के कुछ प्रमुख फायदे हैं:

  • हाई-वैल्यू बिजनेस पेमेंट्स को तुरंत करना
  • बैंकों की धीमी प्रक्रियाओं को बायपास करना
  • stablecoins की मदद से 24/7 फंड सेटलमेंट
  • बड़े एंटरप्राइजेज के लिए भरोसेमंद नेटवर्क

यदि Fin अपनी स्थिरकॉइन-आधारित पेमेंट रेल को सफलतापूर्वक एंटरप्राइज लेवल पर स्केल कर लेता है, तो यह दुनिया के पारंपरिक पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को चुनौती दे सकता है।


📝 निष्कर्ष

Fin की Series A फंडिंग इस बात का संकेत है कि वैश्विक पेमेंट्स का भविष्य तेज़, स्थिरकॉइन-आधारित, और बॉर्डरलेस होने जा रहा है।
Pantera, Sequoia और Samsung Next जैसे दिग्गज निवेशकों का समर्थन बताता है कि Fin सिर्फ एक पेमेंट स्टार्टअप नहीं—बल्कि आने वाले वर्षों में हाई-वैल्यू ग्लोबल ट्रांज़ैक्शन्स का नया इंजन बन सकता है।

Read more : Laigo Bio ने उठाए €11.5 मिलियन

🌱 Laigo Bio ने उठाए €11.5 मिलियन

Laigo Bio

यूरोप की तेजी से उभरती बायोटेक कंपनियों में शामिल Laigo Bio ने अपने अत्याधुनिक SureTAC™ Precision Membrane Protein Degradation Platform के आधार पर €11.5 मिलियन (लगभग ₹103 करोड़) की सीड फंडिंग जुटाई है। यह निवेश कंपनी की कैंसर और ऑटोइम्यून बीमारियों के लिए विकसित की जा रही थेरैपीज़ को क्लिनिकल स्तर तक पहुंचाने में मदद करेगा।


💰 किसने किया निवेश?

इस राउंड में कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने हिस्सा लिया:

  • Kurma Partners – Co-lead investor
  • Curie Capital – Co-lead investor
  • Argobio Studio
  • Angelini Ventures (Angelini Industries का VC आर्म)
  • Eurazeo
  • Oncode Bridge Fund
  • ROM Utrecht Region
  • Cancer Research Horizons (Cancer Research UK का ट्रांसलेशन सब्सिडियरी)

इस फंडिंग के साथ Laigo Bio को यूरोप की अग्रणी बायोटेक संस्थाओं का मजबूत समर्थन मिल रहा है।


🧬 Laigo Bio क्या करती है?

Laigo Bio, नीदरलैंड्स स्थित Utrecht की एक उभरती बायोटेक फर्म है, जो E3 ligase internalization आधारित तकनीक का उपयोग कर नई पीढ़ी की बीमारियों के लिए लक्षित थेरेपी विकसित करती है। इसका फोकस:

  • ऑटोइम्यून डिसऑर्डर
  • इन्फ्लेमेटरी बीमारियाँ
  • कैंसर (ऑन्कोलॉजी)
  • ग्राफ्ट रिजेक्शन

कंपनी ने SureTAC™ प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो विशिष्ट और अत्यंत लक्षित मेम्ब्रेन प्रोटीन डिग्रेडेशन को संभव बनाता है।


🔬 SureTAC™: नई पीढ़ी की Targeted Protein Degradation (TPD) टेक्नोलॉजी

✔ कैसे काम करती है यह तकनीक?

SureTAC™ प्लेटफॉर्म bispecific antibodies का उपयोग करता है, जो:

  • एक तरफ E3 ligase को पहचानते हैं
  • दूसरी तरफ डिज़ीज़-कारण प्रोटीन को लक्षित करते हैं
  • इन दोनों को करीब लाकर ubiquitination को ट्रिगर करते हैं
  • जिसके बाद प्रोटीन lysosomal degradation के जरिए टूट जाता है

इससे:

  • हानिकारक प्रोटीन खत्म होते हैं
  • दवा का प्रभाव अधिक सटीक होता है
  • गलत target hit होने का जोखिम कम होता है

इससे ऑटोइम्यून और कैंसर जैसी जटिल बीमारियों में अधिक प्रभावी थेरेपी बनाई जा सकती है।


🚀 फंडिंग का इस्तेमाल कैसे होगा?

Laigo Bio ने बताया कि नई पूंजी इन प्रमुख योजनाओं में उपयोग की जाएगी:

🔹 1. ऑन्कोलॉजी प्रोग्राम्स को क्लिनिकल डेवलपमेंट तक ले जाना

कंपनी कई कैंसर लक्ष्यों पर SureTAC आधारित थेरैपी विकसित कर रही है, जिन्हें अब प्री-क्लिनिकल से आगे बढ़ाया जाएगा।

🔹 2. ऑटोइम्यून व इम्यूनोलॉजी के 3 प्रोग्राम तेज़ी से आगे बढ़ाना

कंपनी तीन नए कार्यक्रम चला रही है जो फोकस करते हैं:

  • Autoimmune diseases
  • Chronic inflammatory diseases
  • Organ graft rejection

🔹 3. नई दवाओं की खोज और रिसर्च को तेजी देना

SureTAC प्लेटफॉर्म के लिए नए target combinations विकसित किए जाएंगे।


🧪 Laigo Bio की पृष्ठभूमि

Laigo Bio की स्थापना:

  • Oncode Institute
  • Oncode Bridge Fund
  • Argobio Studio

द्वारा की गई थी। Kurma Partners, Angelini Ventures और BPI France जैसे बड़े नाम पहले दिन से इस विज़न का हिस्सा रहे हैं।

यह कंपनी विशेष रूप से membrane-bound target degradation पर काम करती है—जो ऑटोइम्यून बीमारियों की दवा बनाते समय सबसे कठिन चुनौतियों में से एक होता है।


👨‍⚕️ नई लीडरशिप: Dr. Matthew Baker बने CEO

कंपनी ने घोषणा की है कि Dr. Matthew Baker, जो अब तक Acting CEO थे, अब आधिकारिक तौर पर कंपनी के Chief Executive Officer बन गए हैं।
उनका अनुभव Laigo Bio की रणनीतिक दिशा, वैज्ञानिक यात्रा और क्लिनिकल विकास में अहम भूमिका निभाएगा।


🌍 क्यों महत्वपूर्ण है यह फंडिंग?

आज की दुनिया में:

  • ऑटोइम्यून केस तेज़ी से बढ़ रहे हैं
  • कैंसर के नए जटिल प्रकार सामने आ रहे हैं
  • वर्तमान दवाओं का प्रभाव कई बार सीमित होता है

ऐसे में targeted protein degradation (TPD) अगली पीढ़ी की breakthrough तकनीक मानी जा रही है।
SureTAC™ जैसी तकनीकें:

  • ज्यादा सुरक्षित
  • ज्यादा प्रभावी
  • और मरीजों के लिए long-term फायदे वाली

थेरेपी विकसित करने की क्षमता रखती हैं।


📌 निष्कर्ष

Laigo Bio की €11.5 मिलियन की सीड फंडिंग यूरोपीय बायोटेक सेक्टर के लिए बड़ा संकेत है।
इससे:

  • नई दवाओं के प्री-क्लिनिकल से क्लिनिकल स्तर पर जाने की संभावना बढ़ेगी
  • ऑटोइम्यून व कैंसर के इलाज में नई उम्मीदें पैदा होंगी
  • SureTAC™ जैसी तकनीकों को वैश्विक मान्यता मिलेगी

बायोटेक इनोवेशन की यह यात्रा न सिर्फ यूरोप बल्कि पूरी दुनिया के स्वास्थ्य तंत्र में बदलाव ला सकती है।

Read more :Ultraviolette ने Zoho और Lingotto से जुटाए $45M

⚡Ultraviolette ने Zoho और Lingotto से जुटाए $45M

Ultraviolette

भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर लगातार तेजी पकड़ रहा है, और इस रफ्तार को आगे बढ़ाने के लिए बेंगलुरु स्थित EV कंपनी Ultraviolette Automotive ने अपने चल रहे Series E राउंड में $45 मिलियन (करीब ₹375 करोड़) की नई फंडिंग जुटाई है। इस राउंड का नेतृत्व किया है Zoho Corporation और इटली की इंवेस्टमेंट फर्म Lingotto

कंपनी ने इस राउंड के कुल साइज और वैल्यूएशन का खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह साफ है कि Ultraviolette अपने अगले ग्रोथ फेज की तैयारी में पूरी तरह जुटी हुई है।


🏍️ F77 और X47 की प्रोडक्शन होगी तेज

Ultraviolette नए फंड का इस्तेमाल अपनी दो प्रमुख इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों —

  • F77 इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स बाइक, और
  • X47 इलेक्ट्रिक क्रॉसओवर

की प्रोडक्शन को बड़े पैमाने पर बढ़ाने में करेगी।

F77 कंपनी की सबसे लोकप्रिय हाई-परफॉर्मेंस बाइक है जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अच्छी प्रतिक्रिया पा रही है। वहीं X47, जो हाल ही में लॉन्च की गई है, भारत के प्रीमियम EV टू-व्हीलर मार्केट में कंपनी की पकड़ को मजबूत करेगी।

इसके अलावा कंपनी अपने दो नए प्रोडक्ट प्लेटफॉर्म पर भी तेजी से काम कर रही है, जिनके इंटरनल कोडनेम हैं

  • Shockwave, और
  • Tesseract

ये प्लेटफॉर्म अगले कुछ सालों में कंपनी की हाई-परफॉर्मेंस EV लाइनअप को और आगे बढ़ाएंगे।


🌍 भारत से दुनिया तक: 12 देशों में मौजूदगी

Ultraviolette अब केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं है। कंपनी ने पिछले महीने ही यूके (UK) में F77 लॉन्च की है।

इसके साथ ही Ultraviolette की मौजूदगी अब 12 देशों तक पहुंच गई है, जिनमें प्रमुख यूरोपीय मार्केट शामिल हैं।

भारत में प्लान:

  • अभी 30 शहरों में रिटेल नेटवर्क
  • 2026 के मध्य तक 100 शहरों का लक्ष्य

तेजी से बढ़ते EV सेगमेंट को देखते हुए यह विस्तार Ultraviolette को एक प्रमुख ग्लोबल EV ब्रांड बनने में मदद करेगा।


📈 फंडिंग हिस्ट्री और बिज़नेस परफॉर्मेंस

TheKredible के आंकड़ों के अनुसार, Ultraviolette अब तक

👉 $145 मिलियन की कुल फंडिंग

उठा चुकी है।

इसके प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं:

  • TVS Motor Company
  • Mudhal Partners

FY25 के वित्तीय आंकड़े:

  • राजस्व (Revenue): ₹32.3 करोड़ (FY24 के ₹15 करोड़ से दोगुना)
  • नेट लॉस: ₹116 करोड़ (FY24 के ₹61.6 करोड़ से 88% अधिक)
  • वाहन बिक्री: 2025 में कुल 1,168 यूनिट (Vahan डेटा)

कंपनी अभी भी हाई-परफॉर्मेंस R&D और प्रोडक्शन क्षमता पर निवेश कर रही है, जो इसके बढ़ते नुकसान को समझाता है। हालांकि राजस्व में हो रही तेज वृद्धि इस बात का संकेत है कि उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है।


⚔️ प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, लेकिन Ultraviolette के पास बढ़त

भारत का EV टू-व्हीलर बाजार बेहद प्रतिस्पर्धी हो गया है। Ultraviolette की टक्कर इन कंपनियों से है:

  • Tork Motors
  • Revolt Motors
  • Ola Electric (Roadster)

Ultraviolette का फोकस हमेशा से हाई-परफॉर्मेंस, प्रीमियम और इंटरनेशनल-ग्रेड इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों पर रहा है, जो इसे बाजार में अलग पहचान देता है।


🧭 आगे की राह: ग्लोबल EV ब्रांड बनने की तैयारी

नई फंडिंग के साथ Ultraviolette ने अगले चरण का रोडमैप साफ कर दिया है:

  • एडवांस्ड इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल प्लेटफॉर्म
  • अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेज विस्तार
  • भारत में व्यापक रिटेल नेटवर्क
  • हाई-वॉल्यूम प्रोडक्शन क्षमता की ओर बढ़ना

EV इंडस्ट्री के तेजी से बढ़ते रुझान और प्रीमियम इलेक्ट्रिक बाइक्स की बढ़ती मांग को देखते हुए, यह फंडिंग Ultraviolette को एक ग्लोबल परफॉर्मेंस EV ब्रांड बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


🔍 निष्कर्ष

Ultraviolette का ताज़ा $45 मिलियन फंडिंग राउंड यह साबित करता है कि भारत की EV टेक्नोलॉजी पर दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। Zoho और Lingotto जैसे निवेशकों का साथ मिलना भी बताता है कि हाई-परफॉर्मेंस EV मोटरसाइकिलों का भविष्य उज्ज्वल है।

उम्मीद की जा रही है कि F77 और X47 के उत्पादन में तेजी, नए प्लेटफॉर्म और तेजी से फैलते अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के साथ Ultraviolette आने वाले 2–3 वर्षों में भारतीय EV सेक्टर का एक ग्लोबल चैंपियन बन सकता है।

Read more : InMobi के फ़ाउंडर्स ने किया बड़ा कदम

⭐ InMobi के फ़ाउंडर्स ने किया बड़ा कदम

InMobi

भारत की ग्लोबल मोबाइल एडटेक यूनिकॉर्न InMobi एक बार फिर सुर्खियों में है। कंपनी के फ़ाउंडिंग टीम ने जापानी निवेश दिग्गज SoftBank से अपना 25-30% स्टेक वापस खरीद लिया है। यह एक बड़ा स्ट्रैटेजिक मूव माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से SoftBank कंपनी का सबसे बड़ा निवेशक था।

Economic Times की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बायबैक डील कंपनी का वैल्यूएशन करीब $1 बिलियन (Rs 8,300 करोड़+) पर सेट करती है। SoftBank, जिसने InMobi में अब तक लगभग $200–220 मिलियन का निवेश किया था, उसे इस डील के जरिए करीब $250 मिलियन का रिटर्न मिलेगा।


🔹 SoftBank की हिस्सेदारी 35% से घटकर 5-7% हुई

डील से पहले SoftBank के पास कंपनी का लगभग 35% स्टेक था।
लेकिन फ़ाउंडर्स द्वारा शेयर खरीदने के बाद अब यह हिस्सेदारी घटकर केवल 5-7% रह गई है।

इसका मतलब है कि अब कंपनी पर संस्थापकों का कंट्रोल और भी मजबूत हो गया है।


💰 InMobi ने 350 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग भी जुटाई

डील के तुरंत बाद एक और बड़ी खबर सामने आई—InMobi ने $350 मिलियन (Rs 2,900 करोड़+) का नया फंड जुटाया है।

यह फंडिंग तीन प्रमुख ग्लोबल इन्वेस्टर्स से आई है:

  • Varde Partners
  • Elham Credit Partners
  • SeaTown Holdings

💵 फंडिंग के स्ट्रक्चर की दो लेयर्स:

  1. $200 मिलियन ऑपरेटिंग कंपनी लेवल पर
  2. $150 मिलियन होल्डिंग कंपनी लेवल पर

दोनों ही लोन Founder Stakes को कोलेटरल के रूप में रखकर लिए गए हैं।

इससे साफ है कि InMobi के फ़ाउंडर्स कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाने और कंपनी को आक्रामक ग्रोथ पाथ पर ले जाने के लिए स्ट्रॉन्गली कमिटेड हैं।


InMobi: भारत से निकली पहली ग्लोबल एडटेक कंपनी

InMobi की शुरुआत 2007 में Naveen Tewari, Amit Gupta, Abhay Singhal और Mohit Saxena ने की थी। आज यह दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल एड नेटवर्क्स में शामिल है।

कंपनी की तीन प्रमुख यूनिट्स हैं:

  • InMobi Advertising — मोबाइल मार्केटिंग टेक
  • Glance — लॉक स्क्रीन कंटेंट प्लेटफ़ॉर्म
  • Roposo — कंटेंट + इंटरैक्टिव शॉपिंग

Glance पहले ही कई देशों में पॉपुलर हो चुका है, और InMobi अमेरिका सहित 100+ देशों में काम करती है।


🌍 SoftBank का इन्वेस्टमेंट हॉलमार्क रहा है

SoftBank ने अपने Vision Fund के शुरुआती दौर में InMobi में बड़ा दांव लगाया था।

लेकिन पिछले कुछ वर्षों में SoftBank ने अपनी कई होल्डिंग्स में एक्सिट या पार्ट-एक्सिट लिया है, खासकर उन कंपनियों में जो IPO के लिए अभी तैयार नहीं हैं या जिनके वैल्यूएशन में उतार-चढ़ाव रहा है।

InMobi का बड़ा बायबैक इसी पॉलिसी शिफ्ट का हिस्सा माना जा रहा है।


🔎 बायबैक क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत में कम ही यूनिकॉर्न कंपनियां अपने पुराने निवेशकों से स्टेक वापस खरीदती हैं। स्टार्टअप इकोसिस्टम में यह कदम तीन चीजें दर्शाता है:

1️⃣ Founders की कंपनी पर बढ़ती पकड़

अब कंपनी में निर्णय क्षमता और भी मजबूत हो जाती है।

2️⃣ ग्लोबल एडटेक में अपनी प्रेज़ेंस मजबूत करने का संकेत

InMobi अपने प्रोडक्ट Glance को अमेरिका और एशिया में तेजी से स्केल कर रही है।

3️⃣ IPO की तैयारी

InMobi पिछले कई सालों से लिस्टिंग की प्लानिंग कर रही है।
Founders द्वारा अधिक स्टेक हासिल करना लिस्टिंग से पहले का एक स्ट्रक्चरल कदम माना जा रहा है।


📈 350 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग का क्या मतलब?

कंपनी ने जो नया फंड जुटाया है, उससे साफ संकेत मिलता है कि:

  • कंपनी Cash Flow को मजबूत करना चाहती है
  • Glance और InMobi Advertising को नए मार्केट्स में ले जाना है
  • बड़े स्तर पर टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट डेवलपमेंट जारी रहेगा
  • लिस्टिंग के लिए बैलेंस शीट को व्यवस्थित किया जा रहा है

ये लोन Founder Stakes पर आधारित हैं, यानी फाउंडर्स का Confidence हाई है और कंपनी को aggressively बढ़ाने का इरादा भी।


📊 InMobi की मार्केट पोज़िशन

  • भारत की पहली यूनिकॉर्न एडटेक कंपनी
  • 100+ देशों में ऑपरेशन
  • ग्राहक — Amazon, Coca-Cola, Samsung, Walmart, और दुनिया की कई बड़ी Fortune 500 कंपनियां
  • Glance भारत के 200 मिलियन+ स्मार्टफोन्स पर उपलब्ध

🚀 आगे का रास्ता: लिस्टिंग on the horizon?

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह बायबैक और नई फंडिंग दोनों ही InMobi द्वारा आने वाले IPO की ओर बढ़ने का संकेत हो सकते हैं।

  • Founders का stake मजबूत
  • कंपनी Global expansion मोड में
  • New funding से बैलेंस शीट मजबूत
  • ग्लोबल एडटेक मार्केट 2025-2030 में तेजी से बढ़ने वाला है

ऐसे में InMobi लिस्टिंग के लिए एक परफेक्ट समय चुनने की तैयारी में हो सकती है।


📝 निष्कर्ष

InMobi द्वारा SoftBank से स्टेक बायबैक भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक बड़ा मोमेंट है।

यह बताता है कि भारतीय फाउंडर्स अब बड़े निवेशकों के सामने भी मजबूत नेगोशिएशन पोज़िशन में हैं और लंबी अवधि में अपनी कंपनियों के कंट्रोल को मजबूत रखना चाहते हैं।

350 मिलियन डॉलर की फंडिंग के साथ, कंपनी आने वाले सालों में बड़े पैमाने की ग्रोथ और संभवतः अपने IPO की दिशा में कदम बढ़ा सकती है।

Read more :Azul को मिला Thoma Bravo का रणनीतिक निवेश

Azul को मिला Thoma Bravo का रणनीतिक निवेश

Azul

Sunnyvale, California स्थित Azul, जो दुनिया भर में Java आधारित एंटरप्राइज समाधानों के लिए जानी जाती है, को वैश्विक प्राइवेट-इक्विटी फर्म Thoma Bravo से एक रणनीतिक निवेश प्राप्त हुआ है। हालांकि निवेश राशि का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन यह सौदा Azul की भविष्य की वृद्धि, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और ग्लोबल ऑपरेशंस को तेज गति देने वाला साबित होगा।

इस राउंड में Azul के मौजूदा निवेशक Vitruvian Partners और Lead Edge Capital ने भी हिस्सा लिया, जो कंपनी पर उनके निरंतर भरोसे को दर्शाता है।


🟦 Azul क्या करती है?

Azul एक फुल-स्टैक Java प्लेटफ़ॉर्म कंपनी है जो एंटरप्राइज-ग्रेड प्रदर्शन, सुरक्षा और स्केलेबिलिटी प्रदान करती है। आधुनिक क्लाउड वातावरणों के लिए Java को ऑप्टिमाइज़ करना इसका प्रमुख काम है।

कंपनी की सेवाओं का उपयोग:

  • Java डेवलपर्स
  • क्लाउड-नेटिव एप्लिकेशन
  • बड़े एंटरप्राइज सिस्टम्स
  • IoT डिवाइसेज़
    द्वारा किया जाता है।

Azul विशेष रूप से अपने उच्च-प्रदर्शन रनटाइम, कम लागत वाले Java विकल्पों और बेहतर स्केलिंग क्षमता के लिए जानी जाती है।


🌍 Azul का वैश्विक ग्राहक आधार — Fortune 100 का भी भरोसा

Azul के ग्राहक आधार में दुनिया की कुछ सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनियाँ शामिल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • Fortune 100 की 36% कंपनियाँ Azul का इस्तेमाल करती हैं
  • Forbes की “World’s Most Valuable Brands” सूची में शामिल शीर्ष 10 में से 50% ब्रांड Azul के ग्राहक हैं

Azul के प्रमुख ग्राहकों में शामिल हैं:

  • BMW
  • Deutsche Telekom
  • Mastercard
  • LG
  • Salesforce
  • Workday
  • Priceline
  • Mizuho
  • Avaya
  • Software AG

इन ब्रांड्स द्वारा Azul को अपनाया जाना प्लेटफ़ॉर्म की विश्वसनीयता, परफॉर्मेंस और सुरक्षा को मजबूत ढंग से स्थापित करता है।


💼 Thoma Bravo के निवेश का महत्व

Thoma Bravo दुनिया की सबसे बड़ी टेक-फोकस्ड प्राइवेट इक्विटी फर्मों में से एक है, जिसने पहले भी सॉफ्टवेयर कंपनियों में बड़े निवेश किए हैं। Azul में किया गया उनका यह निवेश कई मायनों में महत्वपूर्ण है:

✔ 1. Java इकोसिस्टम में तेज नवाचार

Java आज भी दुनिया की सबसे लोकप्रिय प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में से एक है।
Thoma Bravo का निवेश Azul को Java रनटाइम और क्लाउड-नेेटिव Java में नई तकनीकों को विकसित करने में सहायता देगा।

✔ 2. क्लाउड-फर्स्ट एंटरप्राइजेज के लिए बेहतर प्रदर्शन

क्लाउड माइग्रेशन के दौर में Java एप्लिकेशनों के लिए ऑप्टिमाइज़ेशन बेहद जरूरी हो गया है।
इस निवेश से Azul अपने:

  • Zing Platform
  • Java Runtime Improvements
  • Cloud Cost Optimization Tools
    को और मजबूत करेगा।

✔ 3. ग्लोबल एक्सपेंशन में मदद

Azul पहले से अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई देशों में काम करता है।
अब कंपनी बड़ी तकनीकी टीमों, सेल्स नेटवर्क और एंटरप्राइज पार्टनरशिप को विस्तार दे सकेगी।


🧑‍💼 CEO Scott Sellers ने क्या कहा?

Azul के CEO Scott Sellers ने इस रणनीतिक निवेश की घोषणा करते हुए कहा:
“Thoma Bravo जैसा पार्टनर मिलने से Azul के विज़न, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और एंटरप्राइज-फर्स्ट Java प्लेटफ़ॉर्म को दुनिया भर में और तेजी से बढ़ावा मिलेगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी Java को एंटरप्राइज उपयोग के लिए अधिक सुरक्षित, तेज और लागत-प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार निवेश करती रहेगी।


🚀 Java क्यों अभी भी महत्वपूर्ण है?

Java पिछले 25+ वर्षों से दुनिया में सबसे भरोसेमंद और स्केलेबल प्रोग्रामिंग भाषा बनी हुई है।

आज:

  • बैंकिंग
  • फिनटेक
  • SaaS
  • ई-कॉमर्स
  • टेलीकॉम
  • IoT
  • एंटरप्राइज ऑटोमेशन

जैसे क्षेत्रों में लाखों एप्लिकेशन Java पर चलते हैं।
Azul इस पूरे इकोसिस्टम को अधिक तेज, सुरक्षित और किफायती बनाने की दिशा में काम कर रही है।


📈 Azul का बिज़नेस मॉडल और ग्रोथ प्लान

Azul मुख्य रूप से एंटरप्राइज लाइसेंसिंग, सब्सक्रिप्शन मॉडल और क्लाउड-इंटीग्रेटेड Java प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से राजस्व कमाती है।

निवेश का उपयोग इन क्षेत्रों में किया जाएगा:

  • 🔹 ऑपरेशंस का विस्तार
  • 🔹 नई टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट
  • 🔹 क्लाउड-नेटिव Java में R&D
  • 🔹 इंजीनियरिंग टीमों का विस्तार
  • 🔹 एंटरप्राइज कस्टमर सपोर्ट को मजबूत बनाना

यह निवेश Azul को Oracle Java जैसे बड़े खिलाड़ियों के सामने और मजबूत बना देगा।


📝 निष्कर्ष: Java इकोसिस्टम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच Azul की बड़ी छलांग

Thoma Bravo का रणनीतिक निवेश Azul के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है। Java आज भी एंटरप्राइज सिस्टम्स की रीढ़ है और Azul इस क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन, सुरक्षा और लागत-प्रभावशीलता का पर्याय बन चुका है।

Vitruvian Partners और Lead Edge Capital जैसे मौजूदा निवेशकों का दोबारा निवेश यह दर्शाता है कि Azul के बिज़नेस मॉडल और भविष्य की रणनीति पर उनका भरोसा और मजबूत हुआ है।

जैसे-जैसे कंपनियाँ क्लाउड-आधारित और हाइब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बढ़ रही हैं, Azul का Java-फोकस्ड प्लेटफ़ॉर्म ग्लोबल एंटरप्राइजेज के लिए एक आवश्यक समाधान बनता जा रहा है।

Read more : Peak XV Partners की शानदार निवेश सफलता: 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की पोर्टफोलियो वैल्यू!

🚀 Peak XV Partners की शानदार निवेश सफलता: 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की पोर्टफोलियो वैल्यू!

Peak XV

भारत के टॉप वेंचर कैपिटल फर्मों की बात हो और Peak XV Partners (पहले Sequoia Capital India & SEA) का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। फर्म ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के सबसे सफल और प्रभावशाली निवेशकों में से एक है।

नए आंकड़ों के अनुसार, Peak XV के पास आज 30,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का पोर्टफोलियो है—वह भी तब जब कई हिस्सेदारियां कंपनी ने IPO के दौरान बेचीं या बाद में OFS के जरिए निकासी की।

यह आंकड़े उन रिटर्न मल्टिपल्स पर आधारित हैं जो IPO के समय के प्राइस बैंड के उच्चतम स्तर से लिए गए हैं, जबकि वर्तमान वैल्यू Peak XV की आज की हिस्सेदारी पर आधारित है।


💥 Groww ने दिलाया सबसे बड़ा रिटर्न: 20X से ज्यादा का धमाका

Peak XV की पोर्टफोलियो में सबसे चमकता सितारा है Groww, जिसने लिस्टिंग के समय शानदार 20.1X रिटर्न दिया।

फर्म के पास वर्तमान में Groww में 17.16% हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू आज 16,736 करोड़ रुपये है।

यह VC फर्म के लिए भारत के फिनटेक सेक्टर में सबसे बड़ी जीतों में से एक मानी जा रही है।


⚡ Pine Labs ने दिया 39X का अद्भुत IPO रिटर्न

फिनटेक यूनिकॉर्न Pine Labs ने Peak XV को 39.46X का रिटर्न दिया।

कंपनी में Peak XV की 16.81% हिस्सेदारी आज लगभग 4,826 करोड़ रुपये की है।

यह रिटर्न भारत के फिनटेक IPO इतिहास के सबसे मजबूती वाले रिटर्न में से एक है।


🛍️ Meesho: जल्द होने वाला IPO और 25X का पेपर रिटर्न

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho, जो जल्द ही पब्लिक होने की तैयारी में है, Peak XV के लिए एक और बड़ी जीत बनकर उभरा है।

फर्म को Meesho में लगभग 25.87X का पेपर रिटर्न मिल रहा है।

Peak XV के पास Meesho में 11.3% हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू अभी 5,342 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।


💄 Mamaearth और Wakefit: 10X क्लब के भरोसेमंद खिलाड़ी

  • Mamaearth ने Peak XV को 10X IPO-बैंड रिटर्न दिया और कंपनी में उनकी 14.83% हिस्सेदारी की कीमत आज करीब 1,372 करोड़ रुपये है।
  • Wakefit, जो अभी अनलिस्टेड है, ने भी 10X का पेपर रिटर्न दिया है। Wakefit में Peak XV की 22.47% हिस्सेदारी, आज करीब 1,369 करोड़ रुपये बैठती है।

इन दोनों कंज्यूमर ब्रांड्स की ग्रोथ ने Peak XV के कंज्यूमर फोकस को सही साबित किया है।


✈️ Ixigo, Awfis और Mobikwik: मध्यम-स्तर के लेकिन स्थिर रिटर्न

कुछ कंपनियों ने मध्यम लेकिन स्थिर रिटर्न दिए हैं:

  • Ixigo → 8.22X रिटर्न, वैल्यू: ₹671 करोड़
  • Awfis → 2.84X रिटर्न, वैल्यू: ₹121 करोड़
  • Mobikwik → वैल्यू: ₹179 करोड़ (9.85% हिस्सेदारी)

हालांकि ये रिटर्न Groww, Meesho या Pine Labs जितने बड़े नहीं हैं, लेकिन VC पोर्टफोलियो में स्थिरता देने में इनका भी अहम योगदान है।


🚚 BlackBuck: एकमात्र छूट — 0.88X रिटर्न

Peak XV ने BlackBuck से पूर्ण रूप से जून 2025 में एग्जिट लिया।
यह फर्म के पोर्टफोलियो में एक दुर्लभ निवेश था जिसने अपेक्षित रिटर्न नहीं दिया—सिर्फ 0.88X

हालांकि, यही VC गेम का हिस्सा है—हर निवेश यूनिकॉर्न नहीं बनता।


💰 कुल वैल्यू 30,000 करोड़ के पार — यह कैसे संभव हुआ?

कई हिस्सेदारियां बेचने, IPO में OFS करने और पोस्ट-लिस्टिंग डायल्यूशन के बावजूद Peak XV के पास आज ₹30,000 करोड़ से अधिक की वैल्यू बरकरार है।

यह दिखाता है कि फर्म की इन्वेस्टमेंट फिलॉसफी, टीम की समझ और कैटेगरी-लीडर्स को शुरुआती स्टेज में पहचानने की क्षमता उद्योग में unmatched है।


🧐 क्या आलोचना वाकई सही है? शायद नहीं!

VC फर्मों पर अक्सर आरोप लगता है कि वे:

  • स्टार्टअप्स को अत्यधिक ग्रोथ के लिए धक्का देते हैं
  • फाउंडर्स की हिस्सेदारी घटा देते हैं
  • आक्रामक रणनीतियाँ अपनाते हैं

लेकिन Peak XV के परिणाम देखें तो—
ये आरोप ज्यादातर “बकवास” लगते हैं।

क्योंकि—

  • जिन कंपनियों में Peak XV ने निवेश किया, वही आज अपने-अपने सेक्टर की नेतृत्वकर्ता बनीं।
  • कई बार जब कंपनियाँ मुश्किल में थीं, Peak XV ही वो फर्म थी जिसने उन्हें “एक और मौका” दिया।

🌱 भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम पर बड़ा असर

Peak XV की सफलता ने भारत में कई बड़े फैमिली ऑफिसों और घरेलू निवेशकों को VC फंड्स लॉन्च करने के लिए प्रेरित किया है।

इसका परिणाम है:

  • भारत में गहरा और मजबूत स्टार्टअप कैपिटल मार्केट
  • बेहतर IPO पाइपलाइन
  • वैश्विक निवेशकों का बढ़ता भरोसा

और सबसे महत्वपूर्ण—
India is now officially one of the world’s fastest-growing VC markets.


🧾 निष्कर्ष: Peak XV का फॉर्मूला काम करता है — और कैसे!

Peak XV की पोर्टफोलियो कहानी बताती है कि—

  • सही टीम
  • सही समय
  • सही सपोर्ट
  • और लंबी अवधि की सोच

किसी भी स्टार्टअप को बाजार की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।

हाँ, VC मॉडल की चुनौतियाँ हैं—
लेकिन जब आप Groww, Meesho, Mamaearth, Wakefit जैसे नाम देखते हैं तो स्पष्ट हो जाता है कि Peak XV का ट्रैक रिकॉर्ड भारत के VC इतिहास में सबसे मजबूत है।

अगर IPO बाजार सकारात्मक रहा, तो आने वाले सालों में Peak XV के लिए और भी बड़े रिटर्न दिखना तय है।

Read more : CoreOps.AI ने जुटाए $3.5M

🚀 CoreOps.AI ने जुटाए $3.5M

CoreOps.AI

Enterprise software startup CoreOps.AI ने अपने pre-Series A राउंड में $3.5 मिलियन (लगभग ₹29 करोड़) जुटाए हैं। यह राउंड Siana Capital Management के नेतृत्व में पूरा हुआ, जिसमें Kettlebrough, Aroa Venture Partners और कई एंजेल निवेशकों ने भी हिस्सा लिया।

यह नई फंडिंग कंपनी को एंटरप्राइज-लेवल ऑटोमेशन, डेटा इंटीग्रेशन और लेगेसी सिस्टम मॉडर्नाइजेशन के क्षेत्र में तेज़ी से विस्तार करने में मदद करेगी।


🏢 CoreOps.AI क्या करता है?

2024 में Rajesh Janey, Ankur Sharma, Rajnish Gupta और Rajiv Srivastava द्वारा स्थापित CoreOps.AI एक AI-पावर्ड एंटरप्राइज ऑटोमेशन प्लेटफ़ॉर्म विकसित करता है।

स्टार्टअप का फोकस बड़ी कंपनियों की इन चुनौतियों को आसान बनाने पर हैः

  • लेगेसी सिस्टम अपग्रेड
  • अलग-अलग डेटा स्रोतों को एक जगह लाना
  • रोज़ाना के ऑपरेशंस को ऑटोमेट करना
  • डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को तेज़ और किफायती बनाना

कंपनी कहती है कि उसका प्लेटफ़ॉर्म 20 से अधिक एंटरप्राइज यूज़ केसेज़ को सपोर्ट करता है, जिनमें शामिल हैं:

  • मैन्युफैक्चरिंग
  • फिनटेक और BFSI
  • रिटेल
  • हेल्थकेयर

🔧 पारंपरिक कंसल्टिंग मॉडल का विकल्प

CoreOps.AI खुद को traditional consulting-led digital transformation का platform-first alternative बताता है।

👉 पारंपरिक मॉडल में:

  • प्रोजेक्ट लंबे चलते हैं
  • कंसल्टिंग लागत बहुत ज़्यादा होती है
  • इंटीग्रेशन और डेवलपमेंट में महीनों लग जाते हैं

👉 CoreOps.AI के मॉडल में:

  • AI-driven automation
  • No-code/low-code इंटीग्रेशन
  • तेज़ डिप्लॉयमेंट
  • रियल-टाइम डेटा कंसॉलिडेशन

इससे कंपनियों को कुशलता (efficiency) बढ़ाने, बॉटलनेक्स खत्म करने और ऑपरेशनल कॉस्ट कम करने में मदद मिलती है।


💰 फंडिंग का उपयोग कहां होगा?

कंपनी ने कहा कि नई पूंजी का उपयोग इन प्रमुख क्षेत्रों में किया जाएगा:

1️⃣ इंजीनियरिंग टीम का विस्तार

CoreOps.AI अपनी तकनीकी और AI इंजीनियरिंग टीम को तेज़ी से बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, ताकि अधिक एंटरप्राइज सॉल्यूशंस को स्केल किया जा सके।

2️⃣ प्रोडक्ट डेवलपमेंट में तेजी

कंपनी उन्नत AI सेल्फ-सर्विस टूल्स, डेटा इंटीग्रेशन इंजन और ऑप्स-ऑटोमेशन फीचर्स पर काम कर रही है।

3️⃣ एंटरप्राइज कस्टमर डिप्लॉयमेंट्स को स्केल करना

CoreOps.AI ने पहले ही कई बड़े भारतीय और वैश्विक ग्राहकों के साथ पायलट और डिप्लॉयमेंट शुरू कर दिए हैं।


🌐 क्यों बढ़ रही है एंटरप्राइज AI और ऑटोमेशन की मांग?

भारत समेत दुनिया भर में बड़ी कंपनियाँ इन समस्याओं से जूझ रही हैं:

  • पुरानी तकनीक पर काम करने वाली सिस्टम
  • मैनुअल और धीमी प्रक्रियाएँ
  • डेटा का अलग-अलग जगह बिखराव
  • डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का महंगा और लंबा प्रोसेस

AI-powered platforms जैसे CoreOps.AI इन चुनौतियों को आसान बनाते हैं, जिससे कंपनियाँ:

  • प्रक्रिया तेज़ कर सकती हैं
  • सही बिज़नेस इनसाइट्स पा सकती हैं
  • ऑटोमेशन से लागत कम कर सकती हैं
  • रियल-टाइम डेटा से बेहतर फैसले ले सकती हैं

🧠 CoreOps.AI के प्लेटफ़ॉर्म के मुख्य फीचर्स

स्टार्टअप बताता है कि उसका प्लेटफ़ॉर्म एंटरप्राइजेज को end-to-end support देता है, जिसमें शामिल है:

✔️ AI-driven डेटा इंजीनियरिंग

विभिन्न सिस्टम और ऐप्स से डेटा को एकीकृत कर एक कॉमन लेयर में लाया जाता है।

✔️ ऑटोमेशन-ड्रिवेन ऑपरेशंस

मैनुअल कार्यों को AI और RPA से ऑटोमेट किया जाता है, जिससे गति कई गुना बढ़ती है।

✔️ लिगेसी सिस्टम मॉडर्नाइजेशन

पुराने सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक AI-आधारित मॉड्यूल में बदलना।

✔️ प्लग-एंड-प्ले मॉडल

कस्टमर्स को किसी बड़े कोडिंग ओवरहॉल की ज़रूरत नहीं होती।


💼 मार्केट साइज और अवसर

डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मार्केट भारत में तेजी से बढ़ रहा है।

  • 2025 तक यह मार्केट $85–90 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान
  • AI ऑपरेशंस और डेटा मॉडर्नाइजेशन की मांग में 30–40% वार्षिक वृद्धि
  • BFSI, रिटेल और हेल्थकेयर में AI इंटीग्रेशन सबसे तेज

CoreOps.AI इस तेजी से बढ़ते सेगमेंट में खुद को एक scalable, cost-efficient AI modernization solution के रूप में स्थापित कर रहा है।


🏁 निष्कर्ष: CoreOps.AI की तेज़ रफ्तार शुरू

इस फंडिंग राउंड के बाद CoreOps.AI अब अपनी क्षमता बढ़ाने, प्रोडक्ट को और सशक्त बनाने और बड़े एंटरप्राइज कॉन्ट्रैक्ट्स को स्केल करने में सक्षम होगा।

भारत और वैश्विक स्तर पर AI-led modernization की बढ़ती जरूरत के बीच CoreOps.AI अपने आप को एक मजबूत AI transformation partner के रूप में स्थापित कर रहा है।

यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले महीनों में कंपनी कैसे नए बड़े ग्राहकों को जोड़ती है और भारत के AI-ऑटोमेशन इकोसिस्टम में अपनी जगह मजबूत करती है।

Read more : Orq.ai ने उठाए €5 मिलियन

🇳🇱 Orq.ai ने उठाए €5 मिलियन

Orq.ai

एम्स्टर्डम (नीदरलैंड) स्थित जनरेटिव AI स्टार्टअप Orq.ai ने अपने Seed फंडिंग राउंड में €5 मिलियन (लगभग ₹45 करोड़) जुटाए हैं। यह राउंड seed + speed Ventures और Galion.exe के नेतृत्व में पूरा हुआ, जबकि Curiosity VC, Spacetime, XO Ventures, xdeck ventures, Waves Capital और GoldenEggCheck ने भी इसमें भाग लिया।

इस राउंड के साथ, Orq.ai की कुल फंडिंग अब €7.3 मिलियन तक पहुँच गई है।


🚀 फंडिंग का इस्तेमाल कहाँ होगा?

कंपनी ने कहा कि नई पूंजी का उपयोग तीन प्रमुख क्षेत्रों में किया जाएगा:

✔️ इंजीनियरिंग टीम का विस्तार

AI एजेंट्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रोडक्ट इनोवेशन पर काम करने वाली टीम को मजबूती दी जाएगी।

✔️ एंटरप्राइज सेल्स और कस्टमर सक्सेस टीम को बढ़ाना

कंपनी यूरोप के बड़े बाज़ारों में अपना footprint गहराने और उत्तरी अमेरिका में तेज़ी से विस्तार करने की योजना बना रही है।

✔️ प्रोडक्ट स्केलिंग और मार्केट एंट्री

AI मॉडलिंग, ऑब्ज़र्वेबिलिटी और एडवांस AI एजेंट मैनेजमेंट के लिए और बेहतर solutions तैयार किए जाएंगे।


🤖 Orq.ai क्या काम करता है?

Orq.ai एक एंटरप्राइज-ग्रेड AI कंट्रोल प्लेटफॉर्म बनाता है, जो कंपनियों को:

  • AI एजेंट बनाने,
  • उनका मॉडलिंग करने,
  • डिप्लॉय करने,
  • Evaluate करने,
  • और रियल-टाइम में Monitor/Optimize करने

की सुविधा देता है—वह भी एक ही प्लेटफॉर्म पर।

📌 प्रमुख फीचर्स

🔹 300+ LLM सपोर्ट

कंपनी का प्लेटफॉर्म 300 से ज्यादा बड़े भाषा मॉडल्स (LLMs) को सपोर्ट करता है, जिससे संगठनों को अपनी जरूरत के हिसाब से मॉडल चुनने की स्वतंत्रता मिलती है।

🔹 Flexible Deployment

कंपनियाँ अपनी data privacy और compliance जरूरतों के आधार पर प्लेटफॉर्म को इस्तेमाल कर सकती हैं:

  • Cloud
  • Hybrid
  • On-premise (यानी अपने सर्वर पर)

इससे वे अपनी data sovereignty पॉलिसी को लेकर आश्वस्त रह सकते हैं।

🔹 Safety-first Architecture

Enterprise AI में सबसे ज्यादा चिंता होती है security और compliance की। Orq.ai का पूरा प्लेटफॉर्म:

  • सुरक्षित AI वर्कफ़्लो
  • गलत या पक्षपाती output पर नियंत्रण
  • Collaborations को आसान और सुरक्षित बनाने

पर खास ध्यान देता है।


🧠 क्यों खास है Orq.ai?

आज की कंपनियाँ जनरेटिव AI को बड़े पैमाने पर अपनाना चाहती हैं, लेकिन उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है —

  • मॉडल test & evaluation
  • performance monitoring
  • version control
  • team collaboration
  • सुरक्षा और compliance

Orq.ai इन सभी को एक unified, enterprise-ready सिस्टम में उपलब्ध कराता है।

कंपनी के मुताबिक, उनका प्लेटफॉर्म modern enterprises की तीन बड़ी जरूरतों को पूरा करता है:

  1. Experiment Fast — तेजी से AI एजेंट बनाना और टेस्ट करना
  2. Deploy Safely — सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से AI लागू करना
  3. Scale Confidently — किसी भी आकार की टीम या organization में आसानी से स्केल करना

🌍 यूरोप और अमेरिका में तेजी से बढ़ रहा है AI मार्केट

2025 तक यूरोप और अमेरिका में जनरेटिव AI सॉल्यूशन की मांग तेजी से बढ़ रही है। विशेष रूप से:

  • वित्तीय कंपनियाँ
  • रिटेल कंपनियाँ
  • SaaS बिज़नेस
  • हेल्थटेक और एंटरप्राइज सर्विसेज

अपनी operations को automate और optimize करने के लिए AI agent-based systems अपना रही हैं।

Orq.ai की तकनीक इन्हीं emerging जरूरतों पर ध्यान केंद्रित करती है।


🗣️ Orq.ai की नेतृत्व टीम

कंपनी के CEO के नेतृत्व में, Orq.ai की 25 लोगों की टीम फिलहाल तीन क्षेत्रों में काम कर रही है:

  • AI Research
  • Engineering
  • Enterprise GTM (Go-to-Market) Strategy

नई फंडिंग टीम को दोगुना आकार तक ले जाने में मदद करेगी।


💬 निवेशकों की नजर में क्यों promising है यह स्टार्टअप?

seed + speed Ventures ने कहा कि:

“एंटरप्राइज AI का अगला स्तर AI एजेंट मैनेजमेंट होगा। Orq.ai इस wave को लीड करेगा।”

Galion.exe ने भी बताया:

“Data security, AI observability और scalable deployment आज हर कंपनी की जरूरत हैं—और Orq.ai इन्हीं पर सबसे मजबूत समाधान दे रहा है।”


📈 भविष्य की योजनाएँ

Orq.ai आने वाले महीनों में:

  • नए मॉडल इंटेग्रेशन
  • advanced evaluation toolkit
  • collaborative AI workflows
  • और explainable AI मॉड्यूल

लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है।

कंपनी जल्द ही उत्तरी अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, और यूके में बड़े enterprise clients को target करेगी।


📝 निष्कर्ष

Orq.ai का €5 मिलियन Seed राउंड यह साबित करता है कि एंटरप्राइज-ग्रेड AI एजेंट्स और मॉडल मैनेजमेंट बाजार तेज़ी से बढ़ रहा है। जैसे-जैसे कंपनियाँ जनरेटिव AI को अपनाने लगी हैं, वैसे-वैसे सुरक्षित, scalable, और flexible AI प्लेटफॉर्म की अहमियत बढ़ती जा रही है।

Orq.ai इस emerging space में खुद को एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित कर चुका है—और नई फंडिंग उसे global expansion की दिशा में और आगे ले जाएगी।

Read more : AI Voice Tech Startup Gradium ने जुटाए $70 Million

🌐 AI Voice Tech Startup Gradium ने जुटाए $70 Million

Group of people in industrial setting.

पेरिस स्थित रियल-टाइम AI वॉयस टेक्नोलॉजी डेवलपर Gradium ने अपने सीड फंडिंग राउंड में $70 मिलियन (करीब ₹585 करोड़) जुटाए हैं। यह निवेश FirstMark Capital और Eurazeo के नेतृत्व में हुआ, जिसमें DST Global Partners, Eric Schmidt (पूर्व Google CEO), Xavier Niel, Rodolphe Saadé, Korelya Capital, Amplify Partners और अन्य प्रमुख निवेशकों ने भी भाग लिया।

2025 में स्थापित Gradium को यह शुरुआती फंडिंग यूरोप के AI स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक बड़े संकेत की तरह देखा जा रहा है। यह निवेश न केवल कंपनी के विज़न को रफ्तार देगा, बल्कि AI-powered voice interactions के भविष्य को भी नई दिशा देगा।


🔍 Gradium क्या करता है?

Gradium अत्याधुनिक AI voice models बनाता है, जो:

  • प्राकृतिक और एक्सप्रेसिव आवाज़ में बातचीत करते हैं
  • ultra-low latency (एकदम तेज़) प्रतिक्रिया देते हैं
  • real-time interactions को बेहद स्मूद बनाते हैं
  • किसी भी voice-based task को संभालने में सक्षम हैं

कंपनी ऐसे audio language models तैयार कर रही है जो:

  • ग्राहक सेवा
  • वर्चुअल असिस्टेंस
  • रियल-टाइम ट्रांसलेशन
  • conversational AI
  • creative audio generation

जैसे क्षेत्रों में उपयोग किए जा सकें।


🌍 बहुभाषी सपोर्ट: Global scale पर कदम

Gradium ने शुरुआत से ही बहुभाषी दृष्टिकोण अपनाया है। उनका शुरुआती AI voice platform निम्न भाषाओं का समर्थन करता है:

  • English
  • French
  • German
  • Spanish
  • Portuguese

कंपनी ने बताया कि अतिरिक्त भाषाओं पर भी काम किया जा रहा है — इसमें संभवतः भारतीय भाषाएँ भी शामिल हो सकती हैं, क्योंकि भारत AI voice adoption का तेजी से बढ़ता बाजार है।


🧠 Founders की टीम: AI रिसर्च के दिग्गज

Gradium की स्थापना सितंबर 2025 में चार AI शोधकर्ताओं ने की थी, जिनका बैकग्राउंड दुनिया की शीर्ष AI लैब्स में रहा है:

  • Neil Zeghidour — Ex Meta / Google DeepMind
  • Olivier Teboul — Ex Google Brain
  • Laurent Mazaré — Ex Google DeepMind / Jane Street
  • Alexandre Défossez — Ex Meta

इनके अनुभव से यह साफ है कि Gradium सिर्फ एक और AI स्टार्टअप नहीं है, बल्कि गहरी शोध-आधारित तकनीक को कमर्शियल रूप देने वाली कंपनी है।


🤝 Kyutai के साथ सहयोग: जनरेटिव ऑडियो में अगली छलांग

Gradium की सबसे महत्वपूर्ण ताकतों में से एक है इसका Kyutai के साथ सहयोग। Kyutai यूरोप की सबसे प्रतिष्ठित AI रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन है, जो जनरेटिव ऑडियो और बड़े भाषा मॉडल्स में उन्नत शोध कर रही है।

इस साझेदारी से Gradium को:

  • cutting-edge research तक सीधा एक्सेस
  • नई नवाचारों को जल्दी commercial products में बदले का मौका
  • global scale पर तैनाती में तेजी

मिलती है।

यह Gradium को उन कंपनियों में शामिल कर देता है जो AI voice industry में global dominance की दौड़ में आगे निकल सकती हैं।


📈 Funding का उपयोग कैसे होगा?

कंपनी ने कहा है कि $70M की इस बड़ी राशि का उपयोग तीन प्रमुख क्षेत्रों में किया जाएगा:

1️⃣ उन्नत AI मॉडल डेवलपमेंट

  • ultra-low latency
  • human-like expression
  • accuracy improvement
  • multilingual voice comprehension

2️⃣ Enterprise-grade platform expansion

Gradium अब डेवलपर्स के साथ-साथ बड़े बिज़नेस ग्राहकों को भी टारगेट करेगा।

3️⃣ Scalable Infrastructure

  • high volume voice processing
  • global deployment
  • developer tools और APIs का विस्तार

🛠️ कौन-कौन इसका उपयोग करेगा?

Gradium का लक्ष्य AI voice technology को:

  • customer support कंपनियों
  • call centers
  • sales teams
  • enterprise LLM apps
  • creator tools
  • gaming और virtual world applications

तक पहुंचाना है।

वैश्विक conversational AI बाजार तेजी से बढ़ रहा है, और 2024-2025 में GenAI-powered audio experiences की मांग कई गुना बढ़ी है। ऐसे में Gradium की ultra-low latency voice systems कंपनियों को अपनी digital communication capabilities को पूरी तरह बदलने का मौका देती हैं।


📊 AI Voice Market में Gradium की पोजिशन

AI voice segment में पहले से कई बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं — जैसे OpenAI, ElevenLabs, Microsoft, Google — लेकिन Gradium की विशेषता यह है कि:

  • उसका ध्यान real-time responses पर है
  • latency बेहद कम है
  • models अधिक expressive हैं
  • platform enterprise-scale पर design किया गया है
  • बहुभाषी support मजबूत है

यह Gradium को global AI voice बाजार में एक मजबूत उभरते खिलाड़ी के रूप में स्थापित करता है।


🏁 निष्कर्ष: AI Voice Interaction का भविष्य Gradium के हाथों में?

Gradium ने अपने सीड राउंड में $70 मिलियन जुटाकर यह साबित कर दिया है कि AI voice interaction आने वाले वर्षों में तकनीक की सबसे बड़ी जरूरत बनने वाली है। कंपनी के ultra-low latency audio models, multilingual capabilities और strong research partnership इसे उद्योग के अगले बड़े दावेदारों में शामिल करते हैं।

जैसे-जैसे conversational AI की मांग दुनिया भर में बढ़ रही है, Gradium का vision — natural, expressive, near-instant voice AI — आने वाले समय में businesses, creators और end-users सभी के लिए game-changer साबित हो सकता है।

Read more : Aeris को मिला TA Associates का रणनीतिक निवेश