Cult.fit में नेतृत्व परिवर्तन Naresh Krishnaswamy बने CEO

Cult.fit

फिटनेस टेक कंपनी cult.fit ने वित्त वर्ष 2024 में महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन का अनुभव किया। कंपनी के सह-संस्थापक नरेश कृष्णस्वामी को CEO के पद पर पदोन्नत किया गया, जबकि सह-संस्थापक मुकेश बंसल ने कार्यकारी चेयरमैन का पद संभाला।

इस बदलाव के साथ, Cult.fit ने 30% से अधिक की वृद्धि दर्ज की, लेकिन वित्तीय वर्ष 2024 के दौरान कंपनी के घाटे में कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं हुआ।


राजस्व में 33.6% की वृद्धि

cult.fit की ऑपरेटिंग रेवन्यू (संचालन से होने वाली आय) में 33.6% की वृद्धि दर्ज की गई। वित्तीय वर्ष 2023 में यह आय 694 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 927 करोड़ रुपये हो गई।

कमाई के मुख्य स्रोत:

  1. फिटनेस सब्सक्रिप्शन (Fitness Subscriptions)
    • कंपनी की कुल आय का 72.3% हिस्सा फिटनेस सब्सक्रिप्शन से आया।
    • इसमें Cultpass, Cult.fit सेंटर्स और अन्य प्लेटफॉर्म सेवाएं शामिल हैं।
    • इस श्रेणी से आय में 46.6% की वृद्धि हुई और यह 670 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
  2. स्पोर्ट्सवेयर और फिटनेस इक्विपमेंट (Sportswear and Fitness Equipment)
    • Cultsport के तहत संचालित स्पोर्ट्सवेयर और फिटनेस उपकरण बिक्री ने 257 करोड़ रुपये का योगदान दिया।

नई नेतृत्व टीम का प्रभाव

नरेश कृष्णस्वामी को CEO बनाए जाने के बाद, कंपनी ने नई रणनीतियों पर जोर दिया, जिससे स्केल और रेवन्यू में तेजी से बढ़ोतरी हुई।

नरेश कृष्णस्वामी की भूमिका:

  • कंपनी के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया।
  • फिटनेस से जुड़ी डिजिटल सेवाओं और फिजिकल सेंटर्स के संचालन को मजबूत किया।
  • स्पोर्ट्सवेयर और इक्विपमेंट सेगमेंट में नई योजनाएं पेश कीं।

मुकेश बंसल ने कार्यकारी चेयरमैन के रूप में अपनी भूमिका में रणनीतिक दिशा देने और कंपनी के दीर्घकालिक विजन को मजबूत करने पर ध्यान दिया।


Cult.fit की सेवाएं और व्यवसाय मॉडल

Cult.fit एक व्यापक फिटनेस टेक प्लेटफॉर्म है, जो कई सेवाएं प्रदान करता है:

  1. Cultpass:
    • यह सब्सक्रिप्शन आधारित सेवा है, जिसके तहत ग्राहक कंपनी के फिटनेस सेंटर्स और जिम्स का उपयोग कर सकते हैं।
    • कंपनी ने इस सेवा को और अधिक किफायती व व्यापक बनाने पर जोर दिया।
  2. Cult.fit सेंटर्स:
    • फिजिकल फिटनेस सेंटर्स कंपनी की प्रमुख सेवाओं में शामिल हैं।
    • यहां पर विभिन्न फिटनेस एक्टिविटीज जैसे जिम, योगा, ग्रुप वर्कआउट और ट्रेनिंग क्लासेस की पेशकश की जाती है।
  3. स्पोर्ट्सवेयर और इक्विपमेंट:
    • Cultsport के अंतर्गत स्पोर्ट्सवियर और फिटनेस इक्विपमेंट की बिक्री की जाती है।
    • कंपनी ने इस सेगमेंट को अपने व्यवसाय का दूसरा बड़ा राजस्व स्रोत बनाया है।
  4. डिजिटल प्लेटफॉर्म सेवाएं:
    • फिटनेस ऐप्स और ऑनलाइन ट्रेनिंग मॉड्यूल्स के जरिए होम वर्कआउट और ऑनलाइन फिटनेस क्लासेस की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

घाटे में कोई बदलाव नहीं

भले ही कंपनी ने राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि की, लेकिन वित्तीय वर्ष 2024 में कुल घाटा पिछले वर्ष के समान ही बना रहा।

  • इस स्थिति का मुख्य कारण कंपनी का विस्तार और विकास पर निवेश है।
  • कंपनी ने मार्केटिंग, तकनीकी अपग्रेड और नई सेवाओं के विस्तार पर खर्च बढ़ाया।

विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी के खर्चे और निवेश से भविष्य में स्थायी लाभ की संभावना बढ़ेगी।


फिटनेस बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा

भारत का फिटनेस टेक बाजार तेजी से विकसित हो रहा है, और Cult.fit इस क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में से एक है। हालांकि, इस क्षेत्र में कई नई कंपनियां उभरकर आ रही हैं:

  1. डिजिटल फिटनेस प्लेटफॉर्म्स:
    • HealthifyMe, Fittr, और Peloton जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।
  2. होम फिटनेस का बढ़ता ट्रेंड:
    • कोविड-19 के बाद, लोग होम वर्कआउट को अधिक प्राथमिकता देने लगे हैं।
  3. सप्लाई चेन और लागत:
    • फिटनेस इक्विपमेंट और स्पोर्ट्सवियर की बिक्री में बढ़ोतरी के बावजूद, लागत का दबाव कंपनी के मुनाफे पर असर डालता है।

आगे की रणनीति और भविष्य की योजनाएं

Cult.fit ने अपनी लीडरशिप टीम में बदलाव के साथ नई योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है।

  1. डिजिटल और फिजिकल सेवाओं का विस्तार:
    • कंपनी आने वाले महीनों में नए शहरों और कस्टमर बेस का विस्तार करेगी।
  2. स्पोर्ट्सवेयर सेगमेंट में निवेश:
    • Cultsport ब्रांड के जरिए प्रीमियम स्पोर्ट्सवियर और इक्विपमेंट की बिक्री बढ़ाई जाएगी।
  3. सस्टेनेबल ग्रोथ पर ध्यान:
    • कंपनी का फोकस लॉन्ग-टर्म प्रोफिटेबिलिटी पर रहेगा।
  4. मार्केटिंग और कस्टमर इंगेजमेंट:
    • डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए अधिक ग्राहकों को जोड़ने और ब्रांड वैल्यू बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

निष्कर्ष

Cult.fit ने वित्त वर्ष 2024 में लीडरशिप बदलाव के साथ उल्लेखनीय 33.6% की राजस्व वृद्धि दर्ज की है। नरेश कृष्णस्वामी के नेतृत्व में कंपनी ने विस्तार की ओर कदम बढ़ाए हैं, जबकि मुकेश बंसल रणनीतिक दिशा प्रदान कर रहे हैं।

हालांकि, घाटे में कोई बदलाव न आना एक चुनौती बना हुआ है, लेकिन निवेश और विकास योजनाओं के जरिए Cult.fit आने वाले वर्षों में भारतीय फिटनेस टेक बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने के लिए तैयार है।

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Ullu OTT प्लेटफॉर्म का वित्तीय प्रदर्शन: FY24 में 7% राजस्व वृद्धि, लेकिन मुनाफे में 16% गिरावट

Ullu

मुंबई स्थित ओवर-द-टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म ULLU ने वित्तीय वर्ष 2024 में 7% की मामूली राजस्व वृद्धि दर्ज की है। हालांकि, कंपनी के मुनाफे में इसी अवधि के दौरान 16% से अधिक की गिरावट हुई।

ULLU राजस्व में वृद्धि, लेकिन लाभ में गिरावट

वित्त वर्ष 2024 में ULLU का परिचालन राजस्व 99.7 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष 2023 में 93 करोड़ रुपये था।

  • 99.9% आय Ullu के मुख्य व्यवसाय, यानी कंटेंट की बिक्री से आई।
  • कंटेंट बिक्री से राजस्व वित्त वर्ष 2023 में 92.44 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में 99.5 करोड़ रुपये हो गया, यानी 7.7% की वृद्धि

हालांकि, अन्य उत्पादों की बिक्री से आय में 82.9% की गिरावट दर्ज की गई। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2024 में घटकर 12 लाख रुपये रह गया।
कंपनी ने 50 लाख रुपये का अतिरिक्त राजस्व ब्याज आय से भी अर्जित किया, जिससे कुल राजस्व 100.18 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।


Ullu की व्यावसायिक रणनीति और कंटेंट मॉडल

Ullu एक सब्सक्रिप्शन-आधारित OTT प्लेटफॉर्म है, जो अपने उपयोगकर्ताओं को विभिन्न प्रकार की वीडियो स्ट्रीमिंग सामग्री प्रदान करता है।

  • इसका मुख्य आकर्षण सॉफ्ट पोर्न और बोल्ड कंटेंट है, जिसने इसे छोटे शहरों और कस्बों में लोकप्रिय बनाया है।
  • प्लेटफॉर्म कम कीमत में अनूठा और एंटरटेनिंग कंटेंट प्रदान करता है, जिससे इसे निम्न और मध्यम आय वर्ग के उपयोगकर्ताओं के बीच व्यापक पैठ मिली है।

Ullu की सफलता का एक बड़ा कारण इसका लो-कॉस्ट सब्सक्रिप्शन मॉडल है, जो इसे अन्य प्रीमियम OTT प्लेटफॉर्म्स से अलग करता है।


वित्त वर्ष 2024: चुनौतियां और प्रदर्शन

उत्पाद बिक्री में गिरावट:

  • वित्त वर्ष 2024 में उत्पाद बिक्री से आय में भारी गिरावट आई।
  • यह संकेत देता है कि कंपनी को अपनी गैर-कंटेंट आधारित आय धाराओं को मजबूत करने की आवश्यकता है।

मुनाफे में गिरावट:

कंपनी के मुनाफे में 16% की गिरावट यह दर्शाती है कि राजस्व में वृद्धि के बावजूद, बढ़ती लागत और अन्य चुनौतियों ने लाभप्रदता को प्रभावित किया।

  • ऑपरेटिंग खर्च: कंपनी के ऑपरेटिंग खर्चों में वृद्धि हुई है, जो मुनाफे में गिरावट का प्रमुख कारण हो सकता है।
  • कंटेंट क्रिएशन और मार्केटिंग पर निवेश: Ullu को अपने दर्शकों के लिए प्रासंगिक और आकर्षक कंटेंट बनाने के लिए अधिक खर्च करना पड़ रहा है।

अतिरिक्त आय स्रोत:

ब्याज आय के जरिए 50 लाख रुपये का अतिरिक्त राजस्व यह दर्शाता है कि कंपनी के पास नकदी प्रवाह को मजबूत बनाए रखने के लिए निवेश का विकल्प है।


OTT सेक्टर में Ullu का स्थान

भारतीय OTT उद्योग का विकास:

भारत में OTT प्लेटफॉर्म्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।

  • 2024 में भारतीय OTT बाजार का आकार $3.5 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है।
  • छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की बढ़ती पहुंच और सस्ते डेटा प्लान्स ने इस उद्योग को और बढ़ावा दिया है।

प्रतिस्पर्धा:

Ullu को भारतीय बाजार में Netflix, Amazon Prime Video, और Disney+ Hotstar जैसे बड़े नामों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।
हालांकि, Ullu ने अपनी निश-पोजिशनिंग और बोल्ड कंटेंट के जरिए खुद के लिए एक अलग दर्शक वर्ग तैयार किया है।

लोकप्रियता का कारण:

  • किफायती सब्सक्रिप्शन मॉडल।
  • स्थानीय और क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेंट।
  • बोल्ड और अनूठे विषयों पर आधारित शोज।

Ullu के लिए भविष्य की संभावनाएं और चुनौतियां

विस्तार की संभावनाएं:

  1. कंटेंट विविधता में वृद्धि:
    • केवल बोल्ड और सॉफ्ट पोर्न तक सीमित न रहकर अन्य प्रकार के कंटेंट, जैसे क्राइम थ्रिलर, कॉमेडी, और परिवारिक ड्रामा, पर फोकस।
    • प्रमुख दर्शकों के साथ-साथ व्यापक दर्शक वर्ग को आकर्षित करने की रणनीति।
  2. नई आय धाराएं:
    • विज्ञापन-आधारित राजस्व मॉडल पर काम करना।
    • मर्चेंडाइज और अन्य उत्पादों की बिक्री में सुधार।
  3. ग्लोबल मार्केट में प्रवेश:
    • Ullu अपनी लोकल फ्लेवर वाली स्टोरीटेलिंग के जरिए वैश्विक दर्शकों को भी आकर्षित कर सकता है।

चुनौतियां:

  1. प्रतिस्पर्धा:
    • प्रीमियम कंटेंट प्लेटफॉर्म्स के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा।
    • बड़े प्लेटफॉर्म्स के साथ साझेदारी या उनके साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए खुद को अलग साबित करना।
  2. कंटेंट सेंसरशिप:
    • बोल्ड कंटेंट के चलते Ullu को कानूनी और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
  3. लाभप्रदता बनाए रखना:
    • बढ़ते खर्च और मुनाफे में गिरावट को संतुलित करना।
    • ऑपरेशनल लागत को कम करते हुए गुणवत्ता बनाए रखना।

Ullu का प्रभाव और योगदान

स्थानीय प्रतिभा को बढ़ावा:

Ullu ने भारतीय OTT उद्योग में स्थानीय निर्माताओं, निर्देशकों, और अभिनेताओं को एक मंच दिया है।

  • छोटे बजट की कहानियों और क्षेत्रीय कंटेंट को बढ़ावा।

बोल्ड कंटेंट के लिए स्वीकार्यता:

Ullu ने भारतीय दर्शकों के बीच बोल्ड और अनोखे विषयों को स्वीकार्यता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


निष्कर्ष:

वित्त वर्ष 2024 में Ullu का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि कंपनी ने राजस्व में मामूली वृद्धि तो की है, लेकिन लाभप्रदता बनाए रखना एक चुनौती साबित हो रहा है।

भारतीय OTT बाजार में अपनी जगह को मजबूत रखने के लिए, Ullu को अपनी कंटेंट रणनीति और वित्तीय मॉडल पर फिर से विचार करना होगा।
यदि कंपनी कंटेंट विविधता, नई आय धाराएं, और लागत नियंत्रण पर ध्यान दे, तो Ullu भारतीय OTT उद्योग में लंबे समय तक टिकने और बढ़ने में सक्षम हो सकता है।

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Cashify ने 900 करोड़ रुपये का राजस्व पार किया, घाटा 63% घटाया

Cashify

री-कॉमर्स मार्केटप्लेस Cashify ने वित्त वर्ष 2024 में अपने राजस्व में 14.4% की वृद्धि दर्ज करते हुए 900 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। वहीं, NewQuest Capital द्वारा समर्थित इस कंपनी ने अपने घाटे को 63% तक कम करने में भी सफलता हासिल की।

Cashify के वित्तीय प्रदर्शन की प्रमुख बातें

  • वित्त वर्ष 2024 में Cashify का परिचालन राजस्व बढ़कर 935 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2023 में 817 करोड़ रुपये था।
  • कंपनी ने अपने घाटे को वित्त वर्ष 2023 के मुकाबले 63% घटा लिया।
  • ये आंकड़े Registrar of Companies (RoC) के माध्यम से सामने आए हैं।

Cashify: इस्तेमाल किए गए डिवाइस का मार्केटप्लेस

Cashify एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो उपयोगकर्ताओं को पुराने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, जैसे मोबाइल फोन और लैपटॉप, को खरीदने और बेचने की सुविधा प्रदान करता है। इसके अलावा, कंपनी कई नामी OEMs (Original Equipment Manufacturers) जैसे:

  1. Xiaomi
  2. OnePlus
  3. Samsung

के साथ एक्सचेंज प्रोग्राम्स के लिए साझेदारी करती है।

कंपनी Amazon और Flipkart जैसे प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर रीफर्बिश्ड डिवाइस ट्रेड को भी आसान बनाती है।


री-कॉमर्स मार्केट का बढ़ता दायरा

री-कॉमर्स की परिभाषा:

री-कॉमर्स का अर्थ है पुराने उत्पादों का खरीद-बिक्री और पुन: उपयोग। यह मॉडल उन उत्पादों को फिर से बाजार में लाता है, जो उपयोगकर्ता द्वारा इस्तेमाल किए जा चुके हैं लेकिन अच्छी स्थिति में हैं।

डिमांड में वृद्धि:

भारत में स्मार्टफोन और लैपटॉप जैसे उपकरणों की रीफर्बिश्ड डिवाइस की मांग तेजी से बढ़ रही है।

  • कम कीमत पर स्मार्टफोन की आवश्यकता।
  • पर्यावरणीय दृष्टिकोण से ई-वेस्ट को कम करना।
  • टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली नई पीढ़ी का इस ओर झुकाव।

आंकड़ों पर एक नजर:

  • भारत में पुराने स्मार्टफोन्स का बाजार 2024 में $5 बिलियन के करीब पहुंचने का अनुमान है।
  • रीफर्बिश्ड डिवाइस सेक्टर में 20-25% की सालाना वृद्धि हो रही है।

Cashify के राजस्व में वृद्धि के कारण

  1. साझेदारी का विस्तार:
    • Xiaomi, OnePlus, और Samsung जैसे बड़े ब्रांड्स के साथ साझेदारी।
    • Amazon और Flipkart पर रीफर्बिश्ड डिवाइस की बिक्री को बढ़ावा।
  2. ग्राहक आधार का विस्तार:
    • छोटे शहरों और कस्बों में बढ़ता उपयोग।
    • Cashify ऐप और वेबसाइट पर आसान प्रक्रियाओं ने ग्राहकों को आकर्षित किया।
  3. पर्यावरणीय जागरूकता:
    • ग्राहकों का ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग और रीयूज की ओर बढ़ता रुझान।
    • कंपनियों द्वारा सस्टेनेबिलिटी को प्राथमिकता देना।
  4. टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सॉल्यूशंस:
    • एआई और मशीन लर्निंग का उपयोग, जिससे सही मूल्यांकन और तेज़ प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके।

घाटे में कमी के पीछे की रणनीति

1. कुशल परिचालन:

  • Cashify ने अपनी लॉजिस्टिक्स और प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया।
  • लागत को कम करते हुए उच्च गुणवत्ता सेवा प्रदान की।

2. मार्केटिंग खर्च में कमी:

  • अधिक ऑर्गेनिक ग्रोथ पर फोकस।
  • पुराने ग्राहकों को बनाए रखने की रणनीति।

3. उत्पाद विविधता:

  • केवल स्मार्टफोन तक सीमित न रहते हुए लैपटॉप और अन्य उपकरणों का व्यापार बढ़ाया।

4. स्थायी विकास मॉडल:

  • फिजिकल ऑपरेशन्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बीच सही संतुलन।

Cashify के लिए आगे की राह

फोकस क्षेत्र:

  1. ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाजारों में विस्तार।
  2. नए उत्पाद श्रेणियों को शामिल करना, जैसे:
    • टेबलेट
    • स्मार्टवॉच
    • अन्य गैजेट्स

तकनीकी उन्नति:

  • एआई और मशीन लर्निंग के अधिक उपयोग से प्राइसिंग और कस्टमर एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाना।

सस्टेनेबिलिटी पहल:

  • ई-वेस्ट को कम करने के लिए रीसाइक्लिंग और अपसाइक्लिंग पर अधिक जोर।
  • ग्रीन ऑपरेशन्स को प्राथमिकता देना।

अंतरराष्ट्रीय विस्तार:

  • Cashify भारतीय बाजार में अपनी सफलता के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश कर सकता है।

भारतीय री-कॉमर्स क्षेत्र में Cashify का योगदान

इकोसिस्टम को बढ़ावा:

Cashify ने भारतीय री-कॉमर्स इकोसिस्टम में एक स्ट्रक्चर्ड मॉडल पेश किया है।

  • उपयोगकर्ताओं को पुराने उपकरण बेचने और खरीदने का एक सुरक्षित और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म।
  • OEMs और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ स्ट्रैटेजिक साझेदारी।

नवाचार और रोजगार:

  • टेक-ड्रिवन अप्रोच के माध्यम से इनोवेशन।
  • नई नौकरियां और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में वृद्धि।

निष्कर्ष

Cashify का वित्त वर्ष 2024 का प्रदर्शन री-कॉमर्स सेक्टर में इसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है।

  • राजस्व में वृद्धि और घाटे में कमी यह दर्शाती है कि कंपनी सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
  • भारत में रीफर्बिश्ड डिवाइस ट्रेड के बढ़ते बाजार के साथ, Cashify के पास अपनी सेवाओं को और विस्तार देने का सुनहरा अवसर है।
  • यदि यह कंपनी अपनी ग्राहक-केंद्रित रणनीतियों और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन पर काम जारी रखती है, तो यह न केवल भारतीय बाजार में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी री-कॉमर्स के भविष्य को परिभाषित कर सकती है।

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ZingBus को 59 करोड़ रुपये की फंडिंग: BP Ventures ने किया नेतृत्व

ZingBus

गुरुग्राम स्थित इंटरसिटी मोबिलिटी स्टार्टअप Zingbus ने 59 करोड़ रुपये (लगभग 7 मिलियन डॉलर) की फंडिंग जुटाई है। यह 2024 में कंपनी की पहली बड़ी निवेश डील है, जिसमें BP Technology Ventures ने प्रमुख निवेशक की भूमिका निभाई है।

Zingbus फंडिंग विवरण

Zingbus के बोर्ड ने एक विशेष प्रस्ताव पारित करते हुए 38,455 प्रेफरेंस शेयर जारी करने का निर्णय लिया है। प्रत्येक शेयर की कीमत 15,355 रुपये निर्धारित की गई है, जिससे कुल मिलाकर 59 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई जाएगी। यह जानकारी कंपनी रजिस्ट्रार (RoC) से प्राप्त रेगुलेटरी फाइलिंग्स में दी गई है।

फंडिंग राउंड में प्रमुख योगदानकर्ता:

  1. BP Ventures:
    • 41.8 करोड़ रुपये का निवेश।
    • इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व किया।
  2. IE Ventures (Info Edge-backed):
    • 14 करोड़ रुपये का निवेश।
  3. 9 Unicorns:
    • 1.25 करोड़ रुपये का निवेश।
  4. AdvantEdge VC:
    • 2 करोड़ रुपये का निवेश।

फंडिंग का उद्देश्य

नए फंड्स का उपयोग मुख्य रूप से कंपनी के विस्तार और विकास में किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी अपने अतिरिक्त पूंजीगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी इन फंड्स का इस्तेमाल करेगी।

इक्विटी में हिस्सेदारी और मूल्यांकन

  • इक्विटी में 11.16% का डाइल्यूशन होगा।
  • फंडिंग के बाद:
    • BP Ventures: 7.9% हिस्सेदारी प्राप्त करेगा।
    • IE Ventures: 6.07% हिस्सेदारी पर कब्जा करेगा।
  • फंडिंग के बाद ZingBus का कुल मूल्यांकन:
    • लगभग 530 करोड़ रुपये (63 मिलियन डॉलर)।

यह फंडिंग का हिस्सा एक बड़े राउंड का हो सकता है, जिसकी पहली बार रिपोर्टिंग अप्रैल 2023 में Entrackr द्वारा की गई थी।


ZingBus: परिचय और विस्तार योजनाएं

ZingBus एक इंटरसिटी मोबिलिटी स्टार्टअप है, जो लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सुलभ, सुविधाजनक और किफायती बस सेवाएं प्रदान करता है। कंपनी ने हाल के वर्षों में तेजी से विस्तार किया है और यात्रियों के बीच अपनी पकड़ मजबूत की है।

मुख्य सेवाएं:

  1. डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म:
    यात्रियों के लिए एक सहज और उपयोगकर्ता-अनुकूल ऐप और वेबसाइट।
  2. इंटरसिटी कनेक्टिविटी:
    प्रमुख शहरों के बीच आरामदायक और समयनिष्ठ बस सेवाएं।
  3. किफायती मूल्य:
    बजट-फ्रेंडली विकल्प, जिससे हर वर्ग के यात्री अपनी यात्रा को सुविधाजनक बना सकें।

विस्तार की योजना:

नवीनतम फंडिंग से ZingBus अपनी सेवाओं का विस्तार करने और नई बाजारों में प्रवेश करने की योजना बना रहा है। कंपनी का उद्देश्य टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपनी पहुंच बढ़ाना और वहां की जनता को उच्च गुणवत्ता वाली बस सेवाएं प्रदान करना है।


BP Ventures और Info Edge की भूमिका

BP Ventures:

  • BP Ventures, जो मुख्य रूप से सस्टेनेबल और इनोवेटिव बिज़नेस मॉडल्स में निवेश करता है, ने इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व किया।
  • 7.9% हिस्सेदारी के साथ, BP Ventures ने ZingBus के हरित और तकनीकी विकास में रुचि दिखाई है।

IE Ventures:

  • Info Edge समर्थित IE Ventures ने 14 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
  • यह ZingBus के भविष्य की संभावनाओं और इसके बढ़ते बाजार को लेकर काफी आशान्वित है।

भारतीय मोबिलिटी बाजार में ZingBus का प्रभाव

भारतीय इंटरसिटी ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर:

  • भारत का इंटरसिटी ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है।
  • यात्री अब पारंपरिक बस सेवाओं से हटकर संगठित और डिजिटल समाधान को प्राथमिकता दे रहे हैं।

ZingBus की सफलता के कारण:

  1. डिजिटल तकनीक का उपयोग:
    ZingBus ने अपनी सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत बनाया है, जिससे बुकिंग और ट्रैकिंग आसान हो गई है।
  2. यात्रियों की प्राथमिकता:
    किफायती कीमतों, आरामदायक यात्रा और समयबद्ध सेवाओं ने इसे यात्रियों के लिए पसंदीदा विकल्प बनाया है।
  3. नई पीढ़ी पर फोकस:
    युवा यात्रियों और प्रोफेशनल्स को लक्षित करते हुए ZingBus ने अपने सेवाओं को आधुनिक और सरल बनाया है।

निष्कर्ष: ZingBus का भविष्य

नवीनतम फंडिंग राउंड के साथ, ZingBus ने भारतीय इंटरसिटी मोबिलिटी सेक्टर में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

  • कंपनी के विस्तार और प्रौद्योगिकी उन्नयन के प्रयास इसे बाजार में और प्रतिस्पर्धी बनाएंगे।
  • BP Ventures और IE Ventures जैसे प्रमुख निवेशकों का समर्थन कंपनी के विकास को गति देगा।

ZingBus का लक्ष्य न केवल यात्री परिवहन में क्रांति लाना है, बल्कि इसे पर्यावरण-संवेदनशील और तकनीकी-आधारित परिवहन मॉडल के रूप में स्थापित करना है। यह फंडिंग राउंड कंपनी के लिए एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

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upGrad ने FY24 में 1,876 करोड़ रुपये का revenue दर्ज किया, घाटा 50% कम किया

upGrad

मुंबई स्थित upGrad (upGrad), एक स्किलिंग और लर्निंग प्लेटफॉर्म, ने वित्तीय वर्ष 2024 (FY24) में 1,876 करोड़ रुपये का सकल राजस्व दर्ज किया। इंड-AS अकाउंटिंग मानकों के तहत समायोजनों के बाद, कंपनी की कुल आय 1,547 करोड़ रुपये रही।

upGrad आने वाले वर्षों के लिए अग्रिम राजस्व

upGrad ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 507 करोड़ रुपये का अनरेकोग्नाइज्ड लेकिन कलेक्टेड एडवांस रेवेन्यू अगले वर्षों के लिए अग्रेषित किया गया है।


घाटे में भारी कमी

  • EBITDA घाटा (Excluding one-time costs):
    FY24 में, कंपनी का इंड-AS EBITDA घाटा (एकमुश्त लागतों को छोड़कर) 202 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 558 करोड़ रुपये था।
  • कुल घाटा:
    एकमुश्त लागतों को शामिल करते हुए, EBITDA घाटा साल-दर-साल 50% घटकर 285 करोड़ रुपये रह गया।
    • कंपनी ने FY23 में 1,142 करोड़ रुपये के मुकाबले FY24 में कुल घाटे को 560 करोड़ रुपये तक घटा दिया।

विकास और लागत प्रबंधन का संतुलन

अपग्रेड ने यह दावा किया है कि उसने कर्मचारी लाभ, मार्केटिंग और डिलीवरी पर मामूली लागत वृद्धि के साथ अपने संचालन का विस्तार किया। साथ ही, तकनीकी और उत्पाद विकास पर निवेश भी जारी रखा।

अपग्रेड के सह-संस्थापक मयंक कुमार ने इस प्रदर्शन को लेकर कहा:

“यह हमारे लिए एक मजबूत समेकन (consolidation) का वर्ष रहा है। हमने कोर बिजनेस ऑपरेशंस और संस्थाओं को एकीकृत कर कुशल और स्केलेबल परिणाम प्राप्त किए। हम FY25 पर बहुत ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और मजबूत वृद्धि व लाभप्रदता की उम्मीद कर रहे हैं। हम अच्छी तरह से पूंजीकृत हैं, हमारे पास शून्य शुद्ध ऋण है, और हम मजबूत ROCE (Return on Capital Employed) उत्पन्न करना जारी रखते हैं।”


अपग्रेड की स्थापना और पेशकश

2015 में स्थापित अपग्रेड ऑनलाइन और हाइब्रिड स्किलिंग प्रोग्राम्स, सर्टिफिकेशन, और बूटकैंप्स प्रदान करता है। इसके अलावा, यह शीर्ष विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी में डिप्लोमा, मास्टर और डॉक्टरेट प्रोग्राम्स भी ऑफर करता है।

अपग्रेड की प्रमुख सेवाएं:

  1. स्किलिंग प्रोग्राम्स: प्रोफेशनल्स और छात्रों के लिए स्किल अपग्रेडेशन कोर्स।
  2. सर्टिफिकेशन और बूटकैंप्स: इंडस्ट्री-केंद्रित शॉर्ट-टर्म कोर्स।
  3. डिग्री प्रोग्राम्स: डिप्लोमा से लेकर डॉक्टरेट तक।

FY24 में अपग्रेड का प्रदर्शन

राजस्व और व्यय का प्रभावी प्रबंधन

अपग्रेड ने FY24 में अपने राजस्व में वृद्धि करते हुए घाटे में उल्लेखनीय कमी दर्ज की। यह उपलब्धि कई कारकों के कारण मुमकिन हो सकी:

  • लागत में किफायती वृद्धि: कर्मचारी लाभ, मार्केटिंग और डिलीवरी में अनावश्यक खर्च से बचते हुए लक्षित निवेश।
  • तकनीकी और उत्पाद विकास में निवेश: कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी उन्नयन पर जोर दिया।
  • व्यवसाय संचालन का एकीकरण: कोर ऑपरेशंस को एकीकृत कर संचालन में कुशलता बढ़ाई।

शून्य ऋण और पूंजी की मजबूती

अपग्रेड के पास वर्तमान में शून्य शुद्ध ऋण (Zero Net Debt) है, जो इसे भविष्य की योजनाओं को लागू करने में स्वतंत्रता और स्थिरता प्रदान करता है।


भविष्य की रणनीति: FY25 पर फोकस

अपग्रेड ने FY25 में और मजबूत वृद्धि और लाभप्रदता का लक्ष्य रखा है। कंपनी अपने मौजूदा संसाधनों का कुशल प्रबंधन करते हुए नए बाजारों में विस्तार करने और अधिक छात्रों तक पहुंचने की योजना बना रही है।

प्रमुख फोकस एरिया:

  1. नई तकनीकों का समावेश: एआई और अन्य एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को कोर्सेस में शामिल करना।
  2. वैश्विक विस्तार: अपग्रेड की नजर न केवल भारतीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी है।
  3. व्यावसायिक पाठ्यक्रम: उद्योग की मांग के अनुरूप स्किलिंग और अपस्किलिंग कोर्स तैयार करना।

एडटेक इंडस्ट्री में अपग्रेड की भूमिका

एडटेक का बढ़ता दायरा

  • भारत में एडटेक इंडस्ट्री पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुई है।
  • डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कोविड-19 महामारी के बाद से बढ़ा है।

अपग्रेड का योगदान

अपग्रेड ने भारतीय एडटेक सेक्टर में एक मजबूत स्थान बनाया है। यह न केवल प्रोफेशनल्स को अपस्किलिंग का मौका देता है, बल्कि छात्रों और संगठनों के लिए गुणवत्तापूर्ण और किफायती शिक्षा भी उपलब्ध कराता है।


निष्कर्ष

अपग्रेड का FY24 प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि सही रणनीतियों और कुशल प्रबंधन से एडटेक कंपनियां प्रभावशाली परिणाम प्राप्त कर सकती हैं। राजस्व में वृद्धि और घाटे में कमी ने कंपनी को FY25 के लिए एक मजबूत आधार प्रदान किया है।

अपग्रेड अब शिक्षा और स्किलिंग के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए नए अवसर उत्पन्न करने की दिशा में अग्रसर है। एडटेक इंडस्ट्री के बढ़ते महत्व के साथ, अपग्रेड की ये प्रगति न केवल कंपनी के लिए बल्कि भारतीय शिक्षा प्रणाली के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।

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Equentis Wealth Advisory Services ने लॉन्च किया पहला एंजल फंड, 500 करोड़ रुपये का टारगेट

equentis new fund

Equentis Wealth Advisory Services ने अपना पहला कैटेगरी I अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF)एक्वेंटिस एंजल फंड लॉन्च किया है। इस फंड का उद्देश्य शुरुआती चरण के उच्च-विकास वाले भारतीय स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान करना है। 500 करोड़ रुपये (60 मिलियन डॉलर) का टारगेट कॉर्पस रखते हुए, यह फंड प्री-सीरीज A और ब्रिज-टू-सीरीज A राउंड में निवेश करेगा।


निवेश का दायरा और प्राथमिकता

  • निवेश सीमा: फंड प्रत्येक स्टार्टअप में 4-10 करोड़ रुपये (500K–1.2 मिलियन डॉलर) का निवेश करेगा।
  • प्रमुख फोकस: वे स्टार्टअप्स, जिनका टोटल एड्रेसेबल मार्केट (TAM) 8,000 करोड़ रुपये (1 बिलियन डॉलर) है और जो मजबूत विकास पथ पर हैं, इस फंड की प्राथमिकता में रहेंगे।
  • उद्योग क्षेत्र: रक्षा (डिफेंस), उपभोक्ता तकनीक (कंज्यूमर टेक), डीपटेक, लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी (लॉजिटेक), फिनटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में कार्यरत स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दी जाएगी।

फंड का लक्ष्य और रणनीति

18-24 महीनों में, एक्वेंटिस एंजल फंड का लक्ष्य 40-50 स्टार्टअप्स में निवेश करना है। यह फंड उन स्टार्टअप्स को सहयोग देगा जो ग्रोथ कैपिटल की आवश्यकता में हैं और अपने व्यवसाय को बड़े पैमाने पर विस्तारित करना चाहते हैं।

स्टार्टअप्स की बढ़ती संख्या और अवसर

  • ग्लोबल रैंकिंग: 2024 तक, भारत में 1,28,000 से अधिक स्टार्टअप्स हैं, जो इसे स्टार्टअप्स की संख्या के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बनाते हैं।
  • फंडिंग की स्थिति:
    • 2024 में भारतीय स्टार्टअप्स ने अब तक 10 बिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग जुटाई है।
    • यह अनुमान है कि वर्ष के अंत तक यह आंकड़ा 15 बिलियन डॉलर से अधिक पहुंच सकता है।
  • एंजल फंड्स की भागीदारी: कैटेगरी I AIF और वेंचर कैपिटल फंड्स (VCF) ने अकेले 1 बिलियन डॉलर से अधिक की इन्वेस्टर कमिटमेंट हासिल की है।

स्टार्टअप्स में निवेश का बढ़ता रुझान

भारतीय स्टार्टअप्स का प्रदर्शन

भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा है। विभिन्न क्षेत्रों जैसे डिफेंस, एआई, फिनटेक, और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी में इनोवेटिव आइडियाज पर काम करने वाले स्टार्टअप्स ने न केवल भारतीय बाजार में अपनी जगह बनाई है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान स्थापित की है।

निवेशकों का दृष्टिकोण

निवेशकों के लिए शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स में निवेश करना अधिक आकर्षक हो रहा है। यह न केवल उच्च रिटर्न का वादा करता है, बल्कि इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने का एक प्रमुख माध्यम भी है।


एक्वेंटिस एंजल फंड: बदलाव की ओर एक कदम

उद्योगों को नई दिशा

एक्वेंटिस एंजल फंड भारत के विकासशील उद्योगों को नई दिशा देने का प्रयास कर रहा है। स्टार्टअप्स के लिए सही पूंजी और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए, यह फंड देश के आर्थिक और तकनीकी विकास में योगदान देगा।

उद्यमियों को मिलेगा समर्थन

भारत में उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए यह फंड उद्यमियों को उनके विचारों को हकीकत में बदलने का अवसर प्रदान करेगा।


एंजल फंड्स का महत्व

स्टार्टअप्स की फंडिंग जरूरतें

  • शुरुआती चरण में स्टार्टअप्स को सबसे अधिक पूंजी की जरूरत होती है।
  • एंजल फंड्स उन्हें वह समर्थन प्रदान करते हैं, जिसकी मदद से वे अपने उत्पाद और सेवाओं को बेहतर बना सकते हैं।

रोजगार सृजन में योगदान

स्टार्टअप्स में निवेश का एक प्रमुख परिणाम यह भी है कि यह बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करता है।


फंड लॉन्च का व्यापक प्रभाव

नए स्टार्टअप्स के लिए अवसर

एक्वेंटिस का यह प्रयास नए स्टार्टअप्स के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा।

भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

इस तरह के निवेश भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे, जिससे देश में तकनीकी और व्यावसायिक नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।


निष्कर्ष

एक्वेंटिस एंजल फंड का लॉन्च भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। 500 करोड़ रुपये के टारगेट और विविध क्षेत्रों में निवेश की योजना के साथ, यह फंड न केवल उद्यमियों को सपोर्ट करेगा, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था में नवाचार और विकास को भी गति देगा।

उद्यमियों और निवेशकों के लिए, यह फंड एक ऐसा मंच प्रदान करेगा जहां विचार, पूंजी और संभावनाएं एक साथ आएंगी। 2024 भारतीय स्टार्टअप्स के लिए एक संभावनाओं से भरा साल साबित हो रहा है, और ऐसे में एक्वेंटिस एंजल फंड का आगमन इस क्षेत्र को और मजबूती प्रदान करेगा।

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Zomato को 803 करोड़ GST Notice

Zomato G

फूडटेक प्रमुख Zomato को केंद्रीय जीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क, ठाणे आयुक्तालय, महाराष्ट्र के संयुक्त आयुक्त से 803 करोड़ रुपये (लगभग 100 मिलियन डॉलर) का मांग नोटिस प्राप्त हुआ है।

गुरुवार को कंपनी को राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज से प्राप्त फाइलिंग के अनुसार, 29 अक्टूबर 2019 से 31 मार्च 2022 की अवधि के लिए 803 करोड़ रुपये की मांग आदेश जारी की गई। यह आदेश डिलीवरी शुल्क पर जीएसटी के भुगतान में चूक, ब्याज और दंड के संबंध में प्राप्त हुआ है।

मांग राशि में 401.7 करोड़ रुपये जीएसटी की मांग और 401.7 करोड़ रुपये ब्याज और दंड के रूप में शामिल हैं।

कंपनी ने अपनी फाइलिंग में कहा, “हमें विश्वास है कि हमारे पास तथ्यों के आधार पर एक मजबूत मामला है, जिसे हमारे बाहरी कानूनी और कर सलाहकारों की राय का समर्थन प्राप्त है। कंपनी इस आदेश के खिलाफ उचित प्राधिकारी के समक्ष अपील दायर करेगी।”

12 दिसंबर को Zomato के शेयर 285.6 रुपये पर बंद हुए, और कंपनी का बाजार पूंजीकरण 2,75,614 करोड़ रुपये (लगभग 32.8 बिलियन डॉलर) था। इस जीएसटी मांग नोटिस का कंपनी के शेयरों पर प्रभाव पड़ सकता है।

हाल ही में, कंपनी ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशन्स प्लेसमेंट (क्यूआईपी) के जरिए 1 बिलियन डॉलर से अधिक की राशि जुटाई है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में ज़ोमैटो ने परिचालन राजस्व में 68.5% तिमाही-दर-तिमाही वृद्धि दर्ज की, जो 2,848 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,799 करोड़ रुपये हो गई। सितंबर तिमाही में कंपनी ने शुद्ध लाभ में 4.8 गुना वृद्धि दर्ज करते हुए 176 करोड़ रुपये का लाभ कमाया।

इसके मुख्य प्रतिद्वंद्वी स्विगी ने चालू वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में 3,601 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, लेकिन इसका शुद्ध घाटा 625 करोड़ रुपये था। हाल ही में सूचीबद्ध स्विगी के शेयर 507.6 रुपये पर बंद हुए, और इसका कुल बाजार पूंजीकरण 1,13,623 करोड़ रुपये (लगभग 13.5 बिलियन डॉलर) था।

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Coworking Startup Innov8 ने FY24 में 62 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया

Innov8

Innov8, भारत के अग्रणी कोवर्किंग स्टार्टअप्स में से एक, ने वित्त वर्ष 2024 में 62 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह पिछले वित्तीय वर्ष FY23 में दर्ज किए गए 2.5 करोड़ रुपये के लाभ के मुकाबले एक उल्लेखनीय वृद्धि है। इस सफलता के साथ, Innov8 ने खुद को भारत के नेट-प्रॉफिटेबल फ्लेक्स स्पेस कंपनियों की सूची में शामिल कर लिया है।


Innov8 2015 में शुरुआत और तेजी से बढ़ता विस्तार

Innov8 की स्थापना 2015 में डॉ. रितेश मलिक ने की थी। यह स्टार्टअप 10 बड़े शहरों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है, जिनमें दिल्ली, गुड़गांव, मुंबई, पुणे, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, हैदराबाद, और इंदौर शामिल हैं।

  • वर्तमान में, Innov8 के पास 45 से अधिक सेंटर्स हैं, जहां 17,000 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं।
  • इसकी क्लाइंट लिस्ट में Swiggy, IndusInd Bank, Jio Saavn, PhonePe, और Tata Digital जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं।

2025 तक विस्तार का बड़ा लक्ष्य

Innov8 अपने व्यापार को 2025 तक दोगुना करने की योजना बना रहा है। इसके तहत:

  1. सीट कैपेसिटी:
    • वर्तमान क्षमता को बढ़ाकर 50,000 से अधिक करना, जो मौजूदा क्षमता का तीन गुना है।
  2. नए सेंटर्स का निर्माण:
    • चार मिलियन वर्ग फुट प्रीमियम ग्रेड-ए वर्कस्पेस जोड़ने की योजना है।
    • ये स्पेसेज आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे, जो व्यवसायों की बदलती जरूरतों को पूरा करेंगे।

100 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी

इस आक्रामक विस्तार को समर्थन देने के लिए, Innov8 100 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाने की प्रक्रिया में है।

  • यह धनराशि निम्नलिखित क्षेत्रों में इस्तेमाल की जाएगी:
    • अधिग्रहण
    • तकनीकी उन्नयन
    • नए साझेदारी सौदे
    • निशानाबद्ध बाजार खंडों पर फोकस

ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने की प्रतिबद्धता

Innov8 की यह विस्तार योजना प्रीमियम ग्रेड ए बिल्डिंग्स और अत्याधुनिक सुविधाओं पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य:

  • छोटे और बड़े व्यवसायों के लिए कुशल और आकर्षक वर्कस्पेस प्रदान करना।
  • उभरते बाजारों में अपने कोवर्किंग स्पेस को उपलब्ध कराना।

OYO के साथ Innov8 का सफर

Innov8 को मार्च 2019 में OYO द्वारा अधिग्रहित किया गया था। इसके बाद से यह एक अलग इकाई के रूप में कार्य कर रहा है। OYO का समर्थन Innov8 के विकास और वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देने में सहायक रहा है।


कोवर्किंग इंडस्ट्री में Innov8 की प्रमुखता

Innov8 ने खुद को भारतीय कोवर्किंग इंडस्ट्री में एक अग्रणी खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है।

  • क्वालिटी वर्कस्पेस:
    • प्रीमियम स्थान और सुविधाएं जो कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाती हैं।
  • संपूर्ण अनुभव:
    • आधुनिक डिज़ाइन, तकनीकी उन्नति, और आरामदायक माहौल।
  • पार्टनरशिप और नेटवर्क:
    • बड़े ब्रांड्स और स्टार्टअप्स को आकर्षित करने में सफलता।

कोवर्किंग सेक्टर का भविष्य

भारत में कोवर्किंग स्पेस का बाजार तेजी से बढ़ रहा है।

  • मांग में वृद्धि:
    • स्टार्टअप्स और फ्रीलांसरों के साथ-साथ बड़ी कंपनियां भी फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की तलाश में हैं।
  • डिजिटल और हाइब्रिड वर्क मॉडल:
    • वर्क फ्रॉम होम और ऑफिस मॉडल का संयोजन बढ़ा है।
  • Innov8 की रणनीति:
    • यह ब्रांड अपने मॉडर्न और टेक-ड्रिवन वर्कस्पेस के साथ बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

ग्राहकों को क्या लाभ मिलेगा?

Innov8 के विस्तार और नई योजनाओं से ग्राहकों को कई लाभ मिलेंगे:

  1. आधुनिक वर्कस्पेस
    • नई तकनीक और सुविधाओं से लैस कार्यालय।
  2. विविधता
    • छोटे स्टार्टअप्स से लेकर बड़े ब्रांड्स के लिए उपयुक्त स्थान।
  3. किफायती विकल्प
    • उच्च गुणवत्ता के साथ प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य।

निष्कर्ष

Innov8 का FY24 में 62 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ और 2025 तक विस्तार की योजना इसे कोवर्किंग इंडस्ट्री में एक अग्रणी ब्रांड के रूप में स्थापित करती है।

  • स्टार्टअप की यह सफलता न केवल वित्तीय प्रदर्शन में सुधार को दर्शाती है, बल्कि भारत के कोवर्किंग स्पेस सेक्टर की अपार संभावनाओं को भी उजागर करती है।
  • Innov8 अपने उच्च गुणवत्ता वाले स्पेस और अभिनव दृष्टिकोण के साथ बाजार में नए मानदंड स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।

आने वाले वर्षों में, Innov8 का विस्तार न केवल इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि भारतीय कोवर्किंग मार्केट में क्रांति लाने में भी मदद करेगा।

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Zepto लॉन्च करेगा 10-मिनट फूड डिलीवरी सर्विस के लिए अलग ऐप

Zepto

क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto ने अपनी 10-मिनट फूड डिलीवरी सर्विस, Zepto Café, के लिए एक अलग ऐप लॉन्च करने की घोषणा की है। यह ऐप अगले हफ्ते से उपलब्ध होगा, Zepto के सीईओ आदित पलिचा ने 11 दिसंबर को इस बारे में जानकारी दी।


Zepto Café के लिए नया ऐप

Zepto Café अब अपना खुद का ऐप लेकर आ रहा है, लेकिन ग्राहक मुख्य Zepto ऐप के जरिए भी कॉफी, सैंडविच और अन्य स्नैक्स ऑर्डर कर सकेंगे।

आदित पलिचा ने X (पूर्व में Twitter) पर पोस्ट किया:

“हम अगले हफ्ते Zepto Café के लिए एक अलग ऐप लॉन्च कर रहे हैं! टीम तेज़ी से MVP (मिनिमम वायबल प्रोडक्ट) तैयार कर रही है और इसे लगातार बेहतर बनाने पर काम हो रहा है। हो सकता है कि पहले दिन परफेक्ट न हो, लेकिन तेजी से लॉन्च करना जरूरी है।”


Zepto Café की तेज़ी से हो रही ग्रोथ

Zepto Café ने अपनी शुरुआत 2022 में की थी और यह तेजी से बढ़ रहा है।

  • हर महीने 100 से अधिक कैफे लॉन्च किए जा रहे हैं।
  • वर्तमान में प्लेटफॉर्म पर 30,000 ऑर्डर प्रति दिन दर्ज हो रहे हैं।

Zepto Café की सेवाएँ और रणनीतियाँ

Zepto Café अपने ग्राहकों को ब्रांडेड और नॉन-ब्रांडेड फूड आइटम्स का संयोजन प्रदान करता है।

  • ग्राहक ग्रॉसरी ऑर्डर करते समय बेवरिजेज और स्नैक्स भी जोड़ लेते हैं, जिससे एवरेज ऑर्डर वैल्यू बढ़ रही है।
  • नई रणनीति के तहत, Zepto Café एक अलग ऐप के जरिए ग्राहकों तक और अधिक सुविधाजनक सेवाएँ पहुंचाना चाहता है।

आंकड़े और प्रोजेक्शन

Zepto ने पहले बताया था कि Café:

  • ₹160 करोड़ का एनुअलाइज्ड रेवेन्यू रन रेट रिकॉर्ड कर रहा है।
  • यह रेवेन्यू 2026 तक ₹1,000 करोड़ तक पहुँचने की उम्मीद है।

ग्राहकों के लिए लाभ

Zepto Café का उद्देश्य ग्राहकों को तेज़ और गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ प्रदान करना है।

  • 10-मिनट डिलीवरी मॉडल के तहत, ग्राहक ताजा कॉफी, सैंडविच और स्नैक्स का आनंद ले सकते हैं।
  • Zepto के मुख्य ऐप और अलग Zepto Café ऐप दोनों से ऑर्डर करने की सुविधा ग्राहकों के लिए अतिरिक्त लाभ लेकर आएगी।

Zepto Café का भविष्य

Zepto Café ने शुरुआत से ही क्विक डिलीवरी के क्षेत्र में अपनी जगह बना ली है।

  • 100 से अधिक कैफे हर महीने लॉन्च करके, यह मॉडल बड़ी संख्या में ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है।
  • अलग ऐप लॉन्च करने से कंपनी को:
    • बेहतर यूजर अनुभव प्रदान करने में मदद मिलेगी।
    • फूड डिलीवरी मार्केट में और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।

Zepto की रणनीति और विस्तार

Zepto के CEO आदित पलिचा ने यह स्पष्ट किया है कि कंपनी तेजी से नई सुविधाएँ और उत्पाद लॉन्च करने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • MVP (मिनिमम वायबल प्रोडक्ट) लॉन्च करके:
    • टीम ग्राहकों की फीडबैक को प्राथमिकता देकर ऐप को बेहतर बनाएगी।
    • तेज़ी से बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करेगी।

ग्राहकों को क्या मिलेगा?

Zepto Café ग्राहकों को निम्नलिखित लाभ प्रदान करेगा:

  1. तेज़ सेवा:
    • केवल 10 मिनट में फूड और ड्रिंक्स डिलीवरी।
  2. विविध मेनू:
    • ब्रांडेड और नॉन-ब्रांडेड विकल्पों का मिश्रण।
    • कॉफी, सैंडविच, स्नैक्स और अन्य लोकप्रिय फूड आइटम्स।
  3. फ्लेक्सिबल ऑर्डरिंग:
    • Zepto के मुख्य ऐप और नए Zepto Café ऐप दोनों से ऑर्डर करने की सुविधा।

बिजनेस मॉडल

Zepto Café का बिजनेस मॉडल ग्राहकों की जरूरतों और बाजार की मांगों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है।

  • वर्टिकल इनोवेशन:
    • ग्रॉसरी के साथ स्नैक्स और बेवरेज जोड़कर ऑर्डर वैल्यू को बढ़ाना।
  • तेज़ लॉन्च:
    • MVP लॉन्च करने से कंपनी को तेजी से ग्राहकों का फीडबैक प्राप्त करने और सेवाओं को सुधारने का मौका मिलेगा।

कॉम्पिटिशन में Zepto की बढ़त

भारत में फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेक्टर में पहले से ही कई बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं, जैसे Swiggy, Zomato, और BlinkIt।

  • Zepto Café ने अपने 10-मिनट डिलीवरी मॉडल के जरिए प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल की है।
  • ब्रांडेड और नॉन-ब्रांडेड उत्पादों का संयोजन इसे अनोखा बनाता है।
  • Zepto का तेज़ी से विस्तार और ₹1,000 करोड़ रेवेन्यू लक्ष्य इसे आगे बढ़ा रहा है।

निष्कर्ष

Zepto Café का अलग ऐप लॉन्च करना क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री में एक बड़ा कदम है। ग्राहकों के लिए 10-मिनट फूड डिलीवरी सेवा को और भी आसान और आकर्षक बनाने का यह प्रयास कंपनी की विकास रणनीति को दर्शाता है।

Zepto Café न केवल ग्राहकों की ज़रूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि नए मानक भी स्थापित कर रहा है। ₹1,000 करोड़ के रेवेन्यू लक्ष्य के साथ, यह प्लेटफॉर्म भारत के फूड डिलीवरी सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकता है।

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Power Gummies ने जुटाए ₹10 करोड़,

Power Gummies

Power Gummies (Power Gummies), हेल्थ और वेलनेस को बढ़ावा देने वाले गमीज ब्रांड, ने ₹10 करोड़ का ब्रिज फंडिंग राउंड पूरा कर लिया है। इस राउंड का नेतृत्व जयपुरिया फैमिली ऑफिस और क्वाड्रंट ने किया, जबकि 100यूनिकॉर्न, DSGCP, विप्रो कंज्यूमर, वेंचर कैटलिस्ट्स, एजिलिटी, शार्प वेंचर्स, ध्यानु दास, और NB वेंचर्स ने भी इसमें भाग लिया।


Power Gummies पहले फंडिंग राउंड और नए उद्देश्यों का विस्तार

जनवरी 2022 में, Power Gummies ने अपने सीरीज़ ए फंडिंग राउंड में $6 मिलियन जुटाए थे, जिसका नेतृत्व 9यूनिकॉर्न्स और अन्य निवेशकों ने किया था।

नवीनतम फंडिंग से प्राप्त धनराशि का उपयोग कंपनी अपनी पूरी उत्पाद श्रृंखला को शुगर-फ्री बनाने और नो-एडेड शुगर प्रोडक्ट्स की नई रेंज विकसित करने में करेगी। इसके साथ ही, मौजूदा प्रोडक्ट्स के फॉर्मुलेशन को भी अपग्रेड किया जाएगा।


ब्रांड की स्थापना और उद्देश्य

पावर गमीज की स्थापना 2018 में दिविज बजाज ने की थी। इस ब्रांड का उद्देश्य आज की जीवनशैली की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य और वेलनेस समाधानों की पेशकश करना है।

ब्रांड के प्रमुख विशेषताएँ:

  1. युनिक फॉर्मुलेशन:
    पावर गमीज के उत्पाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों पर आधारित क्लीनिकल ट्रायल्स से प्रमाणित हैं।
  2. मजबूत R&D:
    ब्रांड ने रिसर्च और डेवलपमेंट के ज़रिए नवाचारों को बढ़ावा दिया है।
  3. सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग:
    टिकाऊ उत्पादन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए, ब्रांड ने पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी है।

मूल उत्पाद और सेवाएँ

पावर गमीज का प्राथमिक उत्पाद एक पोर्टेबल और स्वादिष्ट गमी है जो विभिन्न स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।

  • बालों और नाखूनों की देखभाल: गमीज में बायोटिन और अन्य आवश्यक पोषक तत्व शामिल हैं।
  • वजन प्रबंधन: गमीज में प्राकृतिक अवयव जो वजन को संतुलित करने में मदद करते हैं।
  • त्वचा और इम्यूनिटी: विटामिन C और कोलेजन जैसे पोषक तत्व।

नई रेंज और Aesthetic Nutrition का विस्तार

पावर गमीज अब अपने पैरेंट ब्रांड एस्थेटिक न्यूट्रिशन (Aesthetic Nutrition) के तहत एक विस्तृत उत्पाद श्रृंखला शुरू करने की योजना बना रहा है। इस पहल के तहत:

  • स्वास्थ्य और वेलनेस के लिए समग्र उत्पादों की पेशकश की जाएगी।
  • विभिन्न आयु समूहों और जरूरतों को ध्यान में रखकर नई श्रेणियों का विकास किया जाएगा।

Aesthetic Nutrition अब कंपनी का प्राथमिक ब्रांड बनेगा, जो पावर गमीज को नए क्षेत्रों में विस्तार करने में मदद करेगा।


निवेशकों का योगदान और विश्वास

इस फंडिंग राउंड में भाग लेने वाले निवेशकों ने पावर गमीज के नवाचार और विकास क्षमताओं पर विश्वास जताया है।

  1. जयपुरिया फैमिली ऑफिस और क्वाड्रंट ने रणनीतिक निवेश के साथ नेतृत्व किया।
  2. 100यूनिकॉर्न, DSGCP, और विप्रो कंज्यूमर जैसे बड़े नामों ने अपनी उपस्थिति से ब्रांड को मजबूती दी।
  3. अन्य निवेशकों ने स्टार्टअप की दीर्घकालिक योजना और इसके सामाजिक प्रभाव की सराहना की।

स्वास्थ्य और वेलनेस उद्योग में पावर गमीज का स्थान

भारत का स्वास्थ्य और वेलनेस उद्योग तेजी से बढ़ रहा है। पावर गमीज ने अपनी अनूठी पेशकशों और शुगर-फ्री समाधानों के साथ इस बाजार में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।

  • शुगर-फ्री प्रोडक्ट्स की माँग: उपभोक्ताओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ, शुगर-फ्री उत्पादों की माँग में वृद्धि हो रही है।
  • विविध उत्पाद श्रेणियाँ: पावर गमीज के उत्पाद बालों की देखभाल, इम्यूनिटी और वजन प्रबंधन जैसी जरूरतों को पूरा करते हैं।

पावर गमीज का भविष्य और योजनाएँ

इस फंडिंग के साथ, पावर गमीज ने अगले कुछ वर्षों में निम्नलिखित लक्ष्यों को प्राप्त करने का संकल्प लिया है:

  1. पूरी तरह से शुगर-फ्री उत्पाद श्रृंखला विकसित करना।
  2. नो-एडेड शुगर प्रोडक्ट्स की नई रेंज लॉन्च करना।
  3. Aesthetic Nutrition के तहत वेलनेस प्रोडक्ट्स का विस्तार।
  4. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ब्रांड की उपस्थिति को मजबूत करना।

निष्कर्ष

पावर गमीज ने ₹10 करोड़ की फंडिंग जुटाकर अपने विकास को एक नई दिशा दी है। शुगर-फ्री और नो-एडेड शुगर उत्पादों की ओर यह कदम, ब्रांड को स्वास्थ्य और वेलनेस इंडस्ट्री में एक मजबूत स्थिति दिलाएगा।

इसके नवाचार और टिकाऊ दृष्टिकोण ने इसे उपभोक्ताओं और निवेशकों दोनों के लिए एक विश्वसनीय नाम बनाया है। आने वाले वर्षों में, पावर गमीज का लक्ष्य अपने उत्पादों और सेवाओं के माध्यम से वेलनेस सेक्टर में क्रांति लाना है।

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