🐅💰 Tiger Global फिर बदल रही रणनीति

Tiger Global

न्यूयॉर्क स्थित ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म Tiger Global Management एक बार फिर अपनी पुरानी निवेश रणनीति की ओर लौट रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अब एक काफी छोटा वेंचर कैपिटल फंड जुटाने की तैयारी कर रही है, जिसका आकार लगभग $2.2 बिलियन होने की उम्मीद है। यह फंड पहले उठाए गए बड़े-बड़े फंड्स की तुलना में काफी छोटा है और Tiger Global के लिए एक स्ट्रैटेजिक शिफ्ट माना जा रहा है।


📉✨ पहले क्यों थे बड़े फंड्स — और अब क्यों हुआ बदलाव?

पिछले कुछ वर्षों में Tiger Global ने दो बड़े वेंचर फंड्स उठाए थे—

  • पहला: $6.7 बिलियन
  • दूसरा: $12.7 बिलियन

ये फंड्स बाजार में तेज़ी (market boom) के दौरान उठाए गए थे। लेकिन टेक मार्केट की गिरावट, वैल्यूएशन सुधार और निवेशकों की सतर्कता के कारण, अब कंपनी वापस अपने discipline-based investing की ओर लौट रही है।

ब्लूमबर्ग के अनुसार, Tiger Global ने अपने निवेशकों को लिखा कि नया फंड, जिसे इंटरनली PIP 17 कहा जा रहा है, उनकी historical performance की तरह स्माल और मजबूत फंड स्ट्रक्चर पर आधारित होगा।


📝📬 क्या लिखा Tiger Global ने अपने लेटर में?

फर्म के अनुसार:

  • नया फंड सिलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी पर फोकस करेगा
  • निवेश की गति को धीमा किया जाएगा
  • केवल क्वालिटी-ड्रिवन डील्स पर ध्यान दिया जाएगा
  • फर्म का मानना है कि उनकी सबसे मजबूत परफॉर्मेंस छोटे और अनुशासित फंड्स से ही आई है

2025 में अब तक Tiger Global ने सैकड़ों डील्स समीक्षा करने के बाद केवल 9 नए निवेश ही किए हैं — जो उनकी नई सतर्क रणनीति को दिखाता है।


🧑‍💼💼 सबसे बड़ा निवेश किसका? — फाउंडर Chase Coleman फिर आगे

नए फंड में Tiger Global के फाउंडर Chase Coleman और कंपनी के अन्य इनसाइडर्स ही सबसे बड़े निवेशक होंगे। रिपोर्ट के अनुसार, इस फंड की पहली क्लोजिंग 18 मार्च को निर्धारित है।


🇮🇳📍 भारत में Tiger Global की धीमी चाल — केवल 4 निवेश!

स्टार्टअप दुनिया में Tiger Global की एक समय मज़बूत पकड़ मानी जाती थी, खासकर भारत में। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कंपनी बेहद सीमित निवेश कर रही है।

भारत में Tiger Global ने 2025 तक केवल इन 4 कंपनियों में निवेश किया:

  1. Infra.Market
  2. Captain Fresh
  3. Infinite Uptime
  4. EatClub

इन सभी डील्स में Tiger Global पहले से ही निवेशक था — यानी नए स्टार्टअप्स में कोई नई एंट्री नहीं हुई।

2024 में भी कंपनी ने सिर्फ दो निवेश किए:

  • Wiz Freight
  • Jupiter (NBFC arm)
    और ये दोनों भी follow-on निवेश थे।

🦄📈 यूनिकॉर्न बनाने में थी Tiger Global की बादशाहत

भारत में 2021 Tiger Global का ‘गोल्डन ईयर’ माना जाता है।

Fintrackr डेटा के अनुसार, Tiger Global ने उन स्टार्टअप्स में निवेश किया था जिनमें से 50% से ज़्यादा यूनिकॉर्न बने!

2022 में भी उनके पोर्टफोलियो में शामिल कंपनियाँ—

  • DealShare
  • Oxyzo
  • Games24x7
  • Polygon
  • Open
    —यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हुईं।

लेकिन 2023-2025 के बीच निवेश की गति तेज़ी से घटी है।


🔍💡 क्यों बदली Tiger Global ने अपनी रणनीति?

स्टार्टअप निवेश दुनिया की वर्तमान स्थिति से कुछ मुख्य कारण सामने आए हैं:

🔹 1. मार्केट सुधार (Market Correction)

टेक कंपनियों की वैल्यूएशन में बड़े बदलाव दिखे हैं। Tiger Global अब ओवर-वैल्यूड स्टार्टअप्स से बचना चाहता है।

🔹 2. सिलेक्टिव निवेश का दौर

अब फंड्स तेजी से नहीं, बल्कि quality over quantity के साथ निवेश किए जा रहे हैं।

🔹 3. आंतरिक समीक्षा की सख्ती

कंपनी अब हर स्टार्टअप का गहन विश्लेषण कर रही है, इसलिए नए निवेश कम लेकिन मजबूत होंगे।

🔹 4. स्मार्ट फंड साइज

कंपनी ने स्वीकार किया है कि उनके छोटे फंड्स ने ज्यादा अच्छा प्रदर्शन दिया था।
इसलिए वे उसी मॉडल पर वापस लौट रहे हैं।


🧭🚀 आगे क्या?—नए युग की तैयारी

नई रणनीति बताती है कि Tiger Global अब बिना जल्दी किए लंबी अवधि वाले, स्थिर विकास वाले स्टार्टअप्स को चुनने पर ध्यान देगा।

फर्म का लक्ष्य है:

  • बेस्ट क्वालिटी स्टार्टअप्स में हाई-कन्विक्शन निवेश
  • लेस बट बेटर पोर्टफोलियो
  • मजबूत और स्थिर रिटर्न
  • वैश्विक स्तर पर सतर्क और अनुशासित निवेश पॉलिसी

🎯 निष्कर्ष

Tiger Global का नया कदम गति से अधिक गुणवत्ता को प्राथमिकता देने का संकेत देता है।
भारत में उनकी धीमी गतिविधि और छोटे फंड की ओर रुख दर्शाता है कि कंपनी अब स्टार्टअप मार्केट के बदलते परिदृश्य को समझते हुए नए अध्याय की शुरुआत कर रही है।

स्टार्टअप इकोसिस्टम में Tiger Global का प्रभाव अभी भी बड़ा है—लेकिन अब यह प्रभाव अधिक रणनीतिक, मजबूत और दीर्घकालिक होने जा रहा है। 🚀🇮🇳

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🤖 Google AI Futures Fund ने Emergent में किया निवेश

Emergent

AI-संचालित सॉफ्टवेयर क्रिएशन स्टार्टअप Emergent ने Google के AI Futures Fund से एक रणनीतिक निवेश (strategic investment) हासिल किया है। यह निवेश इस बात का संकेत है कि AI-चालित सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का दौर अब और तेज़ होने वाला है।

Google ने मई 2025 में AI Futures Fund लॉन्च किया था, जिसका उद्देश्य शुरुआती चरण के AI स्टार्टअप्स को पूंजी, तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सपर्ट सपोर्ट प्रदान करना है। Emergent इस फंड से निवेश पाने वाली नई कंपनियों में से एक है।


💡 Series A के तुरंत बाद Google का बड़ा कदम

यह निवेश उस समय आया है जब Emergent ने अभी हाल ही में $23 मिलियन की Series A फंडिंग जुटाई थी, जिसका नेतृत्व Lightspeed ने किया था। इसमें Together Fund और अन्य निवेशकों की भी भागीदारी रही।

लगातार हो रहे निवेश इस बात को दर्शाते हैं कि AI-आधारित autonomous software creation का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और Emergent इसमें एक अग्रणी खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है।


🚀 निवेश का उपयोग कहाँ होगा?

Emergent ने एक प्रेस रिलीज़ में बताया कि Google से मिले इस रणनीतिक निवेश का उपयोग मुख्य रूप से तीन बड़े कामों के लिए किया जाएगा:

1️⃣ Hiring में स्पीड

कंपनी global hiring बढ़ाएगी—AI researchers, engineers, product managers और applied scientists की भर्ती की जाएगी।

2️⃣ Product development

Autonomous AI agents की परफॉर्मेंस और स्थिरता (reliability) को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
Product testing, infrastructure scaling, और new AI capabilities पर तेज़ी से काम किया जाएगा।

3️⃣ Global expansion

Emergent ने कहा कि वह North America, Middle East, South-East Asia और Europe में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
AI-based software automation की बढ़ती डिमांड को देखते हुए यह एक जरूरी कदम माना जा रहा है।


🧠 Google की AI tech अब आधारित करेगी Emergent की growth

Google AI Futures Fund सिर्फ पैसा ही नहीं देता—इसके साथ मिलता है Google का मजबूत AI ecosystem।

Emergent इन संसाधनों का उपयोग करेगा:

  • Google AI models
  • TPU-based AI infrastructure
  • Advanced inference systems
  • Model optimization tools

कंपनी के अनुसार, इन तकनीकों की मदद से वह अपने autonomous agents को और स्मार्ट, तेज़ और ज्यादा reliable बना पाएगा, खासकर तब जब प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की संख्या वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ रही है।


👨‍💻 किसके लिए है Emergent का प्लेटफ़ॉर्म?

Emergent का उद्देश्य सरल है—
“कोई भी व्यक्ति बिना कोडिंग जाने production-grade software बना सके.”

प्लेटफ़ॉर्म AI agents की मदद से एक आइडिया को कुछ ही मिनटों में काम करने वाले एप्लिकेशन में बदल देता है। यह उन लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है जो टेक्निकल टीम नहीं बना सकते।

मुख्य यूज़र ग्रुप

  • Freelancers
  • Startups
  • Side-hustle founders
  • Creators
  • Solo entrepreneurs
  • Small businesses

इनमें से कई के पास coding knowledge नहीं होता, लेकिन एक ऐप, वेबसाइट या workflow automation की जरूरत जरूर होती है। Emergent उनकी यही जरूरत पूरी करता है।


⚙️ कैसे काम करता है Emergent?

Emergent autonomous AI agents का उपयोग करता है जो end-to-end software development tasks संभालते हैं।

ये एजेंट कर सकते हैं:

  • UI/UX design
  • Backend logic
  • Database setup
  • Integrations
  • Deployment
  • Testing
  • Debugging

इस तरह यूज़र सिर्फ अपना आइडिया बताते हैं और प्लेटफॉर्म production-ready एप्लिकेशन तैयार कर देता है—बिना किसी developer या tech co-founder के।


🌍 5 महीनों में 2.5 मिलियन यूज़र — धमाकेदार ग्रोथ

Emergent ने दावा किया है कि लॉन्च के सिर्फ पाँच महीनों में वह 2.5 मिलियन यूज़र्स पार कर चुका है।
यह किसी भी AI-led SaaS प्लेटफॉर्म के लिए एक असाधारण उपलब्धि मानी जा रही है।

साथ ही कंपनी का ARR run rate:

  • $25 मिलियन पार कर चुका है

यह दर्शाता है कि न सिर्फ लोग इसका उपयोग कर रहे हैं, बल्कि इसके लिए भुगतान करने को भी तैयार हैं। यह AI automation adoption की दुनिया में एक बड़ा संकेत है।


👥 संस्थापकों का बैकग्राउंड

Emergent की स्थापना 2025 में की गई थी:

  • Mukund Jha – Dunzo के पूर्व co-founder
  • Madhav Jha – Mukund के भाई और अनुभवी टेक्नोलॉजी बिल्डर

Mukund और Madhav दोनों का मानना है कि AI autonomous agents आने वाले समय में software creation का मुख्य आधार बनेंगे, और कोडिंग एक optional skill बन सकती है।


📈 AI software creation का भविष्य

Emergent जिस सेक्टर में काम कर रहा है, वहां AI automation का future बेहद बड़ा है:

  • No-code से आगे बढ़कर “No-engineer software”
  • एजेंट्स के जरिए end-to-end development
  • व्यवसायों के लिए तेज़, किफायती और scalable सॉल्यूशंस
  • global startups और creators की productivity में तेज वृद्धि

Google जैसे tech giant से निवेश मिलना यही साबित करता है कि यह मॉडल केवल ट्रेंड नहीं—बल्कि आने वाले वर्षों में मुख्यधारा बन सकता है।


🔚 निष्कर्ष

Emergent द्वारा Google AI Futures Fund से रणनीतिक निवेश हासिल करना कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन है।

तेज़ी से बढ़ती यूज़र ग्रोथ, वैश्विक विस्तार की योजनाएँ, और बिना डेवलपर्स के सॉफ्टवेयर बनाने की क्षमता—ये सभी Emergent को AI स्टार्टअप दुनिया का rising star बनाते हैं।

AI agents द्वारा software creation अब विज्ञान-कथा नहीं, बल्कि वास्तविकता बन चुका है—और Emergent इस क्रांति का नेतृत्व कर रहा है।

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🏆 Centre Court Capital ने बंद किया अपना पहला फंड

Centre Court Capital

भारत में स्पोर्ट्स, फिटनेस, वेलनेस और डिजिटल गेमिंग का तेजी से बढ़ता इकोसिस्टम अब निवेशकों का पसंदीदा क्षेत्र बनता जा रहा है। इसी लहर के बीच Centre Court Capital ने अपने पहले फंड की फाइनल क्लोजिंग ₹410 करोड़ पर कर ली है। यह राशि उसके शुरुआती लक्ष्य ₹350 करोड़ से काफी अधिक है।

फंड ने अपने पहले क्लोज पर ₹200 करोड़ जुटा लिए थे, जिसके बाद निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी के साथ यह फाइनल क्लोजिंग पूरी हुई।


💼 किसने किया निवेश? बड़े नामों की लंबी लिस्ट

Centre Court Capital के इस फंड को भारत के कई जाने-माने संस्थागत निवेशकों और फैमिली ऑफिसेज का समर्थन मिला है।

🌟 प्रमुख निवेशक

  • Parth Jindal – फंड के एंकर निवेशक
  • SIDBI (Small Industries Development Bank of India)
  • SRI (Self Reliant India Fund)
  • Premji Invest
  • SanRaj Group
  • GMR Sports

🏅 स्पोर्ट्स जगत के सुपरस्टार भी जुड़े

इस फंड में भारत के शीर्ष एथलीटों ने भी निवेश किया है:

  • Neeraj Chopra
  • Rishabh Pant
  • PV Sindhu
  • Jemimah Rodrigues

🚀 स्टार्टअप इकोसिस्टम के दिग्गज

  • Binny Bansal (Flipkart co-founder)
  • Mithun Sacheti (CaratLane)
  • Ankit Nagori

स्पोर्ट्स + स्टार्टअप + निवेशकों का यह अनोखा कॉम्बिनेशन दिखाता है कि भारत में यह सेक्टर कितना तेजी से बढ़ रहा है और किस स्तर पर इसे महत्व दिया जा रहा है।


🎮 स्पोर्ट्स + फिटनेस + वेलनेस + गेमिंग: भारत का नया growth wave

Centre Court Capital का कहना है कि भारत में स्पोर्ट्स, फिटनेस और डिजिटल वेलनेस सेक्टर में एक नई लहर देखनें को मिल रही है।

📱 क्या बदल रहा है?

  • लोग अब डिजिटल फिटनेस और वेलनेस प्लेटफॉर्म्स ज्यादा उपयोग कर रहे हैं।
  • स्पोर्ट्स एनालिटिक्स और एथलीट डेवलपमेंट टेक्नोलॉजी तेजी से बढ़ रही है।
  • इंटरैक्टिव गेमिंग और सोशल गेमिंग नए मार्केट्स बना रहे हैं।

डिजिटल अपनाने की बढ़ती दर, मोबाइल इंटरनेट का विस्तार और कंटेंट व गेमिंग पर ज्यादा समय बिताने की आदत, इन सभी ने इस सेक्टर को “स्केल-रेडी” बना दिया है।


🧩 मल्टी-बिलियन डॉलर का डिजिटल गेमिंग मार्केट

Centre Court Capital के अनुसार, भारत का डिजिटल गेमिंग उद्योग मल्टी-बिलियन डॉलर का अवसर बन चुका है और हर साल इसमें दोगुना-तिगुना इजाफा हो रहा है।

वे दो बड़े अवसर देखते हैं:

1️⃣ Domestic market का तेज़ विस्तार

  • गेमिंग ऐप्स
  • esports
  • interactive gaming
  • social gaming
    इन सभी में भारत में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जा रही है।

2️⃣ Indian founders going global

भारतीय स्टार्टअप अब सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक ऑडियंस के लिए high-quality गेमिंग और वेलनेस उत्पाद बना रहे हैं।

यही वजह है कि भारत global gaming innovation hubs में शामिल होता जा रहा है।


💰 15–18 स्टार्टअप में निवेश की योजना

Centre Court Capital का कहना है कि इस फंड का इस्तेमाल आने वाले दो वर्षों में 15 से 18 उच्च-गुणवत्ता वाले स्टार्टअप्स में निवेश के लिए किया जाएगा।

निवेश का यूनिट साइज़:

  • ₹8 करोड़ से ₹24 करोड़ प्रति स्टार्टअप
  • फॉलो-ऑन राउंड्स के लिए भी बड़ी राशि अलग रखी गई है
  • फंड ज़्यादातर निवेशों को lead या co-lead करना चाहता है

इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में स्पोर्ट्स, फिटनेस, गेमिंग और वेलनेस सेक्टर में कई नई कंपनियों को पूंजी मिलने वाली है।


🏃‍♂️ अब तक 6 कंपनियों में निवेश

Centre Court Capital ने बताया है कि वह अब तक छह कंपनियों में निवेश कर चुका है।

ये कंपनियाँ दो तरह की हैं:

  • India-focused startups
  • Global opportunity focused startups

इन स्टार्टअप्स में स्पोर्ट्स एनालिटिक्स से लेकर गेमिंग टेक और फिटनेस/वेलनेस टेक तक शामिल हैं। फंड अगले दो वर्षों में अपने पोर्टफोलियो को और मजबूत करने की योजना कर रहा है।


📈 भारत में स्पोर्ट्स और गेमिंग क्यों इतना बड़ा बाजार बन रहा है?

इसके पीछे कई वजहें हैं:

🏏 स्पोर्ट्स का बढ़ता बिजनेस

IPL, Pro Kabaddi, ISL जैसे लीग्स से भारी व्यावसायिक वृद्धि।

📲 मोबाइल गेमिंग का बूम

भारत दुनिया का सबसे बड़ा mobile gaming market बन रहा है।

💪 फिटनेस और वेलनेस की digital shift

योगा, meditation, fitness tracking—सब कुछ ऐप्स पर आ चुका है।

🎯 Youth-driven demand

Gen Z और Millennials इन सेक्टर्स के सबसे बड़े ग्राहक हैं।

इन्हीं ट्रेंड्स को देखते हुए निवेशक भविष्य में बड़े returns की संभावना देख रहे हैं।


🔚 निष्कर्ष

Centre Court Capital द्वारा ₹410 करोड़ पर फंड की क्लोजिंग भारत के स्पोर्ट्स, फिटनेस, वेलनेस और गेमिंग इकोसिस्टम में एक बड़ा मील का पत्थर है।

स्टार्टअप्स के लिए यह संकेत है कि इन सेक्टरों में investment का flow आने वाले वर्षों में और तेज होगा।

भारत का digital adoption, gaming का boom, wellness की बढ़ती जागरूकता और स्पोर्ट्स की व्यावसायिक सफलता—ये चारों मिलकर भारत को इस क्षेत्र में global powerhouse बनाने की ओर बढ़ा रहे हैं।

Centre Court Capital की यह सफलता इस बदलाव का एक मजबूत प्रमाण है।

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🌍 Airwallex ने Series G में जुटाए $330M

Airwallex

Airwallex, जो San Francisco और Singapore से संचालित एक ग्लोबल फाइनेंशियल प्लेटफ़ॉर्म है, ने अपने Series G फंडिंग राउंड में $330 मिलियन (लगभग ₹2,750 करोड़) जुटाए हैं। इस राउंड के साथ कंपनी का वैल्यूएशन बढ़कर $8 बिलियन हो गया है — जो फिनटेक इंडस्ट्री में वर्तमान समय के सबसे बड़े वैल्यूएशन में से एक है।

यह निवेश कंपनी के तेज़ी से बढ़ते अंतरराष्ट्रीय footprint, AI-driven finance automation, और modern business financial infrastructure की बढ़ती डिमांड को दर्शाता है।


💰 किसने किया निवेश?

Series G फंडिंग राउंड का नेतृत्व Addition ने किया। इसके अलावा कई ग्लोबल इन्वेस्टर्स ने इसमें भाग लिया:

  • T. Rowe Price
  • Activant Capital
  • Lingotto
  • Robinhood Ventures
  • TIAA Ventures

ये निवेशक दुनिया भर में high-growth fintech कंपनियों पर भरोसा रखने के लिए जाने जाते हैं, जिससे Airwallex के बिज़नेस मॉडल और growth strategy को मजबूत समर्थन मिलता है।


🚀 फंड का उपयोग कहाँ होगा?

कंपनी ने कहा है कि यह फंड मुख्य रूप से तीन बड़े क्षेत्रों में खर्च किया जाएगा:

1️⃣ Operations Expansion

Airwallex North America, Europe, Middle East और Asia-Pacific में अपने operations को और मजबूत करने की योजना बना रहा है। इसमें नए markets में regulatory approvals, banking partners और engineering hubs शामिल हैं।

2️⃣ Product Development

कंपनी अपने AI agents और global payments infrastructure को और advanced बनाने में निवेश करेगी।
इसमें शामिल है:

  • नए AI-based automation tools
  • treasury management solutions
  • multi-currency transaction capabilities
  • cross-border B2B payment systems

3️⃣ Fully Autonomous Finance Department की ओर कदम

Airwallex का vision है कि कंपनियाँ आने वाले समय में अपने finance operations को पूरी तरह automated कर सकें — बिना human intervention के।


🤖 AI Agents—Airwallex का नया Growth Engine

CEO Jack Zhang के नेतृत्व में Airwallex एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म बना रहा है जो modern businesses को AI agents के माध्यम से real-time financial workflows automate करने की सुविधा देता है।

ये AI agents क्या कर सकते हैं?

  • Payments process
  • Treasury operations
  • Expense allocation
  • Multi-step finance approvals
  • Accounting workflows
  • Spend tracking

ये agents context-aware होते हैं, यानी payments से लेकर treasury और spend तक के data को analyze करके decisions लेते हैं। इसका उद्देश्य है — एक fully autonomous finance department बनाना।

यानी कंपनियाँ routine से लेकर complex finance tasks, दोनों को AI के हवाले कर सकती हैं। यह मॉडल खासकर तेज़ी से बढ़ रही startups, cross-border businesses और global ecommerce brands के लिए काफी फायदेमंद है।


🏦 80 लाइसेंस, 4 महाद्वीपों में उपस्थिति

2015 में Melbourne में स्थापित Airwallex आज North America, Europe, Middle East और Asia-Pacific में 80 से अधिक regulatory licenses रखता है।

इससे मिलता है:

  • Global compliance
  • Faster cross-border transactions
  • Seamless foreign currency payments
  • Lower transaction cost
  • Multi-country treasury access

इतने व्यापक regulatory approvals के साथ Airwallex दुनिया की सबसे बड़ी financial infrastructures में से एक बन गया है।


📈 Global Financial Infrastructure—Airwallex क्यों है इतना खास?

Airwallex सिर्फ payments कंपनी नहीं है। यह end-to-end global financial platform है जो modern business की हर जरूरत को पूरा करता है:

✔ Multi-currency business accounts

कंपनी 60+ currencies में payments भेजने और प्राप्त करने की सुविधा देती है।

✔ Cross-border card issuing

Embedded finance मॉडल पर global business cards जारी करने की सुविधा।

✔ Treasury & liquidity management

AI-driven cash flow, hedging और FX operations।

✔ Global payouts

दुनिया के 150+ देशों में near-instant payouts।

✔ Embedded finance APIs

Developers को plug-and-play global finance infrastructure।

इन सबका combination Airwallex को global B2B fintech space में unmatched बनाता है।


🧭 CEO Jack Zhang की Vision

Jack Zhang का कहना है:

“हमारा लक्ष्य है दुनिया का सबसे advanced, AI-powered global financial platform बनाना। हम चाहते हैं कि हर business—small स्टार्टअप से लेकर बड़ी multinational तक—अपने finance operations को seamlessly automate कर सके।”

उनका मानना है कि जैसा cloud computing ने IT operations बदल दिए, वैसे ही AI finance automation अगली बड़ी क्रांति होगी।


🌐 क्या बदलने वाला है?

Series G फंडिंग के साथ Airwallex इन दिशाओं में तेज़ी से आगे बढ़ेगा:

🔹 AI-powered Autonomous Finance

Finance teams की dependency human input पर कम होगी।
AI सारे workflows संभालेगा।

🔹 Faster Global Expansion

विशेषकर अमेरिका और यूरोपीय बाजारों में।

🔹 Better Cross-border Infrastructure

Business को lower fees, faster settlement और seamless compliance मिलेगी।

🔹 More Partnerships

Banks, fintechs और enterprise tech कंपनियों के साथ strategic partnerships।


🏁 निष्कर्ष

$330 मिलियन की Series G फंडिंग और $8 बिलियन वैल्यूएशन के साथ Airwallex एक बार फिर साबित करता है कि global fintech का भविष्य AI-powered automation की ओर बढ़ रहा है।
80+ लाइसेंस और दर्जनों देशों में संचालन के साथ Airwallex आने वाले वर्षों में modern business finance का operating system बनने की दिशा में अग्रसर है।

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🇰🇷🔥 Koriken ने जुटाए ₹4 करोड़

Koriken

Korean quick-service restaurant (QSR) स्टार्टअप Koriken ने अपनी seed funding round में ₹4 करोड़ जुटा लिए हैं। इस राउंड का नेतृत्व किया है Rukam Capital ने—जो शुरुआती-stage consumer brands को सपोर्ट करने के लिए जाना जाता है।

ये नई फंडिंग Koriken के growth को अगले लेवल पर ले जाएगी, खासकर तब जब भारत में Korean flavours की मांग लगातार बढ़ रही है। स्टार्टअप का कहना है कि वह इस राशि का उपयोग authentic Korean flavours को भारतीय उपभोक्ताओं तक तेजी से पहुंचाने और अपने QSR मॉडल को स्केल करने में करेगा।


🍗✨ 2022 में लॉन्च, अब तक का सफर—India में Korean Taste को Popular बनाना

Koriken की शुरुआत साल 2022 में Hasan Patel ने की थी, और बहुत कम समय में यह ब्रांड Korean cuisine lovers के बीच खासा लोकप्रिय हो गया है।

ब्रांड का मेन्यू K-Drama और K-Pop की दुनिया का असली स्वाद भारतीय प्लेट में परोसता है—
🍗 Korean Fried Chicken
🍜 Ramen
🥟 Mandu (Korean Dumplings)
🔥 Signature Sauces
और कई तरह के fusion flavours

Koriken का मकसद सिर्फ Korean dishes बेचना नहीं है, बल्कि authentic taste + modern QSR experience देना है—यानी फास्ट, consistent और convenient। यही वजह है कि यह ब्रांड तेजी से युवा उपभोक्ताओं का फेवरेट बन रहा है।


🇮🇳📈 India में Korean Food का Craze—Gen Z बना रहा है Trendsetter

भारतीय मार्केट में Korean culture का असर सिर्फ K-dramas और K-pop तक सीमित नहीं है। अब इसका सबसे बड़ा असर दिख रहा है—food choices में
Swiggy और Zomato जैसे delivery प्लेटफ़ॉर्म्स के अनुसार:

📌 50% YoY growth — Korean food orders में
📌 25%+ orders Gen Z की तरफ से
📌 Korean restaurants/QSR demand में 59% surge
📌 Tier-2 शहरों में भी popularity बढ़ी — जैसे Surat, Thiruvananthapuram, Vadodara, Mysuru, और Mangaluru

इस बढ़ते trend ने साबित किया है कि Korean flavours अब metro cities तक सीमित नहीं रह गए—ये छोटे शहरों तक फैल चुके हैं। Koriken इस परफेक्ट टाइमिंग का फायदा उठाने की रणनीति बना रहा है।


🌶️🛵 Koriken की Strategy: Authentic Taste + Indian Comfort

Koriken न सिर्फ Korean flavours भारत में ला रहा है, बल्कि इसे एक familiar, accessible और budget-friendly dining experience में बदल रहा है।

स्टार्टअप का focus है:
✔ Authentic Korean taste
✔ Indian palate के अनुसार flavours balance
✔ Fast service
✔ High-quality ingredients
✔ Affordability
✔ Consistency across outlets

इन pillars के कारण Koriken young Indian consumers के बीच एक “go-to” Korean QSR बनता जा रहा है।


🏪🚀 फंडिंग के बाद Expansion Plan: नए आउटलेट, नई डिशेज़ और नई Cities

₹4 करोड़ की ताज़ा funding Koriken को अपने expansion को तेज करने में मदद करेगी। कंपनी अपनी growth strategy को तीन बड़े हिस्सों में बांट रही है:

1️⃣ Flagship और High-Street Outlets का Expansion

Koriken आने वाले महीनों में अपने नए outlets उन शहरों में खोलेगा जहां Korean cuisine की demand सबसे तेज बढ़ रही है।
स्टार्टअप का लक्ष्य है कि
➡ metro + tier-2 दोनो शहरों में प्रेज़ेंस बढ़ाई जाए
➡ high-street locations पर brand visibility बनाई जाए

2️⃣ Product Innovation और Menu Expansion

Korean food सिर्फ ramen और fried chicken तक सीमित नहीं है।
Koriken नए flavours, fusion dishes और quick-bite Korean snacks पर काम कर रहा है।
नए additions की संभावना:
🍛 Korean Rice Bowls
🔥 Gochujang-based combos
🍢 Korean street snacks

3️⃣ Operational Efficiency और Kitchen Systems को Upgrade करना

QSR मॉडल में speed और consistency ही success की कुंजी होती है।
इसलिए Koriken अपने kitchen systems को ऐसे scale कर रहा है कि:
✔ तेज service मिल सके
✔ delivery orders में accuracy बनी रहे
✔ सभी outlets पर taste और quality एक जैसी रहे

साथ ही, company talent development और अपनी core टीम को मजबूत करने पर भी फोकस कर रही है।


🌍🥢 Indian Taste + Korean Soul: Fusion का नया ज़माना

Koriken भारतीय और Korean flavours को एक नए fusion अनुभव में बदल रहा है।
भारतीय consumers को spice, crunch और aroma पसंद है—और Korean flavours precisely इन्हीं चीजों के लिए जाने जाते हैं।

Spicy gochujang
Crispy Korean fried chicken
Savory broths
Fermented flavours

ये सब Indian palate के साथ इतनी आसानी से blend हो रहे हैं कि Korean cuisine धीरे-धीरे एक mainstream choice बनती जा रही है।


📌 Conclusion: क्या Koriken बनेगा India का No.1 Korean QSR Brand?

Trend, timing और taste—तीनों Koriken के पक्ष में हैं।
Korean flavours की बढ़ती लोकप्रियता और QSR मॉडल की scalability को देखते हुए, Koriken आने वाले समय में इस category का leading brand बन सकता है।

स्टार्टअप के पास:
✔ मजबूत vision
✔ expanding market
✔ increasing demand
✔ fresh capital support

अब देखना होगा कि Koriken इस momentum को किस तरह pan-India expansion में बदलता है।

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💸 Frex ने जुटाए ₹9.5 करोड़

Frex

Peer-to-peer payments प्लेटफ़ॉर्म Frex ने अपनी pre-seed फंडिंग राउंड में ₹9.5 करोड़ जुटाए हैं। यह राउंड Zeropearl VC और White Venture Capital के को-लीड में हुआ, जिसमें कई बड़े strategic angels भी शामिल रहे—Urban Company के Abhiraj Singh Bhal, Varun Khaitan, Raghav Chandra, पूर्व Uber India हेड Pradeep Parameswaran, CRED के founder Kunal Shah और Rishabh Goel जैसे नाम इस राउंड में नजर आए।

यह शुरुआती फंडिंग Frex के उस बड़े विज़न को आगे बढ़ाने के लिए है, जिसके जरिए वह cross-border money transfers को तेज, आसान और बेहद कम-खर्च बनाना चाहता है—कुछ वैसा ही जैसा UPI ने भारत में domestic payments के साथ किया।


🚀 नया स्टार्टअप, बड़ा विज़न: Global Money Transfer को आसान बनाना

Frex की शुरुआत इसी साल Aditya Varma, Himanshu Arora और Nikhil Shanker ने की। कंपनी का मिशन साफ है—
👉 दुनिया भर में पैसे भेजने का अनुभव उतना ही आसान बनाना जितना भारत में UPI से ₹1 भेजना।

स्टार्टअप का प्लेटफ़ॉर्म
✔ instant transfers
✔ ultra-low cost
✔ पारदर्शी pricing
✔ better-than-mid-market forex rates
प्रदान करता है।

Cross-border transfers अक्सर 2–5 दिनों में क्लियर होते हैं, ऊपर से hidden charges और forex mark-ups भी शामिल होते हैं। Frex इन सारी परेशानियों को खत्म करना चाहता है और लोगों को “click → send → delivered instantly” वाला अनुभव देना चाहता है।


🌍 NRI और Migrant Workers पर फोकस

Frex का बड़ा target audience है—
🌐 North America और India के बीच पैसा भेजने वाले NRIs, immigrants और global workers

स्टार्टअप का कहना है कि भारत आने वाले remittances में बड़ी कमी slow processes, opaque charges और उंचे forex mark-ups के कारण रहती है। Frex इस गैप को modern tech की मदद से भरना चाहता है।

इसलिए जुटाए गए फंड का इस्तेमाल इन अहम क्षेत्रों में होगा:
💠 North America–India corridors में infra विस्तार
💠 Compliance और regulatory stack को मजबूत करना
💠 Engineering और ledger systems को स्केल करना
💠 NRI और migrant communities तक go-to-market reach बढ़ाना


🔗 Blockchain + Banking = तेज, सुरक्षित और सस्ता पैसा ट्रांसफर

Frex का tech-stack इसकी सबसे बड़ी USP है। कंपनी modern blockchain infra को local banking integrations के साथ जोड़कर near-instant settlements देती है।

इसका मतलब:
Transactions fast
Security high
Cost कम

Frex का कहना है कि उनके पास
better-than-mid-market rates
transparent fee structure
near-zero mark-ups
जैसी सुविधाएं हैं।

आज भी remittance market में कई traditional players high fee और slow settlement की वजह से प्रसिद्ध हैं। Frex खुद को इन पुराने तरीकों के modern affordable alternative के रूप में पेश कर रहा है।


📈 Launch के बाद से तेज़ Growth, जल्द ही $1M Monthly Transfers का लक्ष्य

Frex ने नवंबर में लॉन्च किया था और कंपनी के अनुसार कुछ ही हफ्तों में transaction volumes तेजी से बढ़े हैं।
स्टार्टअप उम्मीद कर रहा है कि अगले 2–3 महीनों में यह $1 million monthly transfer value को पार कर लेगा।

यह शुरुआती traction दिखाता है कि NRI और immigrant communities एक आसान, सस्ती और transparent cross-border payment service की तलाश में थीं—और Frex उसी जरूरत को पूरा कर रहा है।


⚔️ Competition: Wise, Remitly और Xoom जैसे बड़े खिलाड़ियों की रेस में Frex

Cross-border payment space पहले से ही hot और competitive है।
Sector में यह नाम काफी लोकप्रिय हैं—
• Wise
• Remitly
• Xoom (PayPal)

Frex इन दिग्गजों के साथ direct या indirect competition में रहेगा।
लेकिन Frex का दावा है कि उसकी
⚡ instant settlement
💲 low fees
🔍 transparent operations
उसे users के लिए अलग value proposition देती हैं।


🧭 भारत से दुनिया तक: क्या Frex “UPI for Global Transfers” बन पाएगा?

Cross-border payments एक बड़ा और बढ़ता हुआ बाजार है, और Frex जैसा स्टार्टअप इसे बदलने की क्षमता रखता है।
भारत में UPI ने payments को जिस level पर democratize किया—
क्या Frex global remittance space में वैसा कुछ कर पाएगा?

Startup का clear focus है:
✔ Speed
✔ Cost
✔ Transparency
✔ Trust

अगर Frex इस model को scale कर लेता है और जल्द ही $1M monthly transfers से आगे बढ़ जाता है, तो यह भारत और NRIs के लिए cross-border money movement को नए युग में ले जा सकता है।

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🎓💉 Healthcare Edtech Startup Virohan ने जुटाए ₹39.27 करोड़

Virohan

भारत के हेल्थकेयर एजुकेशन सेक्टर में तेजी से उभर रहा स्टार्टअप Virohan अब अपने Series B फंडिंग राउंड में ₹39.27 करोड़ (लगभग $4.5 मिलियन) जुटाने की तैयारी कर रहा है। इस राउंड का नेतृत्व जापान की प्रसिद्ध कंपनी Mynavi Corporation कर रही है।

इसके साथ ही इसके मौजूदा निवेशक Blume Ventures, Bharat Inclusive Technologies, और अन्य बैकर्स ने भी इसमें हिस्सा लिया है।

यह नई फंडिंग Virohan के लिए बेहद अहम है, क्योंकि हेल्थकेयर स्किलिंग सेक्टर में तेजी से बढ़ती मांग के बीच कंपनी अपनी उपस्थिति को और मज़बूत करना चाहती है।


💰 मई 2025 के बाद एक और फंडिंग—Growth Story हुई और तेज

इससे पहले Virohan ने मई 2025 में $3 मिलियन का प्री-सीरीज़ B राउंड उठाया था, जिसमें Blume Ventures, Bharat Inclusive Technologies और Rebright Partners लीड निवेशक रहे थे।

नए राउंड के साथ कंपनी ने अपने स्किलिंग मॉडल और ट्रेनिंग क्षमताओं को और विस्तार देने की तैयारी कर ली है।


🧾 बोर्ड ने पास किया Special Resolution – 2,726 CCPS होंगे जारी

कंपनी की RoC (Registrar of Companies) फाइलिंग्स के अनुसार, Virohan के बोर्ड ने एक विशेष प्रस्ताव पास किया है जिसके तहत:

  • कुल 2,726 Series B CCPS
  • प्रति शेयर कीमत ₹1,44,072
  • कुल राशि ₹39.27 करोड़

जुटाने की मंजूरी दी गई है।

यह राउंड खासकर इसलिए चर्चा में है क्योंकि Mynavi Corporation कंपनी में एक महत्वपूर्ण विदेशी निवेशक के रूप में प्रवेश कर रही है।


🇯🇵 Mynavi का बड़ा दांव — ₹22 करोड़ का Lead Investment

जापान-आधारित Mynavi Corporation इस राउंड की लीड इन्वेस्टर है और वह अकेले ही:

💴 ₹22 करोड़ (लगभग $2.5 मिलियन) निवेश करेगी।

अन्य निवेशकों का योगदान:

  • Blume Ventures – ₹12 करोड़
  • Bharat Inclusive Technologies – ₹1.8 करोड़
  • बाकी राशि
    👉 Rebright Partners
    👉 Bhilai Iron Foundry
    👉 Shantanu Jain
    👉 Deepa Bagla Financial Consultants
    से आएगी।

कंपनी को Blume Ventures और Deepa Bagla Financial Consultants से ₹12.75 करोड़ पहले ही मिल चुके हैं, जबकि बाकी निवेश जल्द आने की उम्मीद है।


📊 वैल्यूएशन रही Flat — ₹576 करोड़ Post-Money

Entrackr के अनुमानों के अनुसार, इस नए फंडिंग राउंड के बाद भी Virohan की वैल्यूएशन ₹576 करोड़ (लगभग $65.5 मिलियन) पर flat रहेगी।

ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि ग्रोथ स्टेज के स्टार्टअप्स में बिना वैल्यूएशन बढ़ाए भी निवेशक पैसा लगा रहे हों—इसका मतलब है कि निवेशकों को कंपनी के मॉडल और भविष्य पर पूरा विश्वास है।


🏫 Virohan क्या करता है? — Healthcare Sector के लिए स्किल-बेस्ड ट्रेनिंग

2018 में स्थापित Virohan भारत में तेजी से बढ़ते हेल्थकेयर जॉब्स सेक्टर को लक्ष्य बनाता है। इसका मॉडल बेहद अनोखा है:

🎓 Vocational Training Programs
💉 Healthcare Job Roles
📚 Hybrid Education (Online + Offline)
🏢 Campuses in 10+ cities

कंपनी दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पुणे, जयपुर, मुंबई, नागपुर सहित कई शहरों में अपनी ट्रेनिंग सुविधाएं देती है।

Virohan की कोशिश है लाखों युवाओं को हेल्थकेयर सेक्टर में employable बनाना, क्योंकि इस सेक्टर में स्किल्ड वर्कफोर्स की भारी कमी है।


💼 फंडिंग के बाद Ownership कैसे बदलेगी?

TheKredible के अनुसार, नई फंडिंग के बाद:

  • Mynavi Corporation – 3.83% स्टेक
  • Blume Ventures – 16.16% (सबसे बड़ा शेयरहोल्डर)
  • Founders –
    👉 नलिन सलूजा – 12.53%
    👉 कुणाल दुडेचा – 12.53%
    👉 आर्चित जयसाल (Oxys Impact LLP) – 12.53%

कुल मिलाकर संस्थापकों के पास मजबूत कंट्रोल बना रहेगा।

अब तक Virohan ने $18 मिलियन से ज्यादा फंडिंग जुटा ली है।


📈 कंपनी का परफॉर्मेंस – FY24 में Revenue दोगुना!

Virohan के FY25 के नंबर अभी आने बाकी हैं, लेकिन FY24 के आंकड़े काफी मजबूत रहे:

📊 FY23 Revenue: ₹10.65 करोड़
📈 FY24 Revenue: ₹21 करोड़ (लगभग 2X)

हालांकि, ग्रोथ के साथ कंपनी के लॉसेस भी बढ़े:

💸 FY24 Loss: ₹22 करोड़
🆙 18% YoY increase

कंपनी का कहना है कि लॉसेस expansion mode होने की वजह से हैं और आने वाले वर्षों में यूनिट-इकोनॉमिक्स मजबूत होने की उम्मीद है।


🚀 आगे की प्लानिंग — Healthcare Workforce को 10X बढ़ाने का Target

Virohan आने वाले वर्षों में:

  • अपने कोर्स पोर्टफोलियो बढ़ाने
  • नए शहरों और नए कैंपस खोलने
  • टेक्नोलॉजी-बेस्ड ट्रेनिंग मॉडल मजबूत करने
  • और employability rate बढ़ाने

पर ध्यान देगी।

भारत में हेल्थकेयर जॉब्स की मांग तेजी से बढ़ रही है—डॉक्टर्स, नर्सिंग, लैब टेक्नीशियंस और हॉस्पिटल मैनेजमेंट तक हर जगह स्किल्ड लोग चाहिए।

Virohan इसी गैप को भरने की दिशा में बड़े पैमाने पर काम कर रहा है।


📝 निष्कर्ष

₹39.27 करोड़ का नया Series B निवेश Virohan के लिए बड़ा मील का पत्थर है।
जापानी निवेशक Mynavi Corporation का शामिल होना कंपनी की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा।

FY24 में मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ, बढ़ती ट्रेनिंग डिमांड और तेज़ी से फैलता हेल्थकेयर सेक्टर—इन सभी फैक्टर्स के साथ Virohan अगले कुछ वर्षों में भारत का अग्रणी हेल्थकेयर स्किलिंग स्टार्टअप बन सकता है।

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🌟 Conscious Chemist ने जुटाए ₹15 करोड़

Conscious Chemist

भारतीय स्किनकेयर ब्रांड Conscious Chemist ने अपने ताज़ा ब्रिज राउंड में ₹15 करोड़ (लगभग $1.8 मिलियन) जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व Atomic Capital ने किया, जबकि First Port Capital और IPV International ने भी इसमें हिस्सा लिया।

ये फंडिंग ऐसे समय में आई है जब भारत का स्किनकेयर मार्केट तेज़ी से बढ़ रहा है और साइंस-बेस्ड स्किनकेयर ब्रांड्स की मांग नई ऊंचाइयों पर है। Conscious Chemist, जो पहले से ही एक्टिव-फर्स्ट स्किनकेयर सेगमेंट में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है, अब इस निवेश का उपयोग बड़े एक्सपैंशन प्लान के लिए करेगा।


💰 फंडिंग का इस्तेमाल कहाँ होगा?

कंपनी ने बताया कि जुटाई गई पूंजी का उपयोग मुख्य रूप से इन प्रमुख क्षेत्रों में किया जाएगा:

लीडरशिप टीम को मजबूत करना
इन्वेंट्री और सप्लाई चेन को स्केल करना
मार्केटिंग ऑपरेशंस को तेज करना
नए प्रोडक्ट इनोवेशन और R&D में निवेश
नए कैटेगरी एक्सपैंशन जैसे स्कैल्प और हेयर केयर

इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में ब्रांड कई नए प्रोडक्ट लॉन्च करता दिख सकता है।


🧴 ब्रांड की कहानी: साइंस-बैक्ड स्किनकेयर पर फोकस

Conscious Chemist की शुरुआत 2021 में रॉबिन गुप्ता और प्रखर माथुर ने की थी। दोनों का लक्ष्य था—एक ऐसा स्किनकेयर ब्रांड बनाना जो साइंस-बेस्ड फॉर्म्युलेशन्स, सस्टेनेबल इंग्रीडिएंट्स और क्लीन ब्यूटी फिलॉसफी पर काम करे।

आज ब्रांड के पास:

  • 30+ प्रोडक्ट्स
  • Acne-care
  • Sunscreens
  • Cleansers
  • Serums
  • और Active-ingredients आधारित solutions हैं

ब्रांड के पॉपुलर इंग्रीडिएंट्स में शामिल हैं:
🧪 Salicylic Acid
🧪 Peptides
🧪 Ceramides
🧪 Retinol

ये वे ingredients हैं जो आज की जेनरेशन के स्किनकेयर यूज़र्स खूब ढूंढते हैं।


📺 Shark Tank India में आया था, लेकिन फंड नहीं मिला

दिलचस्प बात यह है कि Conscious Chemist Shark Tank India Season 3 में फीचर हो चुका है।

हालांकि उन्हें शो में किसी शार्क से फंडिंग नहीं मिली, लेकिन ब्रांड का प्रेज़ेंस और लोकप्रियता शो के बाद काफी बढ़ गई।

इससे यह साफ होता है कि कभी-कभी फंड न मिलने के बावजूद भी ब्रांड अपनी मजबूत ग्रोथ बना सकता है — और Conscious Chemist इसका शानदार उदाहरण है।


📈 पिछले 12 महीनों में धमाकेदार ग्रोथ

कंपनी के अनुसार, पिछले एक साल में उनका बिज़नेस 3X revenue growth तक पहुंच गया है।

साथ ही, ब्रांड का दावा है कि वह अब CM3 लेवल पर प्रॉफिटेबल हो चुका है — जो कि इस competitive स्किनकेयर मार्केट में काफी बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

कुछ और दिलचस्प आंकड़े:

  • 📊 75% Gross Margins
  • 👥 2.5 मिलियन+ कस्टमर्स
  • 🔁 रिटेंशन रेट इंडस्ट्री एवरेज से दोगुना
  • ⚡ Quick-commerce चैनल जैसे Blinkit, Instamart, Zepto से 3X सेल्स ग्रोथ

Quick-commerce प्लेटफॉर्म्स ने Conscious Chemist के प्रोडक्ट्स को एक नया ग्राहक बेस दिया है, खासकर युवा शहरी यूज़र्स का।


🚀 आगे का लक्ष्य: ARR ₹500 करोड़!

कंपनी अब आने वाले 24–36 महीनों में अपना ARR बढ़ाकर ₹500 करोड़ तक पहुंचाने का टारगेट रखती है।

इस दौरान Conscious Chemist अपनी ग्रोथ को प्रॉफिटेबल रखने पर भी फोकस करेगा — यानी सिर्फ रेवेन्यू नहीं, बल्कि स्थिर और सुधारता हुआ बिज़नेस मॉडल।

भारत में active-based skincare की मांग बढ़ रही है, और इसमें Conscious Chemist एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में तेजी से उभर चुका है। यह फंडिंग इसे अगले स्तर तक ले जाने में अहम साबित हो सकती है।


🧪 क्यों सफल हो रहा है Conscious Chemist?

कुछ कारण जो इसे बाकी ब्रांड्स से अलग बनाते हैं:

🌿 साइंस-बेस्ड फॉर्म्युलेशन
🧼 क्लीन और ट्रांसपेरेंट इंग्रीडिएंट्स
🎯 एक्ने, सनस्क्रीन जैसे core प्रॉब्लम-एरिया पर फोकस
⚡ Quick-commerce में मजबूत उपस्थिति
💬 ग्राहकों के साथ गहरा engagement
💡 कस्टमर-फर्स्ट प्रोडक्ट डेवलपमेंट

इन सब वजह से ब्रांड ने सिर्फ तीन साल में 2.5 मिलियन से ज्यादा भारतीय ग्राहकों का भरोसा जीता है।


📝 निष्कर्ष

₹15 करोड़ की यह ब्रिज फंडिंग Conscious Chemist के लिए बड़ा कदम है। नए कैटेगरी लॉन्च, R&D इन्वेस्टमेंट और मार्केट एक्सपैंशन के साथ ब्रांड आने वाले समय में भारतीय स्किनकेयर मार्केट में और बड़ा खिलाड़ी बन सकता है।

एक ऐसा ब्रांड जिसने Shark Tank से फंड न मिलने के बावजूद लगातार ग्रोथ की और आज निवेशकों का भरोसा जीत रहा है — Conscious Chemist की यह कहानी भारतीय startup ecosystem के लिए प्रेरणादायक है।

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📈 Valiant Capital से नई फंडिंग की तैयारी में StockGro

StockGro

भारत के तेजी से बढ़ते फिनटेक सेक्टर में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। सोशल इन्वेस्टमेंट और स्टॉक मार्केट एडवाइजरी प्लेटफॉर्म StockGro अपने मौजूदा फंडिंग राउंड में और कैपिटल जुटाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी की बातचीत फिलहाल Boston आधारित Valiant Capital Management के साथ अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। अगर यह डील फाइनल होती है, तो StockGro का Series B राउंड और अधिक मजबूत हो जाएगा।

🧩 Series B राउंड में नई तेजी

पिछले सप्ताह StockGro ने अपने Series B राउंड के तहत $17 मिलियन (करीब ₹142 करोड़) जुटाए थे। यह निवेश प्रमुख इन्वेस्टर Mukul Agarwal की Param Capital से आया था। इस डील की जानकारी सबसे पहले Entrackr ने जारी की थी। अब Valiant Capital से संभावित फंडिंग के बाद कंपनी इस राउंड को और बड़ा बना सकती है।

हालांकि StockGro ने इस डील पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। CEO अजय लखोटिया से भी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।

📌 StockGro क्या करता है?

2020 में स्थापित StockGro भारत का एक लोकप्रिय सोशल इन्वेस्टमेंट और मार्केट एडवाइजरी प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य भारतीय निवेशकों—खासकर युवाओं—को शेयर बाजार की समझ आसान और सुरक्षित तरीके से प्रदान करना है।

प्लेटफ़ॉर्म की खासियतें:

  • SEBI-registered advisors के माध्यम से निवेश मार्गदर्शन
  • पोर्टफोलियो मैनेजमेंट से लेकर रिस्क गाइडेंस तक
  • शुरुआती निवेशकों के लिए आसान और गेमिफाइड सीखने का अनुभव
  • मार्केट ट्रेंड्स, एनालिटिक्स और एक्सपर्ट की राय
  • इन्वेस्टमेंट सीखने के लिए सिम्युलेशन-आधारित टूल्स

क्लियर और सरल अनुभव के कारण StockGro भारत के युवाओं में काफी लोकप्रिय हुआ है और आज यह करोड़ों उपयोगकर्ताओं तक पहुँच चुका है।

💰 अब तक की फंडिंग और प्रमुख निवेशक

TheKredible के अनुसार, StockGro अब तक कुल $76 मिलियन (EC + debt) जुटा चुका है। इसके प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं—

  • Bitkraft Ventures
  • SBI Ventures
  • Root Ventures
  • General Catalyst
  • Param Capital
  • और अब संभावित रूप से Valiant Capital Management

सीरीज B राउंड के पूरा होने के बाद कंपनी के वैल्यूएशन में भी बड़ा उछाल आने की संभावना है।

📉 वित्तीय प्रदर्शन: FY24 में दबाव बढ़ा

हालांकि यूज़र बेस और ब्रांड की लोकप्रियता बढ़ रही है, लेकिन कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर पिछले दो साल चुनौतीपूर्ण रहे हैं।

FY24 Highlights:

  • ऑपरेटिंग रेवेन्यू गिरकर ₹131 करोड़ से ₹86.5 करोड़ रह गया — यानी 34% की गिरावट
  • वहीं Losses बढ़कर ₹55 करोड़ से ₹101 करोड़ हो गए — यानी 84% की बढ़त

StockGro ने FY25 के वित्तीय परिणाम अभी सार्वजनिक नहीं किए हैं। लेकिन नए निवेश जुटने से कंपनी अपने प्रोडक्ट, मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी अपग्रेड पर तेजी से काम करने की तैयारी में है।

🧭 Valiant Capital क्यों दिलचस्पी दिखा रहा है?

Valiant Capital अमेरिका का एक बड़ा हेज फंड है जो दुनिया भर में हाई-ग्रोथ टेक और फिनटेक कंपनियों में निवेश करता आया है।

StockGro में निवेश की संभावित वजहें:

  • भारत में तेजी से बढ़ता रिटेल इन्वेस्टिंग मार्केट
  • युवाओं में ट्रेडिंग और निवेश की बढ़ती रुचि
  • StockGro का यूनिक सोशल-इन्वेस्टमेंट मॉडल
  • एडवाइजरी + एजुकेशन + पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का कॉम्बो
  • उच्च उपयोगकर्ता एंगेजमेंट और मजबूत रिटेंशन

इस तरह Valiant का निवेश कंपनी को ग्लोबल स्तर पर भी विश्वसनीयता और मजबूती देगा।

🚀 नए फंड का इस्तेमाल कहाँ होगा?

भले ही डील की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि StockGro फंड का उपयोग मुख्य रूप से यहाँ कर सकता है:

  • AI आधारित निवेश सलाह और डेटा टूल्स
  • मजबूत रिस्क मैनेजमेंट इंजन
  • मार्केटिंग और यूज़र अधिग्रहण
  • नए इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स
  • कॉलेज और युवा निवेशकों को जोड़ने के लिए अभियान
  • ग्लोबल एक्सपैंशन की शुरुआती तैयारी

🌐 भारत में निवेश प्लेटफ़ॉर्म के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा

Groww, Zerodha, Upstox जैसी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ चुकी है। ऐसे में StockGro अपने एडवाइजरी + सोशल इन्वेस्टमेंट मॉडल से अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है।

कंपनी का फोकस सिर्फ ट्रेडिंग नहीं बल्कि सीखने और समझकर निवेश करने पर है, जो इसे भीड़ में अलग करता है।

🔎 आगे का रास्ता

यदि Valiant Capital का निवेश फाइनल होता है, तो StockGro का Series B राउंड लगभग दोगुना हो सकता है। इससे प्लेटफॉर्म की ग्रोथ तेज होगी और कंपनी अगली फंडिंग के लिए भी बेहतर पोजिशन पर आ सकती है।

भारत में रिटेल निवेशकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और ऐसे में StockGro जैसे प्लेटफॉर्म बड़े अवसरों के सामने खड़े हैं।

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🦴 Lumov ने जुटाए $1.2 Million

Lumov

भारत के हेल्थटेक सेक्टर में एक और मजबूत कदम बढ़ चुका है। Bengaluru-based orthopedic recovery startup Lumov ने $1.2 million (लगभग ₹10 करोड़) की seed funding हासिल कर ली है। यह राउंड Incubate Fund Asia के नेतृत्व में पूरा हुआ, जिसमें कई नामी निवेशकों और फैमिली ऑफिसेज ने भी हिस्सा लिया।

Lumov भारत में orthopedic recovery और rehabilitation उत्पादों को नए स्तर पर ले जाने का लक्ष्य रखता है। कंपनी ऐसे समय में तेजी से बढ़ रही है, जब देश में musculoskeletal care काफी fragmented है और quality recovery products की भारी कमी है।


💰 Funding Round: किन निवेशकों ने किया समर्थन?

इस seed funding राउंड में कई बड़े निवेशक शामिल रहे:

  • Incubate Fund Asia (Lead investor)
  • QRG Investments & Holdings – Havells Family Office
  • IIMA Ventures
  • SIDBI
  • Angel Investors जैसे:
    • Ashish Gupta
    • Saket Narang
    • Abhishek Goyal
    • Arjun Vaidya

यह निवेश Lumov के लिए न सिर्फ पूंजी जोड़ता है, बल्कि industry expertise, networking और strategic guidance भी लाता है।


🚀 फंड्स का इस्तेमाल कहाँ होगा?

Lumov ने स्पष्ट किया है कि इस पूंजी का उपयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा:

1. Operations का विस्तार

स्टार्टअप अब अपने संचालन को Bangalore से आगे बढ़ाकर बड़े भारतीय शहरों में स्केल करेगा, जिनमें शामिल हैं:

  • Delhi NCR
  • Hyderabad
  • Mumbai

2. Surgeon Partnerships को मजबूत करना

Orthopedic surgeons के साथ गहरी partnerships Lumov का core मॉडल है। Funding से:

  • अधिक doctors को ऑनबोर्ड किया जाएगा
  • क्लीनिक और hospitals में presence बढ़ाई जाएगी
  • नए clinically validated solutions बनाए जाएंगे

3. New Product Development

Team अब R&D में तेज़ी लाएगी और ऐसे products बनाएगी जो:

  • पोस्ट-सर्जिकल recovery
  • pain management
  • long-term mobility care
    को आसान बनाएं।

4. Manufacturing & Sales Teams का विस्तार

Quality production के लिए manufacturing capacity बढ़ाई जाएगी और
nationwide distribution मजबूत किया जाएगा।


🏥 Lumov क्या करता है?

Lumov एक specialized healthcare startup है जो orthopedic recovery और rehabilitation को बेहतर बनाने पर काम करता है। इसके products निम्न उपयोगों के लिए डिजाइन किए जाते हैं:

  • Fracture recovery
  • Post-surgery care
  • Knee, spine और joint support
  • Pain management
  • Long-term mobility solutions

ये सभी products clinically validated तरीके से orthopedic doctors के साथ मिलकर बनाए जाते हैं, ताकि भारतीय मरीजों की जरूरतों के अनुसार solutions दिए जा सकें।


🏨 Top Hospitals के साथ साझेदारी

Lumov कई बड़े अस्पताल chains के doctors और medical teams के साथ काम करता है, जिनमें शामिल हैं:

  • Manipal Hospitals
  • Apollo Hospitals
  • Sakra
  • AIG Hospitals (Hyderabad)

इस collaboration-driven मॉडल की वजह से इसके products न सिर्फ medically safe हैं, बल्कि practically effective भी साबित हो रहे हैं।


👥 टीम और Hiring Plans

अभी Lumov की कोर टीम 15 मेंबर्स की है। Funding के बाद कंपनी बड़ी hiring करने की तैयारी में है:

  • Product development
  • Sales
  • Supply chain
  • Operations

स्टार्टअप की योजना है कि अगले कुछ महीनों में टीम size दोगुना किया जाए।


💡 Founders कौन हैं?

Lumov की स्थापना दो founders ने की:

🔹 Saumaric Dangwal

🔹 Ankit Gupta

दोनों founders की healthcare investment में मजबूत पृष्ठभूमि है।
इन्होंने पहले इन global investment firms के साथ काम किया है:

  • Bain Capital
  • Brookfield Private Equity
  • Steinberg Asset Management

इस अनुभव की वजह से ये भारत के healthcare बाजार, patient needs, और rehab solutions की कमी को बहुत अच्छे से समझते हैं।


🩺 भारत में Orthopedic Recovery का Market Gap

भारत दुनिया की सबसे बड़ी orthopedic surgery markets में गिना जाता है,
लेकिन:

  • rehab products अनियमित
  • fragmented
  • और low-quality होते हैं

Lumov इस gap को target कर रहा है, ताकि:

  • recovery fast
  • pain कम
  • और mobility बेहतर हो

इस vision की वजह से investors इसे high-potential deep healthcare play के रूप में देख रहे हैं।


🔮 आने वाले समय में Lumov की Growth

Funding के बाद startup अपने aggressive expansion के लिए तैयार है।
आने वाले महीनों में Lumov:

  • Tier-1 और Tier-2 शहरों में विस्तार करेगा
  • orthopedic doctors के साथ नई categories लॉन्च करेगा
  • digitally assisted recovery tools भी लाने की तैयारी करेगा
  • और product innovation pipeline को मजबूत करेगा

इससे कंपनी भारत के rapidly growing rehab & recovery market की एक प्रमुख खिलाड़ी बन सकती है।


📝 निष्कर्ष

Lumov की seed funding सिर्फ एक फंडिंग राउंड नहीं है, बल्कि India के orthopedic recovery space के लिए एक नया अध्याय है।
Clinically designed, surgeon-backed, India-specific recovery solutions की भारी जरूरत को देखते हुए, Lumov आने वाले सालों में बड़ा प्रभाव डाल सकता है।

नई capital, मजबूत partnerships और experienced founders के साथ, Lumov अब एक बड़े scale-up phase में प्रवेश कर रहा है — और भारत के healthcare innovation space में एक मजबूत नाम बनने के रास्ते पर है।

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