भारत में फेमिनिन हाइजीन से जुड़ी बातचीत पिछले कुछ वर्षों में काफी बदली है। जो विषय पहले टैबू माना जाता था, आज उस पर खुले तौर पर बात हो रही है। इसी बदलाव का फायदा उठाने वाले ब्रांड्स में से एक है Plush। यह डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर (D2C) फेमिनिन हाइजीन ब्रांड लगातार तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और FY25 में कंपनी ने रेवेन्यू में 2.3 गुना की ग्रोथ दर्ज की है।
हालांकि, इस तेज़ ग्रोथ के साथ कंपनी का नुकसान भी बढ़ा है, लेकिन स्टार्टअप इकोसिस्टम में इसे “growth-first phase” का स्वाभाविक हिस्सा माना जा रहा है।
📈 FY25 में रेवेन्यू दोगुने से भी ज्यादा
Registrar of Companies (RoC) से प्राप्त वित्तीय आंकड़ों के अनुसार,
Plush का ऑपरेशंस से रेवेन्यू FY24 में ₹29 करोड़ था, जो FY25 में बढ़कर ₹66 करोड़ हो गया। यानी एक साल में कंपनी ने 2.3X ग्रोथ हासिल की।
इसके अलावा, ब्याज से प्राप्त करीब ₹1 करोड़ की अन्य आय को जोड़ने के बाद, FY25 में कंपनी की कुल आय ₹67 करोड़ रही। यह आंकड़ा दिखाता है कि Plush ने बहुत कम समय में अपने प्रोडक्ट्स के लिए मजबूत कंज़्यूमर डिमांड तैयार की है।
🧴 कोर बिज़नेस: पर्सनल केयर और फेमिनिन हाइजीन
Plush की कमाई का मुख्य स्रोत इसके फेमिनिन हाइजीन और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स हैं।
इनमें सैनिटरी पैड्स, इंटीमेट केयर और महिलाओं की डेली हाइजीन से जुड़े प्रोडक्ट्स शामिल हैं।
भारत जैसे बड़े और तेजी से बदलते बाज़ार में, जहां जागरूकता बढ़ रही है और महिलाएं ब्रांडेड व क्वालिटी प्रोडक्ट्स की ओर शिफ्ट कर रही हैं, Plush को इसका सीधा फायदा मिल रहा है।
💸 खर्चों में भी तेज़ बढ़ोतरी
जैसे-जैसे कंपनी का स्केल बढ़ा, वैसे-वैसे इसके खर्चों में भी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली।
- Raw material cost:
कुल खर्च का 34%,
FY24 में ₹11 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹25 करोड़ (127% की बढ़ोतरी) - Advertising और Marketing खर्च:
96% की छलांग के साथ ₹21.5 करोड़
(ब्रांड बिल्डिंग और कस्टमर एक्विज़िशन पर भारी निवेश) - Employee benefit expenses:
67% बढ़कर ₹4 करोड़ - Shipping और Delivery खर्च:
₹2.6 करोड़
इन सभी को मिलाकर, Plush के कुल खर्च FY25 में ₹74 करोड़ रहे, जो FY24 के ₹34 करोड़ के मुकाबले 118% ज्यादा हैं।
📉 घाटा बढ़ा, लेकिन यूनिट इकॉनॉमिक्स में सुधार
तेज़ ग्रोथ और बढ़ते खर्चों के कारण Plush का नुकसान FY25 में ₹7 करोड़ हो गया, जो FY24 में ₹4 करोड़ था। यानी घाटे में 75% की बढ़ोतरी।
कंपनी के:
- ROCE: -93.75%
- EBITDA Margin: -11.23%
हालांकि, पॉजिटिव संकेत यह है कि यूनिट इकॉनॉमिक्स में सुधार हुआ है।
FY25 में Plush ने:
- हर ₹1 कमाने के लिए ₹1.12 खर्च किए,
जबकि FY24 में यह आंकड़ा ₹1.17 था।
यह दिखाता है कि कंपनी धीरे-धीरे ऑपरेशनल एफिशिएंसी की ओर बढ़ रही है।
🏦 कैश पोज़िशन और बैलेंस शीट
मार्च 2025 तक:
- Plush के पास ₹3 करोड़ कैश और बैंक बैलेंस था
- Current assets की वैल्यू ₹29.5 करोड़ रही
यह कंपनी को शॉर्ट-टर्म ऑपरेशंस चलाने और ग्रोथ को सपोर्ट करने में मदद करता है।
🎯 ₹200 करोड़ रेवेन्यू रन रेट का लक्ष्य
कंपनी का कहना है कि वह मौजूदा कैलेंडर ईयर में ₹200 करोड़ के रेवेन्यू रन रेट तक पहुंचने की दिशा में बढ़ रही है।
अगर यह लक्ष्य हासिल होता है, तो Plush भारत के फेमिनिन हाइजीन सेगमेंट में एक बड़ा प्लेयर बन सकता है।
💼 फंडिंग और निवेशकों का भरोसा
स्टार्टअप डेटा प्लेटफॉर्म TheKredible के मुताबिक, Plush अब तक कुल $8 मिलियन (करीब ₹65+ करोड़) की फंडिंग जुटा चुका है।
हाल ही में कंपनी ने:
- ₹40 करोड़ की Series B फंडिंग
- जिसका नेतृत्व किया Rahul Garg (Managing Partner, Ignite Growth) ने
इस राउंड में अन्य निवेशक शामिल रहे:
Ajay Kumar Aggarwal, Careernet Technologies, OTP Ventures, Blume Founders Fund और अन्य।
🔍 निष्कर्ष
Plush की कहानी यह दिखाती है कि:
- भारत में फेमिनिन हाइजीन एक तेज़ी से बढ़ता हुआ मार्केट है
- शुरुआती दौर में घाटा, लेकिन मजबूत ग्रोथ D2C ब्रांड्स के लिए सामान्य रणनीति है
- बेहतर यूनिट इकॉनॉमिक्स और बढ़ता स्केल भविष्य में प्रॉफिटेबिलिटी की राह खोल सकता है
अगर कंपनी खर्चों को कंट्रोल करते हुए ग्रोथ बनाए रखती है, तो आने वाले वर्षों में Plush एक सस्टेनेबल और प्रॉफिटेबल ब्रांड बन सकता है।











