🏅 TIDA Sports ने उठाए ₹3 करोड़

TIDA Sports

भारत में स्पोर्ट्स का क्रेज़ पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से बढ़ा है, और इसी उभरते हुए स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के मिशन पर काम कर रहा है TIDA Sports — एक मल्टी-स्पोर्ट्स ट्रेनिंग और कोचिंग प्लेटफ़ॉर्म। हाल ही में, स्टार्टअप ने Inflection Point Ventures (IPV) के नेतृत्व में ₹3 करोड़ की सीड फंडिंग जुटाई है, जो इसके विस्तार और टेक्नोलॉजी अपग्रेड को गति देगा।

इस नए निवेश के साथ, TIDA Sports देशभर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने, एक्सपर्ट कोचेस जोड़ने और भारत के तेजी से विकसित होते स्पोर्ट्स सेक्टर में बड़ा प्रभाव बनाने के लिए तैयार है।


🚀 फंडिंग का उपयोग कहाँ होगा?

TIDA Sports के अनुसार, जुटाई गई राशि इन प्रमुख क्षेत्रों में लगाई जाएगी:

  • 🏙️ 5 राज्यों और 30 शहरों में विस्तार
  • 💻 टेक्नोलॉजी प्लेटफ़ॉर्म को अपग्रेड करना
  • 🤝 स्कूलों और स्पोर्ट्स बॉडी के साथ मजबूत B2B पार्टनरशिप
  • 🏅 अधिक सर्टिफाइड कोचेस को ऑनबोर्ड करना
  • 📣 ग्राउंड-लेवल मार्केटिंग को बढ़ाना

कुल मिलाकर, कंपनी आने वाले वर्षों में अपनी पहुंच को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाने की तैयारी में है।


👥 कौन हैं TIDA Sports के फाउंडर्स?

TIDA Sports की शुरुआत 2023 में हुई थी, और इसके चार युवा और उत्साही फाउंडर्स हैं:

  • Adit Goel
  • Sumeet Malik
  • Priyansh Matta
  • Sanchit Budhiraja

ये चारों मिलकर भारत की युवा पीढ़ी के लिए एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म बना रहे हैं जहाँ बच्चे खेल सीख सकें, प्रतिभा निखार सकें और साथ-साथ पढ़ाई भी बैलेंस कर सकें।


🏆 TIDA Sports को क्या बनाता है खास?

आज भारत में बहुत से बच्चे खेलों में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन सही कोचिंग और स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग की कमी बड़ी बाधा है। TIDA Sports इस गैप को दूर करने की कोशिश कर रहा है।

इसकी खासियतें:

  • ✔️ स्ट्रक्चर्ड और सर्टिफाइड कोचिंग प्रोग्राम
  • ✔️ स्पोर्ट्स + अकादमिक्स का संतुलित मॉडल
  • ✔️ स्कूलों के साथ पार्टनरशिप-आधारित ट्रेनिंग
  • ✔️ लोकल स्पोर्ट्स अकादमी के साथ सहयोग
  • ✔️ यूथ-फोकस्ड ट्रेनिंग मॉड्यूल्स

कंपनी का मॉडल बच्चों को फिजिकल फिटनेस, तकनीकी प्रशिक्षण और स्पोर्ट्स डिसिप्लिन—तीनों में विकसित करता है।


🏫 बड़े स्कूलों के साथ साझेदारी

TIDA Sports पहले ही कई नामी स्कूलों के साथ मिलकर उनके स्पोर्ट्स प्रोग्राम्स को बेहतर बना रहा है। इन पार्टनर्स में शामिल हैं:

  • GD Goenka
  • DPS
  • DAV
  • Aravali International

स्कूलों के साथ इस सहयोग के कारण कंपनी को ग्राउंड-लेवल टैलेंट तक सीधी पहुंच मिलती है और बच्चों को नियमित, पेशेवर और व्यवस्थित ट्रेनिंग प्राप्त होती है।


🎯 भारत का बढ़ता स्पोर्ट्स मार्केट — बड़ा अवसर

एक मार्केट रिपोर्ट के अनुसार:

  • 🇮🇳 भारत का स्पोर्ट्स इंडस्ट्री साइज: $52 बिलियन
  • 📈 2030 तक अनुमानित आकार: $130 बिलियन
  • 🏟️ स्पोर्ट्स-टेक मार्केट 2030 तक वैश्विक स्तर पर $61.7 बिलियन

इन तेज़ी से बढ़ते आंकड़ों से साफ है कि भारत में स्पोर्ट्स ट्रेनिंग के लिए अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। TIDA Sports इस बड़े अवसर को कैश करने की दिशा में सही समय पर सही कदम उठा रहा है।


🏏 अब तक की उपलब्धियाँ: 100+ टूर्नामेंट और 150+ अकादमियाँ

TIDA Sports अभी इन राज्यों में सक्रिय है:

  • उत्तराखंड
  • पंजाब
  • हरियाणा

इसके ट्रेनिंग सेंटर्स मौजूद हैं:

  • ऋषिकेश
  • हरिद्वार
  • देहरादून
  • चंडीगढ़ ट्राइसिटी
  • पटियाला
  • जालंधर
  • अमृतसर
  • लुधियाना
  • फ़िरोज़पुर
  • अंबाला

अब तक:

  • 🏅 100 से अधिक टूर्नामेंट आयोजित किए
  • 🧑‍🎓 सैकड़ों युवा खिलाड़ियों को ट्रेन किया
  • 🇮🇳 कई खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया

💬 Inflection Point Ventures क्या कहता है?

IPV की टीम के अनुसार, भारत में युवाओं के लिए स्पोर्ट्स ट्रेनिंग अभी भी फ्रैगमेंटेड है। TIDA Sports का मॉडल:

  • स्केलेबल
  • स्ट्रक्चर्ड
  • और आउटपुट-ड्रिवन

दोनों ही निवेशकों और देश की प्रतिभाओं के लिए बेहद आकर्षक साबित हो सकता है।


🌟 भविष्य की योजना — पूरे भारत में स्पोर्ट्स नेटवर्क बनाना

TIDA Sports का बड़ा विज़न है:

👉 भारत के हर बच्चे तक क्वालिटी स्पोर्ट्स ट्रेनिंग पहुंचाना
👉 स्पोर्ट्स को केवल हॉबी नहीं, बल्कि करियर पाथ बनाना
👉 कोचिंग, ट्रेनिंग और टैलेंट डिस्कवरी का बड़ा राष्ट्रीय नेटवर्क बनाना

कंपनी आने वाले कुछ वर्षों में बड़े भारतीय शहरों में 150 से अधिक अकादमियों को जोड़ने की योजना बना रही है।


🏁 निष्कर्ष

TIDA Sports की ₹3 करोड़ फंडिंग सिर्फ एक निवेश नहीं, बल्कि भारत के युवा खिलाड़‍ियों के भविष्य में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भारत एक स्पोर्ट्स-सुपरपावर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और TIDA Sports जैसे प्लेटफ़ॉर्म इस यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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⚡Ultraviolette ने Zoho और Lingotto से जुटाए $45M

Ultraviolette

भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर लगातार तेजी पकड़ रहा है, और इस रफ्तार को आगे बढ़ाने के लिए बेंगलुरु स्थित EV कंपनी Ultraviolette Automotive ने अपने चल रहे Series E राउंड में $45 मिलियन (करीब ₹375 करोड़) की नई फंडिंग जुटाई है। इस राउंड का नेतृत्व किया है Zoho Corporation और इटली की इंवेस्टमेंट फर्म Lingotto

कंपनी ने इस राउंड के कुल साइज और वैल्यूएशन का खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह साफ है कि Ultraviolette अपने अगले ग्रोथ फेज की तैयारी में पूरी तरह जुटी हुई है।


🏍️ F77 और X47 की प्रोडक्शन होगी तेज

Ultraviolette नए फंड का इस्तेमाल अपनी दो प्रमुख इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों —

  • F77 इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स बाइक, और
  • X47 इलेक्ट्रिक क्रॉसओवर

की प्रोडक्शन को बड़े पैमाने पर बढ़ाने में करेगी।

F77 कंपनी की सबसे लोकप्रिय हाई-परफॉर्मेंस बाइक है जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अच्छी प्रतिक्रिया पा रही है। वहीं X47, जो हाल ही में लॉन्च की गई है, भारत के प्रीमियम EV टू-व्हीलर मार्केट में कंपनी की पकड़ को मजबूत करेगी।

इसके अलावा कंपनी अपने दो नए प्रोडक्ट प्लेटफॉर्म पर भी तेजी से काम कर रही है, जिनके इंटरनल कोडनेम हैं

  • Shockwave, और
  • Tesseract

ये प्लेटफॉर्म अगले कुछ सालों में कंपनी की हाई-परफॉर्मेंस EV लाइनअप को और आगे बढ़ाएंगे।


🌍 भारत से दुनिया तक: 12 देशों में मौजूदगी

Ultraviolette अब केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं है। कंपनी ने पिछले महीने ही यूके (UK) में F77 लॉन्च की है।

इसके साथ ही Ultraviolette की मौजूदगी अब 12 देशों तक पहुंच गई है, जिनमें प्रमुख यूरोपीय मार्केट शामिल हैं।

भारत में प्लान:

  • अभी 30 शहरों में रिटेल नेटवर्क
  • 2026 के मध्य तक 100 शहरों का लक्ष्य

तेजी से बढ़ते EV सेगमेंट को देखते हुए यह विस्तार Ultraviolette को एक प्रमुख ग्लोबल EV ब्रांड बनने में मदद करेगा।


📈 फंडिंग हिस्ट्री और बिज़नेस परफॉर्मेंस

TheKredible के आंकड़ों के अनुसार, Ultraviolette अब तक

👉 $145 मिलियन की कुल फंडिंग

उठा चुकी है।

इसके प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं:

  • TVS Motor Company
  • Mudhal Partners

FY25 के वित्तीय आंकड़े:

  • राजस्व (Revenue): ₹32.3 करोड़ (FY24 के ₹15 करोड़ से दोगुना)
  • नेट लॉस: ₹116 करोड़ (FY24 के ₹61.6 करोड़ से 88% अधिक)
  • वाहन बिक्री: 2025 में कुल 1,168 यूनिट (Vahan डेटा)

कंपनी अभी भी हाई-परफॉर्मेंस R&D और प्रोडक्शन क्षमता पर निवेश कर रही है, जो इसके बढ़ते नुकसान को समझाता है। हालांकि राजस्व में हो रही तेज वृद्धि इस बात का संकेत है कि उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है।


⚔️ प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, लेकिन Ultraviolette के पास बढ़त

भारत का EV टू-व्हीलर बाजार बेहद प्रतिस्पर्धी हो गया है। Ultraviolette की टक्कर इन कंपनियों से है:

  • Tork Motors
  • Revolt Motors
  • Ola Electric (Roadster)

Ultraviolette का फोकस हमेशा से हाई-परफॉर्मेंस, प्रीमियम और इंटरनेशनल-ग्रेड इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों पर रहा है, जो इसे बाजार में अलग पहचान देता है।


🧭 आगे की राह: ग्लोबल EV ब्रांड बनने की तैयारी

नई फंडिंग के साथ Ultraviolette ने अगले चरण का रोडमैप साफ कर दिया है:

  • एडवांस्ड इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल प्लेटफॉर्म
  • अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेज विस्तार
  • भारत में व्यापक रिटेल नेटवर्क
  • हाई-वॉल्यूम प्रोडक्शन क्षमता की ओर बढ़ना

EV इंडस्ट्री के तेजी से बढ़ते रुझान और प्रीमियम इलेक्ट्रिक बाइक्स की बढ़ती मांग को देखते हुए, यह फंडिंग Ultraviolette को एक ग्लोबल परफॉर्मेंस EV ब्रांड बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


🔍 निष्कर्ष

Ultraviolette का ताज़ा $45 मिलियन फंडिंग राउंड यह साबित करता है कि भारत की EV टेक्नोलॉजी पर दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। Zoho और Lingotto जैसे निवेशकों का साथ मिलना भी बताता है कि हाई-परफॉर्मेंस EV मोटरसाइकिलों का भविष्य उज्ज्वल है।

उम्मीद की जा रही है कि F77 और X47 के उत्पादन में तेजी, नए प्लेटफॉर्म और तेजी से फैलते अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के साथ Ultraviolette आने वाले 2–3 वर्षों में भारतीय EV सेक्टर का एक ग्लोबल चैंपियन बन सकता है।

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⭐ InMobi के फ़ाउंडर्स ने किया बड़ा कदम

InMobi

भारत की ग्लोबल मोबाइल एडटेक यूनिकॉर्न InMobi एक बार फिर सुर्खियों में है। कंपनी के फ़ाउंडिंग टीम ने जापानी निवेश दिग्गज SoftBank से अपना 25-30% स्टेक वापस खरीद लिया है। यह एक बड़ा स्ट्रैटेजिक मूव माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से SoftBank कंपनी का सबसे बड़ा निवेशक था।

Economic Times की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बायबैक डील कंपनी का वैल्यूएशन करीब $1 बिलियन (Rs 8,300 करोड़+) पर सेट करती है। SoftBank, जिसने InMobi में अब तक लगभग $200–220 मिलियन का निवेश किया था, उसे इस डील के जरिए करीब $250 मिलियन का रिटर्न मिलेगा।


🔹 SoftBank की हिस्सेदारी 35% से घटकर 5-7% हुई

डील से पहले SoftBank के पास कंपनी का लगभग 35% स्टेक था।
लेकिन फ़ाउंडर्स द्वारा शेयर खरीदने के बाद अब यह हिस्सेदारी घटकर केवल 5-7% रह गई है।

इसका मतलब है कि अब कंपनी पर संस्थापकों का कंट्रोल और भी मजबूत हो गया है।


💰 InMobi ने 350 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग भी जुटाई

डील के तुरंत बाद एक और बड़ी खबर सामने आई—InMobi ने $350 मिलियन (Rs 2,900 करोड़+) का नया फंड जुटाया है।

यह फंडिंग तीन प्रमुख ग्लोबल इन्वेस्टर्स से आई है:

  • Varde Partners
  • Elham Credit Partners
  • SeaTown Holdings

💵 फंडिंग के स्ट्रक्चर की दो लेयर्स:

  1. $200 मिलियन ऑपरेटिंग कंपनी लेवल पर
  2. $150 मिलियन होल्डिंग कंपनी लेवल पर

दोनों ही लोन Founder Stakes को कोलेटरल के रूप में रखकर लिए गए हैं।

इससे साफ है कि InMobi के फ़ाउंडर्स कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाने और कंपनी को आक्रामक ग्रोथ पाथ पर ले जाने के लिए स्ट्रॉन्गली कमिटेड हैं।


InMobi: भारत से निकली पहली ग्लोबल एडटेक कंपनी

InMobi की शुरुआत 2007 में Naveen Tewari, Amit Gupta, Abhay Singhal और Mohit Saxena ने की थी। आज यह दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल एड नेटवर्क्स में शामिल है।

कंपनी की तीन प्रमुख यूनिट्स हैं:

  • InMobi Advertising — मोबाइल मार्केटिंग टेक
  • Glance — लॉक स्क्रीन कंटेंट प्लेटफ़ॉर्म
  • Roposo — कंटेंट + इंटरैक्टिव शॉपिंग

Glance पहले ही कई देशों में पॉपुलर हो चुका है, और InMobi अमेरिका सहित 100+ देशों में काम करती है।


🌍 SoftBank का इन्वेस्टमेंट हॉलमार्क रहा है

SoftBank ने अपने Vision Fund के शुरुआती दौर में InMobi में बड़ा दांव लगाया था।

लेकिन पिछले कुछ वर्षों में SoftBank ने अपनी कई होल्डिंग्स में एक्सिट या पार्ट-एक्सिट लिया है, खासकर उन कंपनियों में जो IPO के लिए अभी तैयार नहीं हैं या जिनके वैल्यूएशन में उतार-चढ़ाव रहा है।

InMobi का बड़ा बायबैक इसी पॉलिसी शिफ्ट का हिस्सा माना जा रहा है।


🔎 बायबैक क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत में कम ही यूनिकॉर्न कंपनियां अपने पुराने निवेशकों से स्टेक वापस खरीदती हैं। स्टार्टअप इकोसिस्टम में यह कदम तीन चीजें दर्शाता है:

1️⃣ Founders की कंपनी पर बढ़ती पकड़

अब कंपनी में निर्णय क्षमता और भी मजबूत हो जाती है।

2️⃣ ग्लोबल एडटेक में अपनी प्रेज़ेंस मजबूत करने का संकेत

InMobi अपने प्रोडक्ट Glance को अमेरिका और एशिया में तेजी से स्केल कर रही है।

3️⃣ IPO की तैयारी

InMobi पिछले कई सालों से लिस्टिंग की प्लानिंग कर रही है।
Founders द्वारा अधिक स्टेक हासिल करना लिस्टिंग से पहले का एक स्ट्रक्चरल कदम माना जा रहा है।


📈 350 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग का क्या मतलब?

कंपनी ने जो नया फंड जुटाया है, उससे साफ संकेत मिलता है कि:

  • कंपनी Cash Flow को मजबूत करना चाहती है
  • Glance और InMobi Advertising को नए मार्केट्स में ले जाना है
  • बड़े स्तर पर टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट डेवलपमेंट जारी रहेगा
  • लिस्टिंग के लिए बैलेंस शीट को व्यवस्थित किया जा रहा है

ये लोन Founder Stakes पर आधारित हैं, यानी फाउंडर्स का Confidence हाई है और कंपनी को aggressively बढ़ाने का इरादा भी।


📊 InMobi की मार्केट पोज़िशन

  • भारत की पहली यूनिकॉर्न एडटेक कंपनी
  • 100+ देशों में ऑपरेशन
  • ग्राहक — Amazon, Coca-Cola, Samsung, Walmart, और दुनिया की कई बड़ी Fortune 500 कंपनियां
  • Glance भारत के 200 मिलियन+ स्मार्टफोन्स पर उपलब्ध

🚀 आगे का रास्ता: लिस्टिंग on the horizon?

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह बायबैक और नई फंडिंग दोनों ही InMobi द्वारा आने वाले IPO की ओर बढ़ने का संकेत हो सकते हैं।

  • Founders का stake मजबूत
  • कंपनी Global expansion मोड में
  • New funding से बैलेंस शीट मजबूत
  • ग्लोबल एडटेक मार्केट 2025-2030 में तेजी से बढ़ने वाला है

ऐसे में InMobi लिस्टिंग के लिए एक परफेक्ट समय चुनने की तैयारी में हो सकती है।


📝 निष्कर्ष

InMobi द्वारा SoftBank से स्टेक बायबैक भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक बड़ा मोमेंट है।

यह बताता है कि भारतीय फाउंडर्स अब बड़े निवेशकों के सामने भी मजबूत नेगोशिएशन पोज़िशन में हैं और लंबी अवधि में अपनी कंपनियों के कंट्रोल को मजबूत रखना चाहते हैं।

350 मिलियन डॉलर की फंडिंग के साथ, कंपनी आने वाले सालों में बड़े पैमाने की ग्रोथ और संभवतः अपने IPO की दिशा में कदम बढ़ा सकती है।

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🚀 Peak XV Partners की शानदार निवेश सफलता: 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की पोर्टफोलियो वैल्यू!

Peak XV

भारत के टॉप वेंचर कैपिटल फर्मों की बात हो और Peak XV Partners (पहले Sequoia Capital India & SEA) का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। फर्म ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के सबसे सफल और प्रभावशाली निवेशकों में से एक है।

नए आंकड़ों के अनुसार, Peak XV के पास आज 30,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का पोर्टफोलियो है—वह भी तब जब कई हिस्सेदारियां कंपनी ने IPO के दौरान बेचीं या बाद में OFS के जरिए निकासी की।

यह आंकड़े उन रिटर्न मल्टिपल्स पर आधारित हैं जो IPO के समय के प्राइस बैंड के उच्चतम स्तर से लिए गए हैं, जबकि वर्तमान वैल्यू Peak XV की आज की हिस्सेदारी पर आधारित है।


💥 Groww ने दिलाया सबसे बड़ा रिटर्न: 20X से ज्यादा का धमाका

Peak XV की पोर्टफोलियो में सबसे चमकता सितारा है Groww, जिसने लिस्टिंग के समय शानदार 20.1X रिटर्न दिया।

फर्म के पास वर्तमान में Groww में 17.16% हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू आज 16,736 करोड़ रुपये है।

यह VC फर्म के लिए भारत के फिनटेक सेक्टर में सबसे बड़ी जीतों में से एक मानी जा रही है।


⚡ Pine Labs ने दिया 39X का अद्भुत IPO रिटर्न

फिनटेक यूनिकॉर्न Pine Labs ने Peak XV को 39.46X का रिटर्न दिया।

कंपनी में Peak XV की 16.81% हिस्सेदारी आज लगभग 4,826 करोड़ रुपये की है।

यह रिटर्न भारत के फिनटेक IPO इतिहास के सबसे मजबूती वाले रिटर्न में से एक है।


🛍️ Meesho: जल्द होने वाला IPO और 25X का पेपर रिटर्न

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho, जो जल्द ही पब्लिक होने की तैयारी में है, Peak XV के लिए एक और बड़ी जीत बनकर उभरा है।

फर्म को Meesho में लगभग 25.87X का पेपर रिटर्न मिल रहा है।

Peak XV के पास Meesho में 11.3% हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू अभी 5,342 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।


💄 Mamaearth और Wakefit: 10X क्लब के भरोसेमंद खिलाड़ी

  • Mamaearth ने Peak XV को 10X IPO-बैंड रिटर्न दिया और कंपनी में उनकी 14.83% हिस्सेदारी की कीमत आज करीब 1,372 करोड़ रुपये है।
  • Wakefit, जो अभी अनलिस्टेड है, ने भी 10X का पेपर रिटर्न दिया है। Wakefit में Peak XV की 22.47% हिस्सेदारी, आज करीब 1,369 करोड़ रुपये बैठती है।

इन दोनों कंज्यूमर ब्रांड्स की ग्रोथ ने Peak XV के कंज्यूमर फोकस को सही साबित किया है।


✈️ Ixigo, Awfis और Mobikwik: मध्यम-स्तर के लेकिन स्थिर रिटर्न

कुछ कंपनियों ने मध्यम लेकिन स्थिर रिटर्न दिए हैं:

  • Ixigo → 8.22X रिटर्न, वैल्यू: ₹671 करोड़
  • Awfis → 2.84X रिटर्न, वैल्यू: ₹121 करोड़
  • Mobikwik → वैल्यू: ₹179 करोड़ (9.85% हिस्सेदारी)

हालांकि ये रिटर्न Groww, Meesho या Pine Labs जितने बड़े नहीं हैं, लेकिन VC पोर्टफोलियो में स्थिरता देने में इनका भी अहम योगदान है।


🚚 BlackBuck: एकमात्र छूट — 0.88X रिटर्न

Peak XV ने BlackBuck से पूर्ण रूप से जून 2025 में एग्जिट लिया।
यह फर्म के पोर्टफोलियो में एक दुर्लभ निवेश था जिसने अपेक्षित रिटर्न नहीं दिया—सिर्फ 0.88X

हालांकि, यही VC गेम का हिस्सा है—हर निवेश यूनिकॉर्न नहीं बनता।


💰 कुल वैल्यू 30,000 करोड़ के पार — यह कैसे संभव हुआ?

कई हिस्सेदारियां बेचने, IPO में OFS करने और पोस्ट-लिस्टिंग डायल्यूशन के बावजूद Peak XV के पास आज ₹30,000 करोड़ से अधिक की वैल्यू बरकरार है।

यह दिखाता है कि फर्म की इन्वेस्टमेंट फिलॉसफी, टीम की समझ और कैटेगरी-लीडर्स को शुरुआती स्टेज में पहचानने की क्षमता उद्योग में unmatched है।


🧐 क्या आलोचना वाकई सही है? शायद नहीं!

VC फर्मों पर अक्सर आरोप लगता है कि वे:

  • स्टार्टअप्स को अत्यधिक ग्रोथ के लिए धक्का देते हैं
  • फाउंडर्स की हिस्सेदारी घटा देते हैं
  • आक्रामक रणनीतियाँ अपनाते हैं

लेकिन Peak XV के परिणाम देखें तो—
ये आरोप ज्यादातर “बकवास” लगते हैं।

क्योंकि—

  • जिन कंपनियों में Peak XV ने निवेश किया, वही आज अपने-अपने सेक्टर की नेतृत्वकर्ता बनीं।
  • कई बार जब कंपनियाँ मुश्किल में थीं, Peak XV ही वो फर्म थी जिसने उन्हें “एक और मौका” दिया।

🌱 भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम पर बड़ा असर

Peak XV की सफलता ने भारत में कई बड़े फैमिली ऑफिसों और घरेलू निवेशकों को VC फंड्स लॉन्च करने के लिए प्रेरित किया है।

इसका परिणाम है:

  • भारत में गहरा और मजबूत स्टार्टअप कैपिटल मार्केट
  • बेहतर IPO पाइपलाइन
  • वैश्विक निवेशकों का बढ़ता भरोसा

और सबसे महत्वपूर्ण—
India is now officially one of the world’s fastest-growing VC markets.


🧾 निष्कर्ष: Peak XV का फॉर्मूला काम करता है — और कैसे!

Peak XV की पोर्टफोलियो कहानी बताती है कि—

  • सही टीम
  • सही समय
  • सही सपोर्ट
  • और लंबी अवधि की सोच

किसी भी स्टार्टअप को बाजार की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।

हाँ, VC मॉडल की चुनौतियाँ हैं—
लेकिन जब आप Groww, Meesho, Mamaearth, Wakefit जैसे नाम देखते हैं तो स्पष्ट हो जाता है कि Peak XV का ट्रैक रिकॉर्ड भारत के VC इतिहास में सबसे मजबूत है।

अगर IPO बाजार सकारात्मक रहा, तो आने वाले सालों में Peak XV के लिए और भी बड़े रिटर्न दिखना तय है।

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🚀 CoreOps.AI ने जुटाए $3.5M

CoreOps.AI

Enterprise software startup CoreOps.AI ने अपने pre-Series A राउंड में $3.5 मिलियन (लगभग ₹29 करोड़) जुटाए हैं। यह राउंड Siana Capital Management के नेतृत्व में पूरा हुआ, जिसमें Kettlebrough, Aroa Venture Partners और कई एंजेल निवेशकों ने भी हिस्सा लिया।

यह नई फंडिंग कंपनी को एंटरप्राइज-लेवल ऑटोमेशन, डेटा इंटीग्रेशन और लेगेसी सिस्टम मॉडर्नाइजेशन के क्षेत्र में तेज़ी से विस्तार करने में मदद करेगी।


🏢 CoreOps.AI क्या करता है?

2024 में Rajesh Janey, Ankur Sharma, Rajnish Gupta और Rajiv Srivastava द्वारा स्थापित CoreOps.AI एक AI-पावर्ड एंटरप्राइज ऑटोमेशन प्लेटफ़ॉर्म विकसित करता है।

स्टार्टअप का फोकस बड़ी कंपनियों की इन चुनौतियों को आसान बनाने पर हैः

  • लेगेसी सिस्टम अपग्रेड
  • अलग-अलग डेटा स्रोतों को एक जगह लाना
  • रोज़ाना के ऑपरेशंस को ऑटोमेट करना
  • डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को तेज़ और किफायती बनाना

कंपनी कहती है कि उसका प्लेटफ़ॉर्म 20 से अधिक एंटरप्राइज यूज़ केसेज़ को सपोर्ट करता है, जिनमें शामिल हैं:

  • मैन्युफैक्चरिंग
  • फिनटेक और BFSI
  • रिटेल
  • हेल्थकेयर

🔧 पारंपरिक कंसल्टिंग मॉडल का विकल्प

CoreOps.AI खुद को traditional consulting-led digital transformation का platform-first alternative बताता है।

👉 पारंपरिक मॉडल में:

  • प्रोजेक्ट लंबे चलते हैं
  • कंसल्टिंग लागत बहुत ज़्यादा होती है
  • इंटीग्रेशन और डेवलपमेंट में महीनों लग जाते हैं

👉 CoreOps.AI के मॉडल में:

  • AI-driven automation
  • No-code/low-code इंटीग्रेशन
  • तेज़ डिप्लॉयमेंट
  • रियल-टाइम डेटा कंसॉलिडेशन

इससे कंपनियों को कुशलता (efficiency) बढ़ाने, बॉटलनेक्स खत्म करने और ऑपरेशनल कॉस्ट कम करने में मदद मिलती है।


💰 फंडिंग का उपयोग कहां होगा?

कंपनी ने कहा कि नई पूंजी का उपयोग इन प्रमुख क्षेत्रों में किया जाएगा:

1️⃣ इंजीनियरिंग टीम का विस्तार

CoreOps.AI अपनी तकनीकी और AI इंजीनियरिंग टीम को तेज़ी से बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, ताकि अधिक एंटरप्राइज सॉल्यूशंस को स्केल किया जा सके।

2️⃣ प्रोडक्ट डेवलपमेंट में तेजी

कंपनी उन्नत AI सेल्फ-सर्विस टूल्स, डेटा इंटीग्रेशन इंजन और ऑप्स-ऑटोमेशन फीचर्स पर काम कर रही है।

3️⃣ एंटरप्राइज कस्टमर डिप्लॉयमेंट्स को स्केल करना

CoreOps.AI ने पहले ही कई बड़े भारतीय और वैश्विक ग्राहकों के साथ पायलट और डिप्लॉयमेंट शुरू कर दिए हैं।


🌐 क्यों बढ़ रही है एंटरप्राइज AI और ऑटोमेशन की मांग?

भारत समेत दुनिया भर में बड़ी कंपनियाँ इन समस्याओं से जूझ रही हैं:

  • पुरानी तकनीक पर काम करने वाली सिस्टम
  • मैनुअल और धीमी प्रक्रियाएँ
  • डेटा का अलग-अलग जगह बिखराव
  • डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का महंगा और लंबा प्रोसेस

AI-powered platforms जैसे CoreOps.AI इन चुनौतियों को आसान बनाते हैं, जिससे कंपनियाँ:

  • प्रक्रिया तेज़ कर सकती हैं
  • सही बिज़नेस इनसाइट्स पा सकती हैं
  • ऑटोमेशन से लागत कम कर सकती हैं
  • रियल-टाइम डेटा से बेहतर फैसले ले सकती हैं

🧠 CoreOps.AI के प्लेटफ़ॉर्म के मुख्य फीचर्स

स्टार्टअप बताता है कि उसका प्लेटफ़ॉर्म एंटरप्राइजेज को end-to-end support देता है, जिसमें शामिल है:

✔️ AI-driven डेटा इंजीनियरिंग

विभिन्न सिस्टम और ऐप्स से डेटा को एकीकृत कर एक कॉमन लेयर में लाया जाता है।

✔️ ऑटोमेशन-ड्रिवेन ऑपरेशंस

मैनुअल कार्यों को AI और RPA से ऑटोमेट किया जाता है, जिससे गति कई गुना बढ़ती है।

✔️ लिगेसी सिस्टम मॉडर्नाइजेशन

पुराने सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक AI-आधारित मॉड्यूल में बदलना।

✔️ प्लग-एंड-प्ले मॉडल

कस्टमर्स को किसी बड़े कोडिंग ओवरहॉल की ज़रूरत नहीं होती।


💼 मार्केट साइज और अवसर

डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मार्केट भारत में तेजी से बढ़ रहा है।

  • 2025 तक यह मार्केट $85–90 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान
  • AI ऑपरेशंस और डेटा मॉडर्नाइजेशन की मांग में 30–40% वार्षिक वृद्धि
  • BFSI, रिटेल और हेल्थकेयर में AI इंटीग्रेशन सबसे तेज

CoreOps.AI इस तेजी से बढ़ते सेगमेंट में खुद को एक scalable, cost-efficient AI modernization solution के रूप में स्थापित कर रहा है।


🏁 निष्कर्ष: CoreOps.AI की तेज़ रफ्तार शुरू

इस फंडिंग राउंड के बाद CoreOps.AI अब अपनी क्षमता बढ़ाने, प्रोडक्ट को और सशक्त बनाने और बड़े एंटरप्राइज कॉन्ट्रैक्ट्स को स्केल करने में सक्षम होगा।

भारत और वैश्विक स्तर पर AI-led modernization की बढ़ती जरूरत के बीच CoreOps.AI अपने आप को एक मजबूत AI transformation partner के रूप में स्थापित कर रहा है।

यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले महीनों में कंपनी कैसे नए बड़े ग्राहकों को जोड़ती है और भारत के AI-ऑटोमेशन इकोसिस्टम में अपनी जगह मजबूत करती है।

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🚀 Mannjal ने जुटाए ₹17.5 करोड़: फुल-स्टैक लेंडिंग

Four individuals in a meeting room.

भारत में तेज़ी से बढ़ते डिजिटल लेंडिंग सेक्टर में एक और नई उपलब्धि दर्ज हुई है। बेंगलुरु-स्थित फुल-स्टैक लेंडिंग प्लेटफॉर्म Mannjal ने अपनी सीड फंडिंग राउंड में ₹17.5 करोड़ (लगभग $2.1M) जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व Arali Ventures और B Capital ने किया, जबकि Sparrow Capital और Gemba Capital भी इसमें शामिल रहे।

यह फंडिंग Mannjal के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि कंपनी आने वाले महीनों में अपनी टेक्नोलॉजी, लेंडर नेटवर्क और प्रोडक्ट डेवलपमेंट को और तेज़ी से विस्तार देना चाहती है।


💡 Mannjal क्या करता है?

2023 में प्राशांत अदुर्ति, अमन भार्गव और हर्षित लिंगमनेनी द्वारा स्थापित Mannjal एक फुल-स्टैक लेंडिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य वित्तीय संस्थानों—जैसे बैंकों, NBFCs और इंश्योरेंस कंपनियों—को बड़ी स्केल पर priority-sector और impact-linked लोन कुशलता से डिस्बर्स करने में मदद करना है।

प्लेटफॉर्म की मुख्य क्षमताएँ:

  • 📌 Field Operations Automation
    ऑन-ग्राउंड टीमों के लिए डिजिटल सपोर्ट सिस्टम
  • 📌 Origination Support
    नए लोन आवेदन की स्मूद प्रोसेसिंग
  • 📌 AI-Enabled Credit Decisioning
    बाहरी डेटा को जोड़कर अधिक सटीक प्रोफाइलिंग
  • 📌 Custom Workflows
    रिक्स, ऑपरेशंस और बिज़नेस टीमों के लिए आसान कस्टमाइजेशन
  • 📌 Digital + Physical Data Journey
    दोनों तरह की जानकारी को एकीकृत रूप से उपयोग करने की क्षमता

📉 तेज़ फैसले, बेहतर परिणाम: Mannjal का असर

कंपनी के मुताबिक Mannjal का प्लेटफॉर्म उपयोग करने वाले लेंडर्स को स्पष्ट लाभ मिले हैं:

  • टर्नअराउंड टाइम (TAT) में 50–75% तक की कमी
  • Sanction Ratio में बढ़ोतरी: 85–90% तक
  • बेहतर डेटा, तेज़ प्रोसेस और अधिक सटीक क्रेडिट निर्णय

ये सुधार खासतौर पर उन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण हैं जहाँ priority-sector lending जैसे कि:

  • MSME लोन
  • Loan Against Property (LAP)
  • Affordable Housing Finance

में समय पर निर्णय लेना बेहद आवश्यक होता है।


💰 अब तक ₹1,000 करोड़ का लोन डिस्बर्समेंट

सिर्फ 18 महीनों में ही Mannjal ने अपनी मौजूदगी का मजबूत सबूत दिया है।

  • पिछले 1.5 साल में
    ✔️ ₹1,000 करोड़ के लोन डिस्बर्समेंट को सक्षम बनाया
  • वर्तमान में
    ✔️ 75 से ज़्यादा लेंडर्स कंपनी के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं

भारत के तेजी से बढ़ते क्रेडिट इकोसिस्टम में यह उपलब्धि काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


🏦 Priority-Sector Lending में टेक्नोलॉजी की ज़रूरत क्यों?

भारत में priority-sector lending (जैसे किसानों, छोटे व्यवसायों और सस्ते घरों के लिए लोन) को बढ़ावा देना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है। लेकिन कई वित्तीय संस्थान इन क्षेत्रों में लोन देने में चुनौतियों का सामना करते हैं:

  • दस्तावेजों की कमी
  • असंगठित डेटा
  • धीमी प्रक्रियाएँ
  • उच्च संचालन लागत

Mannjal जैसे टेक-प्लेटफॉर्म इन समस्याओं को डिजिटल इन्फ्रा के ज़रिये हल कर रहे हैं। उनकी तकनीक से:

  • डेटा तुरंत उपलब्ध होता है
  • प्रोफाइलिंग अधिक सटीक होती है
  • जोखिम कम होता है
  • संचालन लागत घटती है

यही कारण है कि इस क्षेत्र में ऐसे प्लेटफॉर्म की मांग बढ़ रही है।


🌐 फंडिंग का उपयोग कैसे होगा?

Mannjal ने बताया कि नई फंडिंग मुख्य रूप से निम्न उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होगी:

🔹 1. लेंडर नेटवर्क का विस्तार

कंपनी अधिक बैंकों और NBFCs को ऑनबोर्ड करेगी, जिससे देश भर में priority-sector लोन की पहुँच बढ़ सके।

🔹 2. प्रोडक्ट डेवलपमेंट में तेजी

AI-आधारित इंजन, डेटा एनरिचमेंट, लोन लाइफसाइकिल मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में सुधार के लिए निवेश होगा।

🔹 3. मजबूत टेक्नोलॉजी इन्फ्रास्ट्रक्चर

स्केलेबल और सुरक्षित आर्किटेक्चर पर और काम किया जाएगा।

कंपनी का लक्ष्य अगले 2–3 वर्षों में देश के टॉप क्रेडिट-इनेबलिंग प्लेटफॉर्म्स में शामिल होना है।


🧭 भारत में डिजिटल लेंडिंग का बढ़ता बाज़ार

भारत का डिजिटल लेंडिंग मार्केट आने वाले वर्षों में तेज़ गति से बढ़ने की संभावना है:

  • 2025 तक यह सेक्टर $720 बिलियन तक पहुँच सकता है
  • MSME और Affordable Housing लेंडिंग की मांग लगातार बढ़ रही है
  • फिनटेक और बैंक साझेदारियाँ अधिक मजबूत हो रही हैं

ऐसे माहौल में Mannjal जैसे प्लेटफॉर्म वित्तीय संस्थानों की रीढ़ बनते जा रहे हैं।


🔍 निष्कर्ष: Mannjal फिनटेक इन्फ्रास्ट्रक्चर में उभरता बड़ा नाम

भारत में फाइनेंशियल इन्क्लूजन और priority-sector lending को मजबूत बनाने में Mannjal का योगदान बढ़ रहा है।
₹17.5 करोड़ की नई फंडिंग कंपनी के विस्तार को और गति देगी।

टेक्नोलॉजी-आधारित क्रेडिट डिस्ट्रीब्यूशन, तेज़ निर्णय क्षमता और बेहतर डेटा स्ट्रक्चरिंग—ये सभी Mannjal को भारत के फिनटेक इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक मजबूत खिलाड़ी बना रहे हैं।

आने वाले वर्षों में उम्मीद है कि यह प्लेटफॉर्म न केवल अपने लेंडर नेटवर्क को तेजी से बढ़ाएगा बल्कि देश में लोन वितरण के भविष्य को भी और अधिक डिजिटल, तेज़ और भरोसेमंद बनाएगा।

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🔐 Mirror Security ने उठाए $2.5M

Mirror Security

AI सुरक्षा और encrypted data protection पर फोकस करने वाली स्टार्टअप Mirror Security ने अपने प्री-सीड राउंड में $2.5 मिलियन (लगभग Rs 21 करोड़) की फंडिंग जुटाई है। इस राउंड का नेतृत्व Sure Valley Ventures (SVV) और Atlantic Bridge ने किया।

Mirror Security का कहना है कि यह फंडिंग कंपनी को अपने इंजीनियरिंग और AI सुरक्षा टीमों को आयरलैंड, अमेरिका और भारत में विस्तार देने, encrypted inferencing और secure fine-tuning जैसी तकनीकों को आगे बढ़ाने और US एंटरप्राइज मार्केट में तेज़ी से विस्तार करने में मदद करेगी।


🛡️ Mirror Security क्या करती है?

Mirror Security एक GenAI-native सुरक्षा कंपनी है, जिसका फोकस encrypted data protection और AI सिस्टम की सुरक्षा पर है। कंपनी की शुरुआत 2024 में पंकज थापा और आदित्य नारायण K ने की थी। यह यूनिवर्सिटी कॉलेज डबलिन (UCD) से एक research-driven spin-out है, जिसके ऑपरेशन आयरलैंड, US और भारत — तीनों जगह मौजूद हैं।

कंपनी का मुख्य लक्ष्य है कि AI मॉडल संवेदनशील डेटा को ट्रेनिंग या इंफरेंस के दौरान एक्सपोज़ किए बिना प्रोसेस कर सकें, जिससे बड़े एंटरप्राइजेस AI को confidently अपनाने लगें।


🧠 कंपनी का “Security of AI” प्लेटफ़ॉर्म

Mirror Security एक integrated “Security of AI” प्लेटफ़ॉर्म बनाती है, जिसमें तीन प्रमुख प्रोडक्ट शामिल हैं:

✔️ AgentIQ – Full Spectrum Agentic Security

यह टूल बड़े AI एजेंट, workflows और मॉडलों को end-to-end सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है। यह संभावित दुरुपयोग, unauthorized accesses और AI manipulation को रोकता है।

✔️ DiscoveR – Automated Red Teaming Tool

DiscoveR लगातार AI मॉडलों को टेस्ट करता है और सुरक्षा कमजोरियों की पहचान करता है। यह एंटरप्राइज को उन loopholes के बारे में बताता है, जिन्हें attackers exploit कर सकते हैं।

✔️ VectaX – Fully Homomorphic Encryption (FHE) Engine

VectaX असल में Mirror Security की core तकनीक है।
इस tech की खासियत:
AI sensitive data को बिना decrypt किए प्रोसेस कर सकता है।
मतलब:

  • डेटा encrypted ही रहता है
  • और उसी form में मॉडल inference कर सकता है
  • जिससे डेटा लीक होने की संभावना लगभग खत्म हो जाती है

यह capability आज AI adoption में सबसे बड़ा trust barrier दूर करती है।


🌎 Enterprise AI Adoption का सबसे बड़ा Barrier: डेटा सुरक्षा

अभी AI की सबसे बड़ी समस्या यह है कि कंपनियाँ sensitive data मॉडल्स को देने से डरती हैं।
क्योंकि:

  • डेटा एक्सपोज़ हो सकता है
  • मॉडल चोरी हो सकते हैं
  • AI hallucination या misuse से नुकसान हो सकता है

Mirror Security का कहना है कि उनका end-to-end encrypted AI इंफ्रास्ट्रक्चर इन चिंताओं को खत्म करता है।
यही वजह है कि कई US और Middle East कंपनियाँ पहले से ही उनके solutions में दिलचस्पी दिखा रही हैं।


🤝 बड़े पार्टनर्स का साथ

Mirror Security ने कई ग्लोबल टेक पार्टनर्स के साथ strategic agreements साइन किए हैं। इनमे शामिल हैं:

  • Inception AI (G42 कंपनी)
    Mirror Security का पूरा AI सुरक्षा सूट अब Inception के enterprise और government ecosystem में deploy होगा।
  • Intel
  • MongoDB
  • Qdrant
  • SiSys AI
  • Accops

इन partnerships से कंपनी के solutions को बड़े-scale deployments और global reach मिलेगी।


🌍 US Enterprise Market में प्रवेश

कंपनी का immediate focus US enterprise मार्केट है, जहाँ AI security के tools की सबसे ज़्यादा demand है।
Healthcare, banking, defense और public sector जैसे sensitive क्षेत्रों में encrypted AI solutions की आवश्यकता बहुत तेज़ी से बढ़ी है।

Mirror Security इस segment को capture करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।


📈 फंडिंग क्यों महत्वपूर्ण है?

AI security global level पर एक emerging high-value सेक्टर बन चुका है।
जैसे-जैसे कंपनियाँ GenAI को अपनाती जा रही हैं, security, data confidentiality और responsible AI की आवश्यकता बढ़ रही है।

Mirror Security इस niche space में एक deep-tech, research-driven और globally focused कंपनी है।

प्री-सीड स्तर पर ही $2.5M की फंडिंग इस सेक्टर में बढ़ती demand को दिखाती है।


🔮 आगे की योजना: AI Security का Global Leader बनने का लक्ष्य

Mirror Security आगे:

  • अपने AI प्रोडक्ट्स को enterprise-grade स्तर पर मजबूत करने
  • US, Middle East और Europe में मार्केट विस्तार
  • और नई AI सुरक्षा tech पर रिसर्च करने
    पर बड़ा ध्यान देगी।

कंपनी का long-term vision है कि AI systems उतने ही सुरक्षित हों जितना encrypted banking systems, ताकि दुनिया भर की कंपनियाँ AI को बिना डर के इस्तेमाल कर सकें।


📝 निष्कर्ष

Mirror Security की यह फंडिंग भारत और आयरलैंड दोनों के deep-tech ecosystem के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
GenAI security आने वाले वर्षों में trillion-dollar AI इकोसिस्टम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रहा है—और Mirror Security इस लहर को lead करने की तैयारी कर रही है।

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🧵 ReplyAll ने उठाए ₹6.8 करोड़

ReplyAll

भारत के तेजी से बढ़ते D2C फैशन मार्केट में एक और नया, इनोवेटिव ब्रांड तेजी से उभर रहा है। बेंगलुरु-स्थित replyall, जो ऑल-डे क्लोदिंग (All-Day Clothing) पर फोकस करता है, ने अपने पहले फंडिंग राउंड में ₹6.8 करोड़ ($750K) जुटाए हैं। इस राउंड को Sparrow Capital और Antler India ने लीड किया, जबकि Bharat Founders Fund, DeVC और कई जाने-माने D2C फाउंडर्स ने भी इसमें हिस्सा लिया।

यह फंडिंग ReplyAll के लिए सिर्फ कैपिटल नहीं, बल्कि भारत के अगले बड़े फैशन ट्रेंड—फंक्शनल, ऑल-डे, टेक-फैब्रिक बेस्ड कपड़े—की ओर उठाया गया मजबूत कदम है।


💡 ReplyAll क्या बनाता है?

ReplyAll खुद को पारंपरिक फैशन ब्रांड नहीं मानता। कंपनी का दावा है कि वह एक नई कैटेगरी बना रही है—All-Day Clothing, यानी ऐसे कपड़े जो हर समय, हर जगह पहने जा सकें।

➡️ ऑफिस से लेकर जिम
➡️ ट्रैवल से लेकर रूटीन काम
➡️ मूवमेंट से लेकर पूरे दिन की एक्टिविटी

आप एक ही आउटफिट में सब कुछ कर सकें—ऐसे कपड़े ReplyAll डिजाइन करता है।

🔬 इसकी तकनीक आधारित है:

  • Material science
  • Fabric engineering
  • Sweat-resistant fibres
  • Thermoregulation
  • Breathability
  • Stretch और movement comfort

यानी ReplyAll फैशन नहीं बनाता—यह performance wear + daily wear का कॉम्बिनेशन तैयार करता है।


🧵 फंडिंग का उपयोग कैसे होगा?

कंपनी के अनुसार, मिली फंडिंग का उपयोग तीन मुख्य क्षेत्रों में किया जाएगा:

1️⃣ प्रोडक्ट डेवलपमेंट

नई टेक्निकल फैब्रिक टेक्नोलॉजी, डिजाइन सिस्टम और category-wise clothing लाइन तैयार करने पर ज़ोर होगा।

2️⃣ मटेरियल और डिजाइन पाइपलाइन का विस्तार

ReplyAll अपनी fabric engineering और climate-focused मटेरियल को मजबूत करेगा।
भारत का मौसम—humidity, heat, sweat—को ध्यान में रखते हुए performance-based कपड़े बनाए जाएंगे।

3️⃣ मार्केट एक्सपेंशन

ऑनलाइन और ऑफलाइन चैनलों के ज़रिए ब्रांड की reach बढ़ाई जाएगी।
कंपनी urban और semi-urban मार्केट्स पर खास फोकस करेगी।


👔 भारत का Apparel Market: ReplyAll के लिए बड़ा अवसर

मार्केट रिसर्च के अनुसार:

  • भारत का apparel market 2024 में $59.3 बिलियन का था।
  • इनमें functional clothing का साइज़ $8.89 बिलियन है।
  • यह segment 5–6% की वार्षिक गति से बढ़ रहा है।

Urban consumers की lifestyle बदल रही है—वर्क-फ्रॉम-होम, कैज़ुअल ऑफिस वियर, फिटनेस culture और ट्रैवल की frequency ने multi-purpose clothing की demand बढ़ा दी है।

ReplyAll उसी दबाव और बदलाव को एक अवसर की तरह देख रहा है।


👨‍💼 Founder Rushabh Sanghavi की दृष्टि

ReplyAll के संस्थापक Rushabh Sanghavi का फोकस एक ऐसी apparel category तैयार करना है जो fast fashion से अलग हो।

उनका कहना है कि भारत में ऐसे कपड़ों की कमी है जो:

✔ पूरे दिन पहने जा सकें
✔ activity-based बदलने न पड़ें
✔ tropical climate-friendly हों
✔ lightweight हों
✔ performance प्रदान करें

यही gap ReplyAll भरना चाहता है—कपड़ों को सिर्फ देखने में अच्छा नहीं, बल्कि practical और functional भी बनाना


🧪 All-Day Clothing Line: पहला लॉन्च पुरुषों के लिए

ReplyAll शुरुआत कर रहा है men’s all-day wear से।
ये कपड़े engineered fabrics से बनाए जाएंगे:

  • High breathability
  • Sweat resistance
  • Stretch and comfort
  • Temperature control
  • Odor resistance

यानि एक outfit जो एक साथ:

👉 ऑफिस लुक
👉 जिम मूवमेंट
👉 ट्रैवल
👉 कैज़ुअल डे
👉 Outdoor activity

सबके लिए फिट हो।


🛒 ReplyAll vs Fast Fashion: क्या फर्क है?

ReplyAll खुद को fast fashion से अलग रखता है।

Fast FashionReplyAll
Trend-basedPurpose-built
Short-term wearLong-term performance
Heavy fabricsEngineered lightweight fabrics
बदलते स्टाइलConsistent all-purpose design
Fashion-firstComfort + Performance-first

कंपनी का फोकस ऐसे कपड़े बनाने पर है जिन्हें दिन में कई बार बदलना न पड़े—बस एक बार पहनें और पूरा दिन निकालें


📈 निवेशकों का भरोसा क्यों?

ReplyAll में निवेश करने वाले निवेशक भारत के तेजी से बदलते apparel landscape को लेकर काफी bullish हैं। Sparrow Capital, Antler India और Bharat Founders Fund जैसे निवेशक मानते हैं कि functional apparel आने वाले सालों में एक mass category बनने वाली है।

वे ReplyAll में क्षमता देखते हैं:

  • तकनीक से संचालित कपड़े
  • क्लाइमेट-स्मार्ट मटेरियल
  • भारत की lifestyle transformation
  • बड़े urban market का adoption
  • high repeat rate और subscription-style buying

D2C ब्रांड्स की सफलता high retention और product quality पर निर्भर करती है—ReplyAll इस मॉडल को अपनाना चाहता है।


🔮 आगे क्या?

ReplyAll का लक्ष्य आने वाले 2–3 सालों में:

  • Multi-category product launches
  • Pan-India expansion
  • Women’s all-day clothing line
  • Offline experience centers
  • Climate-adaptive fabrics का R&D

कंपनी का स्पष्ट उद्देश्य है—भारत में एक ऐसा अर्ली-मूवर बनना जो all-day clothing को मेनस्ट्रीम में लेकर आए।


📝 निष्कर्ष

ReplyAll का मॉडल सिर्फ fashion नहीं, बल्कि एक lifestyle transformation की ओर संकेत करता है। Urban भारतीय यूज़र अब comfort, functionality और multi-purpose clothing की ओर शिफ्ट हो रहा है। टेक्सटाइल और फैब्रिक इनोवेशन के साथ ReplyAll इस बढ़ते trend का नेतृत्व करना चाहता है।

₹6.8 करोड़ की शुरुआती फंडिंग उसके vision को मजबूत करती है और यह दिखाती है कि भारतीय बाजार ऐसे इनोवेटिव, purpose-driven ब्रांड्स को अपनाने के लिए तैयार है।

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🚀 Yoodli ने जुटाए $40 Million

Yoodli

AI-आधारित roleplay और experiential learning प्लेटफ़ॉर्म Yoodli ने अपने Series B फंडिंग राउंड में $40 मिलियन जुटा लिए हैं। इस राउंड का नेतृत्व WestBridge Capital ने किया, जबकि Neotribe और Madrona भी इसमें शामिल रहे।
इस निवेश के साथ कंपनी की कुल फंडिंग करीब $60 मिलियन तक पहुँच गई है। इससे पहले Yoodli ने मई 2025 में Series A राउंड पूरा किया था

कंपनी इस नई फंडिंग का उपयोग AI क्षमताओं, personalization, analytics, और enterprise learning में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए करेगी।


💡 Yoodli क्या करता है?

2021 में Varun Puri और Esha Joshi द्वारा सिएटल (Seattle) में शुरू किया गया Yoodli, एक ऐसा AI टूल बनाता है जो उपयोगकर्ताओं को roleplay और वास्तविक जीवन जैसे communication practice sessions प्रदान करता है।

इसका लक्ष्य है —
✔ लोगों को sales calls
✔ leadership conversations
✔ interviews
✔ feedback meetings

जैसे महत्वपूर्ण communication scenarios के लिए AI आधारित सिमुलेशन देना।

ये प्लेटफ़ॉर्म उपयोगकर्ता को private practice environment देता है, जिसमें वह बिना किसी झिझक के बोलने, बातचीत करने और कॉन्फ़िडेंस बढ़ाने का अभ्यास कर सकते हैं। साथ ही, AI द्वारा instant feedback, body language के insights, fillers की गिनती, eye-contact विश्लेषण जैसी सुविधाएँ भी मिलती हैं।


🧠 किस तरह का AI उपयोग होता है?

Yoodli का AI सिर्फ text या voice feedback नहीं देता, बल्कि
✨ situation-based roleplays बनाता है
✨ adaptive conversation flow देता है
✨ personal learning curve को track करता है
✨ उपयोगकर्ता की performance के आधार पर नए scenarios तैयार करता है

यानी Yoodli का फोकस केवल content-based training पर नहीं, बल्कि real conversational practice पर है।


🏢 बड़े-बड़े एंटरप्राइजेज Yoodli का इस्तेमाल कर रहे हैं

आज Yoodli को दुनिया की कई टॉप कंपनियाँ उपयोग कर रही हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • Google
  • Snowflake
  • Databricks
  • RingCentral
  • Sandler Sales

ये कंपनियाँ अपने कर्मचारियों के sales training, leadership development, customer-facing communication और internal team collaboration में सुधार लाने के लिए Yoodli का उपयोग कर रही हैं।


📈 कंपनी का बड़ा लक्ष्य – Communication Skills को तेजी से अपग्रेड करना

आज की बिज़नेस दुनिया में communication skills को सीखने में महीनों लग जाते हैं। Yoodli इस प्रक्रिया को AI practice और adaptive learning के ज़रिए तेज़, आसान और measurable बना रहा है।

कंपनी का कहना है कि Yoodli की मदद से —
✔ employees का training time कम होता है
✔ sales productivity बढ़ती है
✔ performance evaluation आसान हो जाता है
✔ HR और learning teams बेहतर training outcomes देख पाती हैं

डिप लर्निंग और जनरेटिव AI का उपयोग करके Yoodli एक ऐसी ecosystem बना रहा है, जहाँ लोग बिना किसी इंस्ट्रक्टर के प्राकृतिक रूप से बातचीत का अभ्यास कर सकते हैं।


📊 Series B फंडिंग का उपयोग कहाँ होगा?

कंपनी ने बताया कि यह $40 मिलियन निम्न क्षेत्रों में उपयोग किए जाएंगे:

1️⃣ AI Coaching Capabilities

AI को और मजबूत बनाकर इससे और प्राकृतिक conversations generate की जाएंगी।

2️⃣ Personalized Learning

हर यूज़र के communication level, speed, tone और objective के आधार पर सीखने का personalized track बनाया जाएगा।

3️⃣ Analytics और Reporting

Enterprise clients को detailed dashboards और insights देने के लिए advanced analytics develop किए जाएंगे।

4️⃣ GTM (Go-To-Market) Expansion

एंटरप्राइज लर्निंग और workforce development को तेजी से स्केल करने के लिए GTM टीम को बड़ा किया जाएगा।

5️⃣ Global Market Expansion

अमेरिका के बाहर एशिया, यूरोप और भारत जैसे बड़े बाजारों में विस्तार किया जाएगा।

6️⃣ Product & Research टीम का विस्तार

AI research, engineering, और customer success टीमों को बढ़ाया जाएगा।


🧩 WestBridge का बढ़ता AI पोर्टफोलियो

WestBridge Capital हाल ही में भारत में AI और enterprise tech पर बड़ा दांव लगा रहा है।

इसके हालिया निवेशों में शामिल हैं —

  • FinBox – $40 million Series B
  • UnifyApps – enterprise AI platform
  • SpeakX – edtech प्लेटफ़ॉर्म
  • Rapido (secondary transaction to enable Swiggy’s exit)

WestBridge का कहना है कि Yoodli जैसे AI learning tools आने वाली workforce का भविष्य तय करते हैं। इसलिए यह निवेश एक strong vision को दर्शाता है।


🌍 AI Roleplay Market में Yoodli की बढ़त

Communication training एक विशाल global market है—
▶ sales training
▶ corporate learning
▶ leadership programs
▶ HR onboarding
▶ interview practice
▶ customer success training

इन सभी क्षेत्रों में AI roleplay का adoption तेजी से बढ़ रहा है, और Yoodli इस race में सबसे आगे दिखाई दे रहा है।


🔮 आगे की राह: Yoodli क्या हासिल करना चाहता है?

कंपनी के फाउंडर्स का विज़न है —
➡ दुनिया में हर व्यक्ति को एक ऐसा AI coach मिले
➡ जो 24×7 real-life communication practice दे
➡ जिससे लोग speaking और interpersonal skills में बेहतर बन सकें

AI की वजह से communication training अब manual नहीं रहेगी, बल्कि scalable, measurable और personalized बनेगी।


📌 निष्कर्ष

Yoodli का $40 मिलियन Series B फंडिंग राउंड यह दिखाता है कि AI-powered communication learning एक तेजी से बढ़ता हुआ global trend है।
Google और Snowflake जैसी कंपनियों द्वारा इसका उपयोग यह साबित करता है कि भविष्य में traditional training methods की जगह AI roleplay और experiential learning लेने वाले हैं।

नई फंडिंग के साथ, Yoodli global expansion, advanced AI capabilities और enterprise adoption में एक बड़ा कदम उठाने के लिए तैयार है।

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🪑 Furlenco ने जुटाए ₹125 करोड़

Furlenco

भारत का तेजी से बढ़ता subscription-based furniture startup Furlenco एक बार फिर सुर्खियों में है। कंपनी ने अपने नए फंडिंग राउंड में ₹125 करोड़ (लगभग $15 मिलियन) जुटाए हैं। यह निवेश Sheela Foam Limited (Sleepwell की पैरेंट कंपनी) ने किया है, जिसमें Whiteoak और जाने-माने निवेशक Madhu Kela की भी भागीदारी रही।

इस निवेश के साथ Sheela Foam का Furlenco में विश्वास और गहरा हो गया है—क्योंकि कंपनी ने जुलाई 2023 में पहले ही ₹300 करोड़ लगाकर Furlenco में 35% हिस्सेदारी ले ली थी। यह नया फंड कंपनी के अगले विकास चरण के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।


🚀 क्यों मिला यह निवेश?—Furlenco के आगे की बड़ी प्लानिंग

कंपनी का कहना है कि यह ताज़ा फंडिंग तीन प्रमुख उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाएगी:

1️⃣ Product Portfolio का विस्तार

Furlenco आने वाले समय में और ज्यादा furniture categories, home solutions और premium offerings जोड़ने की योजना बना रहा है।

2️⃣ Omnichannel operations को मजबूत बनाना

ऑनलाइन + ऑफलाइन मॉडल को और विस्तृत किया जाएगा ताकि ग्राहकों को seamless experience मिल सके।

3️⃣ IPO की तैयारी

कंपनी आने वाले कुछ वर्षों में Initial Public Offering (IPO) पर गंभीरता से काम कर रही है।
यह फंड उनके distribution network और operational scale को बढ़ाने में मदद करेगा।


🏢 Furlenco: 2012 में शुरू हुआ भारत का पहला subscription-led furniture brand

Furlenco की शुरुआत 2012 में Ajith Mohan Karimpana ने की थी, जिसका vision था—
“Indian customers को affordable, flexible और high-quality furniture access देना—बिना खरीदने के झंझट के।”

कंपनी आज तीन तरह की सेवाएँ देती है:

  • Furniture on Rent
  • Furniture Purchase
  • Refurbished Furniture

यह model उन millennials और urban customers के बीच बेहद लोकप्रिय है जो flexible lifestyle पसंद करते हैं।


📈 Customers और Scale — Furlenco का आसमान छूता विस्तार

कंपनी के अनुसार:

  • 1.5 लाख+ active subscribers
  • 10 लाख से अधिक homes furnished
  • भारत के बड़े शहरों में मजबूत उपस्थिति
  • तेज़ delivery, maintenance और upgrade options

Furlenco का कहना है कि उसका flexible rental model young working population और moving professionals के लिए perfect है।


💰 Funding History: ₹2,600 करोड़ से अधिक की कुल फंडिंग

Startup data platform TheKredible के अनुसार:

  • Furlenco अब तक $313 मिलियन (₹2,600 करोड़+) फंडिंग जुटा चुका है
  • प्रमुख निवेशक —
    • Sheela Foam (Sleepwell)
    • Lightbox Ventures
    • Crescent Ventures
    • Eagles
  • Founder & CEO अजीथ मोहन करिमपाना के पास कंपनी की 12% हिस्सेदारी रहती है

यह दिखाता है कि कंपनी पर शुरुआती और गए-गुजरे दोनों निवेशक आज भी भरोसा करते हैं।


📊 FY25 में पहली बार Profit — मजबूत संकेत IPO तैयारी का

Furlenco के लिए यह साल कई मायनों में ऐतिहासिक रहा।

✔️ FY25 Revenue: ₹240 करोड़

✔️ FY25 Profit: ₹3 करोड़

❌ FY24 Loss: ₹139 करोड़

कंपनी का कहना है कि यह turnaround इसलिए संभव हुआ क्योंकि:

  • subscription model को optimise किया गया
  • capital को efficient तरीके से allocate किया गया
  • operational खर्चों को smart तरीके से मैनेज किया गया

ये financial results यह संकेत देते हैं कि कंपनी अब solid footing पर खड़ी है—जो किसी भी IPO के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात होती है।


🧩 Sheela Foam क्यों Furlenco पर दांव लगा रही है?

Sleepwell की parent कंपनी होने के नाते Sheela Foam की home & lifestyle space में बड़ी मौजूदगी है।
Furlenco में निवेश करके वे:

  • युवाओं और urban families तक गहरी पहुँच बना रहे हैं
  • furniture + mattress + home solutions ecosystem तैयार कर रहे हैं
  • long-term consumer lifestyle strategy बना रहे हैं

Furlenco का subscription model traditional furniture buying को disrupt कर रहा है—और यही future growth का बड़ा हथियार है।


🛋️ Indian Furniture Market का Future—Furlenco कहाँ फिट बैठता है?

भारत में furniture market करीब $32 बिलियन का माना जाता है, लेकिन:

  • majority अभी भी unorganised है
  • किराए पर furniture का trend तेज़ी से बढ़ रहा है
  • urban lifestyle बदल रहा है — लोग खरीदने से ज्यादा rent & upgrade पसंद कर रहे हैं

इसी वजह से Furlenco का model अगले कुछ वर्षों में और मजबूत होने वाला है।


🔮 FundingRaised का विश्लेषण: क्या Furlenco IPO के लिए तैयार है?

हमारा निष्कर्ष:

⭐ Strengths

  • Rapid growth
  • Stable subscriber base
  • FY25 में profitability
  • Strong strategic investor (Sheela Foam)
  • Large and growing market

⚠️ Challenges

  • Capex-heavy business
  • Logistics और maintenance cost
  • Customer churn का लगातार risk

अगर कंपनी growth + profitability दोनों को balance कर लेती है, तो IPO के लिए यह एक promising candidate बन सकती है।


🏁 निष्कर्ष: Furlenco अब भारत का सबसे मजबूत subscription furniture brand बन रहा है

₹125 करोड़ की नई फंडिंग ने Furlenco को एक नए growth phase में पहुँचाया है।
कंपनी का ध्यान अब:

  • product expansion
  • omnichannel growth
  • और सबसे महत्वपूर्ण — IPO readiness

पर केंद्रित है।

आने वाले वर्षों में Furlenco furniture market को किस तरह redefine करता है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।

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